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"Gujarat Tourism department has planned well for tourists to realize their dream of enjoying the beauty of white-sand desert of Kutch in moon- lights at nights between December 14, 2013 and February 15, 2014."
"First ever online photographic competition showcasing ‘Desert of Kutch and Cultural heritage’ has also been organized to attract more tourists"
"Adventure Tourism added as a new attraction"
"World renowned ‘Kutch Rannotsav-2013’ has evoked a good response: In 6-years, the tourists turn out has shown a 110 % increase."
"A Tent City has been built with setting up of 350 air-conditioned tents."
"With an aim to attract a large number of tourists, several attractive tourist packages have been introduced"
"Gujarat Tourism Minister briefs about special attractions of Rannotsav-2013"

पर्यटन मंत्री ने दी रणोत्सव के विशेष आकर्षणों की जानकारी

श्वेत रण में चांदनी रात के सौंदर्य का साक्षात्कार करने को आतुर सैलानियों के लिए पर्यटन विभाग का अनोखा आयोजन

दुनिया के पर्यटन मानचित्र में अंकित रणोत्सव में शिरकत करने के लिए देश-विदेश के सैलानियों का अभूतपूर्व प्रतिसाद

कच्छ के रण और सांस्कृतिक धरोहर की ऑनलाइन फोटोग्राफी स्पर्धा सहित एडवेंचर टूरिज्म होगा नया आकर्षण

कच्छ के पर्यटन में ११० फीसदी की बढ़ोतरी, ३५० एसी टैन्ट वाली टैन्ट सिटी

पर्यटन के क्षेत्र में दुनिया भर में आकर्षण का केन्द्र बन चुका कच्छ का रणोत्सव इस वर्ष और भी ज्यादा विशेष आकर्षणों के साथ आगामी 14 दिसंबर से 15 फरवरी, २०१३ तक दो महीने के लिए आयोजित होगा। राज्य सरकार के प्रवक्ता और पर्यटन मंत्री सौरभभाई पटेल ने यह जानकारी दी।

श्री पटेल ने कहा कि गुजरात के अपार विविधतायुक्त पर्यटन क्षेत्र को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर रखने की प्रतिबद्धता के साथ रणोत्सव की अनोखी संकल्पना करने वाले मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन के तहत राज्य सरकार के पर्यटन विभाग ने दो महीने के रणोत्सव का आयोजन किया है।

इसके अंतर्गत कच्छ के रेगिस्तान में धोरड़ो के निकट चांदनी रात की दुधिया रोशनी में श्वेत रण पर कैमल सफारी और कच्छ की रंगबिरंगी लोकसंस्कृति का अद्भुत समन्वय किया गया है।

Rannotsav-2013 in Kutch

प्रवक्ता मंत्री ने कहा कि रणोत्सव को देश-विदेश के सैलानियों की ओर से अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। इस वर्ष रणोत्सव में पहले पैकेज में समग्र टैन्ट सिटी का करीब ४५ फीसदी आरक्षण हो चुका है। इस साल धोरड़ो स्थित टैन्ट सिटी में तकरीबन ३०० वातानुकूलित और गैर वातानुकूलित टैन्ट उपलब्ध कराए गए हैं। गुजरात पर्यटन निगम के तत्वावधान में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले रणोत्सव को इस बार निजी-सार्वजनिक भागीदारी-पीपीपी मॉडल के तहत आयोजित किया जा रहा है।

श्री पटेल ने कहा कि पर्यटन विकास के लिए गुजरात के ब्रांड एम्बेसेडर बने प्रसिद्ध अभिनेता अमिताभ बच्चन ने कच्छ सहित गुजरात के पर्यटन के लिए जो अभियान छेड़ा है,

उसके परिणामस्वरूप कच्छ में पर्यटकों की संख्या में छह वर्ष में ११० फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इस पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष २००७-०८ में कच्छ के रण के सौंदर्य का लुत्फ उठाने के लिए ७ लाख ७१ हजार सैलानी आए थे। वर्ष २०१२-१३ में यह संख्या बढ़कर १६ लाख १९ हजार तक जा पहुंची है। २००५ से प्रारंभ हुआ रणोत्सव अपने शुरुआती दौर में तीन दिनों के लिए आयोजित किया जाता था लेकिन निरंतर सफलता और पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी के चलते इस वर्ष इसे दो महीने तक आयोजित किया जाएगा।

रणोत्सव-२०१३ में विशेष आकर्षण के तौर पर पहली बार ऑनलाइन फोटोग्राफी स्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में श्री पटेल ने कहा कि एमेच्योर फोटोग्राफर्स तथा प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स के लिए आयोजित इस स्पर्धा के अंतर्गत कच्छ के रण का सौंदर्य, कच्छ और उसकी सांस्कृतिक विरासत, हस्तकला, यायावर पक्षियों सहित कच्छ के रण व आसपास स्थित प्राकृतिक नजारों और विरासत जैसे विषय पर सोशल मीडिया- फेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम पर फोटो अपलोड करना होगा। फोटोग्राफी क्षेत्र के विशेषज्ञों की पैनल इन फोटोग्राफ्स में से श्रेष्ठ फोटो का चयन करेगी तथा विजेता को आकर्षक ईनाम से नवाजा जाएगा।

श्री पटेल ने कहा कि रणोत्सव गुजरात में इवेन्ट बेज टूरिज्म (प्रसंग आधारित पर्यटन) के विकास का परिचायक बन गया है। कच्छ के सफेद रण और चांदनी रात का अलौकिक नजारा दुनिया में कहीं और उपलब्ध नहीं है।

पर्यटन मंत्री ने रणोत्सव-२०१३ के मुख्य आकर्षणों की भूमिका पेश करते हुए कहा कि सफेद रण पर ऊंट सफारी और कच्छ की संस्कृति आधारित कच्छ के हुनरमंद कलाकारों द्वारा परंपरागत संगीत वाद्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ विविध पर्यटन पैकेज का भी आयोजन किया गया है। इसके अंतर्गत मांडवी के समुद्र तट पर बीच फेस्टिवल तथा रणोत्सव में आने वाले पर्यटकों के लिए कच्छ की झांकी प्रस्तुत करने वाले थीम पैवेलियन, काला डुंगर (पहाड़ी) और भारत-पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र की यात्रा करने का रोमांच सैलानियों के लिए उपलब्ध होगा।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि रणोत्सव में एडवेंचर टूरिज्म के तहत पावर हेन्ग ग्लाइडर, पैरामोटरिंग और पैरासीलिंग, डेजर्ट बाइकिंग जैसे विशिष्ट आयोजन किए गए हैं।

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Rannotsav-2013 in Kutch

Rannotsav-2013 in Kutch

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Prime Minister participates in the first Outreach Session of G7 Summit
June 12, 2021
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Prime Minister Shri Narendra Modi participated in the first Outreach Session of the G7 Summit today.  

The session, titled ‘Building Back Stronger - Health’, focused on global recovery from the coronavirus pandemic and on strengthening resilience against future pandemics. 

During the session, Prime Minister expressed appreciation for the support extended by the G7 and other guest countries during the recent wave of COVID infections in India. 

He highlighted India's ‘whole of society’ approach to fight the pandemic, synergising the efforts of all levels of the government, industry and civil society.   

He also explained India’s successful use of open source digital tools for contact tracing and vaccine management, and conveyed India's willingness to share its experience and expertise with other developing countries.

Prime Minister committed India's support for collective endeavours to improve global health governance. He sought the G7's support for the proposal moved at the WTO by India and South Africa, for a TRIPS waiver on COVID related technologies. 

Prime Minister Modi said that today's meeting should send out a message of "One Earth One Health" for the whole world. Calling for global unity, leadership, and solidarity to prevent future pandemics, Prime Minister emphasized the special responsibility of democratic and transparent societies in this regard. 

PM will participate in the final day of the G7 Summit tomorrow and will speak in two Sessions.