सचिवों के दो समूहों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने विचारों एवं सुझावों से अवगत कराया
सचिवों ने प्रधानमंत्री के समक्ष बजट के अभिनव तरीकों और प्रभावी कार्यान्वयन के बारे में अपने विचार एवं सुझाव रखे
सचिवों ने प्रधानमंत्री मोदी को स्वच्छ भारत और गंगा संरक्षण पर अपने विचारों से अवगत कराया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के शासन के विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तन लाने के प्रति सचिवों को प्रोत्साहित करने के अनुरूप सचिवों के दो समूहो ने अपने विचार और सुझाव प्रधानमंत्री को प्रस्तुत किए। ये विचार और सुझाव “प्रगतिशील बजट और प्रभावी क्रियान्वयन” और “स्वच्छ भारत तथा गंगा पुनरोद्धार” से जुडे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री राजनाथ सिंह,श्री अरूण जेटली,श्रीमती सुषमा स्वराज,श्री नितिन गडकरी,श्री मनोहर पर्रिकर तथा भारत सरकार के सभी सचिव उपस्थित थे। प्रस्तुतीकरण के दौरान और उसके बाद प्रधानमंत्री और कई केंद्रीय अन्य मंत्रियों ने प्रस्तुतीकरण से संबंधित प्रश्न पूछे और अपने विचार व्यक्त किए।

इससे पहले 12 जनवरी को सचिवों के पहले समूह ने “ऊर्जा संरक्षण और दक्षता” विषय पर अपनी प्रस्तुति पेश की थी।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
'Every voter had valid ID': Trump praises India polls, renews push for SAVE America Act

Media Coverage

'Every voter had valid ID': Trump praises India polls, renews push for SAVE America Act
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
पीएम मोदी ने आत्म-सम्मान, साहस और दृढ़ता के महत्व को रेखांकित करने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
August 18, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्म-सम्मान, साहस और सम्मान के साथ जीने के महत्व पर जोर डालते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। उन्होंने कहा कि सच्ची वीरता और ताकत किसी भी परिस्थिति में समझौता किए बिना अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर दृढ़ रहने में निहित है।
प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया- 

“उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।

अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥” 

इस सुभाषितम् का यह संदेश है कि व्यक्ति को सदैव आत्म-सम्मान, साहस और सम्मान के साथ जीना चाहिए। सच्ची वीरता और ताकत इसमें है कि किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों और मूल्यों से समझौता किए बिना सत्य, धैर्य और आत्म-गौरव के साथ अपने आदर्शों पर दृढ़ रहें।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा; 

“उद्यच्छेदेव न नमेदुद्यमो ह्येव पौरुषम्।

अप्यपर्वणि भज्येत न नमत्वेव कस्यचित्॥”