आसमान में दक्षिण एशियाई पड़ोसियों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के अनोखे उपहार से अंतरिक्ष कूटनीति नई ऊंचाइयों पर।

बिना किसी कीमत पर पड़ोसी देशों के इस्‍तेमाल के लिए संचार उपग्रह के इस तोहफे का दुनियाभर में संभवत: कोई मिशाल नहीं है।

करीब 2 टन से अधिक वजन वाले इस उपग्रह को 230 करोड़ रुपये की लागत से तीन वर्षों में तैयार किया गया है।

इसका दायरा पूरे दक्षिण एशिया में विस्‍तृत है।

इस दक्षिण एशिया उपग्रह में 12 केयू बैंड के ट्रांसपोंडर हैं जिनका इस्‍तेमाल भारत के पड़ोसी देश अपनी संचार सेवाओं को बेहतर बनाने में कर सकते हैं।

प्रत्‍येक देश को कम से कम एक ट्रांसपोंडर तक पहुंच प्राप्‍त होगी जिसके माध्‍यम से वह अपनी खुद की प्रोग्रामिंग बीम कर सकेंगे।

यह उपग्रह डीटीएच टेलीविजन, वीएसएटी लिंक, टेली-एजुकेशन, टेली-मेडिसिन और आपदा प्रबंधन को सुविधाजन बनाने में मदद करेगा। यह भूंकप, चक्रवात, बाढ़ और सुनामी जैसी आपदाओं के समय महत्‍वपूर्ण संचार लिंक उपलब्‍ध कराएगा।

इस उपग्रह के लाभार्थी सभी सात दक्षिण एशियाई देशों के सरकार प्रमुखों ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के माध्‍यम से इसके सफल प्रक्षेपण के अनूठे समारोह में भाग लिया।

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प्रधानमंत्री ने आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
March 02, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं की क्षमता पर जोर देते हुए अपने एक संदेश में आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के महत्व को रेखांकित करने वाला एक संस्कृत सुभाषित साझा किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति का दृढ़ संकल्प अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि हमारे युवा मित्र जो भी करने का संकल्प लेते हैं, उसे पूरा कर लेते हैं और यही कारण है कि देश आज अपने सपनों को साकार कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्‍स’ पर लिखा:

"भारतवर्ष की युवाशक्ति का दृढ़ संकल्प अतुलनीय है। हमारे युवा साथी जो ठान लेते हैं, वो करके दिखाते हैं। यही वजह है कि आज हमारा देश अपने सपनों को साकार कर रहा है।

न वा उ मां वृजने वारयन्ते न पर्वतासो यदहं मनस्ये।

मम स्वनात् कृधुकर्णो भयात एवेदनु द्यून्किरणः समेजात्।।"

आपके आत्मविश्वास की शक्ति गहन है। कोई भी आपके आत्मविश्वास को कुचल नहीं सकता। बड़े से बड़ा पहाड़ भी आपके लिए रूकावट नहीं बन सकता। आप सूरज से भी अधिक शक्तिशाली हैं, बस आपको अपनी इच्छाशक्ति को पहचानने की जरूरत है।