वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण है। संभावनाएं बेहतर होने के बावजूद सुधार अब भी नाजुक दौर में है।

प्रमुख अर्थव्‍यवस्‍थाओं में जारी कमजोरी और राजनीतिक द्वंद के माहौल में हमें नये वित्‍तीय संकट के संकेतों को पहचानने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।

इराक तथा व्‍यापक क्षेत्र में घटनाक्रम इस पर प्रभाव डाल सकते हैं। मुझे कई देशों में कड़ी मौद्रिक नीति तथा हमारे देशों में निवेश और विकास दर में कमी को लेकर भी चिंता है।

वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए एक मुक्‍त, नियमाधारित अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार व्‍यवस्‍था बेहद महत्‍वपूर्ण है।

इसे विकासशील देशों की आकांक्षाओं पर ध्‍यान देना चाहिए।

निश्चित रूप से इसे हमारे समाज के सबसे कमजोर तबकों की विशेष जरूरतों जैसे खाद्य सुरक्षा का अवश्‍य ध्‍यान रखना चाहिए।

डब्‍ल्‍यूटीओ की दोहा दौर की वार्ताओं से ये हमारी व्‍यापक उम्‍मीदें हैं।

Capture _ 684

महामहि‍म,

ब्रिक्‍स नया विकास बैंक की स्‍थापना के लिए समझौता एक महत्‍वपूर्ण कदम है। मुझे खुशी है कि 2012 में नई दिल्‍ली में शुरू हुई पहल आज वास्‍तविकता बन गई है।

ब्रिक्‍स आपात रिजर्व व्‍यवस्‍था पर समझौता भी एक और महत्‍वपूर्ण कदम है।

मैं इन दो उपायों को इतनी जल्‍दी अंजाम तक पहुंचाने के लिए हमारे वित्‍तमंत्रियों को बधाई देता हूं।

इन उपायों का मूल विकासशील देशों के रूप में हमारे अपने अनुभव रहे हैं।

वे एक वैश्विक संस्‍थान स्‍थापित करने की हमारी क्षमताओं के द्योतक हैं।

वे हमारे देशों को विकास में मदद करने तथा अन्‍य देशों की मदद करने के नए मार्ग खोलेंगे।

हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि ये संस्‍थान विकास और स्थिरता का एक नया मॉडल स्‍थापित करें।

महामहिम, इस शिखर सम्‍मेलन का थीम, मेरी सरकार का निर्देशक तत्‍व भी है। हमारी व्‍यापक सामाजिक, क्षेत्रीय और आर्थिक विविधता को देखते हुए हमारे लिए समावेश एक विशेष चुनौती और जिम्‍मेदारी है।

हमारी नीतियां लोगों को कौशल और अवसर प्रदान कर सशक्‍त करने पर केंद्रित होंगी।

हम बुनियादी ढांचे, सस्‍ते आवास, स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा और स्‍वच्‍छ ऊर्जा में भारी निवेश करेंगे।

हम उन सभी संभावनाओं का दोहन करेंगे जो उन्‍नत प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल से संभव हैं।

इस सबके लिए विकास को गति देनी होगी।

हम अपनी वृद्धि में बाधा डाले बगैर हमारी विकास प्रक्रिया को सतत बनाए रखने के लिए स्वच्‍छ और सीमित संसाधनों पर जोर देंगे।

निरंतरता (सतत) भारतीय जीवनशैली का अहम तत्‍व है। जैसा कि महात्‍मा गांधी ने कहा है कि विश्‍व में हर एक की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्‍त संसाधन हैं, लेकिन सभी के लालच को पूरा करने के लिए नहीं। हम प्रकृति के उपहार को गृहण कर सकते हैं हालांकि प्रकृति का शोषणएक अपराध है।

हमने सहस्राब्दि विकास लक्ष्‍य को हासिल करने की दिशा में प्रगति की है। लेकिन व्‍यापक गरीबी अब भी हमें चिढ़ाती है।

हमें 2015 के बाद विकास एजेंडा के केंद्र में गरीबी उन्‍मूलन को अवश्‍य रखना चाहिए। यह इस मुद्दे पर वैश्विक विमर्श खासकर संयुक्‍त राष्‍ट्र में वार्ता तय करने के लिए बेहद जरूरी है। इस तरह के प्रयासों में आम राय बनाने के लिए ब्रिक्‍स वैश्विक पटल पर अहम आवाज बन सकता है।

महामहि‍म,

ब्रिक्‍स आज इस स्थिति में है जहां यह क्षैतिज प्रभाव के जरिये विश्‍व को संज्ञान लेने के लिए मजबूर कर सकता है।

हमारी आपसी भलाई हमारे संबंधों को गहरा करने में निहित है।

हमें इस सशक्‍त मंच को और विकेंद्रीकृत करने पर ध्‍यान केंद्रित करना चाहिए।

हमें शिखर सम्‍मेलन और नेतृत्‍व केंद्रित वार्ताओं से आगे बढ़कर उपराष्‍ट्रीय स्‍तर पर आदान प्रदान की ओर बढ़ना चाहिए। हमें अपने राज्‍यों, शहरों और स्‍थानीय निकायों के बीच संबंधों को प्रोत्‍साहित करना चाहिए।

वास्‍तव में ब्रिक्‍स ‘जन से जन’ के संपर्क से प्रेरित होना चाहिए। इस संबंध में हमारे युवाओं को विशेषकर आगे आना चाहिए।

इस संबंध में हमारी भाषाओं को लोकप्रिय बनाने के लिए सभी ब्रिक्‍स देशों में ब्रिक्‍स भाषा स्‍कूल एक बेहतर शुरुआत हो सकते हैं।

इसके अलावा हम सबको शिक्षा उपलब्‍ध कराने के लिए व्‍यापक तौर पर ऑनलाइन कोर्स भी बनाने पर विचार कर सकते हैं।

हम ब्रिक्‍स यूनिवर्सिटी के विचार की संभावनाएं भी तलाश सकते हैं।

आज प्रौद्योगिकी सामाजिक और आर्थिक विकास के प्रत्‍येक क्षेत्र में परिवर्तन का कारक है।

ब्रिक्‍स देशों में उपलब्‍ध प्रतिभाओं को एक साथ मिलाकर स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा, कृषि, संसाधनों के प्रबंधन और शहरी विकास में सहयोग के लिए इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

संभवत: ब्रिक्‍स देशों के एक युवा वैज्ञानिक फोरम की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।

इसके अलावा अन्‍य विकल्‍प हो सकते हैं:

ब्रिक्‍स राष्‍ट्रों के लिए एक सस्‍ती स्‍वास्‍थ्‍य सुविधा।

हमारे लघु और मध्‍यम उद्यमों के बीच अधिक सहयोग के लिए तंत्र स्‍थापित करना।

ब्रिक्‍स देशों के बीच पर्यटन प्रोत्‍साहित करने को एक साझा फ्रेमवर्क।

ब्रिक्‍स सहयोग को मजबूत बनाने के लिए हमारे रूसी और चीनी समकक्षों ने जो प्रस्‍ताव दिए हैं, मुझे उनकी जानकारी है।

हमारे वार्ताकारों (शेरपाओं) को तत्‍काल उनका परीक्षण करना चाहिए।

आइये मानवता की प्रगति के लिए ब्रिक्‍स को और मजबूत बनाने के लिए अपने संबंध मजबूत करें।

धन्‍यवाद

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Gwalior To Get India's First Telecom Manufacturing Zone; Rs 9,000 Crore Investment, 10,000 Jobs Expected

Media Coverage

Gwalior To Get India's First Telecom Manufacturing Zone; Rs 9,000 Crore Investment, 10,000 Jobs Expected
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Prime Minister pays tribute to Munshi Premchand on his birth anniversary
July 31, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, paid tributes to renowned litterateur Munshi Premchand on his birth anniversary.

The Prime Minister said that through his timeless literary works, Munshi Premchand gave a powerful expression to human emotions that continues to remain relevant even today. He also noted his invaluable contribution in bringing the literary heritage of Kashi, his birthplace and karmabhoomi, to global recognition.

Shri Modi said that Munshi Premchand’s immortal literature, rooted in realism and social equality, will continue to inspire the people of the country.

The Prime Minister wrote on X;

“महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद जी को उनकी जन्म-जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से उन्होंने मानवीय संवेदनाओं को ऐसी सशक्त अभिव्यक्ति दी, जो आज भी प्रासंगिक है। अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि काशी की साहित्यिक विरासत को विश्व पटल पर पहचान दिलाने में भी उनका अमूल्य योगदान रहा है। यथार्थ और सामाजिक समानता पर आधारित उनका अमर साहित्य देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।”