TMC जाने ले कि वो CAA को लागू होने से नहीं रोक सकती: कृष्णानगर में पीएम मोदी
हमारी लड़ाई 400 पार के लिए है और इंडी वालों की, विपक्ष में सबसे बड़ा दल बनने की: कृष्णानगर में पीएम मोदी

नमोश्कार।
हरे कृष्णो।
केमन आछेन नोदिया बाशी?
मेरे साथ बोलिए, भारत माता की। भारत माता की। भारत माता की।
चैतन्य महाप्रभु की इस महान धरती को मेरा शत-शत नमन।

रानाघाट-बहरामपुर सीटों से भी लोगों का खूब-खूब अभिनंदन। आप इतनी बड़ी संख्या में मुझे आशीर्वाद देने आए हैं। यहां इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें आशीर्वाद दे रही हैं। ये मेरा परम सौभाग्य है। मैं सर झुकाकर आप सबको प्रणाम करता हूं। अभी मैं हेलीपैड से यहां आ रहा था, दो-ढाई किलोमीटर का रास्ता, ऐसा रोड-शो, ऐसा रोड-शो, जितने लोग यहां हैं, उससे चार गुना लोग वहां रोड पर, ये प्यार ये आशीर्वाद, ये मेरे लिए बहुत बड़ी ऊर्जा है।

भाइयों और बहनों,

ये चुनाव देश के चुनाव हैं। ये पूरे हिंदुस्तान के लिए सरकार चुनने का अवसर है। देश में सरकार कौन बना सकता है? TMC तो पूरे देश में 15 सीट भी नहीं जीत सकती। अब आप मुझे बताइए, क्या TMC 15 सीट लेकरके सरकार बना सकती है क्या? जरा मुझे जवाब दीजिए, 15 सीट लाकर TMC सरकार बना सकती है क्या? जोर से बताइए, बना सकती है क्या? कांग्रेस भी पूरे देश में कितना ही जोर लगा दे, कितना ही जोर लगा दे, इस आधी सेंचुरी करना मुश्किल है। 50 सीट के लिए भी वो बहुत मुश्किल में है। अब मुझे बताइए, 50 सीट भी नहीं मिल रही है, तो क्या वो सरकार बना सकते हैं क्या? ये वाम मोर्चा कभी यहां पर उसका सूरज ढलता नहीं था। आज कहीं लाल झंडा नजर नहीं आ रहा है। वो तो पस्त पड़ा हुआ है। क्या वो भी सरकार बना सकता है क्या? इस चुनाव में साफ-साफ है, अगर कोई सरकार बना सकता है तो वो सिर्फ और सिर्फ BJP-NDA की सरकार ही बनेगी। मेरा आप सब से प्रार्थना है, अब जगह बिलकुल नहीं है, कृपा करके आप जहां हैं वहीं से सुन लीजिए, आप मुझे देख नहीं पाएंगे, मैं इसके लिए क्षमा मांगता हूं। लेकिन आप आगे आने की कोशिश मत कीजिए। बोलिए भारत माता की। भारत माता की। अभी तो बहस बस इतनी है कि NDA 400 पार होगा या नहीं ! जो विरोधी कहते हैं कि 400 पार नहीं होगा, जो लोग मैदान में काम कर रहे हैं वो कहते हैं बिलकुल 400 पार करेगा। औऱ इंडी वालों की लड़ाई बस इस बात पर है कि लोकसभा में विपक्ष का बड़ा दल कौन बनेगा। ये लोग इसी के लिए लड़ रहे हैं। तो फिर मोदी को किसलिए इतने ज्यादा MP चाहिए। मोदी को ज्यादा MP इसलिए चाहिए ताकि वो हर संसदीय क्षेत्र को आगे बढ़ा सके। आज देश में कनेक्टिवटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, गांव गरीब, किसान, महिलाओं से जुड़े कितने काम हो रहे हैं...अगर आपके यहां BJP-NDA के सांसद होंगे तो और तेजी से विकास होगा। BJP-NDA के सांसद अपनी मेहनत ने अपने क्षेत्र में 5-5, 10-10 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट ले जाते हैं। आपने BJP सांसदों को देखा होगा, पिछले पांच साल उन्होंने इतनी मेहनत की है। अपने क्षेत्र का इतना विकास किया है, अगर यहां से भी आप बीजेपी के सांसद चुनते हैं तो विकास में ताकत लगाता है। विरोधी चुनते हैं तो हाउस में हो-हल्ला करने में टाइम बिगाड़ता है।

साथियों,

मैं जानता हूं। TMC-कांग्रेस-लेफ्ट के इंडी-अलायंस पर भरोसा आप लोग खो चुके हैं। आप चाहते हैं यहां TMC के तोलाबाज़ों और महिलाओं पर जुल्म करने वालों को कड़ी सजा मिले। जिस TMC ने गरीब का राशन तक नहीं छोड़ा, उससे उम्मीद ही क्या की जा सकती है। इसलिए, गांव हो या शहर, हर कोई एक ही बात कह रहा है- फिर एक बार-मोदी सरकार! आबार एकबार मोदी शोरकार। मैं कृष्णानगर को, राणाघाट को, बहरामपुर को गारंटी देता हूं। जिन-जिन को TMC ने लूटा है, उनका हिसाब किया जाएगा। इतना ही नहीं, जहां कानून के हिसाब से संभव हुआ, वहां पीड़ितों को उनका पैसा लौटाया जाएगा। ये मोदी की गारंटी है- एटा मोदीर गैरेंटी।

साथियों,

मुझे यहां के मेरे साथी बता रहे थे कि पहले यहां कितनी फैक्ट्रियां हुआ करती थीं। एक समय पूरा बंगाल इंडस्ट्री के मामले में कितना आगे था। लेकिन कांग्रेस, लेफ्ट और फिर TMC ने सारे उद्योगों को बर्बाद कर दिया। लाल झंडे वाले ताले लगाते रहते थे। जहां तोलाबाज़ी हो, दंगे हों, वहां कौन निवेश करने आएगा?

भाइयों और बहनों,

TMC-कांग्रेस-लेफ्ट का इंडी-अलायंस सिर्फ एक ही काम जानता है। और वो काम है- तुष्टिकरण, वोट बैंक की राजनीति। आप जानते हैं कि कांग्रेस ने देश का विभाजन, धर्म के आधार पर किया। इसमें उन हिंदुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई साथियों का क्या दोष था, जो बॉर्डर के उस पार रह गए। ऐसे साथियों का ध्यान रखने की गारंटी, देश के विभाजन के समय दी गई थी। लेकिन आजादी के बाद इस बात को भुला दिया गया। मैं यहां भी जब मतुआ समुदाय के लोगों से मिलता हूं, मुझे उनकी पीड़ा समझ आती है। उनकी पीड़ा सुनकर दर्द होता है। ऐसे हर व्यक्ति की पीड़ा दूर करने के लिए ही हमारी सरकार ने मतुआ समुदाय जैसे सभी बंधुओं को न्याय देने के लिए CAA लाने का साहस किया। लेकिन TMC इसका सबसे ज्यादा विरोध कर रही है। लोगों को उम्मीद थी कि TMC इसका सबसे ज्यादा समर्थन करेगी। लेकिन TMC के लिए वोटबैंक की राजनीति सर्वोपरि है। और अब तो इन लोगों ने हद ही कर दी है। ये लोगों के बीच CAA के बारे में दुष्प्रचार भी कर रहे हैं। TMC को किसी पीड़ित हिंदू को अधिकार मिलने से एलर्जी है। लेकिन TMC को ये पता होना चाहिए, कि वो CAA को लागू होने से रोक नहीं सकती। और मैं CAA के माध्यम से भारत की नागरिकता मांग रहे हर व्यक्ति को आज विश्वास दिलाता हूं। उन्हें उनका हक मिलकर रहेगा, उन्हें हर सरकारी योजना का लाभ मिलकर रहेगा। ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

पश्चिम बंगाल का इतिहास देश को दिशा देने वाला रहा है। यहां राजा कृष्ण चंद्र जी के सुशासन और भारत भक्ति की विरासत है। जिन्होंने हमारी आस्था, हमारी संस्कृति को बचाने के लिए काम किया। यहां के विकास के लिए अपना बहुत कुछ दान कर दिया। लेकिन TMC वाले ऐसी विरासत को ही बदनाम करने में जुटे हैं। आज देखिए, देश के इतिहास में शायद ही कोई ऐसी सरकार रही हो, जिसको आए दिन कोर्ट को याद दिलाना पड़ता है कि उसकी ड्यूटी क्या है। TMC सरकार ऐसा कोई काम करती ही नहीं, जो संविधान और कानून के मुताबिक हो, जो लोकतंत्र के मुताबिक हो। इसका एक बहुत बड़ा उदाहरण संदेशखाली है। संदेशखाली में क्या चल रहा है, ये TMC के टॉप लीडर्स को पहले से पता था। लेकिन संदेशखाली की बहनों से ज्यादा, वो अत्याचारी इनके काम का था। देखिए, कैसे-कैसे हथियार, कैसे-कैसे सामान मिल रहे हैं। क्या ये गोला-बारूद, ये बम-बंदूक, गणतंत्र को मज़बूत करने के लिए रखे थे?

साथियों,

कल मैं जब बंगाल पहुंचा था, तो मुझसे कई Ex.Servicemen मिलने के लिए आए थे। उन्होंने मुझे OROP के लिए बहुत धन्यवाद किया। वो इतने भाव-विभोर थे कि हमारा 40 साल पुराना वन रैंक वन पेंशन का मामला आपने सुलझा दिया। और लाखों करोड़ रुपया ये हमने Ex.Servicemen को पहुंचाए। जिन लोगों ने राष्ट्र की सेवा के लिए अपने पूरे जीवन काम किया, आज बंगाल में उनका शोषण हो रहा है। इन लोगों ने कल मुझसे इस बारे में विस्तार से बात की है। आज मैं इस मंच से हमारे Ex.Servicemen, जिनको बंगाल की धरती पर, टीएमसी सरकार लगातार अन्याय करती है, मैं उनको विश्वास दिलाता हूं कि बंगाल की भारतीय जनता पार्टी आपके साथ खड़ी रहेगी और आपकी मुसीबतों को दूर करने के लिए मेरे तीसरे टर्म में भारत सरकार हर कानूनी काम में आपकी मदद करेगी ये मैं सभी Ex.Servicemen को विश्वास दिलाता हूं। भारतीय जनता पार्टी और हमारी सरकार ऐसे हर Ex.Servicemen की मदद करेगी।

भाइयों और बहनों,

मोदी, गरीब, दलित, आदिवासी और महिलाओं को सशक्त करने में जुटा है। मोदी आज आपको पक्का घर दे रहा है। मोदी ने आपको मुफ्त राशन दिया है, नल से जल की सुविधा दी है। ऐसी हर योजना से हमारी बहनों को बहुत सुविधा हुई है। अब मोदी आपके लिए एक और बहुत बड़ी योजना लेकर आया है। आपके घर का बिजली का बिल ज़ीरो हो, इसके लिए पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना मैंने शुरु की है। आपको सरकार छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए मदद देगी और अगर ज़रूरत से ज्यादा बिजली पैदा हुई, तो आप उसको बेच सकेंगे और सरकार उसको आपसे खरीद लेगी।

साथियों,

यहां बहुत बड़ी संख्या में सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से जुड़ी बहनें भी हैं। मोदी सरकार के 10 साल में पूरे देश में 10 करोड़ महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं। ये देश में बहुत बड़ी क्रांति हुई है। मोदी ने इन 10 करोड़ महिलाओं को बिना बैंक गारंटी साढ़े आठ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद की है। मोदी जब भारत में बने सामानों पर जोर देता है, तो इसका लाभ भी सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को होता है। इसी वजह से आज सेल्फ हेल्प ग्रुप की एक करोड़ से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। एक करोड़ लखपति दीदी बड़ा आंकड़ा है, लेकिन मोदी आराम से बैठने वाला नहीं है। अब मेरा लक्ष्य है, मेरा टारगेट है, आने वाले टर्म में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाना है।

साथियों,

मोदी के इन प्रयासों के बीच, देश TMC सरकार की क्रूरता भी देख रहा है। मोदी ने देश के हर परिवार के हर बुजुर्ग को मुफ्त इलाज देने की गारंटी दी है। मुफ्त अनाज भी दे रहे हैं, मुफ्त इलाज भी दे रहे हैं। लेकिन यहां TMC सरकार आयुष्मान भारत योजना लागू ही नहीं होने दे रही है। मोदी पैसा सीधा अस्पताल में भेजता है। ये कहते हैं कि पैसा पहले TMC के खाते में डालो। क्यों भाई? मोदी पैसा TMC को इसलिए भेजे ताकि TMC उसे लूट लें। ऐसा नहीं होगा। मोदी आपके घर का पैसा भी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डालता है। ये कहते हैं कि पहले TMC के खाते में पैसा डालो। मनरेगा का पैसा भी मोदी सीधे लाभार्थी के खाते में देना चाहता है। लेकिन TMC कहती है कि पहले TMC के खाते में पैसा डालो। मोदी का फॉर्मूला ही डायरेक्ट बेनिफिट का है- कोई बिचौलिया नहीं, सीधा बैंक में पैसा ट्रांसफर। लेकिन TMC की सरकार को ये पसंद नहीं आता, इसलिए कितनी ही केंद्र सरकार की योजनाएं वो रोक कर बैठी है।

भाइयों और बहनों,

TMC सरकार ने यहां के जूट किसानों को बर्बाद करने में भी कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी है। जूट की खेती को बढ़ावा मिले, जूट की मिलों को बढ़ावा मिले, इसके लिए हम जूट के बैग को प्रोत्साहन देते हैं। हाल में ही जूट के लिए MSP, 285 रुपए बढ़ाया है। अब जूट का MSP प्रति क्विंटल पांच हजार तीन सौ पैंतीस रुपए है। लेकिन यहां के किसान बताते हैं कि उनकी जेब में बहुत कम पैसा पहुंचता है।

साथियों,

बंगाल में बुनकरों को केंद्र सरकार ने लूम दिए हैं, ट्रेनिंग दी, धागे के लिए ट्रांसपोर्टेशन और उसके दाम में सब्सिडी दी है। लेकिन TMC ने यहां हैंडलूम उद्योग को भी बर्बाद कर दिया है। यहां टैराकोटा आर्ट है, मिट्टी की कला है। ऐसे विश्वकर्मा साथियों के लिए मैंने पीएम विश्वकर्मा योजना बनाई है। लेकिन TMC सरकार ये योजना भी यहां लागू नहीं होने दे रही है।

साथियों,

बंगाल को बचाने के लिए, बंगाल में तेज विकास के लिए बंगाल में ज्यादा से ज्यादा बीजेपी सांसद जीतने जरूरी हैं। इसलिए ज़रूरी है कि... कृष्णानगर से राजमाता अमृता रॉय जी, रानाघाट से जगन्नाथ सरकार जी, बहरामपुर से निर्मल कुमार साहा जी, को आप भारी मतों से विजयी बनाकर आप संसद में भेजिए। इनको मिलने वाला हर वोट, आप कमल पे बटन दबाएंगे, वो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। मोदी मजबूत होगा तो बंगाल को भी मजबूत करेगा। आपको भी मजबूत करेगा।
आइए, घर-घर जाइएगा और कहिएगा कि मोदी जी ने आपको नमस्कार कहा है।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

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दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर इस पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल देगा: उत्तराखंड में पीएम मोदी
April 14, 2026
The Delhi-Dehradun Economic Corridor, being inaugurated today, is a world-class infrastructure project that will deepen connectivity, boost the economy and tourism: PM
With the completion of 25 years since its formation, Uttarakhand has now entered its 26th year; Today, with the inauguration of the Delhi-Dehradun Expressway, another major milestone has been added: PM
The Dehradun-Delhi Economic Corridor will transform the entire region: PM
The Corridor will save time, travel will become cheaper and faster, people will spend less on petrol and diesel, and fares and freight costs will decrease;it will also facilitate employment: PM
Our mountains, these forest areas, this heritage of Devbhoomi, these are very, very sacred places; It is our duty to keep such places clean: PM
Plastic bottles, heaps of garbage in these areas hurt the sanctity of Devbhoomi ; it is very essential that we keep these sites of Devbhoomi, our pilgrimage sites, clean and beautiful: PM

 

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह जी, यहां के लोकप्रिय और कर्मठ युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी नितिन गड़करी जी, अजय टमटा जी, टेक्नॉलोजी के माध्यम से जुड़े उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, गर्वनर आनंदी बेन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी, मंच पर उपस्थित प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जी, पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी, पूर्व मुख्यमंत्री भाई रमेश पोखरियाल, विजय बहुगुना जी, तीरथ सिंह रावत जी, त्रिवेंद्र सिंह रावत जी, उत्तराखंड सरकार के सभी मंत्रीगण, सांसद और विधायकगण और विशाल संख्या में पधारे मेरे प्यारे भाईयों बहनों।

देवभूमि उत्तराखंड़ की इस पावन धरती पर आप सभी को मेरा प्रणाम। बहुत बडी संख्या में आए हुए पूज्य संतगण को भी प्रणाम। उत्तराखंड का प्यारा भुलों-भैबंदों, बौड़ी-भूलियों, स्याणा-बुजुर्गों, आप सबु तैं नमस्कार! मेरो प्यारो दाजी भाई, दीदी-बैनी, आमा-बाबा सबई लाई मेरो तरफ़ देखी ढोग दिनछू।

इस कार्यक्रम से टेक्नोलॉजी के जरिये भी दिल्ली, यूपी से अनेक लोग जुड़े हैं, मैं सभी का अभिनन्दन करता हूं। सबसे पहले तो मैं आप सबकी क्षमा चाहता हूं, उत्तरप्रदेश और दिल्ली के कार्यक्रम में जुड़े हुए लोगों की भी क्षमा मांगता हूं, कि मुझे यहां पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा देर हो गई, सब स्थान पर लंबे समय तक आप सबको इंतजार करना पड़ा, और कारण यही था, मैं निकला तो समय पर था, लेकिन करीब-करीब 12 किलोमीटर का रोड शो, काली मंदिर से लेकर के यहां तक, इतना उत्साह इतना उमंग, कि मेरे लिए तेज गति से गाड़ी चलाना बड़ा मुश्किल हो गया। तो धीरे-धीरे लोगों को प्रणाम करते-करते, जनता जनार्दन के आशीर्वाद लेते लेते यहां पहुंचने में मुझे एक घंटे से भी ज्यादा देरी हो गई, और इसके लिए मैं आपकी क्षमा मांगता हूं, और ऐसी धूप में 12 किलोमीटर ये जन सैलाब, ये उत्तराखंड़ का प्यार, माताओं-बहनों का आशीर्वाद, मैं आज उत्तराखंड़ से एक नई ऊर्जा लेकर के जाऊंगा, नई प्रेरणा लेकर के जाऊंगा और मैं इसके लिए हर किसी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज देश में पर्व त्योहार की उमंग है। विभिन्न हिस्सों में नववर्ष का आगमन हुआ है। मैं देशवासियों को बैसाखी, बोहाग बीहू और पुथांडु की शुभकामनाएं देता हूं!

साथियों,

अगले कुछ ही दिनों में, यमुनोत्री, गंगोत्री, बाबा केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम की यात्रा भी शुरू होने जा रही है। इस पवित्र समय का, देश के कोटि-कोटि आस्थावान, श्रद्धाभाव से इंतज़ार करते हैं। मैं पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग और यहां के आराध्य देवों को श्रद्धापूर्वक प्रणाम करता हूं। मैं संतला माता को भी नमन करता हूं। यहां आने से पहले मुझे, मां डाट काली के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। देहरादून शहर पर, मां डाट काली की बड़ी कृपा है। दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में, माता डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरा करने के साथ ही छब्बीसवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आज दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। आपको याद होगा, बाबा केदार के दर्शन के बाद मेरे मुंह से अनायास निकला था, कि इस शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों, और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से, ये युवा राज्य, विकास के नए आयाम जोड़ रहा है। ये प्रोजेक्ट भी, उत्तराखंड के विकास को नई गति देगा। इस एक्सप्रेसवे का बहुत बड़ा हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इससे गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे अनेक शहरों को भी बहुत फायदा होगा। टूरिज्म के लिहाज से ये प्रोजेक्ट बहुत अहम है। मैं पूरे देश को इस प्रोजेक्ट की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती भी है। मैं बाबा साहेब को कोटि-कोटि देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बीते दशक में हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाईं, जो निर्णय लिए, वो संविधान की गरिमा को पुनर्स्थापित करने वाले रहे हैं। आर्टिकल 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है। जिन दर्जनों जिलों में माओवाद-नक्सलवाद खत्म हुआ है, वहां भी अब संविधान की भावना के अनुरूप काम हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू हो, ये हमारे संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने संविधान की इस भावना को आगे बढ़कर और उस भावना को आगे बढ़ाकर पूरे देश को राह दिखाई है।

साथियों,

बाबा साहेब का जीवन, गरीबों को, वंचितों को, शोषितों को न्यायपूर्ण व्यवस्था देने के लिए समर्पित था। हमारी सरकार आज उसी भावना के साथ, हर गरीब, हर वंचित को सच्चा सामाजिक न्याय देने में जुटी है। और सामाजिक न्याय का एक बहुत बड़ा माध्यम, देश का संतुलित विकास है, सबको सुविधा है, सबकी समृद्धि है। इसलिए ही बाबा साहेब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की, औद्योगीकरण की भरपूर वकालत करते थे।

साथियों,

भविष्य की दशा और दिशा क्या होगी, अक्सर लोग, इसके लिए हाथ की रेखाओं को देखते हैं, दिखाते हैं। जो भविष्य वक्ता होते हैं ना, वो हस्त रेखाएं देखते हैं, और हर व्यक्ति के भविष्य के विषय में बताते हैं। मैं इस विज्ञान को तो नहीं जानता हूं, लेकिन कहते हैं कि ये भी एक शास्त्र है। अब ये तो हो गई व्यक्ति के भाग्य की जो उसके हाथ में रेखाएं हैं उसकी बात, लेकिन मैं अगर इसी संदर्भ मे बात को, इसी संदर्भ को राष्ट्र-जीवन से जोड़कर के देखूं, तो राष्ट्र की भाग्य रेखाएं कौन सी होती हैं? राष्ट्र की भाग्य रेखाएं ये हमारी ये सड़कें होती हैं, हमारे हाईवे होते हैं, हमारे एक्सप्रेसवे होते हैं, एयरवे, रेलवे, वॉटरवे, ये हमारे राष्ट्र की भाग्य रेखाएं होती हैं। और बीते एक दशक से हमारा देश, विकसित भारत बनाने के लिए विकास की ऐसी ही भाग्य रेखाओं के निर्माण में जुटा हुआ है। ये विकास रेखाएं सिर्फ आज की सुविधाएं नहीं हैं, ये आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की गारंटी हैं और ये मोदी की भी गारंटी है। बीते दशक से हमारी सरकार राष्ट्र की इन विकास-रेखाओं पर अभूतपूर्व निवेश कर रही है। मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं। अभी नितिन जी ने बहुत सारे आंकड़ें सिर्फ उत्तराखंड़ से संबंधित बताए हैं आपको। देखिए साल 2014 तक ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए साल में, पूरे देश में, 2 लाख करोड़ रुपए भी खर्च नहीं होते थे। ये मैं पूरे हिन्दुस्तान की बात बताता हूं, 2 लाख करोड़ भी नहीं होते थे, आज ये छह गुना अधिक, 12 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा हो चुका है। यहां उत्तराखंड में ही, सवा दो लाख करोड़ रुपए से अधिक के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। 2014 के पहले पूरे देश के लिए 2 लाख करोड़, आज अकेले उत्तराखंड़ के लिए सवा दो लाख करोड़ रूपया। कभी उत्तराखंड के गांवों में सड़क के इंतज़ार में पीढ़ियां बदल जाती थीं। आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से, अब सड़क गांव तक पहुंच रही है, जो गांव पहले वीरान पड़ गए थे, वो फिर से जीवंत हो रहे हैं। चारधाम महामार्ग परियोजना हो, रेल परियोजनाओं का विस्तार हो, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे हो, विकास की ये रेखाएं, इस क्षेत्र के कोने-कोने में जीवन की भी भाग्य रेखाएं बन रही हैं।

साथियों,

21वीं सदी का भारत आज जिस स्पीड और जिस स्केल पर काम कर रहा है, उसकी पूरी दुनिया चर्चा कर रही है। मैं आपको उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और दिल्ली का ही उदाहरण देता हूं। कुछ सप्ताह पहले ही, दिल्ली मेट्रो का विस्तार हुआ, मेरठ में मेट्रो-सेवा की शुरुआत हुई, दिल्ली-मेरठ नमो-भारत रेल देश को समर्पित की गई, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत हुई, हवाई जहाजों के लिए MRO फेसिलिटी पर काम शुरू हुआ, और आज, देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे शुरु हो रहा है।

साथियों,

इतने छोटे से रीजन में ये सब इतने कम समय में हो रहा है। कल्पना कीजिए, देश में कितने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। और इसलिए ही मैं कहता हूं - 21वीं सदी का भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जिस नए युग में प्रवेश कर रहा है, वो अभूतपूर्व है, अकल्पनीय है।

साथियों,

आज भारत के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाले, अनेक इकोनॉमिक कॉरिडोर्स, उस पर काम चल रहा है। जैसे दिल्ली-मुबंई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, बेंगलुरू-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ईस्ट कोस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर, अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, ऐसे बहुत से इकोनॉमिक कॉरिडोर देश में बनाए जा रहे हैं। ये इकोनॉमिक कॉरिडोर, प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। और इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। ये इकोनॉमिक कॉरिडोर, सड़क के अलावा नए-नए व्यापार-कारोबार का मार्ग बनाते हैं। फैक्ट्रियों के लिए, गोदामों के लिए पूरा नेटवर्क, उसका आधार तैयार करते हैं।

साथियों,

देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। पहला फायदा तो ये है कि इससे समय बचेगा, आना-जाना सस्ता और तेज होगा, लोगों का पेट्रोल-डीजल कम खर्च होगा, किराया-भाड़ा कम होगा, और दूसरा बड़ा फायदा रोजगार का होगा। अभी इसके निर्माण में 12 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए, तो हज़ारों श्रमिकों को काम मिला है। साथ ही, जो इंजीनियर हैं, अन्य स्किल्ड वर्कफोर्स हैं, ट्रांसपोर्ट से, उससे जुड़े साथी हैं, उनको भी बहुत बड़ी मात्रा में काम मिला है। किसानों और पशुपालकों की उपज भी, अब तेज़ गति से, बड़ी मंडियों और बड़े बाज़ारों तक पहुंचेगी।

साथियों,

इस शानदार एक्सप्रेस-वे से उत्तराखंड के टूरिज्म को बहुत ही बड़ा फायदा होगा। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए ये सबसे प्रमुख मार्ग बनेगा। और हम सभी जानते हैं, जब टूरिज्म का विकास होता है, तो हर कोई कुछ न कुछ कमाता है। होटल हो, ढाबे वाले हो, टैक्सी हो, ऑटो हो, होम स्टे हो, सबको इसका फायदा होता है।

साथियों,

मुझे खुशी है कि आज उत्तराखंड, विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्टस और wed in india, शादी के लिए, बहुत बेहतरीन डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।

साथियों,

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए बारहमासी पर्यटन बहुत जरूरी है। इसलिए मेरा सर्दियों में होने वाली धार्मिक यात्राओं को लेकर बहुत आग्रह रहा है। और मुझे खुशी है कि हर साल इन यात्राओं में लोगों की संख्या बढ़ रही है। आपको याद होगा, मैं 2023 में आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा पर गया था। पहले बहुत जाता था, बीच में बिल्कुल जा नहीं पाया, कई वर्षों के बाद मैं गया, और मुझे मुख्यमंत्री जी बता रहे थे, गर्वनर साहब बीच मे आए, वो भी बता रहे थे कि 2023 में वहां गया और उसके बाद, बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां जा रहे हैं। पहले वहां कुछ सौ लोग ही सर्दियों में यात्रा के लिए जाते थे। साल 2025 में, करीब-करीब 40 हजार से अधिक लोगों ने इन पवित्र स्थानों की यात्रा की है। कभी एक हजार नहीं होते थे, अगर चालीस हजार पहुंचते हैं तो यहां के लोगों की रोजी-रोटी की कितनी बड़ी ताकत आ जाती है। इसी तरह साल 2024 में शीतकालीन चारधाम यात्रा में, करीब अस्सी हज़ार श्रद्धालु आए थे। 2025 में ये संख्या डेढ़ लाख पार कर चुकी है।

साथियों,

हम ऐसा विकसित भारत बनाने में जुटे हैं, जहां प्रगति भी हो, प्रकृति भी हो और संस्कृति भी हो। और इसलिए, आज होने वाले हर निर्माण को, इन्हीं त्रिवेणी, प्रगति, प्रकृति और सांस्कृति की त्रिवेणी, इन्हीं मूल्यों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर से इंसानों को भी सुविधा हो, और वहां रहने वाले वन्यजीवों को भी असुविधा न हो, ये हमारा प्रयास है। और इसलिए ही इस एक्सप्रेसवे पर, करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी बनाया गया है। हाथियों को भी असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा गया है।

वैसे साथियों,

मैं आज देशभर के सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से भी एक आग्रह करना चाहता हूं। हमारे पहाड़, ये वन क्षेत्र, ये देवभूमि की धरोहर, ये बहुत ही बहुत पवित्र स्थान हैं। ऐसे स्थानों को साफ-सुथरा रखना, ये हम सभी का कर्तव्य है। यहां रहने वालों का भी और यात्री के रूप में आने वालों का भी। इन इलाकों में प्लास्टिक की बोतलें, कूड़े-कचरे का ढेर, ये देवभूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचाता है। इसलिए बहुत आवश्यक है कि हम देवभूमि के इन स्थलों को, हमारे इन तीर्थ स्थलों को स्वच्छ रखें, सुंदर रखें।

साथियों,

अगले वर्ष हरिद्वार में कुंभ का भी आयोजन होना है। हमें आस्था के इस संगम को दिव्य-भव्य और स्वच्छ बनाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़नी है।

साथियों,

उत्तराखंड में नंदा देवी राजजात यात्रा भी होती है। ये आस्था का उत्सव तो है ही, ये हमारी सांस्कृतिक चेतना का भी जीवंत उदाहरण है। जहां मां नंदा को बेटी मानकर पूरे सम्मान के साथ विदा किया जाता है। इस यात्रा में बहनों-बेटियों की भागीदारी, इसे विशेष बनाती है। मैं मां नंदा को प्रणाम करते हुए, देशभर की बहनों-बेटियों को भी विशेष संदेश देना चाहता हूं। विकसित भारत के निर्माण में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है। इस देश की बेटियों की, इस देश की माताओं की, बहनों की बहुत बड़ी भूमिका मैं देख रहा हूं। और बहनों-बेटियों की सुविधा, सुरक्षा और लोकतंत्र में भागीदारी, ये डबल इंजन सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। आप अभी देख रही हैं, कि दुनिया में कितना बड़ा संकट आया है। इससे दुनिया के विकसित देशों में भी कितना हाहाकार मचा है। ऐसे मुश्किल हालात में भी, सरकार का निरंतर प्रयास है कि हमारी बहनों को कम से कम परेशानी हो।

साथियों,

बहनों-बेटियों की भागीदारी का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव अब देश के सामने है। 4 दशकों के इंतज़ार के बाद संसद ने, नारीशक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इससे विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के लिए तैंतीस प्रतिशत आरक्षण तय हो गया। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून को समर्थन दिया। अब महिलाओं को ये जो हक मिला है ना, इस हक को लागू करने में देर नहीं होनी चाहिए। अब ये लागू होना चाहिए। अब जो 2029 में लोकसभा के चुनाव होंगे, अब तब से लेकर विधान सभा के भी चुनाव आते रहेंगे, जो भी चुनाव आते रहेंगे, 2029 से ही ये लागू हो जाना चाहिए। ये देश की भावना है, ये देश की हर बहन-बेटी की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए, 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है। देश की बहनों-बेटियों के हक से जुड़े इस काम को, सभी राजनीतिक दल मिलकर के सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं, उसको पूरा करे। और मैंने आज देश की सभी बहनों के नाम एक खुला पत्र लिखा है, सोशल मीडिया में शायद ये मेरा पत्र आप तक पहुंचा होगा, हो सकता है टीवी और अखबार वाले भी इस पत्र का जिक्र करते होंगे। मैंने बड़े आग्रह के साथ देश की माताओं-बहनों को इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है। मुझे पक्का विश्वास है कि पत्र मेरे देश की माताएं-बहनें जरूर पढ़ेंगी। एक एक शब्द पर मनन करेंगी, और इतना बड़ा पवित्र कार्य करने के लिए 16-17-18 को संसद में आने वाले सभी सांसदों को उनके आशीर्वाद भी मिलेंगे। मैं आज देवभूमि से देश के सभी दलों से फिर अपील करूंगा कि नारीशक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का जरूर समर्थन करें। 2029 में हमारे देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या हमारी माताएं-बहनें, हमारी बेटियां, उनको उनका हक हम देकर रहें।

साथियों,

मैं उत्तराखंड आउं और फौज की बात ना हो, तो बात अधूरी ही रहती है। ये गढ़ी कैंट, ये सभा स्थल, ये उत्तराखंड की महान सैन्य परंपरा का प्रमाण है। यहां पास ही देश की रक्षा सुरक्षा से जुड़े कई संस्थान हैं, 1962 की लड़ाई में, शहीद जसवंत सिंह रावत जी के शौर्य को देश कभी भुला नहीं सकता।

साथियों,

सेना के सामर्थ्य को सशक्त करना हो, या हमारे सैनिक परिवारों की सुविधा और सम्मान हो, हमारी सरकार इसके लिए निरंतर प्रयासरत है। वन रैंक वन पेंशन के माध्यम से हमारी सरकार ने, अब तक करीब सवा लाख करोड़ रुपए पूर्व फौजियों को उनके खाते में जमा कर दिए हैं। उत्तराखंड के भी हजारों परिवारों को इसका लाभ मिला है। इसके अलावा, इस वर्ष पूर्व फौजियों के लिए health scheme का बजट भी छत्तीस प्रतिशत बढ़ाया गया है। 70 वर्ष और इससे अधिक के ex-servicemen के लिए, दवाईयों की door step home delivery भी शुरू की गई है। पूर्व फौजियों के बच्चों की एजुकेशन ग्रांट भी डबल की गई है। और बेटियों के विवाह के लिए जो सहायता मिलती है, उसको भी 50 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है।

साथियों,

देशभक्ति, देवभक्ति और प्रगति, ऐसे हर आयाम को जोड़ते हुए, हमें देश को विकसित बनाना है। एक बार फिर दिल्ली-वासियों को, उत्तर प्रदेश वासियों को, और एक प्रकार से देशवासियों को, इस शानदार एक्सप्रेसवे की मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

बहुत-बहुत धन्यवाद !