TMC जाने ले कि वो CAA को लागू होने से नहीं रोक सकती: कृष्णानगर में पीएम मोदी
हमारी लड़ाई 400 पार के लिए है और इंडी वालों की, विपक्ष में सबसे बड़ा दल बनने की: कृष्णानगर में पीएम मोदी

नमोश्कार।
हरे कृष्णो।
केमन आछेन नोदिया बाशी?
मेरे साथ बोलिए, भारत माता की। भारत माता की। भारत माता की।
चैतन्य महाप्रभु की इस महान धरती को मेरा शत-शत नमन।

रानाघाट-बहरामपुर सीटों से भी लोगों का खूब-खूब अभिनंदन। आप इतनी बड़ी संख्या में मुझे आशीर्वाद देने आए हैं। यहां इतनी बड़ी संख्या में माताएं-बहनें आशीर्वाद दे रही हैं। ये मेरा परम सौभाग्य है। मैं सर झुकाकर आप सबको प्रणाम करता हूं। अभी मैं हेलीपैड से यहां आ रहा था, दो-ढाई किलोमीटर का रास्ता, ऐसा रोड-शो, ऐसा रोड-शो, जितने लोग यहां हैं, उससे चार गुना लोग वहां रोड पर, ये प्यार ये आशीर्वाद, ये मेरे लिए बहुत बड़ी ऊर्जा है।

भाइयों और बहनों,

ये चुनाव देश के चुनाव हैं। ये पूरे हिंदुस्तान के लिए सरकार चुनने का अवसर है। देश में सरकार कौन बना सकता है? TMC तो पूरे देश में 15 सीट भी नहीं जीत सकती। अब आप मुझे बताइए, क्या TMC 15 सीट लेकरके सरकार बना सकती है क्या? जरा मुझे जवाब दीजिए, 15 सीट लाकर TMC सरकार बना सकती है क्या? जोर से बताइए, बना सकती है क्या? कांग्रेस भी पूरे देश में कितना ही जोर लगा दे, कितना ही जोर लगा दे, इस आधी सेंचुरी करना मुश्किल है। 50 सीट के लिए भी वो बहुत मुश्किल में है। अब मुझे बताइए, 50 सीट भी नहीं मिल रही है, तो क्या वो सरकार बना सकते हैं क्या? ये वाम मोर्चा कभी यहां पर उसका सूरज ढलता नहीं था। आज कहीं लाल झंडा नजर नहीं आ रहा है। वो तो पस्त पड़ा हुआ है। क्या वो भी सरकार बना सकता है क्या? इस चुनाव में साफ-साफ है, अगर कोई सरकार बना सकता है तो वो सिर्फ और सिर्फ BJP-NDA की सरकार ही बनेगी। मेरा आप सब से प्रार्थना है, अब जगह बिलकुल नहीं है, कृपा करके आप जहां हैं वहीं से सुन लीजिए, आप मुझे देख नहीं पाएंगे, मैं इसके लिए क्षमा मांगता हूं। लेकिन आप आगे आने की कोशिश मत कीजिए। बोलिए भारत माता की। भारत माता की। अभी तो बहस बस इतनी है कि NDA 400 पार होगा या नहीं ! जो विरोधी कहते हैं कि 400 पार नहीं होगा, जो लोग मैदान में काम कर रहे हैं वो कहते हैं बिलकुल 400 पार करेगा। औऱ इंडी वालों की लड़ाई बस इस बात पर है कि लोकसभा में विपक्ष का बड़ा दल कौन बनेगा। ये लोग इसी के लिए लड़ रहे हैं। तो फिर मोदी को किसलिए इतने ज्यादा MP चाहिए। मोदी को ज्यादा MP इसलिए चाहिए ताकि वो हर संसदीय क्षेत्र को आगे बढ़ा सके। आज देश में कनेक्टिवटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, गांव गरीब, किसान, महिलाओं से जुड़े कितने काम हो रहे हैं...अगर आपके यहां BJP-NDA के सांसद होंगे तो और तेजी से विकास होगा। BJP-NDA के सांसद अपनी मेहनत ने अपने क्षेत्र में 5-5, 10-10 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट ले जाते हैं। आपने BJP सांसदों को देखा होगा, पिछले पांच साल उन्होंने इतनी मेहनत की है। अपने क्षेत्र का इतना विकास किया है, अगर यहां से भी आप बीजेपी के सांसद चुनते हैं तो विकास में ताकत लगाता है। विरोधी चुनते हैं तो हाउस में हो-हल्ला करने में टाइम बिगाड़ता है।

साथियों,

मैं जानता हूं। TMC-कांग्रेस-लेफ्ट के इंडी-अलायंस पर भरोसा आप लोग खो चुके हैं। आप चाहते हैं यहां TMC के तोलाबाज़ों और महिलाओं पर जुल्म करने वालों को कड़ी सजा मिले। जिस TMC ने गरीब का राशन तक नहीं छोड़ा, उससे उम्मीद ही क्या की जा सकती है। इसलिए, गांव हो या शहर, हर कोई एक ही बात कह रहा है- फिर एक बार-मोदी सरकार! आबार एकबार मोदी शोरकार। मैं कृष्णानगर को, राणाघाट को, बहरामपुर को गारंटी देता हूं। जिन-जिन को TMC ने लूटा है, उनका हिसाब किया जाएगा। इतना ही नहीं, जहां कानून के हिसाब से संभव हुआ, वहां पीड़ितों को उनका पैसा लौटाया जाएगा। ये मोदी की गारंटी है- एटा मोदीर गैरेंटी।

साथियों,

मुझे यहां के मेरे साथी बता रहे थे कि पहले यहां कितनी फैक्ट्रियां हुआ करती थीं। एक समय पूरा बंगाल इंडस्ट्री के मामले में कितना आगे था। लेकिन कांग्रेस, लेफ्ट और फिर TMC ने सारे उद्योगों को बर्बाद कर दिया। लाल झंडे वाले ताले लगाते रहते थे। जहां तोलाबाज़ी हो, दंगे हों, वहां कौन निवेश करने आएगा?

भाइयों और बहनों,

TMC-कांग्रेस-लेफ्ट का इंडी-अलायंस सिर्फ एक ही काम जानता है। और वो काम है- तुष्टिकरण, वोट बैंक की राजनीति। आप जानते हैं कि कांग्रेस ने देश का विभाजन, धर्म के आधार पर किया। इसमें उन हिंदुओं, सिखों, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई साथियों का क्या दोष था, जो बॉर्डर के उस पार रह गए। ऐसे साथियों का ध्यान रखने की गारंटी, देश के विभाजन के समय दी गई थी। लेकिन आजादी के बाद इस बात को भुला दिया गया। मैं यहां भी जब मतुआ समुदाय के लोगों से मिलता हूं, मुझे उनकी पीड़ा समझ आती है। उनकी पीड़ा सुनकर दर्द होता है। ऐसे हर व्यक्ति की पीड़ा दूर करने के लिए ही हमारी सरकार ने मतुआ समुदाय जैसे सभी बंधुओं को न्याय देने के लिए CAA लाने का साहस किया। लेकिन TMC इसका सबसे ज्यादा विरोध कर रही है। लोगों को उम्मीद थी कि TMC इसका सबसे ज्यादा समर्थन करेगी। लेकिन TMC के लिए वोटबैंक की राजनीति सर्वोपरि है। और अब तो इन लोगों ने हद ही कर दी है। ये लोगों के बीच CAA के बारे में दुष्प्रचार भी कर रहे हैं। TMC को किसी पीड़ित हिंदू को अधिकार मिलने से एलर्जी है। लेकिन TMC को ये पता होना चाहिए, कि वो CAA को लागू होने से रोक नहीं सकती। और मैं CAA के माध्यम से भारत की नागरिकता मांग रहे हर व्यक्ति को आज विश्वास दिलाता हूं। उन्हें उनका हक मिलकर रहेगा, उन्हें हर सरकारी योजना का लाभ मिलकर रहेगा। ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,

पश्चिम बंगाल का इतिहास देश को दिशा देने वाला रहा है। यहां राजा कृष्ण चंद्र जी के सुशासन और भारत भक्ति की विरासत है। जिन्होंने हमारी आस्था, हमारी संस्कृति को बचाने के लिए काम किया। यहां के विकास के लिए अपना बहुत कुछ दान कर दिया। लेकिन TMC वाले ऐसी विरासत को ही बदनाम करने में जुटे हैं। आज देखिए, देश के इतिहास में शायद ही कोई ऐसी सरकार रही हो, जिसको आए दिन कोर्ट को याद दिलाना पड़ता है कि उसकी ड्यूटी क्या है। TMC सरकार ऐसा कोई काम करती ही नहीं, जो संविधान और कानून के मुताबिक हो, जो लोकतंत्र के मुताबिक हो। इसका एक बहुत बड़ा उदाहरण संदेशखाली है। संदेशखाली में क्या चल रहा है, ये TMC के टॉप लीडर्स को पहले से पता था। लेकिन संदेशखाली की बहनों से ज्यादा, वो अत्याचारी इनके काम का था। देखिए, कैसे-कैसे हथियार, कैसे-कैसे सामान मिल रहे हैं। क्या ये गोला-बारूद, ये बम-बंदूक, गणतंत्र को मज़बूत करने के लिए रखे थे?

साथियों,

कल मैं जब बंगाल पहुंचा था, तो मुझसे कई Ex.Servicemen मिलने के लिए आए थे। उन्होंने मुझे OROP के लिए बहुत धन्यवाद किया। वो इतने भाव-विभोर थे कि हमारा 40 साल पुराना वन रैंक वन पेंशन का मामला आपने सुलझा दिया। और लाखों करोड़ रुपया ये हमने Ex.Servicemen को पहुंचाए। जिन लोगों ने राष्ट्र की सेवा के लिए अपने पूरे जीवन काम किया, आज बंगाल में उनका शोषण हो रहा है। इन लोगों ने कल मुझसे इस बारे में विस्तार से बात की है। आज मैं इस मंच से हमारे Ex.Servicemen, जिनको बंगाल की धरती पर, टीएमसी सरकार लगातार अन्याय करती है, मैं उनको विश्वास दिलाता हूं कि बंगाल की भारतीय जनता पार्टी आपके साथ खड़ी रहेगी और आपकी मुसीबतों को दूर करने के लिए मेरे तीसरे टर्म में भारत सरकार हर कानूनी काम में आपकी मदद करेगी ये मैं सभी Ex.Servicemen को विश्वास दिलाता हूं। भारतीय जनता पार्टी और हमारी सरकार ऐसे हर Ex.Servicemen की मदद करेगी।

भाइयों और बहनों,

मोदी, गरीब, दलित, आदिवासी और महिलाओं को सशक्त करने में जुटा है। मोदी आज आपको पक्का घर दे रहा है। मोदी ने आपको मुफ्त राशन दिया है, नल से जल की सुविधा दी है। ऐसी हर योजना से हमारी बहनों को बहुत सुविधा हुई है। अब मोदी आपके लिए एक और बहुत बड़ी योजना लेकर आया है। आपके घर का बिजली का बिल ज़ीरो हो, इसके लिए पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना मैंने शुरु की है। आपको सरकार छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए मदद देगी और अगर ज़रूरत से ज्यादा बिजली पैदा हुई, तो आप उसको बेच सकेंगे और सरकार उसको आपसे खरीद लेगी।

साथियों,

यहां बहुत बड़ी संख्या में सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से जुड़ी बहनें भी हैं। मोदी सरकार के 10 साल में पूरे देश में 10 करोड़ महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं। ये देश में बहुत बड़ी क्रांति हुई है। मोदी ने इन 10 करोड़ महिलाओं को बिना बैंक गारंटी साढ़े आठ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद की है। मोदी जब भारत में बने सामानों पर जोर देता है, तो इसका लाभ भी सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को होता है। इसी वजह से आज सेल्फ हेल्प ग्रुप की एक करोड़ से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। एक करोड़ लखपति दीदी बड़ा आंकड़ा है, लेकिन मोदी आराम से बैठने वाला नहीं है। अब मेरा लक्ष्य है, मेरा टारगेट है, आने वाले टर्म में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाना है।

साथियों,

मोदी के इन प्रयासों के बीच, देश TMC सरकार की क्रूरता भी देख रहा है। मोदी ने देश के हर परिवार के हर बुजुर्ग को मुफ्त इलाज देने की गारंटी दी है। मुफ्त अनाज भी दे रहे हैं, मुफ्त इलाज भी दे रहे हैं। लेकिन यहां TMC सरकार आयुष्मान भारत योजना लागू ही नहीं होने दे रही है। मोदी पैसा सीधा अस्पताल में भेजता है। ये कहते हैं कि पैसा पहले TMC के खाते में डालो। क्यों भाई? मोदी पैसा TMC को इसलिए भेजे ताकि TMC उसे लूट लें। ऐसा नहीं होगा। मोदी आपके घर का पैसा भी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डालता है। ये कहते हैं कि पहले TMC के खाते में पैसा डालो। मनरेगा का पैसा भी मोदी सीधे लाभार्थी के खाते में देना चाहता है। लेकिन TMC कहती है कि पहले TMC के खाते में पैसा डालो। मोदी का फॉर्मूला ही डायरेक्ट बेनिफिट का है- कोई बिचौलिया नहीं, सीधा बैंक में पैसा ट्रांसफर। लेकिन TMC की सरकार को ये पसंद नहीं आता, इसलिए कितनी ही केंद्र सरकार की योजनाएं वो रोक कर बैठी है।

भाइयों और बहनों,

TMC सरकार ने यहां के जूट किसानों को बर्बाद करने में भी कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी है। जूट की खेती को बढ़ावा मिले, जूट की मिलों को बढ़ावा मिले, इसके लिए हम जूट के बैग को प्रोत्साहन देते हैं। हाल में ही जूट के लिए MSP, 285 रुपए बढ़ाया है। अब जूट का MSP प्रति क्विंटल पांच हजार तीन सौ पैंतीस रुपए है। लेकिन यहां के किसान बताते हैं कि उनकी जेब में बहुत कम पैसा पहुंचता है।

साथियों,

बंगाल में बुनकरों को केंद्र सरकार ने लूम दिए हैं, ट्रेनिंग दी, धागे के लिए ट्रांसपोर्टेशन और उसके दाम में सब्सिडी दी है। लेकिन TMC ने यहां हैंडलूम उद्योग को भी बर्बाद कर दिया है। यहां टैराकोटा आर्ट है, मिट्टी की कला है। ऐसे विश्वकर्मा साथियों के लिए मैंने पीएम विश्वकर्मा योजना बनाई है। लेकिन TMC सरकार ये योजना भी यहां लागू नहीं होने दे रही है।

साथियों,

बंगाल को बचाने के लिए, बंगाल में तेज विकास के लिए बंगाल में ज्यादा से ज्यादा बीजेपी सांसद जीतने जरूरी हैं। इसलिए ज़रूरी है कि... कृष्णानगर से राजमाता अमृता रॉय जी, रानाघाट से जगन्नाथ सरकार जी, बहरामपुर से निर्मल कुमार साहा जी, को आप भारी मतों से विजयी बनाकर आप संसद में भेजिए। इनको मिलने वाला हर वोट, आप कमल पे बटन दबाएंगे, वो वोट सीधा-सीधा मोदी के खाते में जाएगा। मोदी मजबूत होगा तो बंगाल को भी मजबूत करेगा। आपको भी मजबूत करेगा।
आइए, घर-घर जाइएगा और कहिएगा कि मोदी जी ने आपको नमस्कार कहा है।

भारत माता की जय।

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भारत माता की जय।

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कैबिनेट ने भारत के सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने को मंजूरी दी
May 05, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज संसद में सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन करके भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या (भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) को वर्तमान 33 से बढ़ाकर 37 करना है।

बिंदुवार विवरण:

सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या में 4 की वृद्धि अर्थात् 33 से बढ़ाकर 37 (भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) करने का प्रावधान है।

प्रमुख प्रभाव:

न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि से सर्वोच्च न्यायालय अधिक कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगा, जिससे त्वरित न्याय सुनिश्चित हो सकेगा।

व्यय:

न्यायाधीशों और सहायक कर्मचारियों के वेतन और अन्य सुविधाओं पर होने वाला व्यय भारत की संचित निधि से पूरा किया जाएगा।

पृष्ठभूमि:

भारत के संविधान के अनुच्छेद 124 (1) में अन्य बातों के साथ-साथ यह प्रावधान किया गया है कि “भारत का एक सर्वोच्च न्यायालय होगा जिसमें भारत का एक मुख्य न्यायाधीश और संसद के कानून द्वारा अधिक संख्या निर्धारित न किए जाने तक सात से अधिक अन्य न्यायाधीश नहीं होंगे…”।

भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए 1956 में सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम 1956 के तहत एक अधिनियम पारित किया गया था। अधिनियम की धारा 2 में न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या (भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) 10 निर्धारित की गई थी।

भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या को सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 1960 द्वारा बढ़ाकर 13 कर दिया गया था और सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 1977 द्वारा बढ़ाकर 17 कर दिया गया था। हालांकि, मंत्रिमंडल द्वारा भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या (भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) को 1979 के अंत तक 15 न्यायाधीशों तक सीमित था, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश के अनुरोध पर इस सीमा को हटाया दिया गया था।

सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 1986 ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर, सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 17 से बढ़ाकर 25 कर दी। इसके बाद, सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 2008 ने सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 25 से बढ़ाकर 30 कर दी।

भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या को मूल अधिनियम में सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 2019 के माध्यम से संशोधन करके अंतिम बार 30 से बढ़ाकर 33 (भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) कर दिया गया था।