मध्य प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट एक सराहनीय पहल है; यह उद्योग, नवाचार और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में राज्य की अपार संभावनाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है: प्रधानमंत्री
वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करके, यह आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, मध्य प्रदेश को व्यवसाय और उद्यमिता के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरते हुए देखकर प्रसन्नता हुई: प्रधानमंत्री
दुनिया का भविष्य भारत में है! आइए, हमारे देश में विकास के अवसरों का पता लगाएं: प्रधानमंत्री
मध्य प्रदेश को एनडीए सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रयासों से काफी लाभ होगा: प्रधानमंत्री
केंद्र और मध्य प्रदेश में हमारी सरकारें जल सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जो विकास के लिए आवश्यक है: प्रधानमंत्री
2025 के पहले 50 दिनों में तेजी से विकास हुआ है: प्रधानमंत्री
पिछला दशक भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए अभूतपूर्व विकास का दौर रहा है: प्रधानमंत्री
इस वर्ष के बजट में, हमने भारत के विकास के हर उत्प्रेरक को ऊर्जा दी है: प्रधानमंत्री
राष्ट्रीय स्तर के बाद, अब राज्य और स्थानीय स्तर पर सुधारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है: प्रधानमंत्री
वस्त्र, पर्यटन और प्रौद्योगिकी भारत के विकसित भविष्य के प्रमुख वाहक होंगे: प्रधानमंत्री

कार्यक्रम में उपस्थित मध्य प्रदेश के गवर्नर श्री मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी, अन्य सभी महानुभाव, देवियों और सज्जनों!

सबसे पहले तो मुझे यहां आने में विलंब हुआ, इसके लिए आप सबकी क्षमा चाहता हूं। विलंब इसलिए हुआ क्योंकि कल जब मैं यहां पहुंचा, तो एक बात ध्यान में आई कि आज 10वीं और 12वीं के छात्रों के एग्जाम है, और उसका समय और मेरा राजभवन से निकलने का समय clash हो रहा था। और उसके कारण संभावना थी कि सिक्योरिटी के कारण अगर रास्ते बंद हो जाए, तो बच्चों को एग्जाम देने के लिए जाने में कठिनाई हो जाए। और ये कठिनाई ना हो बच्चे सब एक बार अपने examination centre पर पहुंच जाए उसके बाद ही मैं राजभवन से निकलूँ ऐसा मैंने सोचा, उसके कारण मैंने निकलने में ही 15-20 मिनट लेट कर दिया और उसके कारण आप लोगों को जो असुविधा हुई, इसके लिए मैं फिर से एक बार क्षमा मांगता हूं।

साथियों,

राजा भोज की इस पावन नगरी में आप सभी का स्वागत करना मेरे लिए गर्व की बात है। यहां इंडस्ट्री से, विभिन्न सेक्टर्स से अनेक साथी आए हुए हैं। विकसित मध्य प्रदेश से विकसित भारत की यात्रा में, आज का ये कार्यक्रम बहुत ही अहम है। इस भव्य आयोजन के लिए मैं मोहन जी, और उनकी पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

भारत के इतिहास में ऐसा अवसर पहली बार आया है, जब पूरी दुनिया भारत के लिए इतनी optimistic है। पूरी दुनिया में चाहे सामान्य जन हों, अर्थ नीति के experts हों, विभिन्न देश हों या फिर institutions, सभी को भारत से बहुत आशाएं हैं। पिछले कुछ हफ़्तों में जो कमेंट्स आए हैं वो भारत में हर Investor का उत्साह बढ़ाने वाले हैं। कुछ दिन पहले ही world bank ने कहा है, भारत आने वाले सालों में ऐसे ही दुनिया की fastest growing economy बना रहेगा। OECD के एक अहम representative का कहना है- Future of the world is in India, कुछ ही दिन पहले, Climate change पर UN की एक संस्था ने भारत को सोलर पावर की सुपरपावर कहा था। इस संस्था ने ये भी कहा कि जहाँ कई देश सिर्फ बातें करते हैं, वहीं भारत नतीजे लाकर के दिखाता है। हाल ही में, एक रिपोर्ट आई है। इसमें बताया गया कि ग्लोबल एयरोस्पेस फर्म्स के लिए कैसे भारत एक बेहतरीन सप्लाई चेन के रूप में उभर रहा है। ग्लोबल सप्लाई चेन challenges का जवाब वो भारत में देख रहे हैं। मैं ऐसे कई example यहां quote कर सकता हूं, जो भारत पर दुनिया के confidence को दर्शाते हैं। ये confidence, भारत के हर राज्य का भी confidence बढ़ा रहा है। और आज ये हम मध्य प्रदेश की इस ग्लोबल समिट में भी देख रहे हैं, महसूस कर रहे हैं।

साथियों,

मध्य प्रदेश, पॉपुलेशन के हिसाब से भारत का fifth largest state है। MP एग्रीकल्चर के मामले में भारत के टॉप के राज्यों में है। मिनरल्स के हिसाब से भी एमपी देश के टॉप-5 राज्यों में है। एमपी को जीवनदायिनी मां नर्मदा का आशीर्वाद भी प्राप्त है। एमपी में हर वो संभावना है, हर वो potential है, जो एमपी को GDP के हिसाब से भी देश के टॉप-5 राज्यों में ला सकता है।

साथियों,

बीते दो दशकों में मध्य प्रदेश ने transformations का नया दौर देखा है। एक समय था, जब यहां बिजली, पानी की बहुत सारी दिक्कतें थीं। लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति तो और भी खराब थी। ऐसे हालात में यहां इंडस्ट्री का विकास बहुत मुश्किल था। बीते 2 दशक में, 20 साल में मध्य प्रदेश के लोगों के सपोर्ट से यहां की बीजेपी सरकार ने गवर्नेंस पर फोकस किया। दो दशक पहले तक लोग एमपी में निवेश करने से डरते थे। आज एमपी, इन्वेस्टमेंट्स के लिए देश के राज्यों से, सब राज्यों में टॉप के राज्य में उसने अपना स्थान बना लिया है। जिस एमपी में कभी खराब सड़कों के कारण बसें तक प्रॉपर नहीं चल पाती थीं, वो आज भारत की EV रेवोल्यूशन के लीडिंग स्टेट्स में से एक है। जनवरी 2025 तक करीब 2 लाख इलेक्ट्रिक व्हीकल एमपी में रजिस्टर हुए हैं। ये करीब 90 परसेंट ग्रोथ है। ये दिखाता है कि एमपी, आज मैन्युफेक्चरिंग के नए सेक्टर्स के लिए भी एक शानदार डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। और मैं मोहन जी को बधाई देता हूं, उनकी टीम को बधाई देता हूं कि उन्होंने इस वर्ष को उद्योग और रोजगार वर्ष के रूप में मनाना तय किया है।

साथियों,

बीते दशक में भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर के boom का दौर देखा है। मैं कह सकता हूं, इसका बहुत बड़ा फायदा एमपी को मिला है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जो देश के दो बड़े शहरों को जोड़ रहा है, उसका बड़ा हिस्सा एमपी से ही होकर गुज़रता है। यानि एक तरफ एमपी को मुंबई के पोर्ट्स के लिए तेज़ कनेक्टिविटी मिल रही है, दूसरी तरफ नॉर्थ इंडिया के मार्केट्स को भी ये कनेक्ट कर रहा है। आज मध्य प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का रोड नेटवर्क है। एमपी के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स, मॉडर्न एक्सप्रेसवे से जुड़ रहे हैं। यानि एमपी में logistics से जुड़े सेक्टर की तेज़ ग्रोथ तय है।

साथियों,

एयर कनेक्टिविटी की बात करें, तो यहां ग्वालियर और जबलपुर एयरपोर्ट्स के टर्मिनल्स को भी expand किया गया है। और हम यहीं नहीं रुके हैं, एमपी का जो एक बड़ा rail network है, उसको भी modernise किया जा रहा है। एमपी में रेल नेटवर्क का शत-प्रतिशत, 100 परसेंट electrification किया जा चुका है। भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की तस्वीरें आज भी सबका मन मोह लेती हैं। इसी तर्ज पर एमपी के 80 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत मॉडर्न बनाया जा रहा है।

साथियों,

बीता दशक भारत के लिए एनर्जी सेक्टर की unprecedented growth का रहा है। खासतौर पर ग्रीन एनर्जी को लेकर भारत ने वो कर दिखाया है, जिसकी कल्पना तक मुश्किल थी। बीते 10 वर्षों में करीब 70 बिलियन डॉलर यानि 5 ट्रिलियन रुपए से अधिक रीन्युएबल एनर्जी सेक्टर में ही इन्वेस्ट हुआ है। इससे पिछले साल ही क्लीन एनर्जी स्पेस में 10 लाख से अधिक जॉब्स बनी हैं। एनर्जी सेक्टर के इस बूम का भी एमपी को बहुत लाभ मिला है। आज एमपी पावर सरप्लस है। यहां करीब 31 हजार मेगावाट पावर जेनरेशन कैपेसिटी है, जिसमें से 30 परसेंट क्लीन एनर्जी है। रीवा सोलर पार्क, देश के सबसे बड़े parks में से एक है। अभी कुछ दिन पहले ही ओंकारेश्वर में फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी शुरू हुआ है। सरकार द्वारा बीना रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स पर करीब 50 हज़ार करोड़ रुपए का इन्वेस्टमेंट किया गया है। ये मध्य प्रदेश को petrochemicals का हब बनाने में मदद करेगा। मध्य प्रदेश का जो ये इंफ्रास्ट्रक्चर है, इसको एमपी सरकार आधुनिक पॉलिसीज और स्पेशल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर से सपोर्ट कर रही है। एमपी में 300 से ज्यादा इंडस्ट्रियल ज़ोन्स हैं, पीथमपुर, रतलाम और देवास में हज़ारों एकड़ के इन्वेस्टमेंट जोन्स भी डेवलप किए जा रहे हैं। यानि आप सभी इन्वेस्टर्स के लिए यहां बेहतर return की अपार संभावनाएं हैं।

साथियों,

हम सभी जानते हैं कि औद्योगिक विकास के लिए वॉटर सेक्योरिटी होना कितना जरूरी है। इसके लिए एक तरफ water conservation पर बल दे रहे हैं, दूसरी तरफ हम river interlinking का मेगा मिशन लेकर भी आगे बढ़ रहे हैं। मध्य प्रदेश की खेती, यहां की इंडस्ट्री, इसकी बहुत बड़ी बेनिफिशरी है। हाल में ही 45 हजार करोड़ रुपए के केन-बेतवा River Interlinking Project पर काम शुरु हुआ है। इससे करीब 10 लाख हेक्टेयर एग्रीकल्चर लैंड की प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। इससे एमपी में वॉटर मैनेजमेंट को भी नई ताकत मिलेगी। ऐसी सुविधाओं से फूड प्रोसेसिंग, एग्रो इंडस्ट्री और टेक्सटाइल सेक्टर में बहुत बड़ा potential unlock होगा।

साथियों,

एमपी में डबल इंजन सरकार बनने के बाद विकास की गति भी जैसे डबल हो गई है। केंद्र सरकार कंधे से कंधा मिलाकर एमपी के विकास में, देश के विकास में जुटी है। चुनाव के समय मैंने कहा था कि अपने तीसरे टर्म में हम तीन गुना तेज़ी से काम करेंगे। ये स्पीड हम, साल 2025 के पहले 50 दिनों में भी देख रहे हैं। इसी महीने हमारा बजट आया है। इस बजट में, भारत की ग्रोथ के हर catalyst को हमने energise किया है। हमारा मिडिल क्लास, सबसे बड़ा टैक्स पेयर भी है, ये सर्विस और मैन्युफेक्चरिंग के लिए डिमांड भी क्रिएट करता है। इस बजट में मिडिल क्लास को Empower करने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। हमने 12 लाख रुपए तक की इनकम को टैक्स फ्री किया है, टैक्स स्लैब्स को री-स्ट्रक्चर किया है। बजट के बाद RBI ने भी ब्याज दरें घटाई हैं।

साथियों,

बजट में लोकल सप्लाई चेन के निर्माण पर बल दिया गया है, ताकि मैन्युफेक्चरिंग में हम पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो सकें। एक समय था, जब MSMEs के सामर्थ्य को पहले की सरकारों ने सीमित करके रखा था। इसके कारण भारत में लोकल सप्लाई चेन उस लेवल पर विकसित नहीं हो पाई। आज हम priority के आधार पर MSME led लोकल सप्लाई चेन का निर्माण कर रहे हैं। इसके लिए MSME की डेफिनेशन को और सुधारा गया है। MSMEs को क्रेडिट लिंक्ड इंसेंटिव दिए जा रहे हैं, एक्सेस टू क्रेडिट आसान बनाया जा रहा है, वैल्यू एडिशन और एक्सपोर्ट के लिए भी सपोर्ट बढ़ाया गया है।

साथियों,

बीते एक दशक से नेशनल लेवल पर हम एक के बाद एक बड़े रिफॉर्म्स को गति दे रहे हैं। अब स्टेट और लोकल लेवल पर भी रिफॉर्म्स को encourage किया जा रहा है। मैं आपके बीच, स्टेट डी-रेगुलेशन कमीशन की चर्चा ज़रूर करना चाहता हूं, जिसके विषय में बजट में बात हुई है। हम राज्यों के साथ निरंतर बातचीत कर रहे हैं। राज्यों के साथ मिलकर, बीते वर्षों में हमने 40 हजार से ज्यादा कंप्लायसेंस को कम किया है। बीते सालों में ऐसे 1500 कानूनों को खत्म किया गया है, जो अपना महत्व खो चुके थे। हमारा मकसद यही है कि ऐसे regulations की पहचान हो, जो ease of doing business के रास्ते में रोड़ा हैं। डी-रेगुलेशन कमीशन, राज्यों में investment friendly regulatory ecosystem बनाने में मदद करेगा।

साथियों,

बजट में ही हमने बेसिक कस्टम ड्यूटीज़ स्ट्क्चर को भी simplify किया है। इंडस्ट्री के लिए ज़रूरी कई इनपुट्स पर रेट्स कम किए हैं। Custom cases की assessment के लिए भी एक टाइम लिमिट तय की जा रही है। इसके अलावा, नए सेक्टर्स को प्राइवेट entrepreneurship के लिए, इन्वेस्टमेंट के लिए खोलने का दौर भी जारी है। इस वर्ष हमने न्यूक्लियर एनर्जी, बायो-मैन्युफेक्चरिंग, क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग, लिथियम बैटरी की मैन्युफेक्चरिंग ऐसे अनेक नए एवेन्यूज, investment के लिए ओपन किए गए हैं। ये सरकार के intent और commitment को दिखाता है।

साथियों,

भारत के विकसित भविष्य में तीन सेक्टर्स की बहुत बड़ी भूमिका रहने वाली हैं। ये तीनों सेक्टर्स, करोड़ों नई जॉब्स क्रिएट करने वाले हैं। ये सेक्टर्स हैं, textile, tourism और technology. आप textile के सेक्टर को ही देखें, तो भारत cotton, सिल्क, पॉलिएस्टर और विस्कोस का दूसरा सबसे बड़ा producer है। भारत का टेक्सटाइल सेक्टर करोड़ों लोगों को रोजगार देता है। भारत के पास textile से जुड़ी एक पूरी tradition भी है, स्किल भी है और entrepreneurship भी है। और मध्य प्रदेश तो एक प्रकार से भारत की cotton capital है। भारत की करीब twenty five परसेंट, 25 प्रतिशत organic cotton supply, मध्य प्रदेश से ही होती है। मध्य प्रदेश, mulberry silk इसका भी देश का सबसे बड़ा producer है। यहां की चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियां बहुत पसंद की जाती हैं। इन्हें GI Tag दिया जा चुका है। इस सेक्टर में आपका इंवेस्टमेंट, यहां के टेक्सटाइल को ग्लोबली अपनी छाप छोड़ने में बहुत मदद करेगा।

साथियों,

भारत, ट्रेडिशनल टेक्सटाइल के अलावा, नए एवेन्यू भी खोज रहा है। Agro Textile, Medical Textile और Geo Textile ऐसे टेक्निकल टेक्सटाइल को हम बढ़ावा दे रहे हैं। इसके लिए नेशनल मिशन शुरु किया गया है। इसे बजट में भी हमने प्रोत्साहन दिया है। आप सभी सरकार की पीएम मित्र स्कीम से भी परिचित हैं। देश में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए ही, 7 बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जा रहे हैं। इनमें से एक मध्य प्रदेश में भी बन रहा है। ये textile sector की ग्रोथ को नई बुलंदी देने वाला है। मेरा आग्रह है कि आप textile sector के लिए घोषित PLI स्कीम का भी जरूर फायदा उठाएं।

साथियों,

Textile की तरह ही, भारत अपने टूरिज्म सेक्टर में भी नए आयाम जोड़ रहा है। कभी एमपी टूरिज्म का एक कैंपेन होता था, एमपी अजब भी है, सबसे गज़ब भी है। यहां एमपी में, नर्मदा जी के आसपास के स्थानों का, आदिवासी क्षेत्रों में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर का बहुत अधिक विकास हुआ है। यहां कितने ही सारे नेशनल पार्क्स हैं, यहां health and wellness से जुड़े टूरिज्म के लिए भी अपार संभावनाएं हैं। Heal in India, इसका मंत्र दुनिया को पसंद आ रहा है। हेल्थ एंड वेलनेस के क्षेत्र में भी इन्वेस्टमेंट के लिए opportunities लगातार बढ़ रही हैं। इसलिए हमारी सरकार, इसमें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को encourage कर रही है। भारत की ट्रेडिशनल ट्रीटमेंट को, आयुष को भी बहुत बड़े लेवल पर प्रमोट किया जा रहा है। हम स्पेशल आयुष वीज़ा भी दे रहे हैं। इन सभी से एमपी को भी बहुत फायदा मिलने वाला है।

वैसे साथियों,

आप यहां आएं हैं तो उज्जैन में महाकाल महालोक देखने ज़रूर जाएं, आपको महाकाल का आशीर्वाद भी मिलेगा, और देश, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को कैसे expand कर रहा है, इसका अनुभव भी मिलेगा।

साथियों,

मैंने लाल किले से कहा है- यही समय है, सही समय है। आपके लिए एमपी में investment करने और investment बढ़ाने का भी यही सही समय है। एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Prime Minister Meets Italy’s Deputy Prime Minister and Minister of Foreign Affairs and International Cooperation, Mr. Antonio Tajani
December 10, 2025

Prime Minister Shri Narendra Modi today met Italy’s Deputy Prime Minister and Minister of Foreign Affairs and International Cooperation, Mr. Antonio Tajani.

During the meeting, the Prime Minister conveyed appreciation for the proactive steps being taken by both sides towards the implementation of the Italy-India Joint Strategic Action Plan 2025-2029. The discussions covered a wide range of priority sectors including trade, investment, research, innovation, defence, space, connectivity, counter-terrorism, education, and people-to-people ties.

In a post on X, Shri Modi wrote:

“Delighted to meet Italy’s Deputy Prime Minister & Minister of Foreign Affairs and International Cooperation, Antonio Tajani, today. Conveyed appreciation for the proactive steps being taken by both sides towards implementation of the Italy-India Joint Strategic Action Plan 2025-2029 across key sectors such as trade, investment, research, innovation, defence, space, connectivity, counter-terrorism, education and people-to-people ties.

India-Italy friendship continues to get stronger, greatly benefiting our people and the global community.

@GiorgiaMeloni

@Antonio_Tajani”

Lieto di aver incontrato oggi il Vice Primo Ministro e Ministro degli Affari Esteri e della Cooperazione Internazionale dell’Italia, Antonio Tajani. Ho espresso apprezzamento per le misure proattive adottate da entrambe le parti per l'attuazione del Piano d'Azione Strategico Congiunto Italia-India 2025-2029 in settori chiave come commercio, investimenti, ricerca, innovazione, difesa, spazio, connettività, antiterrorismo, istruzione e relazioni interpersonali. L'amicizia tra India e Italia continua a rafforzarsi, con grandi benefici per i nostri popoli e per la comunità globale.

@GiorgiaMeloni

@Antonio_Tajani