पिछले 10 साल विकास के 'ट्रेलर' के रहे, आगे हमें देश को नई ऊंचाई पर ले जाना है: मेरठ में पीएम मोदी
भारत की विश्वसनीयता नई ऊंचाई पर है, पूरी दुनिया भारत की ओर विश्वास से देख रही है: मेरठ में पीएम मोदी
मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रहा हूं, इसलिए कुछ लोग आपा खो रहे हैं: मेरठ में पीएम मोदी
हम अपने अगले कार्यकाल के पहले 100 दिनों में लिए जाने वाले बड़े फैसलों पर काम कर रहे हैं: मेरठ में पीएम मोदी

भारत माता की...

भारत माता की...

भारत माता की...

आप सबको राम-राम!
मेरठ की ये धरती क्रांति और क्रांतिवीरों की धरती है। इस धरती पर बाबा औघड़धाम, उसका आशीर्वाद है। इस धरती ने चौधरी चरण सिंह जैसे महान सपूत देश को दिए हैं। हमारी सरकार को उन्हें भारत रत्न देने का सौभाग्य मिला है। मैं चौधरी साहब को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, नमन करता हूं।

साथियों
मेरठ की इस धरती के साथ ही मेरा कुछ अलग ही रिश्ता है। आपको याद होगा, 2014 में और 2019 में मैंने अपने चुनाव अभियान की शुरूआत यहीं मेरठ से की थी। अब 2024 के चुनाव की पहली रैली मेरठ में ही हो रही है। साथियों, 2024 का ये चुनाव सिर्फ एक सरकार बनाने का चुनाव नहीं है। कौन सांसद बने कौन ना बने इसका चुनाव नहीं है। 2024 का ये चुनाव विकसित भारत बनाने के लिए है। 2024 का जनादेश भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनाएगा। मैं आपको याद करना चाहता हूं, जब भारत दुनिया में 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था था, तो भारत में चारों तरफ गरीबी थी। जब भारत 5वें नंबर पर पहुंचा, तो 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकलने में सफल हुए। और मैं आपको गारंटी देता हूं कि जब भारत दुनिया में नंबर-3 पर पहुंचेगा, तो देश में गरीबी तो दूर होगी ही लेकिन साथ-साथ एक सामर्थ्यवान, सशक्त मध्यम वर्ग देश को नई ऊर्जा देता होगा। और इसलिए आज पूरा देश कह रहा है... तीसरी बार...मोदी सरकार...। तीसरी बार...मोदी सरकार...। तीसरी बार...मोदी सरकार...। 4 जून...400 पार ! 4 जून...400 पार ! 4 जून...400 पार !

साथियों,
मैंने लाल किले से कहा था- यही समय है, सही समय है।
भारत का समय आ गया है, भारत चल पड़ा है।
आज भारत में तेज़ी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है।
आज भारत इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है।
आज हर सेक्टर में नौजवानों के लिए अनगिनत नए अवसर बन रहे हैं।
आज देश की नारीशक्ति, नए संकल्पों के साथ आगे आ रही है।
आज भारत की साख दुनिया भर में भारत की साख नई ऊंचाई पर है, इतना ही नहीं पूरी दुनिया भारत को भरोसे से देख रही है।
हमारी सरकार भी तीसरे कार्यकाल की तैयारी में अभी से जुट गई है।
हम आने वाले 5 साल का रोडमैप बना रहे हैं। नई सरकार बनने के बाद पहले 100 दिनों में हमें कौन-कौन से बड़े फैसले लेने हैं, इस पर तेजी से काम चल रहा है। पिछले 10 वर्षों में विकास का जो मोमेंटम बना, वो अब और तेजी से आगे बढ़ेगा। इन 10 वर्षों में तो आपने विकास का ट्रेलर ही देखा है। अभी तो हमें देश को बहुत आगे लेकर जाना है।

भाइयों और बहनों,
मोदी को आज की पीढ़ी के साथ ही, आने वाली पीढ़ियों की भी चिंता है। देश की आने वाली पीढ़ियों को पुरानी चुनौतियों में अपनी ऊर्जा ना खपानी पड़े, मैं इसके लिए भी काम कर रहा हूं। NDA सरकार के 10 साल का रिपोर्ट कार्ड आपके सामने है। इन 10 सालों में ऐसे अनेक काम हुए हैं, जिनको पहले असंभव मान लिया गया था। अब आप देखिए... अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बनेगा, ये लोगों को असंभव लगता था। लेकिन राम मंदिर भी बना है और हर रोज वहां लाखों लोग दर्शन के लिए भी जा रहे हैं। और आपने देखा है...
ब्रज में कान्हा और राधा तो हर बार की तरह होली खेले ही, इस बार अवध में रामलला ने भी खूब होली खेली।

साथियों,
हमारे देश में हमारी सेना को वन रैंक-वन पेंशन को लेकर भी पहले कितने वायदे किए गए। कभी देश में वन रैंक वन पेंशन लागू होगा, ये हमारे सेना के जवानों ने आशा छोड़ दी थी। ये भी असंभव लगता था। लेकिन हमने ना सिर्फ वन रैंक वन पेंशन लागू किया बल्कि हमारे देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों को उनके हक का एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा दिया। साथियों तीन तलाक के विरुद्ध एक सख्त कानून भी लोगों को असंभव लगता था। आज तीन तलाक के खिलाफ ना सिर्फ कानून बन चुका है बल्कि ये हजारों मुस्लिम बहनों की जिंदगी भी बचा रहा है। लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण भी पहले असंभव लगता था। लेकिन नारीशक्ति वंदन अधिनियम भी आज सच्चाई बन चुका है। साथियों, जम्मू कश्मीर में आर्टिकल-370 कभी हटेगा, ये भी लोगों असंभव लगता था। लेकिन आर्टिकल 370 भी हटा है और जम्मू-कश्मीर का तेज विकास भी हो रहा है। और इसलिए आज लोग बीजेपी के 370 सीटों का आशीर्वाद भी दे रहे हैं।

साथियों,
ये मोदी गरीबी से तपकर आज यहां पहुंचा है, और इसलिए हर गरीब का दुख, हर गरीब की पीड़ा, हर गरीब की तकलीफ मोदी भलीभांति समझता है। इसलिए हमने गरीब की हर चिंता को दूर करने के लिए योजनाएं बनाईं। गरीब को इलाज की चिंता ना हो, इसलिए हमने 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज वाली आयुष्मान योजना बनाई। गरीब को राशन की चिंता ना हो, इसलिए हमारी सरकार 80 करोड़ जरूरतमंदों को मुफ्त राशन दे रही है। जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको मोदी ने पूजा है। हमने गरीब को सिर्फ सशक्त ही नहीं किया है बल्कि गरीब को उसका स्वाभिमान हमने लौटाया है। ये हमारी सरकार है जिसने 50 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खोले हैं। ये हमारी सरकार है जिसने 4 करोड़ गरीबों को पक्के घर बनाकर दिए हैं।
य़े हमारी सरकार है जिसने 11 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाकर महिलाओं की गरिमा की रक्षा की है। ये हमारी सरकार है जिसने ढाई करोड़ से ज्यादा घरों में बिजली कनेक्शन देकर उनके जीवन से अंधेरा दूर किया है।

भाइयों और बहनों,
बीते 10 वर्ष, देश में माताओं-बहनों-बेटियों के लिए सुविधा, सुरक्षा और सम्मान के रहे हैं। आने वाले 5 साल, नारीशक्ति की समृद्धि के होने वाले हैं। देश में करोड़ों बहनों-बेटियों को हमने पहली बार उद्यमी बनाया। उनके लिए फौज के, दूसरी नौकरियों के दरवाज़े खोल दिए। पुलिस हो या फिर अर्धसैनिक बल हों, इसमें आज बेटियों की संख्या दोगुने से अधिक हो चुकी है। मुद्रा योजना ने करोड़ों बहनों को पहली बार अपना बिजनेस शुरू करने का संबल दिया है। पिछले 10 वर्षों में 10 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इससे गांव की हमारी बहनों को अतिरिक्त कमाई होने लगी है। और मोदी का सपना भी है और मोदी की गारंटी भी है। अब देश की 3 करोड़ महिलाओं को, ये मोदी की गारंटी सुन लीजिए, और 2029 में मेरे से हिसाब भी मांग लेना। ये मोदी की गारंटी है तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने पर काम कर रहा है।

साथियों,
नमो ड्रोन दीदी योजना भी गांव में बहनों का भाग्य बदलने जा रही है। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक ड्रोन दिए जा रहे हैं। ये ड्रोन हमारी खेती का भविष्य बदलने वाले हैं ये खेती काम आसान बनाने वाले हैं। जब गांव की बेटियां ड्रोन पायलट बनेंगी, तो उनका गौरव भी बढ़ेगा और उनकी कमाई भी बढ़ेगी और किसानी भी सरल हो जाएगी।

साथियों,
बीते 10 वर्षों में देश ने देखा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कितनी बड़ी लड़ाई हमने शुरू की है। हमने सुनिश्चित किया है कि गरीब का पैसा, बीच में कोई और ना हड़प पाए। हमारी सरकार ने कागजों से 10 करोड़ फर्जी लाभार्थी हटाए हैं। आप हैरान हो जाएंगे, पहले ऐसी सरकार चलती थी, जिनका जन्म ही नहीं हुआ ऐसे लोगों के नाम पर पैसे जाते थे। ऐसे दस करोड़ नाम हटाने की मोदी ने हिम्मत की है। और ऐसा करके हमने आपके देशवासियों के पौने तीन लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचाए हैं। लेकिन भाइयों और बहनों, मैं भ्रष्टाचार पर कार्रवाई कर रहा हूं, इससे कुछ लोग बौखला गए हैं। वो अपना आपा खो बैठे हैं और मेरे प्यारे देशवासियों ‘मैं कहता हूं, मोदी की गारंटी कहती है मोदी का मंत्र है भ्रष्टाचार हटाओ, वो कहते हैं भ्रष्टाचारी बचाओ’। ये चुनाव इन दो खेमों की लड़ाई है। एक खेमा एनडीए का जो भ्रष्टाचार को हटाने के लिए मैदान में है, दूसरा वो खेमा जो भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए मैदान में है फैसला आपको करना है।
क्या भ्रष्टाचारियों को बचाना है?
क्या भ्रष्टाचारियों को बचाना है?
क्या भ्रष्टाचारियों को बचाना है?
भ्रष्टाचार जाना चाहिए की नहीं जाना चाहिए?
भ्रष्टाचार हटना चाहिए की नहीं हटना चाहिए?
भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए की नहीं होना चाहिए?
इसलिए भाइयों बहनों जब मोदी पूरी ताकत से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। तो इन लोगों ने मिलकर एक इंडी गठबंधन भी बना लिया है। इनको लगता है कि मोदी इनसे डर जाएगा। लेकिन मेरे लिए मेरा भारत-मेरा परिवार है। मैं अपने देश को भ्रष्टाचारियों से बचाने के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं उनके खिलाफ एक बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। और इसलिए बड़े-बड़े भ्रष्टाचारी आज सलाखों के पीछे हैं। सुप्रीम कोर्ट तक जमानत नहीं मिल रही है। और इसलिए कई बड़े-बड़े भ्रष्टाचारियों को कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। और इसलिए पूरे देश में आपने टीवी पर देखा होगा, कहीं बिस्तर के नीचे से नोटों के ढेर निकल रहे हैं, कहीं दीवारों से नोटो के ढ़ेर निकल रहे हैं। और अभी-अभी तो मैंने देखा कि वॉशिंग मशीन में नोट के ढेर थे।

साथियों,
मैं भ्रष्टाचारियों पर सिर्फ कार्रवाई ही नहीं कर रहा, लेकिन मेरे देशवासी मेरी बात समझ लीजिए मेरी गारंटी है, इन भ्रष्टाचारियों ने इन बेईमानों ने जिसका धन लूटा गया है, उस धन को मैं लौटा भी रहा हूं। कांग्रेस की सरकार के दौरान गरीबों का, छोटे निवेशकों का, बैंकों का, हजारों करोड़ रुपए हड़प लिया गया था। आपको खुशी होगी साथियों, हमने भ्रष्टाचारियों की संपत्ति जब्त करके 17 हजार करोड़ रुपए... कितने ?... 17 हजार करोड़ रुपए... कितने ?... कितने ?... कितने ?... 17 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा मैंने उन, जिनके गए थे उनको वापस लौटा दिया है। जिनका पैसा गया है, उनके पैसे वापस मिले, इसके लिए मैं लगातार काम कर रहा हूं। ईडी ने जो संपत्ति जब्त की है और अगर रिकॉर्ड मिलता है, ये जिसके पैसे हैं उसी से गए हैं तो मोदी आपके पैसे वापस दिलवाने के लिए जी-जान से लड़ने वाला है। और मैं आज, ये मेरठ की धरती, क्रांतिकारियों की धरती, वीरों की धरती से भ्रष्टाचारी को साफ-साफ कह रहा हूं... भ्रष्टाचारी कान खोलकर सुन लें... ये मोदी पर चाहे कितने भी हमले करें, ये मोदी है.. रुकने वाला नहीं है। भ्रष्टाचारी चाहे कितना ही बड़ा क्यों ना हो एक्शन होगा... जरूर होगा। जिसने देश को लूटा है, उसे लौटाना ही पड़ेगा- ये मोदी की गारंटी है।

साथियों,
मेरठ की इस धरती का देश की अखंडता और एकता से बड़ा रिश्ता रहा है। ये स्वतंत्रता सेनानी वीर मंगल पांडे की कर्मभूमि है। ये धरती धनसिंह कोतवाल जैसे शूरवीर की धरती है है। शौर्य की इस धरती से आज मैं पूरे देश को बताना चाहता हूं कि कैसे कांग्रेस और इंडी अलायंस देश की अखंडता और देश की एकता को तोड़ते रहे हैं।
आज ही कांग्रेस का ये एक और देशविरोधी कारनामा देश के सामने आया है। तमिलनाडु में भारत के समुद्री तट से कुछ दूर, कुछ किलोमीटर की दूरी पर श्रीलंका और तमिलनाडु के बीच में समंदर में एक टापू है, एक द्वीप है - कच्चाथीवू। अलग-अलग नाम भी लोग बोलते हैं कच्चाथीवू। ये द्वीप सुरक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। देश आजाद हुआ तब हमारे पास था और ये हमारे भारत का एक अभिन्न अंग रहा है। लेकिन कांग्रेस ने 4-5 दशक पहले कह दिया कि ये द्वीप तो गैर जरूरी है, फालतू है.. यहां तो कुछ होता नहीं है...और ये कहते हुए मां भारती का एक अंग, आजाद भारत में ये कांग्रेस के लोगों ने इंडी अलायंस के साथियों ने मां भारती का एक अंग काट दिया और भारत से अलग कर दिया। देश कांग्रेस के रवैये की कीमत आज तक चुका रहा है। भारत के मछुआरे मछली पकड़ने के लिए समंदर में जाते हैं, तमिलनाडु के हैं, केरल के हैं, पुडुचेरी के हैं, तेलंगाना के हैं, आंध्र के हैं, इस द्वीप की तरफ जाते हैं तो उनको गिरफ्तार कर लिया जाता है, उनकी बोच को कब्जा कर लिया जाता है। ये कांग्रेस के पाप का परिणाम है कि हमारे मछुआरे आज भी सजा भुगतते चले जा रहे हैं। और कांग्रेस पार्टी इतनी बड़ी उनकी पाप की जब बात आती है तो कांग्रेस की बोलती बंद हो जाती है। डीएमके जैसे दल, जो कांग्रेस के साथी है, वे भी मुंह पर ताला लगाकर बैठ जाते हैं। आप मुझे बताइए, क्या ऐसा इंडी गठबंधन जिसने मां भारती का टुकड़ा करके दे दिया, क्या ऐसा गठबंधन देशहित में कोई फैसला ले सकता है क्या? देश का भला कर सकता है क्या? क्या देश को एक रख सकता है क्या?

साथियों,
इंडी गठबंधन वाले ना देश के जवानों का हित सोच सकते हैं ना ही देश के किसानों का हित सोच सकते हैं, ना ही देश के मुछुआरों का हित सोच सकते हैं। किसानों से नफरत करने वाले इंडी गठबंधन ने चौधरी चरण सिंह जी को भी उचित सम्मान नहीं दिया। जब चौधरी साहब को भारत रत्न पर संसद में चर्चा हो रही थी, तब इंडी गठबंधन ने पार्लियामेंट के अंदर जो किया, वो पूरे देश ने देखा है। जब हमारे छोटे भाई जयंत चौधरी संसद में चौधरी चरण सिंह जी के भारत रत्न के सम्मान को लेकर के बोलने के लिए खड़े हुए तो उनकी आवाज को रोकने की कोशिश की गई। भाई जयंत चौधरी को अपमानित करने का प्रयास किया गया। कांग्रेस और सपा को देश के किसान, इस क्षेत्र के लोगों से घर-घर जाकर माफी मांगनी चाहिए। और यहां का एक-एक नागरिक कभी भी कांग्रेस और सपा जैसे उनके साथियों को कभी माफ नहीं कर सकते।

साथियों,
चौधरी साहब ने अपना जीवन किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित किया था। हमारी सरकार भी किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। यहां तो इतनी बड़ी अनाज मंडी है...यहां की गुड़ की मंडी है सारे देश में जानी जाती है। आप भूले नहीं होंगे कि कैसे आप गन्ना किसानों को परेशान किया गया था। गन्ना किसानों के हजारों करोड़ रुपए बकाया होना, सामान्य बात हो गई थी। चीनी मिलों को धड़ाधड बंद किया जा रहा था, कौड़ियों के भाव बेचा जाता था। मोदी ने किसानों के साथ हो रही ये सारी हेरा-फेरी बंद करा दी है।

साथियों,
हम गन्ने की खेती को चीनी और गुड़ तक सीमित नहीं रखना चाहते।
हम देश की हर गन्ना बेल्ट को देश की ऊर्जा बेल्ट भी बनाना चाहते हैं। गन्ने से बनने वाले इथेनॉल से गाड़ियां चलें, इसके लिए आज देश भर में काम हो रहा है। 10 वर्ष पहले सिर्फ 40 करोड़ लीटर इथेनॉल ही बनता था, आज 500 करोड़ लीटर इथनॉल का उत्पादन हो रहा है।
इथेनॉल की खरीद बढ़ने की वजह से 10 साल मे लगभग 70 हजार करोड़ रुपए देश के किसानों को मिले हैं।

साथियों,
हमारा निरंतर प्रयास है कि किसान की लागत कम और लाभ अधिक हो। इसलिए, पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए यूपी के किसानों को हजारों करोड़ रुपए की मदद दी गई है। 500 करोड़ रुपए से ज्यादा तो यहां मेरठ के किसानों को मिले हैं। आज यूरिया की जो बोरी दूसरे देशों में 3 हजार रुपए तक में मिलती है वही बोरी हम किसानों को सिर्फ 300 रुपए से भी कम में दे रहे हैं। आप सभी किसानों की भंडारण की समस्या को दूर करने के लिए भी बीजेपी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हमने दुनिया की सबसे बड़ी भंडारण योजना की शुरुआत की है। इसके तहत देश में 2 लाख से ज्यादा गोदाम बनाए जा रहे हैं। हमारी सरकार मिलेट्स-श्रीअन्न के लिए जो अभियान चला रही है, उसका भी बड़ा फायदा छोटे किसानों को मिल रहा है।

भाइयों और बहनों,
NDA सरकार आपके पैसे बचें, इस दिशा में लगातार काम कर रही है। हमने कम बिजली से ज्यादा रोशनी देने वाले LED बल्ब की योजना बनाई। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के बिजली बिल में हजारों करोड़ रुपए बचे। अब हम एक नई योजना लेकर आए हैं- और मैं तो चाहूंगा कि इस क्षेत्र के लोग इस योजना का भरपूर फायदा उठाए। हमारी नई योजना है पीएम सूर्यघर- मुफ्त बिजली योजना। इसके तहत आपके घर का बिजली का बिल जीरो... फ्री बिजली हर परिवार को मिलेगी। अब योजना क्या है? घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए लगभग 75 हज़ार रुपए तक सरकार मदद करेगी। कुछ हफ्ते पहले यह योजना शुरू हुई है। अब तक एक करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। और मैं वादा करता हूं कि चुनाव समाप्त होने के बाद सरकार बनते ही मैं इस काम को और तेज करने वाला हूं, ताकि आपके बिजली का बिल जीरो हो जाए।

साथियों,
ये भाजपा सरकार है, जो इस पूरे क्षेत्र मे विकास को नई ऊंचाई पर ले जा रही है।
देश का पहला नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर, दिल्ली से मेरठ तक बना है।
आज मेरठ जिले से होकर तीन अलग-अलग एक्सप्रेस-वे गुज़र रहे हैं।
मेरठ मेट्रो पर भी तेज़ी से काम चल रहा है।
हमारा मेरठ, फ्रेट कॉरिडोर से भी कनेक्टेड है।
यहां मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बन रही है।
मेरठ एक बड़ा एजुकेशन हब भी बन रहा है।
जिस प्रकार का इंफ्रास्ट्रक्चर मेरठ में बन रहा है, उससे यहां हर प्रकार के छोटे-बड़े उद्योगों का विस्तार होगा, नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

 

साथियों,
इस रैली में बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने, आरएलडी के कार्यकर्ताओं ने, NDA के हमारे सभी साथी दलों ने भारी मेहनत की है। NDA ने इस क्षेत्र में बहुत मजबूत उम्मीदवार खड़े किए हैं। हमारे अरुण गोविल जी, राजकुमार सांगवान जी, संजीव बालयान जी, भाई चंदन जी, प्रदीप चौधरी जी हमारे इन साथियों को भारी मतों से विजयी बनाने के लिए मैं आपस सभी से प्रार्थना करने के लिआ आया हूं। इसलिए 19 अप्रैल और 26 अप्रैल को आप गर्मी कितनी हो क्यों ना हो.. वोट डालने के लिए जरूर निकलना है। वोट डालेंगे ना? औरों से भी डलवाएंगे ना? घर-घऱ जाएंगे ना? आपका एक-एक वोट विकसित भारत के लिए होगा। आपका वोट, देशहित में और बड़े निर्णय के लिए होगा। और इसलिए आप मेरे साथ बोलिए... सब मेरे साथ बोलिए...
विकसित भारत के लिए....400 पार।
गरीबी से मुक्ति के लिए...400 पार
युवाओं को नए अवसर के लिए...400 पार
नारी सशक्तिकरण के लिए...400 पार।
किसानों की समृद्धि के लिए...400 पार।
भ्रष्टाचारियों को जेल भेजने के लिए...400 पार।
साथियों,
आप मेरा एक काम करेंगे? करेंगे? ऐसे नहीं हाथ ऊपर करके बताइए... मेरा एक काम करेंगे? ये मेरा पर्सनल काम है करेंगे? चुनाव वाला काम नहीं करेंगे? पक्का करेंगे? मेरा काम बहुत छोटा सा है।
आप घर-घर जाना और हर घर जाकर कहना कि तुम्हारे मोदी जी मेरठ आए थे। और मोदी जी ने आपको प्रणाम भेजा है। मेरा प्रणाम घर-घर पहुंचा दीजिए...
मेरे साथ बोलिए
भारत माता की... ! भारत माता की... ! भारत माता की... ! भारत माता की... !
बहुत-बहुत धन्यवाद

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Why global AI leaders are flocking to the India AI Impact Summit in New Delhi

Media Coverage

Why global AI leaders are flocking to the India AI Impact Summit in New Delhi
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
21वीं सदी के इस दशक में भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है: ET Now ग्लोबल बिजनेस समिट में पीएम मोदी
February 13, 2026
Amid numerous disruptions, this decade has been one of unprecedented development for India, marked by strong delivery and by efforts that have strengthened our democracy: PM
In this decade of the 21st century, India is riding the Reform Express: PM
We have made the Budget not only outlay-focused but also outcome-centric: PM
Over the past decade, we have regarded technology and innovation as the core drivers of growth: PM
Today, we are entering into trade deals with the world because today's India is confident and ready to compete globally: PM

आप सभी का इस ग्लोबल बिजनेस समिट में, आप सबका मैं अभिनंदन करता हूं। हम यहां A Decade Of Disruption, A Century Of Change, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। विनीत जी का भाषण सुनने के बाद मुझे लगता है कि मेरा काम बहुत सरल हो गया है। लेकिन एक छोटी request करूं, इतना सारा आपको पता है, तो कभी ET में तो दिखना चाहिए।

साथियों,

21वीं सदी का बीता दशक अभूतपूर्व डिसरप्शन का रहा है। ग्लोबल Pandemic, ग्लोब के अलग-अलग हिस्सों में तनाव, युद्ध और ग्लोब के संतुलन को हिला देने वाले Supply Chain Breakdowns, दुनिया ने एक दशक के भीतर काफी कुछ देख लिया। लेकिन साथियों, कहते हैं, संकट के समय ही किसी देश के सामर्थ्य पता चलता है और मुझे बहुत गर्व है, अनेक Disruptions के बीच भी भारत के लिए यह दशक, अभूतपूर्व डेवलपमेंट का रहा है, शानदार डिलीवरी का रहा है और डेमोक्रेसी को मजबूत करने वाला रहा है। जब पिछला दशक शुरू हुआ था, तो भारत ग्यारहवें नंबर की अर्थव्यवस्था था। इतनी उथल-पुथल में पूरी आशंका थी कि भारत और नीचे चला जाएगा, लेकिन आज भारत, बहुत तेजी के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने जा रहा है। और आप जिस Century Of Change की बात कर रहे हैं, उसका बहुत बड़ा आधार और यह मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं, इसका बहुत बड़ा आधार भारत ही होने जा रहा है। आज भारत, दुनिया की ग्रोथ में 16 परसेंट से ज्यादा योगदान दे रहा है। और मुझे विश्वास है, इस सेंचुरी के हर आने वाले साल में हमारा योगदान और भी बढ़ता रहेगा, निरंतर बढ़ता रहेगा। मैं वह मदान की तरह astrologer के रूप में नहीं आया हूं। भारत, दुनिया की ग्रोथ को ड्राइव करेगा, दुनिया की ग्रोथ का नया इंजन बनेगा।

साथियों,

दुनिया में सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद एक नई वैश्विक व्यवस्था बनी थी, एक नए वर्ल्ड ऑर्डर ने आकार लिया था। लेकिन सात दशक के बाद, वो व्यवस्था टूट रही है। दुनिया आज एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ बढ़ रही है। आखिर यह क्यों हो रहा है? ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि तब जो व्यवस्था बनी थी, उसकी नींव One Size Fits All, इसी सोच पर टिकी थी। तब ये माना गया कि World Economy Core में होगी, Supply Chains मजबूत और विश्वसनीय हो जाएगी। इस व्यवस्था में नेशन्स को केवल कंट्रीब्यूटर्स के रूप में ही देखा गया। लेकिन आज, इस मॉडल को चुनौती मिल रही है। यह अपनी प्रासंगिकता खोता जा रहा है। आज हर देश को यह पता चल रहा है कि उसे अपनी रज़ीलियन्स खुद बनानी होगी।

साथियों,

आज दुनिया जिसकी चर्चा कर रही है। उसको भारत ने 2015 में, आज से 10 साल से पहले, 2015 में ही अपनी नीति का हिस्सा बना लिया था। दस साल पहले जब नीति आयोग बना, तो उसके फाउंडिंग डॉक्यूमेंट में ही भारत ने अपना विजन क्लीयर कर दिया था और विजन यह कि भारत किसी दूसरे देश से कोई सिंगल डेवलपमेंट मॉडल इंपोर्ट नहीं करेगा। हम भारत के विकास के लिए भारतीय अप्रोच को लेकर ही चलेंगे। इस नीति ने भारत को अपने हिसाब से, अपनी रिक्वायरमेंट के हिसाब से, अपने हित में फैसले लेने का आत्मविश्वास दिया और यह एक बड़ा कारण है कि डिसरप्शन के दशक में भी भारत की इकोनॉमी कमजोर नहीं पड़ी, निरंतर मजबूत होती गई।

साथियों,

आज 21वीं सदी के इस दशक में भारत Reform Express पर सवार है और इस Reform Express की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हम इसे compulsion में नहीं, बल्कि conviction के साथ, Reform के कमिटमेंट के साथ गति दे रहे हैं। यहां तो बहुत बड़ी-बड़ी संख्या में बड़े-बड़े expert बैठे हैं, अर्थजगत के दिग्गज बैठे हैं। आपने भी 2014 से पहले का दौर देखा है। जब तक हालात मजबूर न कर दें, जब तक कोई संकट न आ जाए, जब कोई और रास्ता न बचे, तब मजबूरन रिफॉर्म्स किए जाते थे। आप याद करिए, 1991 का रिफॉर्म्स भी तब हुआ, जब देश पर दिवालिया होने का खतरा आ गया था। जब देश को सोना गिरवी रखना पड़ा था। पहले की सरकारों का यही तरीका था, वो reforms compulsion में ही किया करती थीं। जब 26/11 का आतंकी हमला हुआ, कांग्रेस सरकार की कलई खुल गई, तो NIA का गठन किया गया। जब पावर सेक्टर बर्बाद हो गया, ग्रिड फेल होने लगे, तब मजबूरी में कांग्रेस को पावर सेक्टर में याद आई।

साथियों,

ऐसी एक लंबी सूची है, जो याद दिलाती है कि जब compulsion में, मजबूरी में reform होता है, तो न सही नतीजे मिलते हैं, न देश को सही परिणाम मिलते हैं।

साथियों,

आज मुझे गर्व है कि बीते 11 वर्षों में हमने पूरे conviction के साथ रिफॉर्म किए हैं और यह रिफॉर्म Policy में हुए हैं, Process में हुए, Delivery में हुए और इतना ही नहीं, Mindset में भी reform हुआ है। क्योंकि साथियों, अगर पॉलिसी बदले, लेकिन प्रोसेस वही रहे, माइंडसेट वही रहे, डिलीवरी ठीक से ना हो, तो रिफॉर्म्स सिर्फ और सिर्फ कागज का टुकड़ा बनकर रह जाता है। इसलिए हमने पूरे सिस्टम को बदलने के लिए ईमानदारी से कोशिश की है।

साथियों,

मैं प्रोसेस की बात करूं, तो एक साधारण लेकिन बहुत जरूरी प्रोसेस है, कैबिनेट नोट्स का। यहां कई लोगों को अंदाजा होगा कि पहले की सरकारों में एक कैबिनेट नोट बनने में ही कुछ महीने लग जाते थे, महीने। अब इस स्पीड से देश का विकास कैसे होता? इसलिए हमने इस process को बदला। हमने डिसीजन मेकिंग को time-bound और technology-driven बनाया। हमने यह तय कर दिया कि इस अफसर की टेबल पर यह कैबिनेट नोट इतने घंटे से ज्यादा रहेगा ही नहीं। या तो रिजेक्ट करो या निर्णय लो और इसका नतीजा आज देश देख रहा है।

साथियों,

मैं आपको रेलवे ओवर ब्रिज के अप्रूवल का भी उदाहरण दूंगा। पहले R.O.B का एक डिजाइन अप्रूव कराने के लिए कई वर्ष लग जाते थे, कई सारी क्लीयरेंस की ज़रूरत थीं, कई जगह चिट्ठियां लिखनी पड़ती थीं और यह मैं प्राइवेट के लिए नहीं कह रहा हूं, सरकार को। हमने इसको भी बदला और आज देखिए कितनी तेजी से रोड और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। विनीत जी ने बहुत विस्तार से इस बात को बताया।

साथियों,

एक बड़ा Interesting उदाहरण बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर का है। अब बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर देश की security से जुड़ा हुआ होता है। आप कल्पना कर सकते हैं, एक समय था, जब बॉर्डर एरियाज़ में एक साधारण सी सड़क बनाने के लिए भी कुछ परमिशन दिल्ली से लेनी पड़ती थी। जिला स्तर पर निर्णय लेने के यानी इसके सामने एक प्रकार से उसका कोई अधिकारी ही नहीं थे, दीवार ही दीवार थीं, वो निर्णय नहीं कर सकता था और इसलिए तो दशकों बाद भी हमारे देश में बॉर्डर इंफ्रा इतना बेहाल रहा। 2014 के बाद हमने इस प्रोसेस में भी रिफॉर्म किया, हमने स्थानीय प्रशासन को Empower किया और आज हम देश के बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से डेवलप होते देख रहे हैं।

साथियों,

बीते दशक में भारत के जिस Reform ने दुनिया में हलचल मचा दी है, वो है UPI, भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम। यह सिर्फ एक App नहीं है, यह policy, process और delivery के एक शानदार कन्वर्जेंस का प्रमाण है। जो लोग कभी बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़े बेनिफिट्स के बारे में सोच भी नहीं सकते थे, UPI देश के ऐसे नागरिकों को सर्व कर रहा है। यह जो डिजिटल इंडिया है, डिजिटल पेमेंट सिस्टम है, जनधन आधार मोबाइल की ट्रिनिटी है, यह रिफॉर्म किसी compulsion से नहीं हुआ, यह हमारा कन्विक्शन था। और कन्विक्शन यह था कि जिन लोगों तक पहले की सरकारें कभी नहीं पहुंची, हमें ऐसे नागरिकों का इंक्लूजन करना है। जिसे कोई नहीं पूछता, उसे मोदी पूजता है। और इसलिए यह रिफॉर्म्स किए गए हैं और आज भी हमारी सरकार इसी सोच के साथ चल रही है।

साथियों,

भारत का यह जो नया मिज़ाज है, वो हमारे बजट में भी रिफ्लेक्ट होता है। पहले जब बजट की चर्चा होती थी, तो फोकस सिर्फ Outlay पर होता था। कितना पैसा आवंटित हुआ, क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा हुआ और उस दिन टीवी देखेंगे, तो पूरी टीवी एक ही यानी इनके लिए, बजट मतलब इंकम टैक्‍स ऊपर गया कि नीचे गया, इसके आगे उनको देश दिखता ही नहीं है। और होता क्‍या था, कितनी नई ट्रेनें घोषित हुईं, यही चलता रहता था, उन घोषणाओं का बाद में क्या हुआ, कोई पूछने वाला ही नहीं था। और इसलिए हमने बजट को Outlay के साथ-साथ Outcome सेंट्रिक बनाया।

साथियों,

बजट में एक और बड़ा बदलाव आया है। 2014 से पहले Off-Budget Borrowing पर बहुत अधिक चर्चा होती थी। लेकिन अब Off-Budget Reforms की चर्चा होती है। बजट से बाहर, नेक्स्ट जनरेशन GST रिफॉर्म्स हुए, प्लानिंग कमीशन की जगह नीति आयोग बनाया, आर्टिकल 370 की दीवार गिरा दी, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया, नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाया।

साथियों,

बजट में घोषित हों, या बजट से बाहर, रिफॉर्म एक्सप्रेस लगातार गति पकड़ रही है। अगर मैं पिछले एक साल की ही बात करूं तो हमने Ports & Maritime सेक्टर में Reform किया, शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री के लिए अनेक Initiative लिए, जन-विश्वास एक्ट के तहत रिफॉर्म्स को और आगे बढ़ाया, Energy Security के लिए Shanti Act बनाया, लेबर कानूनों से जुड़े रिफॉर्म्स को लागू किया, भारतीय न्याय संहिता लेकर आए, वक्फ कानून में Reform किया गया है, गांव में रोजगार के लिए नया G RAM G कानून बनाया, ऐसे अनेक Reforms साल भर होते रहे हैं।

साथियों,

इस साल के बजट ने रिफॉर्म एक्सप्रेस को और आगे बढ़ाया है। वैसे तो बजट के बहुत सारे आयाम हैं, लेकिन मैं दो Important फैक्टर्स की बात करूंगा। Capex और Technology, बीते वर्षों की भांति इस बजट में भी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च को बढ़ाकर करीब 17 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है। और आप जानते हैं कि कैपेक्स का मल्टीप्लायर effect कितना बड़ा होता है। इससे देश की कैपेसिटी और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है। अनेकों सेक्टर्स में बहुत बड़ी संख्या में जॉब क्रिएशन भी होती है। पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप का निर्माण, देश के टीयर-2, टीयर-3 शहरों के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन्स का निर्माण और सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, ऐसे बजट अनाउंसमेंट्स, सही मायने में युवाओं पर, देश के फ्यूचर पर, यह इन्वेस्टमेंट हैं।

साथियों,

बीते दशक में हमने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को ग्रोथ का कोर ड्राइवर माना है। इसी सोच के साथ, देश में स्टार्टअप कल्चर, हैकाथॉन कल्चर, उसको हमने प्रमोट किया। आज देश में, दो लाख से अधिक स्टार्टअप, रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं और यह डायवर्स सेक्टर्स में काम कर रहे हैं। हमने युवाओं को प्रोत्साहित किया, देश में रिस्क टेकिंग कल्चर को पुरस्कृत करने का भाव जगाया और परिणाम हमारे सामने है। इस साल का बजट, हमारी इसी प्राथमिकता को और मजबूत करता है। विशेष तौर पर बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर और AI जैसे सेक्टर के लिए, इस बजट में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

साथियों,

आज जब देश की आर्थिक ताकत बढ़ी है, तो हम राज्यों को भी उतना ही ज्यादा सशक्त कर रहे हैं। मैं एक और आंकड़ा आपको देना चाहता हूं। 2004 से 2014, 10 साल, इस दरमियान राज्यों को टैक्स डिवोल्यूशन के तौर पर 18 लाख करोड़ रुपए के आसपास ही मिले थे, 2004 से 2014 तक। जबकि 2014 से लेकर 2025 तक, राज्यों को 84 लाख करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। अगर मैं इस साल बजट में प्रस्तावित लगभग 14 लाख करोड़ का आंकड़ा और जोड़ दूं, तो हमारी सरकार में राज्यों को टैक्स डिवोल्यूशन के करीब-करीब 100 लाख करोड़ रुपए मिलने तय हुए हैं। यह राशि केंद्र सरकार की तरफ से अलग-अलग राज्य सरकारों को मिली है, ताकि वो अपने यहां विकास के कार्यों को आगे बढ़ा सकें।

साथियों,

आजकल आप लोग भारत के FTA’s यानि फ्री ट्रेड डील्स पर काफी चर्चा कर रहे हैं और मैं यहां enter हुआ, वहीं से शुरू हो गए लोग। दुनियाभर में इसका एनालिसिस हो रहा है। लेकिन मैं आज इसका एक और इंटरेस्टिंग एंगल आपको बताता हूं, मीडिया को जो चाहिए, वो तो इसमें नहीं होगा शायद, लेकिन हो सकता है कि कुछ काम में आ जाए। और मैं पक्का मानता हूं, जो बात मैं कहने जा रहा हूं, आपने भी इसके बारे में विचार नहीं किया होगा। क्या आपने कभी सोचा है कि आज इतने सारे विकसित देशों के साथ फ्री-फ्री ट्रेड डील्स हो रहे हैं, क्या यही काम 2014 से पहले क्यों नहीं हो पाए? देश वही, युवा शक्ति वही, सरकारी सिस्टम वही, तो बदला क्या? बदलाव, सरकार के विजन में आया है, नीति और नीयत में बदलाव आया है, भारत के सामर्थ्य में बदलाव आया है।

साथियों,

आप ज़रा सोचिए, फ्रेजाइल फाइव इकोनॉमी जब थी, तब कौन हमारे साथ डील करता? गांव में भी गरीब की बेटी को कोई रईस के परिवार वाला शादी करता है क्या? वो उसको छोटा मानता है, हमारा भी यही हाल था भाई दुनिया में। जब देश पॉलिसी पैरालिसिस से घिरा था, चारों तरफ घोटाले और घपले थे, तब कौन भारत पर भरोसा कर पाता? 2014 से पहले भारत में मैन्युफैक्चरिंग का बेस बहुत कमजोर था और जिसके कारण, पहले की सरकारें भी डरती थी, एक तो कोई आता नहीं था और जरा सा भी कोई कोशिश करें, तो यह लोग भी डरते थे और डर यह था कि अगर विकसित देशों के साथ डील हो गई, तो वो हमारे बाजार पर कब्जा कर लेंगे, वो यहां अपने प्रोडक्ट डंप करने लगेंगे, हताशा-निराशा के उस माहौल में 2014 से पहले यूपीए सरकार सिर्फ चार देशों के साथ ही कॉम्प्रिहेंसिव ट्रेड एग्रीमेंट कर पाई थी। जबकि, बीते दशक में भारत ने जो ट्रेड डील्स की हैं, उनमें दुनिया के 38 कंट्री कवर होते हैं, 38 कंट्री। और यह दुनिया के अलग-अलग रीजन्स में हैं। आज हम इसलिए दुनिया के साथ ट्रेड डील्स कर रहे हैं क्योंकि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। आज का भारत, दुनिया के साथ कंपीट करने के लिए तैयार है। बीते 11 वर्षों में भारत ने मैन्युफैक्चरिंग का एक मजबूत इकोसिस्टम देश में विकसित किया है। इसलिए, आज भारत समर्थ है, सशक्त है और इसलिए दुनिया भी हम पर भरोसा करती है। यही बदलाव हमारी Trade Policy में आए Paradigm Shift का आधार बने और यही Paradigm Shift विकसित भारत की हमारी यात्रा का अनिवार्य स्तंभ बना है।

साथियों,

आज हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ देश के हर नागरिक को विकास में सहभागी बनाते हुए कार्य कर रही है। जो विकास की दौड़ में पीछे छूट गया, हम उसके विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं। पहले की सरकारों ने दिव्यांग जनों के लिए सिर्फ घोषणाएं कीं, हम भी उसी रास्ते को जारी रख सकते थे, लेकिन ये सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण है। आप में से शायद जो बातें मैं बता रहा हूं, आप जिस लेवल के लोग हैं, शायद उसमें फिट नहीं बैठती होगी। हमारे दिव्यांग जनों के लिए जैसे हमारे यहां Language में बिखराव है ना, Sign Language का भी वही हाल था जी। तमिलनाडु में जाओ तो एक Sign Language, उत्तर प्रदेश में जाओ तो दूसरी, गुजरात में जाओ तो तीसरी, असम में जाओ तो चौथी, अगर यहां का दिव्‍यांग असम गया, तो बेचारा समझ ही नहीं पाता था। अब यह कोई बड़ा काम तो नहीं था। अगर संवेदनशील सरकार होती है ना, तो उसको यह काम छोटा नहीं लगता है। और देश ने पहली बार Indian Sign Language को institutionalise किया, common किया, व्यवस्था बनाई है। ऐसे ही, देश की Transgender community कब से अपने अधिकारों के लिए लड़ रही थी। हमने उनके लिए भी कानून बनाकर उन्हें सम्मान से जीने का कवच दिया है। बीते दशक में ही देश की करोड़ों बहनों को तीन-तलाक की कुरीति से मुक्ति मिली, लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण पक्का हुआ।

साथियों,

आज सरकारी मशीनरी की सोच भी बदली है, उसमें संवेदनशीलता आई है। सोच का अंतर क्या होता है, यह हम जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज देने वाली स्कीम में भी देखते हैं। विपक्ष के कुछ लोग हमारा मजाक उड़ाते हैं और कुछ अखबारों में जरा छपता भी ज्यादा है। कोई मजाक उड़ाता है कि जब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल ही गए हैं, तो उनको मुफ्त राशन क्यों मिलता है? अजीबोगरीब सवाल है। अगर आप बीमार हैं, अस्पताल में गए और अस्पताल से आपको छुट्टी मिली, तो भी डॉक्टर कहता है कि सात दिन तक यह-यह संभालना, पंद्रह दिन तक यह-यह संभालना, कहता है कि नहीं कहता है? गरीबी से बाहर निकले हैं, लेकिन यह सवाल पूछ रहे हैं कि निकले हैं, तो फिर अनाज क्यों देते हो? ऐसी संकीर्ण मानसिकता वाले लोग, यह नहीं सोचते कि सिर्फ गरीबी से बाहर निकालना काफी नहीं होता, बल्कि जो व्यक्ति नियो मिडिल क्लास में आया है, वो फिर गरीबी के चंगुल में न फंस जाए, यह भी सुनिश्चित करना पड़ता है। इसलिए उसे आज अनाज मुफ्त की सुविधा मिल रही है, यह आवश्यक है। बीते वर्षों में केंद्र सरकार ने इस योजना पर लाखों करोड़ रुपए खर्च किए हैं, इससे गरीब और नियो मिडिल क्लास को बहुत बड़ा संबल मिला है।

साथियों,

सोच का एक और फर्क हम अपने आसपास भी देखते हैं। कुछ लोग हैं, जो कहते हैं कि ये मोदी 2047 की बात क्यों करता है? 2047 में विकसित भारत बनेगा, नहीं बनेगा, किसने देखा? हम रहें या ना रहें, उससे हमारा लेना देना क्या है? अब देखिए, यह सोच है और यह बड़े-बड़े लोगों की सोच है, यह कोई मैं अपने शब्द नहीं बता रहा हूं।

साथियों,

जिन लोगों ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, लाठियां खाईं, कालापानी की सज़ाएं पड़ी, फांसी के तख्त पर चढ़ गए, अगर वो भी यही सोचते कि आजादी पता नहीं कब मिले, हम क्यों आज आजादी के लिए लाठी खाएं, तो सोचिए, क्या उस सोच के साथ देश कभी आजाद हो पाता क्या? जब राष्ट्र प्रथम का भाव हो, जब देश हित सर्वोपरि हो, तो हर निर्णय देश के लिए होता है, हर नीति देश के लिए बनती है। हमारी सोच स्पष्ट है, विजन साफ है, हमें देश को विकसित बनाने के लिए निरंतर काम करना है। 2047 तक हम रहें न रहें, लेकिन यह देश रहेगा, इस देश की संतानें रहेंगी। इसलिए हमें और इसलिए हमें अपना आज खपाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों का कल सुरक्षित रहे, उज्ज्वल रहे। मैं आज अपनी आज बो रहा हूं क्योंकि कल की पीढ़ी को फल खाने को मौका मिले।

साथियों,

दुनिया को अब डिसरप्शन के साथ जीने के लिए तैयार रहना होगा। समय के साथ इनके नेचर में बदलाव आएगा, लेकिन यह तय है कि अब व्यवस्थाएं बहुत तेजी से बदलेंगी। AI से जो Disruption हो रहे हैं, वो तो आप देख ही रहे हैं। आने वाले समय में AI और भी क्रांतिकारी बदलाव लेकर आने वाली है, भारत इसके लिए भी तैयार है। कुछ ही दिनों में भारत में ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट होने जा रही है। दुनिया के अनेक देश, दुनियाभर के टेक लीडर्स, इस समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं। सभी के साथ मिलकर, हम एक बेहतर विश्व बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। इसी भरोसे के साथ, एक बार फिर इस Summit के लिए आप सभी को बहुत सारी मेरी शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद!

वंदे मातरम!