नागालैंड के लिए हमारा मंत्र रहा है- शांति, प्रगति और समृद्धि, और यही वजह है कि बीजेपी पर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है: दीमापुर में पीएम मोदी
पूर्वोत्तर का इस्तेमाल केवल कांग्रेस द्वारा ATM के रूप में किया जाता था। वे इस क्षेत्र से पैसा निकालते थे और दिल्ली ले जाते थे, अपने आकाओं की तिजोरियां भरते थे: दीमापुर में पीएम मोदी
पहले नॉर्थ-ईस्ट में 'DIVIDE' की राजनीति थी, अब हमने इसे 'DevINE' शासन योजना में बदल दिया है: नागालैंड के दीमापुर में पीएम मोदी

नमस्कार,
आपने खान किनी का असे?
दीमापुर में दूर-सुदूर से पहुंचे सभी साथियों को मेरा नमस्कार !

नागालैंड की सांस्कृतिक विविधता से मैं हमेशा प्रभावित रहा हूं। आपका ये प्यार देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं बीजेपी-NDPP के पक्ष में बहुत बड़ा जनसमर्थन देख रहा हूं। नागालैंड में विकास और विश्वास की लहर चल रही है।

भाइयों और बहनों,
नागालैंड में बीजेपी-NDPP सरकार के लिए इतना समर्थन आज इसलिए है, क्योंकि हम नॉर्थ ईस्ट के तेज विकास का संकल्प लेकर दिन-रात काम कर रहे हैं। नॉर्थ ईस्ट के लिए, नागालैंड के लिए, कांग्रेस और उसके पार्टनर्स की पॉलिसी रही है- वोट पाओ और भूल जाओ। कांग्रेस के दिल्ली के नेता नागालैंड की तरफ देखते तक नहीं हैं। कांग्रेस और इसके सहयोगियों की सरकारों ने अपनी politics में नागालैंड की stability और नागालैंड की prosperity को कभी भी महत्व नहीं दिया। तभी कांग्रेस के शासनकाल में नागालैंड में हमेशा political instability रही। कांग्रेस के लोगों ने नागालैंड की सरकार को दिल्ली से रिमोर्ट कंट्रोल से चलाया। इसका कारण ये है कि दिल्ली में पहले फैमिली फर्स्ट वाली सोच थी। दिल्ली से लेकर दीमापुर तक इन लोगों ने परिवारवाद को ही प्राथमिकता दे रखी थी। इसलिए नागालैंड सहित पूरा नॉर्थ ईस्ट आज कांग्रेस को उसके किए कामों को, पापों की सज़ा दे रहा है।

साथियों,
बीजेपी की, एनडीए की हमारी सरकार ने पूरे नॉर्थ ईस्ट के लिए दिल्ली की पॉलिटिकल सोच को ही बदल दिया है। कांग्रेस के समय में नॉर्थ ईस्ट को सिर्फ कांग्रेस के नेताओं को एक जेब भरने के लिए, हमेशा नॉर्थ ईस्ट को ATM ही माना, ATM की तरह Use किया। आप जानते हैं जब पैसों की जरूरत होती है, लोग ATM से पैसे निकालते हैं। ये दिल्ली में बैठे हुए कांग्रेस के नेता नॉर्थ ईस्ट के हक का जो पैसा था न वो ATM की तरह निकालकर दिल्ली ले जाते थे। सरकार का पैसा यहां जनता के पास नहीं, बल्कि करप्ट पार्टियों की तिजोरी में पहुंचता था।

साथियों,
आपको याद होगा, कांग्रेस के एक पूर्व प्रधानमंत्री कहते थे कि वो दिल्ली से 1 रुपया भेजते हैं और जनता तक 15 पैसा ही पहुंचता है। लेकिन नॉर्थ ईस्ट तक तो पहले ये 15 पैसा भी नहीं पहुंचता था। 10 साल पहले कोई सपने में नहीं सोच सकता था कि नॉर्थ ईस्ट में कभी हालात भी बदल सकते हैं। लेकिन बीजेपी ने टेक्नोलॉजी की ताकत से करप्शन पर बड़ा प्रहार किया है। आज दिल्ली से भेजा पूरा रुपया आपके बैंक अकाउंट में पहुंच रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि का लगभग 400 करोड़ रुपया नागालैंड के हज़ारों किसानों के बैंक अकाउंट में सीधा आया है। बीच में कोई कट नहीं, कमीशन नहीं। बीच में कोई ATM नहीं। कोरोना काल में यहां की हज़ारों बहनों के बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपए सीधे दिल्ली से यहां आपके खाते में जमा हुए हैं। एक पैसा भी कहीं लीक नहीं हुआ।

साथियों,
आपको याद होगा, राशन को लेकर पहले कितनी परेशानी होती थी। जिसके पास राशन कार्ड था उसे पैसा देकर भी पूरा राशन नहीं मिल पाता था। आज केंद्र सरकार नागालैंड के हज़ारों परिवारों को मुफ्त राशन दे रही है, पूरा राशन दे रही है।

भाइयों और बहनों,
ये इसलिए हो पा रहा है क्योंकि हम नागालैंड को, नॉर्थ ईस्ट के आठ राज्यों को कांग्रेस की तरह ATM नहीं, बल्कि हमारे लिए तो ये अष्टलक्ष्मी है, अष्टलक्ष्मी है। इस अष्टलक्ष्मी को भारत की ताकत मानते हैं। नॉर्थ ईस्ट का कल्चर, यहां का यंग टैलेंट और यहां के रिसोर्सेस नॉर्थ ईस्ट के ही काम आए, इसके लिए हमने काम शुरू किया है। इसलिए हमारा ये प्रयास है कि दिल की दूरियां भी मिटें और दिल्ली से दूरी भी कम हो। हमने दिल्ली को भी कनेक्ट किया है और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से गांवों और शहरों को भी आपस में कनेक्ट किया है। बीते 9 वर्षों में दर्जनों बार मैं खुद आपके बीच आया हूं। केंद्र सरकार के मंत्री यहां बार-बार आते हैं। यहां के प्रसिद्ध हॉर्निबिल फेस्टिवल की रौनक, मैं कभी नहीं भूल सकता। मुझे इस बात की खुशी है कि दिलों की दूरियां मिटाने में नागालैंड बीजेपी की टीम भी बहुत ही अच्छा काम कर रही है। यहां के हमारे बीजेपी प्रेसिडेंट, तेमजन इमना, की बातें आज पूरा देश सुनता है, मजा लेता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर वे नागालैंड और नॉर्थ ईस्ट को शानदार तरीके से रिप्रेजेंट कर रहे हैं। मैं भी सोशल मीडिया में उनको हमेशा देखने की कोशिश करता हूं। आज़ाद भारत के इतिहास में नागालैंड को पहली राज्यसभा एमपी देने का अवसर भी एनडीए को ही मिला है। फान्गनॉन कोन्याक जी आज देश की संसद में नागालैंड की बहनों-बेटियों के टैलेंट और कैपेबिलिटी को रिप्रेज़ेंट कर रही हैं। इसके अलावा ये महिलाओं को सम्मान देने वाले नागा कल्चर का भी सम्मान है। ये रानी गाइदिन्ल्यू के प्रति भी हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है। और ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे गुजरात में रानी गाइदिन्ल्यू जी का स्वागत करने का सौभाग्य मिला था। जब मैं राजनीतिक जीवन में नहीं था, मैं सामाजिक जीवन में काम करता था।

साथियों,
आप सभी ने मेरा मन की बात कार्यक्रम जरूर सुना होगा। मैं मन की बात में भी नागालैंड की अक्सर चर्चा करता रहता हूं। नागा कल्चर, क्राफ्ट, नागा लाइफ स्टाइल और यहां के म्यूजिक को प्रमोट करने वाली "लिडि-क्रो-यू" संस्था के बारे में मैंने मन की बात में, विस्तार से बात की थी। नागालैंड की किंग चिली आज देश-विदेश में धूम मचा रही है। नागालैंड के किसानों के इस सामर्थ्य को भी मैंने देश के साथ शेयर किया है। नागालैंड में आज जो भी अच्छा काम हो रहा है, वो देश तक पहुंच रहा है और उसपर पूरा देश गर्व करता है।

साथियों,
अपने ही लोगों पर अविश्वास करके देश नहीं चलता। देश चलता है अपने लोगों का सम्मान करके, उनकी समस्याओं का समाधान करके। इसलिए पहले जहां नॉर्थ ईस्ट में DIVIDE की Politics चलती थी, हमने उसे DIVINE Governance model में बदला है। आज PM-DIVINE के रूप में विशेष योजना नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए हम चला रहे हैं। इस योजना के तहत ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि नॉर्थ ईस्ट के विकास से जुड़े प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों।

भाइयों और बहनों,
नागालैंड के लिए हमारा मंत्र रहा है- Peace, Progress and Prosperity. इसलिए नागालैंड का भरोसा बीजेपी पर, एनडीए पर लगातार बढ़ रहा है। बीते वर्षों में अनेक युवाओं ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है। और मुझे खुशी है जैसे मैं नागालैंड आता हूं वैसे मैं एक बार सभी हमारे गांव-बूढ़े जो नेता हैं, उन सबको मेरे घर दिल्ली बुलाया था, उनका स्वागत सम्मान किया था। और उन्होंने मुझे इतने आशीर्वाद दिए थे, इतने आशीर्वाद दिए थे कि आज भी गांव-बूढे़ हर कोई मुझे उतना ही आशीर्वाद देता रहता है। पिछले 9 वर्षों में नागालैंड में हिंसा की घटनाओं में लगभग 75 प्रतिशत कमी आई है। 75 पर्सेंट रिड्यूस हुआ है। नागालैंड में अनेक क्षेत्रों से AFSPA को हटाया जा चुका है। पूरे नागालैंड में AFSPA की ज़रूरत ना पड़े, इसके लिए हम दिन-रात ईमानदारी से जुटे हैं। नागालैंड में permanent peace और Progress ही भाजपा की Politics का आधार है। नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में बीजेपी और एनडीए सरकारें होने से बॉर्डर से जुड़े disputes भी तेज़ी से हल हो रहे हैं। इससे भी इस पूरे क्षेत्र में progress और prosperity के लिए नए अवसर बन रहे हैं। 2 मार्च को फिर सरकार बनने के बाद यहां Extortion करने वालों पर भी, और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भाइयों और बहनों,
बीजेपी और एनडीए सरकार नागालैंड के, नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए कमिटेड है। पिछले 9 वर्षों में नागालैंड सहित पूरे नॉर्थ ईस्ट में रोड हो, रेल हो, हवाई कनेक्टिविटी हो, इसमें बहुत बड़ा बदलाव आया है। कांग्रेस सरकार के दौरान फाइनेंस कमीशन के तहत नागालैंड के लिए ग्रांट 2 हजार करोड़ के आसपास थी। जबकि हमारी सरकार ने इसे 2 गुणा से ज्यादा बढ़ाया है। अब ये बजट 5 हज़ार करोड़ रुपए के करीब है। साल 2014 की तुलना में नागालैंड में नेशनल हाईवे नेटवर्क लगभग दोगुना हो चुका है। नागालैंड अब म्यांमार से भी कनेक्ट हो रहा है। नागालैंड में दीमापुर एयरपोर्ट से नॉर्थ ईस्ट के 8 रूट्स पर उड़ान योजना के तहत फ्लाइट्स शुरु की गई हैं। 100 साल बाद नागालैंड को अपना दूसरा रेलवे स्टेशन मिला है। राजधानी कोहिमा को रेलवे से जोड़ने के लिए भी तेज़ गति से काम चल रहा है। जब कोहिमा तक ट्रेन पहुंच जाएगी तो ease of living और ease of doing business, दोनों बेहतर होगा।

साथियों,
भाजपा सरकार नागालैंड के युवाओं को टूरिज्म से टेक्नोलॉजी तक और स्पोर्ट्स से लेकर स्टार्ट-अप्स तक, कदम-कदम पर साथ दे रही है। कोहिमा में software technology park अपने आप में एक बहुत बड़ा Initiative है। आज जब भारत दुनिया की एक बड़ी स्पोर्ट्स पावर बनने की तरफ बढ़ रहा है, तो इसमें हमारे नागालैंड के युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका है। हम भारत की ओलंपिक फुटबॉल टीम के पहले कैप्टन, तालिमेरेन ओ को बहुत गर्व के साथ याद करते हैं। स्पोर्ट्स की इतनी rich legacy नागालैंड के पास है। नागालैंड का ये स्पोर्ट्स पोटेंशियल देश के काम आए, इसके लिए एनडीए सरकार काम कर रही है। इसी लक्ष्य के साथ नागालैंड में खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया गया है। इससे Wrestling, आर्चरी और Boxing जैसे खेलों में नागालैंड के युवाओं को Best facilities मिल रही हैं।

साथियों,
एनडीए सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चल रही है। इसलिए हम गरीबों के, आदिवासियों के, महिलाओं के विकास पर बहुत अधिक फोकस कर रहे हैं। ये समाज का वो हिस्सा है, जो विकास के लाभ से वंचित रहा है। इसलिए आज हमारी हर स्कीम में इस वर्ग को प्राथमिकता दी जा रही है। गरीब को घर हो, टॉयलेट हो, बिजली हो, गैस कनेक्शन हो, ये सब भी बीजेपी सरकार गरीब के पास जाकर खुद दे रही है। आप कल्पना कीजिए, गरीबों के 55 हज़ार से अधिक घर नागालैंड के लिए स्वीकृत किए गए हैं। पाइप से घर-घर पानी मिले, ये तो नागालैंड के एक बहुत बड़े हिस्से की बहनों का सपना होता था। पिछले साढ़े 3 वर्षों में ही नागालैंड के साढ़े 3 लाख से अधिक परिवारों तक पाइप से पानी की सुविधा पहुंची है। इसका सबसे अधिक लाभ हमारी ट्राइबल बहनों को हुआ है। आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी बहुत बड़ी संख्या में हमारी बहनों को हुआ है, आदिवासी परिवारों को हुआ है। नागालैंड के हजारों साथियों ने इस स्कीम के तहत मुफ्त इलाज कराया है। भाजपा सरकार ना रीजन को लेकर भेदभाव करती है और ना ही रीलिजन को देखकर भेदभाव करती है। आप याद करिए, जब कोरोना महामारी फैली, जब वैक्सीन आई, तो हमने सबको वैक्सीन पर जोर दिया, सबको बिना भेदभाव वैक्सीन लगाई।

साथियों,
बीजेपी-एनडीए सरकार की हर योजना चाहे इंफ्रास्ट्रक्चर की हो या फिर वेलफेयर की, ये सबके लिए हैं, सबके हित में है। कोई भेदभाव नहीं। यही सबका विकास है। सबका विकास का एक और उदाहरण हमारी किसानों से जुड़ी योजनाएं हैं। हमारी सरकार छोटे किसानों, आदिवासी किसानों को मदद दे रही है। दीमापुर सहित इस पूरे क्षेत्र में जैसे-जैसे कनेक्टिविटी बढ़ रही है, वैसे-वैसे छोटे किसानों के लिए संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। नैचुरल फार्मिंग और मिलेट्स-श्रीअन्न को प्रमोट करने के लिए बहुत बड़े कदम इस वर्ष के बजट में उठाए गए हैं। इससे नागालैंड के छोटे किसानों, ट्राइबल किसानों को बहुत लाभ होने वाला है। इससे नागालैंड की ऑर्गेनिक खेती को बल मिलने वाला है। बांस की खेती को लेकर भी जो पुराना कानून था, उसको भी बीजेपी सरकार ने बदला है। इसका लाभ आज नागालैंड के आदिवासी परिवारों को हो रहा है। इसी सेवा भावना की वजह से देश के ट्राइबल बेल्ट में बीजेपी को बहुत प्यार मिल रहा है। वही प्यार, वही उत्साह मैं नागालैंड में भी देख रहा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि वोटिंग के दिन हर बूथ में भी यही उत्साह दिखेगा। अभी त्रिपुरा में चुनाव हुआ, पिछले हफ्ते। 80-90 प्रतिशत तक वोटिंग हुआ, और कई दशकों के बाद, त्रिपुरा में भाजपा सरकार बनने के बाद, पूरे चुनाव में मतदान हो गया, कहीं पर भी हिंसा की कोई घटना नहीं घटी, किसी की हत्या नहीं हुई, बहुत दशकों के बाद पहली बार हुआ है क्योंकि वहां भाजपा की सरकार है। शांतिपूर्ण पूरे नार्थ ईस्ट में चुनाव जब भी मौका आता है आज वो वातावरण बना है।
बीजेपी-NDPP के हर उम्मीदवार को आप भारी मतों से जिताएं। और मुझे भी नागालैंड की सेवा करने की अधिक ताकत दें। इसीलिए आज मैं आपके पास आया हूं, ताकि मैं गांव-बूढ़ों को जो वादा किया है मैं हर दिन वो वादे पूरा करना चाहता हूं। नागालैंड की जनता को जो मैंने वादे किए हैं वो हर वादे मैं पूरा करना चाहता हूं। नागालैंड के युवाओं को, नागालैंड की महिलाओं को, नागालैंड के किसानों को मैंने जो वादे किए हैं उन वादों को मुझे धरती पर उतारना है। और हमारे इन साथियों की मदद से वो उतारना संभव होने वाला है। इसीलिए मुझे आपका वोट चाहिए, इसीलिए मुझे आपकी मदद चाहिए। आप इतनी बड़ी तादाद में आकर के आशीर्वाद दिए, मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूं।
बहुत-बहुत धन्यवाद !

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Just as the Netherlands is known for tulips, India is known for the lotus: PM Modi in The Hague
May 16, 2026

भारत माता की जय !!!!

इतना प्यार। इतना उत्साह। सच कहूँ, कुछ देर के लिए मैं भूल ही गया था कि मैं नेदरलैंड्स में हूँ। ऐसे लग रहा है जैसे भारत में ही कहीं कोई festival चल रहा है!

वैसे तो The Hague को दुनिया "City of Peace and Justice” के रूप में जानती है। लेकिन आज यहाँ जो माहौल है उसे देखकर लग रहा है कि The Hague, Living Symbol of Indian Friendship बन गया है!

ये दिखाता है कि पासपोर्ट का रंग बदल सकता है, Address भी बदल सकता है, Time Zone भी बदल सकता है लेकिन मां भारती की संतानें कहीं भी रहें ये गर्मजोशी, ये वाइब्रेंसी लाइफ को सेलिब्रेट करने का जज्बा ये हमेशा हमारे साथ रहता है। मैं आप सभी का, इस वॉर्म वेलकम के लिए बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। और जब मैं यहाँ प्रवेश कर रहा था तो पूरा महाराष्ट्र, और छत्रपति शिवाजी महाराज, और मेरो प्यारों राजस्थान, और ए फॉर असम ...

साथियों,

आप सभी से मुलाकात के बाद आज मुझे His Majesty The King और Her Majesty The Queen से मिलने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री रॉब येत्तेन से भी विस्तार से कहीं विषयों पर चर्चा होगी।

बीते वर्षों में जब भी मेरी नेदरलैंड्स के leaders से बात हुई है वे हमेशा भारतीय डायस्पोरा की बहुत प्रशंसा करते आए हैं। मतलब की आप सब की प्रशंसा करते हैं। आप नेदरलैंड्स के समाज और यहां की इकॉनॉमी में जो कंट्रीब्यूट कर रहे हैं उस पर हर भारतवासी को गर्व है।

मैं आज इस अवसर पर नेदरलैंड्स की जनता का यहां की सरकार का आभार व्यक्त करता हूं। मैं यहां की जनता को 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

मैं पहले भी नेदरलैंड्स आता रहा हूँ। मेरे पुराने साथी यहाँ बैठें हैं। और यहां रहने वाले भारतीय समुदाय से भी काफी परिचय रहा है। यहाँ बैठे अनेक परिवारों की कहानी, केवल Migration की कहानी नहीं है। यह एक संस्कृति की आस्था की तमाम संघर्षों के बीच प्रगति की कहानी है।

उस दौर में तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि दो महासागर पार करने के बाद भी भारतीयों की पहचान इतनी जीवंत रहेगी। आपके पूर्वज बहुत कुछ पीछे छोड़कर आए थे लेकिन कुछ चीजें हमेशा उनके साथ रहीं अपनी मिट्टी की खुशबू, अपने त्योहारों की स्मृतियाँ, भजन की धुनें, और अपने पूर्वजों के संस्कार।

साथियों,

मानवता का इतिहास साक्षी है कि समय के साथ अनेक संस्कृतियां मिट गईं। लेकिन भारत का डायवर्स कल्चर, आज भी अपने लोगों के दिलों में धड़कता है। पीढ़ियाँ बदल गईं देश बदल गए परिवेश बदल गए लेकिन परिवार के संस्कार नहीं बदले। अपनापन नहीं बदला। आपने डच भाषा को अपनाया लेकिन अपने पुरखों की भाषा को भी छोड़ा नहीं।

हमारे कम्यूनिटी रेडियो स्टेशन्स यहां बहुत पॉपुलर है। और इन स्टेशन्स के माध्यम से भारत का संगीत और संस्कृति भी डच फैमिलीज तक पहुंच रहे हैं। द गांधी सेंटर हो या फिर अलग-अलग शहरों के स्कूल आप अपनी संस्कृति को भावी पीढ़ियों तक पहुंचा रहे हैं। ये बहुत सराहनीय है। आप सब अभिनन्दन के अधिकारी हैं।

साथियों,

आज 16 मई है और ये दिन एक और वजह से बहुत विशेष है। आज से 12 वर्ष पहले 16 मई 2014 में कुछ खास हुआ था। 2014 में आज के ही दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे। दशकों बाद भारत में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार का बनना पक्का हुआ था। एक वो दिन था और एक आज का दिन है कोटि-कोटि भारतवासियों का विश्वास मुझे न रुकने देता है और न थकने देता है। ये नॉन स्टॉप चले ही जा रहा है।

साथियों,

बहुत छोटी आयु से ही मैं देशभक्ति के रंग में रंग गया। आप ही मेरा परिवार बन गया। स्वर्ग सच समष्टि की और चल पड़ा। अहम् से वयं का रास्ता चुन लिया।

और फिर तो आप का सुख ही मेरा सुख बन गया। आपका कल्याण ही मेरा कर्तव्य बन गया। और समर्पित भाव से आप सब की आशीर्वाद से कुछ न कुछ करता रहा। लेकिन जनता जनार्दन का इतना प्यार मिलेगा...ये तो कल्पना में भी नहीं था।

जब पीछे मुड़के देखता हूँ तो 13 वर्ष मुख्यमंत्री के रूप में, 12 वर्ष प्रधानमंत्री का सेवाकाल, डेमोक्रेटिक वर्ल्ड में 25 वर्षों तक करोड़ों-करोड़ वोटर्स का लगातार समर्थन ये मेरे लिए बहुत ही बड़े सौभाग्य की बात है।

मेरे लिए ये सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है ये आपका आशीर्वाद ये मेरी बहुत बड़ी पूंजी है। देश का ये प्यार, ये आशीर्वाद मुझे अपने जीवन का पल-पल देशवासियों के सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है।

साथियों,

दुनिया का कोई भी देश हो अगर उसे आगे बढ़ना है तो उसे बड़े सपने देखने ही होंगे। आज हमारा भारत भी बहुत बड़े सपने देख रहा है। आज देश कह रहा है - हमें सिर्फ ट्रांसफॉर्मेशन नहीं चाहिए हमें best चाहिए। और हमें बेस्ट ही नहीं हमें fastest चाहिए। और इसलिए जब भारत में Aspirations Unlimited हैं, तो Efforts भी Limitless हो रहे हैं।

जैसे भारत के युवाओं का उदाहरण है। आज भारत का युवा आसमान छूना चाहता है। वो startup शुरू करना चाहता है, वो quality products बनाना चाहता है, वो drone मैन्यूफैक्चर करना चाहता है, वो AI और semiconductor की दुनिया में भारत को आगे ले जाना चाहता है।

इसीलिए ही भारत का Startup ecosystem लगातार मजबूत हो रहा है अब हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्ट अप इकोसिस्टम वाले देश हैं।

और साथियों,

आज भारत की aspiration सिर्फ अपनी सीमाओं तक नहीं है। भारत चाहता है वो Olympics host करे, global manufacturing hub बने,green energy leader बने, और दुनिया का growth engine बने।

बात वही है, Aspirations Unlimited हैं, और हमारे efforts की स्केल भी उतनी ही बड़ी है। record highways कंस्ट्रक्शन, record rail electrification, वंदे भारत जैसी सेमी-हाइस्पीड ट्रेनें, और दुनिया का इतना बड़ा renewable expansion, बड़े से बड़ा लक्ष्य हो, आज का भारत कहता है हम ये लक्ष्य पाकर ही रहेंगे। और हम ये करके दिखा रहे हैं।

साथियों,

आज का भारत, एक अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है। आपने हाल में देखा होगा कि दुनिया की सबसे बड़ी और सफल AI समिट भारत ने आयोजित की। उससे पहले G-20 की सफल समिट भी भारत ने आयोजित की थी। ये कोई वन टाइम इवेंट नहीं था ये आज के भारत का मिज़ाज बन गया है।

दुनिया का सबसे बड़ा यूनीक आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम भारत ने चलाया। दुनिया के सबसे बड़े फाइनेंशियल इंक्लूजन प्रोग्राम में से एक भारत ने चलाया। जिस स्केल पर भारत डिजिटलाइजेशन कर रहा है, वो अभूतपूर्व है। दुनिया की सबसे बड़ी govt funded हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम् भारत चला रहा है।

और हां, चांद पर भी भारत वहां पहुंचा, जहां पहले कोई नहीं पहुंच पाया था। और नूक्लीयर एनर्जी में दुनिया के सबसे एडवांस्ड फास्ट ब्रीडर रिएक्टर पर भी आज सफलता के साथ भारत काम कर रहा है।

साथियों,

भारत की जो ये स्केल है, ये हम इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में भी देख रहे हैं। आज भारत में जो सोलर पार्क बन रहे हैं वो विश्व के सबसे बड़े पार्क्स में से एक हैं।

सबसे ऊंची और लंबी टनल्स हों, सबसे ऊंचे और लंबे bridges हों, सबसे लंबे एक्सप्रेसवे हों, सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क हो, सबसे बड़े सिविल एविएशन नेटवर्क हों, सबसे बड़े इलेक्ट्रिफाइड रेल नेटवर्क हों, इनमें से अनेक आज भारत में बन रहे हैं।

बीते सालों में भारत ने धरती से चंद्रमा की दूरी जितनी है, उससे भी 11 गुणा अधिक ऑप्टिकल फाइबर बिछाया है। एक दशक पहले हम मोबाइल फोन इंपोर्ट करते थे आज भारत, दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन मैन्युफेक्चरर है।

साथियों,

ये जो स्पीड और स्केल है इसके अलावा आज के भारत की एक और पहचान है। आज का भारत Innovation powered है। हमारे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की चर्चा आज पूरी दुनिया में होती है। ये भारतीयों के इनोवेशन का बहुत बड़ा प्रमाण है।

आज पैसा रखना हो- तो डिजिटल वॉलेट है, डॉक्यूमेंट्स रखने हों- तो डिजी लॉकर है। ट्रैवल करना हो- तो डिजी यात्रा है। हेल्थकेयर का लाभ लेना हो- तो डिजिटल हेल्थ आईडी है।

साथियों,

आज भारत में हर महीने twenty Billion से ज्यादा UPI ट्रांजेक्शन होते हैं। यानि, पूरी दुनिया में हो रहे डिजिटल ट्रांजेक्शन में, आधे से ज्यादा, केवल भारत में हो रहें हैं।

और स्टार्ट अप तो, आज भारत के युवाओं का मिज़ाज बन चुका है। बारह साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्ट-अप्स थे, आज ये संख्या बढ़कर 2 लाख से ज्यादा हो गई है। और स्टार्टअप के दुनिया में भी, 2014 में भारत में सिर्फ चार यूनिकॉर्न थे। आज भारत में करीब सवा सौ एक्टिव यूनिकॉर्न हैं। 2025 में ही, करीब 44 हजार और नए startups रजिस्टर हुए हैं। आज AI, डिफेंस और स्पेस सेक्टर में हमारे स्टार्ट अप्स बहुत ही शानदार काम कर रहे हैं।

समय के साथ, रिसर्च और इनोवेशन का ये कल्चर और विराट होता जा रहा है। पिछले वर्ष ही भारत में सवा लाख से अधिक पेटेंट्स फाइल किए गए हैं।

साथियों,

भारत चिप मेकिंग में, सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी बड़े कदम उठा रहा है। अभी भारत में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर काम चल रहा है। इनमें से दो प्लांट्स में प्रोडक्शन भी शुरु हो चुका है। यानि अब चिप भी, डिजाडन्ड इन इंडिया, मेड इन इंडिया होगी।

साथियों,

भारत की ये aspiration driven जर्नी, हमारी डेमोक्रेसी को भी सशक्त कर रही है। जब लोगों के सपने सच होते हैं तो लोकतंत्र पर उनका भरोसा भी मजबूत होता है।

साथियों,

मैं आपको हाल के विधानसभा चुनावों का उदाहरण देता हूं। असम, बंगाल, केरलम्, तमिलनाडु और पुडुचेरी में इस बार Eighty से Ninety Percent तक वोटिंग हुई। इसमें भी वीमेन पार्टिसिपेशन बहुत ज्यादा बढ़ी है। ये हर राज्य का ट्रेंड है।

आज भारत में वोटर उत्साहित हैं, आप भी उत्साहित हैं। साथियों, हमें गर्व होता है की हर साल वोटिंग के रिकॉर्ड टूट रहे हैं।

साथियों,

भारत में 90 करोड़ से अधिक वोटर रजिस्टर्ड हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में sixty four करोड़ लोगों ने वोट डाला। यानि यूरोपियन यूनियन की टोटल पॉपुलेशन से भी ज्यादा भारतीयों ने वोटिंग की। भारत अपने हर सिटिजन की डेमोक्रेटिक पार्टिसिपेशन को वैल्यू करता है। और मदर ऑफ डेमोक्रेसी के रूप में, ये हम सभी के लिए बहुत गर्व की बात है।

साथियों,

भारत जब सफल होता है तो पूरी मानवता को उसका फायदा होता है। लेकिन आज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां भी हैं। आज की दुनिया, किस तरह नई-नई चुनौतियों से जूझ रही है।

पहले कोरोना आया फिर युद्ध होने शुरू हुए और अब आज की एनर्जी क्राइसिस है। ये दशक, दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बन रहा है।

हम सभी देख रहे हैं। अगर, ये स्थितियां तेजी से नहीं बदली गईं तो बीते अनेक दशकों की उपलब्धियों पर पानी फिर जाएगा। दुनिया की बहुत बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दलदल में चली जाएगी।

साथियों,

ऐसी वैश्विक परिस्थितियों में आज दुनिया resilient supply chain की बात कर रही है। और तब भारत और नेदरलैंड्स मिलकर, एक trusted, transparent और future-ready supply chain बनाने में जुटे हैं।

एनर्जी सिक्योरिटी से लेकर वॉटर सिक्योरिटी तक नेदरलैंड्स और भारत, मिलकर काम कर रहे हैं। ग्रीन हाईड्रोजन को लेकर हमारा को-ऑपरेशन बहुत महत्वपूर्ण है। और भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच जो ऐतिहासिक ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है इससे भारत और नेदरलैंड्स की साझेदारी और मजबूत होगी।

और इसका लाभ आप सभी को होगा। भारतीय businesses के लिए Europe में प्रवेश का natural gateway Netherlands बनेगा। और इस journey में हमारा diaspora trusted bridge बन सकता है। और में इसलिए कहता हूँ की diaspora India की ambition को भी समझता है और Europe के standards को भी जानता हैं। इससे यहां बसे भारतीयों को भी भारत के high-quality products के अधिक अवसर मिलेंगे।

साथियों,

नेदरलैंड्स ट्यूलिप की धरती है, और यहां के खूबसूरत ट्यूलिप्स को देखने के लिए दुनिया भर के लोग यहां आते हैं। भारत में भी, दुनिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन्स में से एक हमारे जम्मू-कश्मीर में है, श्रीनगर में है।

और जिस तरह नेदरलैंड्स को ट्यूलिप्स के लिए जाना जाता है, वैसे ही भारत, लोटस यानि कमल के लिए जाना जाता है।

साथियों,

ट्यूलिप और कमल दोनों फूल हमें बताते हैं कि जड़ें चाहे पानी में हों या धरती पर अगर सही पोषण मिले तो सुंदरता भी मिलती है और स्ट्रेंथ भी आ जाती है। यही भारत और नेदरलैंड्स के बीच Partnership का भी आधार है।

साथियों,

हमारे बीच दोस्ती की एक और कड़ी है जिसकी उतनी चर्चा नहीं होती और वो है स्पोर्ट्स। हम दोनों देश, स्पोर्ट्स के क्षेत्र में बहुत कुछ मिलकर कर रहे हैं।

अब जैसे क्रिकेट है । नेदरलैंड्स की क्रिकेट में भारतीय समुदाय का बहुत बड़ा योगदान है। अभी भारत में टी-20 वर्ल्ड कप हुआ उसमें नेदरलैंड्स की टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। भारत वर्ल्ड कप चैंपियन है लेकिन भारत की टीम को भी, नेदरलैंड्स की टीम ने बहुत कड़ी टक्कर दी थी।

जब हम तेजा निदामनुरु और विक्रमजीत सिंह को नेदरलैंड्स की जर्सी में देखते हैं, या फिर, जब आर्यन दत्त जैसे युवा खिलाड़ी, डच क्रिकेट के फ्यूचर में कंट्रीब्यूट करते हैं तो हम सभी को बहुत अच्छा लगता है।

साथियों,

जैसे क्रिकेट में भारतीयों का योगदान है वैसे ही भारत की हॉकी में नेदरलैंड्स का भी बड़ा कंट्रीब्यूशन है। भारत की हॉकी को और अधिक निखारने में डच coaches की भी मेहनत रही है। हमारी वीमेन हॉकी टीम, बीते कुछ समय से शानदार परफॉर्मेंस कर रही है। इसमें, कोच मरीन का अहम रोल है।

और इस वर्ष तो हॉकी वर्ल्ड कप का होस्ट, नेदरलैंड्स भी है। और आप सभी को भारत के मैच देखने तो जाना ही जाना है। ये बात पक्की है, कि वर्ल्ड कप जो भी जीते, इतना पक्का है कि भारत और नेदरलैंड्स की दोस्ती ज़रूर जीतेगी।

साथियों,

भारत और नेदरलैंड्स के बीच के रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप, इस पार्टनरशिप के जीवंत सेतु हैं, जीवंत भी हैं। इसलिए, भारत सरकार ने सूरीनामी हिंदुस्तानी समाज के लिए, OCI Card की Eligibility चौथी पीढ़ी से बढ़ाकर छठी पीढ़ी तक कर दी है।

साथियों,

21वीं सदी का भारत अवसरों की भूमि है। भारत technology-driven भी है और humanity-driven भी। भारत जितना ancient है उतना ही modern बन रहा है।

इसलिए ये समय भारत में आपके पुरखों के गांव से जुड़ने का भी है, और विकसित भारत की जर्नी में भागीदारी का भी है। मैं नेदरलैंड्स में भारतीय समुदाय के सभी साथियों से कहूंगा आप भारत में ज्यादा से ज्यादा सहयोग बढ़ाएं इससे भारत का सामर्थ्य भी बढ़ेगा और आपके इन्वेस्टमेंट्स पर रिटर्न भी ज्यादा मिलेगा और ये, मोदी की गारंटी है।

इतनी बड़े तादाद में आप सब आये। आप सब के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। मुझे बहुत ख़ुशी हुवी। इसी भाव के साथ, मैं अपनी बात समाप्त करता हूं।

इतने गर्मजोशी भरे वेलकम के लिए, फिर से आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद !

भारत माता की जय !