विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त अभ्यर्थियों को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए गए
"रोजगार मेले की यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंची"
"हमारी सरकार युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मिशन मोड में काम कर रही है"
"हम न केवल रोजगार प्रदान कर रहे हैं बल्कि एक पारदर्शी व्यवस्था भी कायम कर रहे हैं"
"रोजगार की अधिसूचना से लेकर रोजगार पत्र तक के बीच का कुल समय काफी कम कर दिया गया है"
"आज, भारत का प्रगति पथ और उन्‍नति की गति सभी क्षेत्रों में रोजगार की नवीन संभावनाएं उत्‍पन्‍न कर रही है"
"सरकार नवीकरणीय ऊर्जा, अंतरिक्ष, ऑटोमेशन और रक्षा निर्यात जैसे नए क्षेत्रों को बढ़ावा देते हुए पारंपरिक क्षेत्रों को सुदृढ कर रही है"
आज, भारत उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए अपने युवाओं को कौशल और शिक्षा, दोनों विधाओं में समर्थ कर रहा है
"युवाओं के लिए रोजगार सृजन के अवसर प्रदान करना राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है"

नमस्कार।

रोजगार मेले की ये यात्रा इस महीने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंची है। पिछले वर्ष अक्टूबर महीने में ही रोजगार मेले की शुरुआत हुई थी। तब से निरंतर केंद्र और एनडीए शासित, भाजपा शासित राज्यों में रोजगार मेले का आयोजन लगातार किया जा रहा है, बार-बार किया जा रहा है। अब तक लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। आज भी 50 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। दीवाली में अभी कुछ ही समय बाकी है, लेकिन नियुक्ति पत्र पाने वाले 50 हजार युवाओं के परिवार के लिए ये मौका दीवाली से जरा भी कम नहीं है। आप सभी ने कड़ी मेहनत से ये मुकाम हासिल किया है। इसके लिए आप सभी मेरे नौजवान साथी विशेषकर हमारी बेटियां बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं। आपके परिवार को विशेष रूप से मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

साथियों,

देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित होने वाले रोजगार मेले युवाओं के प्रति हमारे commitment का प्रमाण है। हमारी सरकार युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर mission mode में काम कर रही है। हम ना सिर्फ रोजगार दे रहे हैं, बल्कि पूरे system को पारदर्शी भी बनाए हुए हैं, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया पर युवाओं का भरोसा बना हुआ है। हमने भर्ती प्रक्रिया को ना सिर्फ streamline किया है, बल्कि कुछ परीक्षाओं को restructure भी किया है। Staff Selection Commission (SSC) की recruitment cycle में जो समय लगता था वो लगने वाला समय अब करीब-करीब आधा हो गया है। यानि circular पत्र जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र देने तक के समय को काफी कम कर दिया है। इससे युवाओं के समय की बड़ी बचत हुई है। युवाओं के हित में सरकार ने एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। SSC ने कुछ परीक्षाओं को हिंदी, इंग्लिश और 13 क्षेत्रीय भाषाओं में लेना शुरू कर दिया है। इससे बड़ी संख्या में उन युवाओं को नौकरी के लिए आवेदन करने का अवसर मिल रहा है, जिनके रास्ते में भाषा की दीवार खड़ी थी।

साथियों,

आज भारत जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उससे हर sector में रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। आपने देखा होगा, कुछ ही दिन पहले गुजरात के धोरडो गांव को, आपको पता होगा धोरडो कच्छ जिले में पाकिस्तान की सीमा पर का गांव है। इस धोरडो गांव को United Nations ने Best Tourism Village के रूप में सम्मानित किया है। इससे पहले कर्नाटका के होयसला मंदिरों और पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन को World Heritage Site की पहचान मिली है। आप कल्पना कर सकते हैं कि इससे यहां पर्यटन की संभावना और अर्थव्यवस्था के विस्तार की संभावना कितनी बढ़ गई है। पहले, पर्यटन बढ़ने का सीधा मतलब है कि वहां रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे, जिसका फायदा, ये tourism का ही तो परिणाम है, जिसका फायदा आसपास के होटल, छोटे-छोटे दुकानदार, बस चलाने वाले, टैक्सी चलाने वाले, ऑटो रिक्शा चलाने वाले, even टूरिस्ट गाइड का काम करने वाले, हर किसी को लाभ होता है। ऐसे ही sports क्षेत्र ये ऐसे sector भी हैं जो रोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। नेशनल- इंटरनेशनल खेलों में हमारे खिलाड़ी ऐतिहासिक प्रदर्शन कर रहे हैं। ये उपलब्धियां हमारे देश के sports landscape में भी बड़े बदलाव और विकास का संकेत है। और जब sports sector का विकास होता है, तो सिर्फ बेहतर खिलाड़ी ही तैयार होते हैं, ऐसा नहीं है बल्कि इससे trainers, physios, referees और sports nutritionists जैसे अनेक नए अवसर तैयार होते हैं।

साथियों,

हम रोजगार देने वाले traditional sectors को मजबूत कर रहे हैं। और इसके साथ ही, हम renewable energy, space, automation और defense exports जैसे नए sectors को promote कर रहे हैं। Drone technology में संभावनाओं के नए द्वार खुल गए हैं। आज किसान ड्रोन्स का crop assessment और nutrients के छिड़काव में उपयोग धीरे-धीरे बहुत बढ़ रहा है। स्वामित्व योजना के तहत ड्रो न्स का land mapping में उपयोग हो रहा है। आपने कुछ दिन पहले एक वीडियो देखा होगा। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पिति में ICMR ने ड्रोन की मदद से एक जगह से दूसरी जगह दवा पहुंचाई। इस काम में पहले दो घंटे का समय लगता था लेकिन ड्रोन की मदद से ये 20, 25, 30 मिनट में ही, उससे भी कम समय में काम हो गया। ड्रोन्स ने बड़ी संख्या में startups को भी बढ़ावा दिया है। इस क्षेत्र में हो रहे निवेश से युवाओं को नए तरह के ड्रोन्स की designing में मदद मिल रही है।

मेरे परिवारजनों,

इसी महीने, हमने पूज्य बापू की जयंती भी मनाई है। गांधी जी ने चरखे को स्वदेशी और कर्मयोग के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया। जो खादी अपनी चमक खो चुकी थी, उसकी चमक भी अब वापस लौट आई है। 10 साल पहले खादी की बिक्री 30 हजार करोड़ रुपए के आस-पास थी। अब ये सवा लाख करोड़ रुपए को भी पार कर गई है। इससे खादी और ग्राम उद्योग सेक्टर में अनेक रोजगार के नए अवसर बने हैं। विशेषकर महिलाओं को इससे बहुत मदद मिली है।

साथियों,

हर देश के पास अलग तरह का सामर्थ्य होता है। किसी के पास प्राकृतिक संसाधन होते हैं, कोई खनिज से संपन्न होता है, तो किसी के पास लंबे समुद्र तट की ताकत होती है। लेकिन इस सामर्थ्य का उपयोग करने के लिए, जिस सबसे बड़ी ताकत की आवश्यकता होती है, वो होती है हमारी युवा शक्ति। युवा शक्ति जितनी ज्यादा मजबूत होगी, देश उतना ज्यादा विकास करेगा। आज भारत अपने युवाओं को skilling और education के द्वारा नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार कर रहा है। भविष्य की आधुनिक जरूरतों को देखते हुए देश में आधुनिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा रही है। देश में बड़ी संख्या में नए medical college, IIT, IIM या triple IT जैसे कौशल विकास संस्थान खोले गए हैं। करोड़ों युवाओं को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत training दी गई है। हमारे देश में करोड़ों कारीगर अपने पारंपरिक व्यवसायों के माध्यम से आजीविका चलाते हैं। ऐसे विश्वकर्मा कारीगरों उनके लिए पीएम विश्वकर्मा योजना भी शुरू की गई है। आज तकनीक के दौर में सब कुछ तेजी से बदल रहा है, इसलिए हर किसी को अपने हुनर और ज्ञान को update करते रहना होगा। कोई भी नई skill सीखने के बाद ये बहुत जरूरी है कि उसे निरंतर upskill और re-skill किया जाए। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों के traditional skills को modern technology और tools से जोड़ा जा रहा है।

मेरे परिवारजनों,

युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना, राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ये विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक जरूरी कदम है। सरकारी कर्मचारी के तौर पर आपको ऐसी सारी योजनाओं को आगे बढ़ाना है, उन्हें जमीन पर लागू करना है। आज, आप सभी राष्ट्र निर्माण की हमारी यात्रा में महत्वपूर्ण सहयोगी बनकर हमसे जुड़ रहे हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि आप अपने सपनों को आज पूरा कर रहे हैं लेकिन आप देशवासियों के सपनों की ownership ले रहे हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि इस यात्रा को लक्ष्य तक पहुंचाने में पूरी तत्परता से आपका सक्रिय, proactive योगदान बहुत जरूरी है। I-Got portal पर आप अपना ज्ञान भी बढ़ाते चलें। आपका हर कदम देश को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाने में मदद करेगा। एक बार फिर आप सभी को मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आपके परिवारजनों को भी बहुत-बहुत शुभकामनाएं और आने वाला पूरा समय, आज तो शरद पूर्णिमा है। आने वाला पूरा समय त्योहारों का समय है, आप जहां हो भले सरकारी काम में लगे हो लेकिन vocal for local इस मंत्र को हर जगह पर पहुंचाइए, आप अपने परिवारजनों को भी बताइए कि हम vocal for local के लिए committed रहेंगे और वो ही रोजगार के नए अवसर देने का भी एक माध्यम है। फिर एक बार आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया याद
August 14, 2026
प्रधानमंत्री ने परिश्रम और पुरुषार्थ के महत्व को दर्शाने वाला संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हम विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास का वह एक ऐसा क्षण था जिसने कई जिंदगियां तबाह कर दीं, लोगों के परिवार उजड़ गए, कई लोगों को अपनों को खोना पड़ा और लोगों ने अत्यधिक पीड़ा झेली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में भी लोगों ने शून्य से शुरू कर अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपरीत परिस्थितियों को उपलब्धियों में बदला और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों का जीवन सभी को मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाता है। श्री मोदी ने उम्मीद जताई कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करे।

प्रधानमंत्री ने उस भयावह दौर से उबरकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान देने वाले सभी देशवासियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अपने साहस और क्षमता से उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को साकार करने का उदाहरण प्रस्तुत किया। श्री मोदी ने सभी से सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने एक सुभाषितम् साझा करते हुए इस बात पर बल दिया कि परिश्रम, उद्यम और समर्पित प्रयासों से ही विविध कलाएं, विज्ञान, तकनीकी कौशल, शिल्प तथा नवाचार विकसित होते हैं और सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए, किसी को भाग्य के भरोसे नहीं बैठना चाहिए बल्कि साहस, कर्मठता और निरंतर प्रयास के साथ अपने लक्ष्यों की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहना चाहिए क्योंकि पुरुषार्थ ही भाग्य का निर्माता है।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर श्रृंखलाबद्ध पोस्ट में लिखा:

आज हम #PartitionHorrorsRemembranceDay मना रहे हैं। विभाजन से प्रभावित सभी लोगों के साहस को हम याद करते हैं। इतिहास का वह क्षण कई जिंदगियों को तहस-नहस कर देने वाला था…परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खोया और असहनीय पीड़ा सहनी पड़ी।
इन सब पर विजय प्राप्त करते हुए, लोगों ने शून्य से अपना जीवन पुनर्स्थापित किया, विपत्ति को सफलता में परिवर्तित किया और राष्ट्र की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उनकी जीवन यात्राएं हमें मानवीय जिजीविषा की शक्ति की याद दिलाती हैं। आशा है कि यह दिन हमारे देश में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा और हम सब मिलकर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करेंगे।

"विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।

उद्यमस्य प्रसादेन दृश्यन्ते विविधाः कलाः।
कातरा एव जल्पन्ति यद् भाव्यं तद् भविष्यति॥”

It is through hard work, enterprise and dedicated effort that diverse arts, science, technological skills, craftsmanship and innovations flourish, paving the way for success. Therefore, one should not remain dependent on fate; rather, one should move steadily towards one's goals with courage, diligence and persistent effort, for it is human endeavor that shapes destiny.