यह परिवर्तनकारी अवसंरचना परियोजना उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी और विकास को गति देगी : प्रधानमंत्री
जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश और इस देश की जीवनरेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस युग में उनके पास से गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास की नई जीवनरेखा बनेगा : प्रधानमंत्री
हाल ही में, मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर मिला : प्रधानमंत्री
मैंने तब कहा था कि ये उभरते एक्सप्रेसवे विकासशील भारत के भाग्य को आकार देने वाली जीवनरेखाएं हैं और ये आधुनिक मार्ग आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकेत दे रहे हैं : प्रधानमंत्री
गंगा एक्सप्रेसवे न केवल उत्तर प्रदेश के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ेगा, बल्कि यह एनसीआर की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा : प्रधानमंत्री

भारत माता की जय।

गंगा मइया की जय।

गंगा मइया की जय।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यहां के मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश जी पाठक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी जितिन प्रसाद जी, पंकज चौधरी जी, यूपी सरकार के मंत्रीगण, सांसद और विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि और विशाल संख्या में पधारे हुए मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

सर्वप्रथम, मैं भगवान नरसिंह की इस पुण्य भूमि को प्रणाम करता हूं। यहां से कुछ किलोमीटर की दूरी पर मां गंगा कृपा बहाती हुई गुजरती है। इसलिए, ये पूरा क्षेत्र ही तीर्थ से कम नहीं है। और मैं मानता हूं यूपी को एक्सप्रेसवे का ये वरदान, ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं।

साथियों,

जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से यूपी की और इस देश की जीवन रेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में, उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेसवे, ये यूपी के विकास की नई लाइफ लाइन बनेगा। ये भी अद्भुत संयोग है कि पिछले चार-पांच दिनों में, मैं मां गंगा के सानिध्य में ही रहा हूं। 24 अप्रैल को मैं जब बंगाल में था, तो मां गंगा के दर्शन किए थे, और फिर कल तो मैं काशी में था। आज सुबह ही फिर बाबा विश्वनाथ, मां अन्नपूर्णा और मां गंगा के दर्शन करने का सौभाग्य मिला है। और अब मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेसवे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का हमारा विजन भी झलकता है, और हमारी विरासत के भी दर्शन होते हैं। मैं यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे की बधाई देता हूं।

साथियों,

आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है। बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है, और जो खबरें आ रही हैं, उनसे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही हैं, लंबी-लंबी का कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई हैं। पिछले 6-7 दशक में जो नहीं हुआ, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी, वैसे निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार वोटिंग हो रही है। लोग भय मुक्त होकर वोट दे रहे हैं। ये देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मैं बंगाल की महान जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि वो अपने अधिकार के प्रति इतनी सजग है, बड़ी संख्या में वोटिंग कर रही है। अभी वोटिंग खत्म होने में कई घंटे बाकी हैं, मैं बंगाल के जनता से आग्रह करूंगा कि लोकतंत्र के इस पर्व में ऐसे ही उत्साह से भाग लें।

साथियों,

कुछ समय पहले जब बिहार में चुनाव हुए, तो बीजेपी एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की थी, एक इतिहास रच दिया था। अभी-अभी कल ही गुजरात में महा नगरपालिका, नगर पालिका, जिला पंचायतें, नगर पंचायतें, तहसील पंचायत, इन सबके चुनाव के नतीजे आए हैं। और आप मेरे उत्तरप्रदेश वासियों को खुशी होगी, 80 से 85 प्रतिशत नगर पालिका और पंचायतों को भाजपा ने जीत ली है। और मुझे विश्वास है कि इन पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। 4 मई के नतीजे, विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे, देश के विकास की गति को नई ऊर्जा से भरेंगे।

साथियों,

देश के तेज विकास के लिए हमें तेजी से आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी निर्माण करना है। दिसम्बर 2021 में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास करने मैं शाहजहाँपुर आया था। अभी 5 साल से भी कम समय हुआ है, और आप देखिए, देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवेज में शुमार यूपी का सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडॉर एक्सप्रेसवे, ये 5 साल के भीतर-भीतर बनकर तैयार हो गया है। आज

हरदोई से इसका लोकार्पण भी हो रहा है। यही नहीं, एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हुआ है, तो साथ ही, इसके विस्तार की योजना पर काम भी शुरू हो गया है। जल्द ही, गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा। इसके और बेहतर उपयोग के लिए फ़र्रुख़ाबाद लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण कर, इसे अन्य एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। ये है, डबल इंजन सरकार का विजन! ये है भाजपा सरकार के काम करने की स्पीड! ये है, भाजपा सरकार के काम का तरीका!

भाइयों-बहनों,

कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था कि ये नए बनते एक्सप्रेसवे, विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं और ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं।

साथियों

अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतज़ार करना पड़ता था! एक बार घोषणा हो गई, तो वर्षों तक फाइलें चलतीं थीं! चुनाव के लिए पत्थर लग जाता था, उसके बाद सरकारें आती रहतीं थीं, जाती रहतीं थीं, लेकिन, काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था। कभी-कभी तो पुराने फाइलें ढूंढने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी। डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है, और तय समय में लोकार्पण भी होकर के रहता है। इसलिए ही, आज यूपी के एक्सप्रेसवेज़ से भी ज्यादा रफ्तार अगर कहीं है, तो वो यूपी के विकास की रफ्तार ही है।

साथियों,

ये एक्सप्रेसवे केवल एक हाइस्पीड सड़क नहीं है। ये नई संभावनाओं का, नए सपनों का, नए अवसरों का गेटवे है। गंगा एक्सप्रेसवे करीब 600 किलोमीटर लंबा है। पश्चिमी यूपी में मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, सम्भल और बदायूँ। मध्य यूपी में शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली। पूर्वी यूपी में प्रतापगढ़ और प्रयागराज, इनके आस पास के दूसरे जिले, गंगा एक्सप्रेसवे, इससे इन इलाकों के करोड़ों लोगों का जीवन बदलेगा।

साथियों,

इन क्षेत्रों को गंगा जी और उनकी सहायक नदियों की उपजाऊ मिट्टी का वरदान मिला है। लेकिन, पहले की सरकारों ने जिस तरह किसानों की उपेक्षा की, उसके कारण किसान परेशानियों में ही घिरकर के रह गए! यहाँ के किसानों की फसलें बड़े बाज़ारों तक नहीं पहुँच पाती थीं। कोल्ड स्टोरेज की कमी थी। लॉजिस्टिक्स का अभाव था। किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिलता था। अब उन कठिनाइयों का समाधान भी तेजी से होगा। गंगा एक्सप्रेसवे से कम समय में बड़े बाज़ारों तक पहुँच मिलेगी। यहाँ खेती के लिए जरूरी इनफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा। इससे हमारे किसानों की आय बढ़ेगी।

साथियों,

गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियाँ तो दौड़ेंगी ही, इसके किनारे नए औद्योगिक अवसर विकसित होंगे। इसके लिए हरदोई जैसे दूसरे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर विकसित किए जा रहे हैं। इससे हरदोई, शाहजहाँपुर, उन्नाव समेत सभी 12 जनपदों में नए उद्योग आएंगे। अलग-अलग सेक्टर्स जैसे फार्मा, टेक्सटाइल आदि के क्लस्टर्स विकसित होंगे। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे।

साथियों,

हमारे ये युवा मुद्रा योजना और ODOP जैसी योजनाओं, उसकी ताकत से खुद भी नए-नए कीर्तिमान गढ़ रहे हैं। यहाँ छोटे उद्योग, MSMEs को बढ़ावा मिल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा से उनके लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, संभल का handicraft, बुलंदशहर के सिरेमिक, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर, प्रतापगढ़ के आंवला प्रॉडक्ट्स, ये सब बड़े स्केल में देश दुनिया के मार्केट में पहुंचेगे। लाखों परिवारों की इससे आमदनी बढ़ेगी। आप मुझे बताइए, क्या पुरानी सपा सरकार में हरदोई, उन्नाव जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर बनाने की कल्पना तक हो सकती थी क्या? हमारे हरदोई से भी एक्सप्रेसवे गुजरेगा, ये कोई सोच सकता था क्या कभी? ये काम केवल भाजपा सरकार में ही संभव है।

साथियों,

पहले यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था। वही उत्तर प्रदेश, आज 1 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनने के लिए आगे बढ़ रहा है। ये एक बहुत बड़ा लक्ष्य है। लेकिन, इसके पीछे उतनी ही बड़ी तैयारी भी है। क्योंकि, यूपी के पास इतनी असीम क्षमता है। देश की इतनी बड़ी युवा आबादी का potential यूपी के पास है। इस ताकत का इस्तेमाल हम यूपी को manufacturing हब बनाने के लिए कर रहे हैं। यूपी में नए उद्योग और कारखाने लगेंगे, यहाँ जब बड़ी मात्रा में निवेश आएगा, तभी यहाँ आर्थिक प्रगति के दरवाजे खुलेंगे, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

भाइयों-बहनों,

इसी विज़न को केंद्र में रखकर बीते वर्षों में लगातार काम हुआ है। आप सब खुद भी महसूस कर रहे हैं, जिस यूपी की पहचान पहले पलायन से होती थी, आज उसे इन्वेस्टर्स समिट और इंडस्ट्रियल कॉरिडॉर के लिए जाना जा रहा है। यूपी की इन्वेस्टर समिट में देश और दुनिया से कंपनियाँ आतीं हैं। यूपी में हजारों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। आज अगर भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है तो, उसमें बहुत बड़ा योगदान यूपी का है। आज भारत जितने मोबाइल बना रहा है, उसमें आधे मोबाइल हमारे यूपी में बन रहे हैं। अभी कुछ ही हफ्ते पहले, मैंने नोएडा में सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास भी किया है।

साथियों,

आप सब जानते हैं, AI के इस दौर में, सेमीकंडक्टर कितनी बड़ी फील्ड बनती जा रही है। यूपी उसमें भी लीड लेने के लिए आगे बढ़ रहा है। भविष्य में असीम अवसरों वाला बहुत बड़ा क्षेत्र

यूपी के लोगों के लिए खुल रहा है।

साथियों,

उत्तर प्रदेश का औद्योगिक विकास आज भारत की सामरिक ताकत भी बन रहा है। आज देश के दो डिफेंस कॉरिडॉर्स में से एक यूपी में है। बड़ी-बड़ी डिफेंस कंपनियाँ यहाँ अपनी फ़ैक्टरी लगा रहीं हैं। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें, जिनका लोहा दुनिया मानती है, आज वो यूपी में बन रहीं हैं। रक्षा उपकरणों के निर्माण में जो छोटे-छोटे पार्ट्स चाहिए होते हैं, उनकी सप्लाइ के लिए MSMEs को काम मिलता है। इसका बहुत बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के MSME सेक्टर को हो रहा है। छोटे-छोटे जिलों में भी अब युवा बड़े-बड़े उद्योगों से जुड़ने का सपना देख सकते हैं।

साथियों,

आज उत्तर प्रदेश इतनी तेज गति से विकास कर रहा है, क्योंकि, यूपी ने पुरानी सियासत को भी बदला है, और नई पहचान भी बनाई है। आप याद करिए, एक समय यूपी की पहचान गड्ढों से होती थी। आज वही यूपी, देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवेज वाला प्रदेश बन चुका है। पहले यहाँ पड़ोस के जिले तक जाना भी बड़ा मुश्किल था। लेकिन आज उत्तर प्रदेश में 21 एयरपोर्ट हैं, 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। अब तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन भी हो चुका है। गंगा एक्सप्रेसवे से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुछ ही घंटों की दूरी पर है।

भाइयों-बहनों,

हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की धरती है। लेकिन, पिछली सरकारों ने अपनी करतूतों के कारण अपराध और जंगलराज को यूपी की पहचान बना दिया था। यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनतीं थीं। लेकिन, अब यूपी की कानून व्यवस्था का देश भर में उदाहरण दिया जाता है।

भाइयों बहनों,

संसाधनों का बंदरबाँट करने वाले जिन सपाइयों के हाथ से सत्ता गई है, उन्हें यूपी की ये प्रगति

पसंद नहीं आ रही है। वो एक बार फिर यूपी को पुराने दौर में धकेलना चाहते हैं। वो एक बार फिर, समाज को बांटना और तोड़ना चाहते हैं।

साथियों,

समाजवादी पार्टी विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी है। अभी बीते दिनों देश ने एक बार फिर सपा और काँग्रेस जैसी पार्टियों का असली चेहरा देखा है। केंद्र की NDA सरकार संसद में नारीशक्ति वंदन संशोधन लेकर आई थी। अगर ये संशोधन पास हो जाता, तो, साल 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण मिलता! बड़ी संख्या में हमारी माताएँ बहनें सांसद विधायक बनकर दिल्ली-लखनऊ पहुँचती। वो भी, किसी और वर्ग की सीटें कम हुये बिना! लेकिन, सपा ने इस संशोधन बिल के खिलाफ वोट किया।

साथियों,

इस बिल से सभी राज्यों की सीटें भी बढ़तीं। हमने संसद में साफ साफ कहा था, सभी राज्यों की सीटें एक ही अनुपात में बढ़ेंगी। लेकिन यूपी को गाली देकर पॉलिटिक्स करने वाली DMK जैसी पार्टियां, उन्हें इस बात पर आपत्ति थी कि यूपी की सीटें क्यों बढ़ेंगी? आप देखिए, समाजवादी पार्टी संसद में उन्हीं के सुर में सुर मिला रही थी। ये सपा वाले यहाँ से आपके वोट लेकर संसद जाते हैं, और, संसद में यूपी के लोगों को गाली देने वालों के साथ खड़े होते हैं। इसीलिए, यूपी के लोग कहते हैं, समाजवादी पार्टी कभी सुधर नहीं सकती है। ये लोग हमेशा महिला विरोधी राजनीति ही करेंगे। ये हमेशा तुष्टीकरण और अपराधियों के साथ खड़े होंगे। सपा कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर नहीं उठ सकती। ये लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति ही करेंगे। यूपी को सपा और उसके सहयोगियों से सावधान रहना है।

साथियों,

आज देश एक ही संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है- विकसित भारत का संकल्प! इस संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की बहुत बड़ी भूमिका है। आप सब देख रहे हैं, आज पूरी दुनिया कैसे

युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों में हालात खराब हैं। लेकिन, भारत विकास के रास्ते पर उसी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। बाहर के दुश्मनों को ये पसंद नहीं आ रहा। भीतर बैठे कुछ लोग भी सत्ता की भूख में भारत को नीचा दिखाने की कोशिशों में लगे हैं। फिर भी, हम न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि, विकास के नए-नए कीर्तिमान भी गढ़ रहे हैं। हम आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। हम आधुनिक से आधुनिक इनफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे इसी दिशा में एक और मजबूत कदम है। मुझे विश्वास है, गंगा एक्सप्रेसवे, जिन संभावनाओं को हमारे दरवाजे तक लेकर आएगा, यूपी के लोग अपने परिश्रम और अपनी प्रतिभा से उन्हें साकार करके रहेंगे। इसी संकल्प के साथ, आप सभी को एक बार बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत धन्यवाद!

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद!

 

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पीएम नरेन्द्र मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
July 28, 2026
चर्चा किए गए क्षेत्र: वित्त और अर्थव्यवस्था, वाणिज्य और उद्योग, और प्रौद्योगिकी
न प्रधानमंत्री ने सरकार के भीतर क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा घरेलू क्षमताओं के विकास के महत्व पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया
प्रधानमंत्री ने भ्रामक जानकारी का मुकाबला करने के लिए रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय जनसंपर्क और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती और नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए
सचिवों ने प्रमुख पहलों, उभरते अवसरों और कार्यान्वयन संबंधी चुनौतियों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर केन्द्र सरकार के सचिवों के साथ दूसरी उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग, तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से जुड़े मंत्रालयों और विभागों के भावी कार्य योजना की समीक्षा की। यह बैठक विकसित भारत के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रगति को और तेज़ करने पर केंद्रित रही।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रालयों और विभागों के बीच मजबूत टीम भावना विकसित करने पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार के भीतर क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दोनों प्रकार की कार्यगत बाधाओं को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और एकीकृत एवं प्रभावी परिणाम सुनिश्चित कर सकें।

जन-केंद्रित सुशासन का महत्व बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत के नागरिक ही सदैव शासन व्यवस्था के केंद्र में रहने चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि हर निर्णय और नीति आम-नागरिक के हितों और आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत जहां बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी तकनीकों को विकसित करने को भी समान प्राथमिकता दिया जाना चाहिए। उन्होंने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तकनीकी आत्मनिर्भरता और घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व पर विशेष बल दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा सुरक्षा का सीधा संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत को नवाचार, विविधता और क्षमता निर्माण में तेजी लाकर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना होगा।

सुधारों को सिरफ एक चलन या फैशनेबल शब्द न मानकर प्रभावी शासन के लिए एक निरंतर आवश्यकता बतलाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यप्रणालियों में सुधार लाने, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने तथा संस्थागत दक्षता को मज़बूत करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया और इस दिशा में इसे एक राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय संवाद और जनसंपर्क के महत्व पर भी बल दिया, जहां देश महत्वपूर्ण पहल कर रहा है, जिससे इन प्रयासों से जुड़ी भ्रामक जानकारी और बेबुनियाद आशंकाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कार्यबल को उभरते और भविष्य के उद्योगों द्वारा आवश्यक कौशल से सुसज्जित करने के लिए नए शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना उद्योग जगत के साथ साझेदारी में बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप फुर्ती एवं नवाचार के साथ निरंतर स्वयं को ढालते रहना चाहिए।

बैठक में सचिवों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति, प्राथमिकताओं और कार्यान्वयन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।