“चौथी औद्योगिक क्रांति के इस युग में, रोजगार की मुख्य प्रेरक-शक्ति प्रौद्योगिकी है और रहेगी”
“स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग भावी श्रमशक्ति का मूलमंत्र है”
“भारत के पास विश्व में कुशल श्रमशक्ति के सबसे बड़े प्रदाता देशों में से एक बनने की क्षमता है”
“हमें हर देश की अनोखी आर्थिक क्षमताओं, शक्ति और चुनौतियों को समझना होगा। हमें यह जानना होगा कि सबके लिये एकरूपी सोच सामाजिक सुरक्षा के अनवरत वित्तपोषण के लिये उपयुक्त नहीं है”

महानुभाव, देवियो और सज्जनो,

नमस्कार!

मैं ऐतिहासिक और जीवंत शहर इंदौर में आप सभी का स्वागत करता हूं। यह एक ऐसा शहर है जो अपनी समृद्ध पाक परंपराओं पर गर्व का अनुभव करता है। मुझे आशा है कि आप शहर के सभी रंगों और स्वादिष्ट व्यंजनों से आनंदित होंगे।

मित्रों,

आपका समूह सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक कारकों में से एक- रोज़गार पर चर्चा कर रहा है। हम रोजगार क्षेत्र में कुछ सबसे बड़े बदलावों की दहलीज पर हैं और हमें इन त्वरित परिवर्तनों से निपटने के लिए उत्तरदायी और प्रभावी रणनीतियां तैयार करने की आवश्यकता है। चौथी औद्योगिक क्रांति के इस युग में प्रौद्योगिकी रोजगार का मुख्य संवाहक बन गई है और आगे भी बनी रहेगी। यह सौभाग्य की बात है कि यह बैठक भारत जैसे देश में हो रही है, जिसके पास पूर्व में हुए ऐसे प्रौद्योगिकी-आधारित परिवर्तनों के दौरान बड़ी संख्या में प्रौद्योगिकी से जुड़े रोजगार सृजन का अनुभव है और आपका मेजबान शहर इंदौर ऐसे परिवर्तनों की नई लहर का नेतृत्व करने वाले कई स्टार्टअप का केंद्र है।

मित्रों,

हम सभी को अपने कार्यबल को उन्नत प्रौद्योगिकियों और प्रक्रियाओं के उपयोग में कुशल बनाने की आवश्यकता है। कौशल, पुनः कौशल एवं कौशल में वृद्धि भविष्य के कार्यबल के लिए मंत्र हैं। भारत में हमारा 'स्किल इंडिया मिशन' इसी वास्तविकता से जुड़ने का एक अभियान है। 'प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना' के तहत अब तक हमारे साढ़े 12 करोड़ से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और ड्रोन जैसे उद्योग ''फोर प्वाइंट ओ'' जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मित्रों,

कोविड के दौरान भारत में फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्मिकों और अन्य कार्मिकों द्वारा किए गए शानदार कार्यों ने उनके कौशल और समर्पण को दिखाया है। यह हमारी सेवा और करुणा की संस्कृति को भी दर्शाता है। दरअसल, भारत में दुनिया के लिए कुशल कार्यबल के सबसे बड़े प्रदाताओं में से एक बनने की क्षमता है। विश्व स्तर पर गतिशील कार्यबल भविष्य में एक वास्तविकता बनने जा रहा है। इसलिए, अब सही अर्थों में कौशल विकास और साझाकरण को वैश्वीकृत करने का समय आ चुका है। जी20 को इसमें अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। मैं कौशल और योग्यता आवश्यकताओं के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ में व्यवसायों का शुभारंभ करने के आपके प्रयासों की सराहना करता हूं। इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समन्वय के नए मॉडल और प्रवासन एवं गतिशीलता भागीदारी की आवश्यकता है। इस संबंध में इन नियोक्ताओं और श्रमिकों के संबंध में आंकड़े, जानकारी और डेटा साझा करने की शुरुआत एक शानदार तरीका हो सकता है। यह दुनिया भर के देशों को बेहतर कौशल, कार्यबल योजना और लाभकारी रोजगार के लिए साक्ष्य-आधारित नीतियां बनाने की दिशा में सशक्त बनाएगा।

मित्रों,

एक और परिवर्तनकारी बदलाव गिग और प्लेटफ़ॉर्म अर्थव्यवस्था में श्रमिकों की नई श्रेणियों का विकास है। यह महामारी के दौरान बेहद कौशलपूर्ण स्तंभ के रूप में सामने आया है। यह लचीली कार्य व्यवस्था प्रदान करता है और आय स्रोतों को भी पूरा करता है। इसमें विशेषकर युवाओं के लिए लाभकारी रोजगार सृजन करने की अपार संभावनाएं हैं। यह महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक परिवर्तनकारी साधन भी हो सकता है। इसकी क्षमता का एहसास करने के लिए, हमें इन नए जमाने के श्रमिकों के लिए नए जमाने की नीतियां और नियमों को बनाने की जरूरत है। हमें नियमित और पर्याप्त कार्य अवसरों का सृजन करने के लिए स्थायी समाधान खोजने की जरूरत है। हमें उनके लिए सामाजिक सुरक्षा तक पहुंच एवं सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए नए मॉडल तैयार करने भी आवश्यकता है। भारत में हमने 'ई-श्रम पोर्टल' बनाया है जिसका लाभ इन श्रमिकों लक्षित नियमों के माध्यम से प्राप्त कर रहे हैं। सिर्फ एक वर्ष के भीतर ही करीब 28 करोड़ श्रमिकों ने इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्य के साथ, प्रत्येक देश के लिए समान समाधान अपनाना महत्वपूर्ण हो जाता है। इस संदर्भ में हमें अपना अनुभव साझा करने में प्रसन्नता होगी।

मित्रों,

लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना 2030 एजेंडे का एक प्रमुख पहलू है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय संगठनों द्वारा अपनाई गई वर्तमान रूपरेखा केवल उन लाभों के लिए है जो कुछ संकीर्ण तरीकों से बनाए गए हैं, अन्य रूपों में प्रदान किए गए कई लाभ इस प्रारूप में शामिल नहीं हैं। हमारे पास सार्वभौमिक-सार्वजनिक स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, बीमा और पेंशन कार्यक्रम हैं। हमें इन लाभों पर पुनर्विचार करना चाहिए, ताकि सामाजिक सुरक्षा कवरेज की सही तस्वीर सामने आ सके। हमें प्रत्येक देश की अद्वितीय आर्थिक क्षमताओं, शक्तियों और चुनौतियों पर विचार करना चाहिए। सामाजिक सुरक्षा के स्थायी वित्तपोषण के लिए संकुचित दृष्टिकोण अपनाना ठीक नहीं है। मुझे आशा है कि आप एक ऐसी प्रणाली के बारे में विचार करने में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करेंगे जो विभिन्न देशों द्वारा किए गए ऐसे प्रयासों को सटीक रूप से प्रतिबिंबित करती हो।

महानुभावो,

मैं इस क्षेत्र में कुछ सबसे आवश्यक मुद्दों के समाधान के लिए आप सभी के द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करता हूं। मुझे विश्वास है कि आप आज दुनिया भर के सभी श्रमिकों के कल्याण के लिए एक मजबूत संदेश देंगे। मैं आप सभी के माध्यम से एक सार्थक और सफल बैठक की कामना करता हूं।

आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!

 

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Prime Minister pays homage to former Prime Minister, Shri Atal Bihari Vajpayee at Sadaiv Atal
August 16, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi earlier this morning paid homage to former Prime Minister, Shri Atal Bihari Vajpayee at his memorial, Sadaiv Atal. He emphasized that the former Prime Minister's role in India’s progress remains unparalleled.

In a post on X, the Prime Minister wrote:

"Earlier this morning, paid homage to Atal Ji at Sadaiv Atal. His role in India’s progress is unparalleled!"