NDA का घोषणापत्र एक दूरदर्शी घोषणापत्र है, वहीं महागठबंधन का घोषणापत्र झूठ का दस्तावेज है: पीएम
विकसित बिहार, विकसित भारत की नींव है। जब मैं विकसित बिहार की बात करता हूं, तो मेरा मतलब बिहार का औद्योगिक विकास है: आरा में पीएम मोदी
बिहार प्रगति के रास्ते पर है और हमें इसे रुकने नहीं देना है। मैं भोजपुर से NDA को भारी समर्थन देने की अपील करता हूं: आरा में पीएम मोदी

भारत माता की जय…

भारत माता की जय…

जय माँ काली...बखोरापुर वाली...हम मां आरण्य देवी के चरणों में प्रणाम कर अ तानी....वीर बांकुरा बाबु वीर कुंवर सिंह जी के इ धरती पर...रौवा सभन के अभिनन्दन करअ तानी !

साथियों,

भोजपुर के आप सभी लोगों ने तो आज कमाल कर दिया है..जहां जहां मेरी नजर पहुंचती है उमंग और उत्साह से भरे हुए लोग ही नजर आ रहे हैं। आप इतनी विशाल संख्या में...भाजपा के, NDA के...इन सभी साथियों को आशीर्वाद देने आए हैं। मैं जब आप सभी की ये ऊर्जा देखता हूं....तो विकसित बिहार का संकल्प और दृढ़ हो जाता है। साथियों विकसित बिहार ही...विकसित भारत का आधार है। और भाइयों और बहनों.. मैं जब विकसित बिहार की बात करता हूं... तो इसका मतलब है.. बिहार का औद्योगिक विकास..बिहार के युवाओं को बिहार में ही रोजगार...और हम आरा के इ मंच से कहत बानी..आपके सपना हमार संकल्प ह…आपके बच्चन के भविष्य, हमार जिम्मेदारी ह

साथियों,

इस संकल्प को पूरा करने के लिए मैं आज आपके पास कुछ मांगने आया हूं आपका साथ मांगने आया हूं। मैं देख रहा हूं....बिहार के लोग इस बार NDA को रिकॉर्ड सीटें देने जा रहे हैं। ये जंगलराज वाले इस बार सबसे करारी हार का रिकॉर्ड बनाने वाले हैं। क्योंकि बिहार की पुरानी पीढ़ी के साथ ही...अब नई पीढ़ी ने भी ठान लिया है...
फिर एक बार....एनडीए सरकार
फिर एक बार.. फिर एक बार....फिर एक बार....सुशासन की सरकार !

साथियों,

छह नवंबर को आपके यहां मतदान होना है। अब ज्यादा दिन नहीं बचे हैं। NDA ने विकसित बिहार के लिए एक ईमानदार और दूरदर्शी घोषणापत्र दिया है। हर वादा, हर योजना...बिहार के तेज़ विकास को समर्पित है। मैं इसके लिए बिहार भाजपा, जेडीयू, लोजपा, हम पार्टी और RLSP के साथियों का हृदय से अभिनंदन करता हूं।

साथियों,

एक तरफ NDA का ईमानदार घोषणापत्र है...तो और उधर जंगलराज वाले हैं...इन्होंने अपने घोषणापत्र को भी झूठ का, छल-कपट का, लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाला दस्तावेज़ बना दिया है। और जंगलराज वालों…जनता जनार्दन को बूर्बक बूझे हो क्या..? मत भूलो...ये पब्लिक है...ये सब जानती है...।

साथियों,

NDA के संकल्प पत्र में...बच्चों की पढ़ाई...परिवार की दवाई... नौजवानों की कमाई...और किसानों को सिंचाई...इनपर बहुत ज्यादा बल दिया है। इसके अलावा...बहनों-बेटियों के सशक्तिकरण के लिए अनेक मजबूत प्रावधान किए गए हैं। बिहार की ज्यादा से ज्यादा बहनें लखपति दीदी बनें… इस पर सुविचारित योजना आपके सामने पेश की गई है।

साथियों,

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने बिहार की हर बहन आज खुशियों से भर गई है। अभी तक बिहार की एक करोड़ 30 लाख बहनों के खाते में दस-दस हज़ार रुपया पहुंच चुका है। इसमें भोजपुर की भी, लगभग चार लाख बहनों के खाते में दस-दस हज़ार पहुंच चुके हैं। और भाइयों बहनों.. हम यहीं नहीं रुकने वाले... 14 तारीख को नतीजे आएंगे.. एनडीए की फिर से सरकार बनेगी और सरकार बनने के बाद..इन बहनों को मदद का एक और अभियान तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा।

साथियों,

बिहार देश के उन राज्यों में से है, जहां सबसे अधिक युवा आबादी है। इसलिए, NDA का बहुत ज़ोर, बिहार में शिक्षा और कौशल पर है...ये हमारे संकल्प पत्र से भी स्पष्ट होता है। हमारा संकल्प है कि बिहार का युवा...सुनिये दोस्तो, हमारा संकल्प है बिहार का युवा बिहार में ही काम करेगा...बिहार का नाम करेगा। इसके लिए आने वाले वर्षों में एक करोड़ रोजगार देने का ऐलान किया गया है। और सिर्फ ऐलान किया है ऐसा नहीं है और ये कैसे होगा...इसका प्लान भी जनता जनार्दन के सामने रख दिया गया है। आज दुनिया में मेक इन इंडिया के प्रति बहुत उत्साह है...हमारा लक्ष्य है...बिहार भी मेड इन इंडिया का केंद्र बने। इसके लिए हम हज़ारों लघु और कुटीर उद्योगों का नेटवर्क और मजबूत करेंगे...यहां अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक क्लस्टर बनाने का जो काम चल रहा है.. फिर से सरकार में आने के बाद उसका दायरा और बढ़ाया जाएगा…और साथियों वो दिन दूर नहीं...बिहार, पूर्वी भारत का टेक, टेक्सटाइल और टूरिज्म का बड़ा सेंटर बनेगा। मेरे नौजवानों आपने तो मुझे भी जोश से भर दिया आज, ये जो दिल्ली में बैठकर गुणा भागा करते हैं, बड़ी-बड़ी तस्वीरें निकालते हैं, अरे जरा यहां आकर देखिये कि हवा का रूख क्या है। यहां बड़ी कंपनियों के डेटा सेंटर बनेंगे...बिहार में यहीं रहते हुए लोग...दुनिया की कंपनियों के लिए काम करेंगे...

साथियों,

NDA के संकल्प पत्र में, गांव की समृद्धि के लिए भी एक सशक्त योजना बनाई गई है। बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में, अलग-अलग फसलें उगाई जाती हैं। बीते सालों में बिहार से कृषि निर्यात बहुत बढ़ा है। अब हम बिहार में मेगा फूड पार्क के नेटवर्क का विस्तार करने वाले हैं। आपको पता है कि...हमारी सरकार छोटे किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के 6 हज़ार रुपए देती है। भारत सरकार पीएम किसान सम्मान निधि के 6 हज़ार रुपए देती है। बिहार की नई NDA सरकार इसमें, अपनी तरफ से तीन हज़ार रुपए और बढ़ाने वाली है। बिहार में पशु-पालकों की आय बढ़ाने के लिए, बिहार दुग्ध मिशन की घोषणा की गई है। मिल्क मिशन की घोषणा की गई है

साथियों,

एक समय था जब बिहार...अपने लिए दूसरे राज्यों से मछली मंगाता था। ये NDA सरकार की नीतियों का नतीजा है...कि अब बिहार दूसरे राज्यों को मछली भेजता है। मछली बेचता है। अब बिहार के मछली-पालकों के लिए एक और खुशखबरी है। NDA ने, ‘जुब्बा सहनी मत्स्य पालक सहायता योजना’ बनाने की घोषणा की है। इस स्कीम के तहत, मछुआरे परिवारों को भी ₹9,000 की मदद मिलेगी।

साथियों,

NDA का ट्रैक रिकॉर्ड है कि हम जो संकल्प लेते हैं...उसे पूरा करके दिखाते हैं। मैंने गारंटी दी थी कि किसी भी गरीब मां का बच्चा भूखा नहीं सोएगा...आज भोजपुर जिले के लाखों परिवारों को पिछले 5 साल से लगातार मुफ्त अनाज मिल रहा है। पहले यहां राशन में, अरवा चावल मिला करता था...आपको, उसना चावल पसंद था… आपकी बात मेरे कानों तक पहुंची और मोदी जब आपकी बात सुनता है तो सो नहीं जाता है तुरंत जग जाता है। और जब मैंने आपकी बात सुनी तो हमारी सरकार ने बिहार के लोगों की पसंद का ध्यान रखा...और उसना चावल देना शुरु किया।

साथियों,

ऐसे ही मोदी की गारंटी थी...कि हर गरीब परिवार को पक्का घर मिलेगा। आप देखिए...बिहार में साठ लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिला है। इसमें से भोजपुर के ही करीब एक लाख पंद्रह हज़ार लाभार्थी हैं। जिन्हे पक्का घर मिल गया है।

साथियों,

हमारे लिए देश की सुरक्षा और देश की सुरक्षा करने वाले... दोनों ही जरूरी हैं। इस क्षेत्र से तो बहुत सारे साथी...सेना में हैं, अर्ध-सैनिक बलों में हैं। हमारे सैनिक परिवार...कई-कई दशकों से वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे थे। मोदी ने गारंटी दी और पूरी करके दिखाई। वन रैंक वन पेंशन के तहत...देशभर के पूर्व सैनिकों को, एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा, आंकड़ा देखिए एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा उनको मिल चुके हैं। बिहार के सैनिक परिवारों को भी सैकड़ों करोड़ रुपए की मदद मिली है।

साथियों,

मोदी ने...जम्मू कश्मीर से आर्टिकल-370 की दीवार गिराने की गारंटी दी थी। हमने आर्टिकल 370 हटाने की गारंटी दी थी ना, जरा जवाब दीजिए, हमने आर्टिकिल 370 गिराने की गारंटी दी थी कि नहीं दी थी। आजादी के बाद इतनी सरकारें आईं कोई गिरा पाया क्या? किसी ने गिराया क्या… आजादी के 70 साल के बाद ये काम पूरा हुआ कि नहीं हुआ पूरा हुआ कि नहीं हुआ। आज जम्मू कश्मीर में भी भारत का संविधान पूरी तरह से लागू हो रहा है।

साथियों,

मोदी ने ये भी कहा है कि अब भारत आतंकियों को घर में घुसकर मारेगा। हाल में ही ऑपरेशन सिंदूर हुआ...हमने फिर से अपनी गारंटी पूरी करके दिखाई कि नहीं दिखाई? हमारी सेना ने जो कमाल किया...उस पर आपको गर्व हुआ कि नहीं? ऑपरेशन सिंदूर से आपका माथा ऊंचा हुआ कि नहीं… ऑपरेशन सिंदूर से आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं। साथियों, आपको इतना गर्व हुआ, इतना माथा ऊंचा हुआ, लेकिन सेना की इतनी बड़ी सफलता के बाद भी कांग्रेस-आरजेडी को ये बिल्कुल पसंद नहीं आया। अरे साथियों हालत तो देखो.. धमाके पाकिस्तान में हो रहे थे...और नींद, कांग्रेस के शाही परिवार की उड़ी हुई थी। आज तक...पाकिस्तान और कांग्रेस के नामदार...दोनों ही, ऑपरेशन सिंदूर के सदमे से बाहर नहीं निकल पाए।

साथियों,

आज विकसित बिहार के संकल्प के साथ...पूरा NDA एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और RJD में घमासान मचा हुआ है... मैं आपको एक अंदर की बात बता रहा हूं...नामांकन वापस लेने से एक दिन पहले, बिहार में बंद कमरे में गुंडागर्दी का खेल खेला गया था। कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि सीएम पद पर आरजेडी के नेता का नाम तय हो.. लेकिन आरजेडी ने भी मौका छोड़ा नहीं। आरजेडी ने कांग्रेस की कनपट्टी पर कट्टा रखकर सीएम पद चोरी कर लिया। घोषणा करवाकर रहे। फिर जबरदस्ती कांग्रेस से सीएम उम्मीदवार को समर्थन की घोषणा कराई गई...कट्टा रख कर के।

साथियों,

आरजेडी-कांग्रेस में झगड़ा भयंकर बढ़ गया है। ना घोषणापत्र में कांग्रेस की सुनी गई...ना प्रचार में उनकी पूछ हो रही है। चुनाव से पहले ही इतनी घृणा बढ़ गई है कि चुनाव के बाद ये एक दूसरे का सिर फोड़ने लगेंगे। इसलिए हमेशा याद रखिए... ऐसे लोग...बिहार का भला कभी नहीं कर सकते।

साथियों,

एक तरफ NDA का सुशासन है...और दूसरी तरफ जंगलराज का कुशासन है। जंगलराज...वो अंधेरा था, जिसने बिहार को धीरे-धीरे खोखला कर दिया। RJD के जंगलराज की पहचान जिन चीजों से होती है वो हैं... कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, कुशासन और करप्शन। मैं सोशल मीडिया पर एक बिटिया का वीडियो देख रहा था। वो बेटी बोली कि यहां जब कुछ महीने के लिए RJD सरकार में शामिल हुई थी... तो उस बिटिया ने उतने में ही जंगलराज का ट्रेलर देख लिया था। बेटियों से छेड़खानी, व्यापारियों से लूटपाट.. रंगदारी.. सब कुछ.. मौका मिलते ही आरजेडी वाले मैंदान में उतर आते हैं।

साथियों,

भोजपुर, वीर कुंवर सिंह जी जैसे क्रांतिवीरों की धरती है... भोजपुर, सच्चिदानंद सिन्हा जी जैसे सेनानियों की धरती है... जिस भोजपुर ने 1857 की क्रांति का क्रांति-वीर दिया... जिसने संविधान सभा का पहला अध्यक्ष दिया... उस क्षेत्र को RJD ने कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, कुशासन और करप्शन का अड्डा बना दिया था। 2005 से पहले के 15 वर्षों में, इसी RJD ने यहां जातीय दंगे करवाए... दलितों-महादलितों..अतिपिछड़ों के बच्चों को माओवादी आतंक की आग में झोंक दिया। और आज ये लोग बिहार के विकास की बात करने की हिम्मत दिखाते हैं।

साथियों,

मैं आपको यहीं भोजपुर जिले की ही एक घटना याद दिलाता हूं... वो साल 2004 का, नवंबर का ही महीना था... यहां के तरारी ब्लॉक की एक डिस्पेंसरी में एक डॉक्टर साहब, बच्चों को पोलियो की ड्रॉप पिलाने में व्यस्त थे। ये काम करते-करते उनको देर हो गई... देर शाम घर के लिए निकले...तो रास्ते में जो नई उमर के नौजवान हैं जरा सुनिए.. 2004 की घटना है, यहां की घचना है जब डॉक्टर साहब घर जा रहे थे तो रास्ते में हथियारबंद लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। सेवा करने वाले डॉक्टर बच्चों को पोलियो का ड्रॉप पिलाने वाले डॉक्टर वो डॉक्टर जब जा रहे थे। साथियों, जंगलराज के दौरान ऐसे ही करीब 37 हजार लोगों का अपहरण हुआ था। दूसरों का जीवन बचाने वाले डॉक्टरों को... अपना जीवन बचाने के लिए बॉडीगार्ड लेकर चलना पड़ता था। नीतीश जी और NDA सरकार बहुत मेहनत से बिहार को उस मुश्किल दौर से बाहर निकालकर लाए हैं।

साथियों,

RJD अगर बिहार में जंगलराज लाई...तुष्टिकरण की राजनीति लाई तो तो कांग्रेस की पहचान सिखों के कत्लेआम से जुड़ी है। ये 1984 में एक और दो नवंबर की ही तारीख थी...आज भी दो नवंबर है , 84 की एक और दो नवंबर जब दिल्ली में और देश के कई भागों में कांग्रेस के लोगों ने सिख-नरसंहार किया था। आज भी कांग्रेस सिख नरसंहार के गुनहगारों को पूरे सम्मान के साथ नए-नए ओहदे दे रही है उन्हे आगे बढ़ा रही है। कांग्रेस हो या आरजेडी...इन्हें अपने पाप का कोई पछतावा नहीं है।

साथियों,

तुष्टिकरण की इस जिद में आज RJD कांग्रेस...बिहार की पहचान खत्म करने में जुटी हैं। ये लोग बिहार में घुसपैठियों के समर्थन में यात्राएं कर रहे हैं। ये लोग घुसपैठियों को बचाने के लिए तन-मन-धन से जुटे हैं। पहले तो इन लोगों ने बिहार में ऐसे हालात बना दिए कि बिहार के लोगों का यहां रहना ही मुश्किल हो जाए... और फिर घुसपैठियों को ये लोग बिहार में बसा रहे हैं। मैं जरा मेरे बिहार के अपने भाई-बहनों को पूछना चाहता हूं। आप मुझे बताइए, ये बिहार के संसाधनों पर आपका हक है कि नहीं है। मुझे पूरी ताकत से बताइए कि आपका हक है कि नहीं है। क्या ये बिहार के संसाधन किसी को लूटने देंगे। क्या घुसपैठिए आकर कब्जा करे, करने देंगे। क्या घुसपैठियों को अपने भविष्य का निर्णय करने देंगे। ये घुसपैठियों को हटाना चाहिए की नहीं हटाना चाहिए। ये घुसपैठियों को बचाने वाले पापी हैं कि नहीं हैं. ये घुसपैठियों को बचाने वाले आपके गुनहगार हैं कि नहीं है। ये घुसपैठियों की रक्षा करने वाले आपके भक्षक हैं कि नहीं हैं। मेरे भाइयों-बहनों, इनके इरादे बहुत खतरनाक हैं... और इसलिए आपको RJD-कांग्रेस वालों से बहुत सावधान रहना है।

साथियों,

ये वो लोग है जो सिर्फ और सिर्फ जंगलराज की पाठशाला में पढ़ के निकले हैं, जिनकी ट्रेनिंग ही जंगलराज की रही है... वो बिहार के उद्योगों को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं कर सकते। इनकी बातें सुनकर...एक ही बात मन में आती है.. अपने यहां कहा जाता है।
जे खेतवा उजड़लस...
उहे अब बोआई के बात करत बा!
मैं इनके पुराने कारनामों को फिर याद दिलाउंगा... यहां पड़ोस के रोहतास जिले में डालमिया नगर है। ये कस्बा अंग्रेज़ों के जमाने से ही एशिया का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया हुआ करता था। फिर कांग्रेस ने, लाल झंडा गैंग ने, आरजेडी के जंगलराज ने... डालमियानगर को तबाह कर दिया। यहां चीनी मिल थीं, सीमेंट फैक्ट्री थीं, कागज़ की फैक्ट्रियां थीं...सबकुछ था। लेकिन जंगलराज में मिलों में ताले लग गए... कारखाने बंद हो गए... हज़ारों लोग बेरोजगार हो गए। पलायन के लिए मजबूर हो गए। साथियों, आप मुझे बताइए... जिनका रिकॉर्ड फैक्ट्रियों में ताले लगाने का हो... वो क्या नए उद्योग लगा सकते हैं क्या ? लगा सकते हैं क्या? जब निवेशकों को लालटेन दिखेगा, लाल झंडा दिखेगा..तो क्या वो यहां अपने पैसा लगाएंगे? साथियों, निवेश और नौकरी..सिर्फ और सिर्फ .NDA ही ला सकती है। आप देखिए...बक्सर में इतना बड़ा बिजली का कारखाना बन गया है। रघुनाथपुर में सीमेंट कारखाना बन रहा है। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों ने भी यहां निवेश करना शुरू कर दिया है। मेरे नौजवान सिथियों , मेरे माताओं- बहनों मेरे बड़े बुजुर्गों, भाइयों बहनों, बिहार के मेरे मालिकों मैं आपको भरोसा दिलाता हूं... आने वाले पांच सालों में यहां उद्योगों का तेज़ गति से विस्तार होगा।

साथियों,

NDA सरकार, विकास और विरासत, दोनों को महत्व देते हुए आगे बढ़ रही है। हमने भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी की जन्मस्थली को विकसित किया। अब हमारी सरकार...बाबू वीर कुंवर सिंह जी की जन्मस्थली का कायाकल्प करने जा रही है। उनके जीवन से युवा पीढ़ी...प्रेरणा ले सके, इस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

जिन व्यक्तित्वों ने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा में लगा दिया... कांग्रेस-आरजेडी...कभी उन्हें सम्मान नहीं दे सकतीं। आप याद कीजिए... कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान किया... क्योंकि उनकी लोकप्रियता कांग्रेस के शाही परिवार से बड़ी हो रही थी। फिर कांग्रेस ने, बाबू जगजीवन राम का अपमान किया... क्योंकि कांग्रेस के शाही परिवार की राजनीति को उनसे खतरा लगने लगा था। इतना ही नहीं कांग्रेस ने हमारे सीताराम केसरी जी को भी बेइज्जत किया। क्योंकि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद पर उन्हें कोई और मंजूर नहीं था। साथियों, आपका उत्साह उमंग मेरे सिर आंखों पर लेकिन अभी मुझे अभी बहुत सभाएं करनी हैं , थोड़ी शांति रखो दोस्तों। आपका प्यार आपका उत्साह विजय की गारंटी है दोस्तों मुझे पता है। साथियो, RJD-कांग्रेस वाले हमारी आस्था का, हमारी धरोहर का अपमान करने में भी एक्सपर्ट हैं। आप याद करिए... RJD के लोगों ने प्रयागराज महाकुंभ को फालतू कहा था। अभी हमने देखा है कि कैसे कांग्रेस के नामदार ने हमारे छठ महापर्व को नौटंकी ड्रामा बताया..ड्रामा। हमारी आस्था को अपमानित करने वालों को बिहार कभी माफ नहीं करेगा। आप मुझे बताइए छठ महापर्व का अपमान आपको मंजूर है क्या। छठ महापर्व का अपमान करने वालों को सजा देंगे क्या कठोर से कठोर सजा देंगे क्या। ऐसी सजा दीजिए कि हिंदुस्तान में कभी कोई छठ महापर्व का अपमान ना कर पाए भाइयों।

साथियों,

बिहार की रफ्तार अब हमे रुकने नहीं देनी है। इस बार भोजपुर की हर सीट पर हर बूथ पर एनडीए के इन सभी उम्मीदवारों को विजयी बनाना है। इस बार छठ पूजा के लिए बड़ी संख्या में मेरे भाई-बहन अपने घर आए है उनसे आग्रह है कि अगर आपका मतदाता सूची में नाम है.. तो आप मतदान करने के बाद ही वापस लौटें और याद रखिएगा... पहले मतदान...फिर जलपान... पहले मतदान...फिर जलपान... पहले मतदान...फिर जलपान...मेरा जो सभी उम्मीदवार है मैदान में सभी से आग्रह है कि आगे आइये जरा... आप सब इतनी विशाल संख्या में हमारे इन साथियों को आशीर्वाद देने आए... मैं आपका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।
भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की...
मेरे सभी उम्मीदवार भाइयो.. दो चार कदम पीछे आइये मैं आपको मिलना चाहता हूं... मैं आपके पास मिलने के लिए आ रहा हूं... आप इनको विजयी बनाइये... भारत माता की... भारत माता की...

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प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की
June 11, 2026
विकसित भारत की परिकल्पना प्रत्येक राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 70 करोड़ युवाओं को देश की संपत्ति बताया और राज्यों से इस जनसांख्यिकीय लाभांश को विकास लाभांश में बदलने का आग्रह किया
प्रधानमंत्री ने राज्यों को युवाओं और एमएसएमई के लिए अवसर पैदा करने तथा उन देशों से सक्रिय रूप से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जिनके साथ भारत ने मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं
राज्यों को एक ज़िला एक उत्पाद को मजबूत करना चाहिए और रक्षा विनिर्माण में अवसरों का लाभ उठाना चाहिए: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए और लोगों को भविष्य के लिए तैयार कौशल से सुसज्जित किया जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री मोदी ने अल नीनो से उत्पन्न चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया
मुख्यमंत्री/उप राज्यपाल/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को कार्यालय में 12 वर्ष पूरे करने पर बधाई दी
राज्यों ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और भारत की क्षमता को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की
सभी राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों ने बैठक में भाग लिया; पहली बार सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इसमें भाग लिया
बैठक का विषय : विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस वर्ष बैठक का विषय विकसित भारत@2047 के लिए समावेशी मानव विकास था। इसमें 28 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों ने भाग लिया। यह पहला अवसर था जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित करती रहती है। उन्होंने आत्मनिर्भरता के प्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में विशेष रूप से वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल के माध्यम से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों के लिए तैयार करे।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में कई देशों के साथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होने वाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूप से सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए, राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया और नारी शक्ति के लिए सुरक्षित तथा संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूप में उल्लेख किया जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। श्री मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतियां तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरूकता अभियानों और प्रभावी शासन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री ने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि चालू खरीफ सीजन के दौरान किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर प्रगति का मूल्यांकन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री मोदी ने विशेष रूप से आकांक्षी जिला मानकों के माध्यम से सुझाव दिया कि इसी तरह कृषि के क्षेत्र में 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के माध्यम से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने के लिए एक निगरानी ढांचे और लक्षित 100-दिवसीय तथा पांच-वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

निवेश आकर्षित करने के लिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई को एक अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। श्री मोदी ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के लिए अधिक प्रयासों का आह्वान किया।

मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों/प्रशासकों ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने के लिए केंद्र के साथ एकजुटता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चर्चा रचनात्मक रही और यह राज्यों की आकांक्षाओं, आशाओं, अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा चुनौतियों को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने बैठक में भाग लेने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि सहयोग, नवाचार और विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता के माध्यम से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को गति दे सकता है।