इस 15 साल के सिंडिकेट राज (TMC) की एक्सपायरी डेट है… 4 मई: बनगांव में पीएम मोदी
पीएम मोदी ने बंगाल के विकास के लिए डबल इंजन सरकार की जरूरत पर जोर दिया।

भारत माता की... दोनों मुट्ठी बंद कर के ऐसे जयकारा बोलिए कि सारे बंगाल को पता चल जाए कि सरकार बन रही है... भारत माता की.... मैं अपना भाषण शुरू करूं उससे पहले मेरे जो ये छोटे-छोटे बाल कलाकार चित्र बनाकर ले आए हैं वो सब आगे आ जाएं। जो-जो चित्र लेकर के आए हैं वो आगे आ जाएं जो भी.. कुछ लोगों ने मेहनत करके बनाकर लाए हैं, मेरे एसपीजी के साथी आएंगे वो प्यार से आपका तोहफा ले लेंगे, ये तोहफा मुझे पहुंच जाएगा और अगर आपने पीछे एड्रेस लिखा होगा तो मेरी तरफ से आपको धन्यवाद की चिट्ठी आएगी। देखिए, जो दूर तक हो वो भी तुरंत दे दीजिए.. वरना फिर सभा में बहुत तकलीफ होती है। जो भी पीछे हैं वो भी दे दीजिए। देखिए वहां दो बड़े-बड़े पोस्टर लेकर बच्चे आए हैं। वो भी ले लीजिए... जरा पीछे से मदद कीजिए... वो उनका पहुंचा दीजिए आगे... जरा एसपीजी के लोग रुपककर के सब लेकर के जाना। दूसरा काम जो यहां चुनाव लड़ रहे हैं उन सभी उम्मीदवारों से मेरा आग्रह है कि जरा आगे आ जाएं, सारे कैंडिडेट आगे आ जाएं... आप सब भारत माता की जय बोलते रहिए.. मैं इन सबको मिलकर के आता हूं। चित्र सब पहुंचा दीजिए... भारत माता की... ये पेंटिंग वाला काम पूरा हो गया... अभी भी कोई पीछे है... बोलिए भारत माता की...उधर से भी आवाज आनी चाहिए... ये जो दूर-दूर है उनको मेरी आवाज सुनाई देती है, इतना दूर भी सुनाई देता है। मैं तो आपका चेहरा भी नहीं देख पाता हूं

जॉय माँ दुर्गा!, जॉय माँ काली! जॉय जलेश्वर शिव ठाकुर!

नमोष्कार ! कैमोन आछेन? आपनारा भालो आछेन ?

साथियों,

आज जब यहां आया हूं...तो अनेक यादें ताज़ा हो गई हैं। 4-5 साल पहले मुझे सीमा पार...ओराकांडी जाने का सौभाग्य मिला था। वहां मतुआ समुदाय से मिलना, आस्था और परंपरा से जुड़ना...एक अद्भुत अनुभव था। भारत के प्रधानमंत्री की ये पहली ऐसी यात्रा थी। वहां मंदिर में पूजा अर्चना का भी अवसर मिला था। मुझे याद है... कि जब मैं यहां बौरो मां का आशीर्वाद लेने गया था...तो उनकी ममता ने मुझे भाव-विभोर कर दिया था। ये अपनत्व, मैं कभी नहीं भूल सकता।

साथियों,

आज जीवन के उन अनमोल पलों को मैंने फिर से जीया है। यहां आने से पहले मुझे... ठाकुरबाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना का अवसर मिला है। मैं श्री श्री हरिचांद ठाकुर... श्री श्री गुरुचांद ठाकुर और बोरो मां को नमन करता हूं। ये जो पुण्य अनुभूति है...वो हमेशा मेरे साथ रहने वाली है।

साथियों,

आप सभी इतनी बड़ी संख्या में हमें आशीर्वाद देने आए हैं...ये हम सभी का बहुत बड़ा सौभाग्य है। पहले चरण की वोटिंग में बंगाल ने कमाल कर दिया है। अब मुझे आपलोग बताएंगे, मैं एक सवाल पूछूं जवाब देंगे, सबके सब देंगे.. ये पहले चरण में इतना भारी मतदान हो गया तो फिर आप सो नहीं जाएंगे ना... जागते रहेंगे... घर-घर जाएंगे ? एक-एक मतदाता से मिलेंगे... पोलिंग बूथ में बराबर ताकत लगाएंगे... पक्का.. पहले चरण का रिकॉर्ड तोड़ेंगे...जरा जोर से बताइए तोड़ेंगे... जरा हाथ ऊपर करके बताइए तोड़ेंगे... यही करके दिखाना है। देखिए, पहले चरण में टीएमसी का अहंकार टूट गया है...अब दूसरे चरण में बीजेपी सरकार की प्रचंड जीत पक्की होने जा रही है।
प्रोथोम चरोने भांगलो टीएमसीर अहोंकार...
द्वितीय चरोने निश्चितो बीजेपी शोरकार

साथियों,

बंगाल का ये चुनाव अब अंतिम चरण में है। लेकिन आपने एक बात नोटिस की होगी। 15 साल पहले TMC... मां, माटी और मानुष की बातें करके सत्ता में आई थी। लेकिन अब इनके मुंह से मां, माटी और मानुष...ये शब्द तक नहीं निकलते। आखिर क्यों? क्या कारण है? मैं कारण आपको बताता हूं। साथियों, ये टीएमसी वाले... अगर मां, माटी और मानुष की याद दिलाएंगे... तो इनके पाप सामने आ जाएंगे। TMC की निर्ममता ने... मां को रुला दिया...माटी को सिंडिकेट और घुसपैठियों के हवाले कर दिया...और बंगाल के मानुष को पलायन के लिए मजबूर कर दिया।

साथियों,

TMC के महाजंगलराज में...छोटे से छोटा नेता, छोटे से छोटा गुंडा भी खुद को सरकार समझता है। 24 परगना, हुगली नदी के इर्द-गिर्द का इलाका... ये कभी मिलों और फैक्ट्रियों का इलाका हुआ करता था।
लेकिन आज...मिलों पर ताले लगने के नोटिस की ही खबरें आती हैं।

अंग्रेज़ों के जमाने से चले आ रहे कारखाने भी बंद हो रहे हैं। बॉनगांव से बैरकपुर तक...अनेक जूट मिलें, अनेक फैक्ट्रियां 15 साल में बंद हुई हैं... सिर्फ एक ही फैक्ट्री, एक ही दुकान फली-फूली है...और ये दुकान है...सिंडिकेट की, कटमनी और कमीशनखोरी...मिलों की ज़मीन पर कब्जे की...किसानों को बर्बाद और तबाह करने की। ऐसी सरकार को यहां से जाना ही होगा...ऐसी सरकार को हटाना ही होगा इसलिए...बंगाल का एक ही नारा, एक ही निर्णय है... पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार...पाल्टानो दोरकार... पाल्टानो दोरकार...

साथियों,

बंगाल के पास सबकुछ है...बंगाल के लोगों के पास सामर्थ्य भी भरपूर है। इसलिए, बंगाल फिर से देश का नंबर वन राज्य बन सकता है। हमें बस...नेताजी सुभाषचंद्र बोस के आह्वान को याद रखना है। याद रखोगे... जोर से बताइए याद रखोगे... नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने कहा था... तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा। साथियों, नेताजी के आह्वान पर देश ने सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज बंगाल को आपके एक वोट की ज़रूरत है। आप हमें आशीर्वाद दीजिए...अपना वोट दीजिए.. हम आपको TMC से आज़ादी दिलाएंगे। आज़ादी...TMC के महा-जंगलराज से आज़ादी...टीएमसी के भॉय से। आज़ादी...टीएमसी के भ्रष्टाचार से। आज़ादी...बेटियों पर अत्याचार से। आज़ादी...बेकारी और बेरोजगारी से। आज़ादी...लुटती भर्ती परीक्षा से। आज़ादी...घुसपैठियों के कब्जे से। आज़ादी...दंगाइयों और मस्तानों से।

साथियों,

बीजेपी के लिए, किसानों का कल्याण भी हमारी प्राथमिकता है। हम जूट किसानों और श्रमिकों की चिंता समझते हैं। इसलिए...केंद्र की बीजेपी सरकार ने...11 साल में जूट का MSP डबल कर दिया डबल। जूट किसानों से जूट खरीद तीन गुना से अधिक कर दी। गेहूं और चावल की पैकिंग में शत-प्रतिशत जूट की पैकिंग भी अनिवार्य कर दी। हमने सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाया है...ताकि जूट का उपयोग बढ़े...बंगाल की जूट मिलों को ज्यादा से ज्यादा ऑर्डर मिलें... लेकिन TMC का सिंडिकेट...यहां मिलों को चलने ही नहीं देता। यहां के किसानों की भलाई के लिए...आपको टीएमसी सरकार को गाजे-बाजे के साथ विदाई देनी ही होगी।

साथियों,

TMC के महा-जंगलराज की सबसे बड़ी पीड़ित...हमारी बहनें- हमारी बेटियां हैं। बहनों के साथ सबसे बड़ा धोखा हुआ है। इसलिए इस बार सबसे अधिक गुस्सा बहनों में ही दिख रहा है। संदेशखाली में बहनों के साथ गुंडे अन्याय करते रहे। TMC की निर्मम सरकार गुंडों का साथ देती रही। इतना ही नहीं...यहां तो बहनों को ही गाली दी गई।

मेरे प्यारे बंगाल के भाइयों-बहनों ये कभी भी भूलना नहीं है।

साथियों,

TMC के महाजंगलराज में... यहां से बेटियां लापता हो रही हैं। लेकिन TMC सरकार सोई हुई है। बेटियों की इनको कोई चिंता नहीं है। लेकिन अब और नहीं...जो ये गुंडे हैं, ये जो रेपिस्ट हैं...4 मई के बाद, बीजेपी, बीजेपी की सरकार उनका हिसाब करेगी, चुन-चुन करके उनका हिसाब करेगी। इसलिए मैं सभी बहनों से कहने आया हूं...

अब सहना नहीं है...अत्याचारियों को हटाना है।

आर शज्जो कोरबो ना... अत्ताचारी देरके शोरिए देबो!

साथियों,

बीजेपी, बहनों-बेटियों को सुरक्षा भी देती है...और अवसर भी देती है।

संदेशखाली के बहनों के संघर्ष से जुड़ी एक बहन को... बीजेपी ने टिकट दिया है। आरजी-कार में जिस बेटी की हत्या हुई...उस डॉक्टर बेटी की मां को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। ये बंगाल की बेटियों की सुरक्षा के प्रति बीजेपी के कमिटमेंट का प्रमाण है। साथियों, बंगाल में बनने वाली बीजेपी सरकार...कदम-कदम पर बंगाल की बेटियों को मदद देगी। बहनों को चिंता होती है...कि घर का बजट भी न बढ़े और बच्चे भी भूखे न सोएं। इसलिए, बीजेपी सरकार आपको मुफ्त चावल देती है। इससे हर परिवार को...सात से 10 हज़ार रुपए की बचत हर वर्ष हो रही है। साथियों, जिन बहनों के पास पक्का घर नहीं है...उनको बीजेपी सरकार डेढ़ लाख रुपए देगी...ताकि वे अपना पक्का घर बना सकें।

साथियों,

टीएमसी की निर्मम सरकार ने...आपको आर्सेनिक वाला, ज़हर वाला पानी...पीने को मजबूर कर रखा है। बीजेपी सरकार, हर घर तक नल से शुद्ध जल पहुंचाएगी। आपका बिजली बिल ज़ीरो हो...इसके लिए बीजेपी सरकार करीब 80 हज़ार रुपए देगी। ताकि आप अपने छत पर आप अपना सोलर प्लांट लगा सकें।

साथियों,

बीजेपी की सरकार में, यहां बंगाल की बहनों को अपनी बीमारी का इलाज टालने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। आप देखिए, कल्याणी में एम्स हमने बनाया है। हमारी सरकार 5 लाख रुपए रुपए का मुफ्त इलाज देगी... पांच लाख रुपये का... जन-औषधि केंद्रों पर 80 परसेंट डिस्काउंट में दवा दी जाएगी। ब्रेस्ट कैंसर हो, सर्वाइवकल कैंसर हो, इनकी जांच और टीका मुफ्त लगाया जाएगा। और साथ ही, गर्भावस्था के दौरान 21 हज़ार रुपए की मदद...और ग्रेजुएशन के लिए 50 हज़ार रुपए की मदद...ये भी बीजेपी सरकार देने वाली है। यानि बेटियों की पढ़ाई और दवाई...इसकी चिंता बीजेपी सरकार करेगी।

साथियों,

बीजेपी सरकार... बहनों के रोजगार और स्वरोजगार के लिए भी सहायता देगी। बहनें, हर साल एक लाख रुपए से अधिक कमाएं... इसके लिए 75 लाख बहनों को मदद दी जाएगी। जो बहन, अपनी कोई दुकान, ढाबा, सैलोन, बुटीक...ये शुरू करना चाहती हैं... तो बैंक से 20 लाख रुपए तक का मुद्रा लोन मिलेगा...और बैंक को गारंटी चाहिए ना ये गारंटी अब बहनों आपको नहीं देनी पड़ेगी ये गारंटी आपका ये भाई मोदी देगा...

साथियों,

बंगाल बीजेपी ने एक और बहुत बड़ा ऐलान किया है। बंगाल में बीजेपी सरकार...हर साल 36 हज़ार रुपए बहनों के खाते में जमा करेगी। आंगनबाड़ी हो, अन्य महिला हेल्थ वर्कर्स हों...उनके वेतन-भत्ते को लेकर भी बंगाल बीजेपी ने बड़ी घोषणा की है। इतना ही नहीं...बंगाल बीजेपी ने बेटियों को सरकारी नौकरी में तैंतीस परसेंट आरक्षण देने का भी भरोसा दिया है। यानि बीजेपी की डबल इंजन सरकार का... बंगाल की बहनों-बेटियों को डबल फायदा होगा।

 

साथियों,

बंगाल के युवाओं में बहुत सामर्थ्य है...TMC की निर्मम सरकार ने युवाओं को नशे के अंधकार में धकेल दिया है। हमारा ये बंगाल तो क्रिएटिवटी का किंग है...आपने देखा बच्चों ने कितना बढ़िया-बढ़िया पेंटिंग बनाकर ले आए हैं... बीजेपी, बंगाल के युवाओं की क्रिएटिविटी को ताकत देगी, संवारेगी। आजकल बंगाल के बेटे-बेटियों के म्यूजिक वीडियोज़ की..उनकी बनाई रील्स की... सोशल मीडिया पर बहुत तारीफ हो रही है वाहवाही हो रही है। कई रील्स तो मैंने भी देखी हैं। ज़ाहिर है, झालमुड़ी से ही जिनको इतनी झाल लगती है...उनको युवाओं की ये क्रिएटिवटी पसंद नहीं आती है। लेकिन बीजेपी, इस ऑरेंज इकॉनॉमी को, कंटेंट क्रिएशन को...बंगाल की ताकत बनाएगी।

साथियों,

बीजेपी, बंगाल के स्पोर्ट्स कल्चर को नई बुलंदी देगी। अभी टीएमसी के सिंडिकेट ने यहां स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को भी तबाह कर रखा है।

कोलकाता में कुछ महीने पहले जो कुछ हुआ... दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों तक जैसी तस्वीरें पहुंचीं... वो महा-जंगलराज का ही परिणाम था। मैं बंगाल के सभी युवा खिलाड़ियों को भरोसा देता हूं...बंगाल के सभी खिलाड़ियों को भरोसा देता हूं खेलो इंडिया अभियान के तहत, बंगाल में नया स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा।

साथियों,

जैसे गंगा जी का उद्गम स्थल गंगोत्री है...वैसे ही, बीजेपी का उदगम स्रोत जनसंघ है...और जनसंघ का उद्गम, बंगाल से हुआ है। पहले लोकसभा चुनाव में...बंगाल ने जनसंघ का खाता खोला था। तब कलकत्ता से डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी जीते थे।

साथियों,

उस दौरान 24 परगना हो, नादिया हो, मेदिनीपुर हो...यहां जनसंघ को विधानसभा चुनाव में भी बहुत अधिक समर्थन मिला था। इसके पीछे एक कारण था। जनसंघ ने तब विभाजन का दर्द बांटा था। जनसंघ, पूर्वी बंगाल से बेघर हुए शरणार्थियों के साथ खड़ा हुआ था। जनसंघ की कहीं भी सरकार नहीं थी...लेकिन शरणार्थियों के मुद्दों को, जनसंघ ने ही उठाया।

साथियों,

डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी को तो शरणार्थियों का प्रवक्ता माना जाता था। उन्हीं के संस्कार आज भाजपा के भीतर हैं। इसलिए, विभाजन से लेकर आज तक...हर शरणार्थी परिवार को हम अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। आपके सुख-दुख की चिंता करना...ये भारत का ऐतिहासिक दायित्व है। इसलिए, मोदी CAA कानून लेकर आया। वरना दशकों तक ये काम क्यों नहीं हुआ था?

साथियों,

मैं मतुआ-नामशूद्र और अन्य सभी शरणार्थी परिवारों से कहूंगा...

आपको नागरिकता भी मिलेगी... आपको पक्का एड्रेस मिलेगा...

आपको हर वो कागज़ मिलेगा, हर वो हक मिलेगा...जो किसी भी देशवासी को, देश के नागरिक को मिलता है। ये मोदी की गारंटी है।

लेकिन साथियों,

आपको टीएमसी के झूठ से बहुत सावधान रहना है। आप अपने ह्रदय पर हाथ रखकर खुद से पूछिए..जो लोग खुलेआम CAA का विरोध करते थे...जो CAA को हटाने का ऐलान करते हैं...क्या वो आपकी भलाई के बारे में कभी भी सोच सकते हैं क्या? अगर कोई साथी गलती से भी, TMC को वोट देने के बारे में सोचता है... तो वो अपने पूर्वजों के दिल को दुखाने का ही काम करेगा।

साथियों,

आज बॉनगांव से मैं, डंके की चोट पर घुसपैठियों को भी चेतावनी देना चाहता हूं। जो भी अवैध तरीके से बंगाल में घुस आया है...जो फर्ज़ी डॉक्यूमेंट लेकर यहां रह रहा है...वो 29 अप्रैल से पहले बंगाल और हिंदुस्तान छोड़ दे। वरना, 4 मई के बाद हर घुसपैठिए को खदेड़ा जाएगा। TMC, किसी भी घुसपैठिए को अब बचा नहीं पाएगी।

साथियों,

विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय जी ने पाथेर पांचाली जैसी कालजयी रचना रची थी। उसमें उन्होंने, पलायन, गरीबी और बहनों के संघर्ष की कहानी बताई है। वो आज भी बंगाल की सच्चाई है। ये चुनाव, इस स्थिति को बदलने का चुनाव है। ये काम हमें मिलकर करना है। इसके लिए हर बूथ पर, आपका एक-एक वोट कमल पर पड़ना चाहिए...आप बीजेपी उम्मीदवारों को MLA बनाइए...ये बीजेपी का पहला सीएम बनाएंगे...फिर पीएम और सीएम मिलकर, आपके सभी सपने पूरे करने के लिए दिन-रात मेहनत करेंगे। इसी आग्रह के साथ...आप सभी का बहुत-बहुत आभार। दोनों हाथ ऊपर करके हाथ बंद करके बोलिए भारत माता की... भारत माता की... भारत माता की... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे... वंदे...

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आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है: G7 समिट में पीएम मोदी
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।