करप्शन पर डीएमके पार्टी का पहला कॉपीराइट, पूरा कुनबा मिलकर तमिलनाडु को लूटने में जुटा।
देश के लोगों को भाषा, धर्म और जाति के नाम पर लड़ाना ही डीएमके की राजनीति का मुख्य आधार है।
कच्चातिवू द्वीप की उपेक्षा की कांग्रेस की एक बड़ी भूल ने तमिलनाडु में मछुआरों के जीवन को हमेशा के लिए खतरे में डाल दिया है।
तमिलनाडु का विकास कभी डीएमके की प्राथमिकता नहीं रहा, उसने हमेशा घृणा और विभाजन की राजनीति की।

एन अन्बार्न्दा तमिल सगोदर सगोदरिगले, वणक्कम
सबसे पहले तो मैं आप सबकी क्षमा मांगता हूं क्योंकि मैं तमिल में बोल नहीं पाता हूं, इसके लिए आप सभी मुझे क्षमा करेंगे। दूसरा 14 अप्रैल को हमारा नववर्ष आरंभ हो रहा है। मैं आप सबको नववर्ष की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं और मुझे पक्का विश्वास है कि आने वाला वर्ष तमिलनाडु के विकास की यात्रा को और मजबूत बनाएगा और ये चुनाव उसमें आपका उत्साह उमंग नई ताकत भर देगा। जो लोग दिल्ली में बैठे हैं उन्हें शायद पता नहीं चलता होगा कि वेलूर की धरती नया इतिहास बनाने जा रही है। ये आपका प्यार, ये आपका आशीर्वाद तमिलनाडु के प्रति मेरा जो समर्पण है, उस समर्पण को और अधिक प्रेरणा देते हैं और अधिक पवित्र बना देते हैं। इसलिए मैं तमिलनाडु के लोगों का जितना अभिनंदन करूं उतना कम है।

वेलूर की ऐतिहासिक, पौराणिक और वीरता से भरी इस धरती को मैं प्रणाम करता हूँ। मैं यहाँ विराजमान जलगंडेश्वर शिव और भगवान मुरुगन के चरणों में नमन करता हूँ। ब्रिटिश रूल के खिलाफ इस धरती पर बहुत बड़ी क्रांति हुई थी। आज वही वेलूर फोर्ट और वेलूर की धरती एक बार फिर history बनते देख रही है। बीजेपी और NDA को तमिलनाडु में अपार जनसमर्थन मिल रहा है। पूरा तमिलनाडु कह रहा है- फिर एक बार, मोदी सरकार!

साथियों,
हमें मिलकर इस 21st century में अपने भारत को, अपने तमिलनाडु को विकसित बनाना है। बीते 10 वर्षों में NDA की central government ने developed भारत की foundation तैयार की है। आपको याद होगा, 2014 के पहले भारत को कैसी नज़र से देखा जाता था। हमारी इकॉनॉमी weak थी, देश में big decisions नहीं होते थे। केवल scams की खबरें आती थीं। जब भी अखबार खोलो स्कैम, जब भी नेता का नाम सुनो स्कैम, भारत के बारे में कहा जाता था कि भारत की इकॉनमी कभी भी फेल हो सकती है।  हिंदुस्तान इकोनॉमिकली डूब जाएगा ऐसा कहा जाता था।

वही भारत आज दुनिया की एक ताकत बनकर उभर रहा है। और मुझे खुशी है कि इसमें तमिलनाडु की बड़ी भूमिका रही है। भारत को स्पेस सेक्टर में आगे ले जाने में तमिलनाडु का बड़ा contribution रहा है। भारत को मैन्यूफैक्चरिंग में आगे ले जाने में तमिलनाडु का hard work रहा है। मुझे विश्वास है, तमिलनाडु में बन रहा डिफेंस कॉरिडोर, डिफेंस सेक्टर में इस राज्य को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। तमिलनाडु के युवाओं के टेलेंट ने भारत के स्टार्टअप ecosystem को भी मजबूती दी है।

साथियों,
NDA सरकार, वेलूर के लोगों की Aspirations को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। उड़ान स्कीम के तहत बन रहा वेलूर का एयरपोर्ट जल्द ही पूरा हो जाएगा। इससे वेलूर एयर कनेक्टिविटी के मैप पर आ जाएगा। इससे यहां पढ़ने वाले students को भी बहुत help होगी। चेन्नई-बेंगलुरू इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी वेलूर से होकर गुजर रहा है। इससे भी यहां की कनेक्टिविटी modern होगी। 2014 के बाद से ही NDA सरकार ने इस क्षेत्र में रेलवे के विकास के लिए भी बहुत काम किया है। कई स्टेशनों पर रेलवे प्लेटफॉर्म की लंबाई भी बढ़ाई गई है ताकि ज्यादा लंबी ट्रेनें वहां रुक सकें।

साथियों,
तमिलनाडु के लिए ये developed भारत का नेतृत्व करने का समय है। लेकिन, DMK तमिलनाडु को पुरानी सोच में, पुरानी पॉलिटिक्स में फंसाकर रखना चाहती है। पूरी DMK एक फैमिली की कंपनी बनकर रह गई है। DMK की family politics की वजह से  तमिलनाडु के Youth को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है। DMK से चुनाव लड़ने और DMK में आगे बढ़ने के लिए 3 main criteria हैं।

First- family politics!
Second- Corruption
Third- Anti-Tamil culture.

करप्शन पर तो DMK ने पहला कॉपी राइट करवाया हुआ है। पूरी फैमिली मिलकर तमिलनाडु को लूटने का काम कर रही है। अभी खुलासा हुआ है कि सैंड स्मग्लर्स ने two years में तमिलनाडु का 46 hundred crore rupees का loss किया है। आप कल्पना करिए, पूरे तमिलनाडु में लूट का कितना बड़ा खेल चल रहा है। हम केंद्र सरकार से तमिलनाडु के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए भेजते हैं, ये पैसा भी DMK के करप्शन की भेंट चढ़ जाता है। DMK ने तमिलनाडु और देश के भविष्य, हमारे छोटे-छोटे बच्चों तक को नहीं छोड़ा है। स्कूल तक ड्रग्स कारोबार का शिकार हो गए हैं। इन ड्रग्स माफियाओं को किसका संरक्षण हासिल है? एनसीबी ने जिस ड्रग लॉर्ड को गिरफ्तार किया है, उसके संबंध किस फैमिली से पता चल रहे हैं? इस चुनाव में तमिलनाडु की जनता इन सब पापों का हिसाब करेगी।

साथियों,
DMK पार्टी की पॉलिटिक्स का मुख्य आधार है- Divide…Divide और Divide. ये पार्टी देश के लोगों को भाषा के नाम पर लड़ाती है, क्षेत्र के नाम पर लड़ाती है, धर्म और जाति के नाम पर लड़ाती है। DMK को पता है कि जिस दिन लोग Divide and Rule की पॉलिटिक्स समझ गए, उसे एक वोट नहीं मिलेगा। इसलिए ये लोगों को आपस में लड़ाते हैं। मैंने भी ठान लिया है कि DMK की इस दशकों पुरानी खतरनाक पॉलिटिक्स को एक्सपोज करके ही रहूंगा।

काशी-तमिल संगमम् हो, सौराष्ट्र-तमिल संगमम् हो, मेरा प्रयास होता है कि पूरा देश हमारी महान तमिल संस्कृति को जाने। और आज जब मैं वेलूर आया हूं, तो मैं काशी का सांसद हूं, आप काशी आइए, मैं निमंत्रण देने आया हूं। काशी-तमिल संगमम् को और शानदार बनाइए, दूसरा मैं गुजरात में पैदा हुआ हूं। यहां भी गुजरात के बहुत परिवार रहते हैं। सैकड़ो परिवार हैं यहां हमारे कच्छ के। मैं आपको सौराष्ट्र-तमिल संगमम् के लिए भी एक गुजराती के नाते निमंत्रण देता हूं। और जो यहां सौराष्ट्री तमिल है वो अपने गांव आएं अपने कुल देवता के दर्शन करे, ये हमेशा मेरा आपको निमंत्रण है। मैं यूनाइटेड नेशंस में तमिल भाषा में बोलने का प्रयास करता हूँ, ताकि, पूरी दुनिया को पता चले कि हमारी तमिल विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। मेरे इन प्रयासों के बीच DMK की सच्चाई क्या है?
मैंने जब संसद में तमिलनाडु के पवित्र सेंगोल की स्थापना करवाई, तो DMK पार्टी ने उसका भी बॉयकॉट किया था।

साथियों,
कांग्रेस और DMK पार्टी के एक और पाखंड की चर्चा आज पूरा देश कर रहा है। जब काँग्रेस की सरकार थी, तब कई दशक पहले इन लोगों ने कच्चातीवू आइलैंड श्रीलंका को दे दिया। किस कैबिनेट में ये निर्णय हुआ, किसके फायदे के लिए ये फैसला हुआ, इस पर कांग्रेस की बोलती बंद है। बीते वर्षों में उस आइलैंड के पास जाने पर तमिलनाडु के हजारों मछुआरें गिरफ्तार हुए हैं। गिरफ्तारी पर कांग्रेस और DMK झूठी हमदर्दी दिखाते हैं। लेकिन ये लोग तमिलनाडु के लोगों को ये सच नहीं बताते कि कच्चातीवू आइलैंड इन्होंने ही श्रीलंका को दिया था। और तमिलनाडु की जनता को अंधेरे में रखा था। NDA सरकार ऐसे मछुआरों को निरंतर रिहा कराकर वापस ला रही है। इतना ही नहीं पांच मछुआरों को फांसी की सजा कर दी थी श्रीलंका ने उन्हें भी जिंदा वापस लाया था। DMK-कांग्रेस, सिर्फ मछुआरों के ही नहीं, बल्कि देश के भी गुनहगार हैं।

साथियों,
मेरे मन में वेलूर के लिए हमेशा से एक विशेष श्रद्धा रही है। जब मैं गुजरात का CM था, तब भी मैं श्रीपुरम नारायणी मंदिर यानी गोल्डेन टेम्पल आया था। तमिलनाडु तो शक्ति की उपासना करने वाले लोगों की धरती है। लेकिन इंडी अलांयस के लोग इस शक्ति का भी अपमान करते हैं। आपको याद होगा काँग्रेस के युवराज ने क्या कहा है कि, हिन्दू धर्म में जो शक्ति है, वो उस शक्ति का विनाश करेंगे! यही मानसिकता DMK की भी है। ये लोग एक सनातन के विनाश की बात करते हैं, राम मंदिर का बहिष्कार करते हैं।

DMK और इंडी गठबंधन महिलाओं के अपमान में भी पीछे नहीं हैं। इन्होंने अम्मा जयललिता के साथ कितना गलत व्यवहार किया था! आज भी, DMK नेता महिलाओं के अपमान में कैसी-कैसी भाषा बोलते हैं, ये तो यहीं वेलूर के लोगों ने ही देखा है! BJP को, NDA को दिया आपका आशीर्वाद, सतानत शक्ति की रक्षा करेगा और महिलाओं का सम्मान भी बढ़ाएगा।

साथियों,
19 अप्रैल को तमिलनाडु के सम्मान के लिए, तमिलनाडु के भविष्य के लिए बहुत बड़ा अवसर आने वाला है। वेलूर से श्री ए.सी.शनमुगम, धरमपुरी से श्रीमती सौम्या अंबुमनी, कृष्णागिरी से श्री सी नरसिम्हन, अराक्कोनम से श्री के बालू, तिरुअन्नामलाई से श्री ए. अश्वत्थामन, और आरणि से श्री ए गणेशकुमार, ये आपके सपनों और आकांक्षाओं के लिए काम करेंगे। 19 अप्रैल को एनडीए के पक्ष में आपका एक-एक वोट तमिलनाडु के भविष्य की गारंटी बनेगा- इदु मोदियिन् गारंटी!

देखिए मैं आपका परिचय करवा रहा हूं और मुझे एक बाल प्रभु राम के वेष में दर्शन हो रहे हैं। मैं आपको ये भी बताना चाहूंगा कि मेरे भाषण, मैंने पहले भी कहा था कि मैं तमिल बोल नहीं पाता हूं। लेकिन मैं आपके साथ जीना चाहता हूं, मेरे दिल में आपको रखना चाहता हूं। आप के दिल में मैं हमेशा रहना चाहता हूं। इसलिए मेरे भाषण अब तमिल भाषा में भी ऑनलाइन उपलब्ध होते हैं।

आप सोशल मीडिया प्लैटफ़ार्म X पर NaMoInTamil को फॉलो करिए। आप मुझे तमिल भाषा में सुन पाएंगे मैं इस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहा हूं। मेरी आपसे प्रार्थना है, मैं आज वेलूर आया हूं। मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप घर-घर जाइए, और हर परिवार में जाकर बताना की मोदी जी वेलूर आए थे। और मोदी जी ने आपको वडक्कम भेजा है। मेरा वडक्कम पहुंचाइए। आप इतनी बड़ी विशाल संख्या में हमें आशीर्वाद देने के लिए आए। मैं आपका हृदय से बहुत बहुत धन्यवाद करता हूं। वडक्कम।

भारत माता की जय
भारत माता की जय
भारत माता की जय
वंदे मातरम्,,,,
बहुत-बहुत धन्यवाद!

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पीएम मोदी ने 52वीं PRAGATI मीटिंग की अध्यक्षता की
June 24, 2026
प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरिडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से जुड़ी लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाले चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो चार राज्यों में फैली हुई हैं
प्रधानमंत्री ने कुशल योजना निर्माण के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग तथा पोर्टल पर परियोजनाओं, उपयोगिताओं और अवसंरचना संबंधी आंकड़ों को समय पर अपडेट करने पर जोर दिया
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों और राज्य सरकारों से लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने और उनकी कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा
प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया
प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की तथा समयबद्ध कार्रवाई, समन्वित प्रतिक्रिया और ई-जीरो एफआईआर पंजीकरण व्यवस्था पर जोर दिया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सेवा तीर्थ में 'प्रगति' की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) आधारित यह बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों को निर्बाध रूप से एकीकृत कर सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सड़क, बिजली, औद्योगिक कॉरीडोर और मेट्रो रेल क्षेत्रों से संबंधित चार महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। लगभग 30,000 करोड़ रुपये लागत वाली ये परियोजनाएं चार राज्यों में फैली हुई हैं। आर्थिक विकास, क्षेत्रीय संपर्क, औद्योगिक प्रगति और जनकल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल, समस्याओं के समाधान और समय पर पूरा होने पर विशेष ध्यान देते हुए की गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं में देरी न केवल लागत बढ़ाती है, बल्कि लोगों और उद्योगों को समय पर मिलने वाले लाभों से भी वंचित कर देती है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को लंबित मुद्दों का मिशन मोड में समाधान करने तथा उच्चतम स्तर पर उनकी सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रभावी योजना और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने परियोजनाओं के विवरण, उपयोगिताओं, अवसंरचना परतों, स्वीकृतियों और अन्य क्षेत्रीय सूचनाओं को पोर्टल पर नियमित एवं समय पर अपडेट करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच पर जमीनी स्तर की नवीनतम स्थिति दिखाई देनी चाहिए ताकि रूकावटों के बारे में पहले से पता चल सके और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर हो तथा विश्वसनीय एवं वास्तविक समय के आंकड़ों के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।

प्रधानमंत्री ने टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित नवीनतम डिजिटल तकनीकों के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जागरूकता, रोगियों के फॉलो-अप और सामुदायिक सहभागिता के लिए एनसीसी कैडेटों और ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों की एक टीम गठित करने का सुझाव दिया।

प्रधानमंत्री ने साइबर अपराध और डिजिटल गिरफ्तारी से संबंधित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने नागरिकों को ठगने के लिए डिजिटल मंचों के बढ़ते दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसे मामलों का सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा समन्वित, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए एक विभाग या एजेंसी से दूसरी एजेंसी के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट जवाबदेही, त्वरित प्रतिक्रिया, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और डिजिटल मंचों के बीच बेहतर समन्वय तथा जन-जागरूकता अभियानों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में वित्तीय नुकसान को रोकने और लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए समय पर कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी हितधारकों से रोकथाम, रिपोर्टिंग, जांच और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित पंजीकरण और प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।