भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और नक्सली हिंसा दोनों पर काबू पाया।
शक्तिशाली और विकसित भारत बनाने के लिए जनता को भरोसा सिर्फ बीजेपी पर है।

भारत माता की…,

भारत माता की… ,

भारत माता की…

जम्मो छत्तीसगढ़ के भाई-बहिनी, सियान, महतारी, मन ला जय जोहार ! सब जना बैठ जाइए, मैंने देख लिया। बैठ जाइए। माता विंध्यवासिनी बिलाई और रुद्रेश्वर महादेव को मैं प्रणाम करता हूं।

भाइयों और बहनों,

19 अप्रैल को हमारे छत्तीसगढ़ में बस्तर सीट पर मतदान हुआ। देश के और राज्यों में मतदान हुआ। और उस प्रथम चरण के मतदान ने साफ कर दिया है कि देश का मन एकदम साफ है और देश का मन कहता है शक्तिशाली, विकसित भारत बनाने के लिए, एक मजबूत सरकार बनानी है। औऱ इसलिए जनता जनार्दन का भरोसा सिर्फ औऱ सिर्फ भाजपा पर है। दूसरी तरफ इंडी गठबंधन वाले हैं, उनके आपस में ही सिर फुटौव्वल चल रही है। आपने देखा होगा, दो दिन पहले झारखंड में इंडी-गठबंधन की रैली थी। वहां सरेआम, एक-दूसरे के सिर फोड़े गए, कपड़े फाड़े गए। ये है, इन लोगों की हालत है। और मैं तो पत्रकार जगत के लोगों को कहूंगा कि इंडी अलायंस वालों ने जब पहली रैली की थी, तब कितने लोगों ने हाथ बांध बांध करके उठाया था। दूसरी रैली हुई थी तो कितने निकल गए, तीसरी हुई तब कितने निकल गए, और ये आखिरी रैली में तो जो पहली में थे उसमें से तो आधे निकल गए, सब छोड़ कर भाग गए। कांग्रेस की स्थिति तो ऐसी है कि दिल्ली में जहां ये कांग्रेस का शाही परिवार रहता है न, ये कांग्रेस के शाही परिवार को उनके नसीब में उनकी खुद की पार्टी कांग्रेस को वोट देने का अवसर नहीं है, बताइए। और वो हिन्दुस्तान भर में वोट मांग रहे हैं। खुद का वोट कांग्रेस को नहीं जाएगा औऱ आपको कहते हैं कि वोट दो क्योंकि वो शाही परिवार जहां रहता है वहां कांग्रेस का कोई उम्मीदवार ही नहीं है। जिस कांग्रेस से दिल्ली का भरोसा तक उठ गया हो, उस पर छत्तीसगढ़ भरोसा कैसे कर सकता है? और तभी देश कह रहा है- फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार ! फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों,

आज मैं आपसे, विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए आया हूं। आज मैं आपके बीच, मेरे लिए कुछ मांगने के लिए आया हूँ और मुझे भरोसा है, मैंने जितनी बार भी आपके पास कुछ मांगा है, छत्तीसगढ़ ने मुझे कभी निऱाश नहीं किया है। मेरी झोली भर दी है उन्होंने।

भाइयों औऱ बहनों,

ये छत्तीसगढ वो प्रदेश है, जिसके पास स्टील की ताकत है। छत्तीसगढ़ के पास कोयले की शक्ति है। छत्तीसगढ़ के पास वन संपदा का भंडार है। छत्तीसगढ़ में विकसित भारत की यात्रा को तेज गति देने का सामर्थ्य है। आपने 10 साल मुझे देखा है। प्रधानमंत्री, आपने जब से बनाया है मेरे काम को देखा है। आपकी सेवा करने का आपने मुझे मौका दिया है, और आपने देखा कोई छुट्टी लिए बिना, मैं आपकी सेवा करता रहूं कि नहीं करता रहा हूं? दिन रात सेवा करता रहा हूँ कि नहीं कर रहा रहूं? मेरे लिए कभी कुछ किया, ऐसी कोई खबर आपने सुनी है, मैंने मेरे लिए कुछ काम किया, ऐसी कोई खबर पढ़ी है। मैं दस साल सिर्फ औऱ सिर्फ आपके लिए, जीता रहा हूं। आपके लिए जूझता रहा हूँ। दस साल में, क्या कुछ नहीं हुआ, (अब उनको नीचे रखिए, इतना वजन उठाकरके क्या करोगे हनुमान जी है बहुत ताकत होती है, आराम से बैठिए भाई, बाकियों का ध्यान divert कर रहे हैं, आप बैठिए, आराम से, बजरंग बली की जय,बजंरंग बली की जय)

साथियों,

दस साल में महासमुंद सहित छत्तीसगढ़ में पांच नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए, भाजपा ने हर घर तक बिजली पहुंचाई, सस्ते सिलेंडर वाला गैस कनेक्शन दिया, घर-घर पानी पहुंचाने के लिए तेज़ी से काम हो रहा है, बेलसोंडा-महासमुंद-अरंड के बीच रेल का दोहरीकरण हो रहा है, रायपुर, धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम से होते हुए इकॉनॉमिक कॉरिडोर बन रहा है, कोडेबाद और धमतरी के बीच हाईवे बेहतर हुआ है। मैं ऐसे कई काम गिना सकता हूं। कांग्रेस के समय में जनजातीय क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ऐसे काम होते ही नहीं थे। आज मोदी आपको गारंटी दे रहा है, 4 जून को चुनाव नतीजे आने के बाद, तीसरी बार मेरी सरकार बनने के बाद, छत्तीसगढ़ में रोड, रेल, सिंचाई और इंटरनेट कनेक्टिविटी का और तेजी से विस्तार किया जाएगा। इससे जुड़ी सारी जानकारियां विष्णु देव साय जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार सारी जानकारियां लगातार दिल्ली भेज रही है। नई सरकार के पहले 100 दिन में छत्तीसगढ़ के लिए जो फैसले होंगे, उसके लिए इससे मदद मिलेगी

साथियों, कांग्रेस जब भी सत्ता में रही है, उसने विकास को पटरी से उतारने का काम किया है।कांग्रेस और विकास साथ-साथ चल ही नहीं सकते। इसके बजाय कांग्रेस जहां-जहां सरकार में रही, वहां हिंसा और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया। यही कांग्रेस है, जो जब तक नॉर्थ ईस्ट में थी, तब तक वहां हिंसा की गतिविधियां शांत नहीं हो पा रही थीं। यही कांग्रेस है, जो जब तक पावर में रही, छत्तीसगढ़ में नक्सली, माओवादी, हिंसा बढ़ती रही। आखिर कांग्रेस और हिंसा का ये कौन सा नाता है कौन सा कनेक्शन है? जवाब है भ्रष्टाचार। अपना भ्रष्टाचार छिपाने के लिए कांग्रेस हिंसा को बढ़ावा देती रही। लोग जान गंवाते रहे, लेकिन कांग्रेस अपनी तिजोरी भरने में लगी रही। भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और नक्सली हिंसा दोनों को काबू किया है। अब छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद तेजी से कम हो रहा है। और मैं छत्तीसगढ़ को गारंटी देता हूं- माओवाद को, नक्सलवाद को, जड़ से समाप्त करके रहूंगा। मैं, उन हर माता को आश्ववासन देता हूँ, कि आपके बच्चो की जिंदगी बरबाद न हो, वो बंदूके लेकर जंगलों में भटकने के आदी न बन जाऐ, इसलिए मैं आपके बच्चों की रक्षा के लिए, हर मॉ को वादा करता हूँ, मैं माओवाद, नक्सलवाद को जड़ों से उखाड़ फेकूंगा।

भाइयों और बहनों,

जब नीयत सही होती है, तो नतीजे भी सही मिलते हैं। कांग्रेस की सरकार कहती थी कि दिल्ली से 1 रुपया चलेगा तो लाभार्थी तक 15 पैसा ही पहुंचेगा। ये उनके प्रधानमंत्री कहते थे, उन्होंने इस व्यवस्था को बदलने का कोई प्रयास ही नहीं किया। अब सवाल ये है कि 1 रुपए में से 15 पैसा पहुंचता था तो ये 85 पैसे, eighty five paise ये रास्ते में ही कौन सा पंजा लूट लेता था, भाई? जब आपने मोदी को सेवा का अवसर दिया तो सबसे पहले मैंने इनकी लूट की दुकान पर ताला लगा दिया। देश में 50 करोड़ से ज्यादा जनधन खाते खोले गए, जिनमें से छत्तीसगढ़ में भी पौने दो करोड़ खाते खोले गए। बीते 10 साल में बीजेपी सरकार ने 34 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा सीधे देश की जनता के बैंक खातों में भेजे हैं। आपको, आंकड़ा याद रहेगा, कितना? भूल गए न, 34 लाख करोड़, कितना? 34 लाख करोड़। अब 1 रूपये में से 15 पैसा पहुंचने वाला हिसाब लगाओगे तो क्या होगा, अगर कांग्रेस सरकार होती और उन्होंने 34 लाख करोड़ भेजा होता औऱ 15 पैसा के हिसाब से पहुंचा होता तो 34 लाख करोड़ में से 29 लाख करोड़ रूपए उनकी सरकार के बिचौलिए ही खा जाते। मेरी बात समझ आ रही है? आपको। ये मोदी ने, आपके वो पैसे बचाए हैं। और जो हकदार है, उसके खाते में सीधे सीधे पहुंचाए हैं। बीजेपी सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को तीन लाख करोड़ रुपया बैंक में ट्रांसफर किए हैं। कितना? याद रखोगे न? कितना? अगर कांग्रेस सरकार होती तो इसमें से भी करीब ढाई लाख करोड़ कोई न कोई पंजा मार लेता । जब तक देश में भाजपा की सरकार है, आपके हक का पैसा सीधे आपके अकाउंट में पहुंचता है, कोई बिचौलिया नहीं, कोई कट की कंपनी नहीं, कोई रिश्वत नहीं। ये सेवा मोदी करता है। दिल्ली से 1 रूपया निकले और सौ के सौ पैसे हकदार के पास पहुंचे, ये मोदी की गारंटी है।

साथियों, कांग्रेस गरीब से सिर्फ विश्वासघात करना जानती है, कांग्रेस कभी भी गरीब की पीड़ा नहीं समझती। सोने के चम्मच लेकर के पैदा हुए लोग, गरीब मां का दर्द क्या होता है, कभी नहीं समझ सकते। मोदी समझ सकता है, वो जिंदगी को जी करके आय़ा है। गरीबी को जी करके आया है। कांग्रेस ने 60 साल तक देश पर राज किया, लेकिन कभी उनको ये चिंता नहीं हुई कि क्या कभी गरीब के बच्चे भूखे सोते होंगे, क्या गरीब के घर में कभी चूल्हा नहीं जलता होगा, मोदी इस दर्द को जानता था और इसलिए मैंने मुफ्त राशन की योजना चालू की औऱ आज गरीब को मुफ्त राशन मिल रहा है। भाजपा ने ना सिर्फ इसे लागू किया बल्कि ये गारंटी भी दी है कि ये योजना अगले 5 साल जारी रहेगी। मुफ्त राशन मिलता रहेगा।कांग्रेस को कभी ये चिंता भी नहीं हुई, कि गरीब के पास, मेरे दलित परिवारों के पास, मेरे आदिवासी परिवारों के पास, इलाज के पैसे कहां से लाएगा? और हम तो जानते हैं कि परिवार में कोई मां, बहन बीमार हो जाती है न, तो परिवार के लोगों को बताती तक नहीं है,सहन करती रहती है, काम भी करती रहती है, पीड़ा सहन करती रहती है, क्यों, उस मां के मन में रहता है कि अगर बच्चो को पता चल गया कि बीमारी है तो अस्पताल तो ले जाएगें लेकिन इतना खर्च आएगा कि संतान कर्ज में डूब जाएगें, अपनी संतान कर्ज में डूब न जाऐं इसलिए हमारे देश की माताऐं और बहनें, दर्द सहन करती थीं, पीड़ा सहन करती थीं लेकिन परिवार को बताती नहीं थीं औऱ कभी कभी मौत को आलिंगन दे देती थीं। ये बात मैं जानता था, तो फिर आपके बेटे का दिल्ली में बैठने का क्या मतलब? क्या मतलब दिल्ली में बैठने का? वो दर्द वो पीड़ा मेरे दिल में थी क्योंकि आपके बीच से निकल कर आय़ा था, आपने मोदी पर भरोसा किया था, आज छत्तीसगढ़ के लाखों परिवारों के पास 5 लाख रुपए के मुफ्त इलाज का गारंटी कार्ड है। अब किसी मां बाप को अपना दर्द छिपाना नहीं पड़ेगा। अब मोदी की गारंटी है कि छत्तीसगढ़ में हर परिवार में जो भी सत्तर साल के ऊपर के बुजुर्ग हैं, उन परिवार में जो लोग कमाने वाले हैं उनको मैं कह देता हूँ, आपको आपके माता पिता की दवाई के इलाज का जो बोझ रहता है न वो पैसे अब बचेगें औऱ आप पैसे का उपयोग अपने बच्चों पर लगा सकते हो, और आपके मात पिता मेरे भी मात पिता हैं, उनकी बिमारी का इलाज मोदी करेगा। आपका ये बेटा ही करेगा।

साथियों,

हमारे देश में करीब 10 करोड़ किसान ऐसे हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से भी कम जमीन है। छोटे किसान हैं, इन छोटे किसानों की चिंता कभी कांग्रेस ने नहीं की। छोटे किसानों को भी कभी सीधे पैसा मिलेगा, ये कभी तो उन्होंने सोचा भी नहीं था। मांग भी नहीं की थी। लेकिन ये मोदी तो दुःख दर्द तो समझने वाला इंसान है। आज पीएम किसान सम्मान निधि समय पर किसानों को मिल रही है। भाजपा ने छत्तीसगढ़ के धान किसानों को 3 हजार एक सौ रुपए MSP और 2 साल का बकाया बोनस देने की गारंटी दी थी। यहां विष्णु देव जी की सरकार ने इतने कम समय में ही ये गारंटी पूरी कर, हज़ार करोड़ रुपए धान किसानों तक पहुंचा दिए हैं। तेंदुपत्ता संग्राहकों के साथ भी कांग्रेस की सरकार ने क्या-क्या खेल नहीं किया। तेंदुपत्ता संग्राहकों को दी गई हर गारंटी आज भाजपा सरकार ईमानदारी से पूरी कर रही है। एक और बड़ी गारंटी जो भाजपा यहां की बहनों को दी थी, वो है महतारी वंदन योजना। कांग्रेस तब भ्रम फैला रही थी कि भाजपा ये गारंटी पूरा नहीं करेगी। आज बहनों के बैंक अकाउंट में सीधे इस योजना का पैसा जा रहा है।

साथियों,

मोदी ने गरीबों के 3 करोड़ नए घर बनाने की भी गारंटी दी है। इसमें वो 18 लाख घर भी हैं, जो छत्तीसगढ़ के गरीब, SC/ST/OBC परिवारों को मिलेंगे। और मैं आपको भी कहता हूँ, इस चुनाव के दरम्यान जब आप गांव जाऐं, जब मोहल्ले में जाऐं और आपको कोई कच्चे घर में, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाला मिले तो उसे मोदी की गारंटी बता देना,जैसे ही मोदी तीसरी बार बैठेंगे न तेरा घर भी पक्का हो जाएगा। बता देंगे? ऐसे सबको बता देंगे? पक्का बता देंगे? ये घर भी माताओं-बहनों के नाम रजिस्टर होंगे।

भाइयों और बहनों,

मोदी आपके सपने पूरा करने के लिए दिन रात एक कर रहा है, लेकिन कांग्रेस कहती है कि ये तो मुद्दे ही नहीं हैं। और कांग्रेस के लिए मुद्दा क्या है? ये लोग कहते हैं- मोदी का सिर तोड़ देंगे, बताइए चुनाव का मुद्दा है क्या, ये आपके छत्तीसगढ़ में कहा जाता है मोदी का सिर फोड़ देंगे। इतना ही नहीं, यहां ऐसे ऐसे लोग भरे हैं जो मेरी स्वर्गवासी माता को गाली देते हैं। यही लोग हैं जो देशभर में घूम-घूम कर मोदी समाज को, साहू समाज को गाली देते हैं औऱ अदालतों में बड़े गर्व के साथ इंकार करते हैं, अदालत सजा भी देती है।

साथियों, कोई नहीं चाहता कि उसकी संतानें भी गरीब रहें। लेकिन ये कांग्रेस के शाही परिवार की करनी का फल है जो गरीब जहां था, वो गरीब ही रहा। कांग्रेस के दशकों के राज में यही स्थिति थी। कांग्रेस की वजह से ही इतनी बड़ी आबादी पिछड़ी रह गई, वंचित रह गई, शोषित रह गई। ये कांग्रेस ही है ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा तक नहीं दिया। कांग्रेस ने मेडिकल की परीक्षाओं में ओबीसी आरक्षण तक नहीं दिया। और आज जब देश में एक आदिवासी बेटी राष्ट्रपति हैं। यहां छत्तीसगढ़ में, आदिवासी मुख्यमंत्री हैं, छत्तीसगढ़ में ओबीसी उप-मुख्यमंत्री है। पड़ोस में एमपी में भाजपा के मोहन यादव जी मुख्यमंत्री हैं। जब SC/ST/OBC ऐसे पदों पर पहुंच रहे हैं, तो कांग्रेस को लोकतंत्र और संविधान खतरे में नज़र आने लगा है? ये लोग देश के भीतर आग लगाने की धमकी दे रहे हैं।

साथियों,

छत्तीसगढ़ में भूईंया, धनुहार, धांगड़, भिन्जिया, ऐसी अनेक जनजातियां हैं, जो संविधान के तहत अपना हक मांगती थीं। कांग्रेस ने आदिवासियों को उनका ये हक नहीं दिया। कमार और बैंगा जैसी अति पिछड़ी जनजातियां को कांग्रेस ने कभी नहीं पूछा। ये भाजपा है, जिसने इनके लिए पीएम जनमन जैसी 24 हज़ार करोड़ रुपए की योजना बनाई है।

साथियों,

चौबीस के इस चुनाव में आपके सेवक नरेंद्र मोदी को आपका आशीर्वाद चाहिए।ये 2024 के चुनाव में, मैं आपसे, देशवासियों से, आशीर्वाद मांगने के लिए निकला हूँ। मेरे लिए नहीं, आपके सपने पूरे करने के लिए। और मेरा वादा है आपके सपने ही, मेरा संकल्प है। मेरा पल-पल आपके लिए है। मेरा पल-पल देश के लिए है औऱ इसलिए मैं कहता हूँ, 24 बाई सेवन, मैं 2047 के लिए खप जाऊंगा। इस चुनाव में आपको केवल एक सांसद ही नहीं चुनना, बल्कि देश का उज्जवल भविष्य चुनना है, आपके अपने बच्चों का उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करना है। आपकी आने वाली पीढ़ियों का जीवन जो मुसीबतों से आपको गुजारना पड़ा, वैसा न गुजारना पड़े, इसकी गारंटी का ये चुनाव है। इसलिए राष्ट्र निर्माण का ये मौका बिल्कुल ना गंवाएं। गर्मी है, शादियां है, खेत में काम भी है लेकिन गर्मी को रुकावट ना बनने दें, कोशिश करें पहले मतदान, फिर जलपान। भारतीय जनता पार्टी को दिया आपका वोट, विकसित भारत बनाएगा, ये मोदी की गारंटी है। औऱ इसलिए मैं देशवासियों को प्रार्थना करता हूँ, भारी मात्रा में मतदान करें। लोकतंत्र के उत्सव को मनाएं, कमल के निशान पर बटन दबाएं। आपका हर वोट, सीधा-सीधा मोदी के पास जाएगा। आपका हर वोट.. (ऑडियो खराब है...31.00-32.40 तक) शाबाश

साथियों,

आपको 26 अप्रैल को महासमुंद से बहन रूप कुमारी चौधरी जी और कांकेर से भोजराज नाग जी, को विजयी बनाना है। और रायपुर में हमारे पुराने साथी बृजमोहन अग्रवाल जी हैं, हमारे इन तीनों साथियों को भारी मतों से विजयी बनाना है, ताकि दिल्ली में, मैं मजबूती से काम कर सकूं, ऐसे छत्तीसगढ़ के प्रतिनीधि मुझे चाहिए। मैं जानता हूं कि इस सभा में भाजाप के कुछ कार्यकर्ता भी हैं, वो बहुत परिश्रम कर रहे हैं। लेकिन ये परिश्रम तभी फलदायक होगा, जब हम अपना-अपना बूथ जीतेंगे। तो बूथ जीतेगें?, अपना पोलिंग बूथ जीतेगें लेकिन बूथ जीतने के लिए हमें भारी मतदान कराना होगा। पुराने सारे रिकार्ड तोड़ने होंगे, तोडेंगे? पक्का करेंगे? अच्छा मेरा एक और आग्रह है।करेंगे? मेरा एक काम अलग है करेंगे, जरा दोनों हाथ ऊपर करके बताइए करेंगे? करेंगे? अच्छा घर-घर जाइएगा और कहिएगा कि मोदी जी आए थे, उन्होंने जोहार कहा है, राम-राम कहा है। मेरा राम राम पहुंचा देंगे?मेरा जोहार पहुंचा देंगे? मेरे साथ बोलिए, भारत माता की जय ! भारत माता की जय ! भारत माता की जय !
बहुत बहुत धन्यवाद

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Text of PM’s address at the News18 Rising Bharat Summit
February 27, 2026
Developed nations are eager to sign trade deals with India because a confident India is rising beyond doubt and despair: PM
In the last 11 years, a new energy has flowed into the nation's consciousness, India is determined to regain its rightful strength: PM
India's Digital Public Infrastructure has today become a subject of global discussion: PM
Today, every move India makes is closely watched and analysed across the world, the AI Summit is a clear example of this: PM
Nation-building never happens through short-term thinking; It is shaped by a long-term vision, patience and timely decisions: PM

इजराइल की हवा यहाँ भी पहुँच गई है।

नमस्कार!

नेटवर्क 18 के सभी पत्रकार, इस व्यवस्था को देखने वाले सभी साथी, यहां उपस्थित सभी महानुभाव, देवियों और सज्जनों!

आप सभी राइजिंग भारत की चर्चा कर रहे हैं। और इसमें strength within पर आपका जोर है, यानी साधारण शब्दों में कहूं, तो देश के अपने खुद के सामर्थ्य पर आपका फोकस है। और हमारे यहां तो शास्त्रों में कहा गया है - तत् त्वम असि! यानी जिस ब्रह्म की खोज मे हम निकले हैं, वो हम ही हैं, वो हमारे भीतर ही है। जो सामर्थ्य हमारे भीतर है उसे हमें पहचानना है। बीते 11 वर्षों में भारत ने अपना वही सामर्थ्य पहचाना है, और इस सामर्थ्य को सशक्त करने के लिए आज देश निरंतर प्रयास कर रहा है।

साथियों,

सामर्थ्य किसी देश में अचानक पैदा नहीं होता, सामर्थ्य पीढ़ियों में बनता है। वो ज्ञान से, परंपरा से, परिश्रम से और अनुभव से निखरता है, लेकिन इतिहास के एक लंबे कालखंड में, गुलामी की इतनी शताब्दियों में, हमारे सामर्थ्यवान होने की भावना को ही हीनता से भर दिया गया था। दूसरे देशों से आयातित विचारधारा ने समाज में कूट-कूट कर ये भर दिया था, कि हम अशिक्षित हैं और अनुगामी यानी, फॉलोअर हैं, हमारे यहां ये भी कहा गया है – यादृशी भावना यस्य, सिद्धिर्भवति तादृशी। यानी जैसी जिसकी भावना होती है, उसे वैसी ही सिद्धि प्राप्त होती है। जब भावना में ही हीनता थी, तो सिद्धि भी वैसी ही मिल रही है। हम विदेशी तकनीक की नकल करते थे, विदेशी मुहर का इंतजार करते थे, ये वो गुलामी थी जो राजनीतिक और भौगोलिक से ज्यादा मानसिक गुलामी थी। दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी, भारत गुलामी की मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाया। और इसका नुकसान हम आज तक उठा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण, हम ट्रेड डील्स में हो रही चर्चा में देख रहे हैं। कुछ लोग चौंक गए हैं कि अरे ये क्या हो गया, कैसे हो गया, विकसित देश भारत से ट्रेड डील्स करने में इतने उत्सुक क्यों हैं। इसका उत्तर है हताशा, निराशा से बाहर निकल रहा आत्मविश्वासी भारत। अगर देश आज भी 2014 से पहले वाली निराशा में होता, फ्रेजाइल फाइव में गिना जाता, पॉलिसी पैरालिसिस से घिरा होता, अगर ये हाल होते तो कौन हमारे साथ ट्रेड डील्स करता, अरे हमारी तरफ देखता भी नहीं।

लेकिन साथियों,

बीते 11 वर्षों में देश की चेतना में नई ऊर्जा का प्रवाह हुआ है। भारत अब अपने खोये हुए सामर्थ्य को वापस पाने का प्रयास कर रहा है। एक समय में जब भारत का वैश्विक अर्थव्यवस्था में सबसे ज्यादा दबदबा था, तो हमारा क्या सामर्थ्य था? भारत की मैन्युफैक्चरिंग, भारत के प्रोडक्टस की क्वालिटी, भारत की अर्थ नीति, अब आज का भारत फिर से इन बातों पर फोकस कर रहा है। इसलिए हमने मैन्युफैक्चरिंग पर काम किया, हमने मेक इन इंडिया पर बल दिया, हमने अपनी बैंकिंग सिस्टम को सशक्त किया, महंगाई जो डबल डिजिट की दर से भाग रही थी, उसका कंट्रोल किया और भारत को दुनिया का ग्रोथ इंजन बनाया। भारत का यही सामर्थ्य है कि दुनिया के विकसित देश सामने से भारत के साथ ट्रेड डील करने के लिए खुद आगे आ रहे हैं।

साथियों,

जब किसी राष्ट्र के भीतर, छिपी हुई उसकी शक्ति जागती है, तो वह नई उपलब्धियां हासिल करता है। मैं आपको कुछ और उदाहरण देता हूं। जैसे मैं जब कभी दूसरी देशों के हेड ऑफ द गर्वमेंट से मिलता हूं, तो वो जनधन, आधार और मोबाइल की इतनी शक्ति के बारे में सुनने के लिए बहुत उत्सुक होते हैं। जिस भारत में एटीएम भी, दुनिया की विकसित देशों की तुलना में काफी समय बाद आया, उस भारत ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम में ग्लोबल लीडरशिप कैसे हासिल कर ली? जहां पर सरकारी मदद की लीकेज को कड़वा सच मान लिया गया था, वो भारत डीबीटी के जरिये 24 लाख करोड़ रूपये, यानी Twenty four trillion रुपीज कैसे लाभार्थियों को भेज पा रहा है? भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आज पूरे विश्व के लिए चर्चा का विषय बन चुका है।

साथियों,

दुनिया हैरान होती है, कि जिस भारत में 2014 तक, करीब तीन करोड़ परिवार अंधेरे में थे, वो आज सोलर पावर कैपेसिटी में दुनिया के टॉप के देशों में कैसे आ गया? जिस भारत के शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधरने की कोई उम्मीद ना थी, वो भारत आज दुनिया का तीसरा बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश कैसे बन गया? जिस भारत के रेलवे की पहचान सिर्फ लेट-लतीफी और धीमी-रफ्तार से होती थी, वहां वंदे भारत, नमो भारत, ऐसी सेमी-हाईस्पीड कनेक्टिविटी कैसे संभव हो पा रही है?

साथियों,

एक समय था, जब भारत नई टेक्नोलॉजी का सिर्फ और सिर्फ कंज्यूमर था। आज भारत नई टेक्नोलॉजी का निर्माता भी है और नए मानक भी स्थापित कर रहा है। और ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि हमने अपने सामर्थ्य को पहचाना है, जिस Strength Within की आप चर्चा कर रहे हैं, ये उसका ही उदाहरण है।

साथियों,

जब हम गर्व से आगे बढ़ते हैं, तो दुनिया हमें जिस नजर से देखती रही है, वो नजर भी बदली है। आप याद कीजिए, कुछ साल पहले तक दुनिया में, ग्लोबल मीडिया में, भारत के किसी इवेंट की कितनी कम चर्चा होती थी। भारत में होने वाले इवेंट्स को उतनी तवज्जो ही नहीं दी जाती थी। और आज देखिए, भारत जो करता है, जो एक्शन यहां होते हैं, उसका वैश्विक विश्लेषण होता है। AI समिट का उदाहरण आपके सामने है, इसी भवन में हुआ है। AI समिट में 100 से ज्यादा देश शामिल हुए, ग्लोबल नॉर्थ हो या फिर ग्लोबल साउथ, सभी एक साथ, एक ही जगह, एक टेबल पर बैठे। दुनिया के बड़े-बड़े कॉर्पोरेशन्स हों या फिर छोटे-छोटे स्टार्ट अप्स, सभी एक साथ जुटे।

साथियों,

अब तक जितनी भी औद्योगिक क्रांतियां आई हैं, उनमें भारत और पूरा ग्लोबल साउथ सिर्फ फॉलोअर रहा है। लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस युग में, भारत निर्णयों में सहभागी भी है और उन्हें शेप भी कर रहा है। आज हमारे पास खुद का AI स्टार्टअप इकोसिस्टम है, डेटा-सेंटर में निवेश करने की ताकत है और AI डेटा को स्टोर करने के लिए, प्रोसेस करने के लिए, जिस पावर की सबसे ज्यादा ज़रूरत है, उस पर भी भारत तेजी से काम कर रहा है। हमने न्यूक्लियर पावर सेक्टर में जो Reform किया है, वो भी भारत के AI इकोसिस्टम को मजबूती देने में मदद करेगा।

साथियों,

AI समिट का आयोजन पूरे भारत के लिए गौरव का पल था। लेकिन दुर्भाग्य से देश की सबसे पुरानी पार्टी ने, देश के इस उत्सव को मैला करने का प्रयास किया। विदेशी अतिथियों के सामने कांग्रेस ने सिर्फ कपड़े नहीं उतारे, बल्कि इसने कांग्रेस के वैचारिक दिवालिएपन को भी expose कर दिया है। जब नाकामी की निराशा-हताशा मन में हो, और अहंकार सिर चढ़कर बोलता हो, तब देश को बदनाम करने की ऐसी सोच सामने आती है। ज़ाहिर है, कांग्रेस की इस हरकत से देश में गुस्सा है। इसलिए, इन्होंने अपने पाप को सही ठहराने के लिए महात्मा गांधी जी को आगे कर दिया। कांग्रेस हर बार ऐसा ही करती है। जब अपने पाप को छुपाना हो तो कांग्रेस बापू को आगे कर देती है, और जब अपना गौरवगान करना हो, तो एक ही परिवार को सारा क्रेडिट देती है।

साथियों,

कांग्रेस अब विचारधारा के नाम पर केवल विरोध की टूलकिट बनकर रह गई है। और ये अंध-विरोध की मानसिकता इतनी बढ़ गई है, कि ये देश को हर मंच, हर प्लेटफॉर्म पर नीचा दिखाने से नहीं चूकते। देश कुछ भी अच्छा करे, देश के लिए कुछ भी शुभ हो रहा हो, कांग्रेस को विरोध ही करना है।

साथियों,

मेरे पास एक लंबी सूची है, देश की संसद की नई इमारत बनी, उसका विरोध। संसद के ऊपर अशोक स्तंभ के शेरों का विरोध। अब जिनके बब्बर शेर सामान्य नागरिकों के जूते खाकर के भाग रहे थे, उनके संसद भवन के शेर के दांत देखकर के डर लग गया उनको। कर्तव्य भवन बना, उसका भी विरोध। सेनाओं ने सर्जिकल स्ट्राइक की, उसका भी विरोध। बालाकोट में एयर स्ट्राइक हुई, उसका भी विरोध। ऑपरेशन सिंदूर हुआ, उसका भी विरोध। यानी देश की हर उपलब्धि पर कांग्रेस के टूलकिट से एक ही चीज निकलती है- विरोध।

साथियों,

देश ने आर्टिकल 370 की दीवार गिराई, देश खुश हुआ। लेकिन कांग्रेस ने विरोध किया। हमने CAA का कानून बनाया- उसका विरोध। हम महिला आरक्षण कानून लाए- उसका विरोध। तीन तलाक के विरुद्ध कानून लाए- उसका विरोध। हम UPI लेकर आए, उसका विरोध। स्वच्छ भारत अभियान लेकर आए, उसका विरोध। देश ने कोरोना वैक्सीन बनाई, तो उसका भी विरोध।

साथियों,

लोकतंत्र में विपक्ष का मतलब सिर्फ अंध-विरोध नहीं होता, डेमोक्रेसी में विपक्ष का मतलब वैकल्पिक विजन होता है। इसलिए देश की प्रबुद्ध जनता, कांग्रेस को सबक सिखा रही है, आज से नहीं, बीते चार दशकों से लगातार ये काम देश की जनता कर रही है। मैं जो कहने जा रहा हूं, मीडिया के साथी उसका भी ज़रा एनालिसिस करिएगा। आपको पता लगेगा कि कांग्रेस के वोट चोरी नहीं हो रहे, बल्कि देश के लोग अब कांग्रेस को वोट देने लायक ही नहीं मानते। और इसकी शुरुआत 1984 के बाद ही होनी शुरू हो गई थी। 1984 में कांग्रेस को 39 परसेंट वोट मिले थे, और 400 से अधिक सीटें मिली थीं। इसके बाद हुए चुनावों में कांग्रेस के वोट कम ही होते चले गए। और आज कांग्रेस की हालत ये है कि, देश में सिर्फ, सिर्फ चार राज्य ऐसे बचे हैं, जहां कांग्रेस के पास 50 से ज्यादा विधायक हैं। बीते 40 वर्षों में युवा वोटर्स की संख्या बढ़ती गई और कांग्रेस साफ होती गई। कांग्रेस, परिवार की गुलामी में डूबे लोगों का एक क्लब बनकर रह गई है। इसलिए पहले मिलेनियल्स ने कांग्रेस को सबक सिखाया, और अब जेन जी भी तैयार बैठी है।

साथियों,

कांग्रेस और उसके साथियों की सोच इतनी छोटी है, कि उन्होंने दूरदृष्टि से काम करने को भी गुनाह बना दिया है। आज जब हम विकसित भारत 2047 की बात करते हैं, तो कुछ लोग पूछते हैं— “इतनी दूर की बात अभी क्यों कर रहे हो?” कुछ लोग ये भी कहते हैं कि तब तक मोदी जिंदा थोड़ी रहेगा, सच्चाई यह है कि राष्ट्र निर्माण कभी भी तात्कालिक सोच से नहीं होता। वो एक बड़े विजन, धैर्य और समय पर लिए गए निर्णयों से होता है। मैं कुछ और तथ्य नेटवर्क 18 के दर्शकों के सामने रखना चाहता हूं। भारत हर साल विदेशी समुद्री जहाजों से मालढुलाई पर 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च करता है किराए पर। फर्टिलाइजर के आयात पर हर साल सवा दो लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। पेट्रोलियम आयात पर हर साल 11 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं। यानी हर वर्ष लाखों करोड़ रुपये देश से बाहर जा रहे हैं। अगर यही निवेश 20–25 वर्ष पहले आत्मनिर्भरता की दिशा में किया गया होता, तो आज ये पूंजी भारत के इंफ्रास्ट्रचर, रिसर्च, इंडस्ट्री, किसान और युवाओं की क्षमताओं को मजबूत कर रही होती। आज हमारी सरकार इसी सोच के साथ काम कर रही है। विदेशी जहाजों को 6 लाख करोड़ रुपए ना देना पड़े इसलिए भारतीय शिपिंग और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। फर्टिलाइजर का domestic प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए नए प्लांट लग रहे हैं, नैनो-यूरिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल ब्लेंडिंग, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, सोलर और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्राथमिकता दी जा रही है।

और साथियों,

हमें भविष्य की ओर देखते हुए भी आज ही निर्णय लेने हैं। इसलिए आज भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण हो रहा है। रक्षा उत्पादन में, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में, ड्रोन टेक्नोलॉजी में, क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में, और उसमें निवेश, आने वाले दशकों की आर्थिक सुरक्षा की नींव है। 2047 का लक्ष्य कोई राजनीतिक नारा नहीं है। यह उस ऐतिहासिक भूल को सुधारने का संकल्प भी है, जहाँ कांग्रेस की सरकारों के समय कई क्षेत्रों में समय रहते निवेश नहीं किया। आज अगर हम ख़ुद स्वदेशी जहाज, स्वदेशी शिप्स बनाएँगे, ख़ुद एनर्जी का प्रोडक्शन करेंगे, ख़ुद नई टेक्नोलॉजी डेवलप करेंगे, तो आने वाली पढ़ियाँ इम्पोर्ट के बोझ की नहीं, एक्सपोर्ट की क्षमता पर चर्चा करेंगी। राष्ट्र की प्रगति “आज की सुविधा” से नहीं, “कल की तैयारी” से तय होती है। और दूरदृष्टि से की गई मेहनत ही 2047 के आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत की आधारशिला है। और इसके लिए कांग्रेस अपने कितने ही कपड़े फाड़ ले, हम निरंतर काम करते रहेंगे।

साथियों,

राष्ट्र निर्माण की, Nation Building की एक बहुत अहम शर्त होती है- नेक नीयत की। कांग्रेस और उसके साथी दल, इसमें भी फेल रहे हैं। कांग्रेस और उसके साथियों ने कभी नेक नीयत के साथ काम नहीं किया। गरीब का दुख, उसकी तकलीफ से भी इन्हें कोई वास्ता नहीं है। जैसे बंगाल में आज तक आयुष्मान भारत योजना लागू नहीं हुई। अगर नेक नीयत होती तो क्या गरीबों को 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज देने वाली इस योजना को बंगाल में रोका जाता क्या? नहीं। आप भी जानते हैं कि देश में पीएम आवास योजना के तहत गरीबों के लिए पक्के घर बनवाए जा रहे हैं। नेटवर्क 18 के दर्शकों को मैं एक और आंकड़ा देता हूं। तमिलनाडु के गरीब परिवारों के लिए, करीब साढ़े नौ लाख पक्के घर एलोकेट किए गए हैं, साढ़े नौ लाख। लेकिन इनमें से तीन लाख घरों का निर्माण अटक गया है, क्यों, क्योंकि DMK सरकार गरीबों के इन घरों के निर्माण में दिलचस्पी नहीं दिखा रही। इसकी वजह क्या है? इसकी वजह है, नीयत नेक नहीं है।

साथियों,

मैं आपको एग्रीकल्चर सेक्टर का भी उदाहरण देता हूं। कांग्रेस के समय में खेती-किसानी को अपने हाल पर छोड़ दिया गया था। छोटे किसानों को कोई पूछता नहीं था, फसल बीमा का हाल बेहाल था, MSP पर स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट फाइलों में दबा दी गई थी, कांग्रेस बजट में घोषणाएं जरूर करती थी, लेकिन ज़मीन पर कुछ नहीं होता था, क्योंकि उसकी नीयत ही नहीं थी। हमने देश के किसानों के लिए नेक नीयत के साथ काम करना शुरू किया, और आज उसके परिणाम दुनिया देख रही है। आज भारत दुनिया के बड़े एग्रीकल्चर एक्सपोर्टर्स में से एक बन रहा है। हमने हर स्तर पर किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच बनाया है। पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों के खाते में चार लाख करोड़ रुपए से अधिक जमा किए गए हैं। हमने लागत का डेढ़ गुणा MSP तय किया और रिकॉर्ड खरीद भी की है। मैं आपको सिर्फ दाल का ही आंकड़ा देता हूं। UPA सरकार ने 10 साल में सिर्फ 6 लाख मीट्रिक टन दाल, किसानों से MSP पर खरीदी- 6 लाख मीट्रिक टन। और हमारी सरकार अभी तक, करीब 170 लाख मीट्रिक टन, यानी लगभग 30 गुणा अधिक दाल MSP पर खरीद चुकी है। अब आप तय करिये, कौन किसानों के लिए काम करता है।

साथियों,

यूपीए सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए भी किसानों को मदद देने में कंजूसी करती थी। अपने 10 साल में यूपीए सरकार ने सात लाख करोड़ रुपए का कृषि ऋण किसानों को दिया। 7 lakh crore rupees. जबकि हमारी सरकार इससे चार गुणा अधिक यानी 28 लाख करोड़ रुपए दे चुकी है। यूपीए सरकार के दौरान जहां सिर्फ पांच करोड़ किसानों को इसका लाभ मिलता था, आज ये संख्या दोगुने से भी अधिक करीब-करीब 12 करोड़ किसानों को पहुंची है। यानी देश के छोटे किसान को भी पहली बार मदद मिली है। हमारी सरकार ने पीएम फसल बीमा योजना का सुरक्षा कवच भी किसानों को दिया। इसके तहत करीब 2 लाख करोड़ रुपए किसानों को संकट के समय मिल चुके हैं। हम नेक नीयत से काम कर रहे हैं, इसलिए भारत के किसानों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, उनकी प्रोडक्टिविटी बढ़ रही है, और आय में भी वृद्धि हो रही है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। अब अगला चरण भारत के विकास का निर्णायक दौर है। वर्तमान में लिए गए निर्णय ही भविष्य की दिशा तय करेंगे। हमें अपने सामर्थ्य को पहचानते हुए, उसे बढ़ाते हुए आगे चलना है। हर व्यक्ति अपने क्षेत्र में श्रेष्ठता को लक्ष्य बनाए, हर संस्था excellence को अपना संस्कार बनाए, हम सिर्फ उत्पाद न बनाएं, best-quality product बनाएं, हम सिर्फ रुटीन काम न करें, world-class काम करें, हम क्षमता को performance में बदलें। मैंने लाल किले से कहा है- यही समय है, सही समय है। यही समय है, भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का। एक बार फिर आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं, बहुत-बहुत धन्यवाद। नमस्कार।