कांग्रेस ने हमेशा डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान किया, हमने उनके योगदान को नई पहचान दी: होशंगाबाद रैली में पीएम मोदी
जैसे ही गरीब परिवार का बेटा प्रधानमंत्री बना, कांग्रेस ने अफवाह फैलानी शुरू कर दी कि मोदी आ गया है, संविधान और लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा: पीएम मोदी
होशंगाबाद की रैली में पीएम मोदी ने कहा, BHIM UPI जिसे आप डिजिटल पेमेंट के लिए इस्तेमाल करते हैं, हमने इसका नाम बाबा साहेब अंबेडकर के नाम पर रखा है।
दुनिया अनिश्चितता और अराजकता से भयाक्रांत है, ऐसे समय में एक मजबूत और शक्तिशाली भारत बहुत जरूरी है: पीएम मोदी

नर्मदा मैया की जय !
नर्मदा मैया की जय !
नर्मदा मैया की जय !

ये ऐसा क्षेत्र है जिससे मैं बरसों से बहुत ही निकट परिचय में रहा हूं। अनेक बार इस आदिवासी अंचल से मुझे जुड़ने का सौभाग्य मिला है। मैं जानता हूं कि यहां कितनी दूर दूर तक बस्तियां हैं, गांव हैं। इसके बावजूद आप इतनी विशाल संख्या में हम सभी को आशीर्वाद देने आए हैं। मैं आप सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं।

मुझे कल बताया गया कि इतनी तेज बारिश यहां हुई थी कि लग रहा था कि आज कार्यक्रम कर पाएंगे कि नहीं कर पाएंगे। लेकिन आपका प्यार, आपका उत्साह कि प्राकृतिक तकलिफों को बावजूद भी रात-रात मेहनत करके इतना शानदार भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया, मैं आपका अभिनंदन करता हूं। मैं मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करता हूं, क्योंकि मुझे आगे जल्दी पहुंचना है। आज मुझे कर्नाटक, केरल एक लंबी यात्रा है। ढ़ेर सारे कार्यक्रम हैं तो उन्होंने अपना भाषण भी छोड़ दिया। और मुझे बोलने के लिए निमंत्रित कर दिया। मैं मुख्यमंत्री जी के जेस्चर के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।

भाइयों और बहनों,
अभी ज्यादा दिन नहीं हुए हैं, जब मध्य प्रदेश ने पूरे देश को चौंका दिया था। और होशंगाबाद ने तो कमाल ही कर दिया था। यहां से जो लहर उठी थी, वो लहर पूरे देश में फैल चुकी है। आज देश के कोने-कोने से एक ही आवाज़ आ रही है- फिर एक बार...मोदी सरकार !

साथियों,
आज देश के इतिहास का बहुत बड़ा दिन है। आज संविधान निर्माता, बाबा साहेब अम्बेडकर की जन्म-जयंती है। उनकी जन्मस्थली महू, यहां से ज्यादा दूर नहीं है। महू में उनका घर हो, या देश-विदेश में वे जहां भी रहे, उन सारे स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित करने का सौभाग्य भाजपा सरकार को मिला है। जो सम्मान कांग्रेस पार्टी ने उनको कभी नहीं दिया। वो सम्मान करने का सौभाग्य हमें मिला है। कांग्रेस जैसी पार्टियों ने हमेशा बाबा साहेब को अपमानित करने का ही काम किया है। बाबा साहेब ने जो संविधान बनाया है, उसके कारण ही आज गरीब मां का ये बेटा मोदी आपसे तीसरी बार सेवा का आशीर्वाद मांग रहा है। ये बाबा साहेब का संविधान है, जिसके कारण आज देश की राष्ट्रपति एक आदिवासी परिवार की बेटी है। जिस समाज को सबसे अंत में पूछा गया, जिसको वंचित रखा गया, उस समाज की बेटी, आज देश की राष्ट्रपति के रूप में पहली नागरिक हैं। हमने बाबा साहेब को सिर्फ विचारों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि आधुनिक भारत में उनके योगदान को नई पहचान दी है। आप फोन से जो डिजिटल पेमेंट करते हैं, वो डिजिटल पेमेंट की योजना है, उसका नाम BHIM UPI है। ये BHIM UPI बाबा साहेब के नाम पर हमने रखा है।

भाइयों और बहनों,
देश की आजादी में और राष्ट्रनिर्माण में आदिवासी समाज का बहुत समृद्ध योगदान रहा है। इस मिट्टी ने तो गोंड वंश के राजा भभूति सिंह के रूप में एक महान स्वतंत्रता सेनानी देश को दिया है।

साथियो,
कांग्रेस ने आदिवासी समाज के योगदान को कभी स्वीकार नहीं किया। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में घोषित करने का सौभाग्य भी बीजेपी की सरकार को मिला है।

साथियो,
कमाल देखिए, आजादी के अनेक दशक तक कांग्रेस के एक ही परिवार ने सीधे या रिमोट कंट्रोल से देश चलाया। इसी परिवार ने देश में आपातकाल इमरजेंसी लगाई थी। कांग्रेस ने देशभर में लोकतांत्रिक सरकारों को जब मर्ज़ी उसे पत्ते की तरह गिरा देते थे। कांग्रेस ने अपने हिसाब से इतिहास को तोड़ा मरोड़ा और जो मर्जी लिखवाया और अपना ही महिमामंडन करवाया। कांग्रेस की मानें तो तब लोकतंत्र ठीक चल रहा था, फल-फूल रहा था। ऐसे वो बता रहे हैं। लेकिन जैसे ही गरीब घर का बेटा प्रधानमंत्री बना तो कांग्रेस अफवाह फैलाने लगी कि मोदी आया है संविधान और लोकतंत्र पर खतरा आ जाएगा। ये कांग्रेस वाले आपको पता नहीं है। ये बाबा साहेब का संविधान है ना उनके कारण तो मोदी यहां पहुंचा है। अब तो कांग्रेस का शाही परिवार धमकी दे रहा है कि मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बना, तो देश में आग लग जाएगी। ये 2014 में भी बोलते थे, कभी आग लगी क्या, ये 2019 में भी बोलते थे . कभी आग लगी क्या, ये राम मंदिर में भी बोलते थे, कभी आग लगा क्या। ये 370 के लिए भी बोलते थे आग लगी क्या। बस देश को डराओ -घबराओ , भ्रम फैलाओ।

भाइयों और बहनों,
आग देश में नहीं, आग-जलन उनके दिलों में लगी है, ये जलन उनके दिल और दिमाग में ऐसे भरी पड़ी है। कि ये उनको अंदर से जलाती जा रही है। और ये जलन भी मोदी के कारण नहीं है, ये जलन 140 करोड़ देशवासियों के मोदी के प्रेम के कारण है। वे ये प्रेम भी सहन नहीं कर पा रहे हैं।

भाइयों-बहनों,
ये लोग 10 साल से सत्ता से बाहर हैं। 10 साल में ऐसे छटपटा रहे हैं जैसे उनका सबकुछ लुट गया। उनकी भावी पीढ़ियों का ही जैसे लुट गया। अगर कांग्रेस वाले यही कारनामे करते रहेंगे और उनका तौर तरीका यही रहेगा, तो ये जलन उनको इतनी जला देगी कि देश आगे मौका देने को कभी तैयार नहीं होगा। और इसका कारण साफ है। आप दुनिया की स्थिति देख रहे हैं। युद्ध और अराजकता की स्थिति है...अनिश्चितता की स्थिति है। चारो तरफ एक धुंधला और आशंका का वातावरण बन गया है। हर कोई भय के साए में दुनिया में रह रहा है। कब क्या होगा , कौन सी मुसीबत आएगी, दुनिया थर-थर कांप रही है। ऐसी दुनिया के लिए एक मजबूत और शक्तिशाली भारत ज़रूरी है। आज भारत और मजबूत होना चाहिए की नहीं होना चाहिए। भाजपा-भारत की सेवा में इसलिए लगी है, क्योंकि भारत मजबूत और सशक्त बने। आप मुझे बताइए, ये काम क्या एक अस्थिर, कमज़ोर, भ्रष्ट और स्वार्थी नेताओं का इंडी-गठबंधन मजबूती का काम कर सकता है क्या, देश को मजबूत बना सकता है क्या। अरे जो पार्टी खुद को मजबूत नहीं बना सकती वे देश को क्या मजबूत बनाएगी। आप मुझे बताइए भाइयों, शक्तिशाली भारत कौन बना सकता है?, शक्तिशाली भारत कौन बना सकता है? मजबूत भारत कौन बना सकता है। सामर्थ्यवान भारत कौन बना सकता है, समृद्ध भारत कौन बना सकता है। शक्तिशाली भारत कौन बना सकता है? मैंने इतने सारे सवाल पूछे, मैं सोच रहा था आपलोग सही जवाब देंगे, लेकिन आपने तो हर बार गलत जवाब दे दिया। ये मोदी नहीं आपका एक वोट कर सकता है। आपका एक वोट कर सकता है। आपके वोट की ताकत है जो देश को ताकतवर बनाएगी, आपके वोट की ताकत है, जो देश को शक्तिशाली बनाएगी।

भाइयों और बहनों,
थोड़ी देर पहले ही भाजपा का संकल्प पत्र देश की जनता के चरणों में रखने का सौभाग्य मिला मैंने वहां मोदी की गारंटी के बारे में बताया है। आप इंडी-गठबंधन की स्थिति देखिए। वो तय नहीं कर पा रहे हैं कि घोषणापत्र एक जिम्मेवारी होती है, जनता के लिए एक कमिटमेंट होता है। उनके सभी साथी आपस में उलट-पुलट कर रहे हैं। और ऐसे ऐसे वादे कर रहे हैं कि देश किस दिशा में जाएगा तय नहीं कर सकते। उनकी सरकार क्या करना चाहती है, कैसे करना चाहती है। ये भी उनकी बातों में कहीं नजर नहीं आता है। और इनके घोषणापत्र भी एक से बढ़कर एक खतरनाक वादे हैं। उनके एक साथी का घोषणापत्र कहता है कि देश को आर्थिक रूप से दीवालिया बनाने वाला घोषणापत्र उनका है। एक-एक लाइन ऐसी है। एक उनके साथी का घोषणापत्र कहता है कि भारत से परमाणु हथियार खत्म कर देंगे। बताइए भईया कोई देश ऐसा सोचेगा क्या। परमाणु हथियार आज के युग में भारत को जरूरी है कि नहीं है। भारत की ताकत के लिए भारत की रक्षा के लिए परमाणु हथियार होना चाहिए की नहीं होना चाहिए हमारे पास। अगर दुश्मनों की इतनी ताकत हो और हम कह दें कि परमाणु हथियार नष्ट कर दंगें। ये किसकी भलाई के लिए बोल रहे हो भाई। ऐसा वादा कर रहे है वो लोग, क्या वो देश की रक्षा कर सकते हैं। जैसी घातक इनकी सोच है, वैसे ही घातक ये अपने घोषणापत्र बना रहे हैं।

साथियों,
भाजपा का संकल्पपत्र, मोदी की गारंटी के रूप में आपके सामने है। गांव हो या शहर, सरकार हर गरीब का पक्के घर का सपना पूरा करेगी- ये मोदी की गारंटी है। अच्छा मेरा एक काम करोगे आप लोग, करोगे, हाथ ऊपर करके बताओ करोगे। देखिए इस पर चुनाव में आप जहां भी जाएं, सभी लाभार्थियों को मिलेंगे। हो सकता है। एक गांव में 30-40 लोगों का घर बन गया। लेकिन अभी भी एक दो लोग छूट गए हैं। उनको जाकर के बताना मोदी के गारंटी हैं कि जिनका काम भी छूट गया है, ये आने वाले दिनों में वो लाभ भी उनको मिलेगा। आने वाले समय में हमने तीन करोड़ घर बनाने का संकल्प लिया। दिव्यांग साथियों को भी आवास योजना का लाभ मिलेगा।

यहां होशंगाबाद के किसानों को करीब 400 करोड़ रुपए पीएम किसान सम्मान निधि के मिले हैं। और आने वाले 5 साल में ये पीएम किसान सम्मान निधि चलती रहेगी। और करीब-करीब 2 हजार करोड़ रूपया यहां के किसानों के यहां आएंगे। गरीब को 5 साल तक मुफ्त राशन ऐसे ही मिलता रहेगा, ताकि गरीब के घर का चूल्हा बुझ ना जाए। गरीब को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलता रहेगा, ये भी मोदी की गारंटी है। ऊपर से एक और गारंटी दी है। हमने कहा है किसी भी समाज का, किसी भी आर्थिक शक्ति वाला, गरीब हो, मध्यम वर्ष हो, उच्च मध्यम वर्ग हो, गरीब हो, मध्यम वर्ष हो, उच्च मध्यम वर्ग हो, सुखी हो समृद्ध हो, 70 साल के ऊपर का कोई भी माता-पिता को अब 5 लाख रुपए तक इलाज की जिम्मेदारी, ये उनका बेटा मोदी उठाएगा। और उनको लाभ होगा इतना नहीं , जो आज 25, 30, 35 साल के युवा हैं ना, उनका बोझ मोदी उठा लेगा। और वो जीवन में सुख चैन से प्रगति के रास्ते पर बढ़ पाएंगे। आप कल्पना कर सकते हैं। कितनी बड़ी सुविधा देश के बुजुर्गों को मिलने जा रही है।

साथियों,
मोदी ने 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने की गारंटी दी है। इतनी सारी दीदी मुझे दिख रही है सामने, ये मोदी की गारंटी है मुझे आशीर्वाद दीजिए। 3 करोड़ को मैं लखपति बनाना चाहता हूं। इतनी तादाद में माताएं -बहनें यहां आई हैं। ये आपके आशीर्वाद मेरे उस संकल्प को जरूर पूरा करेंगे।

अब बीजेपी ने संकल्प पत्र में ठाना है कि मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी का लोन, 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया जाएगा। अब हर परिवार का नौजवान, हर परिवार की युवा बेटी कोई कारोबार करना चाहती है तो मोदी आपके साथ खड़ा रहेगा। इससे मध्य प्रदेश के हमारे गरीब, दलित, आदिवासी और ओबीसी समाज के युवाओं को, हमारी बेटियों को बड़ी मदद मिलेगी। इससे यहां पर्यटन आधारित रोजगार की बहुत संभावनाएं हैं, इससे यहां नोजवानों को बहुत बड़ा अवसर मिलेगा। गेस्ट हाउस हो, होम स्टे हो, छोटा ऑटो रखना है, टूरिस्टों के लिए जरूरी चीजें खड़ी करनी है। ऐसे काम के लिए नौजवानों को मदद मिल पाएगी। आप कल्पना कर सकते हैं, नौजवानों के लिए कितने सारे अवसर लेकर के भाजपा का संकल्प पत्र आया है। सरकार होम स्टे के लिए जो आर्थिक मदद देगी, उसका बड़ा लाभ यहां इस क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं को भी मिलेगा। बहुत बड़ी संख्या में हमारे साथी ऑटो, ट्रक, टैक्सी ट्राइवर हैं। ऐसे साथियों को ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्टर किया जाएगा। मकसद यही है कि उनको भी बीमा और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले।

साथियों,
2025 में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्मजयंती है। बीजेपी ने संकल्प लिया है कि 2025 वर्ष को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। आदिवासी कला-संस्कृति से जुड़ी विरासत को समृद्ध करने के लिए फंड बढ़ाया जाएगा। SC/ST/OBC के कल्याण से जुड़ी योजनाएं तेज़ी से ज़मीन पर उतरें, इसके लिए जिला कमेटियां गठित की जाएंगी। उसमें SC/ST/OBC के कोई ना कोई प्रतिनिधि रखे जाएंगे। एकलव्य मॉडल स्कूलों की संख्या साढ़े 700 तक पहुंचाने के लिए तेज़ी से काम किया जाएगा। जनजातियों में भी पिछड़ी जनजातियों के लिए 24 हज़ार करोड़ रुपए की पीएम जनमन योजना पर पहले से ही काम चल रहा है। मोदी के तीसरे कार्यकाल में इसे भी तेज़ गति से पूरा किया जाएगा। इन प्रयासों से MP के हमारे SC-ST-OBC समाज को आगे बढ़ने में बहुत मदद मिलेगी।

भाइयों और बहनों,
मोदी की गारंटी वहां से शुरु होती है, जहां दूसरों से उम्मीद खत्म होती है। इसलिए हताश कांग्रेस ऐसी घोषणाएं कर रही है, जो खुद कांग्रेस के नेताओं को ही समझ नहीं आ रही। कांग्रेस के शहज़ादे ने घोषणा की आप भी सुन करके हंसोगे। कांग्रेस के शहजादे ने घोषणा की कि एक झटके में देश से गरीबी हटा दूंगा। ये बात सुनकर पूरा देश हैरान है। देश पूछ रहा है कि आखिर ये ‘शाही जादूगर’, इतने बरसों तक कहां छुपा था। 50 साल पहले इनकी दादी ने देश से गरीबी हटाने की घोषणा की थी। 2014 से पहले 10 साल तक इन्होंने रिमोट से सरकार चलाई। और कह रहे हैं कि अब बस इनको एक झटके वाला मंत्र मिल ही गया है। ये झटके वाला मंत्र लाए कहां से, बताइए ये गरीबों का मजाक है कि नहीं है। ये गरीबों का अपमान है कि नहीं है, आप बताइए एक झटके से गरीबी दूर होती है क्या। ये क्या बोल रहे हैं, उनपर कोई भरोसा करेगा क्या। ऐसे दावे करते हैं, तभी ये देशभर में हंसी के पात्र बन जाते हैं, देश उनको गंभीरता से नहीं लेता है।

भाई और बहनों,
आपने मुझे बहुत निकट से देखा है। दिन रात मैं क्या कर रहा हूं, क्यों कर रहा हूं, कैसे कर रहा हूं, किसके लिए कर रहा हूं। सब बराबर देखा है ना मुझे, लगातार आप देख रहे ना, आपको विश्वास हो गया है कि मोदी का अपना कोई सपना नहीं है। मोदी के लिए तो आपका सपना ही यह मोदी का संकल्प है। मैं आपके लिए ही पैदा हुआ हूं। आप सभी मेरा देश ये भारत ही मेरा परिवार है। इसलिए, आज चारों तरफ चौड़ी सड़कें बनाई जा रही हैं। यहां अनेक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण हो रहा है। मेडिकल कॉलेजों की संख्या 10 साल में दोगुनी हो चुकी है। कोशिश यही है कि आपको मुश्किलें न हों, असुविधा न हो। लेकिन आप कहते हैं मोदी ने बहुत काम किया है। लेकिन मैं कहता हूं ये तो अभी ट्रेलर ही है। अभी तो मुझे बहुत कुछ करना बाकी है। देश को, मध्य प्रदेश को हमें और ऊंचाई पर ले जाना है। हम अन्नदाता को ऊर्जादाता और उर्वरकदाता, दोनों बनाना चाहते हैं। बिजली का बिल जीरो हो और बिजली से कमाई भी हो, इसके लिए पीएम सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना हम घर-घर पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। सौर ऊर्जा, जैविक खाद और इथेनॉल उत्पादन में एमपी के, होशंगाबाद के किसान भी अग्रणी हों, इसके लिए हम काम करने वाले हैं। दालों में आत्मनिर्भरता और मोटे अनाज यानि श्री अन्न को दुनिया के बाज़ारों तक पहुंचाना ये मोदी की प्राथमिकता है। मैं मोहन यादव जी और उनकी सरकार की भी प्रशंसा करुंगा। वो ईमानदारी से यहां आपको दी हुई गारंटियां पूरा करने में जुटे हैं।

साथियों,
19 अप्रैल को छिंदवाड़ा से मेरे नौजवान साथी भाई विवेक बंटी साहू जी को और फिर 26 अप्रैल को होशंगाबाद से हमारे किसान नेता हमारे साथी दर्शन सिंह चौधरी जी को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाना है।

साथियो,
मुझे पक्का विश्वास है। आप तो जीता ही जीता देने वाले हो, लेकिन मेरी एक अपेक्षा है, पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने हैं, तोड़ोगे। मेरी अपेक्षा हर बूथ को जीतना है, जीतोगे, हर बूथ जीतोगे। हर बूथ को जीतने के लिए ताकत लगा दोगे। तो नोट कर लीजिए। अगली बार नर्मदापुरम आऊंगा तो मावा-बाटी और गुड़ की जलेबी के साथ विजय उत्सव मनाएंगे। रामनवमी आने वाली है। राम मंदिर निर्माण होने के बाद इस बार की रामनवमी बहुत विशेष है। आपको भी इस रामवनमी की बहुत सारी शुभकामनाएं।

मेरा एक काम करोगे मेरा एक पर्सनल काम करोगे. यह चौधरी जी का भी नहीं है। साहू जी का भी नहीं है। करोगे जरा हाथों पर करके बताओ करोगे, हर कोई करेगा। मेरा एक काम करना जब अपने गांव जाएंगे, मोहल्ले में जाएंगे तो उन्हें बताना कि हमारे मोदी जी होशंगाबाद आए थे। उन्होंने आपको राम-राम कहा है। मेरा राम-राम पहुंचा देंगे। मेरा राम-राम पहुंचा देंगे। बोलिए भारत माता की जय...भारत माता की जय...भारत माता जय।
बहुत-बहुत धन्यवाद।

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प्रधानमंत्री मोदी का ‘IANS’ के साथ इंटरव्यू
May 27, 2024

पहले तो मैं आपकी टीम को बधाई देता हूं भाई, कि इतने कम समय में आपलोगों ने अच्छी जगह बनाई है और एक प्रकार से ग्रासरूट लेवल की जो बारीक-बारीक जानकारियां हैं। वह शायद आपके माध्यम से जल्दी पहुंचती है। तो आपकी पूरी टीम बधाई की पात्र है।

Q1 - आजकल राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को पाकिस्तान से इतना endorsement क्यों मिल रहा है ? 370 ख़त्म करने के समय से लेकर आज तक हर मौक़े पर पाकिस्तान से उनके पक्ष में आवाज़ें आती हैं ?

जवाब – देखिए, चुनाव भारत का है और भारत का लोकतंत्र बहुत ही मैच्योर है, तंदरुस्त परंपराएं हैं और भारत के मतदाता भी बाहर की किसी भी हरकतों से प्रभावित होने वाले मतदाता नहीं हैं। मैं नहीं जानता हूं कि कुछ ही लोग हैं जिनको हमारे साथ दुश्मनी रखने वाले लोग क्यों पसंद करते हैं, कुछ ही लोग हैं जिनके समर्थन में आवाज वहां से क्यों उठती है। अब ये बहुत बड़ी जांच पड़ताल का यह गंभीर विषय है। मुझे नहीं लगता है कि मुझे जिस पद पर मैं बैठा हूं वहां से ऐसे विषयों पर कोई कमेंट करना चाहिए लेकिन आपकी चिंता मैं समझ सकता हूं।

 

Q 2 - आप ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम तेज करने की बात कही है अगली सरकार जब आएगी तो आप क्या करने जा रहे हैं ? क्या जनता से लूटा हुआ पैसा जनता तक किसी योजना या विशेष नीति के जरिए वापस पहुंचेगा ?

जवाब – आपका सवाल बहुत ही रिलिवेंट है क्योंकि आप देखिए हिंदुस्तान का मानस क्या है, भारत के लोग भ्रष्टाचार से तंग आ चुके हैं। दीमक की तरह भ्रष्टाचार देश की सारी व्यवस्थाओं को खोखला कर रहा है। भ्रष्टाचार के लिए आवाज भी बहुत उठती है। जब मैं 2013-14 में चुनाव के समय भाषण करता था और मैं भ्रष्टाचार की बातें बताता था तो लोग अपना रोष व्यक्त करते थे। लोग चाहते थे कि हां कुछ होना चाहिए। अब हमने आकर सिस्टमैटिकली उन चीजों को करने पर बल दिया कि सिस्टम में ऐसे कौन से दोष हैं अगर देश पॉलिसी ड्रिवन है ब्लैक एंड व्हाइट में चीजें उपलब्ध हैं कि भई ये कर सकते हो ये नहीं कर सकते हो। ये आपकी लिमिट है इस लिमिट के बाहर जाना है तो आप नहीं कर सकते हो कोई और करेगा मैंने उस पर बल दिया। ये बात सही है..लेकिन ग्रे एरिया मिनिमल हो जाता है जब ब्लैक एंड व्हाइट में पॉलिसी होती है और उसके कारण डिसक्रिमिनेशन के लिए कोई संभावना नहीं होती है, तो हमने एक तो पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस पर बल दिया। दूसरा हमने स्कीम्स के सैचुरेशन पर बल दिया कि भई 100% जो स्कीम जिसके लिए है उन लाभार्थियों को 100% ...जब 100% है तो लोगों को पता है मुझे मिलने ही वाला है तो वो करप्शन के लिए कोई जगह ढूंढेगा नहीं। करप्शन करने वाले भी कर नहीं सकते क्योंकि वो कैसे-कैसे कहेंगे, हां हो सकता है कि किसी को जनवरी में मिलने वाला मार्च में मिले या अप्रैल में मिले ये हो सकता है लेकिन उसको पता है कि मिलेगा और मेरे हिसाब से सैचुरेशन करप्शन फ्री गवर्नेंस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सोशल जस्टिस की गारंटी देता है। सैचुरेशन सेकुलरिज्म की गारंटी देता है। ऐसे त्रिविध फायदे वाली हमारी दूसरी स्कीम, तीसरा मेरा प्रयास रहा कि मैक्सिमम टेक्नोलॉजी का उपयोग करना। टेक्नोलॉजी में भी..क्योंकि रिकॉर्ड मेंटेन होते हैं, ट्रांसपेरेंसी रहती है। अब डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर में 38 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए हमने। अगर राजीव गांधी के जमाने की बात करें कि एक रुपया जाता है 15 पैसा पहुंचता है तो 38 लाख करोड़ तो हो सकता है 25-30 लाख करोड़ रुपया ऐसे ही गबन हो जाते तो हमने टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया है। जहां तक करप्शन का सवाल है देश में पहले क्या आवाज उठती थी कि भई करप्शन तो हुआ लेकिन उन्होंने किसी छोटे आदमी को सूली पर चढ़ा दिया। सामान्य रूप से मीडिया में भी चर्चा होती थी कि बड़े-बड़े मगरमच्छ तो छूट जाते हैं, छोटे-छोटे लोगों को पकड़कर आप चीजें निपटा देते हो। फिर एक कालखंड ऐसा आया कि हमें पूछा जाता था 19 के पहले कि आप तो बड़ी-बड़ी बातें करते थे क्यों कदम नहीं उठाते हो, क्यों अरेस्ट नहीं करते हो, क्यों लोगों को ये नहीं करते हो। हम कहते थे भई ये हमारा काम नहीं है, ये स्वतंत्र एजेंसी कर रही है और हम बदइरादे से कुछ नहीं करेंगे। जो भी होगा हमारी सूचना यही है जीरो टोलरेंस दूसरा तथ्यों के आधार पर ये एक्शन होना चाहिए, परसेप्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए। तथ्य जुटाने में मेहनत करनी पड़ती है। अब अफसरों ने मेहनत भी की अब मगरमच्छ पकड़े जाने लगे हैं तो हमें सवाल पूछा जा रहा है कि मगरमच्छों को क्यों पकड़ते हो। ये समझ में नहीं आता है कि ये कौन सा गैंग है, खान मार्केट गैंग जो कुछ लोगों को बचाने के लिए इस प्रकार के नैरेटिव गढ़ती है। पहले आप ही कहते थे छोटों को पकड़ते हो बड़े छूट जाते हैं। जब सिस्टम ईमानदारी से काम करने लगा, बड़े लोग पकड़े जाने लगे तब आप चिल्लाने लगे हो। दूसरा पकड़ने का काम एक इंडिपेंडेंट एजेंसी करती है। उसको जेल में रखना कि बाहर रखना, उसके ऊपर केस ठीक है या नहीं है ये न्यायालय तय करता है उसमें मोदी का कोई रोल नहीं है, इलेक्टेड बॉडी का कोई रोल नहीं है लेकिन आजकल मैं हैरान हूं। दूसरा जो देश के लिए चिंता का विषय है वो भ्रष्ट लोगों का महिमामंडन है। हमारे देश में कभी भी भ्रष्टाचार में पकड़े गए लोग या किसी को आरोप भी लगा तो लोग 100 कदम दूर रहते थे। आजकल तो भ्रष्ट लोगों को कंधे पर बिठाकर नाचने की फैशन हो गई है। तीसरा प्रॉब्लम है जो लोग कल तक जिन बातों की वकालत करते थे आज अगर वही चीजें हो रही हैं तो वो उसका विरोध कर रहे हैं। पहले तो वही लोग कहते थे सोनिया जी को जेल में बंद कर दो, फलाने को जेल में बंद कर दो और अब वही लोग चिल्लाते हैं। इसलिए मैं मानता हूं आप जैसे मीडिया का काम है कि लोगों से पूछे कि बताइए छोटे लोग जेल जाने चाहिए या मगरमच्छ जेल जाने चाहिए। पूछो जरा पब्लिक को क्या ओपिनियन है, ओपिनियन बनाइए आप लोग।

 

Q3- नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक सबने गरीबी हटाने की बात तो की लेकिन आपने आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया, इसे लेकर कैसे रणनीति तैयार करते हैं चाहे वो पीएम स्वनिधि योजना हो, पीएम मुद्रा योजना बनाना हो या विश्वकर्मा योजना हो मतलब एकदम ग्रासरूट लेवल से काम किया ?

जवाब – देखिए हमारे देश में जो नैरेटिव गढ़ने वाले लोग हैं उन्होंने देश का इतना नुकसान किया। पहले चीजें बाहर से आती थी तो कहते थे देखिए देश को बेच रहे हैं सब बाहर से लाते हैं। आज जब देश में बन रहा है तो कहते हैं देखिए ग्लोबलाइजेशन का जमाना है और आप लोग अपने ही देश की बातें करते हैं। मैं समझ नहीं पाता हूं कि देश को इस प्रकार से गुमराह करने वाले इन ऐलिमेंट्स से देश को कैसे बचाया जाए। दूसरी बात है अगर अमेरिका में कोई कहता है Be American By American उसपर तो हम सीना तानकर गर्व करते हैं लेकिन मोदी कहता है वोकल फॉर लोकल तो लोगों को लगता है कि ये ग्लोबलाइजेशन के खिलाफ है। तो इस प्रकार से लोगों को गुमराह करने वाली ये प्रवृत्ति चलती है। जहां तक भारत जैसा देश जिसके पास मैनपावर है, स्किल्ड मैनपावर है। अब मैं ऐसी तो गलती नहीं कर सकता कि गेहूं एक्सपोर्ट करूं और ब्रेड इम्पोर्ट करूं..मैं तो चाहूंगा मेरे देश में ही गेहूं का आटा निकले, मेरे देश में ही गेहूं का ब्रेड बने। मेरे देश के लोगों को रोजगार मिले तो मेरा आत्मनिर्भर भारत का जो मिशन है उसके पीछे मेरी पहली जो प्राथमिकता है कि मेरे देश के टैलेंट को अवसर मिले। मेरे देश के युवाओं को रोजगार मिले, मेरे देश का धन बाहर न जाए, मेरे देश में जो प्राकृतिक संसाधन हैं उनका वैल्यू एडिशन हो, मेरे देश के अंदर किसान जो काम करता है उसकी जो प्रोडक्ट है उसका वैल्यू एडिशन हो वो ग्लोबल मार्केट को कैप्चर करे और इसलिए मैंने विदेश विभाग को भी कहा है कि भई आपकी सफलता को मैं तीन आधारों से देखूंगा एक भारत से कितना सामान आप..जिस देश में हैं वहां पर खरीदा जाता है, दूसरा उस देश में बेस्ट टेक्नोलॉजी कौन सी है जो अभीतक भारत में नहीं है। वो टेक्नोलॉजी भारत में कैसे आ सकती है और तीसरा उस देश में से कितने टूरिस्ट भारत भेजते हो आप, ये मेरा क्राइटेरिया रहेगा...तो मेरे हर चीज में सेंटर में मेरा नेशन, सेंटर में मेरा भारत और नेशन फर्स्ट इस मिजाज से हम काम करते हैं।

 

Q 4 - एक तरफ आप विश्वकर्माओं के बारे में सोचते हैं, नाई, लोहार, सुनार, मोची की जरूरतों को समझते हैं उनसे मिलते हैं तो वहीं दूसरी तरफ गेमर्स से मिलते हैं, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बात करते हैं, इन्फ्लुएंसर्स से आप मिलते हैं इनकी अहमियत को भी सबके सामने रखते हैं, इतना डाइवर्सीफाई तरीके से कैसे सोच पाते हैं?

जवाब- आप देखिए, भारत विविधताओं से भरा हुआ है और कोई देश एक पिलर पर बड़ा नहीं हो सकता है। मैंने एक मिशन लिया। हर डिस्ट्रिक्ट का वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट पर बल दिया, क्यों? भारत इतना विविधता भरा देश है, हर डिस्ट्रिक्ट के पास अपनी अलग ताकत है। मैं चाहता हूं कि इसको हम लोगों के सामने लाएं और आज मैं कभी विदेश जाता हूं तो मुझे चीजें कौन सी ले जाऊंगा। वो उलझन नहीं होती है। मैं सिर्फ वन डिस्ट्रिक, वन प्रोडक्ट का कैटलॉग देखता हूं। तो मुझे लगता है यूरोप जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। अफ्रीका जाऊंगा तो यह लेकर जाऊंगा। और हर एक को लगता है एक देश में। यह एक पहलू है दूसरा हमने जी 20 समिट हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्से में की है। क्यों? दुनिया को पता चले कि दिल्ली, यही हिंदुस्तान नहीं है। अब आप ताजमहल देखें तो टूरिज्म पूरा नहीं होता जी मेरे देश का। मेरे देश में इतना पोटेंशियल है, मेरे देश को जानिए और समझिए और इस बार हमने जी-20 का उपयोग भारत को विश्व के अंदर भारत की पहचान बनाने के लिए किया। दुनिया की भारत के प्रति क्यूरियोसिटी बढ़े, इसमें हमने बड़ी सफलता पाई है, क्योंकि दुनिया के करीब एक लाख नीति निर्धारक ऐसे लोग जी-20 समूह की 200 से ज्यादा मीटिंग में आए। वह अलग-अलग जगह पर गए। उन्होंने इन जगहों को देखा, सुना भी नहीं था, देखा वो अपने देश के साथ कोरिलिरेट करने लगे। वो वहां जाकर बातें करने लगे। मैं देख रहा हूं जी20 के कारण लोग आजकल काफी टूरिस्टों को यहां भेज रहे हैं। जिसके कारण हमारे देश का टूरिज्म को बढ़ावा मिला।

इसी तरह आपने देखा होगा कि मैंने स्टार्टअप वालों के साथ मीटिंग की थी, मैं वार्कशॉप करता था। आज से मैं 7-8 साल पहले, 10 साल पहले शुरू- शुरू में यानी मैं 14 में आया। उसके 15-16 के भीतर-भीतर मैंने जो नए स्टार्टअप की दुनिया शुरू हुई, उनकी मैंने ऐसे वर्कशॉप की है तो मैं अलग-अलग कभी मैंने स्पोर्ट्स पर्सन्स के की, कभी मैंने कोचों के साथ की कि इतना ही नहीं मैंने फिल्म दुनिया वालों के साथ भी ऐसी मीटिंग की।

मैं जानता हूं कि वह बिरादरी हमारे विचारों से काफी दूर है। मेरी सरकार से भी दूर है, लेकिन मेरा काम था उनकी समस्याओं को समझो क्योंकि बॉलीवुड अगर ग्लोबल मार्केट में मुझे उपयोगी होता है, अगर मेरी तेलुगू फिल्में दुनिया में पॉपुलर हो सकती है, मेरी तमिल फिल्म दुनिया पॉपुलर हो सकती है। मुझे तो ग्लोबल मार्केट लेना था मेरे देश की हर चीज का। आज यूट्यूब की दुनिया पैदा हुई तो मैंने उनको बुलाया। आप देश की क्या मदद कर सकते हैं। इंफ्लुएंसर को बुलाया, क्रिएटिव वर्ल्ड, गेमिंम अब देखिए दुनिया का इतना बड़ा गेमिंग मार्केट। भारत के लोग इन्वेस्ट कर रहे हैं, पैसा लगा रहे हैं और गेमिंग की दुनिया में कमाई कोई और करता है तो मैंने सारे गेमिंग के एक्सपर्ट को बुलाया। पहले उनकी समस्याएं समझी। मैंने देश को कहा, मेरी सरकार को मुझे गेमिंग में भारतीय लीडरशिप पक्की करनी है।

इतना बड़ा फ्यूचर मार्केट है, अब तो ओलंपिक में गेमिंग आया है तो मैं उसमें जोड़ना चाहता हूं। ऐसे सभी विषयों में एक साथ काम करने के पक्ष में मैं हूं। उसी प्रकार से देश की जो मूलभूत व्यवस्थाएं हैं, आप उसको नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। हमें गांव का एक मोची होगा, सोनार होगा, कपड़े सिलने वाला होगा। वो भी मेरे देश की बहुत बड़ी शक्ति है। मुझे उसको भी उतना ही तवज्जो देना होगा। और इसलिए मेरी सरकार का इंटीग्रेटेड अप्रोच होता है। कॉम्प्रिहेंसिव अप्रोच होता है, होलिस्टिक अप्रोच होता है।

 

Q 5 - डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया उसका विपक्ष ने मजाक भी उड़ाया था, आज ये आपकी सरकार की खास पहचान बन गए हैं और दुनिया भी इस बात का संज्ञान ले रही है, इसका एक उदहारण यूपीआई भी है।

जवाब – यह बात सही है कि हमारे देश में जो डिजिटल इंडिया मूवमेंट मैंने शुरू किया तो शुरू में आरोप क्या लगाए इन्होंने? उन्होंने लगाई कि ये जो सर्विस प्रोवाइडर हैं, उनकी भलाई के लिए हो रहा है। इनको समझ नहीं आया कि यह क्षेत्र कितना बड़ा है और 21वीं सदी एक टेक्नॉलॉजी ड्रिवन सेंचुरी है। टेक्नोलॉजी आईटी ड्रिवन है। आईटी इन्फोर्स बाय एआई। बहुत बड़े प्रभावी क्षेत्र बदलते जा रहे हैं। हमें फ्यूचरस्टीक चीजों को देखना चाहिए। आज अगर यूपीआई न होता तो कोई मुझे बताए कोविड की लड़ाई हम कैसे लड़ते? दुनिया के समृद्ध देश भी अपने लोगों को पैसे होने के बावजूद भी नहीं दे पाए। हम आराम से दे सकते हैं। आज हम 11 करोड़ किसानों को 30 सेकंड के अंदर पैसा भेज सकते हैं। अब यूपीआई अब इतनी यूजर फ्रेंडली है तो क्योंकि यह टैलेंट हमारे देश के नौजवानों में है। वो ऐसे प्रोडक्ट बना करके देते हैं कि कोई भी कॉमन मैन इसका उपयोग कर सकता है। आज मैंने ऐसे कितने लोग देखे हैं जो अपना सोशल मीडिया अनुभव कर रहे हैं। हमने छह मित्रों ने तय किया कि छह महीने तक जेब में 1 पैसा नहीं रखेंगे। अब देखते हैं क्या होता है। छह महीने पहले बिना पैसे पूरी दुनिया में हम अपना काम, कारोबार करके आ गए। हमें कोई तकलीफ नहीं हुई तो हर कसौटी पर खरा उतर रहा है। तो यूपीआई ने एक प्रकार से फिनटेक की दुनिया में बहुत बड़ा रोल प्ले किया है और इसके कारण इन दिनों भारत के साथ जुड़े हुए कई देश यूपीआई से जुड़ने को तैयार हैं क्योंकि अब फिनटेक का युग है। फिनटेक में भारत अब लीड कर रहा है और इसलिए दुर्भाग्य तो इस बात का है कि जब मैं इस विषय को चर्चा कर रहा था तब देश के बड़े-बड़े विद्वान जो पार्लियामेंट में बैठे हैं वह इसका मखौल उड़ाते थे, मजाक उड़ाते थे, उनको भारत के पोटेंशियल का अंदाजा नहीं था और टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य का भी अंदाज नहीं था।

 

Q 6 - देश के युवा भारत का इतिहास लिखेंगे ऐसा आप कई बार बोल चुके हैं, फर्स्ट टाइम वोटर्स का पीएम मोदी से कनेक्ट के पीछे का क्या कारण है?

एक मैं उनके एस्पिरेशन को समझ पाता हूं। जो पुरानी सोच है कि वह घर में अपने पहले पांच थे तो अब 7 में जाएगा सात से नौ, ऐसा नहीं है। वह पांच से भी सीधा 100 पर जाना चाहता है। आज का यूथ हर, क्षेत्र में वह बड़ा जंप लगाना चाहता है। हमें वह लॉन्चिंग पैड क्रिएट करना चाहिए, ताकि हमारे यूथ के एस्पिरेशन को हम फुलफिल कर सकें। इसलिए यूथ को समझना चाहिए। मैं परीक्षा पर चर्चा करता हूं और मैंने देखा है कि मुझे लाखों युवकों से ऐसी बात करने का मौका मिलता है जो परीक्षा पर चर्चा की चर्चा चल रही है। लेकिन वह मेरे साथ 10 साल के बाद की बात करता है। मतलब वह एक नई जनरेशन है। अगर सरकार और सरकार की लीडरशिप इस नई जनरेशन के एस्पिरेशन को समझने में विफल हो गई तो बहुत बड़ी गैप हो जाएगी। आपने देखा होगा कोविड में मैं बार-बार चिंतित था कि मेरे यह फर्स्ट टाइम वोटर जो अभी हैं, वह कोविड के समय में 14-15 साल के थे अगर यह चार दीवारों में फंसे रहेंगे तो इनका बचपन मर जाएगा। उनकी जवानी आएगी नहीं। वह बचपन से सीधे बुढ़ापे में चला जाएगा। यह गैप कौन भरेगा? तो मैं उसके लिए चिंतित था। मैं उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंस से बात करता था। मैं उनको समझाता था का आप यह करिए। और इसलिए हमने डेटा एकदम सस्ता कर दिया। उस समय मेरा डेटा सस्ता करने के पीछे लॉजिक था। वह ईजिली इंटरनेट का उपयोग करते हुए नई दुनिया की तरफ मुड़े और वह हुआ। उसका हमें बेनिफिट हुआ है। भारत ने कोविड की मुसीबतों को अवसर में पलटने में बहुत बड़ा रोल किया है और आज जो डिजिटल रिवॉल्यूशन आया है, फिनटेक का जो रिवॉल्यूशन आया है, वह हमने आपत्ति को अवसर में पलटा उसके कारण आया है तो मैं टेक्नोलॉजी के सामर्थ्य को समझता हूं। मैं टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देना चाहता हूं।

प्रधानमंत्री जी बहुत-बहुत धन्यवाद आपने हमें समय दिया।

नमस्कार भैया, मेरी भी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आप भी बहुत प्रगति करें और देश को सही जानकारियां देते रहें।