दुनियाभर में फैले ISKCON के अनुयायी भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति की डोर से बंधे हैं: पीएम
भारत केवल भौगोलिक सीमाओं में बंधा भूमि का एक टुकड़ा मात्र नहीं है बल्कि एक जीवंत धरती और जीवंत संस्कृति है: पीएम
भारत को समझने के लिए हमें सबसे पहले आध्यात्म को आत्मसात करना होगा: पीएम
हमारी आध्यात्मिक संस्कृति की नींव का प्रमुख आधार सेवा भाव है: पीएम

हरे कृष्णा – हरे कृष्णा !

हरे कृष्णा – हरे कृष्णा !

महाराष्ट्र के गवर्नर सी. पी. राधाकृष्णन जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री देवा भाऊ, उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी, श्रद्धेय गुरु प्रसाद स्वामी जी, हेमा मालिनी जी, सभी सम्मानित अतिथि, भक्तगण, भाइयों और बहनों।

आज ज्ञान और भक्ति की इस महान धरती पर इस्कॉन के प्रयासों से श्री श्री राधा मदनमोहनजी मंदिर का उद्घाटन हो रहा है। मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे अलौकिक अनुष्ठान में अपनी भूमिका निभाने का पुण्य प्राप्त हुआ है। ये इस्कॉन के संतों का अपार स्नेह और अपनापन है, श्रील प्रभुपाद स्वामी का आशीर्वाद है, मैं सभी पूज्य संतों का आभार करता हूँ, उनके चरणों में प्रणाम करता हूँ। मैं अभी देख रहा था, श्री राधा मदनमोहनजी मंदिर परिसर की जो रूपरेखा है, इस मंदिर के पीछे जो विचार है, इसका जो स्वरूप है, उसमें आध्यात्म और ज्ञान की सम्पूर्ण परंपरा के दर्शन होते हैं। मंदिर में ईश्वर के विविध स्वरूपों के दर्शन होते हैं, जो ‘एको अहम् बहु स्याम’ ये हमारे विचार को भी अभिव्यक्त करते हैं। नई पीढ़ी की रुचि और आकर्षण के अनुरूप यहाँ रामायण, महाभारत, उसको समेटे हुए, उस पर आधारित म्यूजियम भी बनाया जा रहा है। यहां वृंदावन के 12 जंगलों पर आधारित एक उद्यान भी विकसित किया गया है। मुझे विश्वास है, ये मंदिर परिसर, आस्था के साथ-साथ भारत की चेतना को भी समृद्ध करने का एक पुण्य केंद्र बनेगा। मैं इस पुनीत कार्य के लिए इस्कॉन के सभी संतों और सदस्यों को, और महाराष्ट्र के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।

साथियों,

आज इस मौके पर मुझे परम श्रद्धेय गोपाल कृष्ण गोस्वामी महाराज का भावुक स्मरण भी हो रहा है। इस प्रोजेक्ट में उनका विज़न जुड़ा हुआ है, भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनकी अगाध भक्ति का आशीर्वाद जुड़ा हुआ है। आज वो भौतिक शरीर से भले ही यहाँ न हों, लेकिन उनकी आध्यात्मिक उपस्थिति हम सब महसूस कर रहे हैं। मेरे जीवन में तो उनके स्नेह का, उनकी स्मृतियों का एक अलग ही स्थान है। उन्होंने जब विश्व की सबसे बड़ी गीता का लोकार्पण करवाया, तो उसके लिए मुझे आमंत्रित किया और मुझे भी वो पुण्य प्रसाद मिला। श्रील प्रभुपाद जी की 125वीं जन्मजयंती के अवसर पर भी मुझे उनका सानिध्य प्राप्त हुआ था। मुझे संतोष है कि आज मैं उनके एक और सपने को पूरा होते देख रहा हूँ, उसका साक्षी बन रहा हूँ।

साथियों,

दुनियाभर में फैले इस्कॉन के अनुयायी भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के डोर से बंधे हैं। उन सबको एक-दूसरे से कनेक्ट रखने वाला एक और सूत्र है, जो चौबीसों घंटे हर भक्त को दिशा दिखाता रहता है। ये श्रील प्रभुपाद स्वामी के विचारों का सूत्र है। उन्होंने उस समय वेद-वेदांत और गीता के महत्व को आगे बढ़ाया, जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा था। उन्होंने भक्ति वेदांत को जन सामान्य की चेतना से जोड़ने का अनुष्ठान किया। 70 वर्ष की आयु में जब लोग अपने कर्तव्यों को पूरा मान चुके होते हैं, उस समय उन्होंने इस्कॉन जैसा मिशन शुरू किया। इसके बाद उन्होंने लगातार दुनियाभर का भ्रमण किया, श्रीकृष्ण के संदेश को दुनिया के कोने-कोने में ले गए। आज दुनिया के हर कोने में करोड़ों लोगों को उनकी तपस्या का प्रसाद मिल रहा है। श्रील प्रभुपाद स्वामी की सक्रियता, उनके प्रयास आज भी हमें प्रेरित करते हैं।

साथियों,

हमारा भारत एक असाधारण और अद्भुत भूमि है। भारत केवल भौगोलिक सीमाओं में बंधा भूमि का एक टुकड़ा मात्र नहीं है। भारत एक जीवंत धरती है, एक जीवंत संस्कृति है, जीवंत परंपरा है। और, इस संस्कृति की चेतना है- यहाँ का आध्यात्म! इसलिए, यदि भारत को समझना है, तो हमें पहले आध्यात्म को आत्मसात करना होता है। जो लोग दुनिया को केवल भौतिक दृष्टि से देखते हैं, उन्हें भारत भी अलग-अलग भाषा और प्रांतों का समूह नजर आता है। लेकिन, जब आप इस सांस्कृतिक चेतना से अपनी आत्मा को जोड़ते हैं, तब आपको भारत के विराट रूप के दर्शन होते हैं। तब आप देख पाते हैं, सुदूर पूरब में बंगाल की धरती पर चैतन्य महाप्रभु जैसे संत अवतरित होते हैं। पश्चिम में महाराष्ट्र में संत नामदेव, तुकाराम, और ज्ञानदेव जैसे संतों का अवतरण होता है। चैतन्य महाप्रभु ने महावाक्य मंत्र जन-जन तक पहुंचाया। महाराष्ट्र के संतों ने ‘रामकृष्ण हरी’, रामकृष्ण हरी के मंत्र से आध्यात्मिक अमृत बांटा। संत ज्ञानेश्वर ने ज्ञानेश्वरी गीता के जरिए भगवान कृष्ण के गूढ ज्ञान को जनसुलभ बनाया। इसी तरह, श्रील प्रभुपाद जी ने इस्कॉन के माध्यम से गीता को लोकप्रिय बनाया। गीता की टीकाएं प्रकाशित कर उसकी भावना से लोगों को जोड़ा। अलग-अलग स्थानों पर जन्में ये सभी संत अपने-अपने तरीके से कृष्ण भक्ति की धारा को गति देते रहे हैं। इन संतों के जन्मकाल में वर्षों का अंतर है, अलग-अलग भाषा, अलग-अलग पद्धति है, लेकिन, बोध एक है, विचार एक है, चेतना एक है। सभी ने भक्ति के प्रकाश से समाज में नए प्राण फूंके, उसे नई दिशा दी, अविरत ऊर्जा दी।

साथियों,

आप सभी परिचित हैं, हमारी आध्यात्मिक संस्कृति की नींव का प्रमुख आधार सेवा भाव है। आध्यात्मिकता में जनार्दन-सेवा और जन-सेवा, एक हो जाते हैं। हमारी आध्यात्मिक संस्कृति साधकों को समाज से जोड़ती है, उनमें करुणा की भावना पैदा करती है। ये भक्ति-भाव उन्हें सेवा-भाव की ओर ले जाता है।

दातव्यम् इति यत् दानम दीयते अनुपकारिणे देशे काले च पात्रे च तत् दानं सात्त्विकं स्मृतम्।।

श्री कृष्ण ने हमें इस श्लोक में सच्ची सेवा का मतलब बताया है। उन्होंने बहुत सुंदर तरीके से समझाया है कि सच्ची सेवा वही है, जिसमें आपका कोई स्वार्थ न हो। हमारे सभी धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों के मूल में भी सेवा भावना है। इस्कॉन जैसी इतनी विराट संस्था भी, इसी सेवा भावना से काम करती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, और पर्यावरण से जुड़े कितने ही काम आपके प्रयासों से होते हैं। कुम्भ में इस्कॉन सेवा के कई बड़े कार्य कर रहा है।

साथियों,

मुझे संतोष है कि हमारी सरकार भी इसी सेवा भावना के साथ पूरे समर्पण से लगातार देशवासियों के हित में काम कर रही है। हर घर में शौचालय बनवाना, हर गरीब महिला को उज्ज्वला का गैस कनेक्शन देना, हर घर तक नल से जल की सुविधा पहुंचाना, हर गरीब को 5 लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की सुविधा देना, 70 वर्ष की आयु से ऊपर के हर बुजुर्ग को इस सुविधा के दायरे में लाना, हर बेघर को पक्के घर देना, ये इसी सेवा भावना के साथ, इसी समर्पण भाव के साथ किए गए कार्य हैं, जो मेरे लिए हमारी महान सांस्कृतिक परंपरा का प्रसाद है। सेवा की यही भावना, सच्चा सामाजिक न्याय लाती है, सच्चे सेक्यूलरिज्म का प्रतीक है।

साथियों,

हमारी सरकार कृष्ण सर्किट के माध्यम से देश के अलग-अलग तीर्थों, धार्मिक स्थानों को जोड़ रही है। इस सर्किट का विस्तार गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और ओडिशा तक है। स्वदेश दर्शन और प्रसाद योजना के द्वारा इन स्थानों को विकसित किया जा रहा है। इन मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के अलग-अलग रूपों के दर्शन होते हैं। कहीं वो बाल रूप में दिखते हैं, तो कहीं उनके साथ राधा रानी की भी पूजा होती है। किसी मंदिर में उनका कर्मयोगी स्वरूप दिखाई देता है, तो कहीं राजा के रूप में उनकी पूजा की जाती है। हमारा प्रयास है कि भगवान श्री कृष्ण के जीवन से जुड़े अलग-अलग स्थलों तक पहुंचना और मंदिरों के दर्शन करना आसान हो। इसके लिए विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। इस्कॉन भी कृष्ण सर्किट से जुड़े आस्था के इन केंद्रों पर श्रद्धालुओं को लाने में जरूर सहयोग कर सकता है। मेरा आपसे आग्रह है कि आप अपने सेंटर से जुड़ने वाले सभी भक्तों को भारत में कम से कम 5 ऐसे स्थानों पर जरूर भेजें।

साथियों,

पिछले एक दशक में देश में विकास और विरासत को एक साथ गति मिली है। विरासत से विकास के इस मिशन को इस्कॉन जैसी संस्थाओं का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। हमारे मंदिर या धार्मिक स्थल तो सदियों से सामाजिक चेतना के केंद्र रहे हैं। हमारे गुरुकुलों का शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने में अहम योगदान रहा है। इस्कॉन भी अपने कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को प्रेरित करता है कि वो आध्यात्म को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। और अपनी परंपरा पर चलते हुए, इस्कॉन के युवा साधक कैसे आधुनिक टेक्नोलॉजी को आत्मसात करते हैं, ये देखना और अद्भुत होता है। और आपका इन्फॉरमेशन नेटवर्क तो दूसरों के लिए सीखने योग्य है। मुझे विश्वास है, इस्कॉन के सानिध्य में युवा सेवा और समर्पण की भावना से राष्ट्रहित में काम करेंगे। इस परिसर में भक्तिवेदांत आयुर्वेदिक हीलिंग सेंटर की सुविधा भी लोगों को मिलेगी। और मेरा तो मत है, दुनिया के लिए मैंने हमेशा संदेश दिया है- ‘हील इन इंडिया’। शुश्रूषा के लिए, और सर्वांगीण रूप से स्वस्थ होने के लिए, well being के लिए ‘हील इन इंडिया’। यहाँ भक्ति वेदान्त कॉलेज फॉर वेदिक एजुकेशन की स्थापना भी की गई है। इनका लाभ हर समाज को होगा, पूरे देश को होगा।

साथियों,

हम सब देख रहे हैं कि वर्तमान समाज जितना आधुनिक हो रहा है, उतनी ही उसे संवेदनशीलता की भी जरूरत है। हमें संवदेनशील इंसानों का समाज तैयार करना है। एक ऐसा समाज जो मानवीय गुणों के साथ आगे बढ़े। एक ऐसा समाज जहां अपनेपन की भावना का विस्तार हो। इस्कॉन जैसी संस्था अपने भक्ति वेदांत के माध्यम से दुनिया की संवेदनशीलता को नया प्राण दे सकती है। आपकी संस्था अपनी क्षमताओं का उपयोग कर, पूरी दुनिया में मानवीय मूल्यों का विस्तार कर सकती है। मुझे विश्वास है कि प्रभुपाद स्वामी के आदर्शों को जीवंत बनाए रखने के लिए इस्कॉन के महानुभाव इसी तरह हमेशा तत्पर रहेंगे। मैं एक बार फिर राधा मदनमोहनजी मंदिर के लिए पूरे इस्कॉन परिवार को, सभी देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद।

हरे कृष्णा – हरे कृष्णा !

हरे कृष्णा – हरे कृष्णा !

हरे कृष्णा – हरे कृष्णा !

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अजमेर से शुरू किया गया HPV वैक्सीनेशन अभियान, देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम: राजस्थान में पीएम मोदी
February 28, 2026
हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है : प्रधानमंत्री
आज मुझे अजमेर से राष्ट्रव्यापी HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू करने, कई प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करने और युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ: प्रधानमंत्री
अजमेर से एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ हुआ है, यह अभियान देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है : प्रधानमंत्री
दो इंजन वाली सरकार राजस्थान की विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है : प्रधानमंत्री
हमारी सरकार का शुरू किया गया नदियों को जोड़ने का अभियान राजस्थान को काफी लाभ पहुंचाएगा : प्रधानमंत्री
राजस्थान में सूर्य की रोशनी की कोई कमी नहीं है, यही धूप आम आदमी के लिए बचत और आय का स्रोत बन रही है : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अहम भूमिका निभा रही है, इस योजना में राजस्थान का भविष्य बदलने की क्षमता है : प्रधानमंत्री

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

तीर्थराज पुष्कर और माता सावित्री की इस पावन भूमि पर, आज मुझे आप सबके बीच आने का, आपके आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर मिला है। इस मंच से मैं सुरसुरा के तेजाजी धाम को, पृथ्वीराज की भूमि अजमेर को प्रणाम करता हूं।

मेरे साथ बोलिए –

तीर्थराज पुष्कर की जय।

तीर्थराज पुष्कर की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

वीर तेजाजी महाराज की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

भगवान देव नारायण की जय।

वरूण अवतार भगवान झूलेलाल जी की जय।

भगवान झूलेलाल जी की जय।

मंच पर विराजमान राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागडे जी, राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी, पूर्व मुख्यमंत्री बहन वसुंधरा जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी भगीरथ चौधरी जी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद भैरवा जी, दिया कुमारी जी, संसद में मेरे साथी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर जी, उपस्थित अन्य मंत्रिगण, अन्य महानुभाव और राजस्थान के मेरे प्यारे भाई और बहनों। मैं पूज्य संतों का बहुत आभारी हूं, कि हमें आशीर्वाद देने के लिए इतनी बड़ी संख्या में पूज्य संतगण यहां मौजूद हैं।

साथियों,

अजमेर आस्था और शौर्य की धरती है। यहां तीर्थ भी है और क्रांतिवीरों के पदचिन्ह भी हैं। अभी कल ही मैं इजराइल की यात्रा को पूरा करके भारत लौटा हूं। राजस्थान के सपूत मेजर दलपत सिंह के शौर्य को इजराइल के लोग आज भी गौरव से याद करते हैं। मुझे भी इजराइल की संसद में, मेजर दलपत सिंह जी के शौर्य को नमन करने का सौभाग्य मिला। राजस्थान के वीर बाकुरों की, इजराइल के हाइफा शहर को आजाद कराने में जो भूमिका थी, मुझे उसका गौरवगान करने का अवसर मिला है।

साथियों,

कुछ समय पहले ही, राजस्थान में भाजपा की डबल इंजर सरकार को दो साल पूरे हुए हैं, मुझे संतोष है कि आज राजस्थान विकास के नए पथ पर अग्रसर है। विकास के जिन वायदों के साथ भाजपा सरकार आपकी सेवा में आई थी, उन्हें तेजी के साथ पूरा कर रही है। और आज का दिन, विकास के इसी अभियान को तेज करने का दिवस है। थोड़ी देर पहले यहां राजस्थान के विकास से जुड़ी करबी 17 हजार करोड़ रूपयों की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, हर क्षेत्र में नई शक्ति जुड़ रही है। ये सारे प्रोजेक्टस राजस्थान की जनता की सुविधा बढ़ाएंगे और राजस्थान के युवाओं के लिए, रोजगार के भी अवसर पैदा करेंगे।

साथियों,

भाजपा की डबल इंजर सरकार लगातार युवा शक्ति को सशक्त कर रही है। दो साल पहले तक राजस्थान से भर्तियों में भ्रष्टाचार और पेपर लीक की ही खबरें चमकती रहती थीं, आती रहती थीं। अब राजस्थान में पेपर लीक पर लगाम लगी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है। आज यहां इसी मंच से राजस्थान के 21 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए हैं। ये बहुत बड़ा बदलाव आया है। मैं इस बदलाव के लिए, नई नौकरियों के लिए, विकास के सभी कामों के लिए, राजस्थान के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज वीरांगनाओं की इस धरती से, मुझे देशभर की बेटियों के लिए एक अहम अभियान शुरू करने का अवसर मिला है। यहां अजमेर से HPV वैक्सीनेशन अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान, देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।

साथियों,

हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से, भाजपा सरकार ने महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।

साथियों,

हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा, कितना अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थीं, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। गरीब बेटियां सेनिटरी पैड्स नहीं ले पाती थीं। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थीं। इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। लेकिन हमारे लिए ये बहनों-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए, हमने इनका मिशन मोड पर समाधान किया।

साथियों,

गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई, मां को पोषक आहार मिले, इसके लिए पांच हज़ार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरु की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा ये नहीं चलेगा। और इसलिए उज्जवला गैस योजना बनाई गई। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार, सत्ता भाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है।

साथियों,

21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है। आज का समय राजस्थान के विकास के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है। भाजपा की डबल इंजन सरकार, राजस्थान की विरासत और विकास, दोनों को साथ लेकर चल रही है। हम सब जानते हैं, अच्छी सड़क, अच्छी रेल और हवाई सुविधा सिर्फ सफर आसान नहीं करती, वो पूरे इलाके की किस्मत बदल देती है। जब गांव-गांव तक अच्छी सड़क पहुँचती है, तो किसान अपनी फसल सही दाम पर बेच पाता है। व्यापारी आसानी से अपना सामान बाहर भेज पाते हैं। और हमारा अजमेर-पुष्कर तो, उसकी पर्यटन की ताकत कौन नहीं जानता। अच्छी कनेक्टिविटी का पर्यटन पर सबसे अच्छा असर पड़ता है। जब सफर आसान होता है, तो ज्यादा लोग घूमने आते हैं।

और साथियों,

जब पर्यटक आते हैं तो स्वाभाविक है होटल चलते हैं, ढाबे चलते हैं, कचौड़ी और दाल बाटी ज्यादा बिकती है, यहां राजस्थान के कारीगरों का बनाया सामान बिकता है, टैक्सी चलती है, गाइड को काम मिलता है। यानी एक पर्यटक कई परिवारों की रोज़ी-रोटी बन जाता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार, राजस्थान में आधुनिक कनेक्टिविटी पर बहुत बल दे रही है।

साथियों,

जैसे-जैसे राजस्थान में कनेक्टिविटी का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे यहां निवेश के लिए भी अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के इर्द-गिर्द उद्योगों के लिए एक बहुत ही शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। यानी राजस्थान को अवसरों की भूमि बनाने के लिए, डबल इंजन सरकार हर संभव, अनेक विध काम कर रही है।

साथियों,

राजस्थान की माताएं अपने बच्चों को पालने में ही, राष्ट्र भक्ति का संस्कार देती हैं। राजस्थान की ये धरा जानती है कि देश का सम्मान क्या होता है, और इसीलिए आज राजस्थान की इस धरा पर, मैं आप लोगों से एक और बात कहने आया हूं।

साथियों,

हाल में ही, दिल्ली में, दुनिया का सबसे बड़ा AI सम्मेलन हुआ, Artificial Intelligence इसमें दुनिया के अनेक देशों के प्रधानमंत्री, अनेक देशों के राष्ट्रपति, अनेक देशों के मंत्रि, उस कार्यक्रम में आए थे। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां, उन कंपनियों के कर्ता-धर्ता वो भी एक छत के नीचे इकट्ठे हुए थे। सबने भारत की खुले मन से प्रशंसा की। मैं जरा राजस्थान के मेरे भाई-बहनों से पूछना चाहता हूं। जब दुनिया के इतने सारे लोग, भारत की प्रशंसा करते हैं, ये सुनकर के आपको गर्व होता है की नहीं होता है? आपको गर्व होता है कि नहीं होता है? आपको अभिमान होता है कि नहीं होता है? आपका माथा ऊंचा हुआ या नहीं हुआ? आपका सीना चौड़ा हुआ कि नहीं हुआ?

साथियों,

आपको गर्व हुआ, लेकिन हताशा निराशा में डूबी, लगातार पराजय के कारण थक चुकी कांग्रेस ने क्या किया, ये आपने देखा है। दुनियाभर के मेहमानों के सामने, कांग्रेस ने देश को बदनाम करने की कोशिश की। इन्होंने विदेशी मेहमानों के सामने देश को बेइज्जत करने के लिए पूरा ड्रामा किया।

साथियों,

कांग्रेस, पूरे देश में ल्रगातार हार रही है, और गुस्से में वो इसका बदला, वो भारत को बदनाम करके ले रही है। कभी कांग्रेस, INC यानी इंडियन नेशनल कांग्रेस थी, लेकिन अब INC नहीं बची है, इंडियन नेशनल कांग्रेस नहीं बची है, आज वो INC के बजाय MMC, MMC बन गई है। MMC यानी मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस हो चुकी है।

राजस्थान के मेरे वीरों,

इतिहास गवाह है, मुस्लिम लीग भारत से नफरत करती थी, और इसलिए मुस्लिम लीग ने देश बांट दिया। आज कांग्रेस भी वही कर रही है। माओवादी भी, भारत की समृद्धि, हमारे संविधान और हमारे सफल लोकतंत्र से नफरत करते हैं, ये घात लगाकर हमला करते हैं, कांग्रेस भी घात लगाकर, देश को बदनाम करने के लिए कहीं भी घुस जाती है। कांग्रेस के ऐसे कुकर्मों को देश कभी माफ नहीं करेगा।

साथियों,

देश को बदनाम करना, देश की सेनाओं को कमजोर करना, ये कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। आप याद कीजिए, यही कांग्रेस है, जिसने हमारी सेना के जवानों को हथियारों और वर्दी तक के लिए तरसा कर रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसने सालों तक हमारे सैनिक परिवारों को वन रैंक वन पेंशन से वंचित रखा था। ये वही कांग्रेस है, जिसके जमाने में विदेशों से होने वाले रक्षा सौदों में बड़े-बड़े घोटाले होते थे।

साथियों,

बीते 11 वर्षों में भारत की सेना ने हर मोर्चे पर आतंकियों पर, देश के दुश्मनों पर करारा प्रहार किया। हमारी सेना, हर मिशन, हर मोर्चे में विजयी रही। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक, वीरता का लोहा मनवाया, लेकिन कांग्रेस के नेताओं ने इसमें भी दुश्मनों के झूठ को ही आगे बढ़ाया। देश के लिए जो भी शुभ है, जो भी अच्छा है, जो भी देशवासियों का भला करने वाला है, कांग्रेस उस सबका विरोध करती है। इसलिए, देश आज कांग्रेस को सबक सिखा रहा है।

साथियों,

राजस्थान में तो आपने कांग्रेस के कुशासन को करीब से अनुभव किया है। यहां जितने दिन कांग्रेस की सरकार रही, वो भ्रष्टाचार करने और आपसी लड़ाई-झगड़े में ही उलझी रही। कांग्रेस ने हमारे किसानों को भी हमेशा धोखा दिया है। आप याद कीजिए, कांग्रेस ने दशकों तक सिंचाई की परियोजनाओं को कैसे लटकाए रखा। इसका राजस्थान के किसानों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है। ERCP परियोजना को कांग्रेस की सरकारों ने केवल फाइलों और घोषणाओं में उलझाकर रखा। हमारी सरकार ने आते ही इस स्कीम को फाइलों से निकालकर धरातल पर उतारने का प्रयास किया है।

साथियों,

हमारी सरकार ने नदियों को जोड़ने का जो अभियान शुरु किया है, उसका बहुत अधिक फायदा राजस्थान को मिलना तय है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना हो, यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट हो, डबल इंजन सरकार ऐसी अनेक सिंचाई परियोजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज भी झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जिले के लिए पानी की अनेक परियोजनाओं पर काम शुरु हुआ है। हमारा प्रयास है, कि राजस्थान में भूजल का स्तर भी ऊपर उठे।

साथियों,

भाजपा सरकार, राजस्थान के सामर्थ्य को समझते हुए, योजनाएं बना रही है, उन्हें लागू कर रही है। मुझे खुशी है कि राजस्थान अब, सूरज की ताकत से समृद्धि कमाने वाली धरती बन गया है। हम सब जानते हैं, हमारे राजस्थान में धूप की कोई कमी नहीं। अब यही धूप, सामान्य मानवी के घर की बचत और कमाई का साधन बन रही है। और इसमें बहुत बड़ी भूमिका है, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की। इस योजना में राजस्थान का भाग्य बदलने की ताकत है। इस योजना में भाजपा सरकार लोगों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए की सहायता देती है। सरकार सीधे आपके बैंक खाते में पैसे भेजती है। आजादी के बाज सब बजट, सब योजनाएं देख लीजिए, जिसमें मध्यम वर्ग को सबसे ज्यादा लाभ होने वाला है, ऐेसी योजना कभी नजर नहीं आएगी, आज इन परिवारों को सोलर पैनल लगाने के लिए 78 हजार रुपए सीधा सरकार देती है। सबसे अधिक लाभ मध्यम वर्ग के लोग ले रहे हैं। और जिससे घर पर एक छोटा सा बिजली घर तैयार हो जाता है। दिन में सूरज की रोशनी से बिजली बनती है, घर में वही बिजली काम आती है और जो ज्यादा बिजली बनती है, वो बिजली ग्रिड में जाती है। और जिस घर में बिजली बनी होती है, उसे भी इसका लाभ मिलता है।

साथियों,

आज राजस्थान में सवा लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं। और इस योजना की वजह से, कई घरों का बिजली बिल लगभग जीरो आ रहा है। यानी खर्च कम हुआ है, बचत ज़्यादा हुई है।

साथियों,

विकसित राजस्थान से विकसित भारत के मंत्र पर हम लगातार काम कर रहे हैं। आज जिन योजनाओं पर काम शुरू हुआ है, वो विकसित राजस्थान की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे। जब राजस्थान विकसित होगा, तो यहां के हर परिवार का जीवन समृद्ध होगा। आप सभी को एक बार फिर, विकास परियोजनाओं के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम के 150 साल देश मना रहा है। मेरे साथ बोलिये-

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।