हम दिल्ली को विकास का एक मॉडल बना रहे हैं जो विकसित हो रहे भारत की भावना को दर्शाता है: प्रधानमंत्री
हमारी लगातार कोशिश लोगों के जीवन को आसान बनाने की रहती है, यही हमारी नीतियों और निर्णयों में दिखता है: प्रधानमंत्री मोदी
हमारे लिए, सुधार का अर्थ है सुशासन का विस्तार: प्रधानमंत्री
नेक्स्ट जेनरेशन के लिए वस्तु और सेवाकर सुधार से पूरे देशवासियों के लिए डबल बोनस मिलने वाला है: प्रधानमंत्री मोदी
भारत को मजबूत बनाने के लिए, हमें चक्रधारी मोहन (श्री कृष्ण) से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना है, भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, हमें चरखाधारी मोहन (महात्मा गांधी) के रास्ते पर चलना है: प्रधानमंत्री
आइए हम स्थानीय के लिए मुखर हों, हम भारत में बने उत्पादों पर भरोसा करें और खरीदें: प्रधानमंत्री मोदी

केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे साथी नितिन गडकरी जी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना जी, दिल्ली की मुख्यमंत्री बहन रेखा गुप्ता जी, केंद्र में मंत्री परिषद के मेरे साथी अजय टम्टा जी, हर्ष मल्होत्रा जी, दिल्ली और हरियाणा के सांसद गण, उपस्थित मंत्री गण, अन्य जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्यारे भाइयों और बहनों,

एक्सप्रेसवे का नाम द्वारका, जहां यह कार्यक्रम हो रहा है उस स्थान का नाम रोहिणी, जन्माष्टमी का उल्लास और संयोग से मैं भी द्वारकाधीश की भूमि से हूं, पूरा माहौल बहुत कृष्णमय हो गया है।

साथियों,

अगस्त का यह महीना, आजादी के रंग में, क्रांति के रंग में रंगा होता है। आज़ादी के इसी महोत्सव के बीच आज देश की राजधानी दिल्ली, देश में हो रही विकास क्रांति की साक्षी बन रही है। थोड़ी देर पहले, दिल्ली को द्वारका एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड की कनेक्टिविटी मिली है। इससे दिल्ली के, गुरुग्राम के, पूरे NCR के लोगों की सुविधा बढ़ेगी। दफ्तर आना-जाना, फैक्ट्री आना-जाना और आसान होगा, सभी का समय बचेगा। जो व्यापारी-कारोबारी वर्ग है, जो हमारे किसान हैं, उनको विशेष लाभ होने वाला है। दिल्ली-NCR के सभी लोगों को इन आधुनिक सड़कों के लिए, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

परसों 15 अगस्त को लाल किले से मैंने, देश की अर्थव्यवस्था, देश की आत्मनिर्भरता, और देश के आत्मविश्वास पर विश्वास से बात की है। आज का भारत क्या सोच रहा है, उसके सपने क्या हैं, संकल्प क्या हैं, ये सब कुछ आज पूरी दुनिया अनुभव कर रही है।

और साथियों,

दुनिया जब भारत को देखती है, परखती है, तो उसकी पहली नज़र हमारी राजधानी पर पड़ती है, हमारी दिल्ली पर पड़ती है। इसलिए, दिल्ली को हमें विकास का ऐसा मॉडल बनाना है, जहां सभी को महसूस हो कि हां, यह विकसित होते भारत की राजधानी है।

साथियों,

बीते 11 साल से केन्‍द्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इसके लिए अलग-अलग स्तरों पर निरंतर काम किया है। अब जैसे कनेक्टिविटी का विषय ही है। दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी में बीते दशक में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। यहां आधुनिक और चौड़े एक्सप्रेसवे हैं, दिल्ली-NCR मेट्रो नेटवर्क के मामले में, दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क इलाकों में से एक है। यहां नमो भारत जैसा, आधुनिक रैपिड रेल सिस्टम है। यानी बीते 11 वर्षों में दिल्ली-NCR में आना-जाना पहले के मुकाबले आसान हुआ है।

साथियों,

दिल्ली को बेहतरीन शहर बनाने का जो बीड़ा हमने उठाया है, वो निरंतर जारी है। आज भी हम सभी इसके साक्षी बने हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे हो या फिर अर्बन एक्सटेंशन रोड, दोनों सड़कें शानदार बनी हैं। पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बाद अब अर्बन एक्सटेंशन रोड से दिल्ली को बहुत मदद मिलने वाली है।

साथियों,

अर्बन एक्सटेंशन रोड की एक और विशेषता है। यह दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों से भी मुक्त करने में मदद कर रही हैं। अर्बन एक्सटेंशन रोड को बनाने में लाखों टन कचरा काम में लाया गया है। यानी कूड़े के पहाड़ को कम करके, उस वेस्ट मटेरियल का इस्तेमाल सड़क बनाने में किया गया है और वैज्ञानिक तरीके से किया गया है। यहां पास में ही भलस्वा लैंडफिल साइट है। यहां आसपास जो परिवार रहते हैं, उनके लिए ये कितनी समस्या है, यह हम सभी जानते हैं। हमारी सरकार, ऐसी हर परेशानी से दिल्ली वालों को मुक्ति दिलाने में जुटी हुई है।

साथियों,

मुझे खुशी है कि रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में दिल्ली की भाजपा सरकार, यमुना जी की सफाई में भी लगातार जुटी हुई है। मुझे बताया गया कि यमुना से इतने कम समय में 16 लाख मीट्रिक टन सिल्ट हटाई जा चुकी है। इतना ही नहीं, बहुत कम समय में ही, दिल्ली में 650 देवी इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गई हैं और इतना ही नहीं, भविष्य में भी इलेक्ट्रिक बसें एक बहुत बड़ी मात्रा में करीब-करीब दो हज़ार का आंकड़ा पार कर जाएगी। यह ग्रीन दिल्ली-क्लीन दिल्ली के मंत्र को और मजबूत करता है।

साथियों,

राजधानी दिल्ली में कई बरसों के बाद भाजपा सरकार बनी है। लंबे अरसे तक हम दूर-दूर तक भी सत्ता में नहीं थे और हम देखते हैं कि पिछली सरकारों ने दिल्‍ली को जिस प्रकार से बर्बाद किया, दिल्‍ली को ऐसे गड्ढे में गिरा दिया था, मैं जानता हूं, भाजपा की नई सरकार को लंबे अरसे से मुसीबतें बढ़ती जो गई थी, उसमें से दिल्‍ली को बाहर निकालना कितना कठिन है। पहले तो वो गड्ढा भरने में ताकत जाएगी और फिर बड़ी मुश्किल से कुछ काम नजर आएगा। लेकिन मुझे भरोसा है, दिल्ली में जिस टीम को आपको चुना है, वह मेहनत करके पिछली कई दशकों से जो समस्याओं से गुजरे रहे हैं, उसमें से दिल्ली को बाहर निकाल के रहेंगे।

साथियों,

यह संयोग भी पहली बार बना है, जब दिल्‍ली में, हरियाणा में, यूपी और राजस्थान, चारों तरफ भाजपा सरकार है। यह दिखाता है कि इस पूरे क्षेत्र का कितना आशीर्वाद भाजपा पर है, हम सभी पर है। इसलिए हम अपना दायित्व समझकर, दिल्ली-NCR के विकास में जुटे हैं। हालांकि कुछ राजनीतिक दल हैं, जो जनता के इस आशीर्वाद को अभी भी पचा नहीं पा रहे। वो जनता के विश्वास और जमीनी सच्चाई, दोनों से बहुत कट चुके हैं, दूर चले गए हैं। आपको याद होगा, कुछ महीने पहले किस तरह दिल्ली और हरियाणा के लोगों को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की, दुश्मनी बनाने की साजिशें रची गईं, यह तक कह दिया गया कि हरियाणा के लोग दिल्ली के पानी में जहर मिला रहे हैं, इस तरह की नकारात्मक राजनीति से दिल्ली और पूरे एनसीआर को मुक्ति मिली है। अब हम NCR के कायाकल्प का संकल्प लेकर चल रहे हैं। और मुझे विश्वास है, यह हम करके दिखाएंगे।

साथियों,

गुड गवर्नेंस, भाजपा सरकारों की पहचान है। भाजपा सरकारों के लिए जनता-जनार्दन ही सर्वोपरि है। आप ही हमारा हाई कमांड हैं, हमारी लगातार कोशिश रहती है कि जनता का जीवन आसान बनाएं। यही हमारी नीतियों में दिखता है, हमारे निर्णयों में दिखता है। हरियाणा में एक समय कांग्रेस सरकारों का था, जब बिना खर्ची-पर्ची के एक नियुक्ति तक मिलना मुश्किल था। लेकिन हरियाणा में भाजपा सरकार ने लाखों युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरी दी है। नायब सिंह सैनी जी के नेतृत्व में ये सिलसिला लगातार चल रहा है।

साथियों,

यहां दिल्ली में भी जो झुग्गियों में रहते थे, जिनके पास अपने घर नहीं थे, उनको पक्के घर मिल रहे हैं। जहां बिजली, पानी, गैस कनेक्शन तक नहीं था, वहां यह सारी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। और अगर मैं देश की बात करूं, तो बीते 11 सालों में रिकॉर्ड सड़कें, देश में बनी हैं, हमारे रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प हो रहा है। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें, गर्व से भर देती हैं। छोटे-छोटे शहरों में एयरपोर्ट बन रहे हैं। NCR में ही देखिए, कितने सारे एयरपोर्ट हो गए। अब हिंडन एयरपोर्ट से भी फ्लाइट कई शहरों को जाने लगी है। नोएडा में एयरपोर्ट भी बहुत जल्द बनकर तैयार होने वाला है।

साथियों,

ये तभी संभव हुआ है, जब बीते दशक में देश ने पुराने तौर-तरीकों को बदला है। देश को जिस स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए था, जितनी तेजी से बनना चाहिए था, वो अतीत में नहीं हुआ। अब जैसे, हमारा ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे हैं। दिल्ली-NCR को इसकी जरूरत कई दशकों से महसूस हो रही थी। यूपीए सरकार के दौरान, इसको लेकर फाइलें चलनी शुरु हुईं। लेकिन काम, तब शुरू हुआ जब आपने हमें सेवा करने का अवसर दिया। जब केंद्र और हरियाणा में भाजपा सरकारें बनीं। आज ये सड़कें, बहुत बड़ी शान से सेवाएं दे रही हैं।

साथियों,

विकास परियोजनाओं को लेकर उदासीनता का यह हाल सिर्फ दिल्ली-एनसीआर का नहीं था, पूरे देश का था। एक तो पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर बजट ही बहुत कम था, जो प्रोजेक्ट सेंक्शन होते भी थे, वो भी सालों-साल तक पूरे नहीं होते थे। बीते 11 सालों में हमने इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट 6 गुना से अधिक बढ़ा दिया है। अब योजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर है। इसलिए आज द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट तैयार हो रहे हैं।

और भाइयों और बहनों.

यह जो इतना सारा पैसा लग रहा है, इससे सिर्फ सुविधाएं नहीं बन रही हैं, यह परियोजनाएं बहुत बड़ी संख्या में रोजगार भी बना रही हैं। जब इतना सारा कंस्ट्रक्शन होता है, तो इसमें लेबर से लेकर इंजीनियर तक, लाखों साथियों को काम मिलता है। जो कंस्ट्रक्शन मटेरियल यूज़ होता है, उससे जुड़ी फैक्ट्रियों में, दुकानों में नौकरियां बढ़ती हैं। ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्‍स में रोजगार बनते हैं।

साथियों,

लंबे समय तक जिन्होंने सरकारें चलाई हैं, उनके लिए जनता पर शासन करना ही सबसे बड़ा लक्ष्य था। हमारा प्रयास है कि जनता के जीवन से सरकार का दबाव और दखल, दोनों समाप्त करें। पहले क्या स्थिति थी, इसका एक और उदाहरण मैं आपको देता हूं, दिल्ली में, यह सुनकर के आप चौंक जाएंगे, दिल्‍ली में हमारे जो स्वच्छता मित्र हैं, साफ-सफाई के काम में जुटे साथी हैं, यह सभी दिल्ली में बहुत बड़ा दायित्व निभाते हैं। सुबह उठते ही सबसे पहले उनको थैंक यू करना चाहिए। लेकिन पहले की सरकारों ने इन्हें भी जैसे अपना गुलाम समझ रखा था, मैं इन छोटे-छोटे मेरे सफाई बंधुओं की बात कर रहा हूं। यह जो लोग सर पर संविधान रखकर के नाचते हैं ना, वो संविधान को कैसे कुचलते थे, वह बाबा साहब की भावनाओं को कैसे दगा देते थे, मैं आज वो सच्चाई आपको बताने जा रहा हूं। आप मैं कहता हूं, सुनकर सन्न रह जाएंगे। मेरे सफाईकर्मी भाई-बहन, जो दिल्ली में काम करते हैं, उनके लिए एक खतरनाक कानून था इस देश में, दिल्ली में, दिल्ली म्युनिसिपल कारपोरेशन एक्ट में एक बात लिखी थी, यदि कोई सफाई मित्र बिना बताए काम पर नहीं आता, तो उसे एक महीने के लिए जेल में डाला जा सकता था। आप बताइए, खुद सोचिए, सफाई कर्मियों को ये लोग क्या समझते थे। क्‍या आप उन्हें जेल में डाल देंगे, वह भी एक छोटी सी गलती के कारण। आज जो सामाजिक न्याय की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, उन्होंने ऐसे कई नियम-कानून देश में बनाए रखे हुए थे। यह मोदी है, जो इस तरह के गलत कानूनों को खोद कर-कर, खोज-खोज करके खत्म कर रहा है। हमारी सरकार ऐसे सैकड़ों कानूनों को समाप्त कर चुकी है और ये अभियान लगातार जारी है।

साथियों,

हमारे लिए रिफॉर्म का मतलब है, सुशासन का विस्तार। इसलिए, हम निरंतर रिफॉर्म पर बल दे रहे हैं। आने वाले समय में, हम अनेक बड़े-बड़े रिफॉर्म्स करने वाले हैं, ताकि जीवन भी और बिजनेस भी, सब कुछ और आसान हो।

साथियों,

इसी कड़ी में अब GST में नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म होने जा रहा है। इस दिवाली, GST रिफॉर्म से डबल बोनस देशवासियों को मिलने वाला है। हमने इसका पूरा प्रारूप राज्यों को भेज दिया है। मैं आशा करता हूं कि सभी राज्‍य भारत सरकार के इस इनिशिएटिव को सहयोग करेंगे। जल्‍द से जल्‍द इस प्रक्रिया को पूरा करेंगे, ताकि यह दिवाली और ज्यादा शानदार बन सके। हमारा प्रयास GST को और आसान बनाने और टैक्स दरों को रिवाइज करने का है। इसका फायदा हर परिवार को होगा, गरीब और मिडिल क्लास को होगा, छोटे-बड़े हर उद्यमी को होगा, हर व्यापारी-कारोबारी को होगा।

साथियों,

भारत की बहुत बड़ी शक्ति हमारी प्राचीन संस्कृति है, हमारी प्राचीन धरोहर है। इस सांस्कृतिक धरोहर का, एक जीवन दर्शन है, जीवंत दर्शन भी है और इसी जीवन दर्शन में हमें चक्रधारी मोहन और चरखाधारी मोहन, दोनों का परिचय होता है। हम समय-समय पर चक्रधारी मोहन से लेकर चरखाधारी मोहन तक दोनों की अनुभूति करते हैं। चक्रधारी मोहन यानी सुदर्शन चक्रधारी भगवान श्रीकृष्ण, जिन्होंने सुदर्शन चक्र के सामर्थ्य की अनुभूति कराई और चरखाधारी मोहन यानी महात्मा, गांधी जिन्होंने चरखा चलाकर देश को स्वदेशी के सामर्थ्य की अनुभूति कराई।

साथियों,

भारत को सशक्त बनाने के लिए हमें चक्रधारी मोहन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना है और भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, हमें चरखाधारी मोहन के रास्ते पर चलना है। हमें वोकल फॉर लोकल को अपना जीवन मंत्र बनाना है।

साथियों,

यह काम हमारे लिए मुश्किल नहीं है। जब भी हमने संकल्प लिया है, तब-तब हमने करके दिखाया है। मैं छोटा सा उदाहरण देता हूं खादी का, खादी विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी थी, कोई पूछने वाला नहीं था, आपने जब मुझे सेवा का मौका दिया, मैंने देश को आहवान किया, देश ने संकल्प लिया और इसका नतीजा भी दिखा। एक दशक में खादी की बिक्री करीब-करीब 7 गुना बढ़ गई है। देश के लोगों ने वोकल फॉर लोकल के मंत्र के साथ खादी को अपनाया है। इसी तरह देश ने मेड इन इंडिया फोन पर भी भरोसा जताया। 11 साल पहले हम अपनी जरूरत के ज्यादातर फोन इंपोर्ट करते थे। आज ज्यादातर भारतीय मेड इन इंडिया फोन ही इस्तेमाल करते हैं। आज हम हर साल 30-35 करोड़ मोबाइल फोन बना रहे हैं, 30-35 करोड़, 30-35 करोड़ मोबाइल फोन बना रहे हैं और एक्सपोर्ट भी कर रहे हैं।

साथियों,

हमारा मेड इन इंडिया, हमारा UPI, आज दुनिया का सबसे बड़ा रियल टाइम डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म बन चुका है, दुनिया का सबसे बड़ा। भारत में बने रेल कोच हों या फिर लोकोमोटिव, इनकी डिमांड अब दुनिया के दूसरे देशों में भी बढ़ रही है।

साथियों,

जब यह रोड इंफ्रास्ट्रक्चर की बात आती है, इंफ्रास्ट्रक्चर की बात आती है, भारत ने एक गति शक्ति प्‍लेटफॉर्म बनाया है, 1600 लेयर, वन थाउजेंड सिक्स हंड्रेड लेयर डेटा के हैं उसमें और किसी भी प्रोजेक्ट को वहां पर कैसी-कैसी परिस्थितियों से गुजरना पड़ेगा, किन नियमों से गुजरना पड़ेगा, वाइल्ड लाइफ है कि जंगल है कि क्या है, नदी है, नाला है क्या है, सारी चीजें मिनटों में हाथ लग जाती हैं और प्रोजेक्ट तेज गति से आगे बढ़ते हैं। आज गति शक्ति की एक अलग यूनिवर्सिटी बनाई गई है और देश की प्रगति के लिए गति शक्ति एक बहुत बड़ा सामर्थ्यवान मार्ग बन चुका है।

साथियों,

एक दशक पहले तक हम खिलौने तक बाहर से इंपोर्ट करते थे। लेकिन हम भारतीयों ने संकल्प लिया वोकल फॉर लोकल का, तो ना सिर्फ बड़ी मात्रा में खिलौने भारत में ही बनने लगे, लेकिन बल्कि आज हम दुनिया के 100 से ज्यादा देशों को खिलौने निर्यात भी करने लगे हैं।

साथियों,

इसलिए मैं फिर आप सभी से, सभी देशवासियों से आग्रह करूंगा, भारत में बने सामान पर हम भरोसा करें। भारतीय हैं, तो भारत में बना ही खरीदें, अब त्योहारों का सीजन चल रहा है। अपनों के साथ, अपने लोकल उत्पादों की खुशियां बांटें, आप तय करें, गिफ्ट वही देना है, जो भारत में बना हो, भारतीयों द्वारा बनाया हुआ हो।

साथियों,

मैं आज व्यापारी वर्ग से, दुकानदार बंधुओं से भी एक बात कहना चाहता हूं, होगा कोई समय, विदेश में बना सामान आपने इसलिए बेचा हो, ताकि शायद आपको लगा हो, प्रॉफिट थोड़ा ज्यादा मिल जाता है। अब आपने जो किया सो किया, लेकिन अब आप भी वोकल फॉर लोकल के मंत्र पर मेरा साथ दीजिए। आपके इस एक कदम से देश का तो फायदा होगा, आपके परिवार का, आपके बच्चों का भी फायदा होगा। आपकी बेची हुई हर चीज से, देश के किसी मजदूर का, किसी गरीब का फायदा होगा। आपकी बेची गई हर चीज़ का पैसा, भारत में ही रहेगा, किसी न किसी भारतीय को ही मिलेगा। यानी यह भारतीयों की खरीद शक्ति को ही बढ़ाएगा, अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और इसलिए यह मेरा आग्रह है, आप मेड इन इंडिया सामान को पूरे गर्व के साथ बेचें।

साथियों,

दिल्ली, आज एक ऐसी राजधानी बन रही है, जो भारत के अतीत का भविष्य के साथ साक्षात्कार भी कराती है। कुछ दिन पहले ही देश को नया सेंट्रल सेक्रेटरिएट, कर्तव्य भवन मिला है। नई संसद बन चुकी है। कर्तव्य पथ नए रूप में हमारे सामने है। भारत मंडपम और यशोभूमि जैसे आधुनिक कॉन्फ्रेंस सेंटर्स आज दिल्ली की शान बढ़ा रहे हैं। यह दिल्ली को, बिजनेस के लिए, व्यापार-कारोबार के लिए बेहतरीन स्थान बना रहे हैं। मुझे विश्वास है, इन सभी के सामर्थ्य और प्रेरणा से हमारी दिल्ली दुनिया की बेहतरीन राजधानी बनकर उभरेगी। इसी कामना के साथ, एक बार फिर इन विकास कार्यों के लिए आप सबको, दिल्ली को, हरियाणा को, राजस्थान को, उत्तर प्रदेश को, पूरे इस क्षेत्र का विकास होने जा रहा है, मैं बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद!

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Text of PM’s speech at the launch of ‘Nasha Mukt Yuva for Viksit Bharat Sankalp Abhiyan’ via VC
August 02, 2026


नमस्‍कार!

आज हम सभी देशवासी एक महान और महत्वपूर्ण संकल्प के लिए एकजुट हुए हैं। इस संकल्प को लेकर, इसक कार्यक्रम से जुड़े सभी पूज्य संतजन, अलग-अलग राज्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे सभी राज्यपाल, सभी मुख्यमंत्री, अन्‍य सभी जनप्रतिनिधिगण, 28 हजार से अधिक स्थानों से जुड़े एक करोड़ से युवा साथी, मैं आज इस शुभ घड़ी पर, शुभ संकल्प के लिए करोड़ों-करोड़ों नौजवानों का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं। आज हम सभी जिस अभियान के साक्षी बन रहे हैं, वह अभियान व्यक्ति के लिए हैं, परिवार के लिए हैं, समाज के लिए भी है और सबसे बड़ी बात है, यह राष्‍ट्र के लिए है।

साथियों,

विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए ‘नशा मुक्त युवा’ इस मूवमेंट का नाम ही इसके संकल्प को स्पष्ट करता है, क्योंकि आज जब देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है, तो इसके लिए आवश्यक है, देश का युवा तन से स्वस्थ हो, मन से स्वस्थ हो, आत्‍मविश्‍वास से भरपूर हो और ड्रग्स जैसी घातक आदत से हमेशा-हमेशा दूर ही रहे, दूर हो। यही इस अभियान का उद्देश्य है। इसलिए हम सबको यह संकल्प लेना है, हमारे युवा नशे और ड्रग्स के खतरों को समझे, हर तरह से जागरूक रहे और उससे दूर रहें और इस संकल्प में अब ‘राष्‍ट्रीय नशा मुक्त युवा’ अभियान की बड़ी भूमिका है।

साथियों,

काशी का सांसद होने के नाते मुझे खुशी है कि यह अभियान का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पिछले साल काशी की पवित्र धरती से शुरू हुआ था। इसलिए वैज्ञानिक स्‍पष्‍टता के साथ-साथ इसमें आध्यात्मिक ऊर्जा भी है, संतों के आशीर्वाद भी हैं और महान सांस्कृतिक विरासत भी हैं। इसमें वह सांस्कृतिक समर्पण भी है, जिसने सदियों से नशे को खारिज किया है। यही वजह है, देश के 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन करोड़ों-करोड़ों देशवासियों के हित के लिए आज हमारे साथ जुड़ चुके हैं। सामाजिक संगठनों ने, NGOs ने इस दिशा में संकल्प लिया है। सबने मिलकर ‘काशी डिक्लेरेशन’ के जरिए रोडमैप तैयार किया है और आज हम देख रहे हैं, काशी से उठा वो कल्याणकारी विचार अब यह एक नेशनल प्रोजेक्ट्स बन गया है। आज से देशभर में ‘नशा मुक्त युवा’ अभियान आरंभ हो रहा है।

साथियों,

कुछ काम ऐसे होते हैं, जो व्यक्तिगत रूप से कोई प्रयास करे, तो कभी-कभी निराश हो जाता है, थकान महसूस करता है, लंबी दूरी चलने में मन तैयार नहीं होता है, लेकिन जब सामूहिक अभियान बन जाता है, कंधे से कंधा मिलाकर करोड़ों लोग चल पड़ते हैं, तो ऐसे सभी जो व्यक्तिगत रूप से अपने आप कुछ नहीं कर पाते हैं, उनको भी एक नई ऊर्जा मिल जाती है। सामूहिकता की एक ताकत होती है और आज उस ताकत को लेकर के यह अभियान हर युवा मन को छूने वाला है। थोड़ी देर पहले देश के लाखों युवाओं ने नशा मुक्ति की शपथ ली है। आपने अपने जीवन को नशे से दूर रखने का संकल्प लिया है। आपने अपने स्कूल, अपने कॉलेज और अपने समाज में नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया है।

साथियों,

आज लिया गया यह संकल्प आने वाले 100 सप्ताह तक लगातार ऐसे ही आगे बढ़ेगा। हर रविवार, कला, संस्‍कृति, स्पोर्ट्स, मेडिटेशन, आध्यात्म और सेवा से जुड़ी गतिविधियां होंगी। नशा मुक्ति का संदेश नए लोगों तक पहुंचेगा। आने वाले 100 रविवार नशा मुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम होंगे, हंड्रेड मजबूत स्‍टेप्‍स।

साथियों,

आज हजारों स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लाखों विद्यार्थी इस कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े हैं। माई भारत के वॉलंटियर्स भी लाखों की तादाद में आज इससे जुड़े हैं। मेरे एनएसएस के नौजवान भी आज हमारे साथ शामिल हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों से, अलग-अलग संस्‍थानों से, अलग-अलग बैकग्राउंड के एक करोड़ से अधिक युवा आज एक साथ हैं। मेरा आप सभी से आग्रह है, आप सब इस बड़े मोवमेंट के लीडर हैं। आपने मेरे इस विश्वास को और मजबूत किया है कि भारत का युवा कितना जागरूक है, कितना समझदार है और अपने कर्तव्यों के प्रति कितना गंभीर है। मैं आप सभी को इस अभियान के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे युवा साथियों,

आप भारत की अमृत पीढ़ी हैं। आप अगले 20-25 वर्षों में अपने जीवन को भी दिशा देंगे और आप ही 2047 में देश को विकसित भारत की मंजिल तक लेकर जाएंगे और उसको शिखर पर आप ही बैठे होंगे, उसका सारा रसपान करने का अवसर आप ही को मिलने वाला है। देश को आपकी ऊर्जा, आपकी कल्पनाशक्ति और आपके टैलेंट की जरूरत है। इसलिए, देश के लिए और अपने जीवन के लिए, खुद को नशा मुक्त रखना बहुत जरूरी है। नशा फोकस को भटकाता है, और धीरे-धीरे युवा को उसके अपने सपनों से दूर ले जाता है। अभी जिन नौजवानों ने नाट्य मंचन किया, बहुत कम समय में, बहुत अच्छे तरीके से नाट्य मंचन में उन्होंने समस्या भी बताई, समस्या के कारण पैदा हुए संकट भी बताए और बाहर निकलने के सामूहिक प्रयत्न का रास्ता भी दिखाया। नाट्य मंचन छोटा था, लेकिन जैसा उन्होंने कहा, आओ हम नाटक देखें! यह नाटक नहीं था, यह हम लोगों के लिए एक बहुत बड़ा संदेश था। हमें जगा रहा था, हमें जूझने के लिए प्रेरित कर रहा था।

साथियों,

आजकल हम देखते हैं, आज के युवा स्‍टार्टअप्‍स की दुनिया में छाए हैं, AI को लीड कर रहे हैं, Sports में तिरंगा लहरा रहे हैं, स्‍पेस से लेकर Science तक नए कीर्तिमान बना रहे हैं। लेकिन साथियों, जब कोई युवा, अगर ड्रग्स के एडिक्‍शन में फंस जाए, तो केवल एक युवा नहीं हारता, एक सपना हार जाता है, एक सपने की बाल मृत्यु हो जाती है, एक परिवार हार जाता है, पूरा का पूरा परिवार टूट जाता है, समाज से भी नफरत का शिकार बन जाता है। नशा केवल शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता, नशा एक माँ की मुस्कान छीन लेता है। नशा एक पिता के सपनों को चूर-चूर कर देता है। एक बहन की राखी की उम्मीद को कमजोर कर देता है। एक छोटे भाई का आदर्श छीन लेता है। घर के बुजुर्ग हर दिन इस दर्द को जीते हैं कि उनका अपना बच्चा धीरे-धीरे खुद को खो रहा है, खुद को गला रहा है, तिल-तिल गल रहा है, आंखों के सामने उसे बर्बाद होते देख रहे हैं और जब परिवार में, समाज में ऐसा होता है और कहीं न कहीं, राष्ट्र की शक्ति भी कमजोर पड़ जाती है और इसलिए दुश्मन देश भी षड्यंत्र करके हमारे देश के युवाओं को इस नशे की लत में खींचने के लिए कोई कोशिश बाकी नहीं रखते हैं। ड्रग्स सप्लाई कर-करके कमाई करना और हमारे जैसे देश को तबाह करना, यह भी उनकी आतंकी साजिश का हिस्सा होता है और इसलिए हमें हर एक युवा को नशे के चंगुल में फंसने से बचाना है।

साथियों,

नशा मुक्त रहकर आपको अपने पोटेंशियल को प्रोटेक्ट करना है! आपको ध्यान रखना है, ड्रग्स कुछ समय के लिए 'High' देता है। लेकिन आपके करियर और फैमिली लाइफ को 'Low' कर देता है। हमें नशे को किसी भी तरह की स्वीकार्यता नहीं देनी है।

साथियों,

हमारे समाज में भी हमेशा नशे को एक बुराई के रूप में देखा है। हमारे संतों ने, गुरुओं ने हमें इससे बचने के लिए चेताया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी कहा गया है- "जितु पीतै मति दूरि होइ बरलु पवै विचि आइ। आपणा पराइआ न पछाणई खसमहु धके खाइ॥'' अर्थात, जिस पदार्थ के सेवन से बुद्धि और विवेक साथ छोड़ दें, इंसान अपने और पराए की पहचान भूल जाए, ऐसा नशा उसे पतन की ओर ले जाता है।

साथियों,

हमारी संस्कृति में बचाव के लिए चेतावनी भी दी गईं है और नशे की आदत लगने पर उससे निकलने के रास्ते भी बताए गए हैं। समाज का सहयोग, योग और ध्यान की ताकत, यह नशे के खिलाफ हमारे अंतर्मन को ताकत देते हैं। और आज तो हमारे पास नशा छोड़ने के लिए rehabilitation center जैसी सुविधाएं भी हैं। इसलिए, अगर कोई युवा गलती से नशे में फंस भी गया है, तो इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि उसके सारे रास्ते बंद हो गए हैं। हमें हमेशा इस बात का ध्यान रखना है, घर का कोई बच्चा अगर नशे का शिकार बन गया है, तो इसे सामाजिक प्रतिष्ठा की आड़ में छिपाएं नहीं। जिसकी जरूरत हो, उसका सहयोग मांगे, मन खोलकर के उससे बात करें, जो एक्सपर्ट्स हैं, उनका सहयोग लें। मेडिकल हेल्प से अपने बच्चे को नशे से मुक्त कराने का प्रयास करें। हमें परिवार में बच्चों से खुलकर संवाद की संस्कृति भी बनानी चाहिए, ताकि ऐसे भंवर में फंसने से पहले ही आप उसका हाथ थाम सके। आपको भनक आ जाएगी, थोड़ा ध्यान रखिए पता चलेगा, उसमें बदलाव आ रहा है, वो खोया-खोया लग रहा है, वो मुँह छुपा रहा है, कमरे में बंद हो जा रहा है, देर रात आ रहा है, पैसे अनाब-शनाब मांग रहा है, यह सारी चीजों से पता चल जाता है, भनक आ जाती है, कुछ मामला गड़बड़ है।

साथियों,

एक आवाहन मैं कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ के हमारे प्रोफेसर्स साथियों से भी करना चाहता हूँ, आप भी कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट्स के साथ ड्रग्स के खतरों पर बात करें। नशे के खिलाफ अपने कैम्पस में एक मूवमेंट चलाएं। आपके प्रयास बड़े-बड़े परिणाम ला सकते हैं। और साथियों, हमें एक और बात ध्यान रखनी है, जो युवा नशे से लड़कर बाहर निकलते हैं, वह कमजोर नहीं होते, जो नशे को परास्‍त करके निकला है न, वह असली योद्धा होता है, समाज को उनका सम्मान करना चाहिए, अपनापन देना चाहिए, उसे दूसरा अवसर देना चाहिए क्योंकि ड्रग्स से जुड़ा किसी का अतीत उसकी पहचान नहीं हो सकता, उसका साहस उसकी पहचान होता है।

साथियों,

ड्रग्स के खिलाफ अभियान में आज सरकार भी मजबूती से युवाओं के साथ खड़ी है। देश में नशे के कारोबारियों और तस्करों पर सख्ती के साथ कार्रवाई हो रही है। पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। हजारों करोड़ रुपए की ड्रग्स भी जब्त की गई है। यह दिखाता है कि, ड्रग्स के खिलाफ हमारी सरकार कितनी सख्त है। मुझे विश्वास है, केन्‍द्र सरकार, राज्य सरकार, हर कोई इसे मिशन मोड में करेंगे। मुझे विश्वास है, हमारे देश का युवा नशे से मुक्त रहकर अपनी युवा ऊर्जा को न केवल संरक्षित करेगा, बल्कि विकसित भारत के संकल्पों को भी आगे बढ़ाएगा। और जब मैं आज अनेक महान संतों को मेरे सामने देख रहा हूं, दूर से मैं मन से उनको प्रणाम करता हूं। मैं इन सभी सामाजिक संस्‍थाएं, आध्यात्मिक संस्‍थाएं, आध्यात्मिक गुरुजन, आपका देश के कोने-कोने में संगठन है, आपके युवा साथी डिवोटीज हैं। आने वाले 100 दिन में हर एक संगठन, एक सप्ताह अपने जिम्मे ले सकता है, पूरा सप्ताह पूरे देश में वह संगठन नेतृत्व करे, बाकी सब शक्तियां उसके साथ जुड़े और रविवार को बहुत बड़ा कार्यक्रम करें। दूसरे सप्ताह, दूसरा संगठन, दूसरी शक्ति, सप्ताह भर प्रयोग करें, कार्यक्रम करे और रविवार को बड़ा कार्यक्रम करे। अगर 100 सप्ताह हमारे देश के ऐसे आध्यात्मिक, सामाजिक संगठन, युवा संगठन एक-एक सप्ताह अपने जिम्मे ले लें और बाकी सारी शक्तियां वह जुड़े और रविवार सब मिलकर के करें, आप कल्पना कर सकते हैं, देश में कितना बड़ा आंदोलन खड़ा हो जाएगा। मैं एक बार फिर आप सबने समय निकाला, इस पवित्र कार्य में हम सबको आशीर्वाद दिए, इसके लिए संतों का, आचार्यो का, संगठन के महारथियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं इन एक करोड़ से ज्यादा जुटे नौजवानों का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं, आपने यह बहुत बड़ा काम किया है। मैं माई भारत के वॉलंटियर्स की बधाई करता हूं, वो जो भी ठान लेते हैं, आजकल करके दिखाते हैं। अभी पिछले दिनों मुझे माई भारत के वॉलंटियर्स को मिलने का मौका मिला, वह हिन्‍दुस्‍तान के सीमावर्ती गांवों में जाकर के एक-एक सप्ताह रूक करके आए हैं। जिसे कभी देश का आखिरी गांव कहा जाता है, जाता था जिसको आज हम देश का पहला गांव कहते हैं, वहां जाकर के आए। उनके अनुभव बड़े प्रेरक थे और आज इतना बड़ा कार्यक्रम माई भारत के वॉलंटियर्स कर पाते हैं, यह अपने आप में उनकी राष्‍ट्र के प्रति जागरूक समर्पित भावना का प्रतीक है, मैं उनकी बधाई देता हूं, उनका भी अभिनंदन करता हूं। और मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबके सामूहिक प्रयत्नों से यह हमारी मोवमेंट घर-घर पहुंचेगी, हर युवा के दिन में पहुंचेगी और यह ड्रग्स के कारोबारियों के लिए बहुत बड़ा खौफ भी बन जाएगी। आइए, हम सब मिलकर के आगे चलें, मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!