PM Modi interacts with BJP Karyakartas from Tamil Nadu via NaMo App, emphasizes the Party's commitment to effective governance communication
Booth-level efficiency is key to election success: PM Modi during interaction with Tamil Nadu Karyakartas
PM Modi proposes dedicated teams for each booth, urging inclusive engagement with citizens to win hearts and votes
PM Modi shares constructive dialogue on women's empowerment, infrastructure, and governance during interaction with Tamil Nadu Karyakartas
Karyakartas must organize impactful booth-level events to raise awareness and connect with voters effectively: PM Modi

वणक्कम !
वैसे तो मैं जब भी तमिलनाडु आता हूं तो अपनी बात वणक्कम से ही शुरू करता हूं। लेकिन आज का वणक्कम मेरे लिए बहुत स्पेशल है क्योंकि एक कार्यकर्ता दूसरे कार्यकर्ता के साथ वणक्कम से अभिवादन करता है तो कार्यकर्ता का अपनापन है, उसकी बहुत बड़ी ताकत होती है। कोई भी व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा क्यों ना हो जाए जब वो स्कूल के अपने friends से मिलता है, और भले ही 25 साल 30 साल के बाद मिलता हो तो कोई छोटा-बड़ा नहीं रह जाता। सब एक-दूसरे से खुशी से मिलते हैं। ऐसे ही जब कोई कार्यकर्ताओं से जुड़ा कार्यक्रम होता है, तो मैं भी आनंद से भर जाता हूं। मैंने अपनी लाइफ का एक बड़ा हिस्सा आप सबकी तरह एक कार्यकर्ता के रूप में काम किया है और इसलिए मुझे आज बहुत अच्छा लग रहा है, आप सबसे बात करने का अवसर मिला है।

साथियों, तमिलनाडु बीजेपी के आप सभी साथी लंबे समय से शानदार और जानदार काम कर रहे हैं। येनादु बूथ, वलिमैयाना बूथ यानि मेरा बूथ सबसे मजबूत का ये प्रोग्राम हम सभी के लिए एक दूसरे से कनेक्ट करने का, एक दूसरे से सीखने का कार्यक्रम है। अब कैंपेन तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। कैंडिडेट तय हो चुके हैं, इश्यूज़ तय हो चुके हैं। तब मैंने सोचा कि अपने कार्यकर्ता साथियों के साथ फोन पर थोड़ी चर्चा कर लूं और ये भी मैं बताना चाहता हूं पिछले दिनों तमिलनाडु में मुझे जो कार्यक्रम में आने का अवसर मिला और जनता-जर्नादन की जो आशीर्वाद हमें प्राप्त हो रहे थे वो अभिभूत करने वाले थे। और मैं उसमें देखता था कि आप कार्यकर्ताओं का इतना परिश्रम था उसमें आप लोगों ने इतनी मेहनत की थी ये मुझे साफ-साफ नजर आता था तो मुझे बड़ा गर्व होता था कि मैं कितना भाग्यवान हूं कि मेरे पास ऐसे लाखों कार्यकर्ताओं की फौज है। ये अपने आप में मेरे लिए बड़ी गर्व की बात है
तो चलिए कार्यकर्ताओं से ही बातचीत शुरू करते हैं। पहले कौन जुड़ रहा है मेरे साथ?
श्रीमती आर राष्या, बूथ प्रेसीडेंट, नागपट्टिनम, थिरुवरूर
आर राष्या - वणक्कम जी।
पीएम मोदी- वणक्कम, वणक्कम कैसे हैं आप? और मैं हिंदी में बोलूंगा लेकिन मेरे साथी तमिल में बोलेंगे और आप आसानी से तमिल में मुझे बता सकती हो
पीएम मोदी – कैसी हैं आप? बूथ पर कैसी तैयारी चल रही है?
आर राष्या - वणक्कम जी।
पीएम मोदी – वणक्कम, वणक्कम।
आर राष्या – जी नमस्कार हम लोग 125वां बूथ से बोल रहे हैं, थिरुवरूर से। हमारे बूथ में काफी अच्छा काम हो रहा है, हरेक हफ्ते हम लोग ट्यूजडे को हम लोग मीट कर रहे हैं। 420 फैमिली हैं हम लोग मिल रहे हैं, मिलके बूथ पर काम कर रहे हैं।
पीएम मोदी – अच्छा जी, आप 125 बूथ में काम तो कर रही हैं और आपने परिवार भी ढूढ़ कर निकाले हैं, माइक्रो लेवल के आपने काम किये हैं ऐसा मुझे लगता है। अब जो हम देश में Women Led Development उसके हमारे विजन पर काम कर रहे हैं और एक बड़ा महत्वपूर्ण काम है। हमारी सरकार की ऐसी कौन सी स्कीम है, जिनने तमिलनाडु की महिलाओं तक पहुंची हैं, महिलाएं उसकी चर्चा करती हैं, महिलाएं उसको पसंद करती हैं?
आर राष्या – जी हम लोग फामर्स हैं, हम लोग खेती में काम करते हैं, अनपढ़ लोग हैं, हमको अपना स्कीम में जो घर में पानी पीने का पानी मिला है वो बहुत बड़ी मदद हमको मिल रहा है, हम लोग काम करने के लिए समय मिल रहा है। वैसे ही हमको जो उज्जवला स्कीम में गैस सिलेंडर मिला है वो हमारा काफी समय को बचत कर रही है।इसलिए हम लोग कर रहे हैं, इसलिए हमको टॉयलेट भी जो लेडीज के लिए काफी बड़ी तकलीफ थी हमारे गांव में, घर-घर में जो टॉयलेट बनी है वो हमको काफी Confidence दिया है। और हमको जो skill development जो हुआ है ये सब बहुत अच्छी स्कीम है, महिलाओं इसको पसंद करते हैं।
पीएम मोदी – राष्या जी बहुत बढ़िया तरीके से बताया। आप जब बोल रही हैं तो आपके अलग-बगल काफी आवाज आ रहा है तो कितने लोग होंगे वहां आपके साथ, कितने लोग होंगे वहां आपके साथ, कितने लोग बैठे होंगे?
आर राष्या – मोटा-मोटी 30 लोग बैठे हैं उनके बूथ में।
पीएम मोदी – अच्छा हमारी जो थर्ड टर्म होने वाली है उसमें क्या अचीवमेंट होना चाहिए, इसके लिए आप लोगों से पूछ रहे हैं क्या? ये भारतीय जनता पार्टी जो संकल्प पत्र बनाएगी उसमें उनके क्या सुझाव हैं? गांव के लोगों के, किसानों के, महिलाओं के, गरीबों के?
आर राष्या – जी ये कह रही हैं हम लोग अपना खेती में काम करते हैं इसलिए हमको पानी का बहुत बड़ी जरूरत है इसलिए तमिलनाडु में जितना भी नदियां हैं उसको पानी वाला नदियों से जुड़ाव करना चाहिए, उसके बाद हमको इरिगेशन के लिए पानी मिलेगा। ये पहला सजेशन बोलती है। दूसरा क्या बोलती है कि हारवेस्ट करने के बाद हम लोग जो ग्रेन्स को खुले जगह में रख रहे हैं, बारिश में धूप में खराब हो जाता है इसलिए हमको Godown चाहिए, धान या रखने के लिए ये दूसरी उनकी रिक्वेस्ट है। ये दोनों सजेशन उनके गांव में उनको मिला है।


पीएम मोदी – मुझे बहुत अच्छा लगा कि मेरे बूथ लेवल के कार्यकर्ता बहन कितना लंबा सोच सकती हैं और कितनी महत्वपूर्ण बात करती है। आप वॉटर ग्रिड की बात कर रही हो, रिवर ग्रिड की बात कर रही हो और आपको गोडाउन बनाने की, और आपको पता होगा, सबको बता दीजिये अभी हमने दो लाख गोडाउन बनाने का काम शुरू कर दिया है ताकि किसानों को गांव में अपनी फसल बर्बाद होने से बचा सके।


पीएम मोदी – आपको मालूम होगा मैं काशी का सांसद हूं और मैं जबसे सांसद बना हूं तो मैं पिछले कुछ बर्षों से काशी में काशी-तमिल संगमम करता हूं और ये कार्यक्रम बहुत पॉपुलर हो गया है। क्या इस बात को लेकर के आपके बूथ में भी कभी कोई चर्चा होती है क्या?


आर राष्या – हां जी यहां पे जितने भी तमिल लोग हैं उनको सब जानते हैं। जैसे कितना काम आप कर रहे हैं तमिल का... जो आपको इंपोर्टेंस देने के लिए आपने ये संगमम बनाया, ये लोग बहुत खुश हैं और बहुत तारीफ करते हैं अपनी government को तमिल का आप बढ़ाई कर रहे हैं।


पीएम मोदी – चलिए मुझे बहुत अच्छा लगा बात को आपसे हुई बाकि तमिलनाडु के सभी हमारे बूथ के कार्यकर्ता बात सुन रहे हैं। आप तो जानते हैं बीजेपी आज Women Led Development के मॉडल पर काम कर रही है। हमारा कमिटमेंट है कि भारत को वर्ल्ड की 3rd largest economy बनाने में वीमेन पावर का बड़ा रोल होगा। मुझे खुशी है कि बीजेपी की महिला कार्यकर्ताएं इतना शानदार काम कर रही हैं।

पीएम मोदी – कार्यकर्ताओं के लिए भी एक सुझाव देना चाहता हूं। जब मैं बूथ के कार्यकर्ताओं से बात करता हूं तो मैंने भी ग्रासरूट लेवट पर काम किया है जिसमें मुझे बहुत सफलता मिली है वो चीज मैं आपको बताना चाहता हूं। देखिए आप बूथ को ज्यादा efficiently कैसे मैनेज कर सकते हैं, इस पर ही चुनाव जीतने का और बूथ जीतने का पक्का हो जाता है और इसलिए मेरा एक सुझाव है। मान लीजिए, आपके पोलिंग बूथ में 300 families हैं या 350 families हैं या 400 families हैं या 450 families हैं जो भी हो लेकिन तय करें कि हर 10 family पर 3 कार्यकर्ताओं की टोली को वो 10 परिवार की जिम्मेवारी दे दीजिये। बूथ में सब काम सब लोग करें ऐसा नहीं और तीन जो लोगों की टीम बनाएं उसमें एक महिला कम से कम हो, तीनों महिलाएं भी हो सकती हैं। दो महिला एक पुरुष हो सकते हैं लेकिन एक महिला तो कम से कम होनी चाहिए। और तीन लोगों के पास इन 10 परिवार ही होने चाहिए। और डेली वो 10 परिवारों में जाये, वहां बैठे, गप्पे मारे उनके सुख-दुख पूछे, बातें करे और फिर चुनाव के दिन मतदान कराने तक उनके साथ जुड़ी रहे। और Daily ये परिवारों में जाना चाहिए..मिलकर के जाना चाहिए और हमारा पहला काम होना चाहिये उनका दिल जीतने का। और रात को सारा काम पूरा हो जाये तो सबने एक बार इकट्ठा होना चाहिए। बूथ के लेवल की और दिन भर में किसने क्या किया, क्या अनुभव आया, लोग क्या बताते हैं आगे क्या करना चाहिए, कैसा कार्यक्रम करना चाहिए। अगर आप तीन-तीन लोगों की टोली 10-10 परिवारों को लेकर बैठ जायें तो मैं पक्का मानता हूं कि आप अपना पोलिंग बूथ जीत जाएंगे।

पीएम मोदी – चलिये मुझे बहुत अच्छा लगा आप सबसे बात करना, अब हम चलते हैं किसी और एक कार्यकर्ता से बातचीत करेंगे। आइये कौन हैं मेरे साथ बात करने वाले अब?

एस मोहन, लोकसभा सीट, नमक्कल, विधानसभा सीट नमक्कल
मोहन – जय श्रीराम, वणक्कम।
पीएम मोदी – जय श्रीराम, वणक्कम, कौन बोल रहे हैं?
मोहन – मोहन।
पीएम मोदी – मोहन नमस्कार, वणक्कम।
मोहन – नमस्कार, वणक्कम।
पीएम मोदी – अच्छा मोहन अभी आप जहां बैठे हैं वहां कितने कार्यकर्ता बैठे हैं बूथ के और दूसरा आपके बूथ में कैंपेन कैसा चल रहा है और तीसरा अभी मैं जो बात कर रहा था वो पूरा ठीक से आपको भी सुनाई देता था क्या?
मोहन – जी वो ये कह रहे हैं ये दो नंबर बूथ से बोल रहे हैं, अभी मोटा-मोटी 50 जन के ऊपर बैठके हमारे भाषण सुन रहे हैं और दस दिन पहले से ही इन्होंने यहां अपना कैंपेनिंग शुरू कर दिया। बीट नोटिस दे रहे हैं, गली-गली में जाके और हर में ये लोग भाषण दे रहे हैं। उनसे संपर्क कर रहे हैं, बात कर रहे हैं और काफी जोरदार रूप से इन्होंने कैंपेनिंग शुरू किया है। अभी हम लोग बात किये हैं दूसरे वहां पे थिरुवरूर से पूरा वो सुन रहे हैं और ये लोग comfortable हैं पूरा ध्यान से भाषण सुन लिया।
पीएम मोदी – मोहन आपने बहुत बढ़िया तरीके से बताया, लेकिन मैं जानना चाहूंगा कि जब आप कैंपेनिंग के लिए निकलते हैं लोगों को pamphlet देने होंगे, बात करते होंगे, लोग आपको सवाल पूछते होंगे, अपनी कोमेंट देते होंगे तो लोग बीजेपी के संबंध में, एनडीए के संबंध में, मोदी के संबंध में कुछ ना कुछ तो बोलते ही होंगे वो क्या बोलते हैं?
मोहन – जी, अपनी जो nda government में 9 पार्टी है इसको बहुत मजबूत समझ रहे हैं ये लोग। दूसरी बात है ये लोगों के उपर विश्वास इतना जुड़ गया है हम लोग 400 सीट के उपर जरूर जीतेंगे बोलके लोगों के अंदर एक confidence है। तीसरी बात हमको बहुत favourable क्योंकि यहां के जो DMK Government के उपर पब्लिक को काफी गुस्सा है। उनका जो ड्रग्स के उपर उनको इन चीजों को लेकर ये लोग बहुत गुस्से में हैं वो सब हमारे फेवर में चल रहा है।

पीएम मोदी – मोहन जी मुझे बहुत अच्छा लगा कि आप एक छोटे से गांव में बूथ में काम कर रहे हैं लेकिन ड्रग्स को लेकर के आपके बूथ के लोगों को भी पता है। ये ड्रग्स हमारे बच्चों की जिंदगी बर्बाद कर देगा, हमारे परिवारों की जिंदगी बर्बाद कर देगा और पिछले दिनों जितने ड्रग्स का जखीरा पकड़ा गया है। उसमें कहीं न कहीं उसकी जो आका है, उसके गॉडफादर हैं। वो तमिलनाडु से उनका लिंक मिल रहा है। यह बहुत चिंता का विषय है और इसलिए आप सबने भी लोगों को अवगत कराया होगा कि हमें अपने परिवार को बचाना है, अपने बच्चों को बचाना है, अपने भावी पीढ़ी को बचाना है तो ये तमिलनाडु में जो ड्रग घुस रहा है और ड्रग माफिया अपनी जाल बिछा रहे हैं। उसके खिलाफ़ तो लड़ने के लिए ही भाजपा ही काफी।

पीएम मोदी - मोहन जी, आपको मालूम है कि तमिल भाषा के प्रति मेरा बहुत ही श्रद्धा है। मैं बहुत उसका गौरव करता हूं और दुनिया में भी जहां जाता हूं मैं ये तमिल भाषा के लिए कुछ न कुछ तो मैं करता ही रहता हूं। और मेरा एक सपना है कि पूरी दुनिया के बच्चे बच्चे को पता होना चाहिए कि दुनिया की सबसे पुरातन, सबसे समृद्ध अगर कोई लैंग्वेज है तो तमिल लैंग्वेज है। ये जो मेरा तमिल लैंग्वेज के पीछे। बीजेपी एनडीए सरकार का जो मिशन मोड में काम चल रहा है। क्या वहां गांव, गांव में तमिल लोगों को पता है क्या?
पीएम मोदी – मोहन जी, हां बताइए।
मोहन – जी आपने यूनाइटेड नेशन में यादं उरे यावुरूं केड़ीर बोल के पूरा लोग पूरा दुनिया को आपके ऊपर तमिल के ऊपर ध्यान लेके आये हैं। जहां पे भी जाते हैं आप ऊंची आवाज में तिरुकुरल का कोटेशंस दे रहे हैं, तमिल के लिए आप जो भी काम कर रहे हैं। इसको हम लोग बहुत इच्छा से देख रहे और तमिल में नमो ऐप का भी अभी आप लेके आये हैं नमो इन तमिल बोल के ये हमको बहुत खुशी की बात है। और हर एक तमिल वाला एक चीज़ आपसे बहुत पसंद ये करते हैं। आप जो भी मीटिंग में आते हैं ना आप बोलते है तमिल में बोल नहीं सकता हूं बोलके आप दिल से जो बात बोल रहे हैं ये हर एक तमिल वाला बहुत किस को प्यार से देख रहे हैं आपका जो इन्ट्रेस्ट जो है तमिल के लिए काम करना उसको समझ रहे हैं। दिल से।

पीएम मोदी - मोहन जी आपने सही बात पकड़ी, मुझे भीतर से मन में दर्द होता है कि मैं तमिल नहीं बोल सकता। मुझे मन में एक बड़ा दुख पड़ा रहता है। चलो नसीब में नहीं आया। जो सौभाग्य आपको मिला है तमिल सीखने का वो सौभाग्य मुझे नहीं मिला, लेकिन मुझे अच्छा लगा मोहन जी आप जैसे कार्यकर्ताओं से बात करके और देखिये मैं सभी तमिलनाडु के सभी बूथ के कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूँ। ये कि तमिलनाडु में जब से डीएमके और उसके सहयोगियों की सरकार आई है तबसे गवर्नेन्स की स्थिति बहुत खराब है। करप्शन हो, लॉ एंड ऑर्डर की प्रॉब्लम हो। या फिर ड्रग्स से जुड़ी समस्या है? ये सभी इन्हीं की देन हैं। ऐसे हर मुद्दे आपको बूथ पर एक एक परिवार तक पहुंचाना चाहिए और आराम से घर में बैठ करके और हाथ में लिख करके जाना चाहिए। नोट रखना चाहिए, pamphlet रखना चाहिए। एक-एक चीज समझानी चाहिए।

पीएम मोदी – मैं सभी हमारे बूथ के कार्यकर्ता जो मुझे सुन रहे हैं उनको एक और सुझाव देना चाहता हूं। देखिए आपके यहां मतदान 19 अप्रैल को है और प्रचार का समय 17 तारीख शाम तक होता है। तो एक प्रकार से आपके पास 15-17 दिन बचे हैं। इन 15-17 दिन में घर घर तो संपर्क करना ही करना है। हर दिन अलग-अलग मोहल्ले में बूथ यात्रा भी निकालनी है लेकिन साथ में आप तय करिए हर 3 दिन के बाद कोई न कोई एक बड़ा कार्यक्रम बूथ लेवल पे करेंगे। जैसे मान लीजिए सोमवार को महिलाओं का सम्मेलन कर दिया, उसमें 50-100 महिलाएं इकट्ठी की और उनसे बातचीत की। मान लीजिए बुधवार को उनके विषयों पर चर्चा की। फिर मान लीजिये, मछुआरों का इलाका है तो तीसरे दिन हमारे मछुआरे भाई-बहनों को इकट्ठा कर लिया। या फिर 3 दिन के बाद हमने हमारे लाभार्थी हैं जिनको घर मिला है, गैस मिला है, पानी मिला है उनके साथ बात करे। फिर एक आध दिन सभी फार्मर से इकट्ठा करें। मुझे लगता है ये आप पांच या छह अच्छे बड़े कार्यक्रम मेहनत करके पोलिंग बूथ में करिए। और ऐसे अलग-अलग समूह के कार्यक्रम और उनके अंदर उस समूह के हमारे एनडीए सरकार के बीजेपी सरकार के जो काम हुए हैं और जो हम बातें करना चाहते हैं वह सारी बातें उनको बताइए।
पीएम मोदी – आइए हम एक और कार्यकर्ता से बात करते हैं। बताइए आप कौन हैं हमारे साथ बात करने वाले?
शिवा कुमार – शिवा कुमार।
पीएम मोदी – शिवा कुमार
पीएम मोदी – शिवा जी नमस्कारम, वणक्कम।
शिवा कुमार – वणक्कम।
पीएम मोदी – शिवा जी अभी आपके साथ बूथ में कितने लोग बैठे हैं?
शिवा कुमार - आपसे बात करके मैं बहुत खुश हूं जी अभी मेरे सामने 13 लोग हम लोग बैठे हैं। और पीछे बहुत लोग बैठ के अपने कार्यकर्ता लोग सुन रहे हैं। इस कमरे में 13 लोग हैं बाहर बहुत लोग बैठे हैं।
पीएम मोदी - कितने लोग होंगे बाहर?
शिवा कुमार – 45 मेंबर्स।
पीएम मोदी – अच्छा ऐसा करो सब मिलकर के जोर से भारत माता की जय बुलवाओ, मैं जरा सबकी आवाज सुनना चाहता हूं।
शिवा कुमार – भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।
पीएम मोदी –इसका मतलब ये हुआ कि मैं ये आप के जयघोष से अंदाज लगा सकता हूं कि आपने जितनी संख्या बोली उतनी संख्या वहां बैठी है।
पीएम मोदी – अच्छा शिवा जी बताइये कि आपकी ये जो constituency है वो आपका बूथ जो है वो किस constituency में पड़ता है और जब मैं पिछले दिनों कन्याकुमारी में आया था वो कार्यक्रम सब को कैसा लगा था? आप लोगों को कैसा लगा?
शिवा कुमार – जी यहां पे हम लोग कन्याकुमारी से बोल रहे हैं। हमारे प्रदेश में आके जाने के बाद यहां पर काफी उत्साह फैला हुआ है। हमारे कार्यकर्ता लोग बड़े जोरदार ढंग से काम कर रहे हैं। बहुत स्ट्रांग महसूस कर रहे हैं। और हमारा पार्टी भी यहां पे बहुत मजबूत हो गया उसके बाद। इसके अलावा अभी जो यहां पे जो रूलिंग पार्टी है यहां पे स्टेट में उसके ऊपर बहुत गुस्सा भी चढ़ा हुआ। तो इसलिए आपका आने के बाद यहां पे मेरा एक्सपीरियंस ये है अपने बूथ में बहुत मजबूत हो गया हमारा एनडीए एलाइंस।
पीएम मोदी – शिवा कुमार जी, देखिये यहां जो भी देश के राजनीति के बड़े जानकार लोग हैं और दिल्ली के अंदर देखें तो एक ही चर्चा है कि इस बार तो तमिलनाडु में बहुत बड़ा चमत्कार होने वाला है और वहां की सरकार के प्रति जो गुस्सा है वो जमकर के पोलिंग बूथ में निकलने वाला। ऐसा यहां दिल्ली में बैठे हुए लोग भी मानते हैं। आप सब वहां काम कर रहे हैं आप सब का क्या एक्सपीरियंस है?
पीएम मोदी – देखिए मैं तो एक्सपीरियंस कर रहा हूं कि सामान्य तौर पर किसी सरकार के प्रति लोगों की राजी-नाराजगी हो ये तो मैं कई राज्यों में देखता हूं। लेकिन तमिलनाडु में जब भी आया मैंने देखा है कि तमिलनाडु के लोगों की तमिलनाडु की डीएमके सरकार और ये परिवारवादी पार्टी उनके प्रति सिर्फ नाराजगी है, ऐसा नहीं, भयंकर नफरत, भयंकर गुस्सा, ऐसा गुस्सा ऐसी नफरत बहुत कम देखने को मिलती है जो इस बार मुझे तमिलनाडु में देखने को मिल रही है। क्या आपके बूथ पर भी ऐसी स्थिति है क्या?
शिव कुमार - जी आपका बात बिलकुल ठीक है। आपका सोच भी बिलकुल ठीक है क्योंकि यहां भी लोग का जो चिंता है न वो बहुत ही सही आपने बताया। क्योंकि यहां पर जो डाइनैस्टी पॉलिटिक्स के ऊपर यहां के लोग बहुत गुस्से में हैं अभी। क्या इनको छोड़ के और कोई नहीं कर सकते हैं क्या। दूसरा यहां पे ड्रग्स का जो मामला है ना इस नफरत को काफी ज्यादा कर दिया। और टासमा को बंद करेंगे बोलके डीएमके ने अभी गवर्नमेंट लिया है अभी टासमा को बंद करने के बजाय वो बहुत खोल रहे हैं आगे। सिर्फ टासमा का जो इनका प्रॉमिस नहीं है बाकी भी काफी प्रॉमिस ये लोग दिए हैं। किसी एक को भी इन्होंने ठीक नहीं किया। किसी एक को करने का कोशिश नहीं किया इसलिए भी लोग को गुस्से में हैं। और सबसे इम्पोर्टेन्ट बात मैं आपको भी ये बताना चाहता हूं अयोध्या में जो राम मंदिर हम बनाएं इसका प्रभाव इसका जो अच्छा बात हमारे बूथ में भी हरेक लोग बोलते हैं। अरे वाह बढ़िया अपना राम मंदिर बन गया बोलके लोग तारीफ कर रहे हैं। ये आपने जो महसूस किया आपने जो एक्सपीरियंस वो बिल्कुल ठीक हैं। डीएमके के ऊपर काफी नफरत है और हमारे ऊपर बहुत प्यार है।
पीएम मोदी – शिवा कुमार जी आप तो जानते हैं ये परिवारवादी पार्टियां मतलब ये परिवारवादी पार्टी अगर मुझे एक सूत्र में कहना, मैं कहूंगा ऑफ द फैमिली, बाइ द फैमिली एंड फॉर द फैमिली ये सब परिवारवादी पार्टियां इन तीन शब्दों में जीती हैं। ऑफ द फैमिली, बाइ द फैमिली, फॉर द फैमिली।
पीएम मोदी – मैं तो देख रहा हूं कि डीएमके जैसी पार्टियां और इस प्रकार की पॉलिटिकल पार्टियां सेंट्रल गवर्नमेंट के अच्छे कामों से इतनी डरी हुई हैं, इतनी घबरा रही है कि अगर मोदी सरकार के काम का पता लोगों को चल गया तो लोग उनसे हिसाब मांगेंगे। उनसे काम मांगेंगे और इस डर के कारण ये लोग क्या करते हैं मोदी सरकार की योजना को नीचे तक जाने नहीं देते और सभी योजनाओं पर हर स्कीम पर अपना स्टिकर लगा देते है। और ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि सभी योजनाएं उसका सही अर्थ के नाम का मतलब क्या है, योजना क्या है? देश भर में कितने लोगों को लाभ हुआ। आपके जिले में कितने लोगों को लाभ हुआ, आपके गांव में कितने लोगों को लाभ हुआ ये बात बार-बार बतानी चाहिए। बारीक से बारीक बात अपने कार्यकर्ताओं ने बतानी चाहिए। ये सेंट्रल गवर्नमेंट कर रही है भारत सरकार कर रही है तो ये लोगों का विश्वास बढ़ेगा।
पीएम मोदी – मैं एक बात और बताना चाहता हूं शिवा कुमार, वैसे तो ये मैं पूरे राज्य के कार्यकर्ताओं को बताना चाहता हूं। तमिलनाडु के सभी कार्यकर्ताओं से मेरा आग्रह है और मुझे पक्का विश्वास है कि तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी का संगठन इतना प्रॉम्पट है, इतना तेजस्वी है कि मैं तो सुझाव दूंगा तुरंत करेगा। आने वाले 3-4 दिन में एक समय तय करके 3-4,3-4 पोलिंग बूथ के लोग इकट्ठे हों और अपने घर से खाना लेकर के आये और टिफिन मीटिंग करें। तीन तीन बूथ इकट्ठे हो सकते हैं, कहीं चार बूथ इकट्ठे हो सकते हैं, कहीं पांच बूथ भी इकट्ठे हो सकते हैं और उस बूथ के जितने कार्यकर्ताओं सब के सब पुरुष भी कार्यकर्ता महिला भी कार्यकर्ता अपने घर से टिफिन लेकर आए सब मिलकर के टिफिन बैठ करके खाएं और चुनाव के आगे के काम की चर्चा करें। देखिये बहुत बड़ी ताकत पैदा होगी इससे।
पीएम मोदी - आइए अब हम किसी और बूथ में चलते हैं। उन बूथ कार्यकर्ताओं से बात करेंगे अब मेरे साथ कौन जुड़ रहे हैं?
वी. टी मुरगेशन – वणक्कम जी, जय श्रीराम।
पीएम मोदी - मुरगेशन जी, वणक्कम, जय श्रीराम। आप कोयम्बटूर से बोल रहे हैं और काफी आवाज भी आ रही है। मुझे लगता है काफी लोग हैं वहां?
मुरगेशन - मेरे साथ 50-60 लोग बैठे हैं। महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष वनथी जी भी बैठे हैं।
पीएम मोदी – अच्छा महिलाएं कितनी बैठी हैं?
मुरगेशन - 40 मेंबर्स लेडीज हैं।
पीएम मोदी - और पुरुष भाई कितने बैठे हैं?
मुरगेशन – 35-40 जेंट्स भी हैं।
पीएम मोदी - चलिए मुझे बहुत अच्छा लग रहा है की वहां आप सबसे बात करने का मौका...अच्छा मुझे ये बताइये आपके यहां उम्मीदवार कौन है? कैंपेन कैसी चल रही है? क्या आपके पास पोलिंग बूथ में भारत सरकार के जो लाभार्थी हैं उनकी लिस्ट है?
मुरगेशन – जी यहां पर जो उम्मीदवार हैं अन्नामलाई जी हैं। उनके लिए हम लोग बड़ी मेहनत से काम कर रहे हैं और यहां पे जो बेनिफिशरी का लिस्ट तय कर लिया है। हम लोग उनसे मिल के बाद कर रहे हैं। आयुष्मान भारत का मोटा-मोटी 21 लोग हैं, मुद्रा जो लोग अवेल किए हैं 23 लोग हैं। ऐसे बाकी स्कीम का भी हम लिस्ट बनाके रखे हैं सब लोग से हम लोग संपर्क करके बात कर रहे हैं।
पीएम मोदी – मुरगेशन जी देखिए अन्नामलाई को मैंने पूरे राज्य का काम दिया क्योंकि हमें पूरा तमिलनाडु जीतना है। और इसलिए अन्नामलाई कोयंबटूर में अपनी सीट पर समय नहीं दे पाएंगे। ऐसे में वहां का हर कार्यकर्ता मेरे लिए अन्नामलाई है। आप सबने अन्नामलाई बनके ये कोयंबटूर की सीट को जीतना है और इसलिए अन्नामलाई को बताइए कि आप तमिलनाडु के पूरे राज्य में घूमिये आपको कोयंबटूर में समय देने की जरूरत नहीं है। हम एक एक कार्यकर्ता मिलकर के कोयंबटूर को जीत लेंगे ताकि अन्नामलाई को समय मिले पूरे राज्य में जा सके।
पीएम मोदी – अब आप मुझे बताइए कि अपने बूथ के फर्स्ट टाइम वोटर जो हैं वो फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ने के लिए क्या किया है और डीएमके और कांग्रेस की जो डाइनैस्टिक और करप्शन की पॉलिटिक्स को लेकर यूथ क्या कहता है?
मुरगेशन – हां जी यहां पे हमारे फर्स्ट टाइम वोटर्स, हमारे बूथ में हम लोग गिनती कर लिया 32 लोग हैं। और ये लोग बहुत अच्छी तरह हमारे हमारे स्कीम्स को जानते हैं। इसमें तीन चार लोग मेरे फैमिली में रिश्तेदार में आ रहे हैं इसलिए मेरे को ईजी हो गया सब लोग से संपर्क करना। ये लोग मॉल में मिलते हैं, कॉलेज में मिलते हैं, जहां पे भी मिलते हैं मैं उनसे संपर्क करके बोल रहा हूं। मगर मेन चीज जो उनका जो इन्ट्रेस्ट कहां पे होता है न। जीपे करते हैं फ़ोन पे करते हैं। कैशलेस जो करते है ना वो बड़े स्मार्ट करते हैं उसके ऊपर उनका बहुत अच्छा प्रभाव है। दूसरा उनको है ना मेक इन इंडिया, स्टैंड अप इंडिया बोलके ये जो यूथ बेनिफिट स्कीम में उनका काफी इंटरेस्ट दिखा रहे हैं और ओवरसीज में जब ये लोग यूथ जाना चाह रहे तब उनको जो इज्जत मिल रहा है रिस्पेक्ट मिल रहा है वो पहले नहीं मिल रहा था इसके ऊपर भी इनको काफी बड़ी घमंड है। इसलिए मैं बहुत होफफुल हूं कि ये 32 लोग सब है ना एनडीए के लिए वोट डालेंगे।
पीएम मोदी – मुरगेशन जी आपके पास हर चीज़ की इनती डिटेल जानकारी है आप मुझे बड़ा गर्व हुआ कि मेरे बूथ लेवल पे इतने बढ़िया बढ़िया कार्यकर्ता है। अच्छा आपको मालूम है मैं आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस का उपयोग करता हूं और मैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तमिल भाषा में मेरी बातों को पहुंचाने का प्रयास करता हूं और ये बातें बूथ के कार्यकर्ताओं को जनता को मालूम है लोग इसको कैसे सुनते हैं क्या व्यवस्था की है आपने?
पीएम मोदी – देखिए इस बार मैं देख रहा हूं कि तमिलनाडु में 9 पार्टियों का हमारा एनडीए का गठबंधन हुआ है। ये नवरत्न मिले हैं और जब नवरत्न मिलते हैं ना तो बहुत बड़ी ताकत बन जाती है। हमारे यहां तमिलनाडु में तो कोई भी फाउंडेशन का काम होता है तो फाउंडेशन में पूजा में भी नवरत्न का उपयोग होता है। तो इस बार नवरत्न का एनडीए बना हुआ है और इसलिए मेरी आप सब से अपेक्षा है कि हर बूथ में एनडीए के सब साथी मिलकर के काम करें। एक दूसरे को पहचानना, एक दूसरे को मिलना, एक दूसरे के घर हो आना, मीटिंग कर देना ये काम बहुत जल्दी से जल्दी कर देना चाहिये और मैं तो कभी जब कोयम्बटूर आया था...जो कार्यक्रम मैंने देखा मुझे तो प्रभावित करता ही करता है देशभर में उसका प्रभाव पड़ रहा है। देश भर में कोयम्बटूर के कार्यक्रम की चर्चा है और ये आप सबकी मेहनत की वजह से हुआ है। डेडिकेटिड कार्यकर्ताओं की कारण हुआ है। आपके परिश्रम के कारण हुआ है।

पीएम मोदी - आपने देखा होगा जब युद्ध होता है उसमें जो चौकी होती है वो अगर सेफ रही, चौकी पराजित नहीं हुई तो फिर किला कोई जीत नहीं सकता है। अगर किसी को किला जीतना है तो पहले एक-एक चौकी जीतनी होती है। हमारा बूथ भाजपा का जो किला जीतना है ना उसकी सबसे मजबूत चौकी है और इसलिए हमें उस चौकी को जीतना है। पोलिंग बूथ को जीतना है और इसलिए आपके पास हिसाब होना चाहिए कि मान लीजिये पोलिंग बूथ में 1100 वोट है। पोलिंग होता है मानो 600 का। जीतना है तो कम से कम 400 वोट चाहिए पोलिंग अगर होता है उससे ज्यादा तो ये हिसाब होना चाहिए लेकिन चुनाव जो है प्रचार वगैरह सब तो जरूरी है लेकिन हिसाब किताब बहुत जरूरी है। और इसके लिए हर कार्यकर्ता के जिम्मे मतदाता और कौन कितने वोट पक्का करता है, हमारा काम है वोट पक्का करना हमारा काम सिर्फ प्रचार करना नहीं है, तो मैं तमिलनाडु के सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह करूंगा कि आप वोट पक्का करिये और गर्मी बहुत है। ज्यादा से ज्यादा मतदान सुबह-सुबह हो जाएगा तो मतदान ज्यादा होगा और इसलिए तमिलनाडु के सभी कार्यकर्ताओं के लिए मेरा यह सुझाव भी है।

आइए अब कहां चलते हैं आगे चलना है किस बूथ पर जाना है
पीएम मोदी - सुंदर राजन जी वणक्कम।
सुंदर राजन - आपसे बात करते हुए मेरे को बहुत खुश हो रहा है मैं यह यकीन नहीं कर सकता हूं मैं आपसे बात कर रहा हूं।
पीएम मोदी - सुंदर राजन जी मैं भी आप जैसा कार्यकर्ता हूं ही और जब कार्यकर्ता से बात करनी है तो बिल्कुल अपनापन अपने आप आ जाता है।
पीएम मोदी - अच्छा सुंदर राजन जी, पिछले 10 साल से बीजेपी एनडीए केंद्र सरकार चला रही है। इन 10 सालों में आपकी पार्लियामेंट्री constituency में सबसे बड़ा चेंज क्या आया है? सेंटर के कौन से प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनसे एक पॉजिटिव इंपैक्ट हुआ है?
सुंदर राजन - जी यह कह रहे हैं सबसे बड़ा हमारा खुशी की बात है इस गवर्नमेंट ने हमको एक मेडिकल कॉलेज दिया है। हम लोग ऊंटी पहाड़ के प्रदेश से वहां से नीचे जाके कोयंबटूर को भागना पड़ा। काफी लॉस ऑफ लाइफ हुआ है, कोई बड़ा हॉस्पिटल नहीं था उधर। आपने एक मेडिकल कॉलेज खुलवाया ये काफी बड़ी बात है। ये डेढ़ सौ साल की ड्रीम है अपना। यहां भी कोई अच्छा हॉस्पिटल आनी चाहिए यह हम लोग बहुत इस प्रति इस गवर्नमेंट को धन्यवाद देते हैं।
पीएम मोदी - सुंदर राजन जी आप तो जानते हैं कि मेरे नसीब में कभी 500 साल पुराने काम पूरा करना आया है, कभी 100 साल पुराना लटका पड़ा कमा पूरा करना आया है। कभी 50 साल पुराना लटका पड़ा काम मुझे पूरा करने की जिम्मेवारी आई है। लेकिन आप सब के आशीर्वाद से, जनता जनार्दन के आशीर्वाद से, कार्यकर्ताओं के सहयोग से जितने भी पेंडिंग काम हैं वो भी मैं पूरा करने का संकल्प लेकर चलता हूं। और इसीलिए आपके यहां मेडिकल कॉलेज का सपना भी पूरा कर पाए हैं। अच्छा लास्ट वीक आपने कितने लोगों से कांटेक्ट किया और क्या अनुभव आ रहा है ?
सुंदर राजन - जी लास्ट ईयर हम लोग लास्ट वीक हम लोग 400 लोग से मिले थे मोटा-मोटी। उसमें मेजर लोग हैं अपना बेनिफिशियरी लिस्ट में जो लोग थे उनसे जाकर हम लोग मिलकर बात करके आए हैं उनको कैसे-कैसे स्कीम्स मिला है करके।
पीएम मोदी - आप ये जो बेनेफिशरी लोग से मिले। उनको पता है कि बेनिफिट कहां से मिला है कैसे मिला है। और दूसरी बात कि इस इलेक्शन को लेकर के लोगों को भरोसा है कि मोदी सरकार एनडीए सरकार दोबारा बनेगी तो उनके जो बाकी काम है वह भी पूरे हो जाएंगे। जो बेनिफिशियरी हैं किसी को घर मिलना अभी बाकी होगा उसको भी मिल जाएगा किसी के घर में नल का कनेक्शन नहीं पहुंचा होगा उसको भी मिल जाएगा ये आशा विश्वास भरोसा यह वातावरण आप फील करते हैं क्या?
सुन्दर राजन - जी हमारे वार्ड में अटल पेंशन योजना, आयुष्मान भारत यह सब काफी यूज कर रहे हैं और उज्जवला स्कीम महिलाओं के लिए एकदम सेलिब्रेटेड स्कीम है। एकदम इसको अवेल किया हमारे बूथ में यह सक्सेसफुली बेनिफिशियल है।
पीएम मोदी - मैं तमिलनाडु के सभी बूथ के कार्यकर्ताओं से कहना चाहूंगा आप जब बूथ में वोटर से मिलें तो यह जरूर बताएं कि बीजेपी गवर्नमेंट सैचुरेशन पर काम कर रही है हंड्रेड परसेंट। यानी गवर्नमेंट स्कीम्स का बेनिफिट जो भी इसका हकदार है उन सबको मिलना चाहिए, शत प्रतिशत मिलना चाहिए और इसके लिए बीजेपी कम कर रही है। पूरे देश में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकालने के पीछे भी यही मकसद था जिनको अभी बेनिफिट नहीं मिला है उनको भी आगे मिलेगा।
पीएम मोदी – तमिलनाडु के सभी मेरे बूथ के कार्यकर्ता और तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी की टीम पिछले डेढ़ घंटे से हम बूथ पर काम करना चाहिए, इस पर चर्चा कर रहे हैं। और मैं भी बड़े मन से यह बूथ के काम में इतनी रुचि लेकर के आपसे बात कर रहा हूं। मुझे पक्का विश्वास है कि बूथ के कार्यकर्ताओं में जो जोश है जो उत्साह है, वो बहुत अच्छा परिणाम लाएगा।
पीएम मोदी - आप देख सकते हैं कि मैं किसी स्थान पर जाकर लाखों लोगों की पब्लिक मीटिंग में 20-25-30 मिनट बोल करके वाह-वाही करके लौट सकता हूं लेकिन मैंने वो 30 मिनट से ज्यादा आप लोगों से बूथ लेवल के कार्यकर्ता से डेढ़ 2 घंटे लगा करके बात कर रहा हूं इसका मतलब है कि मेरे लिए वो बड़ी-बड़ी सभाओं से भी ज्यादा बूथ के कार्यकर्ता, बूथ का काम, बूथ जीतने की योजना, ये सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैं आज बूथ के लिए इतना टाइम दे रहा हूं क्योंकि चुनाव जीतने की जगह बूथ होती है। बूथ से जीत गए तो कोई हमें चुनाव हरा नहीं सकता है और इसलिए मुझे मेरा बूथ जीतना है। मैं मेरे बूथ में भाजपा का झंडा झुकने नहीं दूंगा ये संकल्प करने के लिए मैं आज इस बूथ के कार्यकर्ताओं से पिछले डेढ़ घंटे से बात कर रहा हूं।
पीएम मोदी - साथियों तमिलनाडु में बीजेपी को, बीजेपी के नेताओं को, बीजेपी के कार्यकर्ताओं को, हर बूथ पर लोग जानते हैं लेकिन ये बहुत जरूरी है कि एक-एक मतदाता हर बूथ में हमारे कमल निशान को जाने और हमारी जो साथी नवरत्न पार्टियां हैं उनके सिंबल को भी जाने जहां जो कैंडिडेट हो उसका सिंबल वो जाने बहुत जरूरी है। और इसीलिए हमने घर-घर जाकर के बार-बार हमारे निशान कमल और हमारे साथियों का निशान यह हमें समझना होगा। मेरा आग्रह है कि आप अपने बूथ पर रोज एक घंटा बीजेपी के झंडों को लेकर बूथ यात्रा निकालिए अपने साथ कमल के निशान रखिए। इतना ही नहीं EVM में बीजेपी का जो उम्मीदवार है या एनडीए का उम्मीदवार है वो किस नंबर पर है, पहले नंबर पर है दूसरे पर है तीसरे पर है वह भी एक-एक मतदाता को बताना चाहिए और बार-बार बताना चाहिए।
पीएम मोदी - देखिए टेक्नोलॉजी पर भी हमें बहुत ध्यान देना चाहिए हर पोलिंग बूथ का एक सोशल मीडिया इंचार्ज होना चाहिए। हर कार्यकर्ता के फोन पर नमो ऐप डाउनलोड होनी चाहिए। इतना ही नहीं यह हमारे सोशल मीडिया इंचार्ज और हमारी टीम ने एक-एक मतदाता को भी रिक्वेस्ट करनी चाहिए कि वो अपने मोबाइल फोन पर नमो ऐप डाउनलोड करें। और इससे स्कीम से जुड़ी इनफॉरमेशन वह भी आपको नमो ऐप से मिलेगी और उस मतदाता को भी मिलेगी।
पीएम मोदी - एक और बात मैं आपसे कहना चाहूंगा कि हमारे जो बेनिफिसियरीज है उनको इस योजना का बहुत लाभ मिला है और वो जब उनसे आप बात करेंगे इतने दिल से सारे अपने दुखद अनुभव बताते हैं जो कोई भी जानता है तो उसको बहुत बड़ी प्रेरणा मिलती है। और इसलिए काम करना चाहिए जितने भी बेनिफिसियरीज हैं उनसे बात करते हुए उनके पास उनकी रील बनानी चाहिए जिसमें वह बोलते हो उनको क्या लाभ मिला, वह बोलते हो। मानो आयुष्मान योजना है और उसका बहुत बड़ा ऑपरेशन हुआ है उसकी जिंदगी बच गई है। वह जब बोले उसका रील बनाइए और उस रील को सर्कुलेट कीजिए, इसका बहुत बड़ा हमें काम करना चाहिए। अब और दूसरा काम आप तो जानते ही हैं अगर आप सोशल मीडिया साइट एक्स पर जाएंगे तो नमो इन तमिल वो हैंडल वह मेरा अपना काम है। मैं घर-घर तमिल भाषा में लोगों से बात करना चाहता हूं और इसलिए मैंने यह नमो इन तमिल हैंडल बनाया है। ये नमो इन तमिल हैंडल की जानकारी हर एक को होनी चाहिए। हर एक से आप बात कीजिए उनके मोबाइल फोन पर होना चाहिए और लोगों को आग्रह कीजिए कि मोदी जी तमिल भाषा में अपनी बात आपको पहुंचा रहे हैं। आप सुनिए। और लोग चर्चा करें शाम को कि भाई आज कितनी बातें सुनी कौन सी बात सुनी कौन सी बात अच्छी लगी एक उसको जीवंत व्यवस्था खड़ी कर देनी चाहिए।
पीएम मोदी - एक और मैं काम तमिलनाडु की जो लीडरशिप है उनको भी कहूंगा और डिस्ट्रिक्ट लेवल के कार्यकर्ताओं से भी कहूंगा कि चुनाव में हमें बहुत कम होता है। इतनी दौड़ धूप होती है कि समय ही नहीं होता है। अभी से हमने स्टेट लेवल पर, डिस्ट्रिक्ट लेवल पर पार्लियामेंट्री constituency लेवल पर, असेंबली constituency लेवल पर, नगर है तो नगर लेवल पर, मंडल लेवल पर एक डेडीकेटेड टीम अभी से बना देनी चाहिए। 17 तारीख शाम को 5 बजे जब प्रचार करना बंद हो जाता है उसके बाद उनका काम शुरू होगा। यह बिल्कुल डेडिकेटेड अलग टीम बना देनी चाहिए और उनका काम है पोलिंग एजेंट की ट्रेनिंग करना, पोलिंग एजेंट को काम क्या करना है, कौन पोलिंग एजेंट होगा किस जगह पर पोलिंग एजेंट बैठेगा, पोलिंग एजेंट को चाय पहुंचा दी है, नाश्ता पहुंचना है तो उसकी व्यवस्था क्या होगी, पोलिंग बूथ होगा तो वहां बैठने की व्यवस्था क्या होगी। ये सारे जो काम है वह लास्ट डे नहीं हो सकते। तो अभी से आप लास्ट डे की व्यवस्था, मतदान के दिन की व्यवस्था के इंचार्ज अलग बना लीजिए। उनको अलग से काम दे दीजिए और उनको यह भी काम रहना चाहिए क्योंकि आपके यहां काउंटिंग चार्ज उनको है तो महीना 2 महीने तक ये सारे ईवीएम मशीन कहीं पर लॉकर में पड़े होंगे तो उसकी निगरानी कौन करेगा, कैसे करेगा ? उन सारी बातों पर ध्यान देने के लिए व्यवस्था खड़ी करनी चाहिए।
पीएम मोदी - देखिए मैंने पहले भी अभी बातचीत में कार्यकर्ता से बात करते हुए कहा कि मौसम बहुत ही गर्म है, गर्म हवा तेज चलती होगी। ऐसे में मतदान अधिकतम हो यह एक चुनौती होती है। आजकल इलेक्शन कमीशन खुद भी मतदान अच्छा हो इसलिए मेहनत करता है। लेकिन हम कार्यकर्ताओं ने उसके लिए योजना बनानी पड़ेगी। सुबह जल्दी जितना मतदान हो जाए उतना ही हमें अच्छा रहेगा। तो मैं चाहूंगा कि आप उसकी भी चिंता करेंगे। दूसरा अब हमारा ध्यान एक ही होना चाहिए कि मैं मेरा पोलिंग बूथ जीत के ही रहूंगा। मैं किसी भी हालत में मेरे पोलिंग बूथ में भाजपा का झंडा एनडीए का झंडा झुकने नहीं दूंगा। मुझे पोलिंग बूथ जीतना है, जीतना है, जीतना है। इस मंत्र को लेकर के हम आगे बढ़ें आप तमिलनाडु के कार्यकर्ता मेरे लिए बहुत बड़े गौरव का विषय हैं। आप लोग मेहनती हैं, जी जान से लग जाते हैं और इससे मुझे पक्का विश्वास है कि तमिलनाडु इस बार चमत्कार करेगा। भारतीय जनता पार्टी एनडीए, ये नवरत्न जो इकट्ठा हुए हैं वह जबरदस्त बड़ा परिणाम लाने वाले हैं। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं है। आप सबने समय निकाला, मुझे भी आप सब से बात करके बहुत अच्छा लगा। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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21वीं सदी के इस दशक में भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है: ET Now ग्लोबल बिजनेस समिट में पीएम मोदी
February 13, 2026
Amid numerous disruptions, this decade has been one of unprecedented development for India, marked by strong delivery and by efforts that have strengthened our democracy: PM
In this decade of the 21st century, India is riding the Reform Express: PM
We have made the Budget not only outlay-focused but also outcome-centric: PM
Over the past decade, we have regarded technology and innovation as the core drivers of growth: PM
Today, we are entering into trade deals with the world because today's India is confident and ready to compete globally: PM

आप सभी का इस ग्लोबल बिजनेस समिट में, आप सबका मैं अभिनंदन करता हूं। हम यहां A Decade Of Disruption, A Century Of Change, इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। विनीत जी का भाषण सुनने के बाद मुझे लगता है कि मेरा काम बहुत सरल हो गया है। लेकिन एक छोटी request करूं, इतना सारा आपको पता है, तो कभी ET में तो दिखना चाहिए।

साथियों,

21वीं सदी का बीता दशक अभूतपूर्व डिसरप्शन का रहा है। ग्लोबल Pandemic, ग्लोब के अलग-अलग हिस्सों में तनाव, युद्ध और ग्लोब के संतुलन को हिला देने वाले Supply Chain Breakdowns, दुनिया ने एक दशक के भीतर काफी कुछ देख लिया। लेकिन साथियों, कहते हैं, संकट के समय ही किसी देश के सामर्थ्य पता चलता है और मुझे बहुत गर्व है, अनेक Disruptions के बीच भी भारत के लिए यह दशक, अभूतपूर्व डेवलपमेंट का रहा है, शानदार डिलीवरी का रहा है और डेमोक्रेसी को मजबूत करने वाला रहा है। जब पिछला दशक शुरू हुआ था, तो भारत ग्यारहवें नंबर की अर्थव्यवस्था था। इतनी उथल-पुथल में पूरी आशंका थी कि भारत और नीचे चला जाएगा, लेकिन आज भारत, बहुत तेजी के साथ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने जा रहा है। और आप जिस Century Of Change की बात कर रहे हैं, उसका बहुत बड़ा आधार और यह मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं, इसका बहुत बड़ा आधार भारत ही होने जा रहा है। आज भारत, दुनिया की ग्रोथ में 16 परसेंट से ज्यादा योगदान दे रहा है। और मुझे विश्वास है, इस सेंचुरी के हर आने वाले साल में हमारा योगदान और भी बढ़ता रहेगा, निरंतर बढ़ता रहेगा। मैं वह मदान की तरह astrologer के रूप में नहीं आया हूं। भारत, दुनिया की ग्रोथ को ड्राइव करेगा, दुनिया की ग्रोथ का नया इंजन बनेगा।

साथियों,

दुनिया में सेकंड वर्ल्ड वॉर के बाद एक नई वैश्विक व्यवस्था बनी थी, एक नए वर्ल्ड ऑर्डर ने आकार लिया था। लेकिन सात दशक के बाद, वो व्यवस्था टूट रही है। दुनिया आज एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ बढ़ रही है। आखिर यह क्यों हो रहा है? ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि तब जो व्यवस्था बनी थी, उसकी नींव One Size Fits All, इसी सोच पर टिकी थी। तब ये माना गया कि World Economy Core में होगी, Supply Chains मजबूत और विश्वसनीय हो जाएगी। इस व्यवस्था में नेशन्स को केवल कंट्रीब्यूटर्स के रूप में ही देखा गया। लेकिन आज, इस मॉडल को चुनौती मिल रही है। यह अपनी प्रासंगिकता खोता जा रहा है। आज हर देश को यह पता चल रहा है कि उसे अपनी रज़ीलियन्स खुद बनानी होगी।

साथियों,

आज दुनिया जिसकी चर्चा कर रही है। उसको भारत ने 2015 में, आज से 10 साल से पहले, 2015 में ही अपनी नीति का हिस्सा बना लिया था। दस साल पहले जब नीति आयोग बना, तो उसके फाउंडिंग डॉक्यूमेंट में ही भारत ने अपना विजन क्लीयर कर दिया था और विजन यह कि भारत किसी दूसरे देश से कोई सिंगल डेवलपमेंट मॉडल इंपोर्ट नहीं करेगा। हम भारत के विकास के लिए भारतीय अप्रोच को लेकर ही चलेंगे। इस नीति ने भारत को अपने हिसाब से, अपनी रिक्वायरमेंट के हिसाब से, अपने हित में फैसले लेने का आत्मविश्वास दिया और यह एक बड़ा कारण है कि डिसरप्शन के दशक में भी भारत की इकोनॉमी कमजोर नहीं पड़ी, निरंतर मजबूत होती गई।

साथियों,

आज 21वीं सदी के इस दशक में भारत Reform Express पर सवार है और इस Reform Express की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हम इसे compulsion में नहीं, बल्कि conviction के साथ, Reform के कमिटमेंट के साथ गति दे रहे हैं। यहां तो बहुत बड़ी-बड़ी संख्या में बड़े-बड़े expert बैठे हैं, अर्थजगत के दिग्गज बैठे हैं। आपने भी 2014 से पहले का दौर देखा है। जब तक हालात मजबूर न कर दें, जब तक कोई संकट न आ जाए, जब कोई और रास्ता न बचे, तब मजबूरन रिफॉर्म्स किए जाते थे। आप याद करिए, 1991 का रिफॉर्म्स भी तब हुआ, जब देश पर दिवालिया होने का खतरा आ गया था। जब देश को सोना गिरवी रखना पड़ा था। पहले की सरकारों का यही तरीका था, वो reforms compulsion में ही किया करती थीं। जब 26/11 का आतंकी हमला हुआ, कांग्रेस सरकार की कलई खुल गई, तो NIA का गठन किया गया। जब पावर सेक्टर बर्बाद हो गया, ग्रिड फेल होने लगे, तब मजबूरी में कांग्रेस को पावर सेक्टर में याद आई।

साथियों,

ऐसी एक लंबी सूची है, जो याद दिलाती है कि जब compulsion में, मजबूरी में reform होता है, तो न सही नतीजे मिलते हैं, न देश को सही परिणाम मिलते हैं।

साथियों,

आज मुझे गर्व है कि बीते 11 वर्षों में हमने पूरे conviction के साथ रिफॉर्म किए हैं और यह रिफॉर्म Policy में हुए हैं, Process में हुए, Delivery में हुए और इतना ही नहीं, Mindset में भी reform हुआ है। क्योंकि साथियों, अगर पॉलिसी बदले, लेकिन प्रोसेस वही रहे, माइंडसेट वही रहे, डिलीवरी ठीक से ना हो, तो रिफॉर्म्स सिर्फ और सिर्फ कागज का टुकड़ा बनकर रह जाता है। इसलिए हमने पूरे सिस्टम को बदलने के लिए ईमानदारी से कोशिश की है।

साथियों,

मैं प्रोसेस की बात करूं, तो एक साधारण लेकिन बहुत जरूरी प्रोसेस है, कैबिनेट नोट्स का। यहां कई लोगों को अंदाजा होगा कि पहले की सरकारों में एक कैबिनेट नोट बनने में ही कुछ महीने लग जाते थे, महीने। अब इस स्पीड से देश का विकास कैसे होता? इसलिए हमने इस process को बदला। हमने डिसीजन मेकिंग को time-bound और technology-driven बनाया। हमने यह तय कर दिया कि इस अफसर की टेबल पर यह कैबिनेट नोट इतने घंटे से ज्यादा रहेगा ही नहीं। या तो रिजेक्ट करो या निर्णय लो और इसका नतीजा आज देश देख रहा है।

साथियों,

मैं आपको रेलवे ओवर ब्रिज के अप्रूवल का भी उदाहरण दूंगा। पहले R.O.B का एक डिजाइन अप्रूव कराने के लिए कई वर्ष लग जाते थे, कई सारी क्लीयरेंस की ज़रूरत थीं, कई जगह चिट्ठियां लिखनी पड़ती थीं और यह मैं प्राइवेट के लिए नहीं कह रहा हूं, सरकार को। हमने इसको भी बदला और आज देखिए कितनी तेजी से रोड और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है। विनीत जी ने बहुत विस्तार से इस बात को बताया।

साथियों,

एक बड़ा Interesting उदाहरण बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर का है। अब बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर देश की security से जुड़ा हुआ होता है। आप कल्पना कर सकते हैं, एक समय था, जब बॉर्डर एरियाज़ में एक साधारण सी सड़क बनाने के लिए भी कुछ परमिशन दिल्ली से लेनी पड़ती थी। जिला स्तर पर निर्णय लेने के यानी इसके सामने एक प्रकार से उसका कोई अधिकारी ही नहीं थे, दीवार ही दीवार थीं, वो निर्णय नहीं कर सकता था और इसलिए तो दशकों बाद भी हमारे देश में बॉर्डर इंफ्रा इतना बेहाल रहा। 2014 के बाद हमने इस प्रोसेस में भी रिफॉर्म किया, हमने स्थानीय प्रशासन को Empower किया और आज हम देश के बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से डेवलप होते देख रहे हैं।

साथियों,

बीते दशक में भारत के जिस Reform ने दुनिया में हलचल मचा दी है, वो है UPI, भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम। यह सिर्फ एक App नहीं है, यह policy, process और delivery के एक शानदार कन्वर्जेंस का प्रमाण है। जो लोग कभी बैंकिंग और फाइनेंस से जुड़े बेनिफिट्स के बारे में सोच भी नहीं सकते थे, UPI देश के ऐसे नागरिकों को सर्व कर रहा है। यह जो डिजिटल इंडिया है, डिजिटल पेमेंट सिस्टम है, जनधन आधार मोबाइल की ट्रिनिटी है, यह रिफॉर्म किसी compulsion से नहीं हुआ, यह हमारा कन्विक्शन था। और कन्विक्शन यह था कि जिन लोगों तक पहले की सरकारें कभी नहीं पहुंची, हमें ऐसे नागरिकों का इंक्लूजन करना है। जिसे कोई नहीं पूछता, उसे मोदी पूजता है। और इसलिए यह रिफॉर्म्स किए गए हैं और आज भी हमारी सरकार इसी सोच के साथ चल रही है।

साथियों,

भारत का यह जो नया मिज़ाज है, वो हमारे बजट में भी रिफ्लेक्ट होता है। पहले जब बजट की चर्चा होती थी, तो फोकस सिर्फ Outlay पर होता था। कितना पैसा आवंटित हुआ, क्या सस्ता हुआ, क्या महंगा हुआ और उस दिन टीवी देखेंगे, तो पूरी टीवी एक ही यानी इनके लिए, बजट मतलब इंकम टैक्‍स ऊपर गया कि नीचे गया, इसके आगे उनको देश दिखता ही नहीं है। और होता क्‍या था, कितनी नई ट्रेनें घोषित हुईं, यही चलता रहता था, उन घोषणाओं का बाद में क्या हुआ, कोई पूछने वाला ही नहीं था। और इसलिए हमने बजट को Outlay के साथ-साथ Outcome सेंट्रिक बनाया।

साथियों,

बजट में एक और बड़ा बदलाव आया है। 2014 से पहले Off-Budget Borrowing पर बहुत अधिक चर्चा होती थी। लेकिन अब Off-Budget Reforms की चर्चा होती है। बजट से बाहर, नेक्स्ट जनरेशन GST रिफॉर्म्स हुए, प्लानिंग कमीशन की जगह नीति आयोग बनाया, आर्टिकल 370 की दीवार गिरा दी, तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया, नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनाया।

साथियों,

बजट में घोषित हों, या बजट से बाहर, रिफॉर्म एक्सप्रेस लगातार गति पकड़ रही है। अगर मैं पिछले एक साल की ही बात करूं तो हमने Ports & Maritime सेक्टर में Reform किया, शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री के लिए अनेक Initiative लिए, जन-विश्वास एक्ट के तहत रिफॉर्म्स को और आगे बढ़ाया, Energy Security के लिए Shanti Act बनाया, लेबर कानूनों से जुड़े रिफॉर्म्स को लागू किया, भारतीय न्याय संहिता लेकर आए, वक्फ कानून में Reform किया गया है, गांव में रोजगार के लिए नया G RAM G कानून बनाया, ऐसे अनेक Reforms साल भर होते रहे हैं।

साथियों,

इस साल के बजट ने रिफॉर्म एक्सप्रेस को और आगे बढ़ाया है। वैसे तो बजट के बहुत सारे आयाम हैं, लेकिन मैं दो Important फैक्टर्स की बात करूंगा। Capex और Technology, बीते वर्षों की भांति इस बजट में भी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च को बढ़ाकर करीब 17 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है। और आप जानते हैं कि कैपेक्स का मल्टीप्लायर effect कितना बड़ा होता है। इससे देश की कैपेसिटी और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है। अनेकों सेक्टर्स में बहुत बड़ी संख्या में जॉब क्रिएशन भी होती है। पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप का निर्माण, देश के टीयर-2, टीयर-3 शहरों के लिए सिटी इकोनॉमिक रीजन्स का निर्माण और सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, ऐसे बजट अनाउंसमेंट्स, सही मायने में युवाओं पर, देश के फ्यूचर पर, यह इन्वेस्टमेंट हैं।

साथियों,

बीते दशक में हमने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को ग्रोथ का कोर ड्राइवर माना है। इसी सोच के साथ, देश में स्टार्टअप कल्चर, हैकाथॉन कल्चर, उसको हमने प्रमोट किया। आज देश में, दो लाख से अधिक स्टार्टअप, रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं और यह डायवर्स सेक्टर्स में काम कर रहे हैं। हमने युवाओं को प्रोत्साहित किया, देश में रिस्क टेकिंग कल्चर को पुरस्कृत करने का भाव जगाया और परिणाम हमारे सामने है। इस साल का बजट, हमारी इसी प्राथमिकता को और मजबूत करता है। विशेष तौर पर बायोफार्मा, सेमीकंडक्टर और AI जैसे सेक्टर के लिए, इस बजट में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

साथियों,

आज जब देश की आर्थिक ताकत बढ़ी है, तो हम राज्यों को भी उतना ही ज्यादा सशक्त कर रहे हैं। मैं एक और आंकड़ा आपको देना चाहता हूं। 2004 से 2014, 10 साल, इस दरमियान राज्यों को टैक्स डिवोल्यूशन के तौर पर 18 लाख करोड़ रुपए के आसपास ही मिले थे, 2004 से 2014 तक। जबकि 2014 से लेकर 2025 तक, राज्यों को 84 लाख करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। अगर मैं इस साल बजट में प्रस्तावित लगभग 14 लाख करोड़ का आंकड़ा और जोड़ दूं, तो हमारी सरकार में राज्यों को टैक्स डिवोल्यूशन के करीब-करीब 100 लाख करोड़ रुपए मिलने तय हुए हैं। यह राशि केंद्र सरकार की तरफ से अलग-अलग राज्य सरकारों को मिली है, ताकि वो अपने यहां विकास के कार्यों को आगे बढ़ा सकें।

साथियों,

आजकल आप लोग भारत के FTA’s यानि फ्री ट्रेड डील्स पर काफी चर्चा कर रहे हैं और मैं यहां enter हुआ, वहीं से शुरू हो गए लोग। दुनियाभर में इसका एनालिसिस हो रहा है। लेकिन मैं आज इसका एक और इंटरेस्टिंग एंगल आपको बताता हूं, मीडिया को जो चाहिए, वो तो इसमें नहीं होगा शायद, लेकिन हो सकता है कि कुछ काम में आ जाए। और मैं पक्का मानता हूं, जो बात मैं कहने जा रहा हूं, आपने भी इसके बारे में विचार नहीं किया होगा। क्या आपने कभी सोचा है कि आज इतने सारे विकसित देशों के साथ फ्री-फ्री ट्रेड डील्स हो रहे हैं, क्या यही काम 2014 से पहले क्यों नहीं हो पाए? देश वही, युवा शक्ति वही, सरकारी सिस्टम वही, तो बदला क्या? बदलाव, सरकार के विजन में आया है, नीति और नीयत में बदलाव आया है, भारत के सामर्थ्य में बदलाव आया है।

साथियों,

आप ज़रा सोचिए, फ्रेजाइल फाइव इकोनॉमी जब थी, तब कौन हमारे साथ डील करता? गांव में भी गरीब की बेटी को कोई रईस के परिवार वाला शादी करता है क्या? वो उसको छोटा मानता है, हमारा भी यही हाल था भाई दुनिया में। जब देश पॉलिसी पैरालिसिस से घिरा था, चारों तरफ घोटाले और घपले थे, तब कौन भारत पर भरोसा कर पाता? 2014 से पहले भारत में मैन्युफैक्चरिंग का बेस बहुत कमजोर था और जिसके कारण, पहले की सरकारें भी डरती थी, एक तो कोई आता नहीं था और जरा सा भी कोई कोशिश करें, तो यह लोग भी डरते थे और डर यह था कि अगर विकसित देशों के साथ डील हो गई, तो वो हमारे बाजार पर कब्जा कर लेंगे, वो यहां अपने प्रोडक्ट डंप करने लगेंगे, हताशा-निराशा के उस माहौल में 2014 से पहले यूपीए सरकार सिर्फ चार देशों के साथ ही कॉम्प्रिहेंसिव ट्रेड एग्रीमेंट कर पाई थी। जबकि, बीते दशक में भारत ने जो ट्रेड डील्स की हैं, उनमें दुनिया के 38 कंट्री कवर होते हैं, 38 कंट्री। और यह दुनिया के अलग-अलग रीजन्स में हैं। आज हम इसलिए दुनिया के साथ ट्रेड डील्स कर रहे हैं क्योंकि आज का भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है। आज का भारत, दुनिया के साथ कंपीट करने के लिए तैयार है। बीते 11 वर्षों में भारत ने मैन्युफैक्चरिंग का एक मजबूत इकोसिस्टम देश में विकसित किया है। इसलिए, आज भारत समर्थ है, सशक्त है और इसलिए दुनिया भी हम पर भरोसा करती है। यही बदलाव हमारी Trade Policy में आए Paradigm Shift का आधार बने और यही Paradigm Shift विकसित भारत की हमारी यात्रा का अनिवार्य स्तंभ बना है।

साथियों,

आज हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ देश के हर नागरिक को विकास में सहभागी बनाते हुए कार्य कर रही है। जो विकास की दौड़ में पीछे छूट गया, हम उसके विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं। पहले की सरकारों ने दिव्यांग जनों के लिए सिर्फ घोषणाएं कीं, हम भी उसी रास्ते को जारी रख सकते थे, लेकिन ये सरकार की संवेदनशीलता का उदाहरण है। आप में से शायद जो बातें मैं बता रहा हूं, आप जिस लेवल के लोग हैं, शायद उसमें फिट नहीं बैठती होगी। हमारे दिव्यांग जनों के लिए जैसे हमारे यहां Language में बिखराव है ना, Sign Language का भी वही हाल था जी। तमिलनाडु में जाओ तो एक Sign Language, उत्तर प्रदेश में जाओ तो दूसरी, गुजरात में जाओ तो तीसरी, असम में जाओ तो चौथी, अगर यहां का दिव्‍यांग असम गया, तो बेचारा समझ ही नहीं पाता था। अब यह कोई बड़ा काम तो नहीं था। अगर संवेदनशील सरकार होती है ना, तो उसको यह काम छोटा नहीं लगता है। और देश ने पहली बार Indian Sign Language को institutionalise किया, common किया, व्यवस्था बनाई है। ऐसे ही, देश की Transgender community कब से अपने अधिकारों के लिए लड़ रही थी। हमने उनके लिए भी कानून बनाकर उन्हें सम्मान से जीने का कवच दिया है। बीते दशक में ही देश की करोड़ों बहनों को तीन-तलाक की कुरीति से मुक्ति मिली, लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण पक्का हुआ।

साथियों,

आज सरकारी मशीनरी की सोच भी बदली है, उसमें संवेदनशीलता आई है। सोच का अंतर क्या होता है, यह हम जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज देने वाली स्कीम में भी देखते हैं। विपक्ष के कुछ लोग हमारा मजाक उड़ाते हैं और कुछ अखबारों में जरा छपता भी ज्यादा है। कोई मजाक उड़ाता है कि जब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल ही गए हैं, तो उनको मुफ्त राशन क्यों मिलता है? अजीबोगरीब सवाल है। अगर आप बीमार हैं, अस्पताल में गए और अस्पताल से आपको छुट्टी मिली, तो भी डॉक्टर कहता है कि सात दिन तक यह-यह संभालना, पंद्रह दिन तक यह-यह संभालना, कहता है कि नहीं कहता है? गरीबी से बाहर निकले हैं, लेकिन यह सवाल पूछ रहे हैं कि निकले हैं, तो फिर अनाज क्यों देते हो? ऐसी संकीर्ण मानसिकता वाले लोग, यह नहीं सोचते कि सिर्फ गरीबी से बाहर निकालना काफी नहीं होता, बल्कि जो व्यक्ति नियो मिडिल क्लास में आया है, वो फिर गरीबी के चंगुल में न फंस जाए, यह भी सुनिश्चित करना पड़ता है। इसलिए उसे आज अनाज मुफ्त की सुविधा मिल रही है, यह आवश्यक है। बीते वर्षों में केंद्र सरकार ने इस योजना पर लाखों करोड़ रुपए खर्च किए हैं, इससे गरीब और नियो मिडिल क्लास को बहुत बड़ा संबल मिला है।

साथियों,

सोच का एक और फर्क हम अपने आसपास भी देखते हैं। कुछ लोग हैं, जो कहते हैं कि ये मोदी 2047 की बात क्यों करता है? 2047 में विकसित भारत बनेगा, नहीं बनेगा, किसने देखा? हम रहें या ना रहें, उससे हमारा लेना देना क्या है? अब देखिए, यह सोच है और यह बड़े-बड़े लोगों की सोच है, यह कोई मैं अपने शब्द नहीं बता रहा हूं।

साथियों,

जिन लोगों ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी, लाठियां खाईं, कालापानी की सज़ाएं पड़ी, फांसी के तख्त पर चढ़ गए, अगर वो भी यही सोचते कि आजादी पता नहीं कब मिले, हम क्यों आज आजादी के लिए लाठी खाएं, तो सोचिए, क्या उस सोच के साथ देश कभी आजाद हो पाता क्या? जब राष्ट्र प्रथम का भाव हो, जब देश हित सर्वोपरि हो, तो हर निर्णय देश के लिए होता है, हर नीति देश के लिए बनती है। हमारी सोच स्पष्ट है, विजन साफ है, हमें देश को विकसित बनाने के लिए निरंतर काम करना है। 2047 तक हम रहें न रहें, लेकिन यह देश रहेगा, इस देश की संतानें रहेंगी। इसलिए हमें और इसलिए हमें अपना आज खपाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों का कल सुरक्षित रहे, उज्ज्वल रहे। मैं आज अपनी आज बो रहा हूं क्योंकि कल की पीढ़ी को फल खाने को मौका मिले।

साथियों,

दुनिया को अब डिसरप्शन के साथ जीने के लिए तैयार रहना होगा। समय के साथ इनके नेचर में बदलाव आएगा, लेकिन यह तय है कि अब व्यवस्थाएं बहुत तेजी से बदलेंगी। AI से जो Disruption हो रहे हैं, वो तो आप देख ही रहे हैं। आने वाले समय में AI और भी क्रांतिकारी बदलाव लेकर आने वाली है, भारत इसके लिए भी तैयार है। कुछ ही दिनों में भारत में ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट होने जा रही है। दुनिया के अनेक देश, दुनियाभर के टेक लीडर्स, इस समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रहे हैं। सभी के साथ मिलकर, हम एक बेहतर विश्व बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। इसी भरोसे के साथ, एक बार फिर इस Summit के लिए आप सभी को बहुत सारी मेरी शुभकामनाएं।

बहुत-बहुत धन्यवाद!

वंदे मातरम!