PM Modi interacts with BJP Karyakartas from Tamil Nadu via NaMo App, emphasizes the Party's commitment to effective governance communication
Booth-level efficiency is key to election success: PM Modi during interaction with Tamil Nadu Karyakartas
PM Modi proposes dedicated teams for each booth, urging inclusive engagement with citizens to win hearts and votes
PM Modi shares constructive dialogue on women's empowerment, infrastructure, and governance during interaction with Tamil Nadu Karyakartas
Karyakartas must organize impactful booth-level events to raise awareness and connect with voters effectively: PM Modi

वणक्कम !
वैसे तो मैं जब भी तमिलनाडु आता हूं तो अपनी बात वणक्कम से ही शुरू करता हूं। लेकिन आज का वणक्कम मेरे लिए बहुत स्पेशल है क्योंकि एक कार्यकर्ता दूसरे कार्यकर्ता के साथ वणक्कम से अभिवादन करता है तो कार्यकर्ता का अपनापन है, उसकी बहुत बड़ी ताकत होती है। कोई भी व्यक्ति चाहे कितना भी बड़ा क्यों ना हो जाए जब वो स्कूल के अपने friends से मिलता है, और भले ही 25 साल 30 साल के बाद मिलता हो तो कोई छोटा-बड़ा नहीं रह जाता। सब एक-दूसरे से खुशी से मिलते हैं। ऐसे ही जब कोई कार्यकर्ताओं से जुड़ा कार्यक्रम होता है, तो मैं भी आनंद से भर जाता हूं। मैंने अपनी लाइफ का एक बड़ा हिस्सा आप सबकी तरह एक कार्यकर्ता के रूप में काम किया है और इसलिए मुझे आज बहुत अच्छा लग रहा है, आप सबसे बात करने का अवसर मिला है।

साथियों, तमिलनाडु बीजेपी के आप सभी साथी लंबे समय से शानदार और जानदार काम कर रहे हैं। येनादु बूथ, वलिमैयाना बूथ यानि मेरा बूथ सबसे मजबूत का ये प्रोग्राम हम सभी के लिए एक दूसरे से कनेक्ट करने का, एक दूसरे से सीखने का कार्यक्रम है। अब कैंपेन तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। कैंडिडेट तय हो चुके हैं, इश्यूज़ तय हो चुके हैं। तब मैंने सोचा कि अपने कार्यकर्ता साथियों के साथ फोन पर थोड़ी चर्चा कर लूं और ये भी मैं बताना चाहता हूं पिछले दिनों तमिलनाडु में मुझे जो कार्यक्रम में आने का अवसर मिला और जनता-जर्नादन की जो आशीर्वाद हमें प्राप्त हो रहे थे वो अभिभूत करने वाले थे। और मैं उसमें देखता था कि आप कार्यकर्ताओं का इतना परिश्रम था उसमें आप लोगों ने इतनी मेहनत की थी ये मुझे साफ-साफ नजर आता था तो मुझे बड़ा गर्व होता था कि मैं कितना भाग्यवान हूं कि मेरे पास ऐसे लाखों कार्यकर्ताओं की फौज है। ये अपने आप में मेरे लिए बड़ी गर्व की बात है
तो चलिए कार्यकर्ताओं से ही बातचीत शुरू करते हैं। पहले कौन जुड़ रहा है मेरे साथ?
श्रीमती आर राष्या, बूथ प्रेसीडेंट, नागपट्टिनम, थिरुवरूर
आर राष्या - वणक्कम जी।
पीएम मोदी- वणक्कम, वणक्कम कैसे हैं आप? और मैं हिंदी में बोलूंगा लेकिन मेरे साथी तमिल में बोलेंगे और आप आसानी से तमिल में मुझे बता सकती हो
पीएम मोदी – कैसी हैं आप? बूथ पर कैसी तैयारी चल रही है?
आर राष्या - वणक्कम जी।
पीएम मोदी – वणक्कम, वणक्कम।
आर राष्या – जी नमस्कार हम लोग 125वां बूथ से बोल रहे हैं, थिरुवरूर से। हमारे बूथ में काफी अच्छा काम हो रहा है, हरेक हफ्ते हम लोग ट्यूजडे को हम लोग मीट कर रहे हैं। 420 फैमिली हैं हम लोग मिल रहे हैं, मिलके बूथ पर काम कर रहे हैं।
पीएम मोदी – अच्छा जी, आप 125 बूथ में काम तो कर रही हैं और आपने परिवार भी ढूढ़ कर निकाले हैं, माइक्रो लेवल के आपने काम किये हैं ऐसा मुझे लगता है। अब जो हम देश में Women Led Development उसके हमारे विजन पर काम कर रहे हैं और एक बड़ा महत्वपूर्ण काम है। हमारी सरकार की ऐसी कौन सी स्कीम है, जिनने तमिलनाडु की महिलाओं तक पहुंची हैं, महिलाएं उसकी चर्चा करती हैं, महिलाएं उसको पसंद करती हैं?
आर राष्या – जी हम लोग फामर्स हैं, हम लोग खेती में काम करते हैं, अनपढ़ लोग हैं, हमको अपना स्कीम में जो घर में पानी पीने का पानी मिला है वो बहुत बड़ी मदद हमको मिल रहा है, हम लोग काम करने के लिए समय मिल रहा है। वैसे ही हमको जो उज्जवला स्कीम में गैस सिलेंडर मिला है वो हमारा काफी समय को बचत कर रही है।इसलिए हम लोग कर रहे हैं, इसलिए हमको टॉयलेट भी जो लेडीज के लिए काफी बड़ी तकलीफ थी हमारे गांव में, घर-घर में जो टॉयलेट बनी है वो हमको काफी Confidence दिया है। और हमको जो skill development जो हुआ है ये सब बहुत अच्छी स्कीम है, महिलाओं इसको पसंद करते हैं।
पीएम मोदी – राष्या जी बहुत बढ़िया तरीके से बताया। आप जब बोल रही हैं तो आपके अलग-बगल काफी आवाज आ रहा है तो कितने लोग होंगे वहां आपके साथ, कितने लोग होंगे वहां आपके साथ, कितने लोग बैठे होंगे?
आर राष्या – मोटा-मोटी 30 लोग बैठे हैं उनके बूथ में।
पीएम मोदी – अच्छा हमारी जो थर्ड टर्म होने वाली है उसमें क्या अचीवमेंट होना चाहिए, इसके लिए आप लोगों से पूछ रहे हैं क्या? ये भारतीय जनता पार्टी जो संकल्प पत्र बनाएगी उसमें उनके क्या सुझाव हैं? गांव के लोगों के, किसानों के, महिलाओं के, गरीबों के?
आर राष्या – जी ये कह रही हैं हम लोग अपना खेती में काम करते हैं इसलिए हमको पानी का बहुत बड़ी जरूरत है इसलिए तमिलनाडु में जितना भी नदियां हैं उसको पानी वाला नदियों से जुड़ाव करना चाहिए, उसके बाद हमको इरिगेशन के लिए पानी मिलेगा। ये पहला सजेशन बोलती है। दूसरा क्या बोलती है कि हारवेस्ट करने के बाद हम लोग जो ग्रेन्स को खुले जगह में रख रहे हैं, बारिश में धूप में खराब हो जाता है इसलिए हमको Godown चाहिए, धान या रखने के लिए ये दूसरी उनकी रिक्वेस्ट है। ये दोनों सजेशन उनके गांव में उनको मिला है।


पीएम मोदी – मुझे बहुत अच्छा लगा कि मेरे बूथ लेवल के कार्यकर्ता बहन कितना लंबा सोच सकती हैं और कितनी महत्वपूर्ण बात करती है। आप वॉटर ग्रिड की बात कर रही हो, रिवर ग्रिड की बात कर रही हो और आपको गोडाउन बनाने की, और आपको पता होगा, सबको बता दीजिये अभी हमने दो लाख गोडाउन बनाने का काम शुरू कर दिया है ताकि किसानों को गांव में अपनी फसल बर्बाद होने से बचा सके।


पीएम मोदी – आपको मालूम होगा मैं काशी का सांसद हूं और मैं जबसे सांसद बना हूं तो मैं पिछले कुछ बर्षों से काशी में काशी-तमिल संगमम करता हूं और ये कार्यक्रम बहुत पॉपुलर हो गया है। क्या इस बात को लेकर के आपके बूथ में भी कभी कोई चर्चा होती है क्या?


आर राष्या – हां जी यहां पे जितने भी तमिल लोग हैं उनको सब जानते हैं। जैसे कितना काम आप कर रहे हैं तमिल का... जो आपको इंपोर्टेंस देने के लिए आपने ये संगमम बनाया, ये लोग बहुत खुश हैं और बहुत तारीफ करते हैं अपनी government को तमिल का आप बढ़ाई कर रहे हैं।


पीएम मोदी – चलिए मुझे बहुत अच्छा लगा बात को आपसे हुई बाकि तमिलनाडु के सभी हमारे बूथ के कार्यकर्ता बात सुन रहे हैं। आप तो जानते हैं बीजेपी आज Women Led Development के मॉडल पर काम कर रही है। हमारा कमिटमेंट है कि भारत को वर्ल्ड की 3rd largest economy बनाने में वीमेन पावर का बड़ा रोल होगा। मुझे खुशी है कि बीजेपी की महिला कार्यकर्ताएं इतना शानदार काम कर रही हैं।

पीएम मोदी – कार्यकर्ताओं के लिए भी एक सुझाव देना चाहता हूं। जब मैं बूथ के कार्यकर्ताओं से बात करता हूं तो मैंने भी ग्रासरूट लेवट पर काम किया है जिसमें मुझे बहुत सफलता मिली है वो चीज मैं आपको बताना चाहता हूं। देखिए आप बूथ को ज्यादा efficiently कैसे मैनेज कर सकते हैं, इस पर ही चुनाव जीतने का और बूथ जीतने का पक्का हो जाता है और इसलिए मेरा एक सुझाव है। मान लीजिए, आपके पोलिंग बूथ में 300 families हैं या 350 families हैं या 400 families हैं या 450 families हैं जो भी हो लेकिन तय करें कि हर 10 family पर 3 कार्यकर्ताओं की टोली को वो 10 परिवार की जिम्मेवारी दे दीजिये। बूथ में सब काम सब लोग करें ऐसा नहीं और तीन जो लोगों की टीम बनाएं उसमें एक महिला कम से कम हो, तीनों महिलाएं भी हो सकती हैं। दो महिला एक पुरुष हो सकते हैं लेकिन एक महिला तो कम से कम होनी चाहिए। और तीन लोगों के पास इन 10 परिवार ही होने चाहिए। और डेली वो 10 परिवारों में जाये, वहां बैठे, गप्पे मारे उनके सुख-दुख पूछे, बातें करे और फिर चुनाव के दिन मतदान कराने तक उनके साथ जुड़ी रहे। और Daily ये परिवारों में जाना चाहिए..मिलकर के जाना चाहिए और हमारा पहला काम होना चाहिये उनका दिल जीतने का। और रात को सारा काम पूरा हो जाये तो सबने एक बार इकट्ठा होना चाहिए। बूथ के लेवल की और दिन भर में किसने क्या किया, क्या अनुभव आया, लोग क्या बताते हैं आगे क्या करना चाहिए, कैसा कार्यक्रम करना चाहिए। अगर आप तीन-तीन लोगों की टोली 10-10 परिवारों को लेकर बैठ जायें तो मैं पक्का मानता हूं कि आप अपना पोलिंग बूथ जीत जाएंगे।

पीएम मोदी – चलिये मुझे बहुत अच्छा लगा आप सबसे बात करना, अब हम चलते हैं किसी और एक कार्यकर्ता से बातचीत करेंगे। आइये कौन हैं मेरे साथ बात करने वाले अब?

एस मोहन, लोकसभा सीट, नमक्कल, विधानसभा सीट नमक्कल
मोहन – जय श्रीराम, वणक्कम।
पीएम मोदी – जय श्रीराम, वणक्कम, कौन बोल रहे हैं?
मोहन – मोहन।
पीएम मोदी – मोहन नमस्कार, वणक्कम।
मोहन – नमस्कार, वणक्कम।
पीएम मोदी – अच्छा मोहन अभी आप जहां बैठे हैं वहां कितने कार्यकर्ता बैठे हैं बूथ के और दूसरा आपके बूथ में कैंपेन कैसा चल रहा है और तीसरा अभी मैं जो बात कर रहा था वो पूरा ठीक से आपको भी सुनाई देता था क्या?
मोहन – जी वो ये कह रहे हैं ये दो नंबर बूथ से बोल रहे हैं, अभी मोटा-मोटी 50 जन के ऊपर बैठके हमारे भाषण सुन रहे हैं और दस दिन पहले से ही इन्होंने यहां अपना कैंपेनिंग शुरू कर दिया। बीट नोटिस दे रहे हैं, गली-गली में जाके और हर में ये लोग भाषण दे रहे हैं। उनसे संपर्क कर रहे हैं, बात कर रहे हैं और काफी जोरदार रूप से इन्होंने कैंपेनिंग शुरू किया है। अभी हम लोग बात किये हैं दूसरे वहां पे थिरुवरूर से पूरा वो सुन रहे हैं और ये लोग comfortable हैं पूरा ध्यान से भाषण सुन लिया।
पीएम मोदी – मोहन आपने बहुत बढ़िया तरीके से बताया, लेकिन मैं जानना चाहूंगा कि जब आप कैंपेनिंग के लिए निकलते हैं लोगों को pamphlet देने होंगे, बात करते होंगे, लोग आपको सवाल पूछते होंगे, अपनी कोमेंट देते होंगे तो लोग बीजेपी के संबंध में, एनडीए के संबंध में, मोदी के संबंध में कुछ ना कुछ तो बोलते ही होंगे वो क्या बोलते हैं?
मोहन – जी, अपनी जो nda government में 9 पार्टी है इसको बहुत मजबूत समझ रहे हैं ये लोग। दूसरी बात है ये लोगों के उपर विश्वास इतना जुड़ गया है हम लोग 400 सीट के उपर जरूर जीतेंगे बोलके लोगों के अंदर एक confidence है। तीसरी बात हमको बहुत favourable क्योंकि यहां के जो DMK Government के उपर पब्लिक को काफी गुस्सा है। उनका जो ड्रग्स के उपर उनको इन चीजों को लेकर ये लोग बहुत गुस्से में हैं वो सब हमारे फेवर में चल रहा है।

पीएम मोदी – मोहन जी मुझे बहुत अच्छा लगा कि आप एक छोटे से गांव में बूथ में काम कर रहे हैं लेकिन ड्रग्स को लेकर के आपके बूथ के लोगों को भी पता है। ये ड्रग्स हमारे बच्चों की जिंदगी बर्बाद कर देगा, हमारे परिवारों की जिंदगी बर्बाद कर देगा और पिछले दिनों जितने ड्रग्स का जखीरा पकड़ा गया है। उसमें कहीं न कहीं उसकी जो आका है, उसके गॉडफादर हैं। वो तमिलनाडु से उनका लिंक मिल रहा है। यह बहुत चिंता का विषय है और इसलिए आप सबने भी लोगों को अवगत कराया होगा कि हमें अपने परिवार को बचाना है, अपने बच्चों को बचाना है, अपने भावी पीढ़ी को बचाना है तो ये तमिलनाडु में जो ड्रग घुस रहा है और ड्रग माफिया अपनी जाल बिछा रहे हैं। उसके खिलाफ़ तो लड़ने के लिए ही भाजपा ही काफी।

पीएम मोदी - मोहन जी, आपको मालूम है कि तमिल भाषा के प्रति मेरा बहुत ही श्रद्धा है। मैं बहुत उसका गौरव करता हूं और दुनिया में भी जहां जाता हूं मैं ये तमिल भाषा के लिए कुछ न कुछ तो मैं करता ही रहता हूं। और मेरा एक सपना है कि पूरी दुनिया के बच्चे बच्चे को पता होना चाहिए कि दुनिया की सबसे पुरातन, सबसे समृद्ध अगर कोई लैंग्वेज है तो तमिल लैंग्वेज है। ये जो मेरा तमिल लैंग्वेज के पीछे। बीजेपी एनडीए सरकार का जो मिशन मोड में काम चल रहा है। क्या वहां गांव, गांव में तमिल लोगों को पता है क्या?
पीएम मोदी – मोहन जी, हां बताइए।
मोहन – जी आपने यूनाइटेड नेशन में यादं उरे यावुरूं केड़ीर बोल के पूरा लोग पूरा दुनिया को आपके ऊपर तमिल के ऊपर ध्यान लेके आये हैं। जहां पे भी जाते हैं आप ऊंची आवाज में तिरुकुरल का कोटेशंस दे रहे हैं, तमिल के लिए आप जो भी काम कर रहे हैं। इसको हम लोग बहुत इच्छा से देख रहे और तमिल में नमो ऐप का भी अभी आप लेके आये हैं नमो इन तमिल बोल के ये हमको बहुत खुशी की बात है। और हर एक तमिल वाला एक चीज़ आपसे बहुत पसंद ये करते हैं। आप जो भी मीटिंग में आते हैं ना आप बोलते है तमिल में बोल नहीं सकता हूं बोलके आप दिल से जो बात बोल रहे हैं ये हर एक तमिल वाला बहुत किस को प्यार से देख रहे हैं आपका जो इन्ट्रेस्ट जो है तमिल के लिए काम करना उसको समझ रहे हैं। दिल से।

पीएम मोदी - मोहन जी आपने सही बात पकड़ी, मुझे भीतर से मन में दर्द होता है कि मैं तमिल नहीं बोल सकता। मुझे मन में एक बड़ा दुख पड़ा रहता है। चलो नसीब में नहीं आया। जो सौभाग्य आपको मिला है तमिल सीखने का वो सौभाग्य मुझे नहीं मिला, लेकिन मुझे अच्छा लगा मोहन जी आप जैसे कार्यकर्ताओं से बात करके और देखिये मैं सभी तमिलनाडु के सभी बूथ के कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूँ। ये कि तमिलनाडु में जब से डीएमके और उसके सहयोगियों की सरकार आई है तबसे गवर्नेन्स की स्थिति बहुत खराब है। करप्शन हो, लॉ एंड ऑर्डर की प्रॉब्लम हो। या फिर ड्रग्स से जुड़ी समस्या है? ये सभी इन्हीं की देन हैं। ऐसे हर मुद्दे आपको बूथ पर एक एक परिवार तक पहुंचाना चाहिए और आराम से घर में बैठ करके और हाथ में लिख करके जाना चाहिए। नोट रखना चाहिए, pamphlet रखना चाहिए। एक-एक चीज समझानी चाहिए।

पीएम मोदी – मैं सभी हमारे बूथ के कार्यकर्ता जो मुझे सुन रहे हैं उनको एक और सुझाव देना चाहता हूं। देखिए आपके यहां मतदान 19 अप्रैल को है और प्रचार का समय 17 तारीख शाम तक होता है। तो एक प्रकार से आपके पास 15-17 दिन बचे हैं। इन 15-17 दिन में घर घर तो संपर्क करना ही करना है। हर दिन अलग-अलग मोहल्ले में बूथ यात्रा भी निकालनी है लेकिन साथ में आप तय करिए हर 3 दिन के बाद कोई न कोई एक बड़ा कार्यक्रम बूथ लेवल पे करेंगे। जैसे मान लीजिए सोमवार को महिलाओं का सम्मेलन कर दिया, उसमें 50-100 महिलाएं इकट्ठी की और उनसे बातचीत की। मान लीजिए बुधवार को उनके विषयों पर चर्चा की। फिर मान लीजिये, मछुआरों का इलाका है तो तीसरे दिन हमारे मछुआरे भाई-बहनों को इकट्ठा कर लिया। या फिर 3 दिन के बाद हमने हमारे लाभार्थी हैं जिनको घर मिला है, गैस मिला है, पानी मिला है उनके साथ बात करे। फिर एक आध दिन सभी फार्मर से इकट्ठा करें। मुझे लगता है ये आप पांच या छह अच्छे बड़े कार्यक्रम मेहनत करके पोलिंग बूथ में करिए। और ऐसे अलग-अलग समूह के कार्यक्रम और उनके अंदर उस समूह के हमारे एनडीए सरकार के बीजेपी सरकार के जो काम हुए हैं और जो हम बातें करना चाहते हैं वह सारी बातें उनको बताइए।
पीएम मोदी – आइए हम एक और कार्यकर्ता से बात करते हैं। बताइए आप कौन हैं हमारे साथ बात करने वाले?
शिवा कुमार – शिवा कुमार।
पीएम मोदी – शिवा कुमार
पीएम मोदी – शिवा जी नमस्कारम, वणक्कम।
शिवा कुमार – वणक्कम।
पीएम मोदी – शिवा जी अभी आपके साथ बूथ में कितने लोग बैठे हैं?
शिवा कुमार - आपसे बात करके मैं बहुत खुश हूं जी अभी मेरे सामने 13 लोग हम लोग बैठे हैं। और पीछे बहुत लोग बैठ के अपने कार्यकर्ता लोग सुन रहे हैं। इस कमरे में 13 लोग हैं बाहर बहुत लोग बैठे हैं।
पीएम मोदी - कितने लोग होंगे बाहर?
शिवा कुमार – 45 मेंबर्स।
पीएम मोदी – अच्छा ऐसा करो सब मिलकर के जोर से भारत माता की जय बुलवाओ, मैं जरा सबकी आवाज सुनना चाहता हूं।
शिवा कुमार – भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।
पीएम मोदी –इसका मतलब ये हुआ कि मैं ये आप के जयघोष से अंदाज लगा सकता हूं कि आपने जितनी संख्या बोली उतनी संख्या वहां बैठी है।
पीएम मोदी – अच्छा शिवा जी बताइये कि आपकी ये जो constituency है वो आपका बूथ जो है वो किस constituency में पड़ता है और जब मैं पिछले दिनों कन्याकुमारी में आया था वो कार्यक्रम सब को कैसा लगा था? आप लोगों को कैसा लगा?
शिवा कुमार – जी यहां पे हम लोग कन्याकुमारी से बोल रहे हैं। हमारे प्रदेश में आके जाने के बाद यहां पर काफी उत्साह फैला हुआ है। हमारे कार्यकर्ता लोग बड़े जोरदार ढंग से काम कर रहे हैं। बहुत स्ट्रांग महसूस कर रहे हैं। और हमारा पार्टी भी यहां पे बहुत मजबूत हो गया उसके बाद। इसके अलावा अभी जो यहां पे जो रूलिंग पार्टी है यहां पे स्टेट में उसके ऊपर बहुत गुस्सा भी चढ़ा हुआ। तो इसलिए आपका आने के बाद यहां पे मेरा एक्सपीरियंस ये है अपने बूथ में बहुत मजबूत हो गया हमारा एनडीए एलाइंस।
पीएम मोदी – शिवा कुमार जी, देखिये यहां जो भी देश के राजनीति के बड़े जानकार लोग हैं और दिल्ली के अंदर देखें तो एक ही चर्चा है कि इस बार तो तमिलनाडु में बहुत बड़ा चमत्कार होने वाला है और वहां की सरकार के प्रति जो गुस्सा है वो जमकर के पोलिंग बूथ में निकलने वाला। ऐसा यहां दिल्ली में बैठे हुए लोग भी मानते हैं। आप सब वहां काम कर रहे हैं आप सब का क्या एक्सपीरियंस है?
पीएम मोदी – देखिए मैं तो एक्सपीरियंस कर रहा हूं कि सामान्य तौर पर किसी सरकार के प्रति लोगों की राजी-नाराजगी हो ये तो मैं कई राज्यों में देखता हूं। लेकिन तमिलनाडु में जब भी आया मैंने देखा है कि तमिलनाडु के लोगों की तमिलनाडु की डीएमके सरकार और ये परिवारवादी पार्टी उनके प्रति सिर्फ नाराजगी है, ऐसा नहीं, भयंकर नफरत, भयंकर गुस्सा, ऐसा गुस्सा ऐसी नफरत बहुत कम देखने को मिलती है जो इस बार मुझे तमिलनाडु में देखने को मिल रही है। क्या आपके बूथ पर भी ऐसी स्थिति है क्या?
शिव कुमार - जी आपका बात बिलकुल ठीक है। आपका सोच भी बिलकुल ठीक है क्योंकि यहां भी लोग का जो चिंता है न वो बहुत ही सही आपने बताया। क्योंकि यहां पर जो डाइनैस्टी पॉलिटिक्स के ऊपर यहां के लोग बहुत गुस्से में हैं अभी। क्या इनको छोड़ के और कोई नहीं कर सकते हैं क्या। दूसरा यहां पे ड्रग्स का जो मामला है ना इस नफरत को काफी ज्यादा कर दिया। और टासमा को बंद करेंगे बोलके डीएमके ने अभी गवर्नमेंट लिया है अभी टासमा को बंद करने के बजाय वो बहुत खोल रहे हैं आगे। सिर्फ टासमा का जो इनका प्रॉमिस नहीं है बाकी भी काफी प्रॉमिस ये लोग दिए हैं। किसी एक को भी इन्होंने ठीक नहीं किया। किसी एक को करने का कोशिश नहीं किया इसलिए भी लोग को गुस्से में हैं। और सबसे इम्पोर्टेन्ट बात मैं आपको भी ये बताना चाहता हूं अयोध्या में जो राम मंदिर हम बनाएं इसका प्रभाव इसका जो अच्छा बात हमारे बूथ में भी हरेक लोग बोलते हैं। अरे वाह बढ़िया अपना राम मंदिर बन गया बोलके लोग तारीफ कर रहे हैं। ये आपने जो महसूस किया आपने जो एक्सपीरियंस वो बिल्कुल ठीक हैं। डीएमके के ऊपर काफी नफरत है और हमारे ऊपर बहुत प्यार है।
पीएम मोदी – शिवा कुमार जी आप तो जानते हैं ये परिवारवादी पार्टियां मतलब ये परिवारवादी पार्टी अगर मुझे एक सूत्र में कहना, मैं कहूंगा ऑफ द फैमिली, बाइ द फैमिली एंड फॉर द फैमिली ये सब परिवारवादी पार्टियां इन तीन शब्दों में जीती हैं। ऑफ द फैमिली, बाइ द फैमिली, फॉर द फैमिली।
पीएम मोदी – मैं तो देख रहा हूं कि डीएमके जैसी पार्टियां और इस प्रकार की पॉलिटिकल पार्टियां सेंट्रल गवर्नमेंट के अच्छे कामों से इतनी डरी हुई हैं, इतनी घबरा रही है कि अगर मोदी सरकार के काम का पता लोगों को चल गया तो लोग उनसे हिसाब मांगेंगे। उनसे काम मांगेंगे और इस डर के कारण ये लोग क्या करते हैं मोदी सरकार की योजना को नीचे तक जाने नहीं देते और सभी योजनाओं पर हर स्कीम पर अपना स्टिकर लगा देते है। और ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि सभी योजनाएं उसका सही अर्थ के नाम का मतलब क्या है, योजना क्या है? देश भर में कितने लोगों को लाभ हुआ। आपके जिले में कितने लोगों को लाभ हुआ, आपके गांव में कितने लोगों को लाभ हुआ ये बात बार-बार बतानी चाहिए। बारीक से बारीक बात अपने कार्यकर्ताओं ने बतानी चाहिए। ये सेंट्रल गवर्नमेंट कर रही है भारत सरकार कर रही है तो ये लोगों का विश्वास बढ़ेगा।
पीएम मोदी – मैं एक बात और बताना चाहता हूं शिवा कुमार, वैसे तो ये मैं पूरे राज्य के कार्यकर्ताओं को बताना चाहता हूं। तमिलनाडु के सभी कार्यकर्ताओं से मेरा आग्रह है और मुझे पक्का विश्वास है कि तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी का संगठन इतना प्रॉम्पट है, इतना तेजस्वी है कि मैं तो सुझाव दूंगा तुरंत करेगा। आने वाले 3-4 दिन में एक समय तय करके 3-4,3-4 पोलिंग बूथ के लोग इकट्ठे हों और अपने घर से खाना लेकर के आये और टिफिन मीटिंग करें। तीन तीन बूथ इकट्ठे हो सकते हैं, कहीं चार बूथ इकट्ठे हो सकते हैं, कहीं पांच बूथ भी इकट्ठे हो सकते हैं और उस बूथ के जितने कार्यकर्ताओं सब के सब पुरुष भी कार्यकर्ता महिला भी कार्यकर्ता अपने घर से टिफिन लेकर आए सब मिलकर के टिफिन बैठ करके खाएं और चुनाव के आगे के काम की चर्चा करें। देखिये बहुत बड़ी ताकत पैदा होगी इससे।
पीएम मोदी - आइए अब हम किसी और बूथ में चलते हैं। उन बूथ कार्यकर्ताओं से बात करेंगे अब मेरे साथ कौन जुड़ रहे हैं?
वी. टी मुरगेशन – वणक्कम जी, जय श्रीराम।
पीएम मोदी - मुरगेशन जी, वणक्कम, जय श्रीराम। आप कोयम्बटूर से बोल रहे हैं और काफी आवाज भी आ रही है। मुझे लगता है काफी लोग हैं वहां?
मुरगेशन - मेरे साथ 50-60 लोग बैठे हैं। महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष वनथी जी भी बैठे हैं।
पीएम मोदी – अच्छा महिलाएं कितनी बैठी हैं?
मुरगेशन - 40 मेंबर्स लेडीज हैं।
पीएम मोदी - और पुरुष भाई कितने बैठे हैं?
मुरगेशन – 35-40 जेंट्स भी हैं।
पीएम मोदी - चलिए मुझे बहुत अच्छा लग रहा है की वहां आप सबसे बात करने का मौका...अच्छा मुझे ये बताइये आपके यहां उम्मीदवार कौन है? कैंपेन कैसी चल रही है? क्या आपके पास पोलिंग बूथ में भारत सरकार के जो लाभार्थी हैं उनकी लिस्ट है?
मुरगेशन – जी यहां पर जो उम्मीदवार हैं अन्नामलाई जी हैं। उनके लिए हम लोग बड़ी मेहनत से काम कर रहे हैं और यहां पे जो बेनिफिशरी का लिस्ट तय कर लिया है। हम लोग उनसे मिल के बाद कर रहे हैं। आयुष्मान भारत का मोटा-मोटी 21 लोग हैं, मुद्रा जो लोग अवेल किए हैं 23 लोग हैं। ऐसे बाकी स्कीम का भी हम लिस्ट बनाके रखे हैं सब लोग से हम लोग संपर्क करके बात कर रहे हैं।
पीएम मोदी – मुरगेशन जी देखिए अन्नामलाई को मैंने पूरे राज्य का काम दिया क्योंकि हमें पूरा तमिलनाडु जीतना है। और इसलिए अन्नामलाई कोयंबटूर में अपनी सीट पर समय नहीं दे पाएंगे। ऐसे में वहां का हर कार्यकर्ता मेरे लिए अन्नामलाई है। आप सबने अन्नामलाई बनके ये कोयंबटूर की सीट को जीतना है और इसलिए अन्नामलाई को बताइए कि आप तमिलनाडु के पूरे राज्य में घूमिये आपको कोयंबटूर में समय देने की जरूरत नहीं है। हम एक एक कार्यकर्ता मिलकर के कोयंबटूर को जीत लेंगे ताकि अन्नामलाई को समय मिले पूरे राज्य में जा सके।
पीएम मोदी – अब आप मुझे बताइए कि अपने बूथ के फर्स्ट टाइम वोटर जो हैं वो फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ने के लिए क्या किया है और डीएमके और कांग्रेस की जो डाइनैस्टिक और करप्शन की पॉलिटिक्स को लेकर यूथ क्या कहता है?
मुरगेशन – हां जी यहां पे हमारे फर्स्ट टाइम वोटर्स, हमारे बूथ में हम लोग गिनती कर लिया 32 लोग हैं। और ये लोग बहुत अच्छी तरह हमारे हमारे स्कीम्स को जानते हैं। इसमें तीन चार लोग मेरे फैमिली में रिश्तेदार में आ रहे हैं इसलिए मेरे को ईजी हो गया सब लोग से संपर्क करना। ये लोग मॉल में मिलते हैं, कॉलेज में मिलते हैं, जहां पे भी मिलते हैं मैं उनसे संपर्क करके बोल रहा हूं। मगर मेन चीज जो उनका जो इन्ट्रेस्ट कहां पे होता है न। जीपे करते हैं फ़ोन पे करते हैं। कैशलेस जो करते है ना वो बड़े स्मार्ट करते हैं उसके ऊपर उनका बहुत अच्छा प्रभाव है। दूसरा उनको है ना मेक इन इंडिया, स्टैंड अप इंडिया बोलके ये जो यूथ बेनिफिट स्कीम में उनका काफी इंटरेस्ट दिखा रहे हैं और ओवरसीज में जब ये लोग यूथ जाना चाह रहे तब उनको जो इज्जत मिल रहा है रिस्पेक्ट मिल रहा है वो पहले नहीं मिल रहा था इसके ऊपर भी इनको काफी बड़ी घमंड है। इसलिए मैं बहुत होफफुल हूं कि ये 32 लोग सब है ना एनडीए के लिए वोट डालेंगे।
पीएम मोदी – मुरगेशन जी आपके पास हर चीज़ की इनती डिटेल जानकारी है आप मुझे बड़ा गर्व हुआ कि मेरे बूथ लेवल पे इतने बढ़िया बढ़िया कार्यकर्ता है। अच्छा आपको मालूम है मैं आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस का उपयोग करता हूं और मैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तमिल भाषा में मेरी बातों को पहुंचाने का प्रयास करता हूं और ये बातें बूथ के कार्यकर्ताओं को जनता को मालूम है लोग इसको कैसे सुनते हैं क्या व्यवस्था की है आपने?
पीएम मोदी – देखिए इस बार मैं देख रहा हूं कि तमिलनाडु में 9 पार्टियों का हमारा एनडीए का गठबंधन हुआ है। ये नवरत्न मिले हैं और जब नवरत्न मिलते हैं ना तो बहुत बड़ी ताकत बन जाती है। हमारे यहां तमिलनाडु में तो कोई भी फाउंडेशन का काम होता है तो फाउंडेशन में पूजा में भी नवरत्न का उपयोग होता है। तो इस बार नवरत्न का एनडीए बना हुआ है और इसलिए मेरी आप सब से अपेक्षा है कि हर बूथ में एनडीए के सब साथी मिलकर के काम करें। एक दूसरे को पहचानना, एक दूसरे को मिलना, एक दूसरे के घर हो आना, मीटिंग कर देना ये काम बहुत जल्दी से जल्दी कर देना चाहिये और मैं तो कभी जब कोयम्बटूर आया था...जो कार्यक्रम मैंने देखा मुझे तो प्रभावित करता ही करता है देशभर में उसका प्रभाव पड़ रहा है। देश भर में कोयम्बटूर के कार्यक्रम की चर्चा है और ये आप सबकी मेहनत की वजह से हुआ है। डेडिकेटिड कार्यकर्ताओं की कारण हुआ है। आपके परिश्रम के कारण हुआ है।

पीएम मोदी - आपने देखा होगा जब युद्ध होता है उसमें जो चौकी होती है वो अगर सेफ रही, चौकी पराजित नहीं हुई तो फिर किला कोई जीत नहीं सकता है। अगर किसी को किला जीतना है तो पहले एक-एक चौकी जीतनी होती है। हमारा बूथ भाजपा का जो किला जीतना है ना उसकी सबसे मजबूत चौकी है और इसलिए हमें उस चौकी को जीतना है। पोलिंग बूथ को जीतना है और इसलिए आपके पास हिसाब होना चाहिए कि मान लीजिये पोलिंग बूथ में 1100 वोट है। पोलिंग होता है मानो 600 का। जीतना है तो कम से कम 400 वोट चाहिए पोलिंग अगर होता है उससे ज्यादा तो ये हिसाब होना चाहिए लेकिन चुनाव जो है प्रचार वगैरह सब तो जरूरी है लेकिन हिसाब किताब बहुत जरूरी है। और इसके लिए हर कार्यकर्ता के जिम्मे मतदाता और कौन कितने वोट पक्का करता है, हमारा काम है वोट पक्का करना हमारा काम सिर्फ प्रचार करना नहीं है, तो मैं तमिलनाडु के सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह करूंगा कि आप वोट पक्का करिये और गर्मी बहुत है। ज्यादा से ज्यादा मतदान सुबह-सुबह हो जाएगा तो मतदान ज्यादा होगा और इसलिए तमिलनाडु के सभी कार्यकर्ताओं के लिए मेरा यह सुझाव भी है।

आइए अब कहां चलते हैं आगे चलना है किस बूथ पर जाना है
पीएम मोदी - सुंदर राजन जी वणक्कम।
सुंदर राजन - आपसे बात करते हुए मेरे को बहुत खुश हो रहा है मैं यह यकीन नहीं कर सकता हूं मैं आपसे बात कर रहा हूं।
पीएम मोदी - सुंदर राजन जी मैं भी आप जैसा कार्यकर्ता हूं ही और जब कार्यकर्ता से बात करनी है तो बिल्कुल अपनापन अपने आप आ जाता है।
पीएम मोदी - अच्छा सुंदर राजन जी, पिछले 10 साल से बीजेपी एनडीए केंद्र सरकार चला रही है। इन 10 सालों में आपकी पार्लियामेंट्री constituency में सबसे बड़ा चेंज क्या आया है? सेंटर के कौन से प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनसे एक पॉजिटिव इंपैक्ट हुआ है?
सुंदर राजन - जी यह कह रहे हैं सबसे बड़ा हमारा खुशी की बात है इस गवर्नमेंट ने हमको एक मेडिकल कॉलेज दिया है। हम लोग ऊंटी पहाड़ के प्रदेश से वहां से नीचे जाके कोयंबटूर को भागना पड़ा। काफी लॉस ऑफ लाइफ हुआ है, कोई बड़ा हॉस्पिटल नहीं था उधर। आपने एक मेडिकल कॉलेज खुलवाया ये काफी बड़ी बात है। ये डेढ़ सौ साल की ड्रीम है अपना। यहां भी कोई अच्छा हॉस्पिटल आनी चाहिए यह हम लोग बहुत इस प्रति इस गवर्नमेंट को धन्यवाद देते हैं।
पीएम मोदी - सुंदर राजन जी आप तो जानते हैं कि मेरे नसीब में कभी 500 साल पुराने काम पूरा करना आया है, कभी 100 साल पुराना लटका पड़ा कमा पूरा करना आया है। कभी 50 साल पुराना लटका पड़ा काम मुझे पूरा करने की जिम्मेवारी आई है। लेकिन आप सब के आशीर्वाद से, जनता जनार्दन के आशीर्वाद से, कार्यकर्ताओं के सहयोग से जितने भी पेंडिंग काम हैं वो भी मैं पूरा करने का संकल्प लेकर चलता हूं। और इसीलिए आपके यहां मेडिकल कॉलेज का सपना भी पूरा कर पाए हैं। अच्छा लास्ट वीक आपने कितने लोगों से कांटेक्ट किया और क्या अनुभव आ रहा है ?
सुंदर राजन - जी लास्ट ईयर हम लोग लास्ट वीक हम लोग 400 लोग से मिले थे मोटा-मोटी। उसमें मेजर लोग हैं अपना बेनिफिशियरी लिस्ट में जो लोग थे उनसे जाकर हम लोग मिलकर बात करके आए हैं उनको कैसे-कैसे स्कीम्स मिला है करके।
पीएम मोदी - आप ये जो बेनेफिशरी लोग से मिले। उनको पता है कि बेनिफिट कहां से मिला है कैसे मिला है। और दूसरी बात कि इस इलेक्शन को लेकर के लोगों को भरोसा है कि मोदी सरकार एनडीए सरकार दोबारा बनेगी तो उनके जो बाकी काम है वह भी पूरे हो जाएंगे। जो बेनिफिशियरी हैं किसी को घर मिलना अभी बाकी होगा उसको भी मिल जाएगा किसी के घर में नल का कनेक्शन नहीं पहुंचा होगा उसको भी मिल जाएगा ये आशा विश्वास भरोसा यह वातावरण आप फील करते हैं क्या?
सुन्दर राजन - जी हमारे वार्ड में अटल पेंशन योजना, आयुष्मान भारत यह सब काफी यूज कर रहे हैं और उज्जवला स्कीम महिलाओं के लिए एकदम सेलिब्रेटेड स्कीम है। एकदम इसको अवेल किया हमारे बूथ में यह सक्सेसफुली बेनिफिशियल है।
पीएम मोदी - मैं तमिलनाडु के सभी बूथ के कार्यकर्ताओं से कहना चाहूंगा आप जब बूथ में वोटर से मिलें तो यह जरूर बताएं कि बीजेपी गवर्नमेंट सैचुरेशन पर काम कर रही है हंड्रेड परसेंट। यानी गवर्नमेंट स्कीम्स का बेनिफिट जो भी इसका हकदार है उन सबको मिलना चाहिए, शत प्रतिशत मिलना चाहिए और इसके लिए बीजेपी कम कर रही है। पूरे देश में विकसित भारत संकल्प यात्रा निकालने के पीछे भी यही मकसद था जिनको अभी बेनिफिट नहीं मिला है उनको भी आगे मिलेगा।
पीएम मोदी – तमिलनाडु के सभी मेरे बूथ के कार्यकर्ता और तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी की टीम पिछले डेढ़ घंटे से हम बूथ पर काम करना चाहिए, इस पर चर्चा कर रहे हैं। और मैं भी बड़े मन से यह बूथ के काम में इतनी रुचि लेकर के आपसे बात कर रहा हूं। मुझे पक्का विश्वास है कि बूथ के कार्यकर्ताओं में जो जोश है जो उत्साह है, वो बहुत अच्छा परिणाम लाएगा।
पीएम मोदी - आप देख सकते हैं कि मैं किसी स्थान पर जाकर लाखों लोगों की पब्लिक मीटिंग में 20-25-30 मिनट बोल करके वाह-वाही करके लौट सकता हूं लेकिन मैंने वो 30 मिनट से ज्यादा आप लोगों से बूथ लेवल के कार्यकर्ता से डेढ़ 2 घंटे लगा करके बात कर रहा हूं इसका मतलब है कि मेरे लिए वो बड़ी-बड़ी सभाओं से भी ज्यादा बूथ के कार्यकर्ता, बूथ का काम, बूथ जीतने की योजना, ये सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। मैं आज बूथ के लिए इतना टाइम दे रहा हूं क्योंकि चुनाव जीतने की जगह बूथ होती है। बूथ से जीत गए तो कोई हमें चुनाव हरा नहीं सकता है और इसलिए मुझे मेरा बूथ जीतना है। मैं मेरे बूथ में भाजपा का झंडा झुकने नहीं दूंगा ये संकल्प करने के लिए मैं आज इस बूथ के कार्यकर्ताओं से पिछले डेढ़ घंटे से बात कर रहा हूं।
पीएम मोदी - साथियों तमिलनाडु में बीजेपी को, बीजेपी के नेताओं को, बीजेपी के कार्यकर्ताओं को, हर बूथ पर लोग जानते हैं लेकिन ये बहुत जरूरी है कि एक-एक मतदाता हर बूथ में हमारे कमल निशान को जाने और हमारी जो साथी नवरत्न पार्टियां हैं उनके सिंबल को भी जाने जहां जो कैंडिडेट हो उसका सिंबल वो जाने बहुत जरूरी है। और इसीलिए हमने घर-घर जाकर के बार-बार हमारे निशान कमल और हमारे साथियों का निशान यह हमें समझना होगा। मेरा आग्रह है कि आप अपने बूथ पर रोज एक घंटा बीजेपी के झंडों को लेकर बूथ यात्रा निकालिए अपने साथ कमल के निशान रखिए। इतना ही नहीं EVM में बीजेपी का जो उम्मीदवार है या एनडीए का उम्मीदवार है वो किस नंबर पर है, पहले नंबर पर है दूसरे पर है तीसरे पर है वह भी एक-एक मतदाता को बताना चाहिए और बार-बार बताना चाहिए।
पीएम मोदी - देखिए टेक्नोलॉजी पर भी हमें बहुत ध्यान देना चाहिए हर पोलिंग बूथ का एक सोशल मीडिया इंचार्ज होना चाहिए। हर कार्यकर्ता के फोन पर नमो ऐप डाउनलोड होनी चाहिए। इतना ही नहीं यह हमारे सोशल मीडिया इंचार्ज और हमारी टीम ने एक-एक मतदाता को भी रिक्वेस्ट करनी चाहिए कि वो अपने मोबाइल फोन पर नमो ऐप डाउनलोड करें। और इससे स्कीम से जुड़ी इनफॉरमेशन वह भी आपको नमो ऐप से मिलेगी और उस मतदाता को भी मिलेगी।
पीएम मोदी - एक और बात मैं आपसे कहना चाहूंगा कि हमारे जो बेनिफिसियरीज है उनको इस योजना का बहुत लाभ मिला है और वो जब उनसे आप बात करेंगे इतने दिल से सारे अपने दुखद अनुभव बताते हैं जो कोई भी जानता है तो उसको बहुत बड़ी प्रेरणा मिलती है। और इसलिए काम करना चाहिए जितने भी बेनिफिसियरीज हैं उनसे बात करते हुए उनके पास उनकी रील बनानी चाहिए जिसमें वह बोलते हो उनको क्या लाभ मिला, वह बोलते हो। मानो आयुष्मान योजना है और उसका बहुत बड़ा ऑपरेशन हुआ है उसकी जिंदगी बच गई है। वह जब बोले उसका रील बनाइए और उस रील को सर्कुलेट कीजिए, इसका बहुत बड़ा हमें काम करना चाहिए। अब और दूसरा काम आप तो जानते ही हैं अगर आप सोशल मीडिया साइट एक्स पर जाएंगे तो नमो इन तमिल वो हैंडल वह मेरा अपना काम है। मैं घर-घर तमिल भाषा में लोगों से बात करना चाहता हूं और इसलिए मैंने यह नमो इन तमिल हैंडल बनाया है। ये नमो इन तमिल हैंडल की जानकारी हर एक को होनी चाहिए। हर एक से आप बात कीजिए उनके मोबाइल फोन पर होना चाहिए और लोगों को आग्रह कीजिए कि मोदी जी तमिल भाषा में अपनी बात आपको पहुंचा रहे हैं। आप सुनिए। और लोग चर्चा करें शाम को कि भाई आज कितनी बातें सुनी कौन सी बात सुनी कौन सी बात अच्छी लगी एक उसको जीवंत व्यवस्था खड़ी कर देनी चाहिए।
पीएम मोदी - एक और मैं काम तमिलनाडु की जो लीडरशिप है उनको भी कहूंगा और डिस्ट्रिक्ट लेवल के कार्यकर्ताओं से भी कहूंगा कि चुनाव में हमें बहुत कम होता है। इतनी दौड़ धूप होती है कि समय ही नहीं होता है। अभी से हमने स्टेट लेवल पर, डिस्ट्रिक्ट लेवल पर पार्लियामेंट्री constituency लेवल पर, असेंबली constituency लेवल पर, नगर है तो नगर लेवल पर, मंडल लेवल पर एक डेडीकेटेड टीम अभी से बना देनी चाहिए। 17 तारीख शाम को 5 बजे जब प्रचार करना बंद हो जाता है उसके बाद उनका काम शुरू होगा। यह बिल्कुल डेडिकेटेड अलग टीम बना देनी चाहिए और उनका काम है पोलिंग एजेंट की ट्रेनिंग करना, पोलिंग एजेंट को काम क्या करना है, कौन पोलिंग एजेंट होगा किस जगह पर पोलिंग एजेंट बैठेगा, पोलिंग एजेंट को चाय पहुंचा दी है, नाश्ता पहुंचना है तो उसकी व्यवस्था क्या होगी, पोलिंग बूथ होगा तो वहां बैठने की व्यवस्था क्या होगी। ये सारे जो काम है वह लास्ट डे नहीं हो सकते। तो अभी से आप लास्ट डे की व्यवस्था, मतदान के दिन की व्यवस्था के इंचार्ज अलग बना लीजिए। उनको अलग से काम दे दीजिए और उनको यह भी काम रहना चाहिए क्योंकि आपके यहां काउंटिंग चार्ज उनको है तो महीना 2 महीने तक ये सारे ईवीएम मशीन कहीं पर लॉकर में पड़े होंगे तो उसकी निगरानी कौन करेगा, कैसे करेगा ? उन सारी बातों पर ध्यान देने के लिए व्यवस्था खड़ी करनी चाहिए।
पीएम मोदी - देखिए मैंने पहले भी अभी बातचीत में कार्यकर्ता से बात करते हुए कहा कि मौसम बहुत ही गर्म है, गर्म हवा तेज चलती होगी। ऐसे में मतदान अधिकतम हो यह एक चुनौती होती है। आजकल इलेक्शन कमीशन खुद भी मतदान अच्छा हो इसलिए मेहनत करता है। लेकिन हम कार्यकर्ताओं ने उसके लिए योजना बनानी पड़ेगी। सुबह जल्दी जितना मतदान हो जाए उतना ही हमें अच्छा रहेगा। तो मैं चाहूंगा कि आप उसकी भी चिंता करेंगे। दूसरा अब हमारा ध्यान एक ही होना चाहिए कि मैं मेरा पोलिंग बूथ जीत के ही रहूंगा। मैं किसी भी हालत में मेरे पोलिंग बूथ में भाजपा का झंडा एनडीए का झंडा झुकने नहीं दूंगा। मुझे पोलिंग बूथ जीतना है, जीतना है, जीतना है। इस मंत्र को लेकर के हम आगे बढ़ें आप तमिलनाडु के कार्यकर्ता मेरे लिए बहुत बड़े गौरव का विषय हैं। आप लोग मेहनती हैं, जी जान से लग जाते हैं और इससे मुझे पक्का विश्वास है कि तमिलनाडु इस बार चमत्कार करेगा। भारतीय जनता पार्टी एनडीए, ये नवरत्न जो इकट्ठा हुए हैं वह जबरदस्त बड़ा परिणाम लाने वाले हैं। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं है। आप सबने समय निकाला, मुझे भी आप सब से बात करके बहुत अच्छा लगा। बहुत-बहुत धन्यवाद।

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PM Modi's interview to Prabhat Khabar
May 19, 2024

प्रश्न- भाजपा का नारा है-‘अबकी बार 400 पार’, चार चरणों का चुनाव हो चुका है, अब आप भाजपा को कहां पाते हैं?

उत्तर- चार चरणों के चुनाव में भाजपा और एनडीए की सरकार को लेकर लोगों ने जो उत्साह दिखाया है, उसके आधार पर मैं कह सकता हूं कि हम 270 सीटें जीत चुके हैं. अब बाकी के तीन चरणों में हम 400 का आंकड़ा पार करने वाले हैं. 400 पार का नारा, भारत के 140 करोड़ लोगों की भावना है, जो इस रूप में व्यक्त हो रही है. दशकों तक जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 को देश ने सहन किया. लोगों के मन में यह स्वाभाविक प्रश्न था कि एक देश में दो विधान कैसे चल सकता है. जब हमें अवसर मिला, हमने आर्टिकल 370 को खत्म कर जम्मू-कश्मीर में भारत का संविधान लागू किया. इससे देश में एक अभूतपूर्व उत्साह का प्रवाह हुआ. लोगों ने तय किया कि जिस पार्टी ने आर्टिकल 370 को खत्म किया, उसे 370 सीटें देंगे. इस तरह भाजपा को 370 सीट और एनडीए को 400 सीट देने का लोगों का इरादा पक्का हुआ. मैं पूरे देश में जा रहा हूं. उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम मैंने लोगों में 400 पार नारे को सच कर दिखाने की प्रतिबद्धता देखी है. मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि इस बार जनता 400 से ज्यादा सीटों पर हमारी जीत सुनिश्चित करेगी.

प्रश्न- लोग कहते हैं कि हम मोदी को वोट कर रहे हैं, प्रत्याशी के नाम पर नहीं. लोगों का इतना भरोसा है, इस भरोसे को कैसे पूरा करेंगे?

उत्तर- देश की जनता का यह विश्वास मेरी पूंजी है. यह विश्वास मुझे शक्ति देता है. यही शक्ति मुझे दिन रात काम करने को प्रेरित करती है. मेरी सरकार लगातार एक ही मंत्र पर काम कर रही है, वंचितों को वरीयता. जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, मोदी उनको पूजता है. इसी भाव से मैं अपने आदिवासी भाई-बहनों, दलित, पिछड़े, गरीब, युवा, महिला, किसान सभी की सेवा कर रहा हूं. जनता का भरोसा मेरे लिए एक ड्राइविंग फोर्स की तरह काम करता है.

देखिए, जो संसदीय व्यवस्था है, उसमें पीएम पद का एक चेहरा होता है, लेकिन जनता सरकार बनाने के लिए एमपी को चुनती है. इस चुनाव में चाहे भाजपा का पीएम उम्मीदवार हो या एमपी उम्मीदवार, दोनों एक ही संदेश लेकर जनता के पास जा रहे हैं. विकसित भारत का संदेश. पीएम उम्मीदवार नेशनल विजन की गारंटी है, तो हमारा एमपी उम्मीदवार स्थानीय आकांक्षाओं को पूरा करने की गारंटी है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक टीम की तरह काम करती है और इस टीम के लिए उम्मीदवारों के चयन में हमने बहुत ऊर्जा और समय खर्च किया है. हमने उम्मीदवारों के चयन का तरीका बदल दिया है. हमने किसी सीट पर उम्मीदवार के चयन में कोई समझौता नहीं किया, न ही किसी तरह के दबाव को महत्व दिया. जिसमें योग्यता है, जिसमें जनता की उम्मीदों को पूरा करने का जज्बा है, उसका चयन किया गया है. हमें मिल कर हर सीट पर कमल खिलाना है. भाजपा और एनडीए की यह टीम 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमेशा समर्पित रहेगी.

प्रश्न- आपने 370 को हटाया, राम मंदिर बनवा दिया. अब तीसरी बार आपकी सरकार अगर लौटती है, तो कौन से वे बड़े काम हैं, जिन्हें आप पहले पूरा करना चाहेंगे?

उत्तर- जब आप चुनाव जीत कर आते हैं, तो आपके साथ जनता-जनार्दन का आशीर्वाद होता है. देश के करोड़ों लोगों की ऊर्जा होती है. जनता में उत्साह होता है. इससे आपके काम करने की गति स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है. 2024 के चुनाव में जिस तरीके से भाजपा को समर्थन मिल रहा है, ऐसे में ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल आ रहा है कि तीसरी बार सरकार में आने के बाद क्या बड़े काम होने वाले हैं.

यह चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि 2014 और 2019 में चुनाव जीतने के बाद ही सरकार एक्शन मोड में आ गयी थी. 2019 में हमने पहले 100 दिन में ही आर्टिकल 370 और तीन तलाक से जुड़े फैसले लिये थे. बैंकों के विलय जैसा महत्वपूर्ण फैसला भी सरकार बनने के कुछ ही समय बाद ले लिया गया था. हालांकि इन फैसलों के लिए आधार बहुत पहले से तैयार कर लिया गया था.

इस बार भी हमारे पास अगले 100 दिनों का एक्शन प्लान है, अगले पांच वर्षों का रोडमैप है और अगले 25 वर्षों का विजन है. मुझे देशभर के युवाओं ने बहुत अच्छे सुझाव भेजे हैं. युवाओं के उत्साह को ध्यान में रखते हुए हमने 100 दिनों के एक्शन प्लान में 25 दिन और जोड़ दिये हैं. 125 में से 25 दिन भारत के युवाओं से जुड़े निर्णय के होंगे. हम आज जो भी कदम उठा रहे हैं, उसमें इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि इससे विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में कैसे मदद मिल सकती है.

प्रश्न- दक्षिण पर आपने काफी ध्यान दिया है. लोकप्रियता भी बढ़ी है. वोट प्रतिशत भी बढ़ेगा, लेकिन क्या सीट जीतने लायक स्थिति साउथ में बनी है?

उत्तर- देखिए, दक्षिण भारत में बीजेपी अब भी सबसे बड़ी पार्टी है. पुद्दुचेरी में हमारी सरकार है. कर्नाटक में हम सरकार में रह चुके हैं. 2024 के चुनाव में मैंने दक्षिण के कई जिलों में रैलियां और रोड शो किये हैं. मैंने लोगों की आंखों में बीजेपी के लिए जो स्नेह और विश्वास देखा है, वह अभूतपूर्व है. इस बार दक्षिण भारत के नतीजे चौंकाने वाले होंगे.

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हम सबसे ज्यादा सीटें जीतेंगे. लोगों ने आंध्र विधानसभा में एनडीए की सरकार बनाने के लिए वोट किया है. कर्नाटक में भाजपा एक बार फिर सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी. मैं आपको पूरे विश्वास से कह रहा हूं कि तमिलनाडु में इस बार के परिणाम बहुत ही अप्रत्याशित होंगे और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में होंगे.

प्रश्न- ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भाजपा को बहुत उम्मीदें हैं. भाजपा कितनी सीटें जीतने की उम्मीद करती है?

उत्तर- मैं ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जहां भी जा रहा हूं, मुझे दो बातें हर जगह देखने को मिल रही हैं. एक तो भाजपा पर लोगों का भरोसा और दूसरा दोनों ही राज्यों में वहां की सरकार से भारी नाराजगी. लोगों की आकांक्षाओं को मार कर राज करने को सरकार चलाना नहीं कह सकते. ओडिशा और पश्चिम बंगाल में लोगों की आकांक्षाओं, भविष्य और सम्मान को कुचला गया है. पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी का दूसरा नाम बन गयी है. लोग देख रहे हैं कि कैसे वहां की सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को ताक पर रख दिया है.

संदेशखाली की पीड़ितों की आवाज दबाने की कोशिश की गयी. लोगों को अपने त्योहार मनाने से रोका जा रहा है. टीएमसी सरकार लोगों तक केंद्र की योजनाओं का फायदा नहीं पहुंचने दे रही. इसका जवाब वहां के लोग अपने वोट से देंगे. पश्चिम बंगाल के लोग भाजपा को एक उम्मीद के तौर पर देख रहे हैं. बंगाल में इस बार हम बड़ी संख्या में सीटें हासिल करेंगे. मैं ओडिशा के लोगों से कहना चाहता हूं कि उनकी तकलीफें जल्द खत्म होने वाली हैं. चुनाव नतीजों में हम ना सिर्फ लोकसभा की ज्यादा सीटें जीतेंगे, बल्कि विधानसभा में भी भाजपा की सरकार बनेगी.

पहली बार ओडिशा के लोगों को डबल इंजन की सरकार के फायदे मिलेंगे. बीजेडी की सरकार हमारी जिन योजनाओं को ओडिशा में लागू नहीं होने दे रही, हमारी सरकार बनते ही उनका फायदा लोगों तक पहुंचने लगेगा. बीजेडी ने अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा नुकसान उड़िया संस्कृति और भाषा का किया है. मैंने ओडिशा को भरोसा दिया है कि राज्य का अगला सीएम भाजपा का होगा, और वह व्यक्ति होगा, जो ओडिशा की मिट्टी से निकला हो, जो ओडिशा की संस्कृति, परंपरा और उड़िया लोगों की भावनाओं को समझता हो.

ये मेरी गारंटी है कि 10 जून को ओडिशा का बेटा सीएम पद की शपथ लेगा. राज्य के लोग अब एक ऐसी सरकार चाहते हैं, जो उनकी उड़िया पहचान को विश्व पटल पर ले जाए, इसलिए उनका भरोसा सिर्फ भाजपा पर है.

प्रश्न- बिहार और झारखंड में पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहेगा, आप क्या उम्मीद करते हैं?

उत्तर- मेरा विश्वास है कि इस बार बिहार और झारखंड में भाजपा को सभी सीटों पर जीत हासिल होगी. दोनों राज्यों के लोग एक बात स्पष्ट रूप से समझ गये हैं कि इंडी गठबंधन में शामिल पार्टियों को जब भी मौका मिलेगा, तो वे भ्रष्टाचार ही करेंगे. इंडी ब्लॉक में शामिल पार्टियां परिवारवाद से आगे निकल कर देश और राज्य के विकास के बारे में सोच ही नहीं सकतीं.

झारखंड में नेताओं और उनके संबंधियों के घर से नोटों के बंडल बाहर निकल रहे हैं. यह किसका पैसा है? ये गरीब के हक का पैसा है. ये पैसा किसी गरीब का अधिकार छीन कर इकट्ठा किया गया है. अगर वहां भ्रष्टाचार पर रोक रहती, तो यह पैसा कई लोगों तक पहुंचता. उस पैसे से हजारों-लाखों लोगों का जीवन बदल सकता था, लेकिन जनता का वोट लेकर ये नेता गरीबों का ही पैसा लूटने लगे. दूसरी तरफ जनता के सामने केंद्र की भाजपा सरकार है, जिस पर 10 साल में भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा.

आज झारखंड में जिहादी मानसिकता वाले घुसपैठिये झुंड बना कर हमला करते हैं और झारखंड सरकार उन्हें समर्थन देती है. इन घुसपैठियों ने राज्य में हमारी बहनों-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है. वहीं अगर बिहार की बात करें, तो जो पुराने लोग हैं, उन्हें जंगलराज याद है. जो युवा हैं, उन्होंने इसका ट्रेलर कुछ दिन पहले देखा है.

आज राजद और इंडी गठबंधन बिहार में अपने नहीं, नीतीश जी के काम पर वोट मांग रहा है. इंडी गठबंधन के नेता तुष्टीकरण में इतने डूब चुके हैं एससी-एसटी-ओबीसी का पूरा का पूरा आरक्षण मुस्लिम समाज को देना चाहते हैं. जनता इस साजिश को समझ रही है. इसलिए, भाजपा को वोट देकर इसका जवाब देगी.

प्रश्न- संपत्ति का पुनर्वितरण इन दिनों बहस का मुद्दा बना हुआ है. इस पर आपकी क्या राय है?

उत्तर- शहजादे और उनके सलाहकारों को पता है कि वे सत्ता में नहीं आने वाले. इसीलिए ऐसी बात कर रहे हैं. यह माओवादी सोच है, जो सिर्फ अराजकता को जन्म देगी. इंडी गठबंधन की परेशानी यह है कि वे तुष्टीकरण से आगे कुछ भी सोच नहीं पा रहे. वे किसी तरह एक समुदाय का वोट पाना चाहते हैं, इसलिए अनाप-शनाप बातें कर रहे हैं. लूट-खसोट की यह सोच कभी भी भारत की संस्कृति का हिस्सा नहीं रही. वे एक्सरे कराने की बात कर रहे हैं, उनका प्लान है कि एक-एक घर में जाकर लोगों की बचत, उनकी जमीन, संपत्ति और गहनों का हिसाब लिया जायेगा. कोई भी इस तरह की व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेगा. पिछले 10 वर्षों में हमारा विकास मॉडल लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने का है. इसके लिए हम लोगों तक वे मूलभूत सुविधाएं पहुंचा रहे हैं, जो दशकों पहले उन्हें मिल जाना चाहिए था. हम रोजगार के नये अवसर तैयार कर रहे हैं, ताकि लोग सम्मान के साथ जी सकें.

प्रश्न- भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है. भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. आम आदमी को इसका लाभ कैसे मिलेगा?

उत्तर- यह बहुत ही अच्छा सवाल है आपका. तीसरे कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगी. जब मैं यह कहता हूं कि तो इसका मतलब सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सम्मान के साथ देशवासियों के लिए समृद्धि भी लाने वाला है. दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मतलब है बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी का विस्तार, ज्यादा निवेश और ज्यादा अवसर. आज सरकार की योजनाओं का लाभ जितने लोगों तक पहुंच रहा है, उसका दायरा और बढ़ जायेगा.

भाजपा ने तीसरे टर्म में आयुष्मान भारत योजना का लाभ 70 वर्ष से ऊपर के सभी बुजुर्गों को देने की गारंटी दी है. हमने गरीबों के लिए तीन करोड़ और पक्के मकान बनाने का संकल्प लिया है. तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने की बात कही है. जब अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, तो हमारी योजनाओं का और विस्तार होगा और ज्यादा लोग लाभार्थी बनेंगे.

प्रश्न- आप लोकतंत्र में विपक्ष को कितना जरूरी मानते हैं और उसकी क्या भूमिका होनी चाहिए?

उत्तर- लोकतंत्र में सकारात्मक विपक्ष बहुत महत्वपूर्ण है. विपक्ष का मजबूत होना लोकतंत्र के मजबूत होने की निशानी है. इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि पिछले 10 वर्षों में विपक्ष व्यक्तिगत विरोध करते-करते देश का विरोध करने लगा. विपक्ष या सत्ता पक्ष लोकतंत्र के दो पहलू हैं, आज कोई पार्टी सत्ता में है, कभी कोई और रही होगी, लेकिन आज विपक्ष सरकार के विरोध के नाम पर कभी देश की सेना को बदनाम कर रहा है, कभी सेना के प्रमुख को अपशब्द कह रहा है. कभी सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाता है, तो कभी एयरस्ट्राइक पर संदेह जताता है. सेना के सामर्थ्य पर उंगली उठा कर वे देश को कमजोर करना चाहते हैं.

आप देखिए, विपक्ष कैसे पाकिस्तान की भाषा बोलने लगा है. जिस भाषा में वहां के नेता भारत को धमकी देते थे, वही आज कांग्रेस के नेता बोलने लगे हैं. मैं इतना कह सकता हूं कि विपक्ष अपनी इस भूमिका में भी नाकाम हो गया है. वे देश के लोगों का विश्वास नहीं जीत पा रहे, इसलिए देश के खिलाफ बोल रहे हैं.

प्रश्न- झारखंड में बड़े पैमाने पर नोट पकड़े गये, भ्रष्टाचार से इस देश को कैसे मुक्ति मिलेगी?

उत्तर- देखिए, जब कोई सरकार तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के दलदल में फंस जाती है तो इस तरह की चीजें देखने को मिलती हैं. मैं आपको एक आंकड़ा देता हूं. 2014 से पहले, कांग्रेस के 10 साल के शासन में ईडी ने छापे मार कर सिर्फ 35 लाख रुपये बरामद किये थे. पिछले 10 वर्ष में इडी के छापे में 2200 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए हैं. यह अंतर बताता है कि जांच एजेंसियां अब ज्यादा सक्रियता से काम कर रही हैं.

आज देश के करोड़ों लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में पैसे भेजे जा रहे हैं. कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से भेजे गये 100 पैसे में से लाभार्थी को सिर्फ 15 पैसे मिलते हैं. बीच में 85 पैसे कांग्रेस के भ्रष्टाचार तंत्र की भेंट चढ़ जाते थे. हमने जनधन खाते खोले, उन्हें आधार और मोबाइल नंबर से लिंक किया, इसके द्वारा भ्रष्टाचार पर चोट की. डीबीटी के माध्यम से हमने लाभार्थियों तक 36 लाख करोड़ रुपये पहुंचाये हैं. अगर यह व्यवस्था नहीं होती, तो 30 लाख करोड़ रुपये बिचौलियों की जेब में चले जाते. मैंने संकल्प लिया है कि मैं देश से भ्रष्टाचार को खत्म करके रहूंगा. जो भी भ्रष्टाचारी होगा, उस पर कार्रवाई जरूर होगी. मेरे तीसरे टर्म ये कार्रवाई और तेज होगी.

प्रश्न- विपक्ष सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों- इडी और सीबीआइ के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है. इस पर आपका क्या कहना है?

उत्तर- आपको यूपीए का कार्यकाल याद होगा, तब भ्रष्टाचार और घोटाले की खबरें आती रहती थीं. उस स्थिति से बाहर निकलने के लिए लोगों ने भाजपा को अपना आशीर्वाद दिया, लेकिन आज इंडी गठबंधन में शामिल दलों की जहां सरकार है, वहां यही सिलसिला जारी है. फिर जब जांच एजेंसियां इन पर कार्रवाई करती हैं तो पूरा विपक्ष एकजुट होकर शोर मचाने लगता है. एक घर से अगर करोड़ों रुपये बरामद हुए हैं, तो स्पष्ट है कि वो पैसा भ्रष्टाचार करके जमा किया गया है. इस पर कार्रवाई होने से विपक्ष को दर्द क्यों हो रहा है? क्या विपक्ष अपने लिए छूट चाहता है कि वे चाहे जनता का पैसा लूटते रहें, लेकिन एजेंसियां उन पर कार्रवाई न करें.

मैं विपक्ष और उन लोगों को चुनौती देना चाहता हूं, जो कहते हैं कि सरकार किसी भी एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है. एक भी ऐसा केस नहीं हैं जहां पर कोर्ट ने एजेंसियों की कार्रवाई को गलत ठहराया हो. भ्रष्टाचार में फंसे लोगों के लिए जमानत पाना मुश्किल हो रहा है. जो जमानत पर बाहर हैं, उन्हें फिर वापस जाना है. मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि एजेंसियों ने सिर्फ भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही की है.

प्रश्न- विपक्ष हमेशा इवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, आपकी क्या राय है?

उत्तर- विपक्ष को अब यह स्पष्ट हो चुका है कि उसकी हार तय है. यह भी तय हो चुका है कि जनता ने उन्हें तीसरी बार भी बुरी तरह नकार दिया है. ये लोग इवीएम के मुद्दे पर अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट से हार कर आये हैं. ये हारी हुई मानसिकता से चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए पहले से बहाने ढूंढ कर रखा है. इनकी मजबूरी है कि ये हार के लिए शहजादे को दोष नहीं दे सकते. आप इनका पैटर्न देखिए, चुनाव शुरू होने से पहले ये इवीएम पर आरोप लगाते हैं. उससे बात नहीं तो इन्होंने मतदान प्रतिशत के आंकड़ों का मुद्दा उठाना शुरू किया है. जब मतगणना होगी तो गड़बड़ी का आरोप लगायेंगे और जब शपथ ग्रहण होगा, तो कहेंगे कि लोकतंत्र खतरे में है. चुनाव आयोग ने पत्र लिख कर खड़गे जी को जवाब दिया है, उससे इनकी बौखलाहट और बढ़ गयी है. ये लोग चाहे कितना भी शोर मचा लें, चाहे संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा लें, जनता इनकी बहानेबाजी को समझती है. जनता को पता है कि इसी इवीएम से जीत मिलने पर कैसे उनके नरेटिव बदल जाते हैं. इवीएम पर आरोप को जनता गंभीरता से नहीं लेती.

प्रश्न- आपने आदिवासियों के विकास के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं. आप पहले प्रधानमंत्री हैं, जो भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातू भी गये. आदिवासी समाज के विकास को लेकर आपका विजन क्या है?

उत्तर- इस देश का दुर्भाग्य रहा है कि आजादी के बाद छह दशक तक जिन्हें सत्ता मिली, उन लोगों ने सिर्फ एक परिवार को ही देश की हर बात का श्रेय दिया. उनकी चले, तो वे यह भी कह दें कि आजादी की लड़ाई भी अकेले एक परिवार ने ही लड़ी थी. हमारे आदिवासी भाई-बहनों का इस देश की आजादी में, इस देश के समाज निर्माण में जो योगदान रहा, उसे भुला दिया गया. भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को ना याद करना कितना बड़ा पाप है. देश भर में ऐसे कितने ही क्रांतिकारी हैं जिन्हें इस परिवार ने भुला दिया.

जिन आदिवासी इलाकों तक कोई देखने तक नहीं जाता था, हमने वहां तक विकास पहुंचाया है. हम आदिवासी समाज के लिए लगातार काम कर रहे हैं. जनजातियों में भी जो सबसे पिछड़े हैं, उनके लिए विशेष अभियान चला कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है. इसके लिए सरकार ने 24 हजार करोड़ रुपये की योजना बनायी है.

भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को भाजपा सरकार ने जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया. एकलव्य विद्यालय से लेकर वन उपज तक, सिकेल सेल एनीमिया उन्मूलन से लेकर जनजातीय गौरव संग्रहालय तक, हर स्तर पर विकास कर रहे हैं. एनडीए के सहयोग से पहली बार एक आदिवासी बेटी देश की राष्ट्रपति बनी है.अगले वर्ष भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती है. भाजपा ने संकल्प लिया है कि 2025 को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाया जायेगा.

प्रश्न- देश के मुसलमानों और ईसाइयों के मन में भाजपा को लेकर एक अविश्वास का भाव है. इसे कैसे दूर करेंगे?

उत्तर- हमारी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में एक काम भी ऐसा नहीं किया है, जिसमें कोई भेदभाव हुआ हो. पीएम आवास का घर मिला है, तो सबको बिना भेदभाव के मिला है. उज्ज्वला का गैस कनेक्शन मिला है, तो सबको मिला है. बिजली पहुंची है, तो सबके घर पहुंची है. नल से जल का कनेक्शन देने की बात आयी, तो बिना जाति, धर्म पूछे हर किसी को दी गयी. हम 100 प्रतिशत सैचुरेशन की बात करते हैं. इसका मतलब है कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे, हर परिवार तक पहुंचे. यही तो सच्चा सामाजिक न्याय है.

इसके अलावा मुद्रा लोन, जनधन खाते, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर, स्टार्ट अप- ये सारे काम सबके लिए हो रहे हैं. हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास के विजन पर काम करती है. दूसरी तरफ, जब कांग्रेस को मौका मिला, तो उसने समाज में विभाजन की नीति अपनायी. दशकों तक वोटबैंक की राजनीति करके सत्ता पाती रही, लेकिन अब जनता इनकी सच्चाई समझ चुकी है.

भाजपा को लेकर अल्पसंख्यकों में अविश्वास की बातें कांग्रेसी इकोसिस्टम का गढ़ा हुआ है. कभी कहा गया कि बीजेपी शहरों की पार्टी है. फिर कहा गया कि बीजेपी ऐसी जगहों में नहीं जीत सकती, जहां पर अल्पसंख्यक अधिक हैं. आज नागालैंड सहित नॉर्थ ईस्ट के दूसरे राज्यों में हमारी सरकार है, जहां क्रिश्चियन समुदाय बहुत बड़ा है. गोवा में बार-बार भाजपा को चुना जाता है. ऐसे में अविश्वास की बात कहीं टिकती नहीं.

प्रश्न- झारखंड और बिहार के कई इलाकों में घुसपैठ बढ़ी है, यहां तक कि डेमोग्रेफी भी बदल गयी है. इस पर कैसे अंकुश लगेगा?

उत्तर- झारखंड को एक नयी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. जेएमएम सरकार की तुष्टीकरण की नीति से वहां घुसपैठ को जम कर बढ़ावा मिल रहा है. बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से वहां की आदिवासी संस्कृति को खतरा पैदा हो गया है, कई इलाकों की डेमोग्राफी तेजी से बदल रही है. बिहार के बॉर्डर इलाकों में भी यही समस्या है. झारखंड में आदिवासी समाज की महिलाओं और बेटियों को टारगेट करके लैंड जिहाद किया जा रहा है. आदिवासियों की जमीन पर कब्जे की एक खतरनाक साजिश चल रही है.

ऐसी खबरें मेरे संज्ञान में आयी हैं कि कई आदिवासी बहनें इन घुसपैठियों का शिकार बनी हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है. बच्चियों को जिंदा जलाया जा रहा है. उनकी जघन्य हत्या हो रही है. पीएफआइ सदस्यों ने संताल परगना में आदिवासी बच्चियों से शादी कर हजारों एकड़ जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है. आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा के लिए, आदिवासी बेटी की रक्षा के लिए, आदिवासी संस्कृति को बनाये रखने के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है.

Following is the clipping of the interview:

 

 Source: Prabhat Khabar