उन्‍होंने महामारी के दौरान डॉक्टरों के बलिदान और उनकी सेवाओं के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की
स्वास्थ्य क्षेत्र का बजट दोगुना बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक कर दिया गया है : प्रधानमंत्री
हमारे डॉक्टर अपने अनुभव और विशेषज्ञता के साथ इस नए और तेजी से बदलते वायरस का सामना कर रहे हैं: प्रधानमंत्री
सरकार डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है : प्रधानमंत्री
उन्‍होंने योग के लाभों के बारे में साक्ष्य-आधारित अध्ययन का आह्वान किया
प्रलेखन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कोविड महामारी विस्तृत प्रलेखन के लिए एक अच्छा प्रारंभिक बिंदु हो सकती है

नमस्कार! आप सभी को नेशनल डॉक्टर्स डे की अनेक- अनेक शुभकामनाएं। डॉक्टर बी सी रॉय जी की स्मृति में मनाया जाने वाला ये दिन हमारे डॉक्टर्स के, हमारी मेडिकल fraternity के उच्चतम आदर्शों का प्रतीक है। खासतौर पर, पिछले डेढ़ साल में हमारे डॉक्टर्स ने जिस तरह देशवासियों की सेवा की है, वो अपने आप में एक मिसाल है। मैं 130 करोड़ देशवासियों की ओर से देश के सभी डॉक्टर्स को धन्यवाद देता हूँ, आभार प्रकट करता हूँ।

साथियों,

डॉक्टर्स को ईश्वर का दूसरा रूप कहा जाता है, और वो ऐसे ही नहीं कहा जाता। कितने ही लोग ऐसे होंगे जिनका जीवन किसी संकट में पड़ा होगा, किसी बीमारी या दुर्घटना का शिकार हुआ होगा, या फिर कई बार हमें ऐसा लगने लगता है कि क्या हम किसी हमारे अपने को खो देंगे? लेकिन हमारे डॉक्टर्स ऐसे मौकों पर किसी देवदूत की तरह जीवन की दिशा बदल देते हैं, हमें एक नया जीवन दे देते हैं।

साथियों,

आज जब देश कोरोना से इतनी बड़ी जंग लड़ रहा है तो डॉक्टर्स ने दिन रात मेहनत करके, लाखों लोगों का जीवन बचाया है। ये पुण्य कार्य करते हुए देश के कई डॉक्टर्स ने अपना जीवन भी न्योछावर कर दिया। मैं जीवन आहुत करने वाले इन सभी डॉक्टर्स को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, और परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं।

साथियों,

कोरोना से लड़ाई में जितनी चुनौतियाँ आईं, हमारे वैज्ञानिकों, डॉक्टर्स ने उतने ही समाधान तलाशे, प्रभावी दवाइयाँ बनाईं। आज हमारे डॉक्टर्स ही कोरोना के प्रोटोकॉल्स बना रहे हैं, उन्हें लागू करवाने में मदद कर रहे हैं।ये वायरस नया है, इसमें नए नए mutations भी हो रहे हैं,लेकिन हमारे डॉक्टर्स की नॉलेज, उनके अनुभव, वायरस के इन खतरों और challenges का मिलकर मुकाबला कर रहे हैं। इतने दशकों में जिस तरह का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर देश में तैयार हुआ था, उसकी सीमाएं आप भली-भांति जानते हैं। पहले के समय में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को किस तरह नजरअंदाज किया गया था, इससे भी आप परिचित हैं। हमारे देश में जनसंख्या का दबाव, इस चुनौती को और कठिन बना देता है। बावजूद इसके, कोरोना के दौरान, अगर हम प्रति लाख जनसंख्या में संक्रमण को देखें, मृत्यु दर को देखें, तो भारत की स्थिति, बड़े-बड़े विकसित और समृद्ध देशों की तुलना में, कहीं संभली हुई रही है। किसी एक जीवन का असमय समाप्त होना, उतना ही दुखद है, लेकिन भारत ने कोरोना से लाखों लोगों का जीवन बचाया भी है। इसका बहुत बड़ा श्रेय, हमारे परिश्रमी डॉक्टर्स, हमारे हेल्थकेयर वर्कर्स, हमारे फ्रंटलाइन वर्कर्स को जाता है।

साथियो,

यह हमारी सरकार ही है, जिसने Healthcare पर सबसे अधिक बल दिया है। पिछले वर्ष, First Wave के दौरान हमने लगभग 15 हजार करोड़ रुपये Healthcare के लिए आवंटित किए थे, जिससे हमारे Health Infrastructure को बढ़ाने में मदद मिली। इस साल हेल्थ सेक्टर के लिए बजट का Allocation दोगुने से भी ज्यादा यानि दो लाख करोड रुपये से भी अधिक किया गया। अब हम ऐसे क्षेत्रों में Health Infrastructure को मजबूत करने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की एक Credit Guarantee Scheme लेकर आए हैं, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। हमने बच्चों के लिए जरूरी Health Infrastructure को सशक्त करने के लिए भी 22 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा आवंटित किए हैं। आज देश में तेजी से नए एम्स खोले जा रहे हैं, नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, आधुनिक हेल्थ इनफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जा रहा है। 2014 तक जहां देश में केवल 6 एम्स थे, वहीं इन 7 सालों में 15 नए एम्स का काम शुरू हुआ है। मेडिकल कॉलेजेज़ की संख्या भी करीब डेढ़ गुना बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि इतने कम समय में जहां अंडरग्रेजुएट सीट्स में डेढ़ गुने से ज्यादा की वृद्धि हुई है, वहीं पीजी सीट्स में 80 फीसदी इजाफा हुआ है। यानी, यहाँ तक पहुँचने के लिए जो संघर्ष आपको करना पड़ा, वो कठिनाई हमारे युवाओं को, आपके बच्चों को नहीं उठानी पड़ेगी। दूर-सुदूर क्षेत्रों में भी हमारे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। उनकी प्रतिभा को, उनके सपनों को नई उड़ान मिलेगी। मेडिकल सेक्टर में हो रहे इन बदलावों के बीच, डॉक्टर्स की सुरक्षा के लिए भी सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने डॉक्टर्स के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए पिछले वर्ष ही, कानून में कई कड़े प्रावधान किए हैं। इसके साथ ही, हम अपने COVID Warriors के लिए Free Insurance Cover Scheme भी लेकर आए हैं।

साथियों,

कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई हो, या मेडिकल व्यवस्था सुधारने का देश का लक्ष्य, इन सब में आप सभी को महत्वपूर्ण भूमिका अदा करनी है। उदाहरण के तौर पर, जब आप सभी ने पहले फेज में वैक्सीन लगवाई तो उससे देश में वैक्सीन को लेकर उत्साह और विश्वास कई गुना बढ़ गया। इसी तरह, जब आप लोगों को कोविड appropriate behaviour का पालन करने के लिए कहते हैं, तो लोग पूरी श्रद्धा से उसका पालन करते हैं। मैं चाहूँगा, आप अपनी इस भूमिका को और सक्रियता से निभाएं, अपना दायरा और ज्यादा बढ़ाएँ।

साथियों,

इन दिनों एक और अच्छी चीज हमने देखी है कि मेडिकल फ्रेटर्निटी के लोग, योग के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बहुत आगे आए हैं। योग को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए जो काम आजादी के बाद पिछली शताब्दी में किया जाना चाहिए था, वो अब हो रहा है। इस कोरोना काल में योग - प्राणायाम का लोगों के स्वास्थ्य पर किस तरह सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन्स से निपटने में योग किस तरह मदद कर रहा है, इसके लिए आधुनिक मेडिकल साइंस से जुड़े कई संस्थानों द्वारा Evidence Based Studies कराई जा रही है। इस पर आप में से कई लोग काफी समय दे रहे हैं।

साथियों,

आप लोग मेडिकल साइंस को जानते हैं, एक्सपर्ट हैं, स्पेशलिस्ट हैं, और एक भारतीय को योग को समझना भी स्वाभाविक रूप से आसान होता है। जब आप लोग योग पर स्टडी करते हैं, तो पूरी दुनिया इसे बहुत सीरियसली लेती है। क्या IMA इसे मिशन मोड में आगे बढ़ा सकती है, योग पर Evidence Based Studies को साइंटिफिक तरीके से आगे ले जा सकती है। एक प्रयास ये भी हो सकता है कि योग पर स्टडीज को इंटरनेशनल जर्नल्स में publish किया जाए, उसे प्रचारित किया जाए। मुझे विश्वास है, ये स्टडीज, दुनिया भर में डॉक्टर्स को अपने पेशेन्ट्स को योग के बारे में और जागरूक करने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगी।

साथियो,

जब भी Hard-work, Talent और Skill की बात आती है, तो इन में आपका कोई मुकाबला नहीं है। मैं आपसे यह भी अनुरोध करना चाहता हूं कि आप पूरे Attention के साथ ही अपने अनुभवों का डॉक्यूमेंटेशन भी करते रहें। Patients के साथ आपके Experiences का डॉक्युमेंटेशन बहुत ही अहम् है। साथ ही मरीज के Symptoms, Treatment Plan और उसके Response का भी डिटेल्ड डॉक्युमेंटेशन होना चाहिये। यह एक Research Study के रूप में भी हो सकता है, जिसमें विभिन्न प्रकार की दवाओं और Treatments के असर को नोट किया गया हो। जितनी बड़ी संख्या में आप मरीजों की सेवा और देखभाल कर रहे हैं, उसके हिसाब से आप पहले से ही दुनिया में सबसे आगे हैं। यह समय यह भी सुनिश्चित करने का है कि आप के काम का, आपकी Scientific Studies का दुनिया संज्ञान ले और आने वाली पीढ़ी को उसका लाभ भी मिले। इससे दुनिया को जहां मेडिकल से जुड़े कई जटिल सवालों को समझने में आसानी होगी, वहीं उसके समाधान की दिशा भी मिलेगी। कोविड की यह महामारी इसके लिए एक अच्छा Starting Point हो सकता है। Vaccines किस प्रकार से हमारी मदद कर रही हैं, किस प्रकार से Early Diagnosis का लाभ मिल रहा है और एक Particular Treatment किस प्रकार से हमारी सहायता कर रहा है, क्या हम इसको लेकर ज्यादा से ज्यादा स्टडीज कर सकते हैं। पिछली शताब्दी में जब महामारी आयी थी आज उसका डॉक्युमेंटेशन बहुत उपलब्ध नहीं है। आज हमारे पास technology भी है और हम अगर COVID से कैसे मुक़ाबला किया गया है इसके प्रैक्टिकल अनुभवो का डॉक्युमेंटेशन करते है तो वो भविष्य में पूरी मानवता के लिए बेहद मददगार साबित होगा। आपका ये अनुभव देश के मेडिकल रिसर्च को एक नई गति भी देगा। अंत में मैं यही कहूँगा की आपकी सेवा, आपका श्रम ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के हमारे संकल्प को अवश्य सिद्ध करेगा। हमारा देश कोरोना से भी जीतेगा, और विकास के नए आयाम भी हासिल करेगा। इन्हीं शुभकामनाओं के साथ, आपको बहुत बहुत धन्यवाद!

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Prime Minister Welcomes French President to India, Emphasises Strengthening Bilateral Ties
February 17, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi extended a warm welcome to President Emmanuel Macron of France, expressing confidence that the visit will elevate India–France relations to new heights.

Highlighting the significance of the visit, Prime Minister Modi noted that the engagements in Mumbai and later in Delhi will provide fresh momentum to the strategic partnership between the two nations. He reaffirmed that their collaboration will continue to benefit not only both countries but also the wider global community.

In separate posts on X, Shri Modi wrote:

“Welcome to India!

India looks forward to your visit and to advancing our bilateral ties to new heights. I am confident that our discussions will further strengthen cooperation across sectors and contribute to global progress.

See you in Mumbai and later in Delhi, my dear friend @EmmanuelMacron.”

  “Bienvenue en Inde !

L’Inde se félicite de votre visite et entend donner un nouvel élan à notre partenariat stratégique. Je suis convaincu que nos discussions renforceront davantage la coopération dans divers secteurs et contribueront au progrès mondial.

À très bientôt à Mumbai, puis à Delhi, mon cher ami @EmmanuelMacron.”