गया जी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत प्राचीन और बेहद समृद्ध है: प्रधानमंत्री
ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रक्षा रणनीति में एक नई लकीर खींच दी है: प्रधानमंत्री
बिहार का तीव्र विकास केंद्र में एनडीए सरकार की एक प्रमुख प्राथमिकता है: प्रधानमंत्री
हर घुसपैठिये को बिना किसी अपवाद के देश से बाहर निकाला जाएगा : प्रधानमंत्री

विश्व विख्यात, ज्ञान और मोक्ष के पवित्र नगरी गयाजी के हम प्रणाम करअ ही।

विष्णुपद मंदिर के इ गौरवशाली भूमि पर अपने सबके अभिनंदन करीत ही।

बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान जी, यहां के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी जीतन राम मांझी जी, राजीव रंजन सिंह, चिराग पासवान जी, राम नाथ ठाकुर जी, नित्यानंद राय जी, सतीश चंद्र दुबे जी, राज भूषण चौधरी जी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी जी, विजय कुमार सिन्हा जी, बिहार सरकार के मंत्रीगण, संसद में मेरे साथी उपेंद्र कुशवाहा जी, अन्य सांसदगण, और बिहार के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों!

गयाजी की ये धरती, अध्यात्म और शांति की धरती है। ये भगवान बुद्ध को बोध कराने वाली पावन भूमि है। गयाजी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत बहुत प्राचीन है, बहुत समृद्ध है। यहां के लोगों की इच्छा थी कि इस नगरी को गया नहीं, गयाजी कहा जाए। मैं इस निर्णय के लिए बिहार सरकार का अभिनंदन करता हूं। मुझे खुशी है कि गयाजी के तेज विकास के लिए बिहार की डबल इंजन सरकार लगातार काम कर रही है।

भाइयों-बहनों,

आज भी, गयाजी की पावन भूमि से, एक ही दिन में, 12 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण या शिलान्यास हुआ है। इनमें ऊर्जा, स्वास्थ्य और शहरी विकास के जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। इनसे बिहार के उद्योगों को ताकत मिलेगी, और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। मैं इन परियोजनाओं के लिए बिहार के लोगों को बधाई देता हूं। बिहार में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आज यहां Hospital और Research Centre का उद्घाटन भी हुआ है। अब बिहार के लोगों को कैंसर के इलाज के लिए एक और सुविधा मिल गई है।

साथियों,

गरीब के जीवन से मुश्किलें दूर करना, महिलाओं के जीवन को आसान बनाना, मुझे जनता-जनार्दन का सेवक बनकर यही काम करने में सबसे ज्यादा खुशहाली होती है। जैसे गरीब को पक्का घर देना...

साथियों,

मेरा एक बड़ा संकल्प है। जब तक हर जरूरतमंद को पक्का घर नहीं मिल जाता, मोदी चैन से नहीं बैठेगा। इसी सोच के साथ पिछले 11 साल में 4 करोड़ से अधिक गरीबों को पक्के घर बनाकर दे दिए गए हैं। अकेले हमारे बिहार में 38 लाख से अधिक आवास बनाए गए। गया जिले में भी 2 लाख से अधिक परिवारों को अपना पक्का घर मिला है। और हमने सिर्फ घर यानी 4 दीवारें नहीं दी, बल्कि इन घरों के साथ गरीब को उसका स्वाभिमान दिया है। इन घरों में बिजली, पानी, शौचालय और गैस कनेक्शन की सुविधाएं दी हैं। यानी, गरीब परिवारों को भी सुविधा, सुरक्षा और सम्मान से जीने की गारंटी मिली है।

साथियों,

आज इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए, बिहार के मगध क्षेत्र के 16 हजार से ज्यादा परिवारों को अपना पक्का घर दिया है। यानि इस बार इन परिवारों में दीवाली और छठ पूजा की रौनक और ज्यादा होगी। मैं अपना घर पाने वाले सभी लाभार्थी परिवारों को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। और जो लोग अब भी पीएम आवास योजना के लाभ से छूट गए हैं, मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं, कि पीएम आवास का अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक हर गरीब को अपना पक्का घर नहीं मिल जाता।

साथियों,

बिहार चन्द्रगुप्त मौर्य और चाणक्य की धरती है। जब-जब किसी दुश्मन ने भारत को चुनौती दी है, बिहार देश की ढाल बनकर खड़ा हुआ है। बिहार की धरती पर लिया हुआ हर संकल्प, ये धरती की ताकत है, इस धरती पर लिया गया हर संकल्प कभी खाली नहीं जाता।

और इसलिए तो भाइयों-बहनों,

जब कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, हमारे निर्दोष नागरिकों को उनका धर्म पूछकर के मारा गया, मैंने बिहार की इसी धरती से आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी। आज दुनिया देख रही है, बिहार की इस धरती से लिया गया वो संकल्प पूरा हो चुका है। आपको याद होगा, उधर से पाकिस्तान हम पर ड्रोन हमले कर रहा था, मिसाइलें दाग रहा था, और इधर भारत पाकिस्तान की मिसाइलों को हवा में तिनके की तरह बिखेर रहा था। पाकिस्तान की एक भी मिसाइल हमें नुकसान नहीं पहुंचा पाईं।

साथियों,

ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रक्षा नीति की नई लकीर खींच दी है। अब भारत में आतंकवादी भेजकर, हमले कराके, कोई बच नहीं सकेगा। आतंकवादी चाहे पाताल में क्यों ना छिप जाएं, भारत की मिसाइलें उन्हें दफन करके रहेंगी।

साथियों,

बिहार का तेज विकास केंद्र की NDA सरकार की बहुत बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए आज बिहार चौतरफा विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। बीते वर्षों में पुरानी समस्याओं के समाधान तलाशे गए हैं, और नई प्रगति के रास्ते भी बनाए गए हैं। आप याद करिए, लालटेन राज में यहाँ कैसी दुर्दशा थी। लालटेन राज में ये क्षेत्र लाल आतंक से जकड़ा हुआ था। माओवादियों की वजह से शाम के बाद कहीं आना-जाना मुश्किल था। गयाजी जैसे शहर लालटेन राज में अंधेरे में डूबे रहते थे। हजारों गाँव ऐसे थे, जहां बिजली के खंबे तक नहीं पहुंचे थे। लालटेन वालों ने पूरे बिहार के भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया था। न शिक्षा थी, न रोजगार था, बिहार की कितनी पीढ़ियों को इन लोगों ने बिहार से पलायन के लिए मजबूर कर दिया था।

साथियों,

बिहार के लोगों को आरजेडी और उसके साथी सिर्फ अपना वोटबैंक मानते हैं, उन्हें गरीब के सुख-दुख, गरीब के मान-सम्मान से कोई मतलब नहीं है। आपको याद होगा, कांग्रेस के एक मुख्यमंत्री ने मंच से कह दिया था कि अपने राज्य में बिहार के लोगों को घुसने नहीं देंगे। बिहार के लोगों से कांग्रेस की इतनी नफरत, बिहार के लोगों के प्रति इतनी घृणा, और कोई भूल नहीं सकता। कांग्रेस का बिहार के लोगों के प्रति जो दुर्व्यवहार देखने के बाद भी यहां आरजेडी वाले गहरी नींद में सोये पड़े थे।

भाइयों-बहनों,

बिहार की NDA सरकार, कांग्रेस और इंडी गठबंधन वालों के इस नफरती अभियान का जवाब दे रही है। बिहार के बेटे-बेटी को यहीं पर रोजगार मिले, सम्मान की जिंदगी मिले, मां-बाप की वो देखभाल कर सके, इसी सोच के साथ हम काम कर रहे हैं। अब बिहार में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं। गयाजी जिले के डोभी में बिहार का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया तैयार हो रहा है। गयाजी में एक टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना भी की जा रही है। आज ही यहां बक्सर थर्मल पावर प्लांट का शुभारंभ भी हुआ है। कुछ ही महीने पहले मैंने औरंगाबाद में भी नवीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी। भागलपुर के पीरपैंती में भी नया थर्मल पावर प्लांट बनेगा। इस पावर प्लांट्स से बिहार में बिजली की आपूर्ति बढ़ेगी। और आप सब जानते हैं, जब बिजली उत्पादन बढ़ता है तो क्या होता है? घरों में बिजली की सप्लाई बढ़ती है, और उद्योगों को भी ज्यादा से ज्यादा बिजली मिलती है। और इससे भी रोजगार के नए मौके बनते हैं।

साथियों,

बिहार के युवाओं को पक्की सरकारी नौकरी देने के लिए नीतीश जी ने बड़ा अभियान चलाया हुआ है। ये नीतीश जी हैं, तभी यहां शिक्षकों की भर्ती भी पूरी पारदर्शिता से हुई।

साथियों,

यहां के नौजवानों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में बिहार में ही रोजगार मिले, उन्हें नौकरी के लिए पलायन न करना पड़े, इसमें केंद्र सरकार की एक नई योजना से भी बहुत बड़ी मदद मिलने वाली है। अभी पिछले सप्ताह, इस 15 अगस्त से ही देशभर में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू हुई है। इसके तहत, हमारे युवा जब निजी क्षेत्र में पहली नौकरी करेंगे, तो केंद्र सरकार उन्हें अपने पास से 15,000 रुपये देगी। जो प्राइवेट कंपनियां युवाओं को रोजगार देंगी, उन्हें भी अलग से पैसे सरकार देगी। इस योजना का बहुत बड़ा लाभ बिहार के मेरे युवाओं को भी होगा।

साथियों,

हमारे देश में कांग्रेस हो, आरजेडी हो, इनकी सरकारों ने कभी जनता के पैसे का मोल नहीं समझा। इनके लिए जनता के पैसे का मतलब रहा है- खुद की तिजोरी भरना। इसलिए कांग्रेस-आरजेडी की सरकारों में सालों साल तक परियोजनाएं पूरी नहीं होती थीं। कोई योजना जितनी लटकती थी, उतना उसमें ये पैसे कमा लेते थे। अब इस गलत सोच को भी एनडीए सरकार ने बदल दिया है। अब शिलान्यास के बाद कोशिश होती है, जल्द से जल्द, समय सीमा में उस काम को पूरा करने के लिए सफल प्रयास किया जाए। आज का ये कार्यक्रम इसका भी एक शानदार उदाहरण है। औंटा–सिमरिया सेक्शन का शिलान्यास करने का सौभाग्य बिहार के लोगों ने मुझे दिया था। और आप लोगों की कृपा देखिए, आप लोगों का प्रेम देखिए कि जिस ब्रिज का शिलान्यास आपने मुझे करने के लिए कहा, आज उसका लोकार्पण करने का अवसर भी आपने मुझे दिया है। ये पुल सिर्फ सड़कों को नहीं, पूरे उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने का काम करेगा। जो भारी वाहन पहले गांधी सेतु से होकर 150 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटते थे, अब सीधा रास्ता पाएंगे। इससे व्यापार तेज़ होगा, उद्योगों को ताक़त मिलेगी, और तीर्थयात्रियों का भी पहुंचना आसान होगा। विकास के जिन प्रोजेक्ट्स की नींव एनडीए सरकार में रखी जाती है, वो पूरा होकर रहेंगे, ये बात पक्की है।

साथियों,

एनडीए की डबल इंजन सरकार यहां रेलवे के विकास के लिए भी तेजी से काम कर रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत गयाजी रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाया जा रहा है। इससे गयाजी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेगी। आज गया वो शहर है जहां राजधानी, जनशताब्दी और मेड इन इंडिया वंदे भारत ट्रेनों की सुविधा उपलब्ध है। गयाजी, सासाराम, प्रयागराज, कानपुर होते हुए दिल्ली तक सीधा कनेक्शन, बिहार के युवाओं को, यहां के किसानों को, यहां के व्यापारियों के लिए नई संभावनाएं बना रहा है।

भाइयों और बहनों,

आपके आशीर्वाद से, देश के अटूट भरोसे के कारण, साल 2014 में प्रधानमंत्री के तौर पर शुरू हुआ मेरा सेवाकाल, ये सेवाकाल निरंतर जारी है। इतने वर्षों में हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा। जबकि आज़ादी के बाद कांग्रेस की सरकारें, जो 60-65 साल तक सरकार में रही हैं, उनके भ्रष्टाचार की लंबी लिस्ट है। आरजेडी का भ्रष्टाचार तो बिहार का बच्चा-बच्चा जानता है। मेरा साफ मानना है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई को अगर अंजाम तक पहुंचाना है, तो कोई भी कार्रवाई के दायरे से बाहर नहीं होना चाहिए। आप सोचिए, आज कानून है कि अगर किसी छोटे सरकारी कर्मचारी को 50 घंटे तक हिरासत में रख दिया, तो अपने आप वो सस्पेंड हो जाता है, ड्राइवर हो, छोटा क्लर्क हो, peon हो, उसकी जिंदगी हमेशा-हमेशा के लिए तबाह हो जाती है। लेकिन अगर कोई मुख्यमंत्री है, कोई मंत्री है, कोई प्रधानमंत्री है, तो वो जेल में रहकर के भी सत्ता का सुख पा सकता है। ये कैसे हो सकता है? हमने कुछ समय पहले ही देखा है कि कैसे जेल से ही फाइलों पर साइन किए जा रहे थे, जेल से ही सरकारी आदेश निकाले जा रहे थे। नेताओं का अगर यही रवैया रहेगा, तो ऐसे भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई कैसे लड़ी जा सकती है?

साथियों,

संविधान हर जनप्रतिनिधि से ईमानदारी और पारदर्शीता की उम्मीद करता है। हम संविधान की मर्यादा को तार-तार होते नहीं देख सकते। इसलिए एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ एक ऐसा कानून लाई है, जिसके दायरे में देश का प्रधानमंत्री भी है। इस कानून में मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी शामिल किया गया है। जब ये कानून बन जाएगा, तो प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री, या फिर कोई भी मंत्री, उसे गिरफ़्तारी के 30 दिनों के अंदर जमानत लेनी होगी। और अगर जमानत नहीं मिली, तो 31वें दिन उसे कुर्सी छोड़नी होगी। आप कहिए भाइयों, जो जेल जाएं उसे कुर्सी छोड़नी चाहिए कि नहीं छोड़नी चाहिए? क्या वो कुर्सी पर बैठे रह सकता है क्या? क्या वो सरकारी फाइलों पर साइन कर सकता है क्या? क्या जेल में से कोई सरकार चला सकता है क्या? और इसलिए ऐसा सख्त कानून बनाने की तरफ हम आगे बढ़ रहे हैं।

 

लेकिन साथियों,

ये RJD वाले, ये कांग्रेस वाले, ये लेफ्ट वाले इस कानून का विरोध कर रहे हैं। ये बहुत गुस्से में हैं, और कौन नहीं जानता कि उनको किस बात का डर है? जिसने पाप किया होता है, वो अपने पाप को दूसरों से छुपाता है, लेकिन खुद तो भीतर से जानता है कि क्या खेल खेला है। इन सबका भी यही हिसाब है। ये आरजेडी और कांग्रेस वाले, कोई बेल पर बाहर हैं, कोई रेल के खेल में अदालत के चक्कर लगा रहा है। और जो जमानत पर बाहर घूम रहे हैं, वे आज इस कानून का विरोध कर रहे हैं। इन्हें लगता है कि अगर ये जेल चले गए, तो इनके सारे सपने चकनाचूर हो जाएंगे। और इसलिए, सुबह–शाम ये लोग मोदी को भांति-भांति की गाली दे रहे हैं। और इतने बौखलाए हुए, इतने बौखलाए हुए हैं कि इस जनहित के कानून का विरोध कर रहे हैं। हमारे राजेंद्र बाबू, बाबा साहेब आंबेडकर ने कभी सोचा भी नहीं था, कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि सत्ता के भूखे लोग भ्रष्टाचार करेंगे और जेल जाने पर भी कुर्सी से चिपके रहेंगे। लेकिन अब भ्रष्टाचारी जेल भी जाएगा और उसकी कुर्सी भी जाएगी। भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त होने का संकल्प देश के कोटि-कोटि लोगों का है। ये संकल्प सिद्ध होकर रहेगा।

साथियों,

मैंने लाल किले से एक और खतरे की बात की है। और ये खतरा बिहार पर भी है। देश में घुसपैठियों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। बिहार के सीमावर्ती जिलों में तेजी से डेमोग्राफी बदल रही है। इसलिए एनडीए सरकार ने तय किया है कि देश का भविष्य घुसपैठियों को नहीं तय करने देंगे। घुसपैठियों को बिहार के युवाओं के रोजगार नहीं छीनने देंगे। जिन सुविधाओं पर भारतीय लोगों का अधिकार है, उस पर घुसपैठियों को डाका नहीं डालने देंगे। इस खतरे से निपटने के लिए मैंने डेमोग्राफी मिशन शुरू करने की बात कही है। बहुत जल्द ये मिशन अपना काम शुरू करेगा, हम हर घुसपैठिए को देश से बाहर करके ही रहेंगे। आप मुझे बताइए, इन घुसपैठियों को निकालना चाहिए कि नहीं निकालना चाहिए? क्या ये घुसपैठियें आपका रोजगार छीन लें, आपको मंजूर है? एक घुसपैठिया आपकी जमीन पर कब्जा कर ले, आपको मंजूर है? एक घुसपैठिया आपका हक छीन लें आपको मंजूर है? बिहार के आप सभी लोग देश के भीतर बैठे घुसपैठियों के समर्थकों से भी सावधान रहिए, जान जाइए कौन घुसपैठियों के साथ खड़ा है। कांग्रेस और आरजेडी जैसे दल बिहार के लोगों का हक छीनकर घुसपैठियों को देना चाहते हैं। तुष्टिकरण के लिए, वोटबैंक को बढ़ाने के लिए कांग्रेस-आरजेडी वाले कुछ भी कर सकते हैं, कितने ही नीचे जा सकते हैं। इसलिए बिहार के लोगों को बहुत सतर्क रहना है।

साथियों,

हमें हमारे बिहार को कांग्रेस-आरजेडी की बुरी नज़र से बचाकर रखना है। बिहार के लिए ये समय बहुत अहम है। बिहार के युवाओं के सपने पूरे हों, बिहार के लोगों की आकांक्षाओं को नई उड़ान मिले, इसके लिए केंद्र सरकार, और नीतीश जी के साथ हम कंधे से कंधा मिलाकर बिहार के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। बिहार में विकास की गति बनी रहे, इसके लिए डबल इंजन की सरकार लगातार मेहनत कर रही है। आज के विकास प्रोजेक्ट इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मैं एक बार फिर इन परियोजनाओं के लिए बिहार को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

बहुत-बहुत धन्यवाद

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June 18, 2026

नमस्ते!

बों जू!

ऐसा लग रहा है, आप सब छुट्टी के मूड में हैं।

साथियों,

ये पेरिस शहर, Lights का शहर है, रंगों का शहर है, यहां Art है, Ideas हैं, और innovation की प्रेरणा भी है। इस शहर को भारत के अलग-अलग राज्यों से आए आप सभी लोग और भी खूबसूरत बना देते हैं। नए नए रंगों से भर देते हैं।

कोई तमिल है, कोई पंजाबी है, कोई गुजराती है, तो कोई मराठी है, और कोई बंगाली है। भारत के हर कोने का प्रतिनिधित्व यहां दिखाई देता है।

साथियों,

मैं जब 14 जून को नीस पहुंचा था तो सबसे पहले भारत इनोवेट्स कार्यक्रम में शामिल हुआ था। आज जब मैं फ्रांस से वापसी की तैयारी में हूं तो लग रहा है जैसे भारत कनेक्ट्स कार्यक्रम में आ गया हूं।

फ्रांस में रहने वाले आप लोगों ने 21वीं सदी के भारत-फ्रांस रिश्तों को जिस तरह कनेक्ट किया है, वो हमारी Strategic Partnership की बहुत बड़ी ताकत बन रही है। मैं आप सभी के लिए भारत से 140 करोड़ देशवासियों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। इस आत्मीय स्वागत के लिए, मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

साथियों,

आज मैं ऐसे समय में फ्रांस आया हूं जब कुछ ही दिन पहले हमारी सरकार के 12 वर्ष पूरे हुए हैं। चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप निरंतर 12 साल तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।

साथियों,

बीते 12 वर्ष, 140 करोड़ भारतीयों के अद्भुत सामर्थ्य के रहे हैं। 12 साल के इस कालखंड में भारत का GDP दोगुना हुआ है। Airports की संख्या दोगुनी हुई है। Universities की संख्या भी दोगुनी हो गई है। Highway Construction की स्पीड तीन गुना बढ़ गई। और Metro Network, चार गुणा बड़ा हो गया है।

मैं आपको कुछ और फैक्ट्स दूंगा, उससे आप अंदाजा लगा पाएंगे कि भारत किस स्पीड और कितने बड़े स्केल पर काम कर रहा है। पिछले 12 वर्षों में भारत का Defence Export 35 गुणा यानि Thirty Five Times बढ़ गया है।

औऱ एक फैक्ट सुनिए भारत में मोबाइल मैन्यूफैक्टरिंग यूनिट्स में, 100 गुणा की बढ़ोतरी हुई है। 100 times. भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा mobile phone manufacturer है। इसी गति, इसी प्रगति का नतीजा है कि आज भारत दुनिया की Fastest Growing Major Economy है।

साथियों,

आज भारत की कहानी सिर्फ Economic Progress की कहानी नहीं है। सिर्फ यहाँ अटक नहीं जाती है। ये Social Transformation की भी कहानी है।

पिछले 12 साल में देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यानि एक ऐसी प्रगति जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। फ्रांस में जितने घर हैं, उससे भी अधिक पक्के घर बीते 12 वर्ष में हमने जरूरतमंदों के लिए बनाए हैं।

अब हर परिवार के पास, गरीब से गरीब क्यों न हो, Bank Account है। Financial Inclusion एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का अभियान बना है।

साथियों,

इन 12 वर्षों की उपलब्धियों में, एक उपलब्धि ऐसी भी है जिसे किसी आंकड़े से, या अंकों से, नहीं मापा जा सकता। वह है 140 करोड़ भारतीयों का आत्मविश्वास।

आज का भारत और आज के भारत का युवा बहुत बड़े सपने देख रहा है। भारत का किसान नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत की महिलाएं नए नेतृत्व का परिचय दे रही हैं। इसलिए ये सिर्फ Achievements के 12 साल नहीं हैं, ये भारत की एस्पिरेशन्स को नई बुलंदी देने का कालखंड रहा है।

साथियों,

एक समय था जब दूर-दराज के गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचाना वाकई बहुत मुश्किल भरा था। आज उन्हीं गांवों में बिजली भी है, इंटरनेट भी है, और डिजिटल सेवाओं की पूरी दुनिया भी है। आज एक क्लिक पर, कभी भी, कहीं भी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हैं।

आज मोबाइल फोन, भारत के नागरिकों को अनेक सुविधाओं से कनेक्ट कर रहा है। हमारे किसान, हमारे मछुआरे, हमारे dairy farmers, हमारी महिलाएं, हमारे स्टूडेंट्स, सभी टेक्नोलॉजी के माध्यम से सशक्त हो रहे हैं, और अपने लिए नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

आपने 125 करोड़ से अधिक Aadhaar IDs के बारे में सुना है। लेकिन आज भारत सिर्फ पहचान को डिजिटल नहीं बना रहा। आज करीब 90 करोड़ भारतीयों की Unique Digital Health IDs बनाई जा चुकी हैं। जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित और accessible बन गए हैं। इससे हेल्थकेयर डिलीवरी और अधिक आसान और efficient हो रही है।

साथियों,

इन उपलब्धियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनमें से अधिकांश चीजें कुछ वर्ष पहले तक कल्पना जैसी लगती थीं। कौन सोच सकता था कि गांव-गांव तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचेगा ? कौन सोच सकता था कि दूर-सुदूर के गांवों में भी QR code जीवन का हिस्सा बन जायेगा ? गांव में कोई बहन, ड्रोन से खेती करने में मदद करेगी, ये भी असंभव लगता था।

लेकिन आज यह सब, भारत के करोड़ों लोगों के जीवन का सामान्य हिस्सा बनता जा रहा है। और आपको गर्व होगा साथियों, यही नए भारत की पहचान है।

जो कभी सपना था, वह आज सच्चाई है। जो कभी नामुमकिन लगता था, वो आज मुमकिन हुआ है, औऱ ये करने के पीछे सबसे बड़ी ताकत क्या है? किसकी वजह से ये सब संभव हुआ है? यह मोदी के कारण नहीं, वो ताकत है- भारत का लोकतंत्र, भारत की डेमोक्रेसी। इस डेमोक्रेसी में सबका साथ है, सबका विकास है।

साथियों,

आज से 50 या 100 साल बाद जब भारत के इस कालखंड की समीक्षा होगी, तो ये बात उभरकर सामने आएगी कि इस कालखंड को भारत की Aspirations ने ड्राइव किया। यह भारत के एस्पिरेशन्स का नया युग है।

जहां बिजली पहुंची है, वहां लोग सिर्फ बिजली नहीं चाहते, वे Smart Living चाहते हैं। जहां ट्रेन पहुंची है, वहां लोग High-Speed Connectivity चाहते हैं। जहां हाईवे बने हैं, वहां लोग World-Class Expressways चाहते हैं। जहां इंटरनेट पहुंचा है, वहां लोग AI और Digital Innovation में नेतृत्व चाहते हैं।

यानि आज भारत के लोग अपने जीवन को भी Next Level पर ले जाना चाहते हैं, और भारत को भी Next Level पर ले जाना उनका मकसद है, उनका संकल्प है, उनके सपने है।

और साथियों,

यही Aspirations आज भारत की विकास यात्रा की सबसे बड़ी शक्ति हैं। मैं आपको भारत की Space Journey का उदाहरण दूंगा।

भारत ने चंद्रयान को चंद्रमा के South Pole पर उतारा। दुनिया ने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि माना। लेकिन भारत इसे अपनी मंजिल मानकर रुका नहीं। आज देश गगनयान की तैयारी कर रहा है। भारत अंतरिक्ष में अपना Space Station बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हमारे Space Startups Global Space Economy में अपनी जगह बनाने के लिए पुरजोश काम कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं।

साथियों,

Green Energy के क्षेत्र में भी भारत की यही एस्पिरेशंस दिखाई देती है। Solar Power में भारत की उपलब्धियों की दुनिया भर में लगातार चर्चा हो रही हैं। लेकिन भारत अगली छलांग की तैयारी कर रहा है।

Green Hydrogen में बड़े निवेश हो रहे हैं। Advanced Nuclear Energy पर तेजी से काम हो रहा है। आपने भारत के Fast Breeder nuclear Reactor से जुड़ी प्रोग्रेस के बारे में भी सुना ज़रूर होगा। ये भारत के न्यूक्लियर एनर्जी लैंडस्केप में क्रांतिकारी परिवर्तन करने का बहुत बड़ा अचीवमेंट हमारे सीसेन्टिस्टों ने किया है।

साथियों,

आज का भारत भविष्य का पूरा Ecosystem बना रहा है। भारत एक साथ हर उस क्षेत्र में निवेश कर रहा है, जो आने वाले दशकों की दिशा तय करेगा।

अभी आपने कुछ दिन पहले ही देखा है नीस में भारत इनोवेट्स का एक आयोजन किया। ये इवेंट भारत के डीप टेक सामर्थ्य को दुनिया तक पहुंचाने का एक और माध्यम था। इसमें भारत के 120 Deep-Tech Startups उपस्थित थे। Bharat Innovates में करीब एक हजार चार सौ B2B Meetings हुईं है। कई Startups के लिए Investment Commitments आगे बढ़ीं, Commercial Orders के लिए रास्ते खुले। French और European Universities तथा Incubators के साथ Engagements बढ़ रही हैं।

Student Exchanges, Joint Research, और Innovation Support के नए रास्ते बने। इसलिए Bharat Innovates सिर्फ एक Summit नहीं रहा। यह Innovation Diplomacy का एक नया मॉडल बना है।

और आज ही पेरिस में VivaTech इवेंट के जरिए, इस यात्रा को हमने और आगे बढ़ाया। नीस में हमने Ideas को Capital से जोड़ा और पेरिस में Indian Innovation को Global Scale से जोड़ा। आज दुनिया देख रही है भारत केवल भविष्य के लिए तैयार नहीं हो रहा है। भारत भविष्य को आकार दे रहा है।

साथियों,

एक समय था, जब देशों के बीच रिश्ते केवल व्यापार से तय होते थे। आज व्यापार के साथ-साथ Trust यानि भरोसा भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है।

हर देश Reliable Supply Chains चाहता है। हर देश Stable Partnerships चाहता है। हर देश ऐसे साथियों की तलाश में है, जिन पर लंबे समय तक भरोसा किया जा सके। और ऐसे समय में, भारत विश्व में एक Trusted Partner के रूप में उभर रहा है।

एवियां में G7 बैठक के दौरान मैंने trust based partnerships बनाने पर ज़ोर दिया। ग्लोबल साउथ के देशों के साथ equal पार्टनर्स के रूप में आगे बढ़ने का आह्वान किया। भारत का G7 समिट में संदेश था Global Governance तभी प्रभावी होगी जब वह Inclusive होगी। Global Growth तभी Sustainable होगी जब वह शेयर्ड होगी। और Global Technology तभी मानवता के लिए उपयोगी होगी जब वह Trusted होगी।

साथियों,

भारत और दुनिया के बीच व्यापारिक रिश्तों में नई ऊर्जा नज़र आ रही है। फ्रांस के साथ भारत का ट्रेड लगतार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के अनेक देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। यूरोपियन यूनियन हो, यूनाइटेड किंगडम हो दुनिया के हर देश, हर रीजन के साथ भारत समझौते कर रहा है।

अगले महीने से भारत और UK के बीच ट्रेड एग्रीमेंट भी लागू हो जाएगा। यह एग्रीमेंट भारत के farmers, workers और innovators को अनेक नए अवसर प्रदान करेगा।

साथियों,

आज दुनिया Uncertainty और Disruption के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और फ्रांस की साझेदारी विश्वास, स्थिरता और सहयोग का एक मजबूत स्तंभ बन रहा है।

इस वर्ष हमने भारत और फ्रांस के संबंधों को Special Global Strategic Partnership का दर्जा दिया था। नीस में मेरे मित्र President Macron और मैंने हमारे संबंधों को force for global good बनाने पर चर्चा की। Defence से लेकर space और नुक्लियर तक AI और क्रिटीकल मिनरल्स से लेकर high speed railway तक, हर क्षेत्र में हम मिलकर आगे बढ़ेंगे।

साथियों,

Solar energy हो, या AI के क्षेत्र में सहयोग हो, भारत और फ्रांस मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं। पिछले वर्ष पेरिस में और इस वर्ष दिल्ली में हमने AI Summit को Co-chair किया।

अब हम साथ मिलकर अगले वर्ष “तृष्णा” satellite को लॉन्च करने जा रहें हैं। यह “तृष्णा” satellite जो विश्व में फूड और वाटर सिक्युरिटी सुनिश्चित करने में योगदान देगा।

और साथियों,

यह सभी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट पहलो में आप सभी का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। ये आप हैं जो भारत और यूरोप के बीच सबसे मजबूत सेतु हैं। आप दोनों समाजों को समझते हैं। दोनों बाजारों को समझते हैं। आने वाले समय में Talent, Trade, Technology, Tourism और Investment के नए अवसरों को आगे बढ़ाने में आपकी भूमिका लगातार बढ़ने वाली हैं।

साथियों,

भारत और फ्रांस के रिश्तों को साझा इतिहास, साझा मूल्यों और साझा विश्वास ने आगे बढ़ाया है। विश्व युद्धों के दौरान फ्रांस की धरती पर बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों की स्मृतियां आज भी हमें जोड़ती हैं।

मुझे पहले नव शापेल में श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, पिछले वर्ष प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मार्सेय के वॉर मेमोरियल जाने का अवसर भी मिला। ये हमारी साझा विरासत है।

फ्रांस, भारतीयों के योगदान को संजोता भी है और सराहता भी है। भारतीय मूल की नूर इनायत खान हों, जिन्होंने फ्रांस की Resistance के लिए अपना जीवन बलिदान किया, या महाराजा रणजीत सिंह के साथ काम करने वाले जनरल जां फ्रांस्वा अलार हों ये सभी भारत और फ्रांस की साझा विरासत के प्रतीक हैं।

भारत के राज्य पुडुचेरी में भी फ्रेंच विरासत की झलक दिखाई देती है। वहां का Architecture, वहां की कला-संस्कृति और खान-पान सभी में हमारे संबंधों की महेक है।

साथियों,

इस समय फ्रांस समेत पूरी दुनिया में International Yoga Day की तैयारी भी चल रही है। इस अवसर पर मैं, फ्रांस में योग को आगे बढ़ाने वाले श्रीमान महेश घाट्राड्याल जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि देता हूं। मैं पद्म पुरस्कार से सम्मानित, शार्लोत शोपां जी को भी प्रणाम करता हूं। जिन्होंने सौ वर्ष की आयु में भी, योग के माध्यम से फ़्रांस को भारत की विरासत से जोड़ा है। उनका जीवन यह सिद्ध करता है: Yoga does not add years to life, it adds life to years.

साथियों,

मैं फ्रेद नेग्री जी को भी आदरपूर्वक श्रद्धापूर्वक याद करता हूं। भारतीय विरासत को संरक्षित करने में उनका योगदान अतुल्य रहा है।

साथियों,

भारत और फ्रांस को कनेक्ट करने वाली एक और चीज है, और वो है फुटबॉल। इस वक्त यहां फुटबॉल फीवर पूरे जोर पर है। फ्रांस में इसकी दीवानगी, चप्पे-चप्पे पर दिखती है। लेकिन भारत में भी फुटबॉल का क्रेज़ सिर चढ़कर बोलता है।

खासतौर पर फ्रांस की टीम के फैन्स भारत में बहुत अधिक हैं। फ़्रांस ने इस वर्ल्ड कप की शुरुआत एक जोरदार जीत से शुरू की है। मैं फ्रांस की टीम को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जाने से पहले, आप सभी के लिए कुछ और अच्छी खबरें भी लेकर के आया हूँ। वो आपके लिए हैं। पिछले वर्ष, मार्सेय में कॉन्सुलेट खोला गया, इससे काफी अधिक सुविधा मिल रही है। कुछ हफ्ते पहले, Indian Nationals के लिए French Airports पर Visa-free Transit की व्यवस्था शुरू हो गई है।

Students और Professionals की Mobility बढ़ाना हो, या Educational Qualifications की Mutual Recognition की बात हो, या फिर French Universities के भारत में Campus खोलना हो, इन सभी पर हम मिलकर आगे बढ़ रहें हैं।

अब फ्रांस में UPI के उपयोग का दायरा भी और बढ़ने जा रहा है। यानि भारत-फ्रांस कनेक्ट भी Instant और आपसी Payment भी Instant!

साथियों,

इन सभी पहलों से, हम भारत और फ़्रांस को और करीब ला रहें हैं। और मैं फिर कहूंगा इस साझेदारी की नींव, इस रिश्ते की असली ताकत आप सभी हैं। आप सब मेरे देशवासी हैं।

आज जब भारत तेज़ी से विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो मैं आप सभी से भारत के साथ और गहराई से जुडने का आग्रह करूंगा। इससे भारत की विकास यात्रा को नई शक्ति मिलेगी, और आपको अपनी पुरखों की धरती की सेवा करने का अवसर भी मिलेगा।

इन्हीं शब्दों के साथ आप सभी के प्रेम आपके उत्साह और इस आत्मीय स्वागत के लिए मैं एक बार फिर आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं।

भारत माता की जय!

बहुत बहुत धन्यवाद।