हम एक आधुनिक, विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। आज शुरू की गई परियोजनाएं इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और जीवनयापन को सुगम बनाएंगी: पीएम मोदी
भारत की ‘नारी शक्ति’ प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है: प्रधानमंत्री
दिल्ली का विकास केवल एक शहर का विकास नहीं होता; यह पूरे देश की छवि से जुड़ा होता है: प्रधानमंत्री
मेट्रो का नया सेक्शन राजधानी में, विशेषकर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में लाखों लोगों के लिए बड़ी सुविधा लेकर आएगा, इससे रोजाना का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा: पीएम मोदी
सरकार ने रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड देने के लिए एक अभियान शुरू किया है, ताकि वे अपनी जरूरत के अनुसार आसानी से ऋण प्राप्त कर सकें: पीएम मोदी

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी, दिल्ली के लेफ्टिनेंट गर्वनर विनय सक्सेना जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी मनोहर लाल जी, हर्ष मल्होत्रा जी, तोखन साहू जी, प्रदेश सरकार के सभी मंत्री, सभी माननीय सांसद, माननीय विधायकगण और दिल्ली के मेरे प्यारे भाईयों और बहनों।

आज हम सब दिल्ली में विकास को नई गति देने के लिए यहां इकट्ठे हुए हैं। कुछ देर पहले ही यहां साढ़े तैंतीस हजार करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। मेट्रो के विस्तार से लेकर हजारों सरकारी कर्मचारियों के आवासों तक देश की राजधानी में सुविधाओं का लगाता मजबूत विस्तार हो रहा है, एक नई मजबूती दी जा रही है। दिल्ली के आप लोगों ने एक साल पहले जिस नई उम्मीद और नए संकल्प के साथ, यहां भाजपा की डबल इंजन सरकार बनाई थी, उसका परिणाम आज यहां विकास कार्यों में दिख रहा है। मैं दिल्ली के सभी नागरिकों को इस विकास की अविरत धारा के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

आज का यह कार्यक्रम एक और वजह से भी बहुत विशेष है। आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। आज भारत, महिला सशक्तिकरण की नई गाथा लिख रहा है। यहां रेखा गुप्ता जी के सफल नेतृत्व में राजधानी का विकास हो रहा है। राजनीति, प्रशासन, विज्ञान, खेल या समाज सेवा का क्षेत्र, भारत की नारी शक्ति हर क्षेत्र में एक नई ऊर्जा से आगे बढ़ रही है। मैं पूरे देश की नारी शक्ति को आज महिला दिवस पर हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं, और राष्ट्र के विकास में उनके असीमित योगदान के लिए ऋृण स्वीकार करता हूं और उन्हें अनेक-अनेक शुभकामनाएँ देता हूं, ताकि वो समाज और राष्ट्र को निरंतर मजबूती देती रहें, राष्ट्र को निरंतर प्रगति की राह पर ले जाने में नई ऊर्जा देती रहें।

साथियों,

दुनिया का कोई भी व्यक्ति, जब भारत जैसे विशाल लोकतंत्र के बारे में सोचता है, तो अक्सर उसके मन में दिल्ली की तस्वीर आती है। दिल्ली केवल भारत की राजधानी नहीं है। ये भारत की पहचान भी है, भारत की ऊर्जा का प्रतीक भी है। इसलिए दिल्ली का विकास केवल एक शहर का विकास नहीं होता, यह पूरे देश की छवि से जुड़ा होता है। दिल्ली जितनी आधुनिक होगी, दिल्ली जितनी सुविधाजनक होगी, दिल्ली की कनेक्टिविटी जितनी बेहतर होगी, भारत का आत्मविश्वास दुनिया के सामने उतनी ही मज़बूती से दिखाई देगा। और इसलिए मुझे खुशी है कि आज हमारी दिल्ली सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में तेज़ी से आगे बढ़ रही है। एक समय था, जब दिल्ली में खराब व्यवस्थाओं की ही चर्चा होती थी। शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुँचने में कई कई घंटे लगते थे, बस स्टैंड्स पर, बसों और ऑटो के इंतजार में माताओं-बहनों का समय बर्बाद होता था। लेकिन आज दिल्ली की तस्वीर बदल रही है। कुछ ही दिन पहले, दिल्ली नमो भारत जैसी तेज़ ट्रेन के ज़रिए मेरठ से जुड़ी है। इससे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा और आसान हो गई है। और आज, मेट्रो फेज-फोर के शुरू होने के साथ दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 375 किलोमीटर से भी आगे पहुंच गया है। दुनिया के बड़े-बड़े शहरों में भी मेट्रो का इतना बड़ा नेटवर्क नहीं है।

साथियों,

आज जो मेट्रो का नया सेक्शन शुरू हुआ है, उससे राजधानी के लाखों लोगों को बहुत बड़ी सुविधा मिलने वाली है। खासतौर पर, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए अब रोज़ का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। इन सबके साथ ही, गाज़ियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे एनसीआर के शहरों से, दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में आना जाना और भी आसान हो जाएगा।

साथियों,

आज का ये कार्यक्रम, इस बात का भी प्रमाण है कि एक वर्ष पहले दिल्ली ने जिस आपदा से मुक्ति पाई, वो कितनी जरूरी थी। अगर यहां पर आपदा सरकार न होती, तो ये मेट्रो फेज़-4 प्रोजेक्ट, बहुत पहले पूरा हो चुका होता। लेकिन आपदा वालों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, दिल्ली के लाखों लोगों की सुविधा को ताक पर रख दिया था। अब यहां भाजपा सरकार बनने के बाद, दिल्ली के चौतरफा विकास में बहुत तेजी आई है।

साथियों,

डबल इंजन की सरकार में, दिल्ली की हर ट्रांसपोर्ट फैसिलिटी का अपग्रेडेशन हो रहा है। दिल्ली में हर दिन लाखों लोग बसों से सफर करते हैं। इसलिए हमारी कोशिश है कि, दिल्ली के लोगों को, साफ, आरामदायक और आधुनिक बस सेवा मिले। केंद्र सरकार द्वारा दी गई चार हज़ार से अधिक इलेक्ट्रिक बसें, आज दिल्ली के लोगों की सेवा कर रही हैं। और बीते केवल एक साल में ही लगभग 1800 नई बसों को, दिल्ली की सड़कों पर उतारा गया है। इनमें सैकड़ों देवी बसें भी शामिल हैं, जो दिल्ली की कॉलोनियों और मोहल्लों को आपस में जोड़ रही हैं।

साथियों,

करीब 10 वर्षों तक यहां जो आपदा सरकार थी, उसने विकास का हर काम ठप कर रखा था। अब दिल्ली से जुडी विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए हमारी सरकार, मिशन मोड पर काम कर रही है। पैरिफरल एक्सप्रेस-वे बनने से लाखों गाड़ियों को, दिल्ली में दाखिल होने की आवश्यकता नहीं पड़ती। भाजपा सरकार यमुना जी की साफ-सफाई के लिए भी, बहुत बड़े लेवल पर काम कर रही है। इसके लिए करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया गया है।

साथियों,

दिल्ली में पहले जो आपदा सरकार थी, उसे यहां के गरीब, मध्यम वर्ग, किसी की परेशानी से कोई फर्क नहीं पड़ता था। आपदा सरकार ने हेल्थ सेक्टर का भी बुरा हाल कर रखा था। हम आपदा सरकार को चिट्ठियां लिखते थे, भारत सरकार चिट्ठियां लिखती थी, और कहते रहे कि आयुष्मान स्कीम लागू करो। लेकिन आपदा वालों ने कभी गरीबों की परवाह नहीं की। मुझे खुशी है कि यहां रेखा जी के नेतृत्व में, भाजपा सरकार निरंतर स्थितियों को बदलने में जुटी है। बीते एक वर्ष में ही, अनेक आयुष्मान आरोग्य मंदिर यहां स्थापित किए गए हैं। इससे गरीब और मिडिल क्लास को बहुत फायदा मिल रहा है। अब दिल्ली में आयुष्मान स्कीम भी लागू है। दिल्ली के लोगों को मुफ्त इलाज भी मिल रहा है। फर्क साफ है। आपदा वालों का तरीका था- काम कम, बहाने ज्यादा। आज दिल्ली में विकास का मॉडल है, बहाने बंद, काम शुरू। पहले प्रोजेक्ट्स फाइलों में दम तोड़ते थे। आज प्रोजेक्ट्स जमीन पर उतरते हैं।

साथियों,

आज यहां आने से पहले, मैं सरोजिनी नगर गया था। वहां मुझे नए बने सरकारी आवासों को देखने का अवसर मिला। ये आवास उन सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाए गए हैं, जो राष्ट्र के हर संकल्प को पूरा करने में दिन रात परिश्रम करते हैं। ये जरूरी है कि उन्हें रहने के लिए, सुरक्षित, साफ-सुथरे और सुविधाजनक आवास मिलें। और इसीलिए ये नई और आधुनिक इमारतें बनाई जा रही हैं। आज ऐसे हजारों नए फ्लैट्स लाभार्थियों को सौंपे गए हैं। मुझे विश्वास है कि ये नए आवास हमारे कर्मयोगियों और उनके परिवार के जीवन में, नई खुशियां और नई उम्मीद लेकर आएगी।

साथियों,

आज देश में जहां भी बीजेपी की सरकार है, हर राज्य में, हर गांव-हर शहर में, लोगों को किसी ना किसी योजना का लाभ जरूर मिल रहा है। हमारे जो गरीब परिवार हैं, जो माताएं-बहनें हैं, जो मजदूर और किसान हैं, जो छोटी-मोटी नौकरी करने वाले मेरे भाई-बहन हैं, सरकार उन सबके लिए कुछ ना कुछ जरूर कर रही है। मैं आपको हमारे रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले साथियों का उदाहरण बताता हूं। इनका हमारे रोजमर्रा के जीवन में कितना महत्व है, ये हमने कोरोना काल के दौरान अनुभव किया है। ये वो लोग हैं, जिन्हें एक जमाने में अपनी रेहड़ी तक किराये पर लेनी पड़ती थी। छोटा कारोबार करने के लिए हज़ार-दो हज़ार रुपये तक भी उन्हें किसी दूसरे से ऊंचे ब्याज पर लेना पड़ता था। लेकिन हमारी सरकार ने इन साथियों का दर्द समझा, और उन्हें बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा। आज प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से ऐसे लाभार्थियों को अपने काम के लिए आसान लोन मिलने लगा है। दिल्ली में भी रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले करीब 2 लाख साथियों को, इस योजना से करीब 350 करोड़ रुपए की मदद मिली है।

साथियों,

मुझे अभी, इन रेहड़ी पटरी वाली कुछ बहनों के साथ संवाद करने का अवसर मिला, वो किस प्रकार से सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही हैं, उसका विस्तार सुनकर मेरा मन गर्व से भर गया।

साथियों,

इसी दिल्ली में, कभी डेबिट और क्रेडिट कार्ड केवल अमीर लोगों के पास होते थे। लेकिन आज स्थिति बदल रही है। आज रेहड़ी और ठेले पर काम करने वाले साथियों के पास भी क्रेडिट कार्ड की सुविधा पहुंच रही है। सरकार ने रेहड़ी-पटरी वाले साथियों के लिए स्वनिधि क्रेडिट कार्ड देने का अभियान चलाया है। अब उनकी जेब में ही क्रेडिट कार्ड होगा जिसे वो अपनी जरूरत के अनुसार उपयोग कर पाएँगे। अब से कुछ देर पहले यहां मंच पर मुझे कुछ बहनों को ये स्वनिधि क्रेडिट कार्ड देने का अवसर मिला है। ये स्वनिधि क्रेडिट कार्ड, गरीब के स्वाभिमान का नया माध्यम बन रहा है।

साथियों,

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, मैं देश की अपनी करोड़ों बहनों के साथ, एक और खुशी साझा करना चाहता हूं। कुछ साल पहले हमने संकल्प लिया था कि, हम देश में 3 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाएंगे। बहुत लोगों ने मेरी मजाक उड़ाई, कि देश के गांव में महिला लखपति दीदी बने, ये मोदी चुनाव जीतने के लिए नई-नई बातें बताता रहता है, बहुत भला-बुरा कहा गया था, बहुत मजाक उड़ाई गई थी, भांति-भांति के सोशल मीडिया पर खेल चल रहे थे। लेकिन आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बड़े गर्व के साथ कहता हूं कि, मेरी माताओं-बहनों में कितना सामर्थ्य है, अगर उनको अवसर दिया जाए, तो वो कैसे-कैसे, नई- नई सिद्धियां हासिल कर सकती हैं। मुझे आज खुशी के साथ कहना है कि देश ने, तीन करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का जो संकल्प किया था, वो पूरा हो चुका है। 3 करोड़ से अधिक बहनें अब लखपति बन चुकी हैं।

साथियों,

दशकों से गांवों में हमारी बहनों के पास हुनर भी था, मेहनत भी थी, लेकिन उन्हें पूंजी और अवसर नहीं मिलते थे। और इसीलिए हमने इन बहनों को सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से जोड़ा, बैंकों से जोड़ा, और उन्हें नई ट्रेनिंग, नए अवसर और बाजार से जोड़ने का काम किया। आज देश में 10 करोड़ से अधिक बहनें, ऐसे समूहों से जुड़ी हुई हैं। इन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को, लाखों करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिली है। इसका परिणाम यह है कि आज गांवों की नारीशक्ति, आत्मनिर्भर बन रही हैं, अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं और लखपति दीदी बनकर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बहुत मजबूत कर रही हैं।

साथियों,

हमारी बहनों की इसी सफलता ने, हमें एक नया संकल्प लेने की प्रेरणा दी है। तीन करोड़ लखपति दीदी, ये असंभव लगता था, लेकिन साकार कर दिया। अब सरकार ने तय किया है कि देश में 3 करोड़ लखपति दीदी, और नई तीन करोड़ जोड़ दी जाएंगी। यानी तीन करोड़ लखपति दीदी बन चुकी, आज हम संकल्प ले रहे हैं, तीन करोड़ और दीदी लखपति दीदी बनेंगी। मुझे पूरा विश्वास है कि देश की नारी शक्ति के आशीर्वाद से यह संकल्प भी जरूर पूरा होगा।

भाइयों और बहनों,

आज जब देश, अपनी माताओं-बहनों-बेटियों की सिद्धियों का गौरवगान कर रहा है, तब मैं दिल्ली-वालों के साथ, देशवासियों के साथ एक पीड़ा भी साझा करना चाहता हूं। ये पीड़ा है, ये दुख है, दिल को गहरी चोट लगी है, जो मैं आज देशवासियों के सामने, दिल्लीवासियों के सामने, मैं व्यक्त करना चाहता हूं। आज देश अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है, और कल पश्चिम बंगाल में TMC सरकार ने, देश की राष्ट्रपति, आदरणीय द्रोपदी मुर्मू जी का घोर अपमान किया है। द्रोपदी मुर्मू जी, संथाल आदिवासी परंपरा के बहुत बड़े उत्सव में शामिल होने के लिए बंगाल गई थीं। लेकिन राष्ट्रपति जी और उस कार्यक्रम का, आदिवासियों के उस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का, आदिवासियों का गौरव करने के बजाय TMC ने, आदिवासियों के संथाल लोगों के अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण कार्यक्रम का बहिष्कार किया और राष्ट्रपति का बहिष्कार किया। वो स्वयं आदिवासी समाज से आती हैं। संथाल आदिवासी समाज के विकास के लिए उन्होंने चिंता की है। TMC सरकार ने उस कार्यक्रम को बद-इंतजामी के हवाले कर दिया।

साथियों,

ये राष्ट्रपति जी के अपमान के साथ-साथ, देश के संविधान का भी अपमान है, देश के संविधान के स्पिरिट का भी अपमान है, लोकतंत्र की महान परंपरा का भी अपमान है। जिन्होंने जीवन के संघर्षों से तपकर ऊंचाइयां हासिल की हैं, ऐसी हर बहन-बेटी, ये उसका भी अपमान है।

साथियों,

हमारे यहां कहा गया है, अहंकारे हतः पुष्टः समूलं च विनश्यति। यानी अहंकार में चूर व्यक्ति, कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः नष्ट हो जाता है! मैं आज देश की राजधानी से, आप सभी के बीच ये आह्वान कर रहा हूं, एक आदिवासी राष्ट्रपति का घोर अपमान करने वाली TMC की ये गंदी राजनीति और सत्ता का अहंकार, बहुत ही जल्द चूर-चूर होकर रहेगा। पश्चिम बंगाल की प्रबुद्ध जनता TMC को, एक नारी के अपमान के लिए, एक आदिवासी के अपमान के लिए और देश के महामना राष्ट्रपति के अपमान के लिए कभी भी माफ नहीं करेगा, देश भी कभी माफ नहीं करेगा, देश का आदिवासी समाज भी कभी माफ नहीं करेगा, देश की नारिशक्ति भी कभी माफ नहीं करेगी।

साथियों,

हमारी संस्कृति हमें हर वर्ग का, हर विचार का सम्मान करना सिखाती है। हमारी संस्कृति हमें अपनी विरासत पर गर्व करना भी सिखाती है। इसी प्रेरणा से आज हम दिल्ली की विरासत के संरक्षण का काम भी कर रहे हैं। बीते वर्षों में केंद्र की भाजपा सरकार ने, विकास भी और विरासत भी, इस मंत्र के साथ, दिल्ली की अनेक ऐतिहासिक जगहों को और बेहतर करने का काम शुरू किया है। दिल्ली में अनेक नए स्थल भी बनाए गए हैं। देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों के सम्मान में नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया गया है। नया संसद भवन, कर्तव्य पथ, कर्तव्य भवन और सेवा तीर्थ, ये सभी 21वीं सदी के भारत की नई सोच को दिखाते हैं। अभी कुछ दिन पहले ही भारत मंडपम् में ऐतिहासिक ग्लोबल AI समिट हुई। भारत मंडपम और यशोभूमि जैसे स्थान, दुनिया को भारत की संस्कृति, भारत के व्यापार और भारत की क्षमता से परिचित कराने का बड़ा माध्यम बन चुके हैं। प्रधानमंत्री संग्रहालय और युगे-युगीन भारत संग्रहालय जैसे नए म्यूज़ियम भी, दिल्ली की पहचान को और मजबूत करने जा रहे हैं।

साथियों,

दिल्ली भारत की ऐतिहासिक यात्रा का शहर है, और आज यही दिल्ली देश के एक नए दौर की साक्षी बन रही है। ये नए भारत के आत्मविश्वास का दौर है। भारत का यही आत्मविश्वास, अब हमें विकसित भविष्य की तरफ ले जाएगा। इसलिए हम सभी को मिलकर अपने हर संकल्प की सिद्धि के लिए काम करते रहना है। मुझे विश्वास है, रेखा गुप्ता जी और उनकी पूरी टीम के नेतृत्व में दिल्ली में विकास का हर काम और अधिक गति पकड़ेगा। दिल्ली के हर परिवार का जीवन बेहतर होगा, सुखी होगा, समृद्ध होगा। इसी सद्भाव के साथ, एक बार फिर सभी विकास कार्यों के लिए, मैं आप सबको बहुत-बहुत बधाई देता हूं, बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मेरे साथ बोलिये-

भारत माता की जय!

भारत माता की जय!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

वंदे मातरम!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

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"Fast-Track Courts For Paper Leaks": PM Modi's Big Message To Youth
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Prime Minister announces fast-track courts for paper leak cases to safeguard the future of youth
July 23, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today emphasized that nothing is more important than the welfare and future of the youth.

The Prime Minister stated that the government has decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Shri Modi noted that he has directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this regard, adding that this continues a series of measures aimed at safeguarding the interests of students.

The Prime Minister firmly asserted that those who try to harm the future of the youth will not be spared.

In a post on X, the Prime Minister shared:

"Nothing is more important than the welfare and future of our youth!

We have decided to set up fast-track courts to ensure swift and stringent punishment for those involved in paper leaks. Have directed the concerned authorities and officials to take all necessary steps in this regard. This continues our series of steps for safeguarding the interests of students.

Those who try to harm the future of our youth will not be spared.

देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है।

युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।"