इस वर्ष का केन्‍द्रीय बजट एक मजबूत कार्यबल और बढ़ती अर्थव्यवस्था का मार्ग प्रशस्त करता है: प्रधानमंत्री
हमने जनमानस, अर्थव्यवस्था और नवाचार को वही प्राथमिकता दी है जो हमने निवेश में बुनियादी ढांचे और उद्योगों को दी है: प्रधानमंत्री
लोगों में निवेश की कल्‍पना तीन स्तंभों पर टिकी है - शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य सेवा!: प्रधानमंत्री
आज हम भारत की शिक्षा प्रणाली को कई दशकों के बाद एक बड़े बदलाव से गुजरते हुए देख रहे हैं: प्रधानमंत्री
सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्‍द्रों में टेलीमेडिसिन सुविधा का विस्तार किया जा रहा है: प्रधानमंत्री
डे-केयर कैंसर सेंटर और डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य सेवा बुनियादी ढांचे के माध्यम से हम गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा को अंतिम छोर तक ले जाना चाहते हैं: प्रधानमंत्री
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस बजट में अनेक निर्णय लिए गए हैं: प्रधानमंत्री
देश भर में 50 पर्यटन स्थलों को पर्यटन पर केन्‍द्रित करके विकसित किया जाएगा: प्रधानमंत्री
इन स्थलों पर होटलों को बुनियादी ढांचे का दर्जा देने से पर्यटन में आसानी होगी और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा: प्रधानमंत्री
भारत एआई क्षमताओं को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय वृहद भाषा मॉडल स्थापित करेगा: प्रधानमंत्री
इस दिशा में हमारे निजी क्षेत्र को भी दुनिया से एक कदम आगे रहने की जरूरत है: प्रधानमंत्री
दुनिया एक विश्वसनीय, सुरक्षित और लोकतांत्रिक देश की प्रतीक्षा कर रही है जो एआई में आर्थिक समाधान प्रदान कर सके: प्रधानमंत्री
सरकार ने इस बजट में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अनेक कदम उठाए हैं, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दी गई है: प्रधानमंत्री
इससे डीप टेक फंड ऑफ फंड्स के साथ उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा: प्रधानमंत्री
ज्ञान भारतम मिशन के माध्यम से भारत की समृद्ध पांडुलिपि विरासत को संरक्षित करने की घोषणा बहुत महत्वपूर्ण है: प्रधानमंत्री
इस मिशन के माध्यम से एक करोड़ से अधिक पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जाएगा: प्रधानमंत्री

नमस्कार!

आप सभी का इस महत्वपूर्ण बजट वेबिनार में स्वागत है, अभिनंदन है। Investing in People, Economy and Innovation- ये एक ऐसी थीम है, जो विकसित भारत के रोडमैप को define करती है। इस साल के बजट में आपको इसका प्रभाव भी बहुत बड़े स्केल पर दिख रहा है। इसलिए, ये बजट भारत के भविष्य का ब्लूप्रिंट बनकर सामने आया है। हमने इनवेस्टमेंट में जितनी प्राथमिकता infrastructure और industries को दी है, उतनी ही प्राथमिकता People, Economy और Innovation को भी दी है। आप सब जानते हैं, Capacity building और talent नर्चरिंग, ये देश की प्रगति के लिए फ़ाउंडेशन स्टोन का काम करती हैं। इसलिए, अब विकास के अगले चरण में हमें इन क्षेत्रों में और ज्यादा निवेश करना है। इसके लिए हम सभी स्टेकहोल्डर्स को आगे आना होगा। क्योंकि, ये देश की economic success के लिए आवश्यक है। और साथ ही, ये हर organization की success का भी आधार है।

साथियों,

Investment in people का विज़न तीन पिलर्स पर खड़ा होता है- एजुकेशन, स्किल और हेल्थकेयर! आज आप देख रहे हैं, भारत का Education system कई दशक के बाद कितने बड़े transformation से गुजर रहा है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी जैसे बड़े कदम, IITs का विस्तार, एजुकेशन सिस्टम में technology का इंटिग्रेशन, AI के full potential का उपयोग, Textbooks का digitization, 22 भारतीय भाषाओं में learning materials उपलब्ध करवाने का काम, ऐसे कितने ही प्रयास मिशन मोड में जारी हैं। इनके कारण आज भारत का एजुकेशन सिस्टम 21वीं सदी की दुनिया की जरूरतों और parameters को मैच कर रहा है।

साथियों,

सरकार ने 2014 से अब तक 3 करोड़ से ज्यादा युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी है। हमने 1 हजार ITI संस्थानों को अपग्रेड करने और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का ऐलान किया है। हमारा लक्ष्य है कि युवाओं की ट्रेनिंग ऐसी होनी चाहिए कि वो हमारी इंडस्ट्री की जरूरतें पूरी कर सकें। इसमें हम ग्लोबल एक्सपर्ट्स से मदद लेकर ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे युवा वर्ल्ड लेवल पर कंपीट कर सकें। इन सब प्रयासों में हमारी इंडस्ट्री और academia की सबसे बड़ी भूमिका है। इंडस्ट्री और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स एक दूसरे की जरूरतों को समझें और उन्हें पूरा करें। युवाओं को तेजी से बदलती दुनिया के साथ चलने का मौका मिले, उनको exposure मिले, उन्हें practical learning के लिए platform मिलें। इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर्स को एक साथ आना होगा। हमने युवाओं को नए अवसर और practical skills देने के लिए PM-internship scheme शुरू की है। इस योजना में, हर स्केल पर, ज्यादा से ज्यादा उद्योगों की भागीदारी हो, हमें ये सुनिश्चित करना ही है।

साथियों,

हमने इस बजट में 10 हजार अतिरिक्त मेडिकल सीटों की घोषणा की है। हम अगले 5 सालों में मेडिकल लाइन में 75 हजार, seventy five thousand सीटें जोड़ने का टारगेट लेकर चल रहे हैं। सभी Primary Health Centres, टेली-मेडिसिन सुविधा का विस्तार, इन सब क्षेत्रों में हो रहा है। डे-केयर कैंसर सेंटर और digital healthcare infrastructure के जरिए, हम quality healthcare को लास्ट माइल तक पहुंचाना चाहते हैं। आप कल्पना कर सकते हैं, इससे लोगों के जीवन में कितना बड़ा परिवर्तन आएगा। इससे युवाओं के लिए रोजगार के भी अनेक नए अवसर बनेंगे। इन्हें जमीन पर उतारने के लिए आपको उतनी ही तेजी से काम करना है। तभी हम बजट घोषणाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा पाएंगे।

साथियों,

पिछले 10 वर्षों में हमने economy में investment को भी futuristic सोच के साथ देखा है। आप जानते हैं, 2047 तक भारत की शहरी आबादी लगभग 90 करोड़ तक हो जाने का अनुमान है। इतनी बड़ी आबादी के लिए planned urbanization की जरूरत है। इसके लिए, हमने 1 लाख करोड़ रुपए का Urban Challenge Fund बनाने की पहल की है। इससे governance, infrastructure और financial sustainability पर फोकस किया जाएगा, और private investment भी बढ़ेगा। हमारे शहर Sustainable urban mobility, digital integration और Climate Resilience Plan के लिए जाने जाएंगे। हमारे प्राइवेट सेक्टर को, खासकर रियल स्टेट और इंडस्ट्री को planned urbanization पर फोकस करना चाहिए, उसे और आगे बढ़ाना चाहिए। अमृत ​​2.0 और जल जीवन मिशन जैसे अभियानों को भी आगे बढ़ाने के लिए सभी को साथ काम करना है।

साथियों,

आज जब हम अर्थव्यवस्था में निवेश की बात कर रहे हैं, तो हमें पर्यटन की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पर्यटन सेक्टर का हमारी जीडीपी में योगदान 10 परसेंट तक होने की संभावना है। इस सेक्टर में करोड़ों युवाओं को रोजगार देने की क्षमता है। इसलिए, इस बजट में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय टूरिज़्म को बढ़ावा देने के लिए कई फैसले लिए गए हैं। देश भर में 50 destinations को टूरिज्म पर फोकस करते हुए विकसित किया जाएगा। इन destinations में होटलों को infrastructure का दर्जा दिए जाने से Ease of Tourism बढ़ेगा, स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। होम-स्टे के लिए मुद्रा योजना का दायरा भी बढ़ाया गया है। 'Heal in India' और 'Land of the Buddha' इस अभियान के माध्यम से दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। भारत एक ग्लोबल स्तर का tourism and wellness hub बने इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

साथियों,

जब हम पर्यटन की बात करते हैं, तो इसमें होटल इंडस्ट्री, ट्रांसपोर्ट सेक्टर के अलावा पर्यटन में दूसरे सेक्टर के लिए भी नए अवसर हैं। इसलिए मैं कहूंगा, हमारे हेल्थ सेक्टर के स्टेकहोल्डर्स हेल्थ टूरिज़्म को प्रमोट करने के लिए invest करें, ये opportunity grab कीजिए आप। योगा और वेलनेस टूरिज़्म के पूरे potential को भी हमें इस्तेमाल करना चाहिए। एजुकेशन टूरिज़्म में भी हमारे पास काफी स्कोप है। मैं चाहूंगा, इस दिशा में विस्तार से चर्चा हो, और एक स्ट्रॉन्ग रोडमैप के साथ इस दिशा में आगे बढ़ा जाए।

साथियों,

देश का भविष्य इनोवेशन में किए जा रहे निवेश से निर्धारित होता है। भारत की अर्थव्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कई लाख करोड़ रुपए की ग्रोथ दे सकती है। इसलिए, हमें इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ना है। इस बजट में AI-driven education और रिसर्च के लिए 5 सौ करोड़ आवंटित किए गए हैं। भारत AI की क्षमताओं को विकसित करने के लिए National Large Language Model की स्थापना भी करेगा। इस दिशा में हमारे प्राइवेट सेक्टर को भी दुनिया से एक कदम आगे रहने की जरूरत है। एक reliable, safe और democratic देश, जो AI में economical solutions दे सके, विश्व को उसका इंतज़ार है। आप इस सेक्टर में अभी जितना इन्वेस्ट करेंगे, भविष्य में उतना ही advantage आपको मिलेगा।

साथियों,

भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस बजट में कई कदम उठाए हैं। रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का corpus fund पास किया गया है। इससे डीप टेक फंड ऑफ फंड्स के साथ उभरते सेक्टर्स में निवेश बढ़ेगा। IIT और IISc में 10 हजार रिसर्च फेलोशिप की व्यवस्था बनाई गई है। इससे रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा, प्रतिभाशाली युवाओं को मौका मिलेगा। National Geo-spatial Mission और अनुसंधान National Research Foundation के माध्यम से इनोवेशन को गति मिलेगी। भारत को रीसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए हमें हर स्तर पर मिलकर काम करना होगा।

साथियों,

ज्ञान भारतम मिशन, और मैं आशा करता हूं, इस शब्द में आप सब आगे आए, ज्ञान भारतम मिशन के माध्यम से भारत की समृद्ध manuscript heritage को संरक्षित करने की घोषणा बहुत ही अहम है। इस मिशन के माध्यम से एक करोड़ से अधिक manuscript पांडुलिपियों को डिजिटल फॉर्म में बदला जाएगा। जिसके बाद एक नेशनल डिजिटल रिपॉजिटरी बनाई जाएगी, जिससे दुनियाभर के स्कॉलर्स और रिसर्चर्स भारत के historical और traditional knowledge और wisdom को जान सकें। सरकार द्वारा, भारत के plant genetic resources को संरक्षित करने के लिए National Gene bank की स्थापना की जा रही है। हमारी इस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए genetic resources और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। हमें इस तरह के प्रयासों का दायरा बढ़ाना होगा। हमारे अलग-अलग institutes और सेक्टर्स को इन प्रयासों में भागीदार बनना चाहिए।

साथियों,

फरवरी में ही भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर IMF के शानदार observations भी हम सबके सामने हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2015 से 2025 के बीच…..2015 से 2025 के बीच, इन 10 वर्षों में भारत की इकोनॉमी ने sixty six percent की, यानी 66 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है। भारत अब 3.8 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बन गया है। ये ग्रोथ कई बड़ी economies से भी ज्यादा है। वो दिन दूर नहीं जब भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनेगा। हमें सही दिशा में, सही निवेश करते हुए आगे बढ़ना है, अपनी अर्थव्यवस्था का इसी तरह विस्तार करना है। और इसमें बजट घोषणाओं के Implementation की भी बड़ी भूमिका है, आप सभी की अहम भूमिका है। आप सभी को मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। और मुझे पूरा विश्वास है कि पिछले कुछ वर्षों से बजट घोषित कर-करके, आप अपना कर लो, हम हमारा कर लें, वो परंपरा हमने तोड़ दी है। बजट बनाने से पहले भी आपके साथ बैठते हैं, बजट बनने के बाद भी, घोषित करने के बाद भी, जो चीजें सामने आती हैं, उसको इंप्लीमेंट करने के लिए भी हम आपके साथ बैठते हैं। शायद जन-भागीदारी का ये मॉडल बहुत रेयर होता है। और मुझे खुशी है कि लगातार, प्रतिवर्ष इस एक मंथन के कार्यक्रम को बल भी मिल रहा है, उत्साह से लोग भी जुड़ रहे हैं, और हर एक को लगता है कि बजट के पूर्व जितनी बातें हम करते हैं, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण बातें बजट के बाद इंप्लीमेंटेशन में उपयोगी होती है। मुझे विश्वास है, हम सबका ये सामूहिक मंथन हमारे सपनों को, 140 करोड़ देशवासियों के सपनों को पूर्ण करने में बहुत बड़ा रोल प्ले करेंगे। मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं।

धन्यवाद।

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PM to disburse incentives worth around ₹2,400 crore under PM-VBRY on 19 June
June 17, 2026
First-Time Employees to Receive Incentive of up to ₹15,000
To encourage sustained job creation, Employers eligible for Incentive of up to ₹3,000 per Month per Additional Employee
PM-VBRY is designed to facilitate Job Creation, Formalisation of Employment and Expansion of Social Security Coverage
Scheme has already Facilitated Employment for 15 Lakh Beneficiaries Across the Country

Prime Minister Shri Narendra Modi will disburse incentives worth around ₹2,400 crore under the Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana (PM-VBRY) at a special programme to be held on 19 June 2026 at 5 PM at Vigyan Bhawan, New Delhi.

The disbursal marks a significant milestone in the implementation of PM-VBRY, the Government of India’s flagship employment-linked incentive scheme aimed at accelerating job creation, promoting formalisation of employment, enhancing employability, and expanding social security coverage across sectors. The scheme has already supported the creation of 15 lakh employment opportunities across the country.

PM-VBRY is designed to encourage both workers and employers to participate in the formal economy. Under the scheme, first-time employees are eligible for an incentive of up to ₹15,000, providing crucial support as they enter the workforce. Employers generating additional employment are eligible for incentives of up to ₹3,000 per month per additional employee, thereby encouraging sustained job creation. Recognising the strategic importance of manufacturing in driving economic growth, employers in the manufacturing sector are eligible to receive incentives for a period of four years, while employers in all other sectors can avail incentives for two years.

The scheme reflects the Government’s commitment to fostering an enabling ecosystem for employment-led growth and ensuring that the benefits of India’s economic progress translate into quality formal employment opportunities for its youth.

PM-VBRY came into effect on 1 August 2025. With a total outlay of ₹99,446 crore, the scheme aims to incentivise the creation of more than 3.5 crore jobs over a two-year period. Of these, approximately 1.92 crore beneficiaries are expected to be first-time entrants into the workforce. By supporting both employees and employers, the scheme is playing a transformative role in expanding formal employment, strengthening social security coverage, and advancing the vision of a Viksit Bharat.