महामारी के खिलाफ लड़ाई में प्रयासों के लिए काशी और उत्तर प्रदेश की सराहना की
काशी पूर्वांचल का बड़ा मेडिकल हब बनता जा रहा है: प्रधानमंत्री
स्वच्छता और मां गंगा तथा काशी की सुंदरता एक आकांक्षा और प्राथमिकता है: प्रधानमंत्री
क्षेत्र में 8000 करोड़ की योजनाओं के लिए काम चल रहा है: प्रधानमंत्री
उत्तर प्रदेश तेजी से देश के अग्रणी निवेश स्थान के रूप में उभर रहा है: प्रधानमंत्री
कानून का शासन और विकास पर ध्यान केंद्रित करने से उत्तर प्रदेश के लोगों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो रहा हैः प्रधानमंत्री
उत्तर प्रदेश की जनता को वायरस के खिलाफ सतर्क रहने की याद दिलाई

भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय। हर-हर महादेव!

लंबे समय बाद आप सब लोगन से सीधा मुलाकात का अवसर मिल लहौ। काशी के सभी लोगन के प्रणाम ! हम समस्त लोक के दुख हरे वाले भोलेनाथ, माता अन्नपूर्णा के चरण में भी शीश झुकावत हई !

यूपी की राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेलजी, यूपी के यशस्वी, ऊर्जावान और कर्मठ मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी, यूपी सरकार के मंत्रिगण, विधायकगण और बनारस के मेरे भाइयों और बहनों,

आज काशी के विकास से जुड़े 15 सौ करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण करने का अवसर मुझे मिला है। बनारस के विकास के लिए जो कुछ भी हो रहा है, वो सब कुछ महादेव के आशीर्वाद और बनारस की जनता के प्रयास से ही जारी है। मुश्किल समय में भी काशी ने दिखा दिया है कि वो रुकती नहीं है, वो थकती नहीं है।

बहनों और भाइयों,

बीते कुछ महीने हम सभी के लिए, पूरी मानव जाति के लिए बहुत मुश्किल भरे रहे हैं। कोरोना वायरस के बदलते हुए और खतरनाक रूप ने पूरी ताकत के साथ हमला किया। लेकिन काशी सहित, यूपी ने पूरे सामर्थ्य के साथ इतने बड़े संकट का मुकाबला किया। देश का सबसे बड़ा प्रदेश, जिसकी आबादी दुनिया के दर्जनों बड़े-बड़े देशों से भी ज्यादा हो, वहां कोरोना की दूसरी वेव को जिस तरह यूपी ने संभाला, सेकेंड वेव के दौरान यूपी ने जिस तरह कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका, वो अभूतपूर्व है। वरना यूपी के लोगों ने वो दौर भी देखा है जब दिमागी बुखार, इन्सेफ्लाइटिस जैसी बीमारियों का सामना करने में यहां कितनी मुश्किलें आती थीं।

पहले के दौर में, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और इच्छा-शक्ति के अभाव में छोटे-छोटे संकट भी यूपी में विकराल हो जाते थे। और ये तो 100 साल में पूरी दुनिया पर आई सब से बड़ी आफत है, सबसे बड़ी महामारी है। इसलिए कोरोना से निपटने में उत्तर प्रदेश के प्रयास उल्लेखनीय हैं। मैं काशी के अपने साथियों का, यहां शासन-प्रशासन से लेकर कोरोना योद्धाओं की संपूर्ण टीम का विशेष रूप से आभारी हूं। आपने दिन-रात जुटकर जिस प्रकार काशी में व्यवस्थाएं खड़ी कीं, वो बहुत बड़ी सेवा है।

मुझे याद है कि आधी रात में भी जब मैं यहां व्यवस्था में जुटे लोगों को फोन करता था, तो वो मोर्चे पर तैनात मिलते थे। कठिन समय था, लेकिन आपने प्रयासों में कोई कमी नहीं छोड़ी। आप सभी के ऐसे ही कार्यों का नतीजा है कि आज यूपी में हालात फिर संभलने लगे हैं।

आज यूपी, कोरोना की सबसे ज्यादा टेस्टिंग करने वाला राज्य है। आज यूपी, पूरे देश में सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन करने वाला राज्य है। सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन अभियान के माध्यम से, गरीब, मध्यम वर्ग, किसान-नौजवान, सभी को सरकार द्वारा मुफ्त वैक्सीन लगाई जा रही है।

बहनों और भाइयों,

साफ-सफाई और स्वास्थ्य से जुड़ा जो इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी में तैयार हो रहा है वो भविष्य में भी कोरोना से लड़ाई में बहुत मदद करने वाले हैं। आज यूपी में गांव के स्वास्थ्य केंद्र हों, मेडिकल कॉलेज हो, एम्स हो, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व सुधार हो रहा है। 4 साल पहले तक जहां यूपी में दर्जन भर मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे, उनकी संख्या अब करीब 4 गुना हो चुकी है। बहुत सारे मेडिकल कॉलेजों का निर्माण अपने अलग-अलग चरणों में हैं। अभी यूपी में करीब साढ़े 5 सौ ऑक्सीजन प्लांट्स बनाने का काम भी तेज़ी से चल रहा है। आज बनारस में ही 14 ऑक्सीजन प्लांट्स का यहां लोकार्पण भी किया गया। हर जिले में बच्चों के लिए विशेष ऑक्सीजन और ICU जैसी सुविधाएं निर्मित करने का जो बीड़ा यूपी सरकार ने उठाया है, वो भी सराहनीय है। कोरोना से जुड़ी नई स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्माण के लिए हाल में केंद्र सरकार ने 23 हज़ार करोड़ रुपए का विशेष पैकेज घोषित किया है। इसका भी बहुत बड़ा लाभ यूपी को होने वाला है।

साथियों,

काशी नगरी आज पूर्वांचल का बहुत बड़ा मेडिकल हब बन रही है। जिन बीमारियों के इलाज के लिए कभी दिल्ली और मुंबई जाना पड़ता था, उनका इलाज आज काशी में भी उपलब्ध है। यहां मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में आज कुछ कड़ियां और जुड़ रही हैं। आज महिलाओं और बच्चों की चिकित्सा से जुड़े नए अस्पताल काशी को मिल रहे हैं। इनमें से 100 बेड की क्षमता BHU में और 50 बेड जिला अस्पताल में जुड़ रहे हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास का सौभाग्य मुझे मिला था, अब आज इनका लोकार्पण भी हो रहा है। BHU में जो ये नई सुविधा बनीहैं, थोड़ी देर बाद मैं उसे देखने के लिए भी जाने वाला हूं। साथियों, आज BHU में क्षेत्रीय नेत्र संस्थान का भी लोकार्पण किया गया है। इस संस्थान में लोगों को आंखों से जुड़ी बीमारियों का आधुनिक इलाज मिल पाएगा।

भाइयों और बहनों,

बीते सात सालों में काशी, अपनी मौलिक पहचान बनाए रखते हुए भी विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। पूरे क्षेत्र में, चाहे वो नेशनल हाईवे का काम हों, फ्लाई ओवर हों या रेलवे ओवरब्रिज हो या चाहे तारों का जंजाल दूर करने के लिए पुरानी काशी में अंडर ग्राउंड वायरिंग का सिस्टम हो, पेयजल और सीवर की समस्याओं का निदान हो, पर्यटन को बढ़ाने के लिए विकास कार्य हो, सभी में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। इस समय भी इस क्षेत्र में लगभग 8 हज़ार करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। नए प्रोजेक्ट, नए संस्थान काशी की विकास गाथा को और जीवंत बना रहे हैं।

साथियों,

काशी की, मां गंगा की, स्वच्छता और सुंदरता, हम सभी की आकांक्षा भी है और प्राथमिकता भी है। इसके लिए सड़क हो, सीवेज ट्रीटमेंट हो, पार्कों और घाटों का सुंदरीकरण हो, ऐसे हर मोर्चे पर काम हो रहा है। पंचकोशी मार्ग का चौड़ीकरण पूरा होने से श्रद्धालुओं को भी सुविधा होगी और इस मार्ग पर पड़ने वाले दर्जनों गांवों का जीवन भी आसान बनेगा। वाराणसी-गाज़ीपुर मार्ग पर जो सेतु है, उसके खुलने से वाराणसी के अलावा प्रयागराज, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर और बिहार आने-जाने वालों को भी बहुत आसानी होगी। गौदौलिया में मल्टीलेवल टूव्हीलर पार्किंग बनने से कितनी ‘किचकिच’ कम होगी, ये बनारस के लोगों को भली-भांति पता है। वहीं लहरतारा से चौका घाट फ्लाइओवर के नीचे भी पार्किंग से लेकर दूसरी जनसुविधाओं का निर्माण बहुत जल्द पूरा हो जाएगा। बनारस की, यूपी की, किसी भी बहन को, किसी भी परिवार को शुद्ध जल के लिए परेशान ना होना पड़े, इसके लिए ’हर घर जल अभियान’ पर भी तेजी से काम हो रहा है।

साथियों,

बेहतर सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी, सुंदर होती गलियां और घाट, ये चिर-पुरातन काशी की नूतन अभिव्यक्ति हैं। शहर के 700 से ज्यादा स्थानों पर एडवांस सर्विलांस कैमरा लगाने का काम भी तेज़ी से जारी है। शहर में जगह-जगह लग रही बड़ी-बड़ी LED स्क्रीन्स और घाटों पर लग रहे टेक्नॉलॉजी से लैस इन्फॉर्मेशन बोर्ड, ये काशी आने वालों की बहुत मदद करेंगे। काशी के इतिहास, वास्तु, शिल्प, कला, ऐसी हर जानकारी को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने वाली ये सुविधाएं श्रद्धालुओं के काफी काम आएंगी। बड़ी स्क्रीन्स के माध्यम से गंगाजी के घाट पर और काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाली आरती का प्रसारण पूरे शहर में संभव हो पाएगा।

भाइयों और बहनों,

आज से जो रो-रो सेवा और क्रूज़ बोट का संचालन शुरु हुआ है, इससे काशी का टूरिज्म सेक्टर और फलने-फूलने वाला है। यही नहीं मां गंगा की सेवा में जुटे हमारे नाविक साथियों को भी बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। डीजल नावों को CNG में बदला जा रहा है। इससे उनका खर्च भी कम होगा, पर्यावरण को भी लाभ होगा और पर्यटक भी आकर्षित होंगे। इसके बाद मैं थोड़ी देर में रुद्राक्ष के रूप में इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर को भी काशीवासियों को सौंपने जा रहा हूं। काशी से विश्वस्तरीय साहित्यकार, संगीतकार एवं अन्य कलाओं के कलाकारों ने विश्व स्तर पर धूम मचाई है। लेकिन काशी में ही उनकी कलाओं के प्रदर्शन के लिए कोई विश्वस्तरीय सुविधा नहीं थी। आज मुझे खुशी है कि काशी के कलाकारों-आर्टिस्टों को अपनी विधा दिखाने के लिए, अपनी कला दिखाने के लिए, एक आधुनिक मंच मिल रहा है।

साथियों,

काशी के पुरातन वैभव की समृद्धि, ज्ञान की गंगा से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में काशी का आधुनिक ज्ञान और विज्ञान के केंद्र के रूप में भी निरंतर विकास ज़रूरी है। योगी जी की सरकार आने के बाद इस दिशा में जो प्रयास हो रहे थे, उनमें और तेजी आई है। आज भी मॉडल स्कूल, ITI , पॉलिटेक्‍नीक, ऐसे अनेक संस्थान और नई सुविधाएं काशी को मिली हैं। आज सीपेट के Centre for Skilling & Technical Support की जो आधार शिला रखी गई है, ये काशी ही नहीं पूर्वांचल के औद्योगिक विकास को भी ऊर्जा देगा। ऐसे संस्थान आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए कुशल युवाओं के प्रशिक्षण में काशी की भूमिका को और मजबूत करेंगे। मैं बनारस के युवाओं को, विद्यार्थियों को सीपेट सेंटर के लिए विशेष रूप से बधाई देता हूं।

भाइयों और बहनों,

आज दुनिया के अनेक बड़े-बड़े निवेशक आत्मनिर्भर भारत के महायज्ञ से जुड़ रहे हैं। इसमें भी उत्तर प्रदेश, देश के अग्रणी इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। कुछ साल पहले तक जिस यूपी में व्यापार-कारोबार करना मुश्किल माना जाता था, आज मेक इन इंडिया के लिए यूपी पसंदीदा जगह बन रहा है।

इसका एक बड़ा कारण है यूपी में योगी जी की सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में आए अभूतपूर्व सुधार से यहां का जीवन तो आसान हो ही रहा है, कारोबार करने में भी अधिक सुविधा हो रही है। यूपी के कोने-कोने को चौड़ी और आधुनिक सड़कों- एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम यहां तेज़ी से चल रहा है। डिफेंस कॉरिडोर हो, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे हो या बुंदेलखंड एक्सप्रेस- वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे हो या गंगा एक्सप्रेसवे, ये इस दशक में उत्तर प्रदेश के विकास को नई बुलंदी देने वाले हैं। इन पर सिर्फ गाड़ियां ही नहीं चलेंगी बल्कि इनके इर्द-गिर्द आत्मनिर्भर भारत को ताकत देने वाले नए औद्योगिक क्लस्टर भी तैयार होंगे।

भाइयों और बहनों,

आत्मनिर्भर भारत में हमारी खेती से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि आधारित उद्योगों की भी बड़ी भूमिका होने वाली है। हाल में ही केंद्र सरकार ने कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के सशक्तिकरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। देश में आधुनिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जो 1 लाख करोड़ रुपए का विशेष फंड बनाया गया है, उसका लाभ अब हमारी कृषि मंडियों को भी मिलेगा। ये देश की कृषि मंडियों के तंत्र को आधुनिक और सुविधा संपन्न बनाने की तरफ एक बड़ा कदम है। सरकारी खरीद से जुड़े सिस्टम को बेहतर बनाना और किसानों को अधिक विकल्प देना, ये सरकार की प्राथमिकता है। इस बार धान और गेहूं की रिकॉर्ड सरकारी खरीद इसी का परिणाम है।

साथियों,

कृषि से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी यूपी में निरंतर काम चल रहा है। वाराणसी हो, पूर्वांचल हो, यहां पैरिशेबल कार्गो सेंटर, इंटरनेशनल राइस सेंटर जैसी अनेक आधुनिक व्यवस्थाएं आज किसानों के काम आ रही हैं। ऐसे ही अनेक प्रयासों के कारण हमारा लंगड़ा और दशहरी आम आज यूरोप से लेकर खाड़ी देशों में अपनी मिठास भर रहा है। आज जिस मैंगो एंड वैजिटेबल इंटिग्रेटेड पैक हाउस का शिलान्यास किया गया है, वो इस क्षेत्र को एग्रो एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने में मदद करेगा। इससे विशेष रूप से छोटे किसानों, जो फल-सब्ज़ी उगाते हैं, उनको सबसे अधिक लाभ होगा।

साथियों,

काशी और पूरे यूपी के विकास के इतने सारे कामों की चर्चा मैं इतनी देर से कर रहा हूँ, लेकिन ये लिस्ट इतनी लंबी है कि इतनी जल्दी खत्म नहीं होगी। जब समय का अभाव होता है तो मुझे भी कई बार सोचना पड़ता है कि यूपी के कौन से विकास कार्यों की चर्चा करूँ, कौन से कार्यों की चर्चा छोड़ दूं! ये सब योगी जी के नेतृत्व और यूपी सरकार की कार्यनिष्ठा का कमाल है।

भाइयों और बहनों,

ऐसा नहीं है कि 2017 से पहले यूपी के लिए योजनाएँ नहीं आती थीं, पैसा नहीं भेजा जाता था! तब भी 2014 में हमें सेवा करने का मौका मिला तब भी दिल्ली से इतने ही तेज प्रयास होते थे। लेकिन तब लखनऊ में उनमें रोड़ा लग जाता था। आज योगी जी खुद कड़ी मेहनत कर रहे हैं। काशी के लोग तो देखते ही हैं कैसे योगी जी लगातार यहाँ आते हैं, एक-एक विकास योजना की समीक्षा करते हैं, खुद ऊर्जा लगाकर कामों को गति देते हैं। ऐसी ही मेहनत ये पूरे प्रदेश के लिए करते हैं। हर एक जिले में जाते हैं, हर एक काम के साथ खुद लगते हैं। यही वजह है कि यूपी में बदलाव के ये प्रयास आज एक आधुनिक यूपी बनाने में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

आज यूपी में कानून का राज है। माफियाराज और आतंकवाद, जो कभी बेकाबू हो रहे थे, उन पर अब कानून का शिकंजा है। बहनों-बेटियों की सुरक्षा को लेकर माँ-बाप हमेशा जिस तरह डर और आशंकाओं में जीते थे, वो स्थिति भी बदली है। आज बहन बेटियों पर आँख उठाने वाले अपराधियों को पता है कि वो कानून से बच नहीं पाएंगे। एक और बड़ी बात, यूपी में सरकार आज भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से नहीं विकासवाद से चल रही है। इसीलिए, आज यूपी में जनता की योजनाओं का लाभ सीधा जनता को मिल रहा है। इसीलिए, आज यूपी में नए-नए उद्योगों का निवेश हो रहा है, रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

साथियों,

विकास और प्रगति की इस यात्रा में यूपी के हर एक नागरिक का योगदान है, इसमें जन-जन की भागीदारी है। आपका ये योगदान, आपका ये आशीर्वाद यूपी को विकास की नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएगा। एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी आपकी ये भी है कि आपको कोरोना को फिर से हावी नहीं देना है।

क्योंकि, कोरोना संक्रमण की दर धीमी ज़रूर हुई है, लेकिन लापरवाही बढ़ी तो ये प्रचंड लहर में बदल भी सकती है। दुनिया के कई देशों के ये अनुभव आज हमारे सामने है। इसलिए हमें सारे नियम-कायदों का सख्ती से पालन करते रहना है। सबको वैक्सीन-मुफ्त वैक्सीन-इस अभियान से भी हम सभी को जुड़ना है। टीका ज़रूर लगवाना है। बाबा विश्वनाथ और मां गंगा का आशीर्वाद हम सब पर बना रहे। इसी कामना के साथ आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद !

हर-हर महादेव !!

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Prime Minister shares Sanskrit Subhashitam emphasising on sacred Earth as a source of strength to the nation
March 10, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, shared a Sanskrit Subhashitam emphasising on sacred Earth as a source of strength to the nation:

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”

The Subhashitam conveys that, the Earth, which is filled with water within the oceans, and surrounded by water outside, which thoughtful scholars have understood through their wisdom, and whose heart is covered by the eternal truth in the vast sky – may that earth, sustain our energy and strength in a noble nation.

The Prime Minister wrote on X;

“यार्णवेऽधि सलिलमग्र आसीद्यां मायाभिरन्वचरन्मनीषिणः।

यस्या हृदयं परमे व्योमन्त्सत्येनावृतममृतं पृथिव्याः।

सा नो भूमिस्त्विषिं बलं राष्ट्रे दधातूत्तमे॥”