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“काशी ने अब एक ऐसी तस्वीर दिखाई है जिसमें विरासत भी है और विकास भी”
“मेरी काशी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का एक उत्कृष्ट उदाहरण है”
“काशी के नागरिकों ने पूरे देश को संदेश दे दिया है कि शॉर्ट-कट से देश का भला नहीं हो सकता”
“सरकार ने हमेशा गरीबों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है, उनके सुख-दुख में उनका साथ देने का प्रयास किया है”
“हमारे लिए, विकास का अर्थ सिर्फ चमक-दमक नहीं है; हमारे लिए विकास का अर्थ है गरीबों, दलितों, वंचितों, पिछड़ों, आदिवासियों, माताओं – बहनों का सशक्तिकरण”


हर हर महादेव।

काशी में कहल जाला की इहवां सात वार और नौ त्यौहार होला। कहले का मतलब इ हौ, की इहवां रोज-रोज नया-नया त्यौहार मनावल जाला। आज के एही प्रसंग में यहां जुटल आप सब लोगन के प्रणाम ह!

उत्तर प्रदेश की गवर्नर आनंदीबेन पटेल जी, यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, मंच पर उपस्थित यूपी सरकार के मंत्रीगण, सांसदगण, सभी विधायक, और बनारस के मेरे भाइयों और बहनों,

मैं सबसे पहले तो आप सबका हृदय से धन्यवाद करना चाहता हूं। विधानसभा के चुनाव के समय मैं आप सबके बीच आया था और उत्‍तर प्रदेश में दोबारा सरकार बनाने के लिए आप सबकी मदद मांगी थी। लेकिन आप, उत्तर प्रदेश के लोगों ने और मेरी काशी के लोगों ने जो समर्थन दिया, जो उमंग और उत्साह के साथ मेरा साथ दिया, इसलिए मैं आज जब चुनाव के बाद पहली बार आपके बीच आया हूं, आदरपूर्वक काशीवासियों का, उत्‍तर प्रदेश वासियों का हृदय से धन्यवाद करता हूं उनका अभिनंदन करता हूं।

दिव्‍य, भव्‍य, नव्‍य काशी में पिछले आठ वर्षों से विकास का जो उत्सव चल रहा है, आज उसको हम एक बार फिर गति दे रहे हैं। काशी हमेशा से जीवंत, निरंतर प्रवाहमान रही है। अब काशी ने एक तस्वीर पूरे देश को दिखाई है जिसमें विरासत भी है और विकास भी है। ऐसी विरासत, जिसे भव्य, दिव्य और नव्‍य बनाने का काम निरंतर जारी है। ऐसा विकास जो काशी की सड़कों-गलियों, कुंड-तालाबों, घाटों और पाटों, रेलवे स्टेशन से लेकर एयरपोर्ट तक में निरंतर गतिमान है।

काशी में एक प्रोजेक्ट खत्म होता है, तो चार नए प्रोजेक्ट शुरू होते हैं। आज भी यहां 1700 करोड़ रुपए से अधिक के दर्जनों प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। काशी में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और सुंदरीकरण से जुड़ी हज़ारों करोड़ रुपए की परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। हजारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स, उन पर काम यहां लगातार जारी है।

भाइयों और बहनों,

काशी की आत्मा अविनाशी है, लेकिन काया में हम निरंतर नवीनता लाने के लिए जी-जान से प्रयास कर रहे हैं। हमारा विकास काशी को और ज्यादा गतिशील, प्रगतिशील और संवेदनशील बनाने का है। काशी का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर गतिशीलता को बढ़ा रहा है। शिक्षा, कौशल, पर्यावरण, स्वच्छता, व्यापार के लिए जब प्रोत्साहन मिलता है, नए संस्थान बनते हैं, आस्था और आध्यात्म से जुड़े पवित्र स्थानों की दिव्यता को आधुनिक भव्यता से जोड़ा जाता है, तब विकास प्रगतिशील होता है। जब गरीबों को घर, बिजली, पानी, गैस, टॉयलेट जैसी सुविधाएं मिलती हैं, नाविकों, बुनकरों-हस्तशिल्पियों, रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बेघरों तक सभी को लाभ मिलता है, तब विकास संवेदनशील होता है।

आज इस कार्यक्रम के दौरान जो लोकार्पण और शिलान्यास हुए, उनमें गतिशीलता, प्रगतिशीलता, और संवेदनशीलता, तीनों की झलक है। मेरी काशी, सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का बेहतरीन उदाहरण है।

भाइयों और बहनों,

आपने मुझे अपना सांसद बनाकर भी सेवा का मौका दिया है। इसलिए जब आप लोग कुछ अच्छा काम करते हैं, तो मुझे दोगुनी खुशी हो जाती है, मेरा आनंद और बढ़ जाता है। काशी के जागरूक नागरिकों ने जिस तरह देश को दिशा देने वाला काम किया है, उसे देखकर मैं बहुत आनंदित हूं। काशी के नागरिकों ने पूरे देश को संदेश दिया है कि शॉर्ट-कट से देश का भला नहीं हो सकता। कुछ नेताओं का भला हो जाए, न देश का भला होता है न जनता का भला होता है।

मुझे याद है 2014 में आने के बाद काशी में बाहर से आने वाले लोग सवाल करते थे कि यहां इतना कुछ अव्यवस्थित है, ये सब ठीक कैसे होगा, यही लोग पूछते थे ना? उनकी चिंता सही भी थी। बनारस में जिधर नजर डालो, वहां सुधार की, बदलाव की गुंजाइश नजर आती थी। साफ लगता था कि बनारस की स्थिति सुधारने के लिए दशकों से कोई काम हुआ ही नहीं है। अब ऐसे में किसी और के लिए शॉर्ट-कट चुनना बहुत आसान था। लोगों को ये दे दो, वो दे दो, इससे ज्यादा उसकी सोच जा ही नहीं पाती। कौन इतनी मेहनत करे, कौन अपना सिर खपाए, कौन पसीना बहाए।

लेकिन मैं बनारस के लोगों की दाद दूंगा कि उन्होंने सही रास्ता दिखाया, सही रास्ता चुना। उन्होंने दो टूक कह दिया कि काम ऐसे हों, जो वर्तमान तो ठीक करें ही, भविष्य में भी कई-कई दशकों तक बनारस को लाभ पहुंचाएं।

मेरे प्‍यारे काशीवासी भाइयो-बहनों,

मुझे बताइए जो काम हो रहा है वो भविष्‍य के लिए भी काम आने वाला है ना? आने वाली पीढ़ियों को भी काम आने वाला है ना? यहां के युवाओं के भविष्य को उज्‍ज्‍वल बनाने वाला है ना? सारे हिन्‍दुस्‍तान को काशी की तरफ खींच लाएगा कि नहीं लाएगा? सारा हिन्‍दुस्‍तान काशी देखने आएगा कि नहीं आएगा?

साथियो,

आज हम देख रहे हैं कि जब दूरगामी प्लानिंग होती है, तो किस तरह नतीजे भी निकलते हैं। बीते आठ वर्षों में काशी का इंफ्रास्ट्रक्चर, कहां से कहां पहुंच गया है। इससे किसान हो, मजदूर हो, व्यापारी हो, सभी को लाभ हो रहा है। व्यापार बढ़ रहा है, कारोबार बढ़ रहा है, टूरिज्म में विस्तार हो रहा है।

रिक्‍शा वाला भी कह रहा है साहब दिनभर इतना काम मिल रहा है। व्‍यापारी कहता है साहब, छह-छह महीने का माल एक महीने में बिक जाता है। हो रहा है कि नहीं हो रहा है? तेजी आई है कि नहीं आई है? और ये जो सड़कें बन रही हैं, ये जो गरीबों के घर बन रहे हैं, जो पाइप लाइन बिछ रही हैं, इनमें जो सामान लगता है, उससे सीमेंट, स्टील, और निर्माण से जुड़े दूसरे उद्योगों का, छोटे-मोटे दुकानदारों का उनका भी बिजनेस बढ़ रहा है। यानी ये वाराणसी और इस पूरे क्षेत्र में रोजगार का भी एक बहुत बड़ा माध्यम बन रहा है।

बनारस के लोग जिस दूरगामी सोच पर चले, आज उसका लाभ पूरे क्षेत्र को हो रहा है। आज काशी के चारों तरफ देखें तो रिंग रोड, चौड़े नेशनल हाईवे हों, बाबतपुर सिटी लिंक रोड हो, आशापुर ROB, चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर, महमूरगंज-मंडवाडी फ्लाईओवर, ये सब बनारस के लोगों का जीवन कितना आसान बना रहे हैं। रेल ओवर ब्रिज, वरुणा पर ब्रिज, जब बन जाएंगे, इनके बनने से ये सुविधा और बढ़ने वाली है।

आज काशी की 3 और सड़कों के चौड़ीकरण का काम शुरु हुआ है। इससे मऊ, आज़मगढ़, गाज़ीपुर, बलिया, भदोही, मिर्जापुर जैसे अनेक जनपदों से आना- जाना आसान होगा और काशी में जाम की परेशानी भी कम होगी।

भाइयों और बहनों,

शहरों की इन चौड़ी सड़कों को आसपास के गांवों से जोड़ने के लिए आज जनपद की 9 सड़कों का शिलान्यास भी हुआ है। इन सड़कों से बारिश के मौसम में जो मुश्किलें आस-पास के गांवों के किसानों, नौजवानों को शहर आने में होती हैं, वो दूर होंगी।

योगी जी की सरकार तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए चौड़ी सड़कों पर जो काम कर रही है वो काम भी बहुत सराहनीय है। आज सेवापुरी को बनारस से जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण पर भी काम शुरू हुआ है। ये जब पूरा हो जाएगा तो वाराणसी जनपद की सभी तहसील और ब्लॉक मुख्यालय 7 मीटर चौड़ी सड़कों से जुड़ जाएंगे।

भाइयों और बहनों,

अब सावन दरवाजे दिखा रहा है, पास आ गया है। दरवाजे खटखटाने लगा है सावन, सावन अब बहुत दूर नहीं है। देश और दुनिया से बाबा के भक्त भारी संख्या में काशी आने वाले हैं। विश्वनाथ धाम परियोजना पूरी होने के बाद ये पहला सावन उत्सव होगा। विश्वनाथ धाम को लेकर पूरी दुनिया में कितना उत्साह है ये आपने बीते महीनों में खुद अनुभव किया है।

मुझे बताया गया है कि गर्मी के मौसम के बावजूद भी इस बार रोजाना…और अभी योगीजी भी बता रहे थे, रोजाना लाखों श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन किए हैं। सावन के दौरान भी यहां बाबा के भक्तों को दिव्य और भव्य और नव्‍य काशी का भी अनुभव मिलेगा।

भाइयों और बहनों,

दुनियाभर के श्रद्धालुओं को, पर्यटकों को काशी में आस्था और आध्यात्म का निर्बाध अनुभव मिले, ये हम सभी का कमिटमेंट है। हमारे यहां पहले जब कोई तीर्थ यात्री आता था तो गांव में उसे लोग अपने घर बुलाकर खाना खिलाते थे, हर प्रकार से सेवा करते थे। हमारी काशी में भी पहले यही परम्‍परा थी, जो बाहर से लोग आते थे उनके यहां यजमान होते थे, उनको वो अपने घर में ही रख लेते थे, व्यवस्था करते थे। भावना ये थी कि श्रद्धालु को किसी तरह की असुविधा ना हो।

इसी भावना पर हमारी सरकार भी चल रही है। काशी भैरव यात्रा, नव-गौरी यात्रा, नवदुर्गा यात्रा, अष्टविनायक यात्रा, आस्था की ऐसी हर यात्रा सुगम हो, इसके लिए सरकार सुविधाओं का निर्माण कर रही है। पंचकोसी परिक्रमा के रास्ते में अनेक जगह विश्राम के लिए, पूजा-पाठ में सुगमता के लिए व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। काशी की पहचान, यहां की गलियों और घाटों को साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बनाना हो, या फिर गंगा जी को निर्मल बनाने का संकल्प हो, इस पर भी तेज गति से काम चल रहा है।

भाइयों और बहनों,

हमारे लिए विकास का अर्थ सिर्फ चमक-दमक नहीं है। हमारे लिए विकास का अर्थ है गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े, आदिवासी, माताएं-बहनें, इन सबका सशक्तिकरण। आज पीएम आवास योजना के तहत वाराणसी के 600 से अधिक गरीब परिवारों को अपना पक्का घर मिला है। यानी 600 नए लखपति बन गए। जिन साथियों के घर का सपना आज पूरा हुआ है, उनको बहुत-बहुत बधाई। और उन परिवार की माताओं-बहनों को विशेष बधाई। क्योंकि हमारी कोशिश रहती है कि घर बने तो मां-बहनों के नाम पर होना चाहिए और इसलिए उनको विशेष बधाई।

हर गरीब परिवार को पक्का घर देना और हर ग्रामीण परिवार को पाइप के पानी से जोड़ना, इन संकल्पों पर हम तेजी से काम कर रहे हैं। जल जीवन मिशन के तहत दर्जनों पानी की परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। इनसे हज़ारों परिवारों को, विशेष रूप से बहनों को इससे बहुत सुविधा होगी। निराश्रित माताओं, बहनों, बेटियों के लिए बने आश्रय गृह से भी सबका विकास की भावना सशक्त होगी।

भाइयों और बहनों,

ऐसा सर्वस्पर्शी, सर्वहितकारी विकास, और यही तो सुशासन है। आप देखिए, रेहड़ी-ठेले-पटरी पर छोटा-छोटा कारोबार करने वाले साथियों को कितनी मुश्किलें आती थीं। अब गोदौलिया से दशाश्वमेध के बीच गौरव पथ भी बना है, तो वहां अब दशाश्वमेध संकुल भी बनने जा रहा है। ये संकुल रेहड़ी-पटरी वालों को सुविधाओं के साथ अपनी दुकानदारी करने का अवसर देगा। चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर, इसके नीचे लगभग 2 किलोमीटर लंबा एक विशेष वेंडिंग-ज़ोन डेवलप किया जा रहा है। सारनाथ में भी बुद्धिस्ट-सर्किट के निर्माण का जो काम आज से शुरू हुआ है, वहां भी रेहड़ी-पटरी वाले साथियों के लिए विशेष सुविधाओं का निर्माण होगा।

साथियों,

आपने SEZ, economic corridor, जैसी व्यवस्थाओं के बारे में बहुत सुना होगा लेकिन रेहड़ी-पटरी वालों के लिए स्पेशल ज़ोन्स भी आप काशी में बनते देख रहे हैं। सुविधा ही नहीं, पीएम स्वनिधि योजना के तहत पहली बार स्ट्रीट-वेंडर्स को बैंक लोन मिलना शुरू हुआ है। अभी तक देशभर में लगभग 33 लाख साथियों को इसके तहत आसान ऋण मिल चुका है, जिसमें से हज़ारों साथी मेरी काशी के भी हैं।

साथियों,

हमारी सरकार ने हमेशा गरीब की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है, उसके सुख-दुख में साथ देने का प्रयास किया है। कोरोना की मुफ्त वैक्सीन से लेकर गरीबों को मुफ्त राशन की व्यवस्था तक, सरकार ने आपकी सेवा का कोई अवसर छोड़ा नहीं है। बीते वर्षों में जिस प्रकार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारा गया है, उससे भी बड़ा लाभ गरीब और मध्यम वर्ग को हुआ है।

आज बनारस के आप लोग साक्षी हैं कि किस तरह मोबाइल फोन सस्ते हुए, कॉल करना तो करीब-करीब फ्री हो गया है। अब इंटरनेट बहुत सस्ता हो गया है, जीवन आसान हो रहा है, कमाई के नए साधन खुल गए हैं। देश में फोन और इंटरनेट यूजर दिनों दिन बढ़ रहे हैं, तो इससे जुड़े बिजनेस का भी विस्तार हो रहा है।

कम निवेश में युवाओं को इससे जुड़ी सर्विस में रोज़गार के अवसर बने हैं। इसी प्रकार जो 5 लाख रुपए तक का इलाज हमने मुफ्त किया है, उससे गरीबों की बहुत बड़ी चिंता दूर हुई है। इससे वो गरीब भी अस्पताल जाने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं, जो कभी पैसे के अभाव में इलाज से बचते थे। यानी अस्पतालों की डिमांड बढ़ रही है, मेडिकल कॉलेजों की डिमांड बढ़ रही है। बीते कुछ वर्षों में हमने यूपी में ही दर्जनों नए मेडिकल कॉलेज बनाए हैं। यहां काशी में ही कैंसर के इलाज से लेकर तमाम बीमारियों के आधुनिक इलाज का कितना बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है।

साथियों,

एक तरफ हम देश के शहरों को धुआं मुक्त करने के लिए CNG से चलने वाली गाड़ियों के लिए सुविधाओं का विस्तार कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हम गंगाजी का ध्यान रखने वाले हमारे नाविकों की डीजल और पेट्रोल से चलने वाली नावों को CNG से जोड़ने का भी विकल्प दे रहे हैं। घाट पर स्थित देश का पहला CNG स्टेशन काशी में है और इस बात का काशी गर्व कर सकती है। डीजल-पेट्रोल से चलने वाली 650 नावों में से 500 को CNG की सुविधा से जोड़ा जा चुका है।

इस सुविधा से पर्यटकों को शांति से गंगा जी के दर्शन करने का सुख मिलेगा, पर्यावरण को लाभ होगा। वहीं नाविकों के ईंधन पर होने वाले खर्च में भी बहुत कमी आएगी। यानी कम खर्च में अधिक कमाई के रास्ते खुलेंगे।

भाइयों और बहनों,

काशी ज्ञान, आस्था, आध्यात्म की नगरी तो रही ही है, यहां खेलकूद की भी एक समृद्ध परंपरा है। और आज एयरपोर्ट से यहां तक सब खिलाड़ियों से मेरा मिलना हो रहा है। सारे मेरे खिलाड़ी साथी वहां मेरे सामने बैठे हैं। इस तरफ भी खिलाड़ियों का पूरा जमघट है। आज मैं उनका उत्‍साह-उमंग देख रहा हूं, मुझे लगता है कि ये काशी में जो स्‍टेडियम बन रहा है वो अब काशी को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला है। यहां के अखाड़े कसरत और कुश्ती से फिटनेस के लिए प्रोत्साहन दे रहे हैं। आज भी नाग पंचमी के दिन हम इन अखाड़ों में पुराने समय की झलक देख सकते हैं।

लेकिन खेलकूद सिर्फ फिटनेस और मनोरंजन का ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव को बढ़ाने और बेहतर करियर का भी बेहतरीन माध्यम है। बीते वर्षों में वाराणसी सहित, पूर्वांचल के अनेक खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। सरकार का ये निरंतर प्रयास है कि ओलंपिक्स स्पोर्ट्स से जुड़े हर खेल की आधुनिक सुविधाएं हमारी काशी में तैयार हों।

आज जिस स्टेडियम पर हम ये जनसभा कर रहे हैं, वो बहुत ही जल्द विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होने वाला है। 6 दशक पहले बने इस स्टेडियम में 21वीं सदी की सुविधाएं तैयार की जाएंगी। यहां 20 से अधिक गेम्स के लिए अल्ट्रा मॉडर्न इनडोर सुविधाएं होंगी। बेहतरीन ट्रेनिंग सेटअप, फिटनेस सेंटर, हॉस्टल जैसी व्यवस्थाएं यहां मिलेंगी।

बच्चों के लिए kids zone भी होगा, ताकि उनमें sports को लेकर, फिटनेस को लेकर उत्साह बने, कम उम्र में ही उनका प्रोफेशनल खेलों की तरफ रुझान बढ़े। ये पूरा कॉम्प्लेक्स आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ पैरा गेम्स के भी अनुकूल होगा। डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एथलेटिक्स और बास्केटबॉल की आधुनिक सुविधाओं से भी युवा खिलाड़ियों को बहुत मदद मिलेगी।

भाइयों और बहनों,

काशी के अनवरत विकास की ये धारा गंगाजी की तरह ऐसे ही अविरल बहती रहे, इसके लिए हम सभी को प्रयास करना है। हां, काशी की, गंगा जी की स्वच्छता का जो संकल्प हमने लिया है, उसे कभी भी भूलना नहीं है। याद रखोगे ना? याद रखोगे ना? जरा दोनों हाथ ऊपर करके बोलिए- याद रखोगे ना? हमारी काशी साफ रहेगी ना? हमारी काशी स्‍वच्‍छ रहेगी ना? हमारी मां गंगा स्‍वच्‍छ रहेगी ना? यहां कोई गंदगी नहीं करेंगे ना? यहां कोई गंदगी होने नहीं देंगे ना? ये हमारी काशी है, इस काशी को हमें ही बचाना है, इस काशी को हमें ही बनाना है, और हम सब मिल करके बनाएंगे।

सड़कों को, घाटों को, बाज़ारों को साफ रखना ये हम सभी का, काशीवासियों का दायित्व है। काशीवासियों के विश्वास, बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से हमारे हर संकल्प सिद्ध होने ही वाले हैं। एक बार फिर आप सबको को बहुत-बहुत बधाई।

हर-हर महादेव ! धन्यवाद !

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January 28, 2023
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“You represent ‘Amrit Generation’ that will create a Viksit and Aatmnirbhar Bharat”
“When dreams turn into resolution and a life is dedicated to it, success is assured. This is the time of new opportunities for the youth of India”
“India’s time has arrived”
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“When the country is brimming with the energy and enthusiasm of the youth, the priorities of that country will always be its young people”
“This a time of great possibilities especially for the daughters of the country in the defence forces and agencies”

केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान राजनाथ सिंह जी, श्री अजय भट्ट जी, सीडीएस अनिल चौहान जी, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव, डीजी एनसीसी और आज विशाल संख्या में पधारे हुए सभी अतिथिगण और मेरे प्यारे युवा साथियों!

आजादी के 75 वर्ष के इस पड़ाव में एनसीसी भी अपनी 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। इन वर्षों में जिन लोगों ने एनसीसी का प्रतिनिधित्व किया है, जो इसका हिस्सा रहे हैं, मैं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सराहना करता हूं। आज इस समय मेरे सामने जो कैडेट्स हैं, जो इस समय NCC में हैं, वो तो और भी विशेष हैं, स्पेशल हैं। आज जिस प्रकार से कार्यक्रम की रचना हुई है, सिर्फ समय नहीं बदला है, स्वरूप भी बदला है। पहले की तुलना में दर्शक भी बहुत बड़ी मात्रा में हैं। और कार्यक्रम की रचना भी विविधताओं से भरी हुई लेकिन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के मूल मंत्र को गूंजता हुआ हिन्दुस्तान के कोने-कोने में ले जाने वाला ये समारोह हमेशा-हमेशा याद रहेगा। और इसलिए मैं एनसीसी की पूरी टीम को उनके सभी अधिकारी और व्यवस्थापक सबको हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आप एनसीसी कैडेट्स के रूप में भी और देश की युवा पीढ़ी के रूप में भी, एक अमृत पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये अमृत पीढ़ी, आने वाले 25 वर्षों में देश को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी, भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी, विकसित बनाएगी।

साथियों,

देश के विकास में NCC की क्या भूमिका है, आप सभी कितना प्रशंसनीय काम कर रहे हैं, ये हमने थोड़ी देर पहले यहां देखा है। आप में से एक साथी ने मुझे यूनिटी फ्लेम सौंपी। आपने हर दिन 50 किलोमीटर की दौड़ लगाते हुए, 60 दिनों में कन्याकुमारी से दिल्ली की ये यात्रा पूरी की है। एकता की इस लौ से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना सशक्त हो, इसके लिए बहुत से साथी इस दौड़ में शामिल हुए। आपने वाकई बहुत प्रशंसनीय काम किया है, प्रेरक काम किया है। यहां आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। भारत की सांस्कृतिक विविधता, आपके कौशल और कर्मठता के इस प्रदर्शन में और इसके लिए भी मैं आपको जितनी बधाई दूं, उतनी कम है।

साथियों,

आपने गणतंत्र दिवस की परेड में भी हिस्सा लिया। इस बार ये परेड इसलिए भी विशेष थी, क्योंकि पहली बार ये कर्तव्य पथ पर हुई थी। और दिल्ली का मौसम तो आजकल ज़रा ज्यादा ही ठंडा रहता है। आप में से अनेक साथियों को शायद इस मौसम की आदत भी नहीं होगी। फिर भी मैं आपको दिल्ली में कुछ जगह ज़रूर घूमने का आग्रह करुंगा, समय निकालेंगे ना। देखिए नेशनल वॉर मेमोरियल, पुलिस मेमोरियल अगर आप नहीं गए हैं, तो आपको जरूर जाना चाहिए। इसी प्रकार लाल किले में नेताजी सुभाष चंद्र बोस म्यूजियम में भी आप अवश्य जाएं। आज़ाद भारत के सभी प्रधानमंत्रियों से परिचय कराता एक आधुनिक PM-म्यूजियम भी बना है। वहां आप बीते 75 वर्षों में देश की विकास यात्रा के बारे में जान-समझ सकते हैं। आपको यहां सरदार वल्लभभाई पटेल का बढ़िया म्यूजियम देखने को मिलेगा, बाबा साहब अंबेडकर का बहुत बढ़िया म्यूजियम देखने को मिलेगा, बहुत कुछ है। हो सकता है, इन जगहों में से आपको कोई ना कोई प्रेरणा मिले, प्रोत्साहन मिले, जिससे आपका जीवन एक निर्धारत लक्ष्य को लेकर के कुछ कर गुजरने के लिए चल पड़े, आगे बढ़ता ही बढ़ता चला जाए।

मेरे युवा साथियों,

किसी भी राष्ट्र को चलाने के लिए जो ऊर्जा सबसे अहम होती है, वो ऊर्जा है युवा। अभी आप उम्र के जिस पड़ाव पर है, वहां एक जोश होता है, जुनून होता है। आपके बहुत सारे सपने होते हैं। और जब सपने संकल्प बन जाएं और संकल्प के लिए जीवन जुट जाए तो जिंदगी भी सफल हो जाती है। और भारत के युवाओं के लिए ये समय नए अवसरों का समय है। हर तरफ एक ही चर्चा है कि भारत का समय आ गया है, India’s time has arrived. आज पूरी दुनिया भारत की तरफ देख रही है। और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह आप हैं, भारत के युवा हैं। भारत का युवा आज कितना जागरूक है, इसका एक उदाहरण मैं आज जरूर आपको बताना चाहता हूं। ये आपको पता है कि इस वर्ष भारत दुनिया की 20 सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्थाओं के समूह, G-20 की अध्यक्षता कर रहा है। मैं तब हैरान रह गया, जब देशभर के अनेक युवाओं ने मुझे इसको लेकर के चिट्ठियां लिखीं। देश की उपलब्धियों और प्राथमिकताओं को लेकर आप जैसे युवा जिस प्रकार से रुचि ले रहे हैं, ये देखकर सचमुच में बहुत गर्व होता है।

साथियों,

जिस देश के युवा इतने उत्साह और जोश से भरे हुए हों, उस देश की प्राथमिकता सदैव युवा ही होंगे। आज का भारत भी अपने सभी युवा साथियों के लिए वो प्लेटफॉर्म देने का प्रयास कर रहा है, जो आपके सपनों को पूरा करने में मदद कर सके। आज भारत में युवाओं के लिए नए-नए सेक्टर्स खोले जा रहे हैं। भारत की डिजिटल क्रांति हो, भारत की स्टार्ट-अप क्रांति हो, इनोवेशन क्रांति हो, इन सबका सबसे बड़ा लाभ युवाओं को ही तो हो रहा है। आज भारत जिस तरह अपने डिफेंस सेक्टर में लगातार रिफॉर्म्स कर रहा है, उसका लाभ भी देश के युवाओं को हो रहा है। एक समय था, जब हम असॉल्ट राइफल और बुलेट प्रूफ जैकेट तक विदेशों से मंगवाते थे। आज सेना की ज़रूरत के सैकड़ों ऐसे सामान हैं, जो हम भारत में बना रहे हैं। आज हम अपने बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बहुत तेज़ी से काम कर काम रहे हैं। ये सारे अभियान, भारत के युवाओं के लिए नई संभावनाएं लेकर के आए हैं, अवसर लेकर के आए हैं।

साथियों,

जब हम युवाओं पर भरोसा करते हैं, तब क्या परिणाम आता है, इसका एक उत्तम उदाहरण हमारा स्पेस सेक्टर है। देश ने स्पेस सेक्टर के द्वार युवा टैलेंट के लिए खोल दिए। और देखते ही देखते पहला प्राइवेट सैटेलाइट लॉन्च किया गया। इसी प्रकार एनीमेशन और गेमिंग सेक्टर, प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार लेकर आया है। आपने ड्रोन का उपयोग या तो खुद किया होगा, या फिर किसी दूसरे को करते हुए देखा होगा। अब तो ड्रोन का ये दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। एंटरटेनमेंट हो, लॉजिस्टिक हो, खेती-बाड़ी हो, हर जगह ड्रोन टेक्नॉलॉजी आ रही है। आज देश के युवा हर प्रकार का ड्रोन भारत में तैयार करने के लिए आगे आ रहे हैं।

साथियों,

मुझे एहसास है कि आप में से अधिकतर युवा हमारी सेनाओं से, हमारे सुरक्षा बलों से, एजेंसियों से जुड़ने की आकांक्षा रखते हैं। ये निश्चित रूप से आपके लिए, विशेष रूप से हमारी बेटियों के लिए भी बहुत बड़े अवसर का समय है। बीते 8 वर्षों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों में बेटियों की संख्या में लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है। आज आप देखिए, सेना के तीनों अंगों में अग्रिम मोर्चों पर महिलाओं की तैनाती का रास्ता खुल चुका है। आज महिलाएं भारतीय नौसेना में पहली बार अग्निवीर के रूप में, नाविक के रूप में शामिल हुई हैं। महिलाओं ने सशस्त्र बलों में लड़ाकू भूमिकाओं में भी प्रवेश करना शुरू किया है। NDA पुणे में महिला कैडेट्स के पहले बैच की ट्रेनिंग शुरु हो चुकी है। हमारी सरकार द्वारा सैनिक स्कूलों में बेटियों के एडमिशन की अनुमति भी दी गई है। आज मुझे खुशी है कि लगभग 1500 छात्राएं सैनिक स्कूलों में पढ़ाई शुरु कर चुकी हैं। यहां तक की एनसीसी में भी हम बदलाव देख रहे हैं। बीते एक दशक के दौरान एनसीसी में बेटियों की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है। मैं देख रहा था कि यहां जो परेड हुई, उसका नेतृत्व भी एक बेटी ने किया। सीमावर्ती और तटीय क्षेत्रों में एनसीसी के विस्तार के अभियान से भी बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं। अभी तक सीमावर्ती और तटवर्ती क्षेत्रों से लगभग एक लाख कैडेट्स को नामांकित किया गया है। इतनी बड़ी युवाशक्ति जब राष्ट्र निर्माण में जुटेगी, देश के विकास में जुटेगी, तो साथियों बहुत विश्वास से कहता हूं कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रह जाएगा। मुझे विश्वास है कि एक संगठन के तौर पर भी और व्यक्तिगत रूप से भी आप सभी देश के संकल्पों की सिद्धि में अपनी भूमिका का विस्तार करेंगे। मां भारती के लिए आजादी के जंग में अनेक लोगों ने देश के लिए मरने का रास्ता चुना था। लेकिन आजाद भारत में पल-पल देश के लिए जीने का रास्ता ही देश को दुनिया में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाता है। और इस संकल्प की पूर्ति के लिए ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के आदर्शों को लेकर के देश को तोड़ने के कई बहाने ढूंढे जाते हैं। भांति-भांति की बातें निकालकर के मां भारती की संतानों के बीच में दूध में दरार करने की कोशिशें हो रही हैं। लाख कोशिशें हो जाएं, मां के दूध में कभी दरार नहीं हो सकती। और इसके लिए एकता का मंत्र ये बहुत बड़ी औषधि है, बहुत बड़ा सामर्थ्य है। भारत के भविष्य के लिए एकता का मंत्र ये संकल्प भी है, भारत का सामर्थ्य भी है और भारत को भव्यता प्राप्त करने के लिए यही एक मार्ग है। उस मार्ग को हमें जीना है, उस मार्ग पर आने वाली रूकावटों के सामने हमें जूझना हैं। और देश के लिए जीकर के समृद्ध भारत को अपनी आंखों के सामने देखना है। इसी आंखों से भव्य भारत को देखना, इससे छोटा संकल्प हो ही नहीं सकता। इस संकल्प की पूर्ति के लिए आप सबको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं। 75 वर्ष की यह यात्रा, आने वाले 25 वर्ष जो भारत का अमृतकाल है, जो आपका भी अमृतकाल है। जब देश 2047 में आजादी के 100 साल मनाएगा, एक डेवलप कंट्री होगा तो उस समय आप उस ऊंचाई पर बैठे होंगे। 25 साल के बाद आप किस ऊंचाई पर होंगे, कल्पना कीजिये दोस्तों। और इसलिए एक पल भी खोना नहीं है, एक भी मौका खोना नहीं है। बस मां भारती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प लेकर के चलते ही रहना है, बढ़ते ही रहना है, नई-नई सिद्धियों को प्राप्त करते ही जाना है, विजयश्री का संकल्प लेकर के चलना है। यही मेरी आप सबको शुभकामनाएं हैं। पूरी ताकत से मेरे साथ बोलिए- भारत माता की जय, भारत माता की जय! भारत माता की जय।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

वंदे-मातरम, वंदे-मातरम।

बहुत-बहुत धन्यवाद।