‘‘जीत तब सुनिश्चित होती है जब उसमें सीखना शामिल हो’’
“जब देश की सुरक्षा की बात होती है तो राजस्थान के युवा सदैव अग्रणी रहते हैं”
“जयपुर महाखेल का सफल आयोजन भारत के प्रयासों की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है”
“देश नई परिभाषा गढ़ रहा है और अमृतकाल में एक नई व्यवस्था का निर्माण कर रहा है”
“2014 के बाद से देश के खेल बजट में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है”
“देश में खेल विश्वविद्यालय बन रहे हैं और खेल महाकुंभ जैसी बड़ी प्रतिस्‍पर्धाओं को पेशेवर तरीके से आयोजित किया जा रहा है”
“धन के अभाव में कोई भी युवा पीछे न छूटे, इस महत्‍वपूर्ण पहलू पर हमारी सरकार का पूरी तरह से ध्यान है”
‘अगर आप फिट रहेंगे, तभी आप सुपरहिट होंगे’
“राजस्थान के श्री अन्न-बाजरा और श्री अन्न-ज्वार इस स्‍थल की पहचान हैं”
“आज का युवा अपनी बहु-प्रतिभाशाली और बहु-आयामी क्षमताओं के कारण सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहता”
“खेल सिर्फ एक शैली नहीं, बल्कि एक उद्योग है”
“जब प्रयास पूर्ण मनोयोग से किया जाता है, तो परिणाम सुनिश्चित होते हैं”
“देश के लिए अगले स्वर्ण और रजत पदक विजेता आपके बीच से ही निकलेंगे”

जयपुर ग्रामीण के सांसद और हमारे सहयोगी भाई राज्यवर्धन सिंह राठौड़, सभी खिलाड़ी, कोच गण और मेरे युवा साथियों!

सबसे पहले तो जयपुर महाखेल में मेडल जीतने वाले, इस प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रत्येक खिलाड़ी, कोच और उनके परिजनों को बहुत-बहुत बधाई। आप सब जयपुर के खेल मैदान में केवल खेलने के लिए नहीं उतरे। आप जीतने के लिए भी उतरे, और सीखने के लिए भी उतरे। और, जहां सीख होती है, वहाँ जीत अपने आप सुनिश्चित हो जाती है। खेल के मैदान से कभी कोई खिलाड़ी, खाली हाथ नहीं लौटता।

साथियों,

अभी हम सभी ने कबड्डी के खिलाड़ियों का शानदार खेल भी देखा। मैं देख रहा हूं, आज के इस समापन समारोह में कई ऐसे चेहरे मौजूद हैं जिन्होंने खेलों में अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। एशियन गेम्स के मेडलिस्ट राम सिंह दिख रहे हैं, ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित पैरा एथलीट भाई देवेंद्र झांझड़िया दिख रहे हैं, अर्जुन अवॉर्डी साक्षी कुमारी और अन्य सीनियर खिलाड़ी भी हैं। यहां आए खेल जगत के इन सितारों को जयपुर ग्रामीण के खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते देख मुझे बड़ी प्रसन्नता हो रही है ।

साथियों,

आज देश में खेल प्रतिस्पर्धाओं और खेल महाकुंभों का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वो एक बड़े बदलाव का प्रतिबिंब है। राजस्थान की धरती तो अपने युवाओं के जोश और सामर्थ्य के लिए ही जानी जाती है। इतिहास गवाह है, इस वीर धरा की सन्तानें रणभूमि को भी अपने शौर्य से खेल का मैदान बना देती हैं। इसलिए, अतीत से लेकर आज तक, जब भी देश की रक्षा की बात आती है तो राजस्थान के युवा कभी किसी के पीछे नहीं होते हैं। यहाँ के युवाओं के इस शारीरिक और मानसिक सामर्थ्य को विकसित करने में राजस्थानी खेल परम्पराओं का बड़ा योगदान रहा है। सैकड़ों वर्षों से मकर संक्रांति पर आयोजित होने वाला खेल 'दड़ा',‘दड़ा’ हो, या बचपन की यादों से जुड़े तोलिया, रूमाल झपट्टा, जैसे परंपरागत खेल हों, ये राजस्थान की रग-रग में रचे बसे हैं। इसीलिए, इस राज्य ने देश को कितनी ही खेल प्रतिभाएं दीं हैं, कितने ही मेडल्स देकर तिरंगे की शान को बढ़ाया है, और आप जयपुर वालों ने तो आपने तो सांसद भी ओलंपिक पदक विजेता चुना है। मुझे खुशी है कि, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ जी उनको देश ने जो दिया है, उसे वो 'सांसद खेल स्पर्धा' के जरिए नई पीढ़ी को लौटाने का काम कर रहे हैं। हमें इन प्रयासों को और विस्तार देना है, ताकि इसका प्रभाव और भी व्यापक हो। 'जयपुर महाखेल' का सफल आयोजन हमारे ऐसे ही प्रयासों की अगली कड़ी है। इस वर्ष 600 से ज्यादा टीमों का, साढ़े 6 हजार युवाओं का इसमें भाग लेना, इसकी सफलता का प्रतिबिंब है। मुझे बताया गया है कि इस आयोजन में बेटियों की भी सवा सौ से ज्यादा टीमों ने हिस्सा लिया हैं। बेटियों की ये बढ़ती हुई भागीदारी, एक सुखद संदेश दे रही है।

साथियों,

आजादी के इस अमृतकाल में, देश नई-नई परिभाषाएं गढ़ रहा है, नई व्यवस्थाओं का निर्माण कर रहा है। देश में आज पहली बार खेलों को भी सरकारी चश्मे से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की नज़र से देखा जा रहा है। मैं जानता हूं, युवा भारत की युवा पीढ़ी के लिए असंभव कुछ भी नहीं है। युवाओं को जब सामर्थ्य, स्वाभिमान, स्वावलंबन, सुविधा और संसाधन की शक्ति मिलती है, तो हर लक्ष्य आसान हो जाता है। देश की इस अप्रोच की झलक इस बार के बजट में भी दिखाई दे रही है। इस बार देश के बजट में खेल विभाग को करीब 2500 करोड़ रुपए का बजट मिला है। जबकि 2014 से पहले खेल विभाग का बजट आठ सौ, साढ़े आठ सौ करोड़ रुपए के आसपास ही रह जाता था। यानि 2014 के मुकाबले देश के खेल विभाग के बजट में लगभग तीन गुना बढोतरी हुई है। इस बार, अकेले 'खेलो इंडिया' अभियान के लिए ही 1 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बजट दिया गया है। ये पैसा खेल से जुड़े हर क्षेत्र में संसाधनों और सुविधाओं का निर्माण करने की दिशा में काम आएगा।

साथियों,

पहले देश के युवाओं में खेल का जज्बा तो होता था, प्रतिभा भी होती थी, लेकिन अक्सर संसाधन और सरकारी सहयोग की कमी हर बार आड़े आ जाती थी। अब हमारे खिलाड़ियों की इस चुनौती का भी समाधान किया जा रहा है। मैं आपको इस जयपुर महाखेल का ही उदाहरण दूंगा। जयपुर में ये आयोजन बीते 5-6 वर्षों से चल रहा है। ऐसे ही देश के कोने-कोने में भारतीय जनता पार्टी के सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में खेल महाकुंभों का आयोजन करवा रहे हैं। इन सैकड़ों खेल महाकुंभों में हजारों युवा, हजारों प्रतिभावान खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में भाग ले रहे हैं। सांसद खेल महाकुंभ की वजह से देश की हजारों नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आ रही हैं।

साथियों,

ये सब इसलिए मुमकिन हो पा रहा है क्योंकि केंद्र सरकार अब जिला स्तर और स्थानीय स्तर तक स्पोर्ट्स फैसिलिटीज़ बना रही है। अब तक देश के सैकड़ों जिलों में लाखों युवाओं के लिए स्पोर्ट्स इनफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। राजस्थान में भी केंद्र सरकार द्वारा अनेक शहरों में स्पोर्ट्स इंफ्रा का निर्माण हो रहा है। आज देश में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटीज़ भी बन रहीं हैं, और खेल महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन भी प्रोफेशनल तरीके से हो रहे हैं।

इस बार नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को भी अधिकतम बजट प्रदान किया गया है। हमारा प्रयास है कि स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी से जुड़ी हर विद्या को सीखने का माहौल बने। जिससे युवाओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर मिलेगा।

साथियों,

पैसे की कमी के कारण कोई युवा पीछे न रह जाए, इस पर भी हमारी सरकार का ध्यान है। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को केंद्र सरकार अब सालाना 5 लाख रुपए तक की मदद करती है। प्रमुख खेल पुरस्कारों में दी जाने वाली राशि भी तीन गुना तक बढ़ा दी गई है। ओलंपिक जैसी बड़ी वैश्विक प्रतियोगिताओं में भी अब सरकार पूरी शक्ति से अपने खिलाड़ियों के साथ खड़ी रहती है। टॉप्स TOPS टॉप्स जैसी स्कीम के जरिए वर्षों पहले से खिलाड़ी ओलंपिक की तैयारी कर रहे हैं।

साथियों,

खेल में आगे बढ़ने के लिए किसी भी खिलाड़ी के लिए सबसे जरूरी होता है- अपनी फ़िटनेस को मेनटेन रखना। आप फिट होंगे, तभी सुपरहिट होंगे। और, फ़िटनेस तो जितनी खेल के ही मैदान में जरूरी होती है, उतनी ही ज़िंदगी के मैदान में भी जरूरी होती है। इसीलिए, आज खेलो इंडिया के साथ-साथ देश के लिए फिट इंडिया भी एक बड़ा मिशन है। हमारी फ़िटनेस में बहुत बड़ी भूमिका हमारे खान-पान की, हमारे पोषण की भी होती है। इसलिए, मैं आप सबसे एक ऐसे अभियान की चर्चा भी करना चाहता हूँ, जिसकी शुरुआत तो भारत ने की, लेकिन अब वो एक ग्लोबल कैम्पेन बन गया है। आपने सुना होगा, भारत के प्रस्ताव पर यूनाइटेड नेशंस UN वर्ष 2023 को इंटरनेशनल मिलेट ईयर के तौर पर मना रहा है। और राजस्थान तो मिलेट्स यानी, मोटे अनाजों की एक बेहद समृद्ध परंपरा का घर है। और अब देशव्यापी उसकी पहचान बने इसलिए ये मोटे अनाज को श्री अन्न इस नाम से लोग जाने यह बहुत आवश्यक है। इस बार बजट में भी इस बात का उल्लेख किया गया है। ये सुपर फुड है, ये श्री अन्न है। और इसलिए राजस्थान का श्री अन्न- बाजरा, श्री अन्न- ज्वार, ऐसे अनेक मोटे अनाज ये श्री अन्न के नाम के साथ अब जुड़ गए हैं, उसकी पहचान है। और ये कौन नहीं जानता जो राजस्थान को जानता है। ये हमारे राजस्थान का बाजरे का खीचड़ा और चूरमा क्या कोई भूल सकता हैं क्या? मेरा आप सभी युवाओं से विशेष आवाहन होगा, आप अपने खाने में श्री अन्न, श्री अन्न यानी कि मोटे अनाजों को तो शामिल करें। इतना ही नहीं स्कूल, कॉलेज युवा पीढ़ी में खुद ही उसके ब्रांड एंबेसडर बन करके लग पड़िए ।

साथियों,

आज का युवा केवल एक क्षेत्र में सिमटकर नहीं रहना चाहिए। वो multi-talented भी है, और multi-dimensional भी है। देश भी इसीलिए युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रहा है। एक ओर युवाओं के लिए आधुनिक स्पोर्ट्स इनफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है, तो साथ ही बच्चों और युवाओं के लिए नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी का भी प्रस्ताव इस बजट में किया गया है। नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी के जरिए विज्ञान, इतिहास, समाजशास्त्र, संस्कृत जैसी भाषाएं हर विषय की किताबें शहर से गाँव तक, हर स्तर पर डिजिटली उपलब्ध होंगी। ये आप सबके लर्निंग एक्सपिरियन्स को नई ऊंचाई देगा, सारे resources आपके कम्प्युटर और मोबाइल पर उपलब्ध करवाएंगे।

साथियों,

स्पोर्ट्स केवल एक विद्या ही नहीं है, स्पोर्ट्स एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री भी है। स्पोर्ट्स से जुड़ी चीजें और संसाधान बनाने से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलता है। ये काम ज़्यादातर हमारे देश में लघुउद्योग MSMEs करती हैं। इस बार बजट में स्पोर्ट्स सेक्टर से जुड़ी MSMEs को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ हुईं हैं। मैं आपको एक और योजना के बारे में बताना चाहता हूं। ये योजना है- पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान यानि पीएम विकास योजना। ऐसे लोग जो अपने हाथ के कौशल से, हाथ द्वारा चलाए जाने वाले औजारों से स्वरोजगार करते हैं, सृजन करते हैं, निर्माण करते हैं उन्हें ये योजना बहुत मदद करेगी। उन्हें आर्थिक सहयोग से लेकर उनके लिए नए बाजार बनाने तक, हर तरह की मदद, पीएम विश्वकर्मा योजना द्वारा दी जाएगी। हमारे युवाओं के लिए ये भी रोजगार के, स्वरोजगार के बड़े अवसर बनाएगी।

साथियों,

जहां प्रयास पूरे मन से होते हैं, वहाँ परिणाम भी सुनिश्चित होते हैं। देश ने प्रयास किए, परिणाम हमने टोक्यो ओलंपिक्स में देखा, कॉमनवेल्थ खेलों में देखा। जयपुर महाखेल में भी आप सबके प्रयास भविष्य में ऐसे ही शानदार परिणाम देंगे। आपसे ही देश के लिए अगले गोल्ड और सिल्वर मेडलिस्ट निकलने वाले हैं। आप अगर ठान लेंगे, तो ओलंपिक्स तक में तिरंगे की शान बढ़ाएँगे। आप जिस क्षेत्र में जाएंगे, वहाँ देश का नाम रोशन करेंगे। मुझे विश्वास है, हमारे युवा देश की कामयाबी को बहुत आगे तक लेकर के जाएंगे। इसी भावना के साथ, आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद। बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

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Prime Minister reviews flood situation in Assam with MPs from the state
July 28, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, met Members of Parliament from Assam and discussed the prevailing flood situation in various parts of the state.

The Prime Minister said that the Centre is working closely with the Assam Government in assisting those affected.

Shri Modi prayed for everyone’s safety and well-being.

In a post on X, Shri Modi said;

“Met MPs from Assam and discussed the prevailing flood situation in various parts of the state.

The Centre is working closely with the Assam Government in assisting those affected. I pray for everyone's safety and well-being.”