उन्होंने 21,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.4 लाख से अधिक घरों का उद्घाटन एवं शिलान्यास
16,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं के जरिए इस क्षेत्र में रेलवे कनेक्टिविटी को व्यापक रूप से बढ़ावा
उन्होंने 800 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ ‘मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना’ का शुभारंभ किया
“21वीं सदी के भारत के तेज विकास के लिए महिलाओं का तेज विकास और उनका सशक्तिकरण उतना ही जरूरी है”
“आज भारत महिलाओं की आवश्यकताओं एवं आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बना रहा है और निर्णय ले रहा है”
“वडोदरा संस्कार की नगरी है। यह शहर हर प्रकार से यहां आने वालों को संभालता है”
“हमने गुजरात में महिलाओं को निर्णय लेने की जगहों पर अधिक अवसर देने और उन्हें हर स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए हैं”

भारत माता की - जय, भारत माता की - जय, गुजरात के लोकप्रिय मृदु एवं मक्कम हम सबके प्रिय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई, संसद में मेरे साथी सीआर पाटिल, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के मेरे सहयोगी देवु सिंह, दर्शना बहन, गुजरात सरकार के सभी मंत्री, सांसद, विधायकगण, और वड़ोदरा के अलावा आणंद, छोटा उदयपुर, खेड़ा और पंचमहाल जिलों से भारी संख्या में यहां आए विशेषकर मेरी माताएं बहनें, और भाइयों।

आज का दिवस मेरे लिए मातृवंदना का दिवस है। आज प्रातः जन्मदात्री मां के आर्शीवाद लिए, उसके बाद जगत जन्नी मां काली के आर्शीवाद लिए और अभी मातृशक्ति के विराट रूप के दर्शन करके इस विराट मातृशक्ति के दर्शन किए, उनके आर्शीवाद लिए। आज मुझे पावागढ़ में मां काली के भक्तों के लिए अनेक आधुनिक सुविधाएं अर्पित करने को अवसर मिला। मैंने मां से देशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की और आज़ादी के अमृतकाल में स्वर्णिम भारत के संकल्प की सिद्धि का मां से आशीर्वाद मांगा।

भाइयों और बहनों,

मुझे खुशी है कि संस्कार नगरी वडोदरा से आज जब करीब 21 हज़ार करोड़ रुपए के डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। ये प्रोजेक्ट, गुजरात के विकास से भारत का विकास, इस प्रतिबद्धता को बल देने वाले हैं। गरीबों के घर, उच्च शिक्षा और बेहतर कनेक्टिविटी पर इतना बड़ा निवेश गुजरात के औद्योगिक विकास को विस्तार देगा, यहां के युवाओं के लिए रोजगार-स्वरोजगार इसके लिए अनगिनत अवसर निर्मित करेगा। इन प्रोजेक्ट्स में भी अधिकतर हमारी बहनों-बेटियों के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण से जुड़े हैं। आज यहां लाखों की संख्या में माताएं-बहनें हमें आशीर्वाद देने भी आई हैं। मैं गुजरात सरकार का, भूपेंद्र भाई का और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी आर पाटिल का विशेष रूप से आभार व्यक्त करना चाहता हूं। क्योंकि मुझे वे आप सबके बीच में से ले आए हैं। और वहां से प्रवेश किया और यहां पहुंचते-पहुचंते 15-20 मिनट लग गए गाड़ी में। पैदल आता तो पता नहीं कितना समय चला जाता। इतना विशाल जनसागर, लेकिन मैं धन्यवाद इसलिए कर रहा हूं कि जब मैं सबके बीच से निकल रहा था तो मुझे आज उन सैंकड़ों चेहरों को भी प्रणाम करने का मौका मिला जिनके साथ मुझे कई वर्षों तक काम करने का अवसर मिला था। कुछ तो ऐसे वरिष्ठ कार्यकर्ता मुझे दिखाई दिए जिनकी उंगली पकड़कर के मैं कभी चला था। अनेक मातांए ऐसी मिली जिनका मैंने सर झुकाके प्रणाम किया, कभी न कभी उनके हाथ से मुझे रोटी खाने का सौभाग्य मिला था। आज मेरे लिए ऐसे सैंकड़ों लोगों का दर्शन करना, उनके आर्शीवाद लेना ये अपने आप में मेरे लिए धन्यभाग्य था और इसलिए मैं गुजरात प्रदेश का, भूपेंद्र भाई और सरकार का और आप सबका भी हृदय से धन्यवाद करता हूं। बीते 8 साल से डबल इंजन की सरकार, नारीशक्ति को भारत के सामर्थ्य की धुरी बनाने के लिए जो प्रयास कर रही है, आज गुजरात में मां कालिका के आशीर्वाद से उनको नई ताकत मिली है। मैं सभी बहनों को, सभी लाखों लाभार्थियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

21वीं सदी के भारत के तेज विकास के लिए महिलाओं का तेज विकास, उनका सशक्तिकरण उतना ही जरूरी है। आज भारत, महिलाओं की आवश्यकताओं, उनकी आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बना रहा है, निर्णय ले रहा है। सेनाओं से लेकर खदानों तक, हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए अपनी पसंदीदा काम करने के लिए सारे रास्ते खोल दिए हैं। उन मातांए उन दरवाजों पर दस्तक दें ये आज हमने स्थिति पैदा की है। हमने महिलाओं के जीवन चक्र के हर पड़ाव को ध्यान में रखते हुए अनेक नई योजनाएं बनाई हैं। महिलाओं का जीवन आसान बने, उनके जीवन से मुश्किलें कम हों, उन्हें आगे बढ़ने के ज्यादा से ज्यादा अवसर मिलें, ये हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसे मैं अपना सौभाग्य मानता हूं कि मुझे माताओं-बहनों-बेटियों की इतनी सेवा करने का अवसर मिला है। वडोदरा और आसपास के क्षेत्रों से आईं माताओं-बहनों-बेटियों का मैं फिर से अभिनंदन करता हूं। ईस शहरने कभी मुझे भी संभाला था । मेरा भी लालनपालन किया था । वडोदरा मातृशक्ति के उत्सव के लिए एक उपयुक्त नगर है क्योंकि यह मां की तरह संस्कार देने वाला शहर है, वडोदरा संस्कार की नगरी है। ये शहर हर प्रकार से यहां आने वालों को संभालता है, सुख-दुख में साथ देता है और आगे बढ़ने के अवसर देता है। इस शहर ने बडौदा आये तब पूराना सब याद आ ही जाये भाई क्योंकि बडौदा ने मुझे जैसे माँ एक वच्चे को संभालती हो ऐसा अपनेपन का भाव । पूरी विकासयात्रा मे बडौदा के योगदान को मैं कभी भूल सकता नही । इस शहर ने, बडौदा आये तब पूराना सब याद आ ही जाये भाई क्योंकि बडौदा ने मुझे जैसे माँ एक वच्चे को संभालती हो ऐसा अपनेपन का भाव । पूरी विकासयात्रा मे बडौदा के योगदान को मैं कभी भूल सकता नही । यह नगर प्रेरणा का नगर है, इस नगर ने स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद, विनोबा भावे और बाबासाहेब आंबेडकर जैसे महापुरुषों को भी इस हमारी नगरी ने प्रेरित किया है। आप सबको भी याद होगा मुझे तो भलिभांति याद रहना स्वाभाविक है। कि बेलूर मठ के अध्यक्ष और मेरी किशोर अवस्था में जिन्होंने मुझे जीवन के बहुत से रास्तों का मार्गदर्शन किया, एक गुरुति की तरह मेरे जीवन को गढ़ने में बहुत बडी भूमिका निभाई। वैसे बेलूर मठ के, रामकृष्ण मिशन मठ के अध्यक्ष स्वामी आत्मस्थानंदजी की उपस्थिति में मुझे यहां वडोदरा में दिलाराम बंगलो रामकृष्ण मिशन को सौंपने का अवसर मिला था। हमारी पूरानी शास्त्री पोल, हमारा रावपूरा और हमारा आराधना सिनेमा के पास पंचमुखी हनुमान, कई सारी यादें और यही सब जगह कई सारे लोंगो को मिलना हुआ। पंचमहाल, कालोल, हालोल, गोधरा डभोई, छोटाउदेपूर। ओ हो हो गिन भी नहीं सकते, और पूराने सभी साथी, उनकी यादें भी ताजा हो जाय। और जब बडौदा की बात आये तो हरा चिवडा कैसे भूला पाये और अपनी भाखरवडी, आज भी जो लोग वडौदा को जानते है और वो बाहर मुझे मिल जाये, तो अपना हरा चिवडा और भाकरवडी को याद करता ही है ।

साथियों,

2014 में भी जब मैं जीवन में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहा था, राष्ट्रसेवा के दायित्व के लिए मुझे वड़ोदरा के नवनाथ और काशी विश्वनाथ दोनों का आशीर्वाद मिला, इससे बड़ा सौभाग्य क्या हो सकता है? आज गुजरात की बहनों-बेटियों, उनके लिए मेरी दृष्टि से एक बहुत महत्वपूर्ण दिन है। स्वस्थ मातृत्व और स्वस्थ बचपन सुनिश्चित करने के लिए गुजरात सरकार ने आज 2 बड़ी योजनाएं शुरु की हैं। मैं भूपेंद्र भाई को बधाई देता हूं इस योजना के लिए, 800 करोड़ रुपए की मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना ये सुनिश्चित करेगी कि गर्भावस्था के दौरान और मातृत्व के शुरुआती दिनों में माता को पौष्टिक आहार मिले वहीं पोषण सुधा योजना का विस्तार भी अब गुजरात के सभी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में किया गया है। अभी मुझे 1 करोड़ 36 लाख लाभार्थी बहन, सवा करोड़ से भी ज्यादा बहनें उनके लिए 118 करोड़ रुपए से अधिक वितरीत करने का अवसर मिला है। अब विचार करों सवा करोड़ कर्ता बधारे बहनों यानि लगभग सवा सौ करोड़ रुपया, माता का स्वास्थ्य सिर्फ माता के लिए नहीं बल्कि भावी पीढ़ियों को भी प्रभावित करता है। मातृत्व के पहले 1000 दिन, मां के साथ-साथ बच्चे के जीवन को भी तय करते हैं। क्च्चा और बच्चा दोनों की चिंता। कुपोषण और अनीमिया की समस्या, इस समय सबसे ज्यादा संकट होता है। 2 दशक पहले जब गुजरात ने मुझे सेवा का अवसर दिया तो कुपोषण यहां एक बहुत बड़ी चुनौती थी। तब से हमने एक के बाद एक इस दिशा में काम करना शुरु किया जिसके सार्थक परिणाम आज हमें देखने को मिल रहे हैं। आज से गुजरात की बहनों के लिए मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना शुरु हुई है। ईससे मातृत्व सुख प्राप्त करती बहनो को विशेष लाभ मिलेगा। ईस योजना के अंतर्गत दो किलो चना, एक किलो तुवर दाल, जो प्रोटिन के लिए बहुत जरूरी चीजे है। ईसलिए बहुत सोच समझकर ये पेकेज बनाया है। ईसके अलावा एक लीटर तेल। यह बहनो को मिलेगा। ईतना ही नही, कोरोना काल से मैंने एक काम शुरु किया । ईस देश के गरीब परिवारों के घर का चूला बंध न हो ईसलिए ईस देश के 80 करोड लोगों को मुफ्त अनाज। आज भी उनके घर पहुँच रहा है। दुनिया के लोग 80 करोड लोगों को दो साल तक अनाज, यह सुनकर ही उनको आश्चर्य होता है।

ये योजना कुपोषण और एनिमिया से माता को बच्चे को, नवजात बच्चे को बचाने में बडी मदद करती है। आज बडे पुण्य का काम किया है और नवजात शिशु की सेवा करने का सौभाग्य भूपेन्द्रभाई के नेतृत्व में गुजरात की सरकार कर रही है। हमारा छोटाउदेपूर, हमारा कवांट, यह सब हमारे आदिवासी क्षेत्र, सब हमारे जनजातीय परिवार। मेरा तो सौभाग्य रहा है उनके बीच काम करने का, और आदिवासी बहनें-बच्चे, उनकी समस्याओं को मैंने बहुत नजदीक से देखा है, अनुभव किया है। अनेक आदिवासी क्षेत्र में हमारी बहने सिकलसेल, उसकी बीमारी से पीडित हो और सिकलसेल से मुक्ति के लिए, हमने गुजरात में सिकलसेल सोसायटी बनाई। सिकलसेल की मुक्ति के लिए बडा अभियान चलाया है। ये सिकलसेल हमारी सरकार बनी उसके बाद नही आया है। सैंकडो साल से यह मुसीबत थी। अनेक सरकारे आई लेकिन उन्हों ने कुच भी नही किया। सिकलसेल की चिंता करने का हमने बीडा उठाया सभी जिलों में विशेष सेन्टर बनाये, लाखो आदिवासी भाईयों और बहनों की जांच करवाई उनके टेस्ट कराये। और ये सफल प्रोग्राम के लिए गुजरात ने प्रधानमंत्री सिविल सेवा पुरस्कार जो भारत सरकार देती है, वह अपनी गुजरात सरकार को मिला है।

गुजरात ने पौषण पर हमेशा ध्यान दिया है। अपने गुजरात में दूध संजीवनी, फोर्टिफाईड नमक, टेक होम राशन, पोषण संवाद ऐसे कई कार्यक्रम चलाए और देश को भी एक नई दिशा दिखाई। ऐसी योजनाओं की लाभार्थी बहनो की संख्या आज लगातार बढकर लगभग 58 लाख ऐसी बहनो के ये सभी योजना के लाभ मिल रहे है। दूध संजीवनी योजना से आदिवासी क्षेत्रों मे छ महिने से लेकर छ साल तक बच्चो की चिंता उनको फोर्टफाईड, उनको जरूरी अन्य चीजे। 20 लाख से अधिक गर्भवती माताए और धात्री माताए, दूध पिलानेवाली माताए, उनको तो डबल फोर्टिफाईड नमक, उसकी भी चिंता की गई। 14 लाख वच्चो को आंगणवाडी में फोर्टिफाईड आटे से बना आहार मिले ताकि अपने बच्चे तंदुरस्त बने, 15 से 18 साल तक की हमारी बेटीयाँ उनको अच्छा पोषण मिले उसके लिए पूर्णा योजना बनाई। उसके तहत 12 लाख से ज्यादा बेटीओं को आयर्न सप्लिमेन्ट, लोह तत्व की चिंता, टेक होम राशन ऐसी अनेक सेवाएँ पहोंचाई। कहने का मतलब यह है की उत्तम पोषण के लिए जितने भी उपाय किए जाए ऐसी अनेक योजना बना के उसके कल्याण के लिए काम किया। पोषण सुधा योजना इसी क्रम में एक बड़ा कदम है। 4-5 साल पहले दाहोद, वलसाड, महिसागर, छोटा उदयपुर और नर्मदा के आदिवासी क्षेत्रों के कुछ ब्लॉक में पोषण सुधा योजना शुरु की थी। बीते सालों में आदिवासी बहनों और बच्चों पर इसके सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए पाजिटिव रिजल्ट मिले उसके लिए सभी जनजातीय जिलों में इसका विस्तार किया गया। इससे हर महीने लगभग 1 लाख 36 हज़ार आदिवासी माताओं-बहनों को लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत गर्भवती और दूध पिलाने वाली माताओं को आंगनबाड़ी में एक वक्त गरम खाना, आयरन और कैल्शियम की गोलियां भी दी जाएंगी। हमने सिर्फ पोषण की योजना ही नहीं बनाई बल्कि सुविधाएं लाभार्थी बहनों-बच्चों तक ठीक से पहुंच रही है इसकी भी चिंता की है। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर मुझे टेक्नोलोजी का उपयोग करने का अवसर मिला। उस वक्त ममता पोर्टल शुरु किया और पिछले 8 साल में आंगणवाडी लगभग 12 लाख उपकरण दिये गये है। गुजरात में भी हजारों बहनो को उपकरण दिये गये है।

इसके तहत गुजरात सहित देशभर में लगभग साढ़े 11 करोड़ लाभार्थी बहनों-बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी रियल टाइम मॉनिटरिंग हो रहा है। ये जो पोषण सुधा योजना का विस्तार हुआ है, उसकी निगरानी के लिए मोबाइल ऐप बनाया गया है। गुजरात के सफल अनुभवों को विस्तार देते हुए ही देश में कुपोषण और एनीमिया की समस्या के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पहली बार देश में अब सितंबर महीने को पोषण माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। जो गुजरात में सावन-भादो महिने होते है। इस अभियान से भी गुजरात की बहनों को बहुत अधिक मदद मिल रही है। पोषण का अर्थ सिर्फ खान पान ही नहीं, लेकिन उनके लिए योग्य माहौल भी बनाना पडे, जरूरी छोटी बडी सुविधा, स्वच्छ भारत अभियान, घर-घर शौचालय, ये भी माताएँ और बहनों के स्वास्थ्य में सुधार करने के साधन है। उज्जवला योजना, गेस कनेक्शन। घर में धूंआ होने से हमारी माता-बहनों के फेफडो में सेंकडो सिगारेट जितना धुंआ जाता था, उसे बचाने का काम किया है।

36 लाख से ज्यादा परिवारों को उज्जवला योजना के तहत गेस कनेक्शन दिया गया है। घर-घर नल से जल। हमारी माताओं के सर से मटके उतार ने का सौभाग्य भी हमारे तकदीर में आया है। हमने पाईप से पानी पहुँचा के उनकी चिंता की है। माताएँ बहनों की तकलीफ कम हो, प्रदुषित पानी से मुक्ति मिले और अगर पानी अच्छा मिले तो कई बीमारी से निजाद मिलती है। पीएम मातृ वंदना योजना के तहत गुजरात समेत पूरे देश में करोडों माताओं को लगभग 11 हजार करोड रूपये का खर्च किया जाता है। ईस योजना के तहत गुजरात में भी 9 लाख बहनों को ईसका लाभ मिलता ह। बहनों को गर्भावस्था के दौरान पोषण मिले उसके लिए करीब 400 करोड रुपये का खर्च किया जाता है, उसकी मदद की जाती है।

गुजरात में महिलाओं को हर स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए, निर्णय लेने की जगहों पर अधिक अवसर देने के लिए हमने प्रयास किया है। महिलाओं की प्रबंध क्षमता को समझते हुए ही गांव से जुड़े अनेक प्रोजेक्ट्स में बहनों को नेतृत्व की भूमिका दी गई है। पानी समिति में गुजरात की बहनों ने जो प्रशंसनीय काम किया है, उसके कारण आज देश की बहनें जल जीवन मिशन को भी नेतृत्व दे रही हैं। गुजरात देश के उन राज्यों में है जहां पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए है। ग्रामीण बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए गुजरात में जब हम 50 साल हुए स्वर्ण जयंती मना रहे थे। उस समय हमने हमने मिशन मंगलम शुरु किया था और उसके तहत 12 साल में लगभग 2 लाख 60 हजार से ज्यादा सखी मंडल, स्वयं सहायता जूथ बन चूके है। 2.5 लाख से ज्यादा ग्रूप, उसमें 26 लाख से ज्यादा ग्रामीण बहने उसमें जूडी है। बडी संख्या में हमारी आदिवासी, दलित, पछात बहनें, हमारे गाँव की बहने जूडी है। ईन समूहों को सेंकडो हजारो करोड रूपये अलग अलग प्रोजेक्ट के तहत बेंको से मिले है। हमारा हमेंशा प्रयास रहा है की बहनें - बेटियां परिवारो की आर्थिक ताकत बढाएँ और अर्थव्यवस्था में भी उनकी सक्रिय साजेदारी हो।

2014 केंद्र में सरकार बनते ही जनधन बैंक खाते की एक बहुत बड़ी राष्ट्रीय योजना पर हमने काम किया इस योजना के तहत गुजरात में लाखों बहनों के बैंक खाते खुल चुके हैं, वो आज सभी माताओं-बहनों को काम आ रहे हैं। ऐसी गरीब माताओं को इतना बड़ा भयंकर कोरोना का बिमारी आई, सीधा उनके खाते में पैसा पहुंचाकर मेरी माताएं-बहनों की सम्मान से जीने की व्यवस्था की। मुद्रा योजना द्वारा, स्वरोज़गार द्वारा मुद्रा योजना, स्वरोजगार योजना के तहत बेंक से किसी प्रकार की गेरन्टी के बगैर पैसे देने की व्यवस्था की गई। और मुझे खुशी है की देश में मुद्रा योजना का लाभ लेने में देश की 70 प्रतिशत महिलाएँ है। सखी मंडल की मर्यादा केन्द्र सरकार ने जो 10 लाख रुपये की लोन थी उसे अभी बढाकर 20 लाख किया है जिससे वे अपने कारोबार को बढा सके। और जब मैं कहता हुं कि यह डबल ईंजन की सरकार है। ये डबल ईंजन की सरकार का लाभ है की चारो और तेज गति से विकास हो रहा है। आज ये कार्यक्रम में 1 लाख 40 हजार गरीबों को पक्के घर मिल रहे है । सोचिए लगभग 1.5 लाख परिवारों को रहने का पुक्का घर मिले। पहले कच्चे घरमें, झोपडी में, फूटपाथ पे रहते हो ऐसे 1.5 लाख परिवार है। उनमें भी अधिकतर मेरा ये नियम है की जो मकान मिले वो महिला के नाम पर हो। आज अगर ये मकानों की किमत देखें तो ये महिलाएँ लखपति बन गई। ईतना बडा काम हमने किया है। ये घरों के रुपसे 3,000 करोड से अधिक की संपत्ति बहनों के नाम हो गई है। कोई कल्पना कर सकता है की आज ये तुम्हारा बेटा बैठा है जिससे 3,000 करोड की संपति की मालकिन ये माताएँ – बहने बन गई गई है। ये वो बहने है जिनके नाम पर जिन्दगी में कभी भी कुछ भी नहीं था। एक मकान ना था , जमीन न थी, कुछ नहीं था । उनके नाम पर 3000 करोड़ की संपत्ति, यह बेटा उनका काम कर रहा है , मातृभक्ति से कर रहा हैं।

शहरी गरीबों और मिडिल क्लास के सपनों को भी पूरा किया। बीते सालों में गुजरात के शहरी गरीबों और मिडिल क्लास के घरों के निर्माण पर भी अभूतपूर्व काम हुआ है। अभी तक कुल स्वीकृत साढ़े 10 लाख से अधिक घरों में से शहरी गरीब परिवारों को करीब साढ़े 7 लाख घर मिल चुके हैं। गुजरात के लगभग साढ़े 4 लाख मिडिल क्लास परिवारों को भी घर बनाने के लिए मदद दी गई है। वड़ोदरा, आणंद, छोटा उदयपुर, खेड़ा, पंचमहाल, नर्मदा, दाहोद, ये मेरा मध्यगुजरात, उसके चारों जिलोमें रहती बहनों को ये सरकारी योजनाका लाभ मिला है।

केन्द्र सरकार ने शहरों में गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय लोगोंको उचित किराये पर रहने के लिए घर देने की योजना बनाई है। जिसमें आज गुजरात पूरे देशमें अग्रणी राज्य बना है। घर के साथ साथ जो ठेलेवाले होते है, चार पहियोवाले ठेले लेकर निकलते है उनको भी पीएम स्वनिधि योजना के तहत बेंक से लोन मिले। ये लोग पहले ऋण लेते थे और व्याज चूकाते थे। ये ठेलेवाले लोग, छोटे लोगोंको मदद करने का हमने बिडा उठाया है। पिछले 20 साल में गुजरात के विकास को सफलता मिले आधुनिकता मिले उस दिशा मैं हमनेकाम किया है। एक तरफ गुजरात का हर एक नागरिक हमारी बहने हमारा आदिवासी हमारे पिछड़े दलित भाइयों बहनों के समस्याओं का समाधान हो दूसरी तरफ कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर उसे औद्योगिक सामर्थ्य मिले क्योंकि हमें यही खड़ा नहीं रहना है हमें तेज गति से आगे बढ़ना है इसलिए उसका भी काम होना चाहिए रेल कनेक्टिविटी मैं उनके विस्तार में नहीं जाता भूपेंद्र भाई ने उसका जिक्र किया है रेल कनेक्टिविटी सतत हो उसके लिए 16000 करोड़ के प्रोजेक्ट आज गुजरात को मिले हैं साडे 300 किलोमीटर से अधिक न्यू पालनपुर न्यू मदार सेक्शन का लोकार्पण वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस प्रोजेक्ट को भी गति मिली है। ये प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे को उसका उपयोग औद्योगिकीकरण और व्यापार के कार्य को एक नई ताकत देने का माहौल बनाने में काम आएगा साबरमती बोटाद मार्ग का चौड़ीकरण, अहमदाबाद पिपावाव पोर्ट को जोड़ने वाला अलग-अलग छोटे-छोटे वैकल्पिक रूट तैयार किए गए हैं। जिसको लेकर हमारे बंदर निरंतर शुरू रहे गुजरात में जो कनेक्टिविटी का काम हुआ है। उसने लोगों का जीवन आसान बनाया है पीस ऑफ लिविंग कि मैं जो बात करता हूं उसमें ये भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है गुजरात में टूरिज्म बड़े और आपके बड़ौदा को तो बहुत बढ़िया है कोई मेहमान आते हैं तो एक दिन उनको कहीं ले जाना है तो कहां ले जाना चलो हमारे पावागढ़ जो नया बना है मां काली के पास जाए तीन-चार दिन के लिए मेहमान को कहीं ले जाना है तो चलो हमारा एकता नगर केवरिया लेकर जाए तीन-चार दिन मेहमानों को रखें और दुनिया से हम कितने आगे निकल गए हैं यह बताएं यह बड़ौदा वालों को तो उनकी पांचों उंगलियां की में है हमारा पालनपुर राधनपुर सेक्शन कच्छ को देश के बाकी हिस्सों के साथ कनेक्टिविटी देने का काम कर रहा है जिसकी वजह से कच्छ के किसानों को आज आज कच्छ के रण प्रदेश में भी खेती हो रही है कच्छ में चोर खेती हो रही है विदेशों में आप जा रहा है कच्छकी पैदावार विदेशों में जा रही है कृषि पैदावार या रेल कनेक्टिविटी के द्वारा भारत के कोने कोने तक पहुंचे उसके लिए या का आज किया है। बड़ौदा की आधुनिक कनेक्टिविटी उसके लिए विशेष ध्यान दिया गया है बड़ौदा को आधुनिक बस स्टेशन आप सभी को पता है पहला बस स्टेशन एयरपोर्ट से भी बढ़िया बना है। बना है कि नहीं? एयरपोर्ट से भी बढ़िया बना है कि नहीं? और आज पूरे हिंदुस्तान में उसकी चर्चा है सिर्फ इतना ही नहीं अपना गुजरात अहमदाबाद बडौदा एक्सप्रेस हाईवे लोग देखने जा रहे थे कि अहमदाबाद बडौदा एक्सप्रेस हाईवे कैसा बना है और अभी तो मुंबई दिल्ली एक्सप्रेस हाईवे और यह जो अहमदाबाद बड़ौदा एक्सप्रेस हाईवे था उससे देखकर उसका विस्तार हो रहा है इतना ही नहीं आप तो हाई स्पीड रेलवे बड़ौदा से मुंबई बुलेट ट्रेन यह भी थोड़े चालू में हमारे सामने होगी आप विचार करो कि बड़ौदा को इतनी बड़ी ताकत मिलने वाली है हमारा छावनी रेलवे स्टेशन उसका भी नये स्वरूपमें विकास हो रहा है हमारा बड़ोदा एयरपोर्ट उसमें भी चाहो चलाली आ रही है और दो नए ग्रीन एयरपोर्ट की भी तैयारियां चल रही है स्मार्ट सिटी अमृत योजना मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना उसके द्वारा भी डबल एन चीन डबल बेनिफिट यह मेरे बड़ौदा को मिल रहा है बड़ौदा स्मार्ट बनने के लिए 1000 करोड़ रुपिया 25 प्रोजेक्ट बड़ौदा के लिए स्वीकृत हुए हैं और उसमें से तकरीबन 16 प्रोजेक्ट पूर्ण होने को है। अमृत योजना अंतर्गत महानगरपालिका को 100 करोड रूपए और मैं वडोदरा महानगरपालिका को अभिनंदन दे रहा हुं। अभी मेरी हिमाचल में देशभर के मुख्य सचिवों की मीटिंग चल रही थी। उसमें एक अधिकारीने विशेष रुप से आज वडोदरा ने 100 करोड रूपए के बोन्ड ईस्यु किए है और जो सफलता प्राप्त की है, उसके लिए हिमाचल में आकर उन्होंने अभिनंदन दिए थे। मैं आज यहां रुबरु आकर आपको वडोदरा महानगर निगम को अभिनंदन दे रहा हुं। आज हमारा सिंघ रोड, जल आपूर्ति योजना का लोकार्पण, हमारा महिसागर का पानी वडोदरा के दक्षिण विस्तार में और उससे हमारी माताओँ-बहनों के आशीष मुझे मिलेंगे, मिलेंगे और मिलेंगे ही।

भाईओँ-बहनों हमारे वडोदरा की पहचान यानी शिक्षा के क्षेत्र में बडा नाम, हमारी एम एस युनिवर्सिटी का डंका बज रहा हो। और अब तो शिक्षा, सायन्स, कोर्ट उनमें भी हम आगे बढ रहे है। गत साल शिक्षा, स्किल डेवलपमेन्ट हब के लिए वडोदरा की पहचान बनी। ट्रीपल आईटी, स्वर्णिम गुजरात स्पोर्ट्स युनिवर्सिटी , सेन्ट्रल युनिवर्सिटी, ये सब गुजरात के आंगन में वडोदरा में। मेरे वडोदरा का सीना फुले वह स्वाभाविक है। आपको आनंद होगा ये देश की पहली,देश की पहली रेल युनिवर्सिटी , ये भी वडोदरा में, और अब गतिशक्ति युनिवर्सिटी के तौर पर उसका विस्तार भी वडोदरा की भूमि पर हो रहा है। और उसमें पढकर निकलनेवाले लोग, आसपास के सब विस्तारों के लोगों को लाभ मिलनेवाला है। देशभर के लोगों को लाभ मिलनेवाला है। और हमारा आणंद हो, छोटा उदेपुर हो या मध्य गुजरात के दूसरे जिलें हो। खेडा हो या पंचमहाल हो या दाहोद हो या ईसतरफ हमारा भरूच हो या नर्मदा हो, ईन सब को लाभ मिलनेवाला है। और नर्मदा में बिरसा मुंडा ट्राईबल युनिवर्सिटी, गोधरा में गोविंद गुरू युनिवर्सिटी, इसने तो देशभर में आकर्षण जमाया है।

भाईओ,बहनों, वडोदरा देश की सबसे पुरानी , ये वडोदरा देश का सही मायनों में कोस्मोपोलिटन सिटी कहा जा सके ऐसा शहर है। यहां देश का कोई कोना ऐसा नहीं होगा के जहां के लोग यहां न रहते हो, यहां काम न करते हो, यहां पढते ना हो, शायद ही ऐसा देखने को मिले। और जब हमारे वडोदरा का गरबा हो ओ हो पूरा देश , और वडोदरा में मेईक ईन ईन्डिया, इसका बेझ , मजबूत बेझ आज वडोदरा में खडा हुआ है और उसकी भूमिक बहुत बडी है विकास की यात्रा में, वडोदरा एक सर्विस सेक्टर का हब भी बन रहा है, यहां से टेकनोलोजी से जुडनेवालों का विस्तार हो रहा है, यहां हमारे बोम्बार्डियर कंपनी की मेट्रो दुनिया में जा रही है, दुनिया में, हमारे वडोदरा का सीना चौडा होगा की नहीं होगा बोलो भाईओँ। मेट्रो दुनिया में जाए तो बोले कहां बनी है तो कहेंगे वडोदरा में बनी है। मेट्रो ओस्ट्रेलिया में चल रही हो, कहां से आई तो कहेंगे वडोदरा से आई, भारत से आई, गुजरात सरकार सहकार और परोपकार ये इसकी विशेषता रही है। यह इसकी मूल ताकत रही है। और डबल एन्जिन की सरकार के प्रयासों से सामाजिक संगठनों की ताकत से, जनभागीदारी से , सिविल सोसायटी की मदद से, विकास की नई नई योजनाएं गुजरात के पब्लिक लाईफ को सशक्त करे, गुजरात के सामान्य जीवन को सशक्त करें, और गुजरात की आनेवाली पीढी के लिए, उत्तम गुजरात का निर्माण करें, ऐसी उत्तम भूमिका के साथ गुजरात विकास की नई उंचाईओं पर जा रहा है। और आप सब के आशीर्वाद हमें रोज नया करने की ताकत देते है। आप के आशीष हमें देश को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए हरदम प्रेरणा दे रहे हैं। आपके आशीर्वाद हमारे लिए इतना बडा सामर्थ्य है की इस देश के सपने साकार करने के लिए हम कोई पीछेहठ नहीं करते और इसतरह काम पर लगे हुए हैं तब फिर एकबार मेरा आज मातृवंदना दिन और आज इतनी बडी संख्या में माताओं बहनों के दर्शन करने का अवसर मिला, माताओँ बहनों का आशीर्वाद मिलने का मौका मिला, गुजरात के जीवन में एकसाथ लाखों बहनें आकर आशीर्वाद दें इससे सुंदर अवसर कौन सा हो सकता है? आप सब को माताओँ मेरा शत शत प्रणाम, मेरे शत शत नमन, आपके आशीर्वाद मातृशक्ति की सेवा के लिए, मां भारती की सेवा करने के लिए हमें सामर्थ्य दें वही अपेक्षा के साथ आप सब के आशीर्वाद हम सब पर बने रहें, बहुत बहुत शुभकामनाएँ, बहुत बहुत धन्यवाद।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s semiconductor market to cross $100 billion by 2030, projects PM Modi; unveils Rs 3,300 cr Kaynes plant in Gujarat

Media Coverage

India’s semiconductor market to cross $100 billion by 2030, projects PM Modi; unveils Rs 3,300 cr Kaynes plant in Gujarat
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
PM Modi sets tone for Assam polls with high-energy Gogamukh rally
April 01, 2026
Assam is world famous for its tea, but soon people will talk about its 'Chip' as well – ‘Chai bhi, Chip bhi’: PM Modi in Assam
Our double engine government understood people's pain, and in just 11 years we built five bridges on the Brahmaputra: PM Modi
The Assam election is about building a Viksit Bharat with a Viksit Assam. The hattrick of the BJP-NDA government is certain: PM Modi
You form the BJP government again and Assam will progress at an even faster pace. This is Modi’s guarantee: PM Modi in Gogamukh

Campaigning for the upcoming Assembly elections, Prime Minister Narendra Modi addressed a massive public gathering in Gogamukh, marking his first rally in Assam after the announcement of polls. The event witnessed an overwhelming turnout, with enthusiastic participation from youth, women and local communities, signaling strong momentum for the BJP-led NDA.

Opening his address with high energy, the Prime Minister said, “This is my first public meeting after the announcement of elections in Assam. The sea of people in front of me, the enthusiasm of the youth and the blessings of our mothers and sisters clearly show this time, a hat-trick is certain.” Echoing popular sentiment, he added, “Everyone is saying- ‘Aakou Ebaar… NDA Shorkar!’”

Invoking the spiritual and cultural heritage of Assam, PM Modi remarked, “I am fortunate to begin this campaign with the blessings of Lord Shiva at Ghughuli Dol and Donyi-Polo. I bow to Srimanta Sankardev and pay tribute to great sons of Assam like Lachit Borphukan and Bharat Ratna Bhupen Hazarika.”

Highlighting the development trajectory under BJP governments, PM Modi said, “Under the leadership of Sarbananda Sonowal and now Himanta Biswa Sarma, Assam has witnessed a new era of service and good governance over the past decade.” He emphasized that the election is not just about forming a government but about building a ‘Viksit Assam for a Viksit Bharat.’

Referring to the BJP’s recently released manifesto, he noted, “This ‘Sankalp Patra’ is truly a ‘Mangal Patra’- it brings prosperity for Assam. It lays out a clear roadmap for jobs, self-employment and ₹5 lakh crore investment in infrastructure.”

On women empowerment, he said, “Through the Lakhpati Didi initiative, nearly 3 lakh women in Assam have already become financially independent. Now, we aim to empower 40 lakh women.”

Emphasizing farmers’ welfare, PM Modi said that over ₹7,500 crore has been transferred to 20 lakh farmers under PM-KISAN. He added, “Small farmers will now receive an additional ₹11,000 annually. Our government is also committed to permanent solutions for Assam’s flood problem.”

Contrasting past and present, the PM reiterated, “The youth of today have only seen BJP’s governance. They have not witnessed the dark days of Congress rule when Assam was known for violence, curfews and unrest.”

He added that Assam is now defined by development, citing examples such as refinery expansion, bamboo-based bio-refinery projects, and upcoming semiconductor manufacturing. “Soon, Assam will be known not just for tea, but also for chips. ‘Chai bhi, Chip bhi’-this is our roadmap for a Viksit Assam.”

Targeting the opposition, PM Modi said, “For Congress, power and family come first. They ignored Assam’s development for decades.” He also warned against divisive politics, alleging that Congress is attempting to revive policies of appeasement.

Coming down heavily on Congress, PM Modi said, “The people of Assam have freed the state from Congress’s misgovernance, but must remain vigilant as the party is now attempting to push a ‘dangerous agenda’ for political gain.” He recalled that before 2014, the Congress-led government had tried to introduce a divisive communal violence law aimed at appeasement, which was stopped by the BJP-NDA. He alleged that Congress is once again proposing a similar approach in Assam, exposing its intent to divide society for votes.

The Prime Minister further accused Congress of supporting infiltration and previously allowing illegal encroachments on farmers’ and tribal lands. He asserted that while the BJP-NDA government is taking strict action against such encroachments, Congress is opposing these efforts. Warning that Congress seeks to alter Assam’s demographic balance, he assured that the BJP-NDA government will continue to protect the land, rights and identity of Assam’s people, calling it ‘Modi’s guarantee.’

Highlighting infrastructure growth, the PM pointed out that while only three bridges were built over the Brahmaputra in decades of Congress rule, the BJP government has completed five major bridges in just over a decade, with more underway.

Reaffirming commitment to tribal welfare, PM Modi said, “Our mantra is ‘Sabka Saath, Sabka Vikas’. Those left behind will be brought forward.” He highlighted initiatives for the Missing community, including education in native language and youth employment programs.

Concluding his address, PM Modi urged voters to ensure a record turnout. “On April 9, all voting records must be broken. Every BJP-NDA candidate is a soldier of Assam’s development. Make them victorious.” He ended with a strong assurance: “You form the BJP government again and Assam will progress at an even faster pace. This is Modi’s guarantee.”