वाराणसी कैंट स्टेशन से गोदौलिया तक पैसेंजर रोपवे की आधारशिला रखी गई
जल जीवन मिशन के तहत 19 पेयजल योजनाएं समर्पित कीं
"काशी ने लोगों की आशंकाओं को झुठलाया और शहर को बदलने में सफलता हासिल की"
"पिछले 9 वर्षों में गंगा घाटों के बदलते परिदृश्य को सभी ने देखा है"
"देश में 8 करोड़ घरों को पिछले 3 वर्षों में नल से जलापूर्ति हुई है"
"सरकार का प्रयास है कि अमृतकाल में भारत की विकास यात्रा के दौरान हर नागरिक योगदान दे और कोई भी पीछे न रहे"
“उत्तर प्रदेश विकास के हर क्षेत्र में नए आयाम जोड़ रहा है”
“उत्तर प्रदेश निराशा के साये से उभरा है और अब अपनी आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के पथ पर चल रहा है”

हर-हर महादेव!

आप सब लोगन के हमार प्रणाम बा..

यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगीगण, राज्य सरकार के मंत्रिगण, विधायकगण, अन्य महानुभाव और मेरी काशी के मेरे प्रिय भाइयों और बहनों!

नवरात्र का पुण्य समय है, आज मां चंद्रघंटा की पूजा का दिन है। ये मेरा सौभाग्य है कि इस पावन अवसर पर आज मैं काशी की धरती पर आप सबके बीच हूं। मां चंद्रघंटा के आशीर्वाद से आज बनारस की सुख-समृद्धि में एक और अध्याय जुड़ रहा है। आज यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का शिलान्यास किया गया है। बनारस के चौतरफा विकास से जुड़े सैकड़ों करोड़ रुपए के दूसरे प्रोजेक्ट्स का भी लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इनमें पीने के पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, गंगा जी की साफ-सफाई, बाढ़ नियंत्रण, पुलिस सुविधा, खेल सुविधा, ऐसे अनेक प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। आज यहां IIT BHU में ‘Centre of Excellence on Machine Tools Design का शिलान्यास भी हुआ है। यानि बनारस को एक और विश्वस्तरीय संस्थान मिलने जा रहा है। इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए बनारस के लोगों को, पूर्वांचल के लोगों को बहुत-बहुत बधाई।

भाइयों और बहनों,

काशी के विकास की चर्चा आज पूरे देश और दुनिया में हो रही है। जो भी काशी आ रहा है, वो यहां से नई ऊर्जा लेकर जा रहा है। आप याद कीजिए, 8-9 वर्ष पहले जब काशी के लोगों ने अपने शहर के कायाकल्प का संकल्प लिया था, तो बहुत लोग ऐसे थे, जिनको आशंकाएं थीं। कई लोगों को लगता था कि बनारस में कुछ बदलाव नहीं हो पाएगा, काशी के लोग सफल नहीं हो पाएंगे। लेकिन काशी के लोगों ने, आप सबने आज अपनी मेहनत से हर आशंका को गलत साबित कर दिया है।

साथियों,

आज काशी में पुरातन और नूतन दोनों स्वरूपों के दर्शन एक साथ हो रहे हैं। मुझे देश-विदेश में मिलने वाले लोग बताते हैं कि वो किस तरह विश्वनाथ धाम के पुनर्निर्माण से मंत्रमुग्ध हैं। लोग गंगा घाट पर हुए काम से प्रभावित हैं। हाल ही में जब दुनिया का सबसे लंबा रिवरक्रूज हमारी काशी से चला, उसकी भी बहुत चर्चा हुई है। एक समय था, जब गंगा जी में इसके बारे में सोचना भी असंभव था। लेकिन बनारस के लोगों ने ये भी करके दिखाया। आप लोगों के इन्हीं प्रयासों की वजह से एक साल के भीतर 7 करोड़ से अधिक पर्यटक काशी आए। और आप मुझे बताइए, ये जो 7 करोड़ लोग यहां आ रहे हैं, वो बनारस में ही तो ठहर रहे हैं, वो कभी पूड़ी कचौड़ी खा रहे हैं, कभी जलेबी-लौंगलता का आनंद ले रहे हैं, वो कभी लस्सी का पान कर रहे हैं तो कभी ठंडई का मजा लिया जा रहा है। और अपना बनारसी पान, यहां के लकड़ी के खिलौने, ये बनारसी साड़ी, कालीन का काम, इन सबके लिए हर महीने 50 लाख से ज्यादा लोग बनारस आ रहे हैं। महादेव के आशीर्वाद से ये बहुत बड़ा काम हुआ है। बनारस आने वाले ये लोग अपने साथ बनारस के हर परिवार के लिए आय के साधन ला रहे हैं। यहां आने वाले पर्यटक रोज़गार के, स्वरोज़गार के नए अवसर बना रहे हैं।

साथियों,

8-9 वर्षों के विकास कार्यों के बाद, जिस तेजी से बनारस का विकास हो रहा है, अब उसे नई गति देने का भी समय आ गया है। आज यहां टूरिज्म से जुड़े, शहर के सुंदरीकरण से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। रोड हो, पुल हो, रेल हो, एयरपोर्ट हो, कनेक्टिविटी के तमाम नए साधनों ने काशी आना-जाना बहुत आसान कर दिया है। लेकिन अब हमें एक कदम और आगे बढ़ना है। अब जो ये रोप वे यहां बन रहा है, इससे काशी की सुविधा और काशी का आकर्षण दोनों बढ़ेगा। रोप वे बनने के बाद, बनारस कैंट रेलवे स्टेशन और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बीच की दूरी बस कुछ मिनटों की रह जाएगी। इससे बनारस के लोगों की सुविधा और बढ़ जाएगी। इससे कैंट स्टेशन से गौदोलिया के बीच ट्रैफिक जाम की समस्या भी बहुत कम हो जाएगी।

साथियों,

वाराणसी में आस-पास के शहरों से, दूसरे राज्यों से लोग अलग-अलग काम से भी आते हैं। वर्षों से वो वाराणसी के किसी एक इलाके में आते हैं, काम खत्म करके रेलवे या बस स्टैंड चले जाते हैं। उनका मन होता है बनारस घूमने का। लेकिन सोचते हैं, इतना जाम है, कौन जाएगा? वो बचा हुआ समय स्टेशन पर ही बिताना पसंद करते हैं। इस रोप-वे से ऐसे लोगों को भी बहुत फायदा होगा।

भाइयों और बहनों,

ये रोप-वे प्रोजेक्ट सिर्फ आवाजाही का प्रोजेक्ट भर नहीं है। कैंट रेलवे स्टेशन के ऊपर ही रोप-वे का स्टेशन बनेगा, ताकि आप लोग इसका सीधे लाभ ले सकें। ऑटोमैटिक सीढ़ियां, लिफ्ट, व्हील चेयररैंप, रेस्टरूम और पार्किंग जैसी सुविधाएं भी वहीं उपलब्ध हो जाएगी। रोप वे स्टेशनों में खाने-पीने की सुविधा, खरीदारी की सुविधा भी होगी। ये काशी में बिजनेस और रोजगार के एक और सेंटर के रूप में विकसित होंगे।

साथियों,

आज बनारस की एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा काम हुआ है। बाबतपुर हवाई अड्डे में आज नए एटीसी टावर का लोकार्पण हुआ है। अभी तक यहां देश-दुनिया से आने वाले 50 से अधिक विमानों को हैंडल किया जाता है। नया एटीसी टावर बनने से ये क्षमता बढ़ जाएगी। इससे भविष्य में एयरपोर्ट का विस्तार करना आसान होगा।

भाइयों और बहनों,

काशी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत जो काम हो रहे हैं, उनसे भी सुविधाएं बढ़ेंगी और आने-जाने के साधन बेहतर हो जाएंगे। काशी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ही फ्लोटिंगजेट्टी का निर्माण किया जा रहा है। नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा किनारे के शहरों में सीवेज ट्रीटमेंट का एक बहुत बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ है। पिछले 8-9 वर्षों में आप गंगा के बदले हुए घाटों के साक्षी बने हैं। अब गंगा के दोनों तरफ पर्यावरण से जुड़ा बड़ा अभियान शुरू होने वाला है। सरकार का प्रयास है कि गंगा के दोनों तरफ 5 किलोमीटर के हिस्से में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए इस वर्ष के बजट में भी ऐलान किए गए हैं। चाहे खाद हो या फिर प्राकृतिक खेती से जुड़ी दूसरी मदद इसके लिए नए केंद्र बनाए जा रहे हैं।

साथियों,

मुझे ये भी खुशी है कि बनारस के साथ पूरा पूर्वी उत्तर प्रदेश, कृषि और कृषि निर्यात का एक बड़ा सेंटर बन रहा है। आज वाराणसी में फल-सब्जियों की प्रोसेसिंग से लेकर भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ी कई आधुनिक सुविधाएं तैयार हुई हैं। आज बनारस का लंगड़ा आम, गाज़ीपुर की भिंडी और हरी मिर्च, जौनपुर की मूली और खरबूजे, विदेश के बाजारों तक पहुंचने लगे हैं। इन छोटे शहरों में उगाई गईं फल-सब्जियां लंदन और दुबई के बाज़ारों तक पहुंच रही हैं। और हम सब जानते हैं, जितना ज्यादा एक्सपोर्ट होता है, उतना ही अधिक पैसा किसान तक पहुंचता है। अब करखियांव फूडपार्क में जो इंटिग्रेटेड पैकहाउस बना है, उससे किसानों-बागबानों को बहुत मदद मिलने जा रही है। आज यहां पुलिस फोर्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स का भी लोकार्पण हुआ है। मुझे विश्वास है कि इससे पुलिसबल का आत्मविश्वास बढ़ेगा, कानून-व्यवस्था और बेहतर होगी।

साथियों,

विकास का जो रास्ता हमने चुना है, उसमें सुविधा भी है और संवेदना भी है। इस क्षेत्र में एक चुनौती पीने के पानी की रही है। आज यहां पीने के पानी से जुड़ी अनेक परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है और नई परियोजनाओं पर काम भी शुरु हुआ है। गरीब की परेशानी कम करने के लिए ही हमारी सरकार हर घर नल से जल अभियान चला रही है। बीते तीन साल में देश-भर के 8 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचना शुरू हुआ है। यहां काशी और आस-पास के गांवों में भी हजारों लोगों को इसका लाभ मिला है। उज्ज्वला योजना का भी बहुत लाभ बनारस के लोगों को हुआ है। सेवापुरी में नया बॉटलिंग प्लांट इस योजना के लाभार्थियों की भी मदद करेगा। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार में गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुगम होगी।

साथियों,

आज केंद्र में जो सरकार है, यहां यूपी में जो सरकार है, वो गरीब की चिंता करने वाली सरकार है, गरीब की सेवा करने वाली सरकार है। और आप लोग भले प्रधानमंत्री बोलें, सरकार बोलें, लेकिन मोदी तो खुद को आपका सेवक ही मानता है। इसी सेवाभाव से मैं काशी की, देश की, यूपी की सेवा कर रहा हूं। थोड़ी देर पहले मेरी सरकार की अनेक योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत हुई है। किसी को आंखों की रोशनी मिली, तो किसी को सरकारी मदद से अपनी रोज़ी-रोटी कमाने में मदद मिली। स्वस्थ दृष्टि, समृद्ध काशी अभियान और अभी मैं एक सज्‍जन से मिला तो वो कह रहे थे- साहब स्‍वस्‍थ दृष्टि, दूरदृष्टि करीब एक हजार लोगों का मोतियाबिंद का मुफ्त इलाज हुआ है। मुझे संतोष है कि आज बनारस के हजारों लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। आप याद कीजिए, 2014 से पहले के वो दिन जब बैंकों में खाता खोलने में भी पसीने छूट जाते थे। बैंकों से ऋण लेना, इसके बारे में तो सामान्य परिवार सोच भी नहीं सकता था। आज गरीब से गरीब के परिवार के पास भी जनधन बैंक खाता है। उसके हक का पैसा, सरकारी मदद, आज सीधे उसके बैंक खाते में आता है। आज छोटा किसान हो, छोटा व्यवसायी हो, हमारी बहनों के स्वयं सहायता समूह हों, सबको मुद्रा जैसी योजनाओं के तहत आसानी से ऋण मिलते हैं। हमने पशुपालकों और मछली पालकों को भी किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा है। रेहड़ी, पटरी, फुटपाथ पर काम करने वाले हमारे साथियों को भी पहली बार पीएम स्वनिधि योजना से बैंकों से ऋण मिलना शुरु हुआ है। इस वर्ष के बजट में विश्वकर्मा साथियों की मदद के लिए भी पीएम विश्वकर्मा योजना लेकर आए हैं। प्रयास यही है कि अमृतकाल में विकसित भारत के निर्माण में हर भारतीय का योगदान हो, कोई भी पीछे ना छूटे।

भाइयों और बहनों,

अब से कुछ देर पहले मेरी खेलो बनारस प्रतियोगिता के विजेताओं से भी बात हुई है। इसमें एक लाख से अधिक युवाओं ने अलग-अलग खेलों में हिस्सा लिया। सिर्फ ये अपने बनारस संसदीय क्षेत्र में मैं सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। बनारस के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा खेलने का मौका मिले, इसके लिए यहां पर नई सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। पिछले वर्ष सिगरा स्टेडियम के पुनर्विकास का फेज़-1 शुरु हुआ। आज फेज़-2 और फेज़-3 का भी शिलान्यास किया गया है। इससे यहां अब अलग-अलग खेलों की, हॉस्टल की आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी। अब तो वाराणसी में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम भी बनने जा रहा है। जब ये स्टेडियम बनकर तैयार होगा, तो एक और आकर्षण काशी में भी जुड़ जाएगा।

भाइयों और बहनों,

आज यूपी, विकास के हर क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। कल यानि 25 मार्च को योगी जी की दूसरी पारी का एक वर्ष पूरा हो रहा है। दो-तीन दिन पहले योगी जी ने लगातार सबसे ज्यादा समय तक यूपी के मुख्यमंत्री होने का रिकॉर्ड भी बनाया है। निराशा की पुरानी छवि से बाहर निकलकर, यूपी, आशा और आकांक्षा की नई दिशा में बढ़ चला है। सुरक्षा और सुविधा जहां बढ़ती है, वहां समृद्धि आना तय है। यही आज उत्तर प्रदेश में होता हुआ दिख रहा है। आज जो ये नए प्रोजेक्ट्स यहां जमीन पर उतरे हैं, ये भी समृद्धि के रास्ते को सशक्त करते हैं। एक बार फिर आप सभी को विकास के अनेक कामों के लिए बहुत-बहुत बधाई। बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हर-हर महादेव !

धन्‍यवाद।

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प्रधानमंत्री ने इसके पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ को भारत की सभ्यतागत यात्रा में मील का पत्थर बताया
May 11, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज सोमनाथ मंदिर का दौरा किया और पुनर्निर्मित मंदिर के भक्तों के लिए खुलने के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन की 75वीं वर्षगांठ पर वहां पहुंचकर अपने दिव्य अनुभव का वर्णन किया। श्री मोदी ने कहा कि मंदिर के मार्ग पर भगवान सोमनाथ के भक्तों की अपार ऊर्जा और उत्साह देखकर वे अभिभूत और भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि आज वे उस क्षण को फिर से जी रहे हैं जो भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित मंदिर के उद्घाटन के दौरान अनुभव किया होगा। उन्होंने कहा कि सोमनाथ अमृत महोत्सव का भक्तिमय वातावरण चारों ओर एक अद्भुत ऊर्जा का संचार कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सोमनाथ के हर कोने में भक्ति का अनुभव किया जा सकता है। पुनर्निर्मित मंदिर के खुलने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अगिनत लोगों के एकत्रित होने पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए, श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि यह ऐतिहासिक दिन वास्तव में भारत की सभ्यतागत यात्रा में मील का पत्थर है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर कई पोस्ट की एक श्रृंखला में लिखा:

"जय सोमनाथ! यहां आकर धन्य महसूस कर रहा हूं, क्योंकि हम पुनर्निर्मित मंदिर के भक्तों के लिए खुलने के 75 वर्ष पूरे होने का समारोह मना रहे हैं।"

"पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ पर पावनधाम सोमनाथ आकर दिव्य अनुभूति हुई है। इस अवसर पर मंदिर मार्ग पर भगवान सोमनाथ के भक्तों के जोश और प्रचंड उत्साह को देखकर मन अभिभूत और भावविभोर है! मैं आज यहां उस क्षण को जी रहा हूं, जिसका अनुभव भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण के अवसर पर किया होगा। सोमनाथ अमृत महोत्सव का भक्तिमय वातावरण हर तरफ अद्भुत ऊर्जा का संचार कर रहा है।" 

सोमनाथ में हर कोने में भक्ति का अनुभव किया जा सकता है। पुनर्निर्मित मंदिर के भक्तों के लिए खुलने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में अनगिनत लोग एकत्रित हुए हैं। वह दिन वास्तव में भारत की सभ्यतागत यात्रा में मील का पत्थर था।

 At Somnath, one can experience Bhakti in every corner. Countless people have come together to mark 75 years since the rebuilt Temple opened its doors to devotees. That day was indeed a milestone in the civilisational journey of Bharat. pic.twitter.com/wvNbmAN5V8