शांति और उद्यमशीलता के लिए प्रसिद्ध सिक्किम में तीव्र प्रगति हो रही है: प्रधानमंत्री
एक सबसे अच्‍छी बात मुझे रास्ते भर दिखी, वह थी सिक्किम की सड़कों की स्वच्छता: प्रधानमंत्री
सिक्किम के लोग प्रकृति के पक्के ब्रांड एंबेसडर हैं: पीएम मोदी
बीते वर्षों में यहाँ सैकड़ों किलोमीटर हाईवे का निर्माण हुआ है, गाँव-गाँव तक सड़कों को पहुंचाने के लिए तेजी से काम चल रहा है: पीएम मोदी
सिक्किम के लिए संभावनाओं का एक और आसमान स्‍पोर्ट्स में भी है, यहां के युवाओं ने स्‍पोर्ट्स में अपनी क्षमता और प्रतिभा को बड़े-बड़े मंचों पर साबित किया है: प्रधानमंत्री
हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि मजबूत स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के साथ-साथ लोगों को किफायती चिकित्सा उपचार भी मिले: प्रधानमंत्री
आयुष्मान कार्ड की सुविधा 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी बुजुर्ग नागरिकों दी जा रही है: पीएम मोदी
ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती का सिक्किम मॉडल पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है: प्रधानमंत्री
सिक्किम की जीवनशैली और सिक्किम के संकल्प आज देश के विजन का हिस्‍सा बन चुके हैं: प्रधानमंत्री

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

भारत माता की जय।

सिक्किम के राज्यपाल श्री ओम माथुर जी, यहां के लोकप्रिय, ऊर्जावान युवा और मेरे परम मित्र श्री प्रेम सिंह तमांग जी, संसद में मेरे साथी श्री दोरजी शेरिंग लेपचा जी, डॉ. इन्द्र हांग सुब्बा जी, श्री दिली राम थापा जी और सिक्किम के मेरे प्यारे भाइयों और बहनों।

समग्र सिक्किम वासी लाई स्वर्ण जयंती को धेरै धेरै बधाई तथा शुभकामना, नमस्ते, टाशी डिले!

खाम-रि-मो! तपाईंहरू कॉस्तो हुनु-हुन्छ ?

साथियों,

मैं कल दोपहर बाद गंगटोक पहुंचा था, और यहां मेरे आने से पहले, मैं बंगाल चुनावों की गहमा-गहमी में जरा व्यस्त था। यहां आते ही एक नई अनुभूति, एक नया आनंद, चारों तरफ उत्सव का माहौल, मन खुशियों से भर गया। रात में हुई बारिश, फिर सुबह की ठंडक और ये खिली हुई धूप, सिक्किम के रंग ही निराले हैं।

साथियों,

पूरब का स्वर्ग सिक्किम, ऑर्किड्स का गार्डन सिक्किम, इसका अप्रतिम सौंदर्य, यहां की शांति, यहां का आध्यात्मिक आनंद, ये अनुभूति बड़े सौभाग्य से मिलती है। आज मैं यहां के ऑर्किड्स को भी देखने गया था। मेरे लिए जितना समय तय हुआ था, मैं ज्यादा ही समय वहां बिता रहा था। और मैं देशभर के टूरिस्टों को, प्रकृति प्रेमी टूरिस्टों को, अगर उन्होंने सिक्किम का ये ऑर्किड नहीं देखा है, तो कुछ भी नहीं देखा है। और मुझे विश्वास है कि इस बार टूरिस्ट, सिक्किम के टूरिज्म के सारे आंकड़े इस बार पार कर देंगे। ऑर्किड में मैंने देखा प्रकृति के वो रंग, उनका उल्लास, मेरा मन अभी भी उसी में डूबा हुआ है।

साथियों,

आज हमें सिक्किम की 50 वर्ष की यात्रा का उत्सव मनाने का अवसर मिला है। जब अवसर इतना ऐतिहासिक हो और इतने दिव्य माहौल में हो रहा हो, तो उसकी भव्यता कई गुना बढ़ जाती है। पालजोर का ये स्टेडियम आज उसी अद्भुत आभा से भरा हुआ है। यहां जो सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, कलाकारों की मुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां हुईं। सिक्किम के आप लोगों का जो उत्साह दिखा, सामने पहाड़ों और आसमान में प्रकृति की सुंदर छटा दिखी। ऐसा लग रहा था, जैसे प्रकृति और संस्कृति साथ मिलकर जीवंत हो उठी। वाकई ये स्मूर्तियां हमेशा मेरे दिल में बनी रहेगी। और मैं जो भी कोरियोग्राफी करने वाले लोग होंगे, जो भी गाने वाले लोग होंगे, सबको बधाई देता हूं। और आज का ये कार्यक्रम मैं चाहूंगा कि ये टीवी, मीडिया वाले, दूरदर्शन वाले देश को बार-बार दिखाएं। जब देश में राजनीतिक स्वार्थ के चलते भाषावाद, प्रांतवाद, ऊंच-नीच, देश में भेदभाव के लिए लगातार कोशिश हो रही है, आज सिक्किम ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के दर्शन करा दिए। उन्होंने इस छोटे से कार्यक्रम में पूरा हिंदुस्तान आंखों के सामने खड़ा कर दिया। और अभी भी जो उन्होंने बैठने की रचना की है, मुझे ऊपर से दिखता है, पूरा हिंदुस्तान है, और जो जिस प्रदेश का है, वैसे ही परिवेश है, उधर गुजरात तो गुजराती कपड़ों में लोग बैठे हैं। वाकई-वाकई आपने दिल जीत लिया है। ये मोदी का नहीं, पूरे हिंदुस्तान का दिल जीत लिया है आज। यही तो भारत भक्ति होती है, यही तो देशभक्ति होती है। नई पीढ़ी में इसी से देशभक्ति के भाव जगते हैं। बहुत-बहुत बधाई आप लोगों को।

साथियों,

सिक्किम आने पर मुझे इसलिए भी बहुत खुशी है, क्योंकि पिछली बार मैं खराब मौसम के कारण यहां तक नहीं पहुंच पाया था। मुझे बागडोगरा से ऑनलाइन ही आपसे जुड़ना पड़ा था। आपसे यहां आकर ना मिल पाने की वो कसक मेरे मन में बनी हुई थी। और जब भी प्रेम सिंह जी मिलते थे ना, तो मेरी आंखें झुक जाती थी कि आपने इतनी मेहनत की, मैं आ नहीं पाया, और इसलिए मैं इंतजार में था, वो इंतजार भी आज इस अवसर के माध्यम से पूरा हुआ है।

साथियों,

सिक्किम के लोगों से मिलना मुझे हमेशा एक अलग सुकून देता है। आपकी ये सौम्यता, आपकी ये सादगी, आपके चेहरों की मुस्कान अद्भुत है। यहां आने से पहले भी मैं सिक्किम के कई प्रतिभाशाली लोगों से मिला। सिक्किम के प्रबुद्ध लोग, पद्म सम्मान विजेता, आर्टिस्ट और फुटबॉलर्स उनसे अलग-अलग विषयों पर मेरी बात हुई।

साथियों,

कल शाम को जो रोड शो हुआ, मैं उसे भी अब तक भूल नहीं पाया हूं, और शायद कभी नहीं भूल पाऊंगा। हाथों में हमारा ये प्यारा तिरंगा। लगातार भारत माता का जयकारा, और वंदे मातरम का उद्घोष, पूरा वातावरण ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की तस्वीरों से रंगा हुआ था। गंजू लामा द्वार से लोकभवन के रास्ते तक, जिस तरह सिक्किम के मेरे भाई-बहन अपना प्यार देने उमड़े, जिस तरह सभी जातीय समुदायों ने स्वागत किया, हर समुदाय की अपनी वेशभूषा, अपना-अपना संगीत, अपनी-अपनी परंपराएं, पूरा माहौल ही एक बड़े महोत्सव में बदल गया था। ये दृश्य ऐसा था, जैसे प्रकृति की गोद में अलग-अलग रंग खिले हों। बड़ी संख्या में मेरी माताएं-बहनें, बच्चे और बुजुर्ग भी अपना आशीर्वाद देने आए थे। और जो एक सबसे अच्छी बात मुझे पूरे रास्ते भर दिखी, वो थी सिक्किम की सड़कों की स्वच्छता, आप सबको सैल्यूट। दूर-दूर तक कोई गंदगी नहीं, वायु में भी स्वच्छता, सड़कों पर भी स्वच्छता, सिक्किम के आप लोग प्रकृति के पक्के वाले संरक्षक हैं, ब्रैंड एंबेसेडर हैं। मैं फिर देशवासियों को कहता हूं, सिक्किम आइए। कितना साफ-सुथरा, स्वच्छ बनाए रखा है सिक्किम को।

भाइयों-बहनों,

कल रोड शो जो हुआ, और अभी इस आयोजन के लिए मैं आप सभी का और सभी कलाकारों का हृदय से बहुत-बहुत आभार प्रकट करता हूं, आपका अभिनंदन करता हूं। मैं सिक्किम के लोगों को, और सभी देशवासियों को 50 वर्ष की इस महत्वपूर्ण यात्रा के इस उत्सव की बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं, आपके प्यार, आपका स्नेह, आपके आशीर्वाद का ये कर्ज, इसे चुकाने के लिए मैं कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोडूंगा।

साथियों,

सिक्किम की यात्रा मानवीय मूल्यों की यात्रा है। ये विकास और विरासत को साथ लेकर चलने की यात्रा है। सिक्किम की अनेक पीढ़ियों ने इस यात्रा को आगे बढ़ाया है। गत् 50 वर्ष में जिन-जिन लोगों ने सिक्किम को आगे बढ़ाया है, यहां तक पहुंचाया है, उन सबको मैं आज हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं। जिस समय, जिसको जो करना था, उसने किया, उसने सिक्किम को दिया। अब, इसकी ज़िम्मेदारी हमारे पर है, हमारे ऊपर है। सिक्किम की सरकार, मेरे मित्र प्रेम सिंह जी के नेतृत्व में पूरी ईमानदारी से सिक्किम की विरासत को संजोने और विकास को गति देने का काम कर रही है। हमारे लिए सिक्किम, नॉर्थ ईस्ट केवल देश का एक अहम हिस्सा ही नहीं है, बल्कि ये भारत की ‘अष्ट लक्ष्मी’ हैं। नॉर्थ ईस्ट ये हिंदुस्तान की ‘अष्ट लक्ष्मी’ हैं। इसलिए, हम ‘एक्ट ईस्ट’ की पॉलिसी पर तो काम कर ही रहे हैं, हमने नॉर्थ ईस्ट के लिए ‘एक्ट फास्ट’ का संकल्प भी लिया है। और इसलिए ‘एक्ट ईस्ट’, ‘एक्ट फास्ट’। आज भी यहाँ हजारों करोड़ रुपए की 30 से ज्यादा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इनमें रोड, पावर, टूरिज्म, हेल्थ, एजुकेशन, हर तरह के प्रोजेक्ट शामिल हैं। नॉर्थ सिक्किम के क्षेत्रों में 2023 के बाद जो चुनौतियां आईं, उन्हें भी ध्यान में रखा गया है। जहां-जहां कनेक्टिविटी प्रभावित हुई, वहां उसे फिर से मजबूत करने पर फोकस किया गया है। मैं इनके लिए सिक्किम के आप सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

साथियों,

हमारे सिक्किम की बहुत बड़ी ताकत उसकी टूरिज़्म इकोनॉमी है। सिक्किम का क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का एक परसेंट से भी कम है, लेकिन देश की 25 परसेंट से ज्यादा फ्लोरल diversity हमारे सिक्किम में मिलती है। यहाँ पक्षियों की करीब 500 प्रजातियाँ, बटरफ़्लाइज़ की करीब 700 प्रजातियाँ, खूबसूरत फॉरेस्ट कवर, कंचनजंगा का अद्भुत आकर्षण, कितना कुछ है। इसलिए हर कोई बार-बार सिक्किम आना चाहता है।

साथियों,

सिक्किम के टूरिज्म से यहां बहुत बड़ी संख्या में लोगों की आय जुड़ी हुई है। और टूरिज्म तभी बढ़ता है, उस राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर जब बढ़िया हो, तब बढ़ता है। इसीलिए हम सिक्किम की कनेक्टिविटी और यहां इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहे हैं। बीते वर्षों में यहाँ सैकड़ों किलोमीटर हाइवेज का निर्माण हुआ है। गाँव-गाँव तक सड़कों को पहुंचाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। ऐसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पहले जिनकी कल्पना भी नहीं होती थी, आज वो हकीकत बन रहे हैं। बागडोगरा से गंगटोक तक एक्सप्रेसवे का निर्माण हो, सेवोक-रंगपो रेल लाइन हो, ये प्रोजेक्ट सिक्किम को पूरे देश से जोड़ने का जरिया बन रहे हैं। यहां नए नेशनल हाईवेज, उसका निर्माण भी कराया जा रहा है। गंगटोक जैसे शहरों में रिंग रोड जैसी परियोजनाएं भविष्य के लिए जरूरी हैं। इस दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है।

भाइयों-बहनों,

बीजेपी सरकार जो काम आज कर रही है, वो पहले भी हो सकते थे, लेकिन काँग्रेस की सरकारों ने हमेशा सिक्किम के विकास को पीछे धकेला। सेवोक-रंगपो रेल लाइन का ही उदाहरण लीजिए, इस प्रोजेक्ट को 2008-2009 में मंजूरी मिली थी, लेकिन जमीन पर काम नहीं हुआ, कागज पर लटका रहा। परियोजना फाइलों में ही पड़ी रही। केंद्र में बीजेपी सरकार आने के बाद विकास को फिर से गति मिली है। पहली बार सिक्किम तक रेल पहुँचने जा रही है।

साथियों,

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमें नए ideas की भी जरूरत होती है। आज हम इसी सोच के साथ काम कर रहे हैं। भालेढूंगा, येन-येंग और पेलिंग में रोपवे का निर्माण इसी का उदाहरण है। भालेढूंगा में स्काइवॉक का भी निर्माण कराया जा रहा है। और अब सिंहशोर Bridge पर ग्लास डेक स्काइवॉक भी बनाने की तैयारी है। नाथूला और नामली जैसी जगहों पर बार्डर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने का काम भी हो रहा है।

साथियों,

हमारी सरकार के इन प्रयासों से आपका जीवन आसान होगा, सिक्किम आने वाले पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी, और आपकी आमदनी में भी वृद्धि होगी। और मैं देशभर के टूरिस्टों को हमेशा आग्रह करता हूं। आप यात्रा के लिए जाएं, आप एडवेंचर टूरिज्म के लिए जाएं, आप एनवायरमेंट टूरिज्म के लिए जाएं, लेकिन जहां जाए, वहां जो लोकल उत्पाद होते हैं, आपकी यात्रा के बजट का 5% वहां से कुछ ना कुछ खरीदना कंपलसरी होना चाहिए। लोकल को वोकल बनाने का रास्ता यहीं से शुरू होता है। आप जहां जाए, वहीं का खाना खाएं, जहां जाए वहीं की चीजें खरीदें, Souvenir के तौर पर ले जाएं। ताकि यहां के लोगों को दूर-दूर पहाड़ों में रहने वाले छोटे-छोटे समूहों को ये जो इतनी बड़ी मात्रा में मेरी बहनें आई हैं, ये इतनी बढ़िया-बढ़िया चीजें बनाती हैं सेल्फ हेल्प ग्रुप में, वो खरीदने वाले लोग देश भर से आने चाहिए और इससे यहां रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

साथियों,

सिक्किम में इको-वेलनेस टूरिज़्म का भी बहुत स्कोप है, हम इसे भी प्रमोट कर रहे हैं। स्थानीय लोगों को टूरिज़्म से ज्यादा से ज्यादा आय हो, इसके लिए 1 हजार होमस्टे भी बिल्ड किए जा रहे हैं। Adventure टूरिज़्म के लिए भी इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट किया जा रहा है।

साथियों,

सिक्किम के लिए संभावनाओं का एक और आसमान स्पोर्ट्स में भी है, खेलकूद में भी है। यहाँ के युवाओं ने स्पोर्ट्स में अपनी क्षमता और प्रतिभा को बड़े-बड़े मंचों पर साबित किया है। फुटबाल, बॉक्सिंग, आर्चरी, इन खेलों में यहाँ से निकले खिलाड़ियों ने सिक्किम और देश का नाम रोशन किया है।

साथियों,

इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हम ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे मूवमेंट चला रहे हैं। यहाँ की State Sports Academy को भी पुनर्जीवित किया गया है। सिक्किम प्रिमियर लीग जैसी sports events को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा संख्या में खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिले, उनके खेलने में सुधार आए।

साथियों,

यहाँ जसलाल प्रधान जी के नाम पर state-of-the-art boxing academy का भी प्रस्ताव है। इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स और कल्चरल विलेज जैसे प्रोजेक्ट भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे सिक्किम के युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, और वे अपने खेल को और चमका भी पाएंगे।

साथियों,

आज जिन प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है, उनमें हेल्थ सेक्टर से जुड़े कई बड़े काम भी शामिल हैं। एक समय था, जब सिक्किम और नॉर्थ ईस्ट को कांग्रेस की सरकारों ने पूरी तरह नजर अंदाज कर रखा था। यहाँ स्वास्थ्य सेवाएं बहुत सीमित होती थीं। इस कारण से टूरिस्ट भी यहाँ आने में संकोच करते थे, लेकिन आज वो चुनौती भी खत्म हो रही है। आज सिक्किम में करीब 200 आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं। आज यहाँ 4 डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल्स हैं, Tertiary care हॉस्पिटल है, वेलनेस सेंटर्स हैं, यहाँ आयुष सुविधाओं का भी हजारों लोग लाभ ले रहे हैं। ड्रेजॉन्ग नामग्यल सोवा रिग्पा हॉस्पिटल के लोकार्पण के बाद सिक्किम के हेल्थकेयर सिस्टम को और बूस्ट मिलेगा।

भाइयों-बहनों,

हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ लोगों को सस्ता इलाज भी मिले, हमारी सरकार इसके लिए भी कमिटेड है। पहले हमने गरीबों को मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड दिये थे। अब ये सुविधा 70 वर्ष और उससे ऊपर वाले उम्र के सभी बुजुर्गों को भी दी जा रही है। साथ ही, जन औषधि केन्द्रों पर दवाएं भी बेहद सस्ते दामों पर उपलब्ध हैं। इन प्रयासों से यहाँ के लोगों का जीवन तो आसान हुआ ही है, इलाज पर होने वाला आपका खर्च भी कम हो रहा है।

साथियों,

आज आर्थिक प्रगति और संसाधनों को लेकर विश्व का नज़रिया तेजी से बदल रहा है। आज दुनिया sustainable lifestyle की बात कर रही है। आज क्लीन एनर्जी पर दुनिया का फोकस है। आज organic फूड्स को प्राथमिकता दी जा रही है। मुझे खुशी है कि हमारा नॉर्थ ईस्ट और सिक्किम इस futuristic ग्रोथ का बड़ा केंद्र है। सिक्किम ने पूरे देश को दिशा दिखाई है। सिक्किम ने तो 10 साल पहले, 2016 में ही पूरे राज्य को organic state घोषित कर दिया था। हमारा डेमाजोंग अब केवल राइस उत्पादन के लिए नहीं जाना जाता, उसकी पहचान अब organic राइस के लिए होने लगी है। बड़ी इलायची, अदरक, हल्दी, एवोकाडो, कीवी, ऐसे कितने ही उत्पाद देश और दुनिया के बाजार तक पहुँच रहे हैं। सिक्किम में medicinal plants की भी सैकड़ों प्रजातियाँ पाई जाती हैं। ये भी स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने का जरिया बन रही है।

साथियों,

Organic और प्राकृतिक खेती का सिक्किम का मॉडल, ये पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। सिक्किम की लाइफस्टाइल, सिक्किम के संकल्प, आज ये देश के विज़न का हिस्सा बन चुके हैं। यहां प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने अब ऑर्गेनिक प्रोसेसिंग प्लांट भी शुरू किये गए हैं। इससे किसानों को बाजार से सीधा जुड़ने का मौका मिल रहा है।

साथियों,

सिक्किम की आर्थिक प्रगति में एक बहुत बड़ी भूमिका यहाँ के सेल्फ हेल्प ग्रुप्स और इन महिलाओं की भी है। इन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के प्रॉडक्ट्स बड़े बाज़ारों तक पहुंचे, डिजिटल इंडिया इसमें एक बड़ी भूमिका निभा रहा है। “स्वयं सिक्किम” जैसे प्लेटफॉर्म आज इन महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।

साथियों,

क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में सिक्किम की व्यापक क्षमता मौजूद है। यहाँ के पर्यावरण को भी संरक्षित रखते हुए, हमें सिक्किम के इस potential का और इस्तेमाल करना है। मैं जानता हूं, पर्यावरण संरक्षण, ये सिक्किम के लोगों का स्वभाव है। जब देश ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ की पहल शुरू की थी, सिक्किम के लोगों ने कर्तव्य भाव से आगे बढ़ाया, और मुख्यमंत्री जी ने यहां के लोग को प्रेरणा देकर के “मेरो रुख मेरो संतति” पहल भी चला रहे हैं। इसके तहत हर शिशु के जन्म पर 108 पेड़ लगाए जाते हैं। मुझे लगता है ये पहल पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा है। हमें पर्यावरण से जुड़े अपने प्रयासों को और निष्ठा से आगे बढ़ाना है। ये हमारी ऐसी विरासत है, जो हमें अगली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखना है।

साथियों,

सिक्किम और तेज गति से आगे बढ़े, विकसित भारत के सपने को गति दे, हमें इसके लिए मिलकर मेहनत करनी है। हमें सिक्किम को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाना है। इसी संकल्प के साथ एक बार फिर, आप सभी को इस अवसर पर शुभकामनाएं देता हूं। आप सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। और आज 50 वर्ष की यात्रा अब हमें दो पड़ाव पूरे करने हैं। जब

सिक्किम की यात्रा के 100 साल होंगे तब क्या करेंगे? सिक्किम की यात्रा के 75 साल होंगे तब तक क्या करेंगे? और देश की आजादी के 100 साल होंगे, विकसित भारत का सपना जो है, 2047 उसके लिए आज से तैयारी शुरू कर करके संकल्प के साथ हम आगे बढ़े। इसी भावना के साथ फिर एक बार हृदय से मैं आप सबका बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरे साथ बोलिए-

भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय।

वंदे मातरम। वंदे मातरम। वंदे मातरम।

वंदे मातरम। वंदे मातरम। वंदे मातरम।

वंदे मातरम। वंदे मातरम। वंदे मातरम।

वंदे मातरम।

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आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है: G7 समिट में पीएम मोदी
June 16, 2026

राष्ट्रपति मैक्रों,
Your Excellencies,

नमस्कार!

G-7 समिट में हमारे गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए मैं राष्ट्रपति मैक्रों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

Friends,

आज का विश्व पहले से कहीं अधिक inter-connected और inter-dependent है। किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। Mobility, data, capital, technology, ये सभी हमें आपस में जोड़ते हैं।

ऐसे समय में Partnerships का महत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। लेकिन साझेदारियाँ तभी सफल होती हैं जब उनके केंद्र में विश्वास हो। आज सबसे महत्वपूर्ण Strategic Asset कोई mineral, technology या market नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।

विश्वास कि टेक्नॉलजी और supply chains को हथियार के रूप में नहीं, global good के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विश्वास कि विकास के अवसर कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेंगे। विश्वास कि वैश्विक संस्थान सभी देशों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होंगे।

Friends,

पिछली सदी में मानवता को दो विश्व युद्धों से गुज़रना पड़ा। अनेक बलिदानों के बाद विश्व समुदाय ने शांति, स्थिरता और समृद्धि की ओर बढ़ने के लिए व्यवस्थाएं विकसित की। इन व्यवस्थाओं का आधार भी trust ही था।

किन्तु अनेक दशकों से, अनेक पीढ़ियों के योगदान से बनाए गए विश्वास को आज चोट पहुँच रही है। कोविड ने हमें आईना दिखाया कि trust और solidarity के दावे कितने खोखले थे।

Today the world does not suffer from a shortage of resources; it suffers from a shortage of trust. And the future of our partnerships depends on building this trust.

अमेरिका के राष्ट्रपति रोनल्ड रेगन ने कहा था: Trust but Verify. यह आज के समय में भी प्रासंगिक है। भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप trusted rules based order का निर्माण करें।

Friends,

भारत ने सदैव विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। हमारे सभी प्रयास “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं।

भारत का अनुभव दिखाता है कि विकास सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब वह लोगों की आकांक्षाओं से जुड़ा हो। यही सिद्धांत हमारी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों का भी आधार है। इसी सोच के साथ भारत ने International Solar Alliance, Coalition for Disaster Resilient Infrastructure, ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस, Mission LiFE, और “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी वैश्विक पहलों को आगे बढ़ाया है।

संकट के समय भारत ने First Responder के रूप में सभी देशों की सहायता करना अपना दायित्व समझा है। कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयाँ और vaccines उपलब्ध कराईं।

श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोज़ाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव "Humanity First" के सिद्धांत पर कार्य किया है। हमारी विकास साझेदारियाँ भी इसी भावना को प्रतिबिंबित करती हैं। हमारे प्रयास पार्टनर देशों में capacity building और कौशल विकास पर केन्द्रित रहे हैं।

भारत का मानना है: The true test of partnership is not what we build for others, but what we enable others to build for themselves.

Friends,

आज ग्लोबल साउथ की विश्व समुदाय से बहुत उम्मीदें हैं। किन्तु उनकी अपेक्षा सहारे की नहीं, साथ की है। वे वैश्विक विकास के लाभार्थी नहीं, उसके भागीदार बनना चाहते हैं।

हमें donor–recipient की सोच से आगे बढ़कर, equal पार्टनर्स के रूप में काम करना होगा। उनके पास-पास नहीं, साथ-साथ चलना होगा। साझेदारी को dependency के बजाय, dignity से जोड़ना होगा। इन प्रयासों से हम भावी पीढ़ियों के सतत विकास की मजबूत नींव रख सकेंगे।

Friends,

अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ और वैश्विक एकजुटता तभी सार्थक बन सकती हैं, जब हम साझा चुनौतियों का मिलकर समाधान करें। भारत का दृढ विश्वास है कि विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे तनावों और युद्धों का स्थायी समाधान dialogue, diplomacy और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मार्ग से ही संभव है।

हम west asia में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से west asia में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है। होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी। Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।

Friends,

भारत इन विषयों पर सभी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

बहुत-बहुत धन्यवाद।