मित्रो,

हनोवर मेले में आकर मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है। चांसलर मर्कल की उपस्थिति में आपसे बातचीत करके मेरी खुशी दोगुनी हो गई है। मेरी कल रात्रिभोज के दौरान चांसलर मर्कल के साथ काफी अच्छी बातचीत हुई। आप अनेक भारतीय कंपनियों और सीईओ से मिले होंगे। मेरा मानना है कि हनोवर मेले में भाग लेना दोनों पक्षों के लिए काफी उपयोगी रहेगा। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि भारतीय पेविलियन और हमारी राज्य सरकार और निजी कंपनियों के स्टॉलों पर अवश्य पधारें।

Indo-German Business Summit in Hannover (3)

आप स्वयं भारत में बदलाव की हवा देखेंगे। हमारी उन क्षेत्रों को विकसित करने में दिलचस्पी है जहां आप मजबूत हैं। हम आपकी भागीदारी चाहते हैं। भारत में बुनियादी ढांचे और उससे जुड़े विकास की अपार संभावनाएं हैं। आपके सामने कुछ उदाहरण प्रस्तुत हैं:-

· हमने 2022 तक 5 करोड़ मकान बनाने की योजना बनाई है। साथ ही हम स्मार्ट शहर और औद्योगिक गलियारे विकसित कर रहे हैं।

· इस उद्देश्य के लिए हमने निर्माण में अपनी एफडीआई नीति संशोधित की है हम इस क्षेत्र के लिए एक नियामक ढांचा भी लाए हैं।

· हमने अगले कुछ वर्षों में 175 गीगा वॉट की नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा है साथ ही बिजली का उत्पादन, पारेषण और वितरण भी समान रूप से महत्वपूर्ण है।

· हम सिगनलों और रेलवे स्टेशनों सहित अपनी रेलवे प्रणाली का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। हम 50 शहरों में मेट्रो रेल और विभिन्न गलियारों में हाईस्पीड ट्रेनें चलाने की योजना बना रहे हैं।

· यही स्थिति राजमार्गों के मामले में भी है।

· हम एक महत्वाकांक्षी योजना सागरमाला के जरिए नये बंदरगाहों की स्थापना करने के साथ पुरानों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं।

· इसी तरह वर्तमान हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है और क्षेत्रीय हवाई अड्डों को आर्थिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

· वित्तीय सेवाओं में भी हम बैंक ऋण और बीमा सहित वित्तीय उत्पादों की अधिक विस्तृत और तेज डिलीवरी की दिशा में बढ़ रहे हैं।

· इसके लिए हमने 14 करोड़ बैंक खाते खोले हैं, बीमा में एफडीआई को बढ़ाकर 49 प्रतिशत किया है और मुद्रा बैंक स्थापित किया है।

· हमने अपने नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए बीमा और पेंशन की नई योजनाएं घोषित की हैं।

हम अपने युवाओं के लिए नौकरियां सृजित करने के लिए निर्माण को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रहे हैं। इसके लिए हमने “मेक इन इंडिया” अभियान शुरू किया है।

जर्मन कंपनियों के लिए यह सभी एक ऐतिहासिक अवसर है। आप मेरी सरकार की दिशा और जो कदम हम उठा रहे हैं उसके बारे में जानते होगें। हम व्यवसाय का माहौल बनाने और उसमें सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं आपको आश्वासन देना चाहता हूं जब आप भारत में आने का फैसला कर लेंगे, आप आराम से रहेंगे।

जर्मनी का भारत में विदेशी निवेश करने वाले देशों में आठवां स्थान है। करीब 600 भारत-जर्मन संयुक्त उद्यम भारत में चल रहे हैं। यहां आने और हनोवर मेले में भाग लेने का मेरा उद्देश्य इस बात को उजागर करना है कि भारत-जर्मन आर्थिक सहयोग में काफी संभावनाएं हैं। हालांकि हमारे बीच व्यवसायिक संबंध हैं, लेकिन आर्थिक साझेदारी उतनी नहीं है जितनी दोनों देश चाहते हैं। जर्मनी से निवेश संभावना से कम है और जर्मनी में भारत के निवेश से कम है।

भारत के सामर्थ्य का लाभ उठाने के लिए कुछ और जर्मन कंपनियों के लिए भारत में निवेश की संभावनाएं हैं। ये संभावनाएं निर्माण, बुनियादी ढांचा क्षेत्र, कौशल विकास के क्षेत्र में हैं। मैं जानता हूं कि इस स्थिति के लिए सिर्फ जर्मनी ही जिम्मेदार नहीं है। भारतीय पक्ष भी इसके लिए जिम्मेदार है।

मैं यहां जर्मन कंपनियों को आश्वासन देने आया हूं कि भारत अब एक बदला हुआ देश है। हमारे नियामक क्षेत्र अधिक पारदर्शी और स्थिर हैं।

देश में व्‍यापार प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अनेक उपाय किए गए हैं ओर अभी भी चल रहे हैं।

· प्रक्रियाओं की जटिलताओं को समाप्‍त करना, एक मंच पर उन्‍हें उपलब्‍ध कराना, ऑनलाइन बनाना, प्रपत्र और प्रारूपों को सरल बनाने का काम युद्धस्‍तर पर करना।

· दोनों काम करने के लिए एक तंत्र होना चाहिए इस उद्देश्य के लिए भारत में निवेश एक केन्द्रीय एजेंसी है।

हमारा मानना है कि एफडीआई महत्वपूर्ण है और व्‍यावसायिक वैश्विक प्रतिस्पर्धा के माहौल के बिना यह देश में नहीं आ सकती। इसलिए इस वर्ष के बजट में हमने उन अनेक मुद्दों को युक्तिसंगत बनाया है जो आपको परेशान कर रहे हैं।

· हमने प्रत्यावर्ती कराधान प्रणाली को खत्म किया है। हमने अपने पहले बजट में कहा था कि पूर्ववर्ती कराधान व्यवस्था का सहारा नहीं लेंगे और अगर यह मुद्दा सामने आया तो इसकी शीर्ष स्तर पर समीक्षा की जाएगी। हमने अनेक ऐसे मामलों में मुकदमेबाजी को नहीं घसीटकर साहसिक कदम उठाए जहां हमें लगता था कि पिछली सरकार ने सही कदम नहीं उठाए थे।

· इस बजट में हमने एआईएफ के जरिए कर पास की इजाजत दी, आरईआईटी के पूंजीगत लाभ को युक्तिसंगत बनाया, पीई नियमों में बदलाव किया और दो वर्ष के लिए जीएएआर का कार्यान्वयन रोका। हम व्यावसायिक माहौल को सुधारने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

· हम कराधान प्रणाली में पारदर्शिता और पूर्वानुमेयता शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं।

· हमने उद्योग और बुनियादी ढांचे में मंजूरी के काम को तेज किया है। इनमें पर्यावरण मंजूरी, औद्योगिक लाइसेंस देने, रक्षा सामानों को लाइसेंस मुक्त करने और सीमा पार से व्यापार को सरल बनाना शामिल है।

· बहुत थोड़े से समय में हमने संसद में जीएसटी विधेयक पेश किया।

इन उपायों से निवेशकों का विश्वास बढ़ाने में मदद मिली है। निजी निवेश और विदेशी निवेश का अंतर्वाह सकारात्मक है। अप्रैल, 2014 और जनवरी, 2015 के दौरान पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में एफडीआई में निवेश 36 प्रतिशत तक बढ़ा है।

हमारी विकास दर 7 प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक, आईएमएफ, अंकटाड, ओईसीडी और अन्य सहित अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने आने वाले समय में तेज विकास दर की भविष्‍यवाणी की है। हाल में मूडी ने भी हमारे द्वारा विभिन्‍न आर्थिक खंडों में उठाए गए “सकारात्मक” कदमों को ध्‍यान में रखकर इंडिया की रेटिंग को बढ़ाया है।

Indo-German Business Summit in Hannover (5)

मेरी सरकार का प्रयास है कि देश में नवोत्पाद, अनुसंधान और विकास तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाए। इस वर्ष के बजट में हमने इस उद्देश्य के लिए कुछ अभिनव संस्थागत तंत्र स्थापित किए हैं।

इसी तरह बुनियादी ढांचा विकास के लिए हमने कुछ दूरगामी कदम उठाए हैं।

· सबसे पहले हमने सड़कों और रेलवे क्षेत्र के लिए सबसे अधिक आवंटन किया है।

· साथ ही हमने भारत बुनियादी ढांचा क्षेत्र निवेश कोष स्थापित किया है।

· हमने सड़क और रेलवे सहित बुनियादी ढांचा क्षेत्र में कर मुक्त बांडों की इजाजत दी है।

मैं हनोवर मेले की सफलता की कामना करता हूं। मैं सभी भागीदारों की प्रगति और बेहतर भविष्य की कामना करता हूं। मैं इस अवसर का लाभ ज्यादा से ज्यादा जर्मन कंपनियों को भारत आमंत्रित करने के लिए कर रहा हूं। मैं उन्हें हर समर्थन का आश्वासन देता हूं।

मित्रो भारत जर्मन सहयोग बढ़ाना चाहिए और बढ़ेगा मुझे बहुत अच्छे नतीजों की उम्मीद है। आएये आपसी हित के क्षेत्रों और दोनों महान देशों की जनता के कल्याण के लिए मिलकर काम करें।

अंत में मेरी सलाह है कि आप भारत आकर उसके माहौल में बदलाव को महसूस करें। पुरानी धारणाओं को मन में न रखें।

मेक इन इंडिया का प्रतीक शेर बहुत सावधानी से चुना गया है। हम जानते हैं कि आज सबसे बड़ी जरूरत हमारे देश के 65 प्रतिशत युवाओं के लिए नौकरियां सृजित करना है। मेक इन इंडिया जरुरत है और शेर को रोका नहीं जा सकता हमें विश्वास है कि भारत को निर्माण का वैश्विक केन्द्र बनाने की हमारी यात्रा को नहीं रोका जा सकता। हमें जहां भी जरुरी हो वहां सुधार करना चाहिए और हम करेंगे।

एक बार फिर मैं आपको भारत आने का निमंत्रण देता हूं मैं भारत में आपको सफल होने का आश्वासन देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद

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ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार: पीएम मोदी
August 02, 2026
मैं प्रत्येक नागरिक, विशेषकर हमारे युवाओं से, इस आंदोलन में शामिल होने का आग्रह करता हूं: प्रधानमंत्री
आज जब देश ने 'विकसित भारत' का लक्ष्य तय किया है, तो यह बहुत जरूरी है कि देश के युवा फिट रहें, उनमें भरपूर आत्मविश्वास हो और वे नशीले पदार्थों से हमेशा दूर रहें: पीएम मोदी
हमें हर युवा को नशे के जाल में फंसने से बचाना होगा: प्रधानमंत्री
समाज का सहयोग, योग और ध्यान हमें नशे की लत से लड़ने के लिए अंदर से मजबूत बनाते हैं और आज नशा-मुक्ति केंद्र जैसी सुविधाएँ भी लत छोड़ने में मदद करती हैं: पीएम मोदी
यदि कोई युवा अनजाने में नशे के जाल में फंस भी गया है, तो इसका बिल्कुल भी यह अर्थ नहीं है कि उसके लिए सभी दरवाजे बंद हो गए हैं: प्रधानमंत्री
हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि अगर घर का कोई बच्चा नशे की लत का शिकार हो जाता है, तो हमें इसे छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि उसे लत से मुक्त कराने के लिए डॉक्टरी मदद लेनी चाहिए: पीएम मोदी
हमें परिवार में बच्चों के साथ खुलकर संवाद करने की संस्कृति भी विकसित करनी चाहिए, ताकि आप उन्हें इस तरह के दुष्चक्र में फंसने से पहले ही सहारा दे सकें: प्रधानमंत्री
मैं अपने प्रोफेसरों से अपील करता हूँ कि वे अपने छात्रों के साथ नशीले पदार्थों के सेवन के खतरों पर चर्चा करें और अच्छे नतीजे पाने के लिए कैंपस में नशे के खिलाफ एक अभियान चलाएँ: पीएम मोदी


नमस्‍कार!

आज हम सभी देशवासी एक महान और महत्वपूर्ण संकल्प के लिए एकजुट हुए हैं। इस संकल्प को लेकर, इसक कार्यक्रम से जुड़े सभी पूज्य संतजन, अलग-अलग राज्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे सभी राज्यपाल, सभी मुख्यमंत्री, अन्‍य सभी जनप्रतिनिधिगण, 28 हजार से अधिक स्थानों से जुड़े एक करोड़ से युवा साथी, मैं आज इस शुभ घड़ी पर, शुभ संकल्प के लिए करोड़ों-करोड़ों नौजवानों का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं। आज हम सभी जिस अभियान के साक्षी बन रहे हैं, वह अभियान व्यक्ति के लिए हैं, परिवार के लिए हैं, समाज के लिए भी है और सबसे बड़ी बात है, यह राष्‍ट्र के लिए है।

साथियों,

विकसित भारत संकल्प अभियान के लिए ‘नशा मुक्त युवा’ इस मूवमेंट का नाम ही इसके संकल्प को स्पष्ट करता है, क्योंकि आज जब देश ने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है, तो इसके लिए आवश्यक है, देश का युवा तन से स्वस्थ हो, मन से स्वस्थ हो, आत्‍मविश्‍वास से भरपूर हो और ड्रग्स जैसी घातक आदत से हमेशा-हमेशा दूर ही रहे, दूर हो। यही इस अभियान का उद्देश्य है। इसलिए हम सबको यह संकल्प लेना है, हमारे युवा नशे और ड्रग्स के खतरों को समझे, हर तरह से जागरूक रहे और उससे दूर रहें और इस संकल्प में अब ‘राष्‍ट्रीय नशा मुक्त युवा’ अभियान की बड़ी भूमिका है।

साथियों,

काशी का सांसद होने के नाते मुझे खुशी है कि यह अभियान का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पिछले साल काशी की पवित्र धरती से शुरू हुआ था। इसलिए वैज्ञानिक स्‍पष्‍टता के साथ-साथ इसमें आध्यात्मिक ऊर्जा भी है, संतों के आशीर्वाद भी हैं और महान सांस्कृतिक विरासत भी हैं। इसमें वह सांस्कृतिक समर्पण भी है, जिसने सदियों से नशे को खारिज किया है। यही वजह है, देश के 125 से अधिक आध्यात्मिक संगठन करोड़ों-करोड़ों देशवासियों के हित के लिए आज हमारे साथ जुड़ चुके हैं। सामाजिक संगठनों ने, NGOs ने इस दिशा में संकल्प लिया है। सबने मिलकर ‘काशी डिक्लेरेशन’ के जरिए रोडमैप तैयार किया है और आज हम देख रहे हैं, काशी से उठा वो कल्याणकारी विचार अब यह एक नेशनल प्रोजेक्ट्स बन गया है। आज से देशभर में ‘नशा मुक्त युवा’ अभियान आरंभ हो रहा है।

साथियों,

कुछ काम ऐसे होते हैं, जो व्यक्तिगत रूप से कोई प्रयास करे, तो कभी-कभी निराश हो जाता है, थकान महसूस करता है, लंबी दूरी चलने में मन तैयार नहीं होता है, लेकिन जब सामूहिक अभियान बन जाता है, कंधे से कंधा मिलाकर करोड़ों लोग चल पड़ते हैं, तो ऐसे सभी जो व्यक्तिगत रूप से अपने आप कुछ नहीं कर पाते हैं, उनको भी एक नई ऊर्जा मिल जाती है। सामूहिकता की एक ताकत होती है और आज उस ताकत को लेकर के यह अभियान हर युवा मन को छूने वाला है। थोड़ी देर पहले देश के लाखों युवाओं ने नशा मुक्ति की शपथ ली है। आपने अपने जीवन को नशे से दूर रखने का संकल्प लिया है। आपने अपने स्कूल, अपने कॉलेज और अपने समाज में नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया है।

साथियों,

आज लिया गया यह संकल्प आने वाले 100 सप्ताह तक लगातार ऐसे ही आगे बढ़ेगा। हर रविवार, कला, संस्‍कृति, स्पोर्ट्स, मेडिटेशन, आध्यात्म और सेवा से जुड़ी गतिविधियां होंगी। नशा मुक्ति का संदेश नए लोगों तक पहुंचेगा। आने वाले 100 रविवार नशा मुक्त भारत की दिशा में 100 मजबूत कदम होंगे, हंड्रेड मजबूत स्‍टेप्‍स।

साथियों,

आज हजारों स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ के लाखों विद्यार्थी इस कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े हैं। माई भारत के वॉलंटियर्स भी लाखों की तादाद में आज इससे जुड़े हैं। मेरे एनएसएस के नौजवान भी आज हमारे साथ शामिल हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों से, अलग-अलग संस्‍थानों से, अलग-अलग बैकग्राउंड के एक करोड़ से अधिक युवा आज एक साथ हैं। मेरा आप सभी से आग्रह है, आप सब इस बड़े मोवमेंट के लीडर हैं। आपने मेरे इस विश्वास को और मजबूत किया है कि भारत का युवा कितना जागरूक है, कितना समझदार है और अपने कर्तव्यों के प्रति कितना गंभीर है। मैं आप सभी को इस अभियान के लिए अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं।

मेरे युवा साथियों,

आप भारत की अमृत पीढ़ी हैं। आप अगले 20-25 वर्षों में अपने जीवन को भी दिशा देंगे और आप ही 2047 में देश को विकसित भारत की मंजिल तक लेकर जाएंगे और उसको शिखर पर आप ही बैठे होंगे, उसका सारा रसपान करने का अवसर आप ही को मिलने वाला है। देश को आपकी ऊर्जा, आपकी कल्पनाशक्ति और आपके टैलेंट की जरूरत है। इसलिए, देश के लिए और अपने जीवन के लिए, खुद को नशा मुक्त रखना बहुत जरूरी है। नशा फोकस को भटकाता है, और धीरे-धीरे युवा को उसके अपने सपनों से दूर ले जाता है। अभी जिन नौजवानों ने नाट्य मंचन किया, बहुत कम समय में, बहुत अच्छे तरीके से नाट्य मंचन में उन्होंने समस्या भी बताई, समस्या के कारण पैदा हुए संकट भी बताए और बाहर निकलने के सामूहिक प्रयत्न का रास्ता भी दिखाया। नाट्य मंचन छोटा था, लेकिन जैसा उन्होंने कहा, आओ हम नाटक देखें! यह नाटक नहीं था, यह हम लोगों के लिए एक बहुत बड़ा संदेश था। हमें जगा रहा था, हमें जूझने के लिए प्रेरित कर रहा था।

साथियों,

आजकल हम देखते हैं, आज के युवा स्‍टार्टअप्‍स की दुनिया में छाए हैं, AI को लीड कर रहे हैं, Sports में तिरंगा लहरा रहे हैं, स्‍पेस से लेकर Science तक नए कीर्तिमान बना रहे हैं। लेकिन साथियों, जब कोई युवा, अगर ड्रग्स के एडिक्‍शन में फंस जाए, तो केवल एक युवा नहीं हारता, एक सपना हार जाता है, एक सपने की बाल मृत्यु हो जाती है, एक परिवार हार जाता है, पूरा का पूरा परिवार टूट जाता है, समाज से भी नफरत का शिकार बन जाता है। नशा केवल शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता, नशा एक माँ की मुस्कान छीन लेता है। नशा एक पिता के सपनों को चूर-चूर कर देता है। एक बहन की राखी की उम्मीद को कमजोर कर देता है। एक छोटे भाई का आदर्श छीन लेता है। घर के बुजुर्ग हर दिन इस दर्द को जीते हैं कि उनका अपना बच्चा धीरे-धीरे खुद को खो रहा है, खुद को गला रहा है, तिल-तिल गल रहा है, आंखों के सामने उसे बर्बाद होते देख रहे हैं और जब परिवार में, समाज में ऐसा होता है और कहीं न कहीं, राष्ट्र की शक्ति भी कमजोर पड़ जाती है और इसलिए दुश्मन देश भी षड्यंत्र करके हमारे देश के युवाओं को इस नशे की लत में खींचने के लिए कोई कोशिश बाकी नहीं रखते हैं। ड्रग्स सप्लाई कर-करके कमाई करना और हमारे जैसे देश को तबाह करना, यह भी उनकी आतंकी साजिश का हिस्सा होता है और इसलिए हमें हर एक युवा को नशे के चंगुल में फंसने से बचाना है।

साथियों,

नशा मुक्त रहकर आपको अपने पोटेंशियल को प्रोटेक्ट करना है! आपको ध्यान रखना है, ड्रग्स कुछ समय के लिए 'High' देता है। लेकिन आपके करियर और फैमिली लाइफ को 'Low' कर देता है। हमें नशे को किसी भी तरह की स्वीकार्यता नहीं देनी है।

साथियों,

हमारे समाज में भी हमेशा नशे को एक बुराई के रूप में देखा है। हमारे संतों ने, गुरुओं ने हमें इससे बचने के लिए चेताया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी कहा गया है- "जितु पीतै मति दूरि होइ बरलु पवै विचि आइ। आपणा पराइआ न पछाणई खसमहु धके खाइ॥'' अर्थात, जिस पदार्थ के सेवन से बुद्धि और विवेक साथ छोड़ दें, इंसान अपने और पराए की पहचान भूल जाए, ऐसा नशा उसे पतन की ओर ले जाता है।

साथियों,

हमारी संस्कृति में बचाव के लिए चेतावनी भी दी गईं है और नशे की आदत लगने पर उससे निकलने के रास्ते भी बताए गए हैं। समाज का सहयोग, योग और ध्यान की ताकत, यह नशे के खिलाफ हमारे अंतर्मन को ताकत देते हैं। और आज तो हमारे पास नशा छोड़ने के लिए rehabilitation center जैसी सुविधाएं भी हैं। इसलिए, अगर कोई युवा गलती से नशे में फंस भी गया है, तो इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि उसके सारे रास्ते बंद हो गए हैं। हमें हमेशा इस बात का ध्यान रखना है, घर का कोई बच्चा अगर नशे का शिकार बन गया है, तो इसे सामाजिक प्रतिष्ठा की आड़ में छिपाएं नहीं। जिसकी जरूरत हो, उसका सहयोग मांगे, मन खोलकर के उससे बात करें, जो एक्सपर्ट्स हैं, उनका सहयोग लें। मेडिकल हेल्प से अपने बच्चे को नशे से मुक्त कराने का प्रयास करें। हमें परिवार में बच्चों से खुलकर संवाद की संस्कृति भी बनानी चाहिए, ताकि ऐसे भंवर में फंसने से पहले ही आप उसका हाथ थाम सके। आपको भनक आ जाएगी, थोड़ा ध्यान रखिए पता चलेगा, उसमें बदलाव आ रहा है, वो खोया-खोया लग रहा है, वो मुँह छुपा रहा है, कमरे में बंद हो जा रहा है, देर रात आ रहा है, पैसे अनाब-शनाब मांग रहा है, यह सारी चीजों से पता चल जाता है, भनक आ जाती है, कुछ मामला गड़बड़ है।

साथियों,

एक आवाहन मैं कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ के हमारे प्रोफेसर्स साथियों से भी करना चाहता हूँ, आप भी कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ स्टूडेंट्स के साथ ड्रग्स के खतरों पर बात करें। नशे के खिलाफ अपने कैम्पस में एक मूवमेंट चलाएं। आपके प्रयास बड़े-बड़े परिणाम ला सकते हैं। और साथियों, हमें एक और बात ध्यान रखनी है, जो युवा नशे से लड़कर बाहर निकलते हैं, वह कमजोर नहीं होते, जो नशे को परास्‍त करके निकला है न, वह असली योद्धा होता है, समाज को उनका सम्मान करना चाहिए, अपनापन देना चाहिए, उसे दूसरा अवसर देना चाहिए क्योंकि ड्रग्स से जुड़ा किसी का अतीत उसकी पहचान नहीं हो सकता, उसका साहस उसकी पहचान होता है।

साथियों,

ड्रग्स के खिलाफ अभियान में आज सरकार भी मजबूती से युवाओं के साथ खड़ी है। देश में नशे के कारोबारियों और तस्करों पर सख्ती के साथ कार्रवाई हो रही है। पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं। हजारों करोड़ रुपए की ड्रग्स भी जब्त की गई है। यह दिखाता है कि, ड्रग्स के खिलाफ हमारी सरकार कितनी सख्त है। मुझे विश्वास है, केन्‍द्र सरकार, राज्य सरकार, हर कोई इसे मिशन मोड में करेंगे। मुझे विश्वास है, हमारे देश का युवा नशे से मुक्त रहकर अपनी युवा ऊर्जा को न केवल संरक्षित करेगा, बल्कि विकसित भारत के संकल्पों को भी आगे बढ़ाएगा। और जब मैं आज अनेक महान संतों को मेरे सामने देख रहा हूं, दूर से मैं मन से उनको प्रणाम करता हूं। मैं इन सभी सामाजिक संस्‍थाएं, आध्यात्मिक संस्‍थाएं, आध्यात्मिक गुरुजन, आपका देश के कोने-कोने में संगठन है, आपके युवा साथी डिवोटीज हैं। आने वाले 100 दिन में हर एक संगठन, एक सप्ताह अपने जिम्मे ले सकता है, पूरा सप्ताह पूरे देश में वह संगठन नेतृत्व करे, बाकी सब शक्तियां उसके साथ जुड़े और रविवार को बहुत बड़ा कार्यक्रम करें। दूसरे सप्ताह, दूसरा संगठन, दूसरी शक्ति, सप्ताह भर प्रयोग करें, कार्यक्रम करे और रविवार को बड़ा कार्यक्रम करे। अगर 100 सप्ताह हमारे देश के ऐसे आध्यात्मिक, सामाजिक संगठन, युवा संगठन एक-एक सप्ताह अपने जिम्मे ले लें और बाकी सारी शक्तियां वह जुड़े और रविवार सब मिलकर के करें, आप कल्पना कर सकते हैं, देश में कितना बड़ा आंदोलन खड़ा हो जाएगा। मैं एक बार फिर आप सबने समय निकाला, इस पवित्र कार्य में हम सबको आशीर्वाद दिए, इसके लिए संतों का, आचार्यो का, संगठन के महारथियों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मैं इन एक करोड़ से ज्यादा जुटे नौजवानों का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं, आपने यह बहुत बड़ा काम किया है। मैं माई भारत के वॉलंटियर्स की बधाई करता हूं, वो जो भी ठान लेते हैं, आजकल करके दिखाते हैं। अभी पिछले दिनों मुझे माई भारत के वॉलंटियर्स को मिलने का मौका मिला, वह हिन्‍दुस्‍तान के सीमावर्ती गांवों में जाकर के एक-एक सप्ताह रूक करके आए हैं। जिसे कभी देश का आखिरी गांव कहा जाता है, जाता था जिसको आज हम देश का पहला गांव कहते हैं, वहां जाकर के आए। उनके अनुभव बड़े प्रेरक थे और आज इतना बड़ा कार्यक्रम माई भारत के वॉलंटियर्स कर पाते हैं, यह अपने आप में उनकी राष्‍ट्र के प्रति जागरूक समर्पित भावना का प्रतीक है, मैं उनकी बधाई देता हूं, उनका भी अभिनंदन करता हूं। और मुझे पूरा विश्वास है कि आप सबके सामूहिक प्रयत्नों से यह हमारी मोवमेंट घर-घर पहुंचेगी, हर युवा के दिन में पहुंचेगी और यह ड्रग्स के कारोबारियों के लिए बहुत बड़ा खौफ भी बन जाएगी। आइए, हम सब मिलकर के आगे चलें, मेरी आप सबको बहुत-बहुत शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!