मित्रो,

हनोवर मेले में आकर मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है। चांसलर मर्कल की उपस्थिति में आपसे बातचीत करके मेरी खुशी दोगुनी हो गई है। मेरी कल रात्रिभोज के दौरान चांसलर मर्कल के साथ काफी अच्छी बातचीत हुई। आप अनेक भारतीय कंपनियों और सीईओ से मिले होंगे। मेरा मानना है कि हनोवर मेले में भाग लेना दोनों पक्षों के लिए काफी उपयोगी रहेगा। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि भारतीय पेविलियन और हमारी राज्य सरकार और निजी कंपनियों के स्टॉलों पर अवश्य पधारें।

Indo-German Business Summit in Hannover (3)

आप स्वयं भारत में बदलाव की हवा देखेंगे। हमारी उन क्षेत्रों को विकसित करने में दिलचस्पी है जहां आप मजबूत हैं। हम आपकी भागीदारी चाहते हैं। भारत में बुनियादी ढांचे और उससे जुड़े विकास की अपार संभावनाएं हैं। आपके सामने कुछ उदाहरण प्रस्तुत हैं:-

· हमने 2022 तक 5 करोड़ मकान बनाने की योजना बनाई है। साथ ही हम स्मार्ट शहर और औद्योगिक गलियारे विकसित कर रहे हैं।

· इस उद्देश्य के लिए हमने निर्माण में अपनी एफडीआई नीति संशोधित की है हम इस क्षेत्र के लिए एक नियामक ढांचा भी लाए हैं।

· हमने अगले कुछ वर्षों में 175 गीगा वॉट की नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य रखा है साथ ही बिजली का उत्पादन, पारेषण और वितरण भी समान रूप से महत्वपूर्ण है।

· हम सिगनलों और रेलवे स्टेशनों सहित अपनी रेलवे प्रणाली का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। हम 50 शहरों में मेट्रो रेल और विभिन्न गलियारों में हाईस्पीड ट्रेनें चलाने की योजना बना रहे हैं।

· यही स्थिति राजमार्गों के मामले में भी है।

· हम एक महत्वाकांक्षी योजना सागरमाला के जरिए नये बंदरगाहों की स्थापना करने के साथ पुरानों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं।

· इसी तरह वर्तमान हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है और क्षेत्रीय हवाई अड्डों को आर्थिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

· वित्तीय सेवाओं में भी हम बैंक ऋण और बीमा सहित वित्तीय उत्पादों की अधिक विस्तृत और तेज डिलीवरी की दिशा में बढ़ रहे हैं।

· इसके लिए हमने 14 करोड़ बैंक खाते खोले हैं, बीमा में एफडीआई को बढ़ाकर 49 प्रतिशत किया है और मुद्रा बैंक स्थापित किया है।

· हमने अपने नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए बीमा और पेंशन की नई योजनाएं घोषित की हैं।

हम अपने युवाओं के लिए नौकरियां सृजित करने के लिए निर्माण को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रहे हैं। इसके लिए हमने “मेक इन इंडिया” अभियान शुरू किया है।

जर्मन कंपनियों के लिए यह सभी एक ऐतिहासिक अवसर है। आप मेरी सरकार की दिशा और जो कदम हम उठा रहे हैं उसके बारे में जानते होगें। हम व्यवसाय का माहौल बनाने और उसमें सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं आपको आश्वासन देना चाहता हूं जब आप भारत में आने का फैसला कर लेंगे, आप आराम से रहेंगे।

जर्मनी का भारत में विदेशी निवेश करने वाले देशों में आठवां स्थान है। करीब 600 भारत-जर्मन संयुक्त उद्यम भारत में चल रहे हैं। यहां आने और हनोवर मेले में भाग लेने का मेरा उद्देश्य इस बात को उजागर करना है कि भारत-जर्मन आर्थिक सहयोग में काफी संभावनाएं हैं। हालांकि हमारे बीच व्यवसायिक संबंध हैं, लेकिन आर्थिक साझेदारी उतनी नहीं है जितनी दोनों देश चाहते हैं। जर्मनी से निवेश संभावना से कम है और जर्मनी में भारत के निवेश से कम है।

भारत के सामर्थ्य का लाभ उठाने के लिए कुछ और जर्मन कंपनियों के लिए भारत में निवेश की संभावनाएं हैं। ये संभावनाएं निर्माण, बुनियादी ढांचा क्षेत्र, कौशल विकास के क्षेत्र में हैं। मैं जानता हूं कि इस स्थिति के लिए सिर्फ जर्मनी ही जिम्मेदार नहीं है। भारतीय पक्ष भी इसके लिए जिम्मेदार है।

मैं यहां जर्मन कंपनियों को आश्वासन देने आया हूं कि भारत अब एक बदला हुआ देश है। हमारे नियामक क्षेत्र अधिक पारदर्शी और स्थिर हैं।

देश में व्‍यापार प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अनेक उपाय किए गए हैं ओर अभी भी चल रहे हैं।

· प्रक्रियाओं की जटिलताओं को समाप्‍त करना, एक मंच पर उन्‍हें उपलब्‍ध कराना, ऑनलाइन बनाना, प्रपत्र और प्रारूपों को सरल बनाने का काम युद्धस्‍तर पर करना।

· दोनों काम करने के लिए एक तंत्र होना चाहिए इस उद्देश्य के लिए भारत में निवेश एक केन्द्रीय एजेंसी है।

हमारा मानना है कि एफडीआई महत्वपूर्ण है और व्‍यावसायिक वैश्विक प्रतिस्पर्धा के माहौल के बिना यह देश में नहीं आ सकती। इसलिए इस वर्ष के बजट में हमने उन अनेक मुद्दों को युक्तिसंगत बनाया है जो आपको परेशान कर रहे हैं।

· हमने प्रत्यावर्ती कराधान प्रणाली को खत्म किया है। हमने अपने पहले बजट में कहा था कि पूर्ववर्ती कराधान व्यवस्था का सहारा नहीं लेंगे और अगर यह मुद्दा सामने आया तो इसकी शीर्ष स्तर पर समीक्षा की जाएगी। हमने अनेक ऐसे मामलों में मुकदमेबाजी को नहीं घसीटकर साहसिक कदम उठाए जहां हमें लगता था कि पिछली सरकार ने सही कदम नहीं उठाए थे।

· इस बजट में हमने एआईएफ के जरिए कर पास की इजाजत दी, आरईआईटी के पूंजीगत लाभ को युक्तिसंगत बनाया, पीई नियमों में बदलाव किया और दो वर्ष के लिए जीएएआर का कार्यान्वयन रोका। हम व्यावसायिक माहौल को सुधारने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

· हम कराधान प्रणाली में पारदर्शिता और पूर्वानुमेयता शुरू करने का प्रयास कर रहे हैं।

· हमने उद्योग और बुनियादी ढांचे में मंजूरी के काम को तेज किया है। इनमें पर्यावरण मंजूरी, औद्योगिक लाइसेंस देने, रक्षा सामानों को लाइसेंस मुक्त करने और सीमा पार से व्यापार को सरल बनाना शामिल है।

· बहुत थोड़े से समय में हमने संसद में जीएसटी विधेयक पेश किया।

इन उपायों से निवेशकों का विश्वास बढ़ाने में मदद मिली है। निजी निवेश और विदेशी निवेश का अंतर्वाह सकारात्मक है। अप्रैल, 2014 और जनवरी, 2015 के दौरान पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में एफडीआई में निवेश 36 प्रतिशत तक बढ़ा है।

हमारी विकास दर 7 प्रतिशत से अधिक है। विश्व बैंक, आईएमएफ, अंकटाड, ओईसीडी और अन्य सहित अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने आने वाले समय में तेज विकास दर की भविष्‍यवाणी की है। हाल में मूडी ने भी हमारे द्वारा विभिन्‍न आर्थिक खंडों में उठाए गए “सकारात्मक” कदमों को ध्‍यान में रखकर इंडिया की रेटिंग को बढ़ाया है।

Indo-German Business Summit in Hannover (5)

मेरी सरकार का प्रयास है कि देश में नवोत्पाद, अनुसंधान और विकास तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाए। इस वर्ष के बजट में हमने इस उद्देश्य के लिए कुछ अभिनव संस्थागत तंत्र स्थापित किए हैं।

इसी तरह बुनियादी ढांचा विकास के लिए हमने कुछ दूरगामी कदम उठाए हैं।

· सबसे पहले हमने सड़कों और रेलवे क्षेत्र के लिए सबसे अधिक आवंटन किया है।

· साथ ही हमने भारत बुनियादी ढांचा क्षेत्र निवेश कोष स्थापित किया है।

· हमने सड़क और रेलवे सहित बुनियादी ढांचा क्षेत्र में कर मुक्त बांडों की इजाजत दी है।

मैं हनोवर मेले की सफलता की कामना करता हूं। मैं सभी भागीदारों की प्रगति और बेहतर भविष्य की कामना करता हूं। मैं इस अवसर का लाभ ज्यादा से ज्यादा जर्मन कंपनियों को भारत आमंत्रित करने के लिए कर रहा हूं। मैं उन्हें हर समर्थन का आश्वासन देता हूं।

मित्रो भारत जर्मन सहयोग बढ़ाना चाहिए और बढ़ेगा मुझे बहुत अच्छे नतीजों की उम्मीद है। आएये आपसी हित के क्षेत्रों और दोनों महान देशों की जनता के कल्याण के लिए मिलकर काम करें।

अंत में मेरी सलाह है कि आप भारत आकर उसके माहौल में बदलाव को महसूस करें। पुरानी धारणाओं को मन में न रखें।

मेक इन इंडिया का प्रतीक शेर बहुत सावधानी से चुना गया है। हम जानते हैं कि आज सबसे बड़ी जरूरत हमारे देश के 65 प्रतिशत युवाओं के लिए नौकरियां सृजित करना है। मेक इन इंडिया जरुरत है और शेर को रोका नहीं जा सकता हमें विश्वास है कि भारत को निर्माण का वैश्विक केन्द्र बनाने की हमारी यात्रा को नहीं रोका जा सकता। हमें जहां भी जरुरी हो वहां सुधार करना चाहिए और हम करेंगे।

एक बार फिर मैं आपको भारत आने का निमंत्रण देता हूं मैं भारत में आपको सफल होने का आश्वासन देता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद

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मलेशिया में बसे भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु: पीएम मोदी
February 07, 2026
कुआलालंपुर में भारतीय प्रवासियों के स्नेह के लिए अत्यंत आभारी हूँ, हमारा प्रवासी समुदाय भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में निरंतर कार्य करता रहेगा: प्रधानमंत्री
मलेशिया में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा भारतीय मूल का समुदाय निवास करता है, भारत और मलेशिया के दिलों को जोड़ने वाले कई गहरे सूत्र हैं: प्रधानमंत्री
मैंने 'मन की बात' कार्यक्रम में आपके बारे में बात की थी, जहाँ मैंने 140 करोड़ भारतीयों को बताया था कि मलेशिया में 500 से अधिक स्कूल बच्चों को भारतीय भाषाओं में शिक्षा देते हैं: प्रधानमंत्री
मलेशिया में रहने वाला तमिल समुदाय विभिन्न क्षेत्रों में समाज की सेवा कर रहा हैं और तमिल समुदाय यहाँ कई सदियों से मौजूद हैं: प्रधानमंत्री
हमें यह बताते हुए गर्व है कि हमने मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की है। अब हम तिरुवल्लुवर सेंटर भी स्थापित करेंगे, ताकि हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत किया जा सके: प्रधानमंत्री
भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है, यह एशिया की सफलता भी है। इसी कारण मैं कहता हूँ कि हमारे संबंधों का मार्गदर्शक शब्द ‘IMPACT’ है: प्रधानमंत्री
मैं आप सभी को, साथ ही आपके मलय मित्रों को, भारत की यात्रा करने और अतुल्य भारत का अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ, क्योंकि लोगों के बीच संपर्क हमारी मित्रता का मूल आधार है: प्रधानमंत्री
भारत को विकास के लिए एक भरोसेमंद साझेदार माना जाता है, यूके, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, ईयू और अमेरिका जैसे देशों ने भारत के साथ ट्रेड डील की हैं: प्रधानमंत्री

महामहिम प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम,

मेरे प्रिय मित्रों, भाइयों और बहनों,

सलामत पतांग!

वणक्कम्!

सुखमाणो?

सत श्री अकाल!

बागुन्नारा?

केम-छो?

आपके अभिवादन की गर्मजोशी हमारी साझा संस्कृति की सुन्दर विविधता को प्रतिबिंबित करती है।

सबसे पहले, मैं अपने प्रिय मित्र, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को इस सामुदायिक उत्सव में भाग लेने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं उनको इस बात के लिए भी धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने अभी अपने भाषण में भारत-मलेशिया मित्रता की व्यापकता और भविष्य की संभावनाओं को इतने सुंदर शब्दों में व्यक्त किया।

इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मुझे स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पर आए और वे मुझे अपनी कार में लेकर आये। केवल अपने कार में ही नहीं, बल्कि अपनी सीट पर भी। यह विशेष स्वागत उनका भारत और आप सभी के प्रति प्रेम और सम्मान को प्रतिबिंबित करता है।

मैं आपके गर्मजोशी से भरे शब्दों, आतिथ्य और मित्रता के प्रति आभारी हूं।

मित्रों,

हमने अभी-अभी एक रिकॉर्ड बनाने के स्तर का एक सांस्कृतिक प्रदर्शन देखा। 800 से अधिक नर्तक एकदम सामंजस्य में। हमारे लोग आने वाले कई वर्षों तक इस प्रदर्शन को याद रखेंगे। मैं आपको बधाई देता हूँ। मैं सभी कलाकारों को बधाई देता हूँ।

मित्रों,

प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और मैं उनके प्रधानमंत्री बनने के पहले से ही मित्र रहे हैं। मैं उनके सुधारों पर ध्यान, उनकी महान बुद्धिमत्ता और 2025 में आसियान की सक्षम अध्यक्षता की सराहना करता हूँ।

पिछले साल, मैं आसियान शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मलेशिया नहीं आ सका। लेकिन मैंने अपने मित्र से वादा किया था कि मैं जल्द ही मलेशिया आऊँगा। और वादे के अनुसार, मैं यहाँ हूँ।

यह मेरी 2026 की पहली विदेश यात्रा है। इन उत्सवों के समय आपके साथ रहकर मुझे खुशी हो रही है। मुझे उम्मीद है कि सभी ने संक्रांति, पोंगल और तइ-पूसम् बड़े उत्साह के साथ मनाया होगा। जल्द ही, शिवरात्रि का पर्व आने वाला है। कुछ ही दिनों में रमजान शुरू होगा और फिर हरि राया बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। मेरी कामना है कि सभी को खुशी और अच्छा स्वास्थ्य मिले।

दोस्तों,

मलेशिया में भारतीय मूल की दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है। भारतीय और मलेशियाई दिलों को जोड़ने वाली इतनी बहुत सी चीजें हैं। जो प्रदर्शनी प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम और मैंने थोड़ी देर पहले देखी, वह इन संबंधों को खूबसूरती से दर्शाती है। आप एक जीवंत पुल हैं, जो हमें जोड़ता है।

आपने रोटी चनाई को मलाबार परोट्टा से जोड़ा है।

नारियल, मसाले और बेशक तेह तारिक…

स्वाद इतने परिचित लगते हैं, चाहे व्यक्ति कुआलालंपुर में हो या कोच्चि में। हम एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। यह शायद हमारे भाषाओं और मलय भाषा में साझा शब्दों की बड़ी संख्या होने की वजह से है।

मैंने सुना है कि भारतीय फिल्में और संगीत मलेशिया में लोकप्रिय हैं। आप सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम बहुत अच्छा गाते हैं। लेकिन भारत में बहुत से देशवासियों यह नहीं पता था। उनकी पिछली यात्रा के दौरान, लोगों को सुखद आश्चर्य हुआ था। भारत में एक पुराने हिंदी गाने को गाते हुए उनका वीडियो वायरल हो गया! यह अद्भुत है कि उन्हें महान एमजीआर के तमिल गाने भी पसंद हैं।

मित्रों, 

मुझे पता है कि भारत की आपके दिलों में एक खास जगह है। मुझे 2001 की एक घटना बहुत स्पष्ट रूप से याद है। जब मेरे गृह राज्य गुजरात में भूकंप आया था, तब आप में से कई लोग मदद के लिए आगे आए। मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूँ।

और उससे भी बहुत पहले, भारत को स्वतंत्र देश बनाने के लिए, आपके हजारों पूर्वजों ने महान बलिदान दिए। इनमें से कई ने कभी भारत नहीं देखा था। लेकिन वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी में शामिल होने वालों में पहले थे।

उनके सम्मान में हमने मलेशिया में भारतीय सांस्कृतिक केंद्र का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक केंद्र रख दिया। मैं इस मौके पर मलेशिया में नेताजी सेवा केंद्र और नेताजी कल्याण फाउंडेशन के प्रयासों को भी सलाम करता हूँ।

दोस्तों,

यह वास्तव में अद्भुत है कि आपने सदियों से परंपराओं को संरक्षित रखा है। हाल ही में, मैंने अपने मासिक रेडियो संवाद 'मन की बात' में आप सभी के बारे में बात की थी। मैंने 1.4 अरब भारतीयों के साथ साझा किया कि मलेशिया में 500 से अधिक स्कूलों में बच्चों को भारतीय भाषाओं में पढ़ाया जाता है।

तिरुवळ्ळुवर और स्वामी विवेकानंद जैसे महान संतों का प्रभाव भी यहाँ महसूस किया जा सकता है। पिछले सप्ताह बतु गुफाओं में हुए तइ-पूसम् इतने दिव्य थे कि वे पळनि में होने वाले उत्सवों जैसे प्रतीत हो रहे थे। श्री वेंकटेश्वरा मंदिर, बागान दातोह में सांस्कृतिक उत्सव भी समान रूप से भव्य हैं।

मुझे बताया गया है कि यहाँ गरबा बहुत लोकप्रिय है। हम उन सिख भाइयों के साथ सांस्कृतिक संबंधों को भी गहरे दिल में संजोते हैं जो यहाँ रहते हैं। आपने नाम जपो, किरत करो, वंड छको को बढ़ावा देकर श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को आज भी जीवित रखा है।

 

दोस्तों,

यहां भारत के सभी हिस्सों के लोग मौजूद हैं। सांस्कृतिक एकता के सूत्र हमें मजबूती से बांधते हैं। हमारी ताकत यह है कि हम विविधता में एकता को समझते हैं।

दोस्तों,

तमिल दुनिया को भारत का एक उपहार है। तमिल साहित्य शाश्वत है और तमिल संस्कृति वैश्विक है। इसी तरह, तमिल लोगों ने भी अपनी प्रतिभाओं से मानवता की सेवा की है। और मैं गर्व के साथ कहता हूँ, भारत के उपराष्ट्रपति, श्री सीपी राधाकृष्णन जी, हमारे विदेश मंत्री श्री जयशंकर जी, जो आज हमारे साथ हैं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी, जिन्होंने नौ बार हमारा बजट प्रस्तुत किया है और हमारे सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री, डॉ. मुरुगन, सभी तमिलनाडु के हैं।

इसी तरह, मलेशिया में तमिल प्रवासी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कर रहे हैं। वास्तव में, तमिल प्रवासी समाज यहाँ कई शताब्दियों से मौजूद है। इस इतिहास से प्रेरित होकर, हमें मलाया विश्वविद्यालय में तिरुवळ्ळुवर चेयर स्थापित करने पर गर्व है। अब हम अपने साझा विरासत को और मजबूत करने के लिए एक तिरुवळ्ळुवर केंद्र स्थापित करेंगे।

दोस्तों,

मलेशिया के साथ हमारा संबंध हर साल नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। 2024 में, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की नई दिल्ली यात्रा के दौरान, हमने अपने संबंधों को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में उन्नत किया।

आज, हम प्रगति और समृद्धि की दिशा में साझेदारों के रूप में हाथ में हाथ डाले आगे बढ़ रहे हैं। हम एक-दूसरे की सफलता का जश्न उसी तरह मनाते हैं, जैसे अपनी खुद की। मुझे प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता पर शुभकामनाओं से बहुत खुशी हुई। मैं आपसे सहमत हूं, मेरे प्रिय मित्र। भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है, यह एशिया की सफलता है।

इसीलिए, मैं कहता हूं कि हमारे संबंधों का मार्गदर्शक शब्द है, इम्पैक्ट। इम्पैक्ट का मतलब है सामूहिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए भारत-मलेशिया साझेदारी।

हमारे संबंधों की गति पर इम्पैक्ट

हमारी महत्वाकांक्षाओं के पैमाने पर इम्पैक्ट

हमारे लोगों के लाभ के लिए इम्पैक्ट

साथ मिलकर, हम पूरी मानवता को लाभ पहुंचा सकते हैं!

दोस्तों,

भारतीय कंपनियां मलेशिया के साथ काम करने की हमेशा इच्छुक रही हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हमने मलेशिया की पहली और एशिया की सबसे बड़ी इंसुलिन निर्माण सुविधा बनाने में हिस्सा लिया।

100 से अधिक भारतीय आईटी कंपनियां मलेशिया में काम कर रही हैं, जिससे हजारों नौकरियों का सृजन हुआ है। मलेशिया-भारत डिजिटल परिषद् हमारे डिजिटल सहयोग के लिए नए मार्ग बना रही है। मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत की यूपीआई जल्द ही मलेशिया में भी आ जायेगी।

दोस्तों,

हम सभी एक ही हिन्द महासागर के नीले पानी को साझा करते हैं। महासागर के पार, हमें एक-दूसरे से मिलने का बहुत शौक है। मैं आप सभी को भारत के विभिन्न हिस्सों की यात्रा करने के लिए आमंत्रित करता हूं।

पिछले कुछ वर्षों में, भारत ने अवसंरचना और परोवाहन-संपर्क में अभूतपूर्व वृद्धि देखी है। एक दशक में हमारे हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो गई है। राजमार्गों का निर्माण रिकॉर्ड गति से हो रहा है। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों को अंतर्राष्ट्रीय सराहना मिल रही है। मैं आप में से अधिक से अधिक लोगों को यात्रा करने और अद्भुत भारत का अनुभव करने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।

आपको अपने मलय दोस्तों को भी अपने साथ लाना चाहिए। अकेले मत आइए। क्योंकि लोगों के बीच आपसी-संपर्क हमारी मित्रता का आधार है।

 

दोस्तों,

जब हम 2015 में मिले थे, मैंने आपसे भारत की संभावना के बारे में बात की थी। अब, मैं आपसे भारत के प्रदर्शन के बारे में बात कर रहा हूँ। एक दशक में, भारत ने बड़ा बदलाव देखा है।

तब, हम दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थे। अब, हम शीर्ष 3 के द्वार पर दस्तक दे रहे हैं। हम दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था भी हैं।

तब, 'मेक इन इंडिया' एक छोटा पौधा था, जिसे अभी-अभी रोपा गया था। अब, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है। हमारा रक्षा निर्यात 2014 की तुलना में लगभग 30 गुना बढ़ गया है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब भी बन गया है।

हमने दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और दुनिया के सबसे बड़े फिनटेक इकोसिस्टम का निर्माण किया है। हमारे यूपीआई प्लेटफ़ॉर्म के कारण, दुनिया के लगभग आधे रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन भारत में होते हैं।

तेज़ बढ़ोतरी के साथ-साथ, हमने यह भी सुनिश्चित किया कि हमारी वृद्धि स्वच्छ और हरित हो। उदाहरण के लिए, एक दशक में हमारी सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 40 गुनी बढ़ गई है।

मित्रों,

पहले, भारत को केवल एक विशाल बाजार के रूप में देखा जाता था। अब, हम निवेश और व्यापार के लिए एक हब हैं। भारत को विकास के लिए एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखा जाता है। चाहे यूके हो, यूएई हो, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, ओमान, ईयू या यूएसए हो, देशों ने भारत के साथ व्यापारिक समझौते किए हैं। विश्वास भारत की सबसे मजबूत मुद्रा बन गया है।

मित्रों,

भारत हमेशा आपको खुले दिल से स्वीकार करेगा। यही कारण है कि हमने कुछ महीने पहले एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। हमने भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिकों के लिए ओसीआई कार्ड की पात्रता 6वीं पीढ़ी तक बढ़ा दी।

हम भारतीय छात्रवृत्ति ट्रस्ट फंड का समर्थन कर रहे हैं। अब, हम तिरुवळ्ळुवर छात्रवृत्तियाँ भी देने जा रहे हैं, ताकि छात्र भारत में पढ़ाई कर सकें। और हम आपको ‘भारत को जानें’ कार्यक्रम ('नो इंडिया प्रोग्राम') में देखने के लिए उत्सुक हैं।

आपको जानकर खुशी होगी कि हम जल्द ही मलेशिया में भारत का एक नया वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) खोलने जा रहे हैं। यह हमें और भी करीब लाएगा।

मित्रों,

1.4 अरब भारतीय 2047 तक एक विकसित भारत बनाना चाहते हैं।

विकसित भारत बनाना है ना?

विकसित भारत बनाके रहेंगे कि नहीं रहेंगे?

हम अपने सपनों को साकार करेंगे कि नहीं करेंगे?

हम सपनों को संकल्प में बदलेंगे कि नहीं बदलेंगे?

हम संकल्प को सिद्ध करके रहेंगे कि नहीं रहेंगे?

इस यात्रा में, हमारे प्रवासी भारतीय, भारतीय प्रवासी समुदाय, एक मूल्यवान भागीदार हैं। चाहे आपका जन्म कुआलालंपुर में हुआ हो या कोलकाता में, भारत आपके दिलों में बसता है। आप मलेशिया और भारत की प्रगति का सक्रिय हिस्सा हैं। आप समृद्ध मलेशिया और विकसित भारत के विज़न को साकार करने में मदद करेंगे।

जय हिंद!

जुम्पा लागी

मिक्का नण्ड्री!