जब गरीब का बच्चा स्वस्थ होता है, जब घर का एकमात्र कमाने वाला स्वस्थ होकर फिर काम पर निकलता है, तब आयुष्मान होने का अर्थ समझ में आता है: प्रधानमंत्री मोदी
आयुष्मान भारत न्यू इंडिया के क्रांतिकारी कदमों में से एक है, ये भारत के रूप में 130 करोड़ लोगों के सामूहिक संकल्प और सामर्थ्य का प्रतीक है: पीएम मोदी
आयुष्मान भारत संपूर्ण भारत के लिए सामूहिक समाधान के साथ-साथ, स्वस्थ भारत के लिए समग्र समाधान की भी योजना है: प्रधानमंत्री

मंच पर उपस्थित मंत्री परिषद के मेरे साथी डॉक्‍टर हर्षवर्धन जी, अश्विनीकुमार चौबे जी, अलग-अलग राज्‍यों से आए, और संस्‍थानों से आए प्रतिनिधिगण, आयुष्‍मान भारत के साथ जुड़े सभी साथी, तथा यहाँ पर आए हुए सभी लाभार्थी।

भाइयो और बहनों, आज तीसरा नवरात्र है। आज मां के चन्‍द्रघंटा स्‍वरूप की पूजा की जाती है। मान्‍यता है कि दस भुजाओं वाली देवी चन्‍द्रघंटा चन्‍द्रमा की शीतलता और सौम्‍यता लिए संपूर्ण जगत की पीड़ा का नाश करती है। भारत के 50 करोड़ से अधिक गरीबों की पीड़ा को हरने वाली आयुष्‍मान भारत योजना के पहले वर्ष पर चर्चा का इससे बेहतर संयोग भला क्‍या हो सकता है।

साथियो, आयुष्‍मान भारत का ये पहला वर्ष संकल्‍प का रहा है, समर्पण का रहा है, सीख का रहा है। ये भारत की संकल्‍प शक्ति ही है कि दुनिया की सबसे बड़ी Health care scheme हम भारत में सफलता के साथ चला रहे हैं। और इस सफलता के पीछे समर्पण की भावना है, सद्भावना है। ये समर्पण देश के हर राज्‍य और केन्‍द्रशासित प्रदेश का है, ये समर्पण देश के हजारों सरकारी और निजी अस्‍पतालों का है, ये समर्पण हर कर्मचारी, हर medical practitioner, आयुष्‍मान मित्र, आशा वर्कर सामाजिक संगठनों, जन-प्रतिनिधियों, यानी सबका है।

भाइयो और बहनों, इसी समर्पण के कारण ही आज देश विश्‍वास से कह रहा है, गर्व से कह रहा है- साल एक-आयुष्‍मान अनेक।

देशभर के गरीब, 46 लाख गरीब परिवारों को बीमारी की निराशा से स्‍वस्‍थ जीवन की आशा जगाना, ये बहुत बड़ी सिद्धि है। इस एक वर्ष में अगर किसी एक व्‍यक्ति की जमीन, घर, गहने या दूसरा कोई सामान बीमारी के खर्च में बिकने से बचा है, गिरवी रखने से बचा है; तो ये आयुष्‍मान भारत की बहुत बड़ी सफलता है।

साथियो, थोड़ी देर पहले ऐसे ही कुछ लाभार्थियों से मुझे बात करने का अवसर मिला। बीते एक वर्ष में, यहाँ तक कि चुनाव के दौरान भी मैंने देशभर में ऐसे तमाम साथियों से संवाद करने का लगातार प्रयास किया है। उनसे बातचीत करने पर ये आपको अनुभव होता है कि आयुष्‍मान भारत ‘PMJAY’ गरीबों के जीवन में क्‍या परिवर्तन ला रही है। और एक प्रकार से पीएमजय अब गरीबों की जय बन गई है। जब गरीब का बच्‍चा स्‍वस्‍थ होता है, जब घर-घर का एकमात्र कमाने वाला स्‍वस्‍थ होकर फिर काम पर निकलता है, तब आयुष्‍मान होने का अर्थ समझ में आता है। और इसलिए आयुष्‍मान भारत ‘PMJAY’ की सफलता के लिए समर्पण करने वाले, समर्पित हर व्‍यक्ति, हर संस्‍था के साथ देश के करोड़ों गरीबों की अनेक-अनेक शुभकामनाएँ हैं। इस महान कार्य में जुटे हर साथी को मैं बहुत-बहुत साधुवाद देता हूँ, बधाई देता हूँ।

भाइयो और बहनों, संकल्‍प और समर्पण के साथ-साथ इस पहले वर्ष में हमने अनुभव से बहुत कुछ सीखा है।अभी यहाँ आने से पहले मैंने प्रदर्शनी के माध्‍यम से एक वर्ष की यात्रा को भी देखा है। कैसे समय के साथ हमने हर चुनौतियों को दूर किया है, तकनीकी रूप से निरंतर विस्‍तार किया है, हर stake holder से निरंतर संवाद बनाए रखा है, शंकाओं और आशंकाओं को दूर किया है। सीख का, संवाद का, सुधार काये सिलसिला आगे भी निरंतर चलता रहेगा।

साथियो, इस योजना की reach को, monitoring को कैसे प्रभावी बनाया जाए, लाभार्थियों के लिए कैसे इसको सुगम बनाया जाए, अस्‍पतालों की दिक्‍कतों को कैसे दूर किया जाए; इसको लेकर यहां दो दिन के दरम्‍यान विस्‍तार से चर्चा हुई है। क्‍वालिटी से लेकर capacity building तक, यहाँ खुलकर‍ विचार रखे गए हैं।  विशेषतौर पर universal health care यानी इस  योजना का दायरा हर परिवार पर कैसे लागू हो, इसको लेकर देश के कुछ राज्‍यों ने जो अपने अनुभव साझा किए हैं, उन पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। ये हम सभी का दायित्‍व है कि हर गरीब के लिए, हर देशवासी के लिए मुश्किल समय में अस्‍पताल के दरवाजे खुले रहने चाहिए, बेहतर इलाज उपलब्‍ध होना चाहिए।

भाइयो और बहनों, आयुष्‍मान भारत New India केक्रांतिकारी कदमों में से एक है। सिर्फ इसलिए नहीं क्‍योंकि ये देश के सामान्‍य मानवी के, गरीब के जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभा रहा है, बल्कि इसलिए भी क्‍योंकि ये भारत के रूप में 130 करोड़ लोगों के सामूहिक संकल्‍पों और सामर्थ्‍य का भी प्रतीक है। ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ कि हमारे देश में गरीब को सस्‍ती और बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य सेवा देने के प्रयास पहले भी हुए हैं। हर राज्‍य, हर केंद्रशासित प्रदेश ने अपने सीमित स्‍तर पर हर संभव कोशिश की है। राज्‍यों की तमाम सद्भावना के बावजूद न तो गरीबों को वो लाभ मिल पा रहा था, और नही medical infrastructure के क्षेत्र में कोई सुधार हो पा रहा था। लेकिन आयुष्‍मान भारत ने सिद्ध कर दिया कि जब भारत की सामूहिक ताकत अगर कहीं पर भी लग जाती है तो उसका लाभ और शक्ति बहुत व्‍यापक हो जाती है, विराट हो जाती है। आयुष्‍मान भारत देश के किसी भी हिस्‍से के मरीज को देश के किसी भी कोने में लाभ सुनिश्चित करती है और जो पहले असंभव था। यही कारण है कि बीते एक वर्ष में करीब 50 हजार लाभार्थियों ने अपने राज्‍य के बाहर दूसरे राज्‍यों में इस योजना का लाभ लिया है, यानी अच्‍छे अस्‍पताल में माना।

भाइयो और बहनों, देश का कोई भी व्‍यक्ति इलाज के लिए अपने घर, अपने जिले, अपने राज्‍य से दूर नहीं जाना चाहता, ये कदम मजबूरी में ही उठाना पड़ता है। देश के हर नागरिक को घर के पास ही बेहतरीन स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएँ मिलें, इसके लिए हर राज्‍य प्रयास कर रहे हैं। ये भी सच है कि देश के उन हिस्‍सों में, जहाँ स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएँ बेहतर हैं, वहाँ दबाव जरा अधिक है, लेकिन ये हर भारतीय का दायित्‍व है कि देश का कोई नागरिक आधुनिक स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। आयुष्‍मान भारत इसी भावना को मजबूत कर रही है।

साथियो, आयुष्‍मान भारत संपूर्ण भारत के लिए सामूहिक समाधान के साथ-साथ स्‍वस्‍थ भारत के समग्र समाधान की भी योजना है। सरकार की उस सोच का विस्‍तार है जिसके तहत हम भारत की समस्‍याओं और चुनौतियों से निपटने के लिए टुकड़ों में सोचने की बजाय समग्रता में काम कर रहे हैं। कुछ दिन पहले संयुक्‍त राष्‍ट्र में Universal Health Care को लेकर एक कार्यक्रम हुआ था, जिसमें मुझे भारत की बात बताने का अवसर मिला। भारत में Health Care को लेकर जिस प्रकार holistic approach के साथ काम हो रहा है, जिस scale पर काम हो रहा है, और दुनिया के लिए एक अजूबा है, हैरान हैं दुनिया।

भाइयो और बहनों, संयुक्‍त राष्‍ट्र में मौजूद दुनियाभर के प्रतिनिधियों को मैंने बताया कि कैसे हम स्‍वस्‍थ भारत को चार मजबूत स्‍तंभों पर खड़ा कर रहे हैं। पहला- Preventive Health Care, दूसरा- Affordable Health Care,तीसरा-सप्लाई साइडका सुधार और चौथा-राष्‍ट्रीय पोषण अभियान जैसे Mission Mode Interventions का है।

पहले स्‍तंभ की अगर बात करें तो आज स्‍वच्‍छता, योग, आयुष, टीकाकरण और फिटनेस पर बल दिया जा रहा है, ताकि लाइफ लाइन से जुड़ी बीमारियाँ कम से कम हों। इतना ही नहीं, पशुओं के कारण भी फैलने वाली बीमारियाँ मनुष्‍य को परेशान करती हैं। और इसलिए इस बार हमने एक मिशन मोड में काम उठाया है- पशुओं में Foot to Mouth जो disease हैं, उस बीमारी से हिन्‍दुस्‍तान को मुक्‍त करना। यानी पुशओं की भी चिंता, उसको भी हम भूले नहीं हैं।

मैंने वहाँ दूसरे स्‍तंभ की बात की। दूसरा स्‍तंभ यानी देश के सामान्‍य जन को उत्‍तम और सस्‍ता इलाज मिले, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

भाइयो और बहनों, इन दो स्‍तंभों को आयुष्‍मान भारत योजना बहुत मजबूती दे रही है। चाहे वो देशभर में डेढ़ लाख से अधिक Health and Wellness Centre का निर्माण हो या फिर हर वर्ष पाँच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा, आयुष्‍मान भारत ही की भूमिका अहम है।

साथियो, आयुष्‍मान भारत हमारे तीसरे स्‍तंभ यानी सप्लाई साइडकी मजबूती भी ठोस आधार बना रही है। आयुष्‍मान भारत से देश में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की demand में बढ़ोत्‍तरी हो रही है। अब वो गरीब मरीज भी अस्‍पताल पहुँच रहा है जो कभी इलाज के बारे में सोचता तक नहीं था। प्राइवेट अस्‍पतालों में तो इलाज की वो कल्‍पना तक नहीं कर सकता था। आज PM-JAY की सेवा देने वाले 18 हजार से अधिक अस्‍पतालों में से करीब 10 हजार, यानी ऐसे आधे से अधिक अस्‍पताल प्राइवेट सेक्‍टर में हैं। आने वाले समय में ये भागीदारी और बढ़ाने वाली है।

साथियो, जैसे-जैसे demand बढ़ रही है, वैसे-वैसे देश में छोटे शहरों में आधुनिक medical infrastructure का जाल बिछ रहा है। आने वाले समय में अनेक नए अस्‍पताल बनने वाले हैं। रोजगार के नए अवसर मिलने वाले हैं। एक अनुमान के अनुसार आने वाले पांच-सात वर्षों में सिर्फ आयुष्‍मान भारत योजना से पैदा हुई demand के कारण ही करीब 11 लाख नए रोजगार निर्मित होंगे। ये कितना बड़ा आँकड़ा है कि इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ रेलवे ही इससे रोजगार का ज्‍यादा निर्माण करता है।

भाइयो और बहनों, रोजगार की इन संभावनाओं के लिए हमारे युवा साथियों को ट्रेंड करना बहुत जरूरी है। यही कारण है कि Medical education से जुड़े infrastructure को विस्‍तार दिया जा रहा है और पॉलिसी में निरंतर सुधार किया जा रहा है। एक तरफ देश में Medical education में सीटों की संख्‍या बढ़ाई जा रही है, वहीं इनमें admission से लेकर regulation तक एक seamless और transparent व्‍यवस्‍था बनाई जा रही है। देशभर में 75 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला हो या देश में नए नेशनल मेडिकल कमीशन का निर्माण, इससे मेडिकल सेक्‍टर को निश्चित लाभ होने वाला है।

नेशनल मेडिकल कमीशन से देश में मेडिकल शिक्षा के विस्‍तार को गति मिलेगी, उसकी क्‍वालिटी में सुधार आएगा और corruption की शिकायतें दूर होंगी।

साथियो, आयुष्‍मान भारत योजना को भी User friendly बनाने के लिए, इसको Full proof बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। और मुझे बताया गया है कि इससे जुड़े आईटी सिस्‍टम को PM-JAY 2.0 के रूप में अपग्रेड किया गया है और इसमें निरंतर सुधार किया जा रहा है। आज जो app launch किया गया है, उससे लाभार्थियों को बहुत मदद मिलने वाली है। लेकिन साथियो इस योजना को अधिक सक्षम अधिक व्‍यापक बनाने के लिए हमें अभी और तकनीकी समाधानों की जरूरत है। आयुष्‍मान भारत के अलग-अलग components हैं, उनकोआपस में जोड़ने के लिए एक प्रभावी और सुगम सिस्‍टम की जरूरत है। Health and Wellness centre से लेकर बड़े अस्‍पतालों के ऑपरेशन थिएटर तक, diagnosis, referral और follow up care का एक तकनीकी आधारित सिस्‍टम हमें विकसित करना है। हमें उस स्थिति की तरफ बढ़ना है जहाँ गांव के Health and Wellness Centre में दर्ज किसी भी व्‍यक्ति का Health Data उस व्‍यक्ति की बीमारी के diagnosis में काम आए। यही डेटा बड़े अस्‍पताल के लिए रैफरकरने पर आगे के इलाज के लिए प्रभावी भूमिका निभा सके। इसके लिए हम सबको सोचना होगा, नई पीढ़ी के लोगों को जोड़ना होगा।

साथियो, इसके लिए आज लॉन्‍च किया गया PM-JAY Startup Grand Challenge अहम भूमिका निभाने वाला है। और मैं देश की युवा शक्ति को, खास करके IT Professionals से आग्रह करूँगा कि ये मानवता का काम है, इस चैलेंज को आप ही उठा लीजिए, और आने वाले समय में आप एक उत्‍तम solution ले करके आइए। इसके माध्‍यम से देशभर में हेल्‍थ सेक्‍टर में काम करने वाले Start-ups को आयुष्‍मान भारत से जोड़ा जा रहा है। मैं देश के सभी युवा entrepreneursको, innovators को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए फिर से एक बार आमंत्रित करता हूँ।

भाइयो और बहनों, न्‍यू इंडिया का Health care system वाकई पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल बनने वाला है। इसमें भी आयुष्‍मान भारत योजना का बहुत बड़ा योगदान होगा। देश के करोड़ों जनों को आयुष्‍मान बनाने की हमारी प्रतिब‍द्धता और मजबूत हो, हमारे हर प्रयास सफल हों। इसी कामना के साथ आप सभी का हृदय से बहुत-बहुत धन्‍यवाद, बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

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August 07, 2026
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Prime Minister Shri Narendra Modi will participate in the 57th Convocation Ceremony of the Indian Institute of Technology (IIT) Delhi as the Chief Guest on 8 August 2026 at 11 AM. He will address over 3000 graduating students including 587 Ph.D. scholars who will be conferred their degrees during the ceremony.

Recognizing outstanding academic excellence, Prime Minister will present the Institute's most prestigious honours, including the President's Gold Medal, Director's Gold Medal, Shankar Dayal Sharma Gold Medal, and Perfect Ten Gold Medals to the meritorious students.

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