प्रगतिशील राष्ट्र की गतिशील रेलवे के लिए एक विचारशील बजट प्रस्तुत करने के लिए, मैं रेलमंत्री सुरेश प्रभु को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।
इस बजट में गरीबों की गरिमा, महिलाओं का गौरव, युवाओं का उत्साह एवं मध्यम वर्ग की मुस्कान बढ़ाने का भरसक प्रयास किया गया है।
पिछले वर्ष के बजट में जो वादे किए गए थे, उसका पूरा-पूरा हिसाब देते हुए यह बजट, आगे की आशावान रणनीति बनाता है। इस दिशा में पिछले एक साल में काफी हद तक हमें सफलता मिली है, उसे और बेहतर बनाने का पूरा प्रयास इस बजट में प्रस्तुत किया गया है।
साफ-सफाई एवं यात्री सुविधा या Technology-Up gradation पिछले दो रेल बजटों का मूल मंत्र रहा है। साथ ही साथ रेलवे Projects को मात्र Completion से नहीं बल्कि commissioning इससे परिभाषित किया, मैं समझता हूँ कि ये नीतिगत बदलाव देश की अर्थ व्यवस्था में एक Paradigm shift है। गरीबों के लिए Super-fast train की विशेष व्यवस्था करते हुए अंत्योदय एक्सप्रेस एवं दीनदयालु रेल डब्बों की शुरूआत हमारी सरकार की गरीबों के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट करती है।
रेलवे में IT सहित नई Technology, अधिक पूँजी निवेश एवं अमलीकरण को असरदार बनाते हुए यह रेल बजट देश की अर्थ व्यवस्था में दूरगामी सकारात्मक योगदान करेगा।
देश के पिछड़े क्षेत्रों में, खासकर उत्तर पूर्वी राज्यों में North-East में रेलवे Connectivity बढ़ाने का सरकार का वादा पूरा करने की दिशा में, उत्तम कदम उठाए गए हैं। साथ ही साथ, हमारे रेल मार्गों की ऐतिहासिक समस्या जोकि क्षमता-हीनता के कारण थी उसे पिछले एक साल में काफी हद तक दूर किया गया है। और इस दिशा में यह रेल बजट और भी पुख्ता इंतजाम करता है।
श्रीमान सुरेश प्रभु जी के पहले, जो बजट आए वो हमने देखे हैं। मैं उनकी आलोचना करना नहीं चाहता हूँ, लेकिन अगर मैं गत-सरकार के पॉंच वर्ष के बजट को देखूँ, तो सुरेश प्रभु जी के बजट में ढाई गुना निवेश के साथ एक बहुत बड़ा jump लगाया गया है। ये बजट देश के नवनिर्माण में एक महत्त्वपूर्ण कड़ी होगा। सबसे अच्छी बात यह है कि हमारे रेलवे के विकास में राज्य सरकारें भी उत्साह से भाग लेने जा रही हैं। उसका विस्तृत road-map प्रस्तुत किया गया है। साथ ही यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों का सहयोग लेने का प्रयास भी किया गया है। खर्च में अनुशासन, प्रबंधन में दक्षता एवं उपभोगता के प्रति जवाबदेही हमारी सरकार का focus है जिसे यह रेल बजट पूर्णरूप से दर्शाता है।
मैं फिर एक बार रेलमंत्री श्रीमान सुरेश प्रभु जी को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ, रेलवे परिवार को बधाई देता हूँ, टीम रेलवे को बधाई देता हूँ।
बहुत-बहुत धन्यवाद!
1. भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी के लिए संयुक्त रणनीतिक विजन
2. जहाज निर्माण, जहाजरानी और समुद्री लॉजिस्टिक्स में साझेदारी के लिए भारत-दक्षिण कोरिया व्यापक ढांचा
3. सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग पर भारत-दक्षिण कोरिया संयुक्त वक्तव्य
4. ऊर्जा संसाधन सुरक्षा पर भारत-दक्षिण कोरिया संयुक्त वक्तव्य
समझौता ज्ञापन/संरचनाएं:
1. बंदरगाहों के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन
2. औद्योगिक सहयोग समिति की स्थापना पर समझौता ज्ञापन
3. इस्पात आपूर्ति श्रृंखला के लिए प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन
4. लघु एवं मध्यम आकार के उद्यमों के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन
5. समुद्री विरासत के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन
6. भारत और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को अपग्रेड करने के लिए वार्ता फिर से आरंभ करने पर संयुक्त घोषणा पत्र
7. पारस्परिक सहयोग के संबंध में आईएफएससीए और एफएसएस/एफएससी के बीच समझौता ज्ञापन
8. एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और कोरियन फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशंस एंड क्लियरिंग इंस्टीट्यूट के बीच समझौता ज्ञापन
9. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन
10. भारत-कोरिया डिजिटल सेतु के लिए संरचना
11. जलवायु एवं पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन
12. पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 के अंतर्गत सहयोगात्मक दृष्टिकोण पर समझौता ज्ञापन
13. वर्ष 2026-2030 के लिए भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम
14. सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों में सहयोग पर समझौता ज्ञापन
15. खेल क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन
घोषणाएं
1. आर्थिक सुरक्षा संवाद का शुभारंभ
2. विशिष्ट आगंतुक कार्यक्रम (डीवीपी) की स्थापना
3. जलवायु परिवर्तन, आर्कटिक और समुद्री सहयोग सहित वैश्विक विषय-वस्तुओं पर दोनों विदेश मंत्रालयों के बीच संवाद का शुभारंभ
4. दक्षिण कोरिया का हिंद प्रशांत महासागर पहल में शामिल होना
5. दक्षिण कोरिया का अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में और भारत का ग्लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्टीट्यूट (जीजीजीआई) में शामिल होना
6. वर्ष 2028-29 को भारत-दक्षिण कोरिया मैत्री वर्ष के रूप में मनाना


