प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज मालदीव के राष्ट्रपति महामहिम श्री इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।

दोनों राजनेताओं ने अपने-अपने देशों में ‘कोविड-19’ के संक्रमण की मौजूदा स्थिति के बारे में एक-दूसरे को अपडेट किया।

दोनों राजनेताओं ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सार्क देशों के बीच समन्वय के लिए जिन-जिन तौर-तरीकों पर सहमति जताई गई है उन्‍हें सक्रियतापूर्वक लागू किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को यह जानकर अत्‍यंत प्रसन्‍नता हुई कि मालदीव में पहले तैनात किए गए भारतीय चिकित्सा दल और फि‍र बाद में भारत द्वारा उपहार में दी गई आवश्यक दवाओं ने द्वीप में संक्रमण के फैलाव को नियंत्रित करने में उल्‍लेखनीय योगदान दिया था।

पर्यटन पर निर्भर अर्थव्यवस्था जैसे कि मालदीव में महामारी से उत्‍पन्‍न विशेष चुनौतियों का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति को कोविड-19 के स्वास्थ्य और आर्थिक खतरों या प्रभावों को कम करने के लिए भारत की ओर से निरंतर सहयोग देने का आश्वासन दिया।

दोनों राजनेताओं ने इस पर सहमति व्यक्त की कि उनके अधिकारी वर्तमान स्वास्थ्य संकट से उत्पन्न मुद्दों के साथ-साथ द्विपक्षीय सहयोग के अन्य पहलुओं को भी ध्‍यान में रखते हुए निरंतर आपसी संपर्क में रहेंगे।

 

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प्रधानमंत्री ने दुनिया की विविध संस्कृतियों के सम्मान पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
June 29, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया:

“देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥" 

यह सुभाषितम दर्शाता है कि विश्व की विविध संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है और आपसी समझ तथा भाईचारा मजबूत होता है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर लिखा:

दुनिया की अलग-अलग संस्कृतियों का सम्मान करने से लोगों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना बढ़ती है। इससे आपसी समझ और भाईचारा और मजबूत होता है।

देशाचारान् समयाञ्जातिधर्मान् बुभूषते यस्तु परावरज्ञः।

स तत्र तत्राधिगतः सदैव महाजनस्याधिपत्यं करोति॥