"Annual Rath Yatra commences- Shri Modi performs Pahind Vidhi ceremony"
"Shri Modi joins ritual of pulling chariot of Lord Jagannath out side temple premises"
"Today once again Lord Jagannath is setting out to give his blessings to the people: Shri Modi"
"It is my privilege that time and again I have got the opportunity to come to Lord Jagannath and seek his blessings: Shri Modi"
"We pray for peace, Sadbhavana, unity, happiness and prosperity for the people: Shri Modi"
"CM wishes Kutchi community on Ashadhi Bij, the Kutchi New Year"

लगातार बारहवें वर्ष रथयात्रा प्रस्थान और पहिन्द विधि कराने का रिकार्ड श्री मोदी के नाम

देश और गुजरात के विकास की नई ऊंचाई पार करने को बरसेगा भगवान जगन्नाथ का आशीषः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान जगन्नाथ की 136वीं रथयात्रा को आज सुबह भक्तिपूर्ण माहौल में अहमदाबाद स्थित जगन्नाथ मंदिर से प्रस्थान कराया। लगातार बारहवीं बार भगवान जगदीश की रथयात्रा को प्रस्थान कराने और पहिन्द विधि संपन्न करने का रिकार्ड सौभाग्य श्री मोदी को जाता है।

प्रति वर्ष अषाढ़ी दूज को आयोजित होने वाली इस परंपरागत रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ जी के मुख्य रथ में मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सोने की चामर (झाड़ू) से भगवान की सेवा की और निज मंदिर से यात्रा के मार्ग पर प्रशस्त करने के लिए पहिन्द विधि संपन्न की। श्री मोदी ने स्वयं रस्सा खींचकर रथ को निज मंदिर से नगर यात्रा के लिए प्रस्थान कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा और अहमदाबाद की परंपरागत रथयात्रा देश और दुनिया में आकर्षण और जन-जन में श्रद्धाभाव का केन्द्र बनी है। देश भर के संत-महंत बड़ी संख्या में इस यात्रा से जुड़ते हैं, जिससे भक्तिमय वातावरण का निर्माण होता है।

आज के दिन भगवान जगन्नाथ द्वारा नगरचर्या पर निकलने और भक्तों का हालचाल पूछने के साथ उन्हें दर्शन देने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रथयात्रा के पावन अवसर पर उन्हें लगातार बारह वर्ष से भगवान की कृपा से ही जगन्नाथ जी की सेवा और सान्निध्य का सौभाग्य अवसर मिलता रहा है।

उन्होंने अभिलाषा जतायी कि जनसहयोग से शांति, एकता और सद्भावना की सद्शक्ति द्वारा देश और गुजरात के विकास की नई ऊंचाइयों को पार करने के लिए भगवान जगन्नाथ जी की कृपा और आशीष वर्षा होती रहेगी। अषाढ़ द्वितीया के इस पवित्र पर्व से शुरू हो रहे कच्छी नव वर्ष के अवसर पर दुनिया भर में बसने वाले कच्छी बंधु-भगिनियों को भी श्री मोदी ने नव वर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित की।

भगवान जगन्नाथ जी की रथयात्रा ने अहमदाबाद शहर के विभिन्न इलाकों में परिभ्रमण शुरू किया, इस मौके पर गृह राज्य मंत्री रजनीभाई पटेल, कानून राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा, विधायकगण, जगन्नाथ मंदिर के महंत श्री दिलीपदास जी महाराज सहित अग्रणी तथा मंदिर के ट्रस्टी मौजूद थे।

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प्रधानमंत्री ने ज्ञान के सार को आत्मसात करने पर केंद्रित संस्कृत सुभाषित साझा किया
January 20, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा किया, जो ज्ञान की विशालता के बीच केवल उसके सार पर ध्यान केंद्रित करने की शाश्वत बुद्धिमत्ता पर जोर देता है।

संस्कृत श्लोक-

अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।
यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥

यह सुभाषित इस भाव को व्यक्त करता है कि यद्यपि ज्ञान प्राप्ति के लिए असंख्य शास्त्र और विविध विद्याएँ उपलब्ध हैं, किंतु मानव जीवन समय की सीमाओं और अनेक बाधाओं से बंधा हुआ है। अतः, मनुष्य को उस हंस के समान बनना चाहिए जो दूध और पानी के मिश्रण में से केवल दूध को अलग करने की क्षमता रखता है अर्थात, हमें भी अनंत सूचनाओं के बीच से केवल उनके सार—उस परम सत्य को पहचानना और ग्रहण करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा:

“अनन्तशास्त्रं बहुलाश्च विद्याः अल्पश्च कालो बहुविघ्नता च।

यत्सारभूतं तदुपासनीयं हंसो यथा क्षीरमिवाम्बुमध्यात्॥”