प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में निम्‍नलिखित को मंजूरी दी गई:-

(1)   चार राज्‍यों में 23 गैर-लाइसेंसी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों (डीसीसीबी) के पुनरुद्धार की योजना के क्रियान्‍वयन को मंजूरी दी गई। इनमें उत्‍तर प्रदेश के 16, जम्‍मू-कश्‍मीर के तीन, महाराष्‍ट्र में तीन और पश्‍चिम बंगाल का एक बैंक शामिल हैं। इस योजना के अंतर्गत, इन 23 डीसीसीबी के पुनरुद्धार के लिए 2375.42 करोड़ रुपये कुल पूंजी की आवश्‍यकता होगी, जिसमें से 673.23 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 1464.59 करोड़ रुपये संबंधित राज्‍य सरकारें देंगी, जबकि नाबार्ड से 237.54 करोड़ रुपये मिलेंगे।

(2)   केंद्र सरकार अपना हिस्‍सा नाबार्ड के माध्‍यम से ब्‍याज-मुक्‍त ऋण के रूप में देगी, जो आगे चलकर योजना की शर्तों को पूरा करने पर अनुदान में बदल जाएगा। शर्तों के तहत इन सहकारी बैंकों को 31 मार्च, 2017 तक गैर-निष्‍पादित संपत्‍तियों (एनपीए) को वर्तमान का आधा करना होगा और अगले दो वर्षों के लिए जमा में 15 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज करनी होगी, निगरानी योग्‍य मासिक कार्य योजना का प्रारूप तय करना होगा, सही एवं समुचित शर्तों को पूरा करते हुए सक्षम सीईओ नियुक्‍त करने होंगे। साथ ही कंपनी नियंत्रण प्रणाली भी लागू करना होगा। नाबार्ड की ओर से संबंधित राज्‍य सरकारों को ऋण के रूप में सहयोग मिलेगा, जो नाबार्ड अधिनियम, 1981 की धारा 27 के तहत होगा।

इस योजना से इन सहकारी बैंकों के पुनरुद्धार में मदद मिलेगी। इसके परिणामस्‍वरूप जमाकर्ताओं के हित सुरक्षित होंगे तथा किसानों की ऋण संबंधी जरूरतों की पूर्ति भी होगी। एक बार उठ खड़ा होने के बाद ये सहकारी बैंक ग्रामीण इलाकों में अपना परिचालन जारी रखने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस हासिल करने के पात्र बन जाएंगे। साथ ही ये आरबीआई द्वारा निर्धारित सीआरएआर हासिल कर पाने में सक्षम हो जाएंगे। इसका अर्थ है 31 मार्च, 2015 तक सात प्रतिशत तथा 31 मार्च, 2017 तक नौ प्रतिशत सीआरएआर।

इस योजना के क्रियान्‍वयन के लिए, केंद्र सरकार, संबंधित राज्‍य सरकारों तथा नाबार्ड के बीच सहमति ज्ञापन (एमओयू) के रूप में त्रिपक्षीय समझौते पर हस्‍ताक्षर होंगे। एमओयू में शर्तें एवं जिम्‍मेदारियों का उल्‍लेख किया जाएगा। योजना के क्रियान्‍वयन के दौरान नाबार्ड और आरबीआई द्वारा इन 23 गैर-लाइसेंसी डीसीसीबी की गहन निगरानी भी की जाएगी, ताकि ये योजना में निर्धारित समय सीमा के भीतर लाइसेंस संबंधी शर्तों और जरूरतों को पूरा कर सकें।

जिन जगहों पर ये डीसीसीबी हैं, उनकी सूची निम्‍न प्रकार से हैं:-

उत्‍तर प्रदेश:

(1)      देवरिया

(2)      बहराइच

(3)      सिद्धार्थ नगर

(4)      सुल्‍तानपुर

(5)      जौनपुर

(6)      हरदोई

(7)      बस्‍ती

(8)         बलिया

(9)        आजमगढ़

(10)                       गोरखपुर

(11)                       फतेहपुर

(12)                       सीतापुर

(13)                       वाराणसी

(14)                       इलाहाबाद

(15)                       गाजीपुर

(16)                       फैजाबाद

महाराष्‍ट्र:-

(17)    बुलढाणा

(18)    नागपुर

(19)    वर्धा

जम्‍मू-कश्‍मीर:-

(20)   बारामुला

(21)   अनंतनाग

(22)   जम्‍मू

पश्‍चिम बंगाल:-

(23)   बीरभूम

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प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं
March 19, 2026
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् और स्तोत्र साझा किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने नवरात्रि के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए समृद्धि, स्वास्थ्य और विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति के लिए प्रार्थना की है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, जिसमें नवरात्रि के पावन पर्व के प्रारंभ में देवी शैलपुत्री की दिव्य कृपा का वर्णन किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर देवी को समर्पित एक भक्ति गीत साझा करते हुए कहा कि देवी की असीम कृपा से सभी नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित होगा और विकसित भारत के सामूहिक लक्ष्य को हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने ‘एक्‍स’ पर कई पोस्‍ट करते हुए लिखा:

"देशभर के मेरे परिवारजनों को नवरात्रि की हार्दिक मंगलकामनाएं। शक्ति की आराधना का यह दिव्य अवसर आप सभी के लिए सुख, सौभाग्य, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। शक्तिस्वरूपा मां दुर्गा की असीम कृपा से सबका कल्याण हो, जिससे विकसित भारत के हमारे संकल्प को भी नई ऊर्जा मिले। जय अंबे जगदंबे मां!"

"नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप देवी शैलपुत्री की पूजा का विधान है। उनके आशीर्वाद से हर किसी के जीवन में संयम, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो, यही कामना है।

वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।

वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥"

अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाली देवी शैलपुत्री को मैं प्रणाम करता हूं। अर्धचंद्र-धारिणी, वृषभ पर सवार और त्रिशूलधारी के रूप में वह भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। वे यशस्‍वी और पूजनीय हैं।

 "जगतजननी मां दुर्गा के चरणों में कोटि-कोटि देशवासियों की ओर से मेरा नमन और वंदन! नवरात्रि के पावन पर्व पर देवी मां से विनती है कि वे हर किसी को अपने स्नेह और अनुकंपा का आशीर्वाद प्रदान करें। जय माता दी!"