भारत एससीओ शिखर सम्मेलन के सफल परिणाम के लिए उसके लिए अपना पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है: प्रधानमंत्री मोदी
हमारे पड़ोसी देशों और एससीओ क्षेत्र में कनेक्टिविटी हमारी प्राथमिकता: पीएम मोदी

एससीओ शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत इस शिखर सम्मेलन के सफल परिणाम के लिए उसके लिए अपना पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पीएम मोदी ने कहा, “हम एक बार फिर उस पड़ाव पर पहुंच गए है जहां भौतिक और डिजिटल संपर्क भूगोल की परिभाषा बदल रहा है। इसलिए हमारे पड़ोसियों और एससीओ क्षेत्र में संपर्क हमारी प्राथमिकता है।”

 

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
From Macron To Busch, What European Leaders' Big Presence At AI Impact Summit 2026 Means For India

Media Coverage

From Macron To Busch, What European Leaders' Big Presence At AI Impact Summit 2026 Means For India
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
लिकटेंस्टीन रियासत के वंशानुगत राजकुमार एचएसएच प्रिंस एलोइस का भारत दौरा
February 20, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के निमंत्रण पर, लिकटेंस्टीन रियासत के वंशानुगत राजकुमार प्रिंस एलोइस ने नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए भारत का दौरा किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 20 फरवरी, 2026 को समिट के दौरान प्रिंस एलोइस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और लिकटेंस्टीन के बीच सौहार्दपूर्ण और मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों की पुष्टि की।

अक्टूबर 2025 में भारत-टीईपीए मुक्त व्यापार समझौते के प्रभावी होने का स्वागत करते हुए, दोनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई गति प्रदान करेगा। दोनों नेताओं ने कहा कि टीईपीए अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश को सुगम बनाएगा। उन्होंने विशेष रूप से उच्च मूल्य वाले विनिर्माण, उन्नत प्रौद्योगिकियों और नवाचार-संचालित सेक्‍टरों में सहयोग और बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

यह बैठक भारत-लिकटेंस्टीन साझेदारी को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था और इसने पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के विस्तार के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।