प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री महामहिम नवीनचन्‍द्र रामगुलाम ने मॉरीशस के रेडुइट में अटल बिहारी वाजपेयी लोक सेवा एवं नवाचार संस्थान का आज संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। भारत-मॉरीशस विकास साझेदारी के तहत कार्यान्वित यह ऐतिहासिक परियोजना मॉरीशस में क्षमता निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर जोर देती है।

 2017 के एक समझौता ज्ञापन के अंतर्गत 4.74 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अनुदान से उपलब्‍ध धनराशि से अत्याधुनिक संस्थान मंत्रालयों, सार्वजनिक कार्यालयों, अर्ध-सरकारी निकायों और सरकारी उद्यमों में मॉरीशस के सिविल सेवकों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करेगा। प्रशिक्षण के अलावा, संस्थान लोक प्रशासन में उत्कृष्टता केन्‍द्र के रूप में काम करेगा, अनुसंधान, शासन अध्ययन और भारत के साथ संस्थागत संबंधों को बढ़ावा देगा।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आईटीईसी और भारत सरकार के छात्रवृत्ति प्राप्त पूर्व छात्रों से भी बातचीत की, जिन्होंने पहले भारत में प्रशिक्षण और शिक्षा प्राप्त की है। इन क्षमता निर्माण आदान-प्रदानों ने दोनों देशों के लोगों के बीच मजबूत संबंधों को और गहरा किया है।

वैश्विक दक्षिण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप, यह संस्थान हिन्‍द महासागर क्षेत्र में एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में भारत की भूमिका तथा व्यापक भारत-मॉरीशस साझेदारी को मजबूत करने के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बातचीत
June 30, 2026
राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने प्रधानमंत्री को पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों से अवगत कराया
प्रधानमंत्री ने बनी सहमति का स्वागत किया और स्थायी शांति एवं स्थिरता के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता को दोहराया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज ईरान के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मसूद पेज़ेशकियान के साथ टेलीफोन पर वार्ता की।

राष्ट्रपति पेज़ेशकियान ने प्रधानमंत्री को पश्चिम एशिया के हाल के घटनाक्रमों और आगे की संभावनाओं के बारे में अवगत कराया।

प्रधानमंत्री ने बनी सहमति का स्वागत किया और भारत के इस सैद्धांतिक दृष्टिकोण को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने तथा समुद्री आवाजाही एवं वाणिज्य की स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने तथा समुद्री आवाजाही एवं आर्थिक गतिविधियों की स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।