मैं 21 से 27 सितंबर 2019 तक अमरीका की यात्रा कर रहा हूं। मैं पहले ह्यूस्टन और इसके पश्‍चात संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र की उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क की यात्रा करूंगा।
ह्यूस्टन में, भारत-अमरीका ऊर्जा साझेदारी का विस्‍तार करने के उद्देश्य से मैं अमरीका में प्रमुख ऊर्जा कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ वार्तालाप करूंगा। ऊर्जा पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग के एक नए क्षेत्र के रूप में उभरी है और यह तेजी से हमारे द्विपक्षीय संबंधों का एक महत्वपूर्ण अंग बन रही है।

ह्यूस्टन में, मैं भारतीय-अमरीका समुदाय के साथ अपनी बैठक और संबोधन को लेकर आशान्वित हूं। विविध क्षेत्रों में उनकी सफलता, जीवन के विभिन्न कार्य क्षेत्रों में अमरीका में उनका योगदान, भारत के साथ उनके मजबूत रिश्‍ते और दोनों लोकतांत्रिक देशों के मध्‍य एक जीवंत सेतू के रूप में उनकी भूमिका हमारे लिए गर्व का विषय है। यह भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए बेहद सम्मान और मेरे लिए अत्‍यंत प्रसन्‍नता की बात है कि संयुक्त राज्य अमरीका के राष्ट्रपति श्री डोनाल्ड ट्रम्प इस अवसर पर न सिर्फ उपस्थित रहेंगे, अपितु संबोधन में मेरा साथ देंगे। मेरे साथ एक भारतीय सामुदायिक कार्यक्रम में अमरीकी राष्ट्रपति की यह प्रथम उपस्थिति होगी और हमारे द्विपक्षीय संबंधों को एक नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगी।

ह्यूस्टन में प्रवास के दौरान, मुझे भारतीय-अमरीकी समुदाय के विभिन्न समूहों और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श करने का अवसर मिलेगा।

न्यूयॉर्क में, मैं संयुक्त राष्ट्र में विभिन्न प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्‍सा लूंगा। 1945 में संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्य के रूप में अपनी भागीदारी के बाद से, भारत ने शांति और सुरक्षा को आगे बढ़ाने और दुनिया में व्यापक-समावेशी आर्थिक वृद्धि एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए बहुपक्षवाद के प्रति अटूट प्रतिबद्धता जताई है।

इस वर्ष, संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र में "गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, जलवायु कार्रवाई और समावेश" विषय के साथ इस दिशा में जारी बहुपक्षीय प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा। एक कमजोर वैश्विक अर्थव्यवस्था, दुनिया के कई हिस्सों में अशांति और तनाव, आतंकवाद में वृद्धि और प्रसार, जलवायु परिवर्तन और गरीबी की स्थानिक वैश्विक चुनौती जैसे मुद्दे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए महत्‍वपूर्ण चुनौतियां हैं। इन मुद्दों पर मजबूत वैश्विक प्रतिबद्धता और बहुपक्षीय कार्रवाई की आवश्यकता है। मैं सुधारपूर्ण बहुपक्षवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता हूं, जो उत्तरदायी, प्रभावी और समावेशी है और इसमें भारत अपनी उपयुक्‍त भूमिका निभाता है।

संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी के माध्यम से, मैं सतत् विकास लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल करने की दिशा में किए गए उत्‍कृष्‍ट प्रयासों पर अपने विचार व्‍यक्‍त करूंगा। 23 सितंबर को 'क्लाइमेट एक्शन समिट 2019 में, मैं वैश्विक लक्ष्यों और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप जलवायु परिवर्तन की दिशा में भारत द्वारा उठाए गए महत्‍वपूर्ण कदमों पर प्रकाश डालूंगा।

सार्वभौमिक स्‍वास्‍थ्‍य कवरेज पर संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम में, मैं आयुष्मान भारत कार्यक्रम सहित कई पहलों के माध्यम से जरूरतमंदों के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में भारत की उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर साझा करने को लेकर भी अशान्वित हूं।

भारत, महात्मा गांधी जी की 150वीं जयंती मनाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में एक समारोह की मेजबानी करेगा, यह वर्तमान दुनिया में गांधीवादी विचारों और मूल्यों की निरंतर प्रासंगिकता को रेखांकित करेगा। इस अवसर पर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ कई राष्ट्राध्यक्ष और देशों के प्रतिनिधि गांधीजी को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उनके संदेश के महत्व को रेखांकित करेंगे।

मैं, यूएनजीए की बैठक के अतिरिक्‍त इस अवसर पर उपस्थित अन्‍य देशों के नेताओं और संयुक्‍त राष्‍ट्र संस्थाओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करूंगा। यह प्रथम अवसर है कि जब‍ भारत प्रशांत क्षेत्र के देशों और कैरीकॉम समूह के नेताओं के साथ नेतृत्व स्तर की चर्चा करेगा। यह हमारे उत्‍साहपूर्ण दक्षिण-दक्षिण सहयोग और उनके साथ साझेदारी को आगे बढ़एगा।

ह्यूस्टन और न्यूयॉर्क में अपनी कुछ दिनों की यात्रा के दौरान, मैं राष्ट्रपति ट्रम्प से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं। हम दोनों देशों और अपने नागरिकों के लिए और अधिक लाभ हेतु अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे। शिक्षा, कौशल, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार में भागीदारी की समृद्ध संभावनाओं के साथ अमरीका हमारे राष्ट्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण भागीदार है और आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध भारत के लिए उत्साहवर्धक हैं। दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच साझा मूल्य, समान रुचियां और अनुपूरक क्षमताएं, दोनों देशों की नैसर्गिक साझेदारी को नींव प्रदान करती हैं। एक साथ कार्य करते हुए, हम अधिक शांतिपूर्ण, स्थिर, सुरक्षित, स्थायी और समृद्ध विश्‍व के निर्माण में योगदान कर सकते हैं।

मैं अपनी न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान, अमरीका के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों के महत्वपूर्ण आयामों पर भी विशेष रूप से ध्‍यान केंद्रित करूंगा। मैं ब्लूमबर्ग ग्लोबल बिज़नेस फोरम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करने और भारत के आर्थिक विकास और परिवर्तन में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए अमरीकी व्यापारिक प्रमुखों को आमंत्रित करने के लिए आशान्वित हूं। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा ग्लोबल गोलकीपर गोल्स अवार्ड 2019 से सम्मान प्राप्‍त करना मेरे लिए हर्ष का विषय होगा।

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