तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. जोस रामोस होर्टा गांधीनगर में 10वें वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 8-10 जनवरी 2024 तक भारत की यात्रा पर हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति होर्टा ने आज गांधीनगर में मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति होर्टा और उनके प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दोनों देशों के बीच राज्य प्रमुख या सरकार स्तर की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री ने एक जीवंत "दिल्ली-दिली" संपर्क बनाने की भारत की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की। सितंबर 2023 में, उन्होंने तिमोर-लेस्ते में भारतीय मिशन खोलने की घोषणा की थी। उन्होंने तिमोर-लेस्ते को क्षमता निर्माण, मानव संसाधन विकास, आईटी, फिनटेक, ऊर्जा तथा पारंपरिक चिकित्सा और फार्मा सहित स्वास्थ्य सेवा में सहायता की पेशकश की। उन्होंने तिमोर-लेस्ते को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) और आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया।

उन्होंने तिमोर-लेस्ते को अपने 11वें सदस्य के रूप में शामिल करने के आसियान के सैद्धांतिक निर्णय के लिए राष्ट्रपति होर्टा को बधाई दी और जल्द ही पूर्ण सदस्यता प्राप्त करने की आशा व्यक्त की।

राष्ट्रपति होर्टा ने शिखर सम्मेलन में भाग लेने के आमंत्रण के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने अपनी विकास प्राथमिकताओं को पूरा करने में, विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा और आईटी में क्षमता निर्माण के क्षेत्र में, भारत से समर्थन मांगा।

दोनों राजनेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय मुद्दों और विकास पर भी चर्चा की।

राष्ट्रपति होर्टा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए सशक्त समर्थन व्यक्त किया। दोनों राजनेताओं ने बहुपक्षीय क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। प्रधानमंत्री ने वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन के दो संस्करणों में तिमोर-लेस्ते की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। वे इस बात पर सहमत हुए कि ग्लोबल साउथ के देशों को वैश्विक मुद्दों पर अपनी स्थिति में तालमेल बिठाना चाहिए।

भारत और तिमोर-लेस्ते के बीच द्विपक्षीय संबंध लोकतंत्र और बहुलता के साझा मूल्यों पर आधारित हैं। भारत 2002 में तिमोर-लेस्ते के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले पहले देशों में से एक था।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
Over 2.17 Crore UP Farmers Receive Rs 4,352 Crore As PM Modi Releases PM-Kisan Installment

Media Coverage

Over 2.17 Crore UP Farmers Receive Rs 4,352 Crore As PM Modi Releases PM-Kisan Installment
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
प्रधानमंत्री ने योग के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाने वाला एक संस्कृत सुभाषितम साझा किया
June 22, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की उल्लेखनीय सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न केवल दुनिया भर में लाखों लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य प्राप्त करने में मदद कर रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत में एक सुभाषितम् साझा किया।

“चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा॥”

यह सुभाषितम् बताता है कि योग मन को पूर्णतः शांत करने का साधन है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योग की दो प्रमुख विधियाँ बताई गई हैं: मन को शांत करना और श्वास के प्रवाह को नियमित करना।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म एक्‍स पर लिखा;

“अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न केवल दुनियाभर में करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा॥”