प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का हार्दिक स्वागत करते हुए यह भरोसा जताया कि यह यात्रा भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

राष्ट्रपति मैक्रॉन की यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले मुंबई और फिर दिल्ली में होने वाली बैठकों में दोनों देशों के बीच कार्यनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहकार्य से न केवल दोनों देशों बल्कि व्यापक वैश्विक समुदाय को भी लाभ मिलता रहेगा।

एक्स पर अलग-अलग पोस्ट में श्री मोदी ने लिखा:

“भारत में आपका स्वागत है! भारत आपकी यात्रा और हमारे द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उत्सुक है। मुझे विश्वास है कि हमारी चर्चाएं विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेंगी और वैश्विक प्रगति में योगदान देंगी।

मुंबई और फिर दिल्ली में मिलते हैं, मेरे प्रिय मित्र @EmmanuelMacron।”

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प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषितम साझा करते हुए जनहित में बुद्धिमत्ता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुणों पर प्रकाश डाला
February 17, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी को समाज के लिए सही मायने में उपयोगी बनाने में बुद्धिमत्ता, तर्कशक्ति और निर्णय लेने की क्षमता के महत्व पर जोर दिया। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग नागरिकों के कल्याण के लिए कैसे किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर प्राचीन ज्ञान का हवाला देते हुए बुद्धि के शाश्वत गुणों पर विचार व्यक्त किया:

“बुद्धिमत्ता, तर्कशीलता और निर्णय-क्षमता विज्ञान और टेक्नोलॉजी को जन-जन के लिए उपयोगी बनाती हैं। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का उद्देश्य भी यही है कि कैसे एआई का इस्तेमाल सर्वजन के हित में हो।

शुश्रूषा श्रवणं चैव ग्रहणं धारणां तथा।

ऊहापोहोऽर्थविज्ञानं तत्त्वज्ञानं च धीगुणाः॥”

 बुद्धिमत्ता, तर्कशीलता और निर्णय-क्षमता विज्ञान और टेक्नोलॉजी को जन-जन के लिए उपयोगी बनाती हैं। India AI Impact Summit का उद्देश्य भी यही है कि कैसे एआई का इस्तेमाल सर्वजन के हित में हो।

शुश्रूषा श्रवणं चैव ग्रहणं धारणां तथा।

ऊहापोहोऽर्थविज्ञानं तत्त्वज्ञानं च धीगुणाः॥ pic.twitter.com/qytLZxv1uh