प्रधानमंत्री शौर्य यात्रा में भाग लेंगे
इस यात्रा में 108 घोड़ों की प्रतीकात्मक शोभायात्रा निकाली जाएगी, यह वीरता और बलिदान का प्रतीक है
यह कार्यक्रम सोमनाथ मंदिर पर प्रथम आक्रमण के बाद से अटूट भावना और सभ्यतागत निरंतरता के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है
प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और उत्सव के लिए उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है
प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे
प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ मंदिर में ओंकार मंत्र के जाप में भी भाग लेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 10-11 जनवरी 2026 को गुजरात के सोमनाथ की यात्रा पर रहेंगे। श्री मोदी इस दौरान सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेंगे। प्रधानमंत्री 10 जनवरी को शाम लगभग 8 बजे ओंकार मंत्र का जाप करेंगे और उसके बाद सोमनाथ मंदिर में ड्रोन शो का अवलोकन करेंगे।

प्रधानमंत्री 11 जनवरी को सुबह लगभग 9:45 बजे शौर्य यात्रा में भाग लेंगे। यह एक औपचारिक शोभा यात्रा है जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित की जाती है। शौर्य यात्रा में 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकलेगा, जो वीरता और बलिदान का प्रतीक होगा। इसके बाद, लगभग 10:15 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री लगभग 11 बजे सोमनाथ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेंगे और एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, 8 जनवरी को शुरू हुआ। यह पर्व 11 जनवरी 2026 तक चलेगा। सोमनाथ में आयोजित किया जा रहा यह पर्व भारत के उन असंख्य नागरिकों की स्मृति में मनाया जा रहा है, जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया और जो आने वाली पीढ़ियों की सांस्कृतिक चेतना को प्रेरित करते रहेंगे।

यह कार्यक्रम 1026 ईस्वी में महमूद गजनी के सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण की 1,000वीं वर्षगांठ की स्मृति में आयोजित किया गया है। सदियों से इसे नष्ट करने के कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद, सोमनाथ मंदिर आज भी सुगमता, आस्था और राष्ट्रीय गौरव के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में मौजूद है। इसका श्रेय इसे इसके प्राचीन वैभव में पुनर्स्थापित करने के सामूहिक संकल्प और प्रयासों को जाता है।

सरदार वल्लभ भाई पटेल ने स्वतंत्रता के बाद, मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रयास किया गया। इस पुनरुद्धार यात्रा में सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक 1951 का है, जब जीर्णोद्धार किए गए सोमनाथ मंदिर को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की उपस्थिति में श्रद्धालुओं के लिए औपचारिक रूप से खोला गया। वर्ष 2026 में इस ऐतिहासिक जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे होने पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का विशेष महत्व बढ़ गया है।

इस समारोह में देश भर से सैकड़ों संत भाग लेंगे। इसके साथ ही मंदिर परिसर के भीतर 72 घंटे तक लगातार 'ओम' का जाप किया जाएगा।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में प्रधानमंत्री की भागीदारी भारत की सभ्यता की चिरस्थायी भावना का प्रदर्शन करती है और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहन देने की उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

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Prime Minister reaffirms the timeless significance of Somnath
January 09, 2026

Prime Minister Shri Narendra Modi today reaffirmed the timeless significance of Somnath, describing it as the eternal embodiment of India’s spiritual strength and devotion.

The Prime Minister emphasized that Somnath stands not only as a sacred shrine but also as a beacon of India’s civilizational continuity, inspiring generations with its message of faith, resilience, and unity.

In a post on X, Shri Modi said:

“भगवान श्री सोमनाथ सृष्टि के कण-कण में विराजते हैं। उनकी अखंड आस्था अनंत काल से निरंतर प्रवाहित हो रही है। वे सदैव भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक रहेंगे।”