प्रधानमंत्री झारसुगुड़ा में 60,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्‍य की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे
ये परियोजनाएँ दूरसंचार, रेलवे, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास और ग्रामीण आवास सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हैं
राष्ट्रीय संचार अवसंरचना को बड़ा प्रोत्‍साहन देते हुए प्रधानमंत्री 37,000 करोड़ रुपये की लागत से स्वदेशी तकनीक से निर्मित 97,500 से अधिक मोबाइल 4जी टावरों का शुभारंभ करेंगे
दूरस्थ, सीमावर्ती और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों के 26,700 से अधिक संपर्कविहीन गाँवों को भी कनेक्शन मिलेगा
प्रधानमंत्री आठ आईआईटी के विस्तार की आधारशिला रखेंगे, जिससे अगले चार वर्षों में 10,000 नए छात्रों की क्षमता का सृजन होगा
प्रधानमंत्री तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को मज़बूत बनाने के लिए ओडिशा सरकार की कई पहलों का शुभारंभ करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी 27 सितंबर को ओडिशा का दौरा करेंगे। पूर्वाह्न लगभग 11:30 बजे, वह झारसुगुड़ा में 60,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्‍य की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। ये परियोजनाएँ दूरसंचार, रेलवे, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास, ग्रामीण आवास आदि क्षेत्रों से संबंधित हैं।

दूरसंचार कनेक्टिविटी के क्षेत्र में, प्रधानमंत्री लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से स्वदेशी तकनीक से निर्मित 97,500 से अधिक मोबाइल 4जी टावरों का उद्घाटन करेंगे। इनमें बीएसएनएल द्वारा स्थापित 92,600 से अधिक 4जी तकनीक वाले स्थल शामिल हैं। डिजिटल भारत निधि के तहत 18,900 से अधिक 4जी स्थलों को वित्त पोषित किया गया है, जो दूरस्थ, सीमावर्ती और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों के लगभग 26,700 संपर्कविहीन गाँवों को जोड़ेगा और 20 लाख से अधिक नए ग्राहकों को सेवा प्रदान करेगा। ये टावर सौर ऊर्जा से संचालित हैं, जिससे ये भारत के सबसे बड़े हरित दूरसंचार स्थलों का समूह बन गए हैं और यह टिकाऊ बुनियादी ढाँचे की दिशा में एक महत्‍वपूर्ण कदम है।

प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जो संपर्क और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देंगी। इनमें संबलपुर-सरला में रेल फ्लाईओवर का शिलान्यास, कोरापुट-बैगुडा लाइन के दोहरीकरण और मनाबार-कोरापुट-गोरपुर लाइन का राष्ट्र को समर्पण शामिल है। ये परियोजनाएँ ओडिशा और पड़ोसी राज्यों में माल और यात्री आवागमन में उल्लेखनीय सुधार लाएँगी तथा स्थानीय उद्योगों और व्यापार को मज़बूती प्रदान करेंगी। इस अवसर पर, प्रधानमंत्री बरहामपुर और उधना (सूरत) के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जो राज्यों के बीच किफायती और आरामदायक संपर्क प्रदान करेगी, पर्यटन को बढ़ाने में सहायता देगी, रोज़गार के अवसरों का सृजन करेगी और प्रमुख आर्थिक जिलों को जोड़ेगी।

प्रधानमंत्री लगभग 11,000 करोड़ रुपये के निवेश से आठ आईआईटी—तिरुपति, पलक्कड़, भिलाई, जम्मू, धारवाड़, जोधपुर, पटना और इंदौर—के विस्तार की आधारशिला रखेंगे। इस विस्तार से अगले चार वर्षों में 10,000 नए छात्रों की क्षमता का सृजन होगा और आठ अत्याधुनिक अनुसंधान पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिससे भारत का नवाचार इकोसिस्‍टम मजबूत होगा और अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री देश भर के 275 राजकीय इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में गुणवत्ता, न्‍यायसंगतता, अनुसंधान और नवाचार में सुधार के लिए बनाई गई मेरिट योजना का शुभारंभ करेंगे।

प्रधानमंत्री ओडिशा कौशल विकास परियोजना के दूसरे चरण का भी शुभारंभ करेंगे, जिसके तहत संबलपुर और बरहामपुर में विश्व कौशल केंद्र स्थापित किए जाएँगे, जो कृषि प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा, खुदरा, समुद्री और आतिथ्य जैसे उभरते क्षेत्रों को कवर करेंगे। इसके अलावा, पाँच आईटीआई को उत्कर्ष आईटीआई में उन्नत किया जाएगा, 25 आईटीआई को उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, और एक नया प्रिसिशन इंजीनियरिंग भवन उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

राज्य में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री 130 उच्च शिक्षा संस्थानों में वाई-फाई सुविधाएं समर्पित करेंगे, जिससे 2.5 लाख से अधिक छात्रों को प्रतिदिन मुफ्त डेटा सुविधा मिलेगी।

प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान ओडिशा में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को भी महत्‍वपूर्ण प्रोत्‍साहन प्राप्‍त होगा। वह बरहामपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और संभलपुर स्थित वीआईएमएसएआर को विश्वस्तरीय सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों में उन्नत करने की आधारशिला रखेंगे। उन्नत सुविधाओं में बिस्तर क्षमता में वृद्धि, ट्रॉमा केयर यूनिट, डेंटल कॉलेज, मातृ एवं शिशु देखभाल सेवाएँ, और विस्तारित शैक्षणिक बुनियादी ढाँचा शामिल होगा, जिससे ओडिशा के लोगों के लिए व्यापक स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित होंगी।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री अंत्योदय गृह योजना के तहत 50,000 लाभार्थियों को स्वीकृति आदेश वितरित करेंगे। यह योजना दिव्यांगजनों, विधवाओं, लाइलाज बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों और प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों सहित कमजोर ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह पहल समाज के सबसे वंचित वर्गों के सामाजिक कल्याण और सम्मान को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है।

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प्रधानमंत्री ने दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की शक्ति को उजागर करते हुए संस्कृत सुभाषितम् साझा किया
March 06, 2026

The Prime Minister, Shri Narendra Modi, said that the people of India, through their firm resolve, make even the most difficult tasks possible. He noted that with tireless effort in the right direction, they achieve even the biggest goals.

The Prime Minister shared a Sanskrit Subhashitam-

“यद् दूरं यद् दुराराध्यं यच्च दूरे व्यवस्थितम्। तत् सर्वं तपसा साध्यं तपो हि दुरतिक्रमम्॥”

The Subhashitam conveys that no matter how far, difficult, or out of reach a goal may seem, it can be achieved through firm determination and continuous hard work. Determination and patience are the forces that turn the impossible into possible.

The Prime Minister wrote on X;

“भारत के लोग अपने दृढ़ निश्चय से किसी भी कार्य को संभव बना देते हैं। सही दिशा में अपनी अथक मेहनत से वे बड़े से बड़े लक्ष्य को भी हासिल कर दिखाते हैं।

यद् दूरं यद् दुराराध्यं यच्च दूरे व्यवस्थितम्।

तत् सर्वं तपसा साध्यं तपो हि दुरतिक्रमम्॥”