प्रधानमंत्री कर्नाटक में 10,800 करोड़ रुपये से भी अधिक और महाराष्ट्र में 38,800 करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा की लागत वाली परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री कर्नाटक में नव घोषित राजस्व गांवों के लगभग पचास हजार लाभार्थियों को टाइटल डीड (हक्कू पत्र) वितरित करेंगे
प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के तहत यादगीर बहु-ग्राम पेयजल आपूर्ति योजना का शिलान्यास करेंगे
प्रधानमंत्री नारायणपुर लेफ्ट बैंक नहर- विस्तार, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण परियोजना (एनएलबीसी-ईआरएम) का उद्घाटन करेंगे; इस परियोजना से क्षेत्र के तीन लाख से भी अधिक किसान लाभान्वित होंगे
प्रधानमंत्री कर्नाटक में दो ग्रीनफील्ड राजमार्ग विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे; दोनों ही परियोजनाएं सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे का हिस्सा हैं
प्रधानमंत्री मुंबई मेट्रो रेल लाइन 2ए और 7 राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री मुंबई में सात सीवेज शोधन संयंत्रों, सड़क पक्कीकरण परियोजना और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 19 जनवरी, 2023 को कर्नाटक और महाराष्ट्र का दौरा करेंगे।

प्रधानमंत्री कर्नाटक में यादगीर और कलबुर्गी जिलों का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 12 बजे यादगीर जिले के कोडेकल में सिंचाई, पेयजल से जुड़ी विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं और एक राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना का शिलान्‍यास और उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 2:15 बजे कलबुर्गी जिले के मलखेड़ पहुंचेंगे, जहां वे नव घोषित राजस्व गांवों के पात्र लाभार्थियों को टाइटल डीड (हक्कू पत्र) वितरित करेंगे और एक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का शिलान्‍यास भी करेंगे।

प्रधानमंत्री शाम लगभग 5 बजे मुंबई में कई विकास पहलों का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री शाम लगभग साढ़े छह बजे मुंबई मेट्रो की दो लाइनों का उद्घाटन करेंगे और मेट्रो की सवारी भी करेंगे।

प्रधानमंत्री कर्नाटक में

सभी घरों में व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक और कदम के रूप में जल जीवन मिशन के तहत यादगिरि जिले के कोडेकल में यादगीर बहु-ग्राम पेयजल आपूर्ति योजना की आधारशिला रखी जाएगी। इस योजना के तहत 117 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। 2050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस परियोजना से 700 से अधिक ग्रामीण बस्तियों और यादगिरि जिले के तीन शहरों के लगभग 2.3 लाख घरों को पीने योग्य पानी उपलब्ध होगा।

इस कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री नारायणपुर लेफ्ट बैंक कैनाल के विस्तारीकरण, पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण परियोजना (एनएलबीसी- ईआरएम) का भी शुभारंभ करेंगे। 10,000 क्यूसेक की क्षमता वाली नहर परियोजना से 4.5 लाख हेक्टेयर कमान क्षेत्र की सिंचाई की जा सकती है। इससे कलबुर्गी, यादगिरी और विजयपुर जिलों के 560 गांवों के तीन लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा। परियोजना की कुल लागत लगभग 4700 करोड़ रुपये है।

प्रधानमंत्री एनएच-150सी के 65.5 किलोमीटर लंबे खंड का शिलान्यास भी करेंगे। यह 6 लेन वाली ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इसे करीब 2000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है।

सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत साकार किए जाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, कलबुर्गी, यादगिरी, रायचूर, बीदर और विजयपुरा के पांच जिलों में लगभग 1475 गैर-पंजीकृत बस्तियों को नए राजस्व गांवों के रूप में घोषित किया गया है। प्रधानमंत्री कलबुर्गी जिले के सेदम तालुका के मलखेड गांव में, इन नए घोषित राजस्व गांवों के पात्र लाभार्थियों को मालिकाना अधिकार पत्र (हक्कू पत्र) वितरित करेंगे। पचास हजार से अधिक लाभार्थियों को टाइटल डीड जारी करना, जो बड़े पैमाने पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के हाशिए पर रहने वाले और कमजोर समुदायों से हैं, उनकी भूमि को सरकार से औपचारिक मान्यता प्रदान करने का एक कदम है, और उन्हें पेयजल, बिजली, सड़क आदि जैसी सरकारी सेवाएं प्राप्त करने के लिए पात्र बना देगा।

इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री एनएच-150सी के 71 किलोमीटर लंबे खंड का शिलान्यास भी करेंगे। यह 6 लेन वाली ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना भी सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे का हिस्सा है। इसे 2100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जा रहा है।

सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे छह राज्यों- गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से होकर गुजरेगा। यह मौजूदा मार्ग को 1600 किलोमीटर से घटाकर 1270 किलोमीटर कर देगा।

प्रधानमंत्री मुंबई में

प्रधानमंत्री लगभग 38,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। निर्बाध शहरी गीतशीलता प्रदान करना प्रधानमंत्री के प्रमुख क्षेत्रों में से एक रहा है। इस तर्ज पर, वह राष्ट्र को लगभग 12,600 करोड़ रुपये की मुंबई मेट्रो रेल लाइन 2ए और 7 समर्पित करेंगे। दहिसर ई और डीएन नगर (येलो लाइन) को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 2ए लगभग 18.6 किमी लंबी है, जबकि अंधेरी ई- दहिसर ई (रेड लाइन) को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन 7 लगभग 16.5 किमी लंबी है। प्रधानमंत्री ने 2015 में इन लाइनों की आधारशिला रखी थी। प्रधानमंत्री मुंबई 1 मोबाइल ऐप और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (मुंबई 1) की भी शुरुआत करेंगे। यह मोबाइल ऐप यात्रा को सुगम बनाएगा, इसे मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार पर दिखाया जा सकता है और यह यूपीआई के माध्यम से टिकट खरीदने के लिए डिजिटल भुगतान में सहायता करेगा। नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (मुंबई 1) शुरू में मेट्रो कॉरिडोर में इस्तेमाल किया जाएगा और बाद में स्थानीय ट्रेनों व बसों सहित बड़े पैमाने पर सार्वजनिक परिवहन के अन्य वाहनों तक इसका विस्‍तार किया जा सकता है। यात्रियों को अनेक कार्ड या नकदी ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी, एनसीएमसी कार्ड त्वरित, संपर्क रहित, डिजिटल लेनदेन को सक्षम करेगा, जिससे सुगम अनुभव के साथ प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

प्रधानमंत्री लगभग 17,200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सात सीवेज शोधन संयंत्रों का शिलान्यास करेंगे। ये सीवेज शोधन संयंत्र मलाड, भांडुप, वर्सोवा, घाटकोपर, बांद्रा, धारावी और वर्ली में स्थापित किए जाएंगे। जिनकी संयुक्त क्षमता लगभग 2,460 एमएलडी होगी।

मुंबई में स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के प्रयास में, प्रधानमंत्री 20वें हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना का उद्घाटन करेंगे। यह अनूठी पहल लोगों को स्वास्थ्य जांच, दवाएं, जांच और निदान जैसी आवश्यक चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री मुंबई में तीन अस्पतालों अर्थात 360-बिस्‍तरों वाले भांडुप मल्टीस्पेशियलिटी म्युनिसिपल अस्पताल, 306 बिस्‍तरों वाले सिद्धार्थ नगर अस्पताल, गोरेगांव (पश्चिम) और 152 बिस्‍तरों वाले ओशिवारा मैटरनिटी होम के पुनर्विकास के लिए आधारशिला भी रखेंगे। इससे शहर के लाखों निवासियों को लाभ होगा और उन्हें उच्च श्रेणी की चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

प्रधानमंत्री मुंबई की लगभग 400 किलोमीटर सड़कों को पक्‍का करने के लिए सड़क निर्माण परियोजना शुरू करेंगे। यह परियोजना लगभग 6,100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। मुंबई में लगभग कुल 2050 किलोमीटर सड़कों के विस्‍तार में से 1200 किलोमीटर से अधिक सड़कों को या तो पक्‍का कर दिया गया है या वे पक्‍का किए जाने की प्रक्रिया में हैं। हालांकि, शेष लगभग 850 किलोमीटर लंबाई की शेष सड़को को गड्ढों की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो परिवहन को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। सड़क को पक्‍का करने की परियोजना का उद्देश्य इस चुनौती को दूर करना है। कंक्रीट की ये सड़कें बेहतर सुरक्षा के साथ-साथ तेज यात्रा सुनिश्चित करेंगी, साथ ही बेहतर जल निकासी सुविधाएं और जन उपयोगी नालियां सड़कों की नियमित खुदाई से बचना सुनिश्चित करेंगी।

वह छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के पुनर्विकास की भी आधारशिला रखेंगे। टर्मिनस के दक्षिणी विरासत नोड से भीड़ को कम करने, सुविधाओं में वृद्धि करने, बेहतर बहु-मोडल एकीकरण और विश्व प्रसिद्ध प्रतिष्ठित अनुप्रतीकात्‍मक ढांचे के प्राचीन गौरव को संरक्षित एवं बहाल करने के लिए पुनर्विकास योजना बनाई गई है। परियोजना का कार्य 1,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री पीएम स्वनिधि योजना के तहत एक लाख से अधिक लाभार्थियों के स्वीकृत ऋणों का हस्तांतरण भी शुरू करेंगे।

Explore More
आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी

लोकप्रिय भाषण

आज सम्पूर्ण भारत, सम्पूर्ण विश्व राममय है: अयोध्या में ध्वजारोहण उत्सव में पीएम मोदी
India’s Defence Exports Explode: ₹40,000 Crore Milestone Signals a New Manufacturing Era

Media Coverage

India’s Defence Exports Explode: ₹40,000 Crore Milestone Signals a New Manufacturing Era
NM on the go

Nm on the go

Always be the first to hear from the PM. Get the App Now!
...
Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!