प्रधानमंत्री अशोक विहार के स्वाभिमान अपार्टमेंट में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री दो शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में विश्व व्यापार केंद्र और सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-II क्वार्टरों का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज की आधारशिला रखेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सभी के लिए आवास की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप 3 जनवरी 2025 को दोपहर करीब 12 बजकर 10 मिनट पर दिल्ली के अशोक विहार स्थित स्वाभिमान अपार्टमेंट में इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना के अंतर्गत झुग्गी झोपड़ी (जेजे) समूहों के निवासियों के लिए नवनिर्मित फ्लैटों का दौरा करेंगे। इसके बाद करीब 12 बजकर 45 मिनट पर प्रधानमंत्री दिल्ली में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

प्रधानमंत्री दिल्ली के अशोक विहार में झुग्गी बस्तियों के निवासियों के लिए 1,675 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे और पात्र लाभार्थियों को स्वाभिमान अपार्टमेंट की चाबियां भी सौंपेंगे। नवनिर्मित फ्लैटों के उद्घाटन से दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा दूसरी सफल इन-सीटू स्लम पुनर्वास परियोजना को पूर्ण किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली में झुग्गी बस्तियों के निवासियों को उचित सुख-सुविधाओं से सुसज्जित बेहतर और स्वस्थ परिवेश प्रदान करना है।

सरकार द्वारा फ्लैट के निर्माण पर खर्च किए गए प्रत्येक 25 लाख रुपये के लिए, पात्र लाभार्थी कुल राशि का 7 प्रतिशत से भी कम भुगतान करते हैं, जिसमें 1.42 लाख रुपये का नाममात्र योगदान और पांच साल के रखरखाव के लिए 30,000 रुपये शामिल हैं।

प्रधानमंत्री दो शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं-नौरोजी नगर में विश्व व्यापार केंद्र (डब्ल्यूटीसी) और सरोजिनी नगर में जनरल पूल आवासीय आवास (जीपीआरए) टाइप-II क्वार्टर का भी उद्घाटन करेंगे।

नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर ने 600 से ज़्यादा जीर्ण-शीर्ण क्वार्टरों को अत्याधुनिक वाणिज्यिक टावरों से बदलकर इस क्षेत्र का कायाकल्‍प कर दिया है। इससे उन्नत सुविधाओं के साथ लगभग 34 लाख वर्ग फ़ीट प्रीमियम वाणिज्यिक स्‍थल उपलब्‍ध हुआ है। इस परियोजना में हरित भवन कार्यप्रणालियों को शामिल किया गया है, जिसमें शून्य-निर्वहन अवधारणा, सौर ऊर्जा उत्पादन और वर्षा जल संचयन प्रणाली जैसे प्रावधान शामिल हैं।

सरोजिनी नगर में जीपीआरए टाइप-II क्वार्टर में 28 टावर शामिल हैं, जिनमें 2,500 से अधिक आवासीय इकाइयां हैं, जिनमें आधुनिक सुविधाओं और स्‍थल का कुशल उपयोग किया गया हैं। परियोजना के डिजाइन में वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवेज और जल उपचार संयंत्र तथा सौर ऊर्जा से चलने वाले अपशिष्ट कॉम्पैक्टर शामिल हैं जो पर्यावरण के प्रति जागरूक जनजीवन को प्रोत्साहित करते हैं।

प्रधानमंत्री दिल्ली के द्वारका में सीबीएसई के एकीकृत कार्यालय परिसर का भी उद्घाटन करेंगे, जिस पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें कार्यालय, ऑडिटोरियम, उन्नत डेटा सेंटर, व्यापक जल प्रबंधन प्रणाली आदि शामिल हैं। पर्यावरण के अनुकूल इस इमारत का निर्माण उच्च पर्यावरणीय मानकों के अनुसार किया गया है और इसे भारतीय हरित भवन परिषद (आईजीबीसी) के प्लेटिनम रेटिंग मानकों के अनुसार निर्मित किया गया है।

प्रधानमंत्री दिल्ली विश्वविद्यालय में 600 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली तीन नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इसमें पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार के पूर्वी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक और द्वारका के पश्चिमी परिसर में एक अकादमिक ब्लॉक शामिल है। इसमें नजफगढ़ के रोशनपुरा में वीर सावरकर कॉलेज का भवन भी शामिल है, जिसमें शिक्षा के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।

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उपलब्धियों की सूची: कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति की भारत की राजकीय यात्रा
April 20, 2026

1. भारत-दक्षिण कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी के लिए संयुक्त रणनीतिक विजन


2. जहाज निर्माण, जहाजरानी और समुद्री लॉजिस्टिक्स में साझेदारी के लिए भारत-दक्षिण कोरिया व्यापक ढांचा


3. सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग पर भारत-दक्षिण कोरिया संयुक्त वक्तव्य


4. ऊर्जा संसाधन सुरक्षा पर भारत-दक्षिण कोरिया संयुक्त वक्तव्य


समझौता ज्ञापन/संरचनाएं:


1. बंदरगाहों के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन


2. औद्योगिक सहयोग समिति की स्थापना पर समझौता ज्ञापन


3. इस्पात आपूर्ति श्रृंखला के लिए प्रौद्योगिकी और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन


4. लघु एवं मध्यम आकार के उद्यमों के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन


5. समुद्री विरासत के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन


6. भारत और दक्षिण कोरिया के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को अपग्रेड करने के लिए वार्ता फिर से आरंभ करने पर संयुक्त घोषणा पत्र


7. पारस्परिक सहयोग के संबंध में आईएफएससीए और एफएसएस/एफएससी के बीच समझौता ज्ञापन


8. एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और कोरियन फाइनेंशियल टेलीकम्युनिकेशंस एंड क्लियरिंग इंस्टीट्यूट के बीच समझौता ज्ञापन


9. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन


10. भारत-कोरिया डिजिटल सेतु के लिए संरचना


11. जलवायु एवं पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन


12. पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6.2 के अंतर्गत सहयोगात्मक दृष्टिकोण पर समझौता ज्ञापन


13. वर्ष 2026-2030 के लिए भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम


14. सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योगों में सहयोग पर समझौता ज्ञापन


15. खेल क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन


घोषणाएं


1. आर्थिक सुरक्षा संवाद का शुभारंभ


2. विशिष्ट आगंतुक कार्यक्रम (डीवीपी) की स्थापना


3. जलवायु परिवर्तन, आर्कटिक और समुद्री सहयोग सहित वैश्विक विषय-वस्‍तुओं पर दोनों विदेश मंत्रालयों के बीच संवाद का शुभारंभ


4. दक्षिण कोरिया का हिंद प्रशांत महासागर पहल में शामिल होना


5. दक्षिण कोरिया का अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में और भारत का ग्‍लोबल ग्रीन ग्रोथ इंस्‍टीट्यूट (जीजीजीआई) में शामिल होना


6. वर्ष 2028-29 को भारत-दक्षिण कोरिया मैत्री वर्ष के रूप में मनाना