प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 5 अक्टूबर 2021 को सुबह 10:30 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 'आजादी@75 - नया शहरी भारत: शहरी परिदृश्य में बदलाव' सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।

प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के 75,000 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत निर्मित घरों की चाबियां डिजिटल तरीके से सौंपेंगे और प्रदेश में योजना के लाभार्थियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बातचीत भी करेंगे। प्रधानमंत्री स्मार्ट सिटी मिशन और अमृत के तहत उत्तर प्रदेश की 75 शहरी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन / शिलान्यास करेंगे; फेम (एफएएमइ)-II के तहत लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, झांसी और गाजियाबाद सहित सात शहरों के लिए 75 बसों को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे तथा एक कॉफी टेबल बुक का विमोचन करेंगे, जिसमें आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं के तहत पूरी की जा चुकी 75 परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी है। वे एक्सपो की तीन प्रदर्शनियों का भी अवलोकन करेंगे। प्रधानमंत्री बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ में श्री अटल बिहारी वाजपेयी पीठ की स्थापना की भी घोषणा करेंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे।

सम्मेलन-सह-एक्सपो के बारे में

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' के हिस्से के रूप में 5 से 7 अक्टूबर, 2021 तक सम्मेलन-सह-एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है। इस एक्सपो की थीम शहरी परिदृश्य में बदलाव है और यह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश में हुए उल्लेखनीय परिवर्तनों पर आधारित है। सभी राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सम्मेलन-सह-एक्सपो में भाग लेंगे, जिससे उन्हें आगे की योजनाओं के लिए अनुभव साझा करने तथा प्रतिबद्धता और दिशा तय करने में मदद मिलेगी।

सम्मेलन-सह-एक्सपो में तीन प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं, जो निम्न हैं:

(i) प्रदर्शनी का शीर्षक है, ‘नया शहरी भारत' जिसमें विभिन्न शहरी मिशन की उपलब्धियों और भविष्य के अनुमानों को प्रदर्शित किया जायेगा। प्रदर्शनी पिछले सात वर्षों के दौरान हासिल की गयी प्रमुख शहरी मिशन की उपलब्धियों को रेखांकित करेगी और भविष्य के अनुमानों को प्रदर्शित करेगी।

(ii) ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज-इंडिया (जीएचटीसी-इंडिया) के तहत 75 अभिनव निर्माण प्रौद्योगिकी, जिसे 'भारतीय आवास प्रौद्योगिकी मेला' (आईएचटीएम) का नाम दिया गया है पर प्रदर्शनी, जिसमें घरेलू रूप से विकसित स्वदेशी और अभिनव निर्माण प्रौद्योगिकियों, सामग्रियों और प्रक्रियाओं को दिखाया जायेगा।

(iii) “यूपी@75: उत्तर प्रदेश के शहरी परिदृश्य में बदलाव” थीम पर आधारित प्रदर्शनी में प्रमुख शहरी मिशन और भविष्य के अनुमानों समेत 2017 के बाद उत्तर प्रदेश के उल्लेखनीय प्रदर्शन को दिखाया जायेगा।

प्रदर्शनी में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रमुख शहरी मिशनों के तहत हासिल की गई उपलब्धियों को दिखाया जाएगा। प्रदर्शनी के कुछ अन्य विषय हैं - स्वच्छ शहरी भारत, जल सुरक्षित शहर, सभी के लिए आवास, नई निर्माण तकनीक, स्मार्ट सिटी विकास, सतत आवागमन और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने वाले शहर।

आम लोगों के लिए सम्मेलन-सह-एक्सपो दो दिनों, 6 से 7 अक्टूबर 2021 तक खुला रहेगा।

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Text of PM’s remarks during inauguration of Swaminarayan Hindu Temple in Paris
September 06, 2026

पूज्य महंत स्वामी, फ्रांस सरकार के सम्मानित प्रतिनिधिगण, उपस्थित अतिथिगण, इंडियन कम्युनिटी के मेरे साथी, देश दुनिया से जुड़े सभी हरि भक्त, देवियों और सज्जनों, जय स्वामीनारायण!

आज फ्रांस की राजधानी पेरिस में भव्य स्वामीनारायण मंदिर का लोकार्पण हो रहा है। यह लोकार्पण भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों का नया युग स्तंभ है। पूज्य संत जनों और सनातन परंपरा के श्रेष्ठ जनों के आशीर्वाद के साथ आज इस लोकार्पण का मंच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के भाव का मंच बन गया है। भगवान स्वामीनारायण की कृपा और हमारे संतों का स्नेह, संतों का आशीर्वाद, मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे पुण्य अवसरों से जुड़ने का अवसर हमेशा मिलता रहता है। आज भी मैं भले ही पेरिस में आप सबके बीच उपस्थित नहीं हूं, लेकिन मन से और हृदय से, मैं स्वयं को आपके बीच ही अनुभव कर रहा हूं।

साथियों,

आज इस अवसर पर मैं परम पूज्य प्रमुख स्वामी जी महाराज का भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करता हूं। प्राचीन काल में भारत का जो सांस्कृतिक आध्यात्मिक वैभव था, उन्होंने उसके पुनर्जागरण का एक अभियान शुरू किया था। आज उसका प्रकाश यूरोप समेत पूरी दुनिया में फैल रहा है। 2024 में अबू धाबी में भव्य मंदिर का लोकार्पण हुआ था। आज वहां हजारों लोग दर्शन करने जाते हैं और अब यहां पेरिस में स्वामीनारायण मंदिर का निर्माण सृजन की यह निरंतरता, यह संतों की संकल्प शक्ति का ही प्रमाण है। मैं पुनीत कार्य के लिए पूज्य महंत स्वामी का आभार प्रकट करता हूं, मैं उनके चरणों में प्रणाम करता हूं। मैं BAPS स्वामीनारायण संस्था को और करोड़ों हरि भक्तों को इस अवसर पर हृदय की गहराई से बधाई देता हूं।

साथियों,

BAPS के माध्यम से जब अलग-अलग देश में मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा होती है, तो वहां भारत के प्राचीन विचार और मानवीय मूल्य भी साथ-साथ ही जाते हैं और भारत का विचार कहता है ‘समानं मनः सह चित्तमेषाम्’ अर्थात हमारे मन समान हो, हमारे हृदय साथ जुड़े। इसलिए आज जब फ्रांस में इतना भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है, यह फ्रांस की विविधता को तो समृद्ध करेगा ही, इससे भारत और फ्रांस के सांस्कृतिक संबंधों को भी ऊर्जा मिलेगी।

साथियों,

बीते वर्षों में भारत और फ्रांस के संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। मेरे मित्र, प्रेसिडेंट मैक्रों के साथ मिलकर दोनों देश एक Special Global Strategic Partnership बना रहे हैं। Technology, AI और Defence से लेकर Space और Climate Action तक हम एक नई गति और नई ऊर्जा के साथ मिलकर के आगे बढ़ रहे हैं। हम 2026 को India-France Year of Innovation के रूप में भी सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारत-फ्रांस की ये Strategic Partnership इसलिए भी खास है, क्योंकि ये हमारे पुराने सांस्कृतिक-राजनैतिक सम्बन्धों की मजबूत बुनियाद पर टिकी है। इतिहास गवाह है, फ्रांस में भारतीय सैनिकों के बलिदान का इतिहास आज भी मन-मंदिर में जीवित है। भाषा से जुड़े विषयों में रुचि रखने वाले लोग यह भी जानते हैं कि फ्रेंच स्कॉलर्स ने संस्कृत को लोकप्रिय बनाने में कितनी अहम भूमिका निभाई है। रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद पर रोमाँ रोलाँ की की लेखनी हमारी सोसाइटीज़ को और करीब लाई है। पेरिस से पुडुचेरी के अरबिंदो आश्रम तक 'The mother' की spiritual journey, उसने कितने ही भारतीय और फ्रेंच साधकों को inspire किया है।

साथियों,

दशकों पहले श्रील प्रभुपाद स्वामी भी फ्रांस आए थे। इस्कॉन के जरिए भारत फ्रांस के बीच आध्यात्मिक सम्बन्धों का नया अध्याय उन्होंने शुरू किया था। आज योग भी भारत-फ्रांस के people to people कनेक्ट का एक माध्यम बन चुका है। 'इंटरनेशनल योगा डे' पर एफिल टॉवर के सामने से आने वाली तस्वीरें फ्रांस में योग की लोकप्रियता का उदाहरण बनती हैं और अब BAPS के इस भव्य मंदिर के जरिए, हमारे उन सांस्कृतिक सम्बन्धों में एक नया अध्याय जुड़ रहा है।

साथियों,

इन दिनों, भारत फ्रांस Joint Ventures की संभावनाओं पर बातें होती हैं। स्वामीनारायण मंदिर ने इस संभावना में भी एक नया आयाम जोड़ा है। यह मंदिर 'मेड इन इंडिया' है और 'बिल्ट इन फ्रांस' है। इसके काफी पत्थरों को भारत में तराशा गया है। भारत की प्राचीन प्रतिभा यहाँ फ्रांस में आधुनिक इंजीनियरिंग से आकर जुड़ चुकी है। पेरिस में इस भव्य मंदिर ने आकार लिया है। इसलिए, मैं आशा करता हूँ, यह मंदिर सदियों तक भारत और फ्रांस के बीच सहयोग और संभावनाओं का भी प्रतीक बनकर उभरेगा।

साथियों,

स्वामीनारायण मंदिर हमेशा से भक्ति के साथ-साथ सेवा का माध्यम भी रहे हैं। मुझे बताया गया है, यह मंदिर भी सेवा प्रकल्पों का वैसा ही केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि यहाँ से भारतीय संस्कृति के जो स्वर निकलेंगे, उनका लाभ पूरे यूरोप में लोगों को मिलेगा। भविष्य में मुझे जब भी समय मिलेगा, मैं इस मंदिर में दर्शन करने का प्रयास अवश्य करूंगा। इन्हीं शब्दों के साथ, एक बार फिर आज के इस लोकार्पण समारोह में सम्मिलित सभी अतिथिगणों को, सभी परिवारों को, सभी हरि भक्तों को और पूरी Indian Diaspora को मेरी ओर से इस शुभारंभ पर्व की ढेरों शुभकामनाएं!

बहुत-बहुत धन्यवाद!

मर्सी बोकू!

जय स्वामीनारायण!