प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 5 नवंबर, 2020 को वर्चुअल ग्लोबल इन्वेस्टर राउंडटेबल (वीजीआईआर) की अध्यक्षता करेंगे। इस वीजीआईआर का आयोजन वित्त मंत्रालय, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) द्वारा किया जा रहा है। यह अग्रणी वैश्विक संस्थागत निवेशकों, भारतीय व्यापार जगत के प्रमुखों और भारत सरकार तथा वित्तीय बाजार नियामकों के शीर्ष नीति-निर्माताओं के बीच एक विशेष संवाद है। केंद्रीय वित्त मंत्री, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री, भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

इस राउंडटेबल में दुनिया की बीस सबसे बड़ी पेंशन एवं सॉवरेन वेल्थ फंड से जुड़ी कंपनियां हिस्सा लेंगी, जिनकी कुल परिसंपत्तियां लगभग 6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है। ये वैश्विक संस्थागत निवेशक अमेरिका, यूरोप, कनाडा, कोरिया, जापान, मध्य पूर्व, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर सहित दुनिया के प्रमुख क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह कार्यक्रम इन निधियों के प्रमुख नीति निर्माताओं, यानि सीईओ एवं सीआईओ, की भागीदारी का साक्षी होगा। इनमें से कुछ निवेशक पहली बार भारत सरकार के साथ संवाद करेंगे। इस राउंडटेबल में वैश्विक निवेशकों के अलावा भारतीय व्यापार जगत की कई शीर्ष हस्तियां भाग लेंगी।

वीजीआईआर 2020 भारत के आर्थिक और निवेश के दृष्टिकोण, संरचनात्मक सुधारों और 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर वाली अर्थव्यवस्था के निर्माण की राह के बारे में सरकार के दृष्टिकोण पर चर्चा करेगा। यह आयोजन भारत में अंतरराष्ट्रीय निवेश के विकास में और तेजी लाने के लिए वैश्विक निवेशकों और भारतीय व्यापार जगत के प्रमुखों को वरिष्ठ नीति-निर्माताओं के साथ जुड़ने और विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान करेगा। इस वित्तीय वर्ष में भारत में विदेशी निवेश किसी भी वित्तीय वर्ष के पहले पांच महीनों में अबतक का सबसे अधिक है। वीजीआईआर 2020 सभी हितधारकों को अपनी आपसी साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने तथा उन अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों के साथ जुड़ाव को बढ़ावा देने का एक अवसर भी प्रदान करेगा, जो अपने भारतीय निवेश में बढ़ोतरी करने को उत्सुक हैं।

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प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और राहत उपायों की समीक्षा के लिए CCS बैठक की अध्यक्षता की
March 22, 2026
आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई
किसानों के लिए उर्वरकों के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई ताकि भविष्य में इनकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित हो सके
रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई
भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में नए निर्यात स्थलों को विकसित किया जाएगा
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो
मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के साथ पूरी लगन से काम करे: प्रधानमंत्री का निर्देश
क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के परामर्श से काम करें: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने को कहा ताकि ज़रूरी वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में स्थिति और चल रहे तथा प्रस्तावित राहत उपायों की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों कीसमिति (सीसीएस) की बैठक की अध्यक्षता की।

कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा अब तक उठाए गए तथा नियोजित राहत उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और अन्य सभी प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई। देश में समग्र वृहद-आर्थिक परिदृश्य और आगे किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई।

पश्चिम एशिया में वर्तमान संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। बैठक में भारत पर इसके प्रभाव का आकलन किया गया और तत्काल तथा दीर्घकालिक, दोनों तरह के जवाबी उपायों पर चर्चा की गई।

भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा सहित आम आदमी के लिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों पर पड़ने वाले असर और खरीफ मौसम के लिए उनकी खाद की ज़रूरतों का आकलन किया गया। पिछले कुछ वर्षों में खाद का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, उनसे समय पर खाद की उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। भविष्य में खाद की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई।

यह भी तय किया गया कि सभी बिजली संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार होने से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

केमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ज़रूरी आयात के स्रोतों में विविधता लाने के लिए कई उपायों पर चर्चा की गई। इसी तरह, भारतीय सामानों को बढ़ावा देने के लिए निकट भविष्य में निर्यात के नए गंतव्य विकसित किए जाएंगे।

विभिन्न मंत्रालयों द्वारा प्रस्तावित कई उपायों को सभी हितधारकों से परामर्श के बाद आने वाले दिनों में तैयार और लागू किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि मंत्रियों और सचिवों का समूह बनाया जाए, जो 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के तहत पूरी लगन से काम करे। प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि क्षेत्रीय समूह सभी हितधारकों के साथ परामर्श से काम करें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संघर्ष लगातार बदलती हुई स्थिति है और इससे पूरी दुनिया किसी न किसी रूप में प्रभावित है। ऐसी स्थिति में, नागरिकों को इस संघर्ष के प्रभाव से बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकार के सभी अंग मिलकर काम करें, ताकि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। प्रधानमंत्री ने राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए भी कहा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाज़ारी और जमाखोरी न हो।