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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 12 जनवरी, 2021 को सुबह 10:30 बजे दूसरे राष्ट्रीय युवा संसद महोत्‍सव के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। समारोह के दौरान महोत्सव के तीन राष्ट्रीय विजेता भी अपने विचार व्यक्त करेंगे। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय शिक्षा और केन्‍द्रीय युवा मामले एवं खेल राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) भी उपस्थित रहेंगे।

राष्ट्रीय युवा संसद महोत्‍सव

राष्ट्रीय युवा संसद महोत्‍सव (एनवाईपीएफ) का उद्देश्य 18 से 25 वर्ष के बीच के युवाओं के विचारों को सुनना है जो मतदान करने का अधिकार रखते हैं और आने वाले वर्षों में सार्वजनिक सेवाओं सहित विभिन्न सेवाओं में शामिल होंगे। एनवाईपीएफ की अवधारणा प्रधानमंत्री के 31 दिसंबर, 2017 को अपने मन की बात के संबोधन में व्‍यक्‍त किए गए विचार पर आधारित है। इस विचार से प्रेरणा लेते हुए, पहला एनवाईपीएफ “भारत की नई आवाज बनें और नीति के लिए समाधान एवं योगदान खोजें” विषय के साथ 12 जनवरी से 27 फरवरी 2019 तक आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में कुल 88,000 युवाओं ने भाग लिया।

दूसरा एनवाईपीएफ वर्चुअल माध्‍यम से 23 दिसंबर, 2020 को आयोजित किया गया था। पहले चरण में देश भर के 2.34 लाख युवाओं ने भाग लिया। इसके बाद 1 से 5 जनवरी, 2021 तक वर्चुअल माध्यम से राज्य युवा संसदों द्वारा इसका अनुसरण किया गया। दूसरे एनवाईपीएफ का फाइनल 11 जनवरी, 2021 को संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित किया जाएगा। 29 राष्ट्रीय विजेताओं को राष्ट्रीय ज्यूरी के समक्ष अपने विचार प्रकट करने का अवसर मिलेगा। ज्‍यूरी में सुश्री रूपा गांगुली, सांसद, राज्यसभा, श्री परवेश साहिब सिंह, सांसद, लोकसभा और श्री प्रफुल्ल केतकर, प्रसिद्ध पत्रकार शामिल हैं। शीर्ष तीन विजेताओं को प्रधानमंत्री के समक्ष 12 जनवरी को होने वाले समापन समारोह में अपने विचार व्‍यक्‍त करने का अवसर मिलेगा।

राष्ट्रीय युवा महोत्सव

राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन हर वर्ष 12 से 16 जनवरी को किया जाता है। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती है, जिसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष राष्ट्रीय युवा महोत्सव के साथ-साथ एनवाईपीएफ का भी आयोजन किया जा रहा है।

राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्देश्य देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा का परिचय देने के लिए एक साथ एक मंच पर लाना है; जहां एक लघु भारत का निर्माण करते हुए युवा औपचारिक और अनौपचारिक रूप से अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक विशिष्टता पर विचारों का आदान-प्रदान करते हैं। इसके माध्‍यम से राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सद्भाव, भाईचारे, साहस और हिम्‍मत की भावना को प्रोत्‍साहन देना है। इसका मूल उद्देश्य एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना, सार और अवधारणा का प्रचार करना है।

कोविड-19 के कारण, 24वें राष्ट्रीय युवा महोत्‍सव को वर्चुअल माध्‍यम से आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष के महोत्‍सव का विषय “युवा – उत्‍साह नये भारत का” है, जिसका अभिप्राय है कि युवा नए भारत के उत्सव को जीवंत रखते हैं। 24वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन समारोह और दूसरे राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव का समापन समारोह 12 जनवरी, 2021 को संसद के सेंट्रल हॉल में होगा। 24वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का समापन नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में 16 जनवरी, 2021 को होगा।

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प्रधानमंत्री ने चक्रवात जवाद से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की
December 02, 2021
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प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया
सभी आवश्यक सेवाओं का रखरखाव सुनिश्चित करें और व्यवधान की स्थिति में उनकी शीघ्र बहाली सुनिश्चित करें: प्रधानमंत्री
सभी संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां चक्रवात के प्रभाव से समुचित रूप से निपटने के लिए ​​तालमेल के साथ काम कर रहे हैं
एनडीआरएफ ने नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, 33 टीमों को तैयार रहने (स्टैंडबाय) का निर्देश दिया गया
भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज तथा बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है
वायु सेना और इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां तैनाती के लिए स्टैंडबाय पर हैं
आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट के आसपास स्टैंडबाय पर हैं

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने चक्रवात जवाद की संभावित स्थिति से निपटने के लिए राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों तथा संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव उपाय करने का निर्देश दिया कि लोगों को सुरक्षित रूप से निकाला जाए और सभी आवश्यक सेवाओं जैसे बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य, पेयजल आदि का रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी व्यवधान की स्थिति में उन्हें तुरंत बहाल किया जाए। उन्होंने आवश्यक दवाओं और आपूर्ति का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा निर्बाध आवाजाही की योजना बनाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे चालू रखने के भी निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र में चक्रवात जवाद के रूप में जोर पकड़ने की उम्मीद है और शनिवार, 4 दिसंबर, 2021 की सुबह हवा की गति अधिकतम 100 किमी/घंटा के साथ इसके आंध्र प्रदेश - ओडिशा के उत्तर तट तक पहुंचने की उम्मीद है। इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी सभी संबंधित राज्यों को नवीनतम पूर्वानुमान के साथ नियमित बुलेटिन जारी करता है।

कैबिनेट सचिव ने सभी तटीय राज्यों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के मुख्य सचिवों तथा संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के साथ स्थिति एवं तैयारियों की समीक्षा की है।

गृह मंत्रालय चौबीसों घंटे स्थिति की समीक्षा कर रहा है और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एसडीआरएफ की पहली किस्त अग्रिम तौर पर जारी कर दी है। एनडीआरएफ ने 29 टीमों को पहले से तैनात किया है, जो राज्यों में नावों, पेड़ काटने की मशीन, दूरसंचार उपकरणों आदि से लैस हैं और 33 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गयाहै।

भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने राहत, खोज और बचाव कार्यों के लिए जहाज तथा हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। वायु सेना तथा थल सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स इकाइयां, नावों और बचाव उपकरणों के साथ तैनाती के लिए तैयार हैं। निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर तट पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। आपदा राहत दल और चिकित्सा दल पूर्वी तट से लगे स्थानों में स्टैंडबाय पर हैं।

विद्युत मंत्रालय ने आपातकालीन प्रत्युत्तर प्रणाली को सक्रिय कर दिया है और बिजली की तत्काल बहाली के लिए ट्रांसफॉर्मर, डीजी सेट तथा उपकरण आदि तैयार रखे हैं। संचार मंत्रालय सभी दूरसंचार टावरों और एक्सचेंजों पर लगातार नजर रख रहा है और दूरसंचार नेटवर्क को बहाल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रभावित क्षेत्रों में कोविड से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की तैयारियों और प्रत्युत्तर के लिए राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभावित होने की संभावना के लिए एक चेतावनी जारी की है।

पोत, शिपिंग एवं जलमार्ग मंत्रालय ने सभी शिपिंग जहाजों को सुरक्षित करने के उपाय किए हैं और आपातकालीन जहाजों को तैनात किया है। राज्यों को तट के पास रासायनिक तथा पेट्रोकेमिकल इकाइयों जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सतर्क करने के लिए भी कहा गया है।

एनडीआरएफ संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राज्य एजेंसियों को उनकी तैयारियों में सहायता कर रहा है और चक्रवात की स्थिति से निपटने के लिए लगातार सामुदायिक जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक और आईएमडी के महानिदेशक ने बैठक में भाग लिया।