प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प के माध्यम से बड़े-से-बड़े लक्ष्यों को भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि आज देश के लोग इसी भावना से प्रेरित हैं और भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-
“यो यमर्थं प्रार्थयते तदर्थं चेह ते क्रमात् ।
अवश्यं स तमाप्नोति न चेदर्थान् निवर्तते ।।”
यह सुभाषितम् संदेश देता है कि जो व्यक्ति जिस लक्ष्य की प्रार्थना या इच्छा करता है, और उसे पाने के लिए निरंतर क्रमबद्ध प्रयास करता है, वह उस लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त कर लेता है, बशर्ते वह बीच में हार मानकर अपने मार्ग से पीछे न हटे।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर लिखा;
“निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े-से-बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आज देशवासी इसी भावना से भारतवर्ष को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं।
यो यमर्थं प्रार्थयते तदर्थं चेह ते क्रमात् ।
अवश्यं स तमाप्नोति न चेदर्थान् निवर्तते ।।”
निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े से बड़े लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। आज देशवासी इसी भावना से भारतवर्ष को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहे हैं।
— Narendra Modi (@narendramodi) May 27, 2026
यो यमर्थं प्रार्थयते तदर्थं चेह ते क्रमात् ।
अवश्यं स तमाप्नोति न चेदर्थान् निवर्तते ।। pic.twitter.com/lFBqTuZ46N


